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6 साल में 75 लाख से ज्यादा लाभार्थियों को मिला फायदा, डिजिटल लेन-देन को मिला बढ़ावा

 नई दिल्ली नरेंद्र मोदी सरकार की कई ऐसी योजनाएं हैं जिसके जरिए लोगों को आत्मनिर्भर बनाने की कवायद चल रही है। इसी के तहत सरकार ने एक योजना-प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (PM SVANidhi) को शुरू किया है। इस योजना के तहत लोगों को 50 हजार रुपये तक का लोन दिया जाता है। सरकार समय पर लोन चुकाने वाले लाभार्थियों को 7 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी भी देती है। आइए योजना के बारे में विस्तार से जान लेते हैं। योजना की खास बातें योजना के तहत बिना किसी गारंटी के 15000 रुपये, 25000 रुपये और 50000 रुपये के लोन दिए जाते हैं। ये लोन तीन चरणों में दिए जाते हैं। पहले चरण के तहत भुगतान करने वाले लाभार्थी को ही दूसरे चरण में 25 हजार और तीसरे चरण में 50 हजार रुपये मिलते हैं। इस योजना के तहत सरकार लाभार्थियों को यूपीआई -लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड की भी सुविधा दे रही है। जो विक्रेता दूसरे चरण का लोन सफलतापूर्वक चुका देते हैं, वे 30000 रुपये तक की सीमा वाले यूपीआई -लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड के लिए पात्र होते हैं। इसके अलावा, स्ट्रीट वेंडरों को खुदरा/थोक डिजिटल ट्रांजैक्शन के लिए 1,600 रुपये तक के कैशबैक प्रोत्‍साहन दिए जाते हैं। कोरोना के दौरान हुई थी शुरुआत सरकार ने PM SVANidhi योजना की शुरुआत कोरोना के पहले चरण के दौरान की थी। शुरुआत में इसका उद्देश्य कोविड-19 महामारी से प्रभावित स्ट्रीट वेंडर्स की आजीविका को फिर से पटरी पर लाना था लेकिन बाद में इसकी लोकप्रियता को देखते हुए योजना का विस्तार किया गया। सरकार ने इसे आगे बढ़ाते हुए लाखों अतिरिक्त लाभार्थियों को शामिल करने का फैसला किया है। मई 2026 में सरकार की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक पिछले कुछ वर्षों में 75.5 लाख से अधिक लाभार्थियों ने 1.12 करोड़ से ज्यादा लोन लिए हैं, जिनकी कुल रकम 17,800 करोड़ रुपये से अधिक है। इस योजना के तहत 55 लाख से ज्यादा लाभार्थियों को डिजिटल माध्यम से जोड़ा गया है। एक साथ मिलकर, उन्होंने लगभग 8.96 लाख करोड़ रुपये के 841 करोड़ से अधिक डिजिटल ट्रांजैक्शन किए हैं। पीएम स्‍वनिधि के तहत लाभार्थियों को डिजिटल कैशबैक प्रोत्‍साहन और ब्याज सब्सिडी के जरिए लगभग 800 करोड़ रुपये भी मिले हैं। 6 साल हो चुके पूरे बीते एक जून को ही प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि योजना के 6 साल पूरे हुए हैं। इस मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि PM स्वनिधि ने बिना किसी गारंटी के लोन, वित्तीय समावेश और विकास के नए मौकों तक पहुंच सुनिश्चित करके अनगिनत स्ट्रीट वेंडर्स (सड़क किनारे सामान बेचने वालों) की जिंदगी बदल दी है। बता दें कि इस योजना को मार्च 2030 तक बढ़ा दिया गया है। 75% या 100%, इमरजेंसी में PF की रकम निकालने की क्या है नई लिमिट? मुख्य बातें     EPFO 3.0 के तहत PF बैलेंस को निकालने की लिमिट पर बहस छिड़ गई है     बता दें कि EPFO 3.0 के तहत एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) कई बड़े बदलाव करने वाला है 75% या 100%, इमरजेंसी में PF की रकम निकालने की क्या है नई लिमिट? EPFO news: किसी भी नौकरीपेशा शख्स के लिए उसके पीएफ की रकम काफी अहमियत रखती है। इस रकम का इस्तेमाल ज्यादातर लोग अपने किसी बड़े प्रोजेक्ट या इमरजेंसी में करते हैं। अब पीएफ की रकम को निकालने की लिमिट पर कई तरह की चर्चाएं चलने लगी हैं। दरअसल, EPFO 3.0 के तहत एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) कई ऐसे सुधार लाने की योजना बना रहा है जो EPF सब्सक्राइबर्स के लिए फायदेमंद होगा। इसी कड़ी में पीएफ रकम निकाले जाने की लिमिट पर बहस छिड़ गई है। बता दें कि EPFO ने 15 अक्टूबर 2025 को जारी एक बयान में कहा था कि पात्र सदस्य अब अपने योग्य PF बैलेंस का 75% तक बिना किसी अतिरिक्त दस्तावेज के निकाल सकते हैं। इसके अलावा कुछ विशेष परिस्थितियों में 100% राशि निकालने की अनुमति भी जारी रहेगी। ऐसे में लोगों में भ्रम पैदा हो गया कि कहीं पूर्ण निकासी का विकल्प समाप्त तो नहीं हो गया।

PM स्वनिधि क्रेडिट कार्ड स्कीम की शुरुआत, मोदी ने केरल में किया शुभारंभ

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को केरल में विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया और नई ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने यहां सीएसआईआर-एनआईआईएसटी नवोन्मेष, प्रौद्योगिकी और उद्यम केंद्र (Innovation, Technology and Entrepreneurship Center) की आधारशिला रखी और ‘पीएम स्वनिधि क्रेडिट कार्ड’ की शुरुआत की, जो यूपीआई से जुड़ी ब्याज मुक्त रिवॉल्विंग क्रेडिट सुविधा है। मोदी ने पीएम स्वनिधि योजना के तहत कई लाभार्थियों को ऋण राशि और क्रेडिट कार्ड भी वितरित किए। उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य केरल और पूरे देश के गरीबों का कल्याण करना है। यह पहल उन विक्रेताओं को लाभ पहुंचाने के लिए बनाई गई है, जिन्होंने योजना के तहत पहली दो किस्तों के लोन पूरी तरह चुका दिए हैं। क्रेडिट अनुशासन का पालन करके, विक्रेता 20 से 50 दिनों की ब्याज-मुक्त क्रेडिट अवधि का लाभ उठा सकते हैं, जिससे उनकी नकदी प्रवाह बेहतर होगी और वित्तीय योजना मजबूत होगी। योजना के कार्यान्वयन और निगरानी की जिम्मेदारी आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) और वित्तीय सेवा विभाग (DFS) की संयुक्त जिम्मेदारी होगी। DFS का काम बैंकों/वित्तीय संस्थानों और उनके जमीनी कर्मचारियों के माध्यम से लोन/क्रेडिट कार्ड तक पहुंच को आसान बनाना होगा। मोदी ने तीन अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन और एक त्रिशूर-गुरुवायूर यात्री ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिससे केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के बीच क्षेत्रीय रेल संपर्क को मजबूत करने में मदद मिलेगी। क्या हैं पीएम स्वनिधि क्रेडिट कार्ड की विशेषताएं क्रेडिट सीमा: पीएम स्वनिधि क्रेडिट कार्ड की कुल क्रेडिट सीमा ₹30,000 (तीस हज़ार रुपये) होगी। हालाँकि, शुरुआत में कार्यशील सीमा ₹10,000 तय की जाएगी, जिसे संतोषजनक कार्ड इस्तेमाल देखने के बाद धीरे-धीरे बढ़ाकर ₹30,000 कर दी जाएगी। कार्ड की वैधता: कार्ड जारी होने की तारीख से पांच साल की अवधि के लिए वैध होगा। ब्याज-मुक्त अवधि: जारीकर्ता (बैंक/संस्था) अपनी मौजूदा नीति के अनुसार 20-50 दिनों की ब्याज-मुक्त क्रेडिट अवधि देंगे। यूपीआई लिंकेज: क्रेडिट कार्ड को लाभार्थी के यूपीआई आईडी से जोड़ने की सुविधा होगी। इससे विक्रेता अपनी क्रेडिट कार्ड सीमा का इस्तेमाल यूपीआई के जरिए भुगतान करने में कर सकेंगे। ईसीएस/एनएसीएच/ऑटो पे सुविधा: जारीकर्ता "पूरी देय राशि" के भुगतान के लिए कार्डधारकों को इलेक्ट्रॉनिक क्लीयरिंग सर्विस (ईसीएस)/एनएसीएच/ऑटो पे की सुविधा देंगे। यह सुविधा नियत तारीख पर ग्राहक के बैंक खाते से सीधे क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान करने में मदद करेगी। अंतर्राष्ट्रीय और विदेशी मुद्रा लेनदेन नहीं: इस कार्ड पर अंतर्राष्ट्रीय और विदेशी मुद्रा (फॉरेक्स) के लेनदेन की अनुमति नहीं होगी। नकद निकासी नहीं: इस कार्ड से एटीएम या किसी भी प्वाइंट ऑफ सेल (POS) मशीन के जरिए नकद निकासी की अनुमति नहीं होगी। एमसीसी प्रतिबंध: कार्ड पर कुछ विशेष व्यापार श्रेणी कोड (एमसीसी) पर प्रतिबंध होंगे (जैसे शराब, जुआ, विदेशी एयरलाइंस, कार किराए पर देने की सेवा, अंतर्राष्ट्रीय होटल चेन, कुछ प्रत्यक्ष विपणन व्यवसाय आदि), जैसा कि मंत्रालय/कार्ड जारीकर्ताओं द्वारा तय किया जाएगा। अन्य सभी प्रकार के व्यापारियों पर इसके इस्तेमाल की अनुमति होगी। प्रतिबंधित एमसीसी की एक उदाहरण सूची अनुबंध 1 में दी गई है। चक्रीय (रिवॉल्विंग) सुविधा: यह कार्ड एक चक्रीय लोन सुविधा की तरह काम करेगा। इससे उधारकर्ता स्वीकृत सीमा तक धनराशि का उपयोग कर सकते हैं, नियमों के अनुसार चुका सकते हैं, और ज़रूरत पड़ने पर स्वीकृत सीमा के भीतर उपलब्ध क्रेडिट का दोबारा इस्तेमाल कर सकते हैं। ईएमआई सुविधा: जारीकर्ता अपने विवेक से, कार्डधारकों को एक बिलिंग चक्र से न्यूनतम ₹2,500 की बिल राशि को ईएमआई में बदलने की अनुमति दे सकते हैं, बशर्ते कि अनुरोध भुगतान की नियत तारीख से पहले किया गया हो। इस सुविधा पर अधिकतम ब्याज दर प्रति माह 1.5% तक होगी और इसमें बिना किसी जुर्माने या अतिरिक्त शुल्क के पूर्व भुगतान (प्रीपेमेंट) का विकल्प भी शामिल होगा। अन्य विशेषताएँ: · यह कार्ड एक खुदरा (रिटेल) क्रेडिट कार्ड होगा, व्यापार या बिजनेस कार्ड नहीं। · संबंधित कार्ड जारीकर्ता की नीति के अनुसार इनाम अंक (रिवार्ड पॉइंट) दिए जाएंगे। · बिल जनरेशन और भुगतान की नियत तारीख संबंधित कार्ड जारीकर्ता की नीति के अनुसार होगी। · रुपे क्रेडिट कार्ड – क्लासिक वेरिएंट पर लागू होने वाली सभी अतिरिक्त विशेषताएँ, जैसी कि संबंधित कार्ड जारीकर्ता द्वारा पेश की जाती हैं, कार्डधारकों को उपलब्ध होंगी। कौन है पात्र सभी स्ट्रीट वेंडर जिन्होंने अपना दूसरा किस्त का लोन सफलतापूर्वक चुका दिया है और पीएम स्वनिधि योजना के तहत तीसरे किस्त के लोन के लिए पात्र हैं। वे स्ट्रीट वेंडर जिन्होंने पहले ही तीसरे किस्त का लोन ले रखा है – चाहे वह लोन वर्तमान में चालू हो या पूरी तरह चुका दिया गया हो – वे भी इस क्रेडिट कार्ड सुविधा के लिए पात्र हैं। आवेदक की उम्र आवेदन के समय 21 से 65 वर्ष के बीच होनी चाहिए। यह क्रेडिट कार्ड सुविधा तीसरे किस्त के लोन के अतिरिक्त प्रदान की जाएगी। स्ट्रीट वेंडर अपनी पात्रता और पसंद के अनुसार तीसरा किस्त का लोन, क्रेडिट कार्ड सुविधा, या दोनों ले सकते हैं।