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थाने पर पथराव केस में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 4 और आरोपी गिरफ्तार

अलवर अक्सर देखा जाता है कि लोग अपनी बाइक में मॉडिफाइड साइलेंसर लगवाकर सड़कों पर रौब झाड़ने की कोशिश करते हैं, लेकिन अलवर के गोविंदगढ़ में यही शौक अब कई परिवारों के लिए मुसीबत बन गया है. पिछले बुधवार को एक बाइक जप्त होने से शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते थाने पर पथराव और पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट तक पहुंच गया. इस घटना के बाद पुलिस ने जो एक्शन लिया उसने कोर्ट का सख्त रुख इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है. ताजा अपडेट के मुताबिक, पुलिस ने सनी सिंह, दीपक सिंह, दलजीत सिंह और गुरदीप सिंह नाम के चार और आरोपियों को धर दबोचा है. इन चारों को जब अनुसूचित जाति-जनजाति विशेष न्यायालय (SC/ST Court) में पेश किया गया, तो कोर्ट ने उन्हें सीधा न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया. सरकारी वकील योगेंद्र खटाना ने कोर्ट को बताया कि इन लोगों ने न केवल सरकारी काम में बाधा डाली, बल्कि वर्दी का सम्मान न करते हुए पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला भी किया. जेल की सलाखों के पीछे अब तक 12 चेहरे गोविंदगढ़ थाने पर हुए इस हमले में शामिल चेहरों की पहचान पुलिस वीडियो फुटेज और साक्ष्यों के आधार पर कर रही है. अब तक की कार्रवाई में कुल 12 बालिग आरोपी जेल की हवा खा रहे हैं, जबकि इस उपद्रव में शामिल एक नाबालिग को भी कानून के दायरे में लेते हुए किशोर न्यायालय बोर्ड के सामने पेश किया गया है. पुलिस का यह कड़ा रवैया उन लोगों के लिए एक बड़ी सीख है जो भीड़ का हिस्सा बनकर कानून तोड़ने की हिम्मत करते हैं. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शांति भंग करने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा. एक छोटी सी गलती कैसे बन गई बड़ी आफत यह पूरा मामला महज एक मॉडिफाइड साइलेंसर वाली बाइक को जप्त करने से शुरू हुआ था. उस वक्त भीड़ के आवेश में आकर थाने पर पत्थर फेंकना और पुलिसकर्मियों से उलझना इन युवकों के भविष्य पर भारी पड़ गया है. लोक अभियोजक योगेंद्र खटाना के अनुसार, पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों को भी कोर्ट ने जमानत न देकर सीधे जेल भेज दिया था.

क्राइम पर करारा प्रहार: दिल्ली में एक रात में 285 गिरफ्तारी, पुलिस का सख्त संदेश

नई दिल्ली  दिल्ली पुलिस ने नए साल के जश्न से पहले शुक्रवार को रातभर राजधानी में बड़ा ऑपरेशन चलाया। इस कार्रवाई में संगठित अपराध को रोकने के लिए सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार करने के साथ ही हथियार, ड्रग्स और बड़ी मात्रा में कैश जब्त किया गया है। साउथ ईस्ट दिल्ली पुलिस द्वारा ‘ऑपरेशन आघात 3.0’ के तहत की गई इस कार्रवाई में पूरी रात कई जगहों पर एक साथ छापेमारी की गई। डीसीपी साउथ ईस्ट हेमंत तिवारी ने बताया कि ऑपरेशन आघात 3.0 के तहत एक्साइज एक्ट, एनडीपीएस एक्ट और गैंबलिंग एक्ट के तहत 285 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। निवारक कार्रवाई के तहत 504 लोगों को पकड़ा गया। 116 बैड कैरेक्टर (BCs) को पकड़ा गया है। 10 प्रॉपर्टी चोरों और पांच ऑटो-लिफ्टरों को गिरफ्तार किया गया है। क्या-क्या हुआ बरामद 21 सीएमपी, 20 जिंदा कारतूस और 27 चाकू जब्त किए गए। 12,258 क्वार्टर अवैध शराब बरामद की गई। 6.01 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया। जुआ खेलने वालों से 2,30,990 रुपये जब्त किए गए। 310 मोबाइल फोन बरामद किए गए। 231 दोपहिया वाहन और 1 चार पहिया वाहन जब्त/बरामद किए गए। निवारक उपायों के तहत 1,306 लोगों को पकड़ा गया। दक्षिण पूर्व दिल्ली में रातभर चली छापेमारी पुलिस टीमों ने ‘ऑपरेशन आघात 3.0’ से संगठित गिरोहों से जुड़े संदिग्धों को निशाना बनाकर साउथ ईस्ट दिल्ली के संवेदनशील इलाकों और क्राइम हॉटस्पॉट वाली जगहों पर बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया। इस ऑपरेशन के दौरान संगठित अपराध, सड़क पर अपराध करने वालों और बार-बार कानून तोड़ने वालों को निशाना बनाकर 285 लोगों को गिरफ्तार किया है। कई कानूनों के तहत सैकड़ों लोग गिरफ्तार पुलिस ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान आर्म्स एक्ट, एक्साइज एक्ट, एनडीपीएस एक्ट और गैंबलिंग एक्ट के अलग-अलग प्रावधानों के तहत 285 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा नए साल की पार्टियों के दौरान संभावित अपराधों को रोकने के लिए एहतियाती कार्रवाई के तहत 504 लोगों को हिरासत में लिया गया। आदतन अपराधियों के खिलाफ खास कार्रवाई के तहत, 116 लिस्टेड बदमाशों को पकड़ा गया, जबकि पुलिस ने छापेमारी के दौरान 10 प्रॉपर्टी चोरों और पांच ऑटो-लिफ्टरों को भी गिरफ्तार किया। हथियार, कारतूस और चाकू बरामद इस ऑपरेशन में बड़ी मात्रा में सामान बरामद हुआ, जिसमें 21 देसी पिस्तौल, 20 जिंदा कारतूस और 27 चाकू शामिल हैं। पुलिस टीमों ने ड्रग्स और अवैध शराब की खेप भी जब्त की गई। चोरी किए गए सामान भी बड़े पैमाने पर बरामद कि गए। पुलिस ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान 310 मोबाइल फोन बरामद किए गए, जिन्हें छीना या लूटा गया था या फिर जिनके गुम होने की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। गाड़ियां जब्त, संदिग्ध पकड़े गए पुलिस ने वाहन चोरी के नेटवर्क को बड़ा झटका देते हुए पूरे जिले में तलाशी और रोड चेकिंग के दौरान 231 दोपहिया वाहन और एक चार पहिया वाहन जब्त या बरामद किए। पुलिस ने कुल मिलाकर रातभर सर्च ऑपरेशन चलाया, चेकिंग, वेरिफिकेशन और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर टारगेटेड रेड कीं, जिसके तहत एहतियाती उपायों के तहत 1,306 लोगों को पकड़ा गया। संगठित अपराध और सार्वजनिक सुरक्षा पर ध्यान वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ‘ऑपरेशन आघात’ को त्योहारों के मौसम में सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक निवारक हमले के रूप में डिजाइन किया गया था, जब अपराध दर में पारंपरिक रूप से वृद्धि देखी जाती है। रातभर चले इस ऑपरेशन में पुलिस की कई टीमें एक साथ काम कर रही थीं, जिन्हें लोकल इंटेलिजेंस और सर्विलांस से इनपुट मिल रहे थे। पुलिस ने कहा कि इस ऑपरेशन का मकसद राजधानी में सक्रिय आपराधिक तत्वों को एक कड़ा संदेश देना था। यह ऑपरेशन इस सीजन में राजधानी में नए साल से पहले की सबसे बड़ी कोऑर्डिनेटेड कार्रवाई में से एक है।