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गर्मी में पावर कट से बचने की बिजली कंपनियों ने की खास तैयारी

पटना. बिहार में इस बार लोगों को गर्मी के दौरान बिजली से जुड़ी परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी. बढ़ती गर्मी और संभावित बिजली की मांग को देखते हुए ऊर्जा विभाग ने आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त रखने की खास रणनीति पर काम शुरू कर दिया है. ऊर्जा सचिव एवं बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में साउथ और नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों की संचालन और रखरखाव समीक्षा बैठक हुई. ऊर्जा सचिव ने क्या आदेश दिया? जानकारी के मुताबिक, बैठक में गर्मियों के लिए बिजली प्रबंधन को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए. बैठक में ऊर्जा सचिव ने कहा कि पीक लोड के दौरान भी उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिले, इसके लिए ट्रांसफॉर्मरों, फीडरों और ग्रिड उपकेंद्रों की पूर्व-रखरखाव योजना पर सख्ती से अमल किया जाए. हॉट-लाइन मेंटेनेंस की गति तेज करने, कमजोर और दोषपूर्ण लाइनों की पहचान कर तत्काल मरम्मत और स्टैंडर्ड संचालन प्रक्रिया के शत-प्रतिशत पालन करने का आदेश दिया गया. इन्हें किया गया अलर्ट इसके साथ ही उन्होंने यह क्लियर किया कि गर्मी में फॉल्ट और ब्रेकडाउन की स्थिति न्यूनतम रखने के लिए फील्ड लेवल पर टीमें अलर्ट मोड में रहें. ऊर्जा सचिव ने बिजली लाइनों पर कार्य के दौरान सुरक्षा उपकरणों के अनिवार्य उपयोग पर भी जोर दिया. बैठक में साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक महेंद्र कुमार और नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक राहुल कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने गर्मियों के लिए तैयारियों की जानकारी दी. बढ़ सकता है बिजली का बोझ जानकारी के मुताबिक, बिहार में लोगों पर बिजली बिल का बोझ बढ़ सकता है. 1 अप्रैल 2026 से बिजली की नई दरें लागू हो सकती हैं. बिहार विद्युत विनियामक आयोग को राज्य की दोनों बिजली कंपनियों (साउथ और नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन) की तरफ से टैरिफ प्रस्ताव भेजा गया है. इसके साथ ही बिजली के रेट में बढ़ोतरी के संकेत दिए हैं.

जर्मनी की राजधानी बर्लिन में बिजली संकट: चार दिन से हजारों घरों में अंधेरा

बर्लिन   जर्मनी की राजधानी बर्लिन में हजारों घरों में बिजली गुल हो गई है। ग्रिड पर हमले के बाद दक्षिण-पश्चिम बर्लिन में हजारों घरों के साथ-साथ सुपरमार्केट, दुकानें, रेस्टोरेंट और दूसरे बिजनेस क्षेत्रों में बिजली ना होने की वजह से अंधेरा छा गया। हालांकि, बिजली मरम्मत का काम जारी है, लेकिन कई इलाकों में तमाम घर बिना बिजली के ही रहे। न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, जर्मन राजधानी के कुछ हिस्से लगातार चौथे दिन अंधेरे में रहे। स्ट्रोमनेट्ज बर्लिन ने कहा कि स्थानीय समयानुसार दोपहर 12:45 बजे तक, निकोलासी, जेहलेंडोर्फ, वानसी और लिक्टरफेल्ड के इलाकों में करीब 24,700 घर और 1,120 कारोबार अभी भी प्रभावित थे। ऑपरेटरों ने अनुमान लगाया था कि गुरुवार दोपहर तक पूरी ग्रिड को पूरी तरह से ठीक करके बिजली सेवा फिर से शुरू कर दी जाएगी। लेकिन ग्रिड को ठीक करने में काफी तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।  सुबह एक पावर स्टेशन तक जाने वाले केबल में आग लगने के बाद करीब 45,000 घरों और 2,200 से ज्यादा कारोबारियों की बिजली चली गई। स्ट्रोमनेट्ज बर्लिन ने कहा कि प्रभावित जिलों के पांच अस्पतालों में सभी सेवाएं रविवार सुबह से फिर से शुरू कर दी गई हैं। दूसरी ओर, राजधानी बर्लिन में बर्फबारी और कम तापमान की वजह से लोगों को घरों के अंदर जमा देने वाली ठंड का सामना करना पड़ रहा है। निकोलासी की रहने वाली निवासी क्रिस्टियन ने कहा कि उनके अपार्टमेंट का थर्मामीटर 11.5 डिग्री सेल्सियस दिखा रहा था। उन्होंने कहा, "यह तो सब जानते हैं कि आपको थोड़ी ठंडी जगह पर सोना चाहिए। लेकिन इतनी ठंड?" खुद को वल्कनग्रुप कहने वाले एक समूह ने ऑनलाइन पोस्ट करके हमले की जिम्मेदारी ली और कहा कि उसने लिक्टरफेल्ड में एक गैस पावर स्टेशन से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को "सफलतापूर्वक नुकसान पहुंचाया।" बर्लिन के मेयर, काई वेगनर ने मंगलवार को एक न्यूज कॉन्फ्रेंस में इस घटना को एक आतंकवादी हमला बताया। वेगनर ने कहा, "हमने इस शहर में एक आतंकी हमला देखा है। एक वामपंथी आतंकी हमला। मैं दोहराना चाहता हूं: यह कोई मामूली आगजनी का हमला नहीं था, न ही यह तोड़फोड़ थी। यह एक आतंकी हरकत थी।" जर्मन न्यूज एजेंसी डीपीए ने बताया कि जर्मनी का फेडरल प्रॉसिक्यूटर ऑफिस आतंकी हमले के शक में ही इस मामले की जांच कर रहा है। अधिकारियों ने कहा कि उन्हें आतंकी संगठनों में मेंबरशिप, तोड़फोड़, आगजनी और पब्लिक सेवा में रुकावट जैसे अपराधों का शक है। बर्लिन के इंटीरियर सेनेटर आइरिस स्प्रेंगर ने कहा, "हम अपने पावर ग्रिड पर एक वामपंथी आतंकी हमले के बारे में बात कर रहे हैं, जिसे बहुत ध्यान से प्लान किया गया था और पूरी तरह आपराधिक मंशा से किया गया था।"