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मध्य प्रदेश में युवाओं के लिए खुशखबरी, सीएम मोहन यादव बोले- पुलिस भर्ती प्रक्रिया होगी नियमित

भोपाल. मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने कहा है कि पूरी कोशिश है कि पुलिस के स्वीकृत पदों में एक भी रिक्त नहीं रहे। राज्य सरकार हर साल भर्ती करने के लिए सभी आवश्यक प्रबंधन कर रही है। अब तक पुलिस विभाग में 22 हजार अलग-अलग पदों पर भर्ती की जा चुकी है। हां, पुलिस अपनी पूरी क्षमता से सुशासन और प्रदेशवासियों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए कार्य करे। उन्होंने यह भी कहा कि संभागीय स्तर पर कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठकें होंगी, जिनमें वह खुद भी उपस्थित रहेंगे। पुलिस मुख्यालय में शनिवार को आईजी कांफ्रेंस में उन्होंने यह बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा, थानों में शुचिता का माहौल रहे। पेट्रोलिंग के लिए छोटी और तंग गलियों में उपयुक्त व्यवस्था हो, गश्त बढ़ाएं। देखें कि पेट्रोलिंग में किसी प्रकार का व्यवधान नहीं आए। वरिष्ठ अधिकारी आकस्मिक निरीक्षण करें और निगरानी भी करें। वर्षाकाल से पहले नगरीय निकायों के सहयोग से खतरनाक बिल्डिंगों को चिन्हित कर आवश्यक कार्यवाही की जाए। यह देखा जाए कि कोई भी बाजार देर रात तक संचालित न हो। सिंहस्थ-2028, करोड़ों श्रद्धालुओं का आस्था पर्व है। इस आयोजन में संवेदनशीलता, सक्रियता, सतर्कता और सेवा भाव से पुलिस, आदर्श व्यवस्था का उदाहरण देश-दुनिया में प्रस्तुत करे। कार्यक्रम में डीजीपी कैलाश मकवाणा ने कहा कि पुलिस मुख्यालय द्वारा मैदानी पुलिस कार्यों की त्रैमासिक समीक्षा की नई व्यवस्था प्रारंभ की गई है, जिससे शासन की प्राथमिकताओं और जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप पुलिस कार्यों की नियमित निगरानी होगी। बैठक में पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, समस्त जोनल पुलिस महानिरीक्षक, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। साइबर अपराधों की रोकथाम को दें सर्वोच्च प्राथमिकता- सीएम सीएम ने आगे कहा कि साइबर अपराधों की रोकथाम और जनजागरुकता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, नशामुक्ति, मानव तस्करी पर नियंत्रण, महिला और बच्चों की सुरक्षा को अधिक सुदृढ़ बनाने तथा धार्मिक स्थलों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों के संबंध में न्यायालयों द्वारा दिए गए निर्देशों का प्रभावी पालन कराया जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में साइबर अपराध, संगठित अपराध, माफिया गतिविधियां, भूमि संबंधी अपराध, सामाजिक चुनौतियों के नए स्वरूप सामने आ रहे हैं। इनसे प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पुलिस को तकनीकी दक्षता, संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई के साथ कार्य करना होगा। प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए पुलिस, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों और आमजन की सहभागिता से व्यापक जनजागरण अभियान संचालित किए जाने चाहिए। सांप्रदायिक ताकतों पर नियंत्रण के लिए निरंतर सजग रहना जरूरी मुख्यमंत्री ने कहा, धार में भोजशाला से संबंधित न्यायालय के निर्णय को प्रदेश पुलिस ने जिला प्रशासन के साथ मिलकर लागू कराया। भोजशाला में वसंत पंचमी के अवसर पर शांति पूर्ण स्थिति कायम रखने में भी पुलिस की अहम भूमिका रही। सांप्रदायिक ताकतों को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस को निरंतर सजग रहना होगा।

Haryana Police Recruitment Update: प्रेग्नेंट कैंडिडेट्स को राहत नहीं, अब चश्मा पहनने वालों के लिए खुला मौका

चंडीगढ़. हरियाणा में साढ़े पांच हजार पुलिस कर्मचारियों की भर्ती की प्रक्रिया रफ्तार पकड़ चुकी है। पुलिस कॉन्स्टेबल बनने के लिए 3.24 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं। सोमवार से पंचकूला के ताऊ देवीलाल स्टेडियम में शारीरिक मापदंड परीक्षा (पीएमटी) की प्रक्रिया आरंभ हो जाएगी। इस दौरान अभ्यर्थियों में भर्ती के नियमों को लेकर कुछ संशय है। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन हिम्मत सिंह ने गूगल फार्म के माध्यम से अभ्यर्थियों से सवाल पूछे हैं, जिनमें से कुछ ऐसे चुनींदा सवालों के जवाब दिए गए हैं, जो समस्त अभ्यर्थियों को दिशा देने का काम करेंगे। आयोग के चेयरमैन ने कहा है कि पुलिस की भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और तकनीक आधारित होगी। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने सिरसा की सुनीता व लक्ष्मी, भिवानी की मालती देवी, कुरुक्षेत्र की काजल, महेंद्रगढ़ की पिंकी और जींद की मीना के एक सवाल का जवाब देते हुए स्पष्ट किया है कि शारीरिक मापदंड परीक्षा में किसी भी गर्भवती महिला को कोई छूट नहीं दी जाएगी। विशेष परिस्थितियों में केवल पीएसटी (फिजिकल स्क्रीनिंग टेस्ट-शारीरिक जांच परीक्षा) में ही छूट दी जा सकती है। गर्भवती महिला अभ्यर्थियों को मेडिकल प्रमाण पत्र लाना अनिवार्य होगा। इस संबंध में विस्तृत जानकारी के साथ एक अलग सार्वजनिक सूचना पीएसटी से पहले जारी कर दी जाएगी। पीएमटी में उम्मीदवार की लंबाई व छाती (पुरुषों के लिए) समेत विभिन्न शारीरिक मापदंड चेक किए जाते हैं। पीएसटी में उम्मीदवार की दौड़ और शारीरिक क्षमता (फिटनेस टेस्ट) लिया जाता है। पीएमटी की प्रक्रिया 31 मई तक पूरी हो सकेगी, जबकि पीएसटी की प्रक्रिया अगले एक पखवाड़े के भीतर किसी भी समय आरंभ हो सकती है। पीएसटी की विस्तृत समय सारणी जल्द होगी जारी रेवाड़ी की प्रियांशु यादव, नूंह के लक्षित व ओमप्रकाश, सोनीपत की एकता, कैथल के विशाल और चुलियाना के अक्षत ने कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन से पूछा है कि क्या पीएमटी और पीएसटी एक साथ होंगे। यदि नहीं तो इनके बीच में कितने समय का अंतर होगा। क्या 85 दिनों की अवधि में पूरी प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा। इस सवाल के जवाब में हिम्मत सिंह ने बताया कि पीएमटी का नोटिस जारी किया जा चुका है। पीएसटी इसके बाद आयोजित होगा, जिसकी विस्तृत समय सारणी अलग से जारी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह जरूरी नहीं है कि पीएमटी खत्म होने के बाद ही पीएसटी आरंभ होगा। पीएसटी की प्रक्रिया पीएमटी के चलते-चलते भी शुरू की जा सकेगी। एडमिट कार्ड और एक फोटो पहचान पत्र जरूरी नूंह के ओमप्रकाश, महेंद्रगढ़ की पूजा और जहांगीरपुर की रेणु ने सवाल पूछा है कि पीएमटी और पीएसटी के दौरान कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी हैं। इस सवाल के जवाब में आयोग ने कहा है कि पीएमटी-पीएसटी का एडमिट कार्ड और एक फोटो पहचान पत्र साथ लाने होंगे। इन दस्तावेजों के बिना प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। दौड़ के दौरान नहीं मिलेगी स्टाप वाच, स्क्रीन लगेगी हिसार के सुनील, बोलन (हिसार) की दिक्षा, कापड़ो के प्रवीण, महेंद्रगढ़ के रविंद्र और बहादुरगढ़ के प्रदीप कुमार ने सवाल किया कि क्या दौड़ के दौरान स्टाप वाच उपलब्ध कराई जाएगी, जिसके जवाब में कर्मचारी चयन आयोग के चेयमरैन हिम्मत सिंह ने कहा कि पीएसटी के दौरान समय रिकॉर्ड आरएफआईडी आधारित प्रणाली से किया जाएगा, जो कि जर्मन की मशीनों से होगा। अलग से स्टॉप वाच उपलब्ध नहीं कराई जाएगी। कर्मचारी चयन आयोग डिस्पले स्क्रीन लगवाने की कोशिश कर रहा है, जिस पर दौड़ के समय को लाइव देखा जा सकेगा। कोई शिकायत है तो मौके पर मौजूद मिलेगी समिति नरवाना के दर्शन और रेवाड़ी के हरिपाल ने तकनीकी गड़बड़ी होने पर क्या होगा यानी पीएमटी मशीनों से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए आयोग के पास क्या फार्मूला है। इस सवाल के जवाब में चेयरमैन ने कहा कि सभी केंद्रों पर पूरी तकनीकी व्यवस्था रहेगी। किसी भी समस्या के लिए मौके पर शिकायत समिति मौजूद रहेगी, जिसके पास अभ्यर्थी अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है। लेकिन हमें उम्मीद है कि कोई तकनीकी समस्या नहीं आने वाली है। मेडिकल प्रक्रिया में पास होना जरूरी नूंह के मोहम्मद कैफ और सोनीपत के सरोहा ने पूछा कि क्या चश्मा पहनने वाले अभ्यर्थी दौड़ में भाग ले सकते हैं। इस सवाल पर चेयरमैन हिम्मत सिंह ने कहा कि पीएमटी-पीएसटी में चश्मे को लेकर कोई प्रतिबंध नहीं है, परंतु पुलिस के भर्ती नियमों के मुताबिक मेडिकल प्रक्रिया से आपको गुजरना होगा। यदि मेडिकल प्रक्रिया से गुजरने के दौरान किसी तरह की कोई समस्या आती है तो अलग बात है। पीएमटी-पीएसटी के लिए जारी हो चुके निर्देश रोहतक की प्रीति व नितेश, भिवानी के राहुल तंवर व कपिल, नरवाना के मनकीत, कालां के अंकित और हांसी के मनु ने पीएमटी-पीएसटी के लिए ऊंचाई एवं छाती की माप के संबंध में आयोग से स्थिति स्पष्ट करने का अनुरोध किया है। इस पर आयोग ने कहा कि इस बारे में विस्तृत दिशा निर्देश अलग से जारी हो चुके हैं। इसके बावजूद पुरुष कॉन्स्टेबल के लिए ऊंचाई 170 सेंटीमीटर (आरक्षित 168) और छाती 83 से 87 सेंटीमीटर का प्रविधान है। महिला कॉन्स्टेबल के लिए ऊंचाई 158 सेंटीमीटर और आरक्षित वर्ग के लिए 156 सेंटीमीटर है। अब उम्मीदवारों के लिए अगला फोकस पीएमटी पास कर पीएसटी की तैयारी करना है। कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन हिम्मत सिंह का दावा है कि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जल्द पूरी की जाएगी। सिख अभ्यर्थियों के लिए धार्मिक मर्यादाओं का अनुपालन लंबाई, वजन और छाती के मापन से यदि कोई अभ्यर्थी संतुष्ट नहीं होगा तो वह अपील काउंटर पर आवेदन कर दोबारा माप करा सकता है।अभ्यर्थियों के लिए बैगेज जमा करने और विश्राम क्षेत्र की व्यवस्था की गई है। जीरकपुर से सुबह पांच बजे से 10 बसों की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। किसी भी अभ्यर्थी को एनर्जी बूस्टर का सेवन नहीं करना चाहिए। सिख अभ्यर्थियों के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। उनके मापन के लिए धार्मिक मर्यादाओं के अनुरूप अलग व्यवस्था और सिख कर्मचारियों की तैनाती की गई है।

5500 पदों के लिए दौड़ शुरू: 15 से फिजिकल टेस्ट, लाखों अभ्यर्थी आजमाएंगे दमखम

चंडीगढ़. हरियाणा पुलिस में कॉन्स्टेबल के 5500 पदों की भर्ती के लिए मैदान में पसीना बहा रहे युवाओं के लिए परीक्षा का समय आने वाला है। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) ने शनिवार को संभावित शेड्यूल जारी करते हुए 15 अप्रैल से शारीरिक माप परीक्षण (पीएमटी) शुरू करने की सूचना दी है। प्रवेश पत्र जल्द ही आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किए जाएंगे। एचएसएससी चेयरमैन हिम्मत सिंह ने भी फेसबुक और एक्स पर इसकी जानकारी साझा की है। पीएमटी के बाद शारीरिक जांच परीक्षण (पीएसटी) किए जाएंगे। पीएमटी के लिए आयोग की ओर से पहले ही खेल निदेशक को पंचकूला स्थित ताऊ देवीलाल स्टेडियम में बास्केटबॉल और वॉलीबॉल हाल को आरक्षित करने का अनुरोध किया जा चुका है। खेल विभाग से कोच भी मांगे गए हैं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि खेल विभाग की ओर से पीएमटी के लिए कितने कोच उपलब्ध कराए जाएंगे। तैयारियों को लेकर एचएसएससी चेयरमैन ने खेल विभाग के संयुक्त निदेशक अश्विनी मलिक के साथ बैठक भी की है, जिसमें स्टेडियम में उपलब्ध सुविधाओं पर चर्चा हुई। एचएसएससी की टीम ने खेल स्टेडियम में जाकर भी तैयारियों का जायजा लिया है। पीएमटी के लिए सीना और कद मापने की मशीनों के लिए अलग-अलग कंपनियों से टाईअप किया जाएगा। जल्द ही मशीनें आयोग के पास पहुंच सकती हैं। भर्ती में करीब दो लाख 70 हजार युवाओं ने आवेदन किया है। ऐसे में लगातार कई दिन तक पीएमटी की प्रक्रिया चलेगी।

पुलिस भर्ती होगी और पारदर्शी: DGP कैलाश मकवाणा ने अफसरों संग की अहम समीक्षा

भोपाल प्रदेश में हाल ही में संपन्न हुई पुलिस भर्ती प्रक्रिया की व्यापक समीक्षा तथा आगामी भर्ती प्रक्रियाओं को और अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष एवं व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने उप पुलिस महानिरीक्षकों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की। पुलिस महानिदेशकने बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया कि आगामी भर्ती प्रक्रियाओं में भी पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं विश्वसनीयता सर्वोच्च प्राथमिकता रहे तथा प्रत्येक स्तर पर निर्धारित मानकों और प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। बैठक में भर्ती प्रक्रिया के विभिन्न चरणों की विस्तार से समीक्षा करते हुए फील्ड स्तर पर सामने आने वाली वास्तविक चुनौतियों (ग्राउंड रियलिटी) तथा व्यावहारिक समस्याओं पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया।विशेष रूप से दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले अभ्यर्थियों की समस्याओं, परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में आने वाली कठिनाइयों एवं उनकी सुविधाओं को लेकर अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की गई।साथ ही भर्ती प्रक्रिया को और अधिक सुगम, पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाने के लिए भविष्य में अपनाए जाने वाले सुधारात्मक उपायों पर भी सार्थक चर्चा की गई। समीक्षा के दौरान अवगत कराया गया कि भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न स्तरों पर सुदृढ़ व्यवस्थाएँ लागू की गईं। अभ्यर्थियों की पहचान एवं प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखने हेतु फिंगरप्रिंट आधारित पहचान सत्यापन, फेस रिकग्निशन सिस्टम,आईरिसएवं मेडिकल परीक्षण तथा दस्तावेजों का सघन सत्यापन किया गया। इसके अतिरिक्त पूरी भर्ती प्रक्रिया के दौरान सॉफ्टवेयर आधारित डेटा प्रबंधन एवं ऑनलाइन अपलोड प्रणाली का उपयोग किया गया, जिससे अभ्यर्थियों के दस्तावेजों एवं परिणामों का सुरक्षित डिजिटल रिकॉर्ड सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही किसी भी तकनीकी बाधा की स्थिति से निपटने के लिए तकनीकी एवं मैन्युअल दोनों प्रकार की रिकॉर्ड प्रणाली को समानांतर रूप से संचालित किया गया। भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत आयोजित शारीरिक दक्षता परीक्षाएँ, जिनमें दौड़, शॉर्ट पुटएवं लॉन्ग जंप शामिल हैं, निर्धारित मानकों के अनुरूप संपन्न कराई गईं तथा पूरी प्रक्रिया की सतत निगरानी सुनिश्चित की गई। अभ्यर्थियों के परिणामों का संकलन भी समयबद्ध रूप से कर पारदर्शिता बनाए रखी गई। समीक्षा के दौरान यह भी अवगत कराया गया कि भर्ती प्रक्रिया से संबंधित कुछ प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन हैं, जिनमें विभाग द्वारा आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत किए जा चुके हैं। बैठक के दौरान भर्ती प्रक्रिया के सफल एवं उत्कृष्ट संचालन में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित भी किया गया। समीक्षा बैठक में उप पुलिस महानिरीक्षक देहात भोपाल राजेश चंदेल,उप पुलिस महानिरीक्षक रेंज, बालाघाट विनीत जैन,उप पुलिस महानिरीक्षक रेंज, मुरैना सुनील जैन,उप पुलिस महानिरीक्षक रेंज, रतलाम निमिष अग्रवाल,उप पुलिस महानिरीक्षक रेंज, रीवा हेमन्त चौहान,उप पुलिस महानिरीक्षक रेंज, ग्वालियर अमित सांघी,उप पुलिस महानिरीक्षक, रेल भोपाल पंकजवास्तवतथा पीएसओटू डीजीपी डॉ. विनीत कपूर उपस्थित थे।  

हरियाणा पुलिस भर्ती के लिए 1.37 लाख से अधिक युवाओं ने किए आवेदन

चंडीगढ़. हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) द्वारा आयोजित की जा रही 5,500 पुलिस कांस्टेबल पदों की भर्ती प्रक्रिया इन दिनों पूरे शबाब पर है। आयोग के चेयरमैन हिम्मत सिंह ने भर्ती प्रक्रिया की वर्तमान स्थिति साझा करते हुए उम्मीदवारों के उत्साह की सराहना की है। भर्ती पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, युवाओं में इस भर्ती को लेकर जबरदस्त क्रेज देखा जा रहा है। अभी तक कुल 1,37,533 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कर लिया है। चेयरमैन ने बताया कि आयोग द्वारा तैयार किया गया ऑनलाइन पोर्टल पूरी तरह से स्थिर है। आवेदन के दौरान आने वाली समस्याओं को लेकर हेल्पलाइन पर आने वाली कॉल्स की संख्या बहुत ही कम है, जो यह स्पष्ट करता है कि तकनीकी रूप से प्रक्रिया अत्यंत सफल और सुचारू रूप से चल रही है। आयोग ने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे आवेदन के लिए अंतिम तिथि (25 जनवरी 2026) का इंतजार न करें। अंतिम समय में वेबसाइट पर ट्रैफिक बढ़ने के कारण तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए समय रहते अपना फॉर्म 'फाइनल सबमिट' कर लें। यदि फॉर्म भरते समय कोई समस्या आती है, तो अभ्यर्थी तुरंत आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर 1800-572-8997 पर संपर्क कर सकते हैं।

सपनों की नौकरी का मौका: MP पुलिस भर्ती सात साल बाद, जल्द देखें कैसे करें आवेदन

भोपाल पुलिस में उप निरीक्षक या सब इंस्पेक्टर (एसआई) और सूबेदार के पद पर चयन की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) इन पदों के लिए अगले सप्ताह विज्ञापन जारी करने जा रहा है। सात वर्ष बाद इन पदों पर भर्ती होने जा रही है। इसके पहले वर्ष 2018 में इन पदों पर भर्ती हुई थी। सात साल तक भर्ती नहीं होने पर एसआई बनने का सपना देख रहे कई युवा अधिकतम उम्र सीमा पार कर चुके हैं। परीक्षा में पहली बार बड़ा बदलाव किया गया है कि शारीरिक दक्षता परीक्षा के अंकों को जोड़कर प्रावीण्य सूची तैयार की जाएगी।   इसके भर्ती नियम इसी वर्ष जनवरी में शासन ने जारी कर दिए थे। सरकार ने भर्ती नियम तैयार करने में लगभग एक वर्ष लगा दिए, नहीं तो इन पदों पर वर्ष 2024 में ही भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ हो सकती थी। नियमों में शासन ने प्रारंभिक और लिखित परीक्षा का पाठ्यक्रम भी जारी किया है। चुनौतियों से जुड़े विषयों को दी गई प्राथमिकता पुलिस के सामने नई चुनौतियों से जुड़े विषयों को प्राथमिकता दी गई है। उदाहरण के तौर पर प्रारंभिक और लिखित परीक्षा में साइबर अपराध, संचार तकनीक के साथ आने वाली चुनौतियां, इंटरनेट मीडिया, रोबोटिक्स, एआई, जीआइएस, जीपीएस आदि के बारे में भी प्रश्न पूछे जाएंगे। इसके अतिरिक्त लोकतंत्र और पुलिस, गरीबी और भूख, संगठित अपराध और आतंकवाद से जुड़े प्रश्न पूछे जाएंगे। ऐसी होगी परीक्षा योजना सबसे पहले 100 अंकों की प्रारंभिक परीक्षा होगी जो क्वालिफाइंग होगी। इसमें कुल पदों के 10 प्रतिशत अभ्यर्थियों को चयनित किया जाएगा। इसके बाद 600 अंकों की लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी। प्रावीण्य सूची में आने वालों को शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा जो 100 अंकों की होगी। आखिर में 50 अंकों का साक्षात्कार होगा। इस तरह कुल 750 अंकों के प्राप्तांक के आधार पर प्रावीण्य सूची तैयार की जाएगी।