samacharsecretary.com

वृंदावन से गायब बच्चों की तलाश तेज: प्रेमानंद महाराज के आश्रम पहुंच रहे परेशान परिजन

लखनऊ प्रेमानंद महाराज के आश्रम से लापता बताया जा रहा हाथरस के सादाबाद का 16 वर्षीय किशोर अनुज चौधरी को हाथरस पुलिस ने बरसाना के एक आश्रम से सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस द्वारा किशोर से पूछताछ की जा रही है। अनुज के लापता होने का आरोप लगाते हुए उसके परिवारवालों ने वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के आश्रम के बाहर धरना शुरू कर दिया था। पुलिस ने खोजबीन का आश्वासन देकर किसी तरह परिवारीजनों को शांत कराया और धरना खत्म कराया था। उधर, संत प्रेमानंद के राधा केलि कुंज आश्रम पर कई ऐसे लोग पहुंचने लगे हैं, जो अपने बच्चों के गायब होने का दावा कर रहे हैं। शनिवार को कासगंज, महाराष्ट्र और बड़ी आटस के रहने वाले किशोरों के परिवारीजन आश्रम के बाहर पहुंचे। उन्होंने अपने बच्चों की सकुशल वापसी की मांग की। बता दें कि सादाबाद के गांव बरामई खेड़ा के रहने वाले राजवीर चौधरी का बेटा अनुज (17) तीन जुलाई को वृंदावन के लिए निकला था। 26 जून को संत प्रेमानंद से दीक्षा लेने के बाद वो घर लौट गया था। तीन जुलाई को फिर वृंदावन आ गया। तब से अनुज के परिजन उसे तलाश रहे थे। शुक्रवार को अनुज के परिजनों संग बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने प्रेमानंद के राधा केलि कुंज आश्रम के बाहर धरना दिया था। करीब आठ घंटे बाद रात आठ बजे पुलिस के आश्वासन के बाद धरना खत्म किया था। शनिवार अनुज की सकुशल बरामदगी की ख़बर सामने आ गई। अनुज के परिजनों के अनुसार सादाबाद पुलिस ने अनुज को बरसाना के एक आश्रम से बरामद किया है। हालांकि पुलिस द्वारा इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। सादाबाद इंस्पेक्टर विजय सिंह ने बताया कि किशोर को बरसाना से सकुशल बरामद कर लिया है। लापता बच्चों के घरवाले पहुंच रहे हैं आश्रम, सकुशल वापसी की मांग संत प्रेमानंद के राधा केलि कुंज आश्रम पर अब कई लोग ऐसे पहुंचने लगे हैं, जिनके बच्चे गायब हैं। शनिवार को कासगंज, महाराष्ट्र और बड़ी आटस के रहने वाले किशोरों के परिजन आश्रम के बाहर पहुंचे और अपने बच्चों की सकुशल वापसी की मांग की। बताया जाता है कि कासगंज का रहने वाला मयंक सिंह चौहान पिछले सात अगस्त को वृंदावन आने की कहकर अपने घर से निकला था। जिसका काफी प्रयास के बाद भी कोई पता नहीं लग सका है। मयंक के पिता चंद्रपाल सिंह ने बताया कि पिछले कुछ समय से मयंक सिर्फ प्रेमानंद महाराज की बातें करता था। पॉलीटेक्निक प्रथम वर्ष के छात्र मयंक तीन भाई बहनों में दूसरे नंबर का बच्चा है। पिता के अनुसार पूरा परिवार मयंक के गायब होने से परेशान है। इसी तरह की पीड़ा महाराष्ट्र की उज्वला ताक पिरे की है। 21 जुलाई से लापता है ओम परमेश्वर उन्होंने बताया कि उनका 20 वर्षीय बेटा ओम परमेश्वर 21 जुलाई से लापता हैं। वो वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के दर्शनों की कहकर अपने घर से निकला था। 23 जुलाई को उसकी मां वृंदावन पहुंची और बेटे की तलाश शुरू कर दी। उज्वला ताकपिरे का कहना है कि उसे आश्रम के सीसीटीवी फुटेज में ओम परमेश्वर के होने की जानकारी मिली थी। लेकिन उसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल रहा है। उज्वला अपने बेटे की तलाश में कई बार महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर से वृंदावन आ चुकी है। संभाजी नगर में उसकी गुमशुदगी का मामला दर्ज है। इसी तरह समीपवर्ती देवी आटस निवासी किशोरलाल का 14 वर्षीय बेटा नवनीत भी 10 सितम्बर से गायब है। नवनीत के परिजन भी उसे ढूंढने राधा केलि कुंज आश्रम पहुंचे थे।

वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के आश्रम को लेकर बढ़ी चिंता, किशोर के बाद युवती और 10 साल का बच्चा भी लापता

मथुरा प्रेमानंद महाराज का आश्रम विवादों में घिरता जा रहा है। एक शिष्य की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद अब आश्रम आया एक किशोर गायब हो गया है। 17 वर्षीय अनुज चौधरी के परिजन संत प्रेमानंद महाराज के राधा केलि कुंज के सामने धरने पर बैठ गए। अपने बेटे की सकुशल बरामदगी की मांग पर बैठे परिजनों ने आश्रम के शिष्यों पर सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया है। इन आरोपों और परिजनों द्वारा धरना देने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। प्रेमानंद महाराज ऐसे संत हैं जो बहुत ही तेजी से सुर्खियों में आए। वर्ष 2023 के जनवरी महीने में जब विराट कोहली और अनुष्का शर्मा अपनी बेटी के साथ प्रेमानंद महाराज के आश्रम पहुंचे, तब और कहीं तो दूर वृंदावन के अधिकांश लोग भी नहीं जानते थे कि प्रेमानंद महाराज कौन हैं और कहां रहते हैं। प्रेमानंद महाराज का हाईटेक तरीका सोशल मीडिया के दौर में उन्हें तेजी से प्रसिद्धि की ओर ले गया। रात में की जाने वाली उनकी पदयात्रा में लोग जुटने लगे। कई नामचीन शख्सियतों के आने से प्रसिद्धि और बढ़ने लगी। हालांकि पिछले कई महीने से रात में निकलने वाली उनकी पदयात्रा बंद है। इस बीच खबर है कि प्रेमानंद महाराज के आश्रम के लिए नोएडा से आई एक युवती भी गायब है। उसके पिता उसे खोजते हुए यहां आये हैं। वहीं आश्रम के बाहर ढाबे पर कार्य करने वाली एक महिला का 10 साल का बच्चा भी गायब हो गया है। काफी समय से नहीं आ रहा ताजा वीडियो प्रेमानंद महाराज का काफी समय से उनके यूट्यूब चैनल पर सत्संग का वीडियो नहीं आ रहा है। कुछ समय पूर्व तक पुराने वीडियो दिखाए जा रहे थे लेकिन अब वह भी बंद हैं। जबकि इससे पहले उनके सत्संग के वीडियो लगातार आ रहे थे। उन्हें देखने वालों की संख्या भी बहुत थी। क्या सब कुछ सही चल रहा है? प्रेमानंद महाराज के आश्रम में सब कुछ सही चल रहा है या नहीं, इस बात को हवा तब लगी जब प्रेमानंद महाराज यमुना पार आश्रम बनवाने लगे और वहां चले गए। हालांकि इस पर कोई कुछ बोल नहीं रहा था लेकिन इसे लेकर चर्चा चल निकली थीं। जितने मुंह उतनी बातें लेकिन आश्रम की ओर से कुछ ऐसा नहीं कहा गया, जिससे ऐसा लगे कि कुछ सही नहीं चल रहा। रसिक की मौत ने खड़े किए सवाल पिछले दिनों प्रेमानंद महाराज के शिष्य मूल रूप से जबलपुर निवासी दीपक पटेल उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए। गौरतलब है कि प्रेमानंद महाराज के आश्रम केली कुंज के समीप ही बने भवन में प्रेमानंद महाराज के शिष्य रहते हैं। इनमें से ही एक शिष्य चौथे माले से कूद पड़ा। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां पता लगा कि उसका प्राइवेट पार्ट कटा मिला। प्रेमानंद के आश्रम आई युवती और आश्रम के बाहर से बच्चा गायब प्रेमानंद महाराज के आश्रम के लिए नोएडा से आयी एक युवती भी गायब है। उसके पिता उसे खोजते हुए यहां आये हैं। वहीं आश्रम के बाहर ढाबे पर कार्य करने वाली एक महिला का 10 वर्षीय बच्चा भी गायब हो गया है। जिस समय अनुज के परिजन धरना दे रहे थे, उसी समय नजफगढ़ की रहने वाली अनीता वहां पहुंची। अनीता ने अपने 10 वर्षीय बेटे वंश के गायब होने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वो अपने बेटे के साथ आश्रम के बाहर स्थित एक ढाबे में खाना बनाने का काम करती है। छह दिन पहले वह किसी काम से गांव गई थीं और अपने बेटे को ढाबे पर छोड़ गई थीं। पहले भी वह बेटे को ढाबे पर ढाबा मालिक के पास छोड़ जाती थीं। इस बार जब लौटीं तो उसका बेटा गायब था। उधर नोएडा के सेक्टर 56 के रहने वाले उमेश सिन्हा अपनी 38 साल की बेटी विभा को आश्रम के बाहर तलाशते नजर आए। उनका कहना था कि उनकी बेटी विभा 15 अगस्त को घर से संत प्रेमानंद आश्रम के लिए निकली थी। उनकी बेटी महाराज जी से दीक्षा लेना चाहती थी। लेकिन अब तक उसका कोई पता नहीं लग सका है। इसकी शिकायत नोएडा पुलिस में दर्ज करा दी थी। बेटी को खोजने वह यहां आये हैं लेकिन यहां उसका पता नहीं चल रहा है। पूरा परिवार विभा के न मिलने से परेशान है।

प्रेमानंद महाराज के शिष्य की संदिग्ध मौत, CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस; कई एंगल से जांच

मथुरा मथुरा के वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे बाराह घाट मार्ग स्थित गुरु कृपा कुंज आश्रम की छत से गिरने के बाद उनकी मौत हो गई। उन्हें आनन-फानन में निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस बीच घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें वह अचानक आश्रम की छत से सड़क पर गिरते दिखाई दे रहे हैं। घटना के समय सड़क पर लोगों की आवाजाही थी। कुछ लोग साइकिल से गुजर रहे थे और एक साइकिल सवार के सामने ही दीपक के गिरने से वह चौंक गया। उसके पीछे आ रहा दूसरा साइकिल सवार भी रुक गया। इसी दौरान सामने से एक चार पहिया वाहन भी गुजर रहा था। घटना के बाद आसपास हड़कंप मच गया। अब सवाल उठ रहे हैं कि दीपक ने सुसाइड किया या फिर मामला कुछ और है। चौथी मंजिल से गिरने से वीडियो सामने आया प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक पटेल उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत की गुत्थी सुलझाने में पुलिस जुट गयी है। जो दिख रहा है, उस पर तो पुलिस जांच कर ही रही है। पुलिस इस दिशा में भी जांच कर रही है कि कहीं कुछ ऐसा तो नहीं है जो अभी नजर नहीं आया हो। जो सीसीटीवी फुटेज पुलिस को मिले हैं, उन्हें जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा जा रहा है। यही नहीं ऐसी भी आशंका है कि घटना के समय मृतक किसी ड्रग्स के प्रभाव में तो नहीं था। इसलिए उसके रक्त का नमूना जांच के लिए भेजा गया है। प्राइवेट पार्ट कैसे कटा? कोई सामान्य व्यक्ति कैसे अपने प्राइवेट पार्ट को ग्राइंडर से काट सकता है, यह बात किसी के गले नहीं उतर रही। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जो सीसीटीवी फुटेज आश्रम के मिले हैं, उसे देखकर आश्चर्यचकित होना स्वाभाविक है। इन फुटेज के अनुसार रसिक दुलारी शरण कक्ष से निकलता दिखता है। उस समय एक धोती वह लपेटे हुए है, जिस पर खून दिख रहा है और एक धोती वह आगे की ओर किए हुए है, जिससे उसके आगे का हिस्सा दिख न सके। वह सीढ़ियों की ओर जाता दिखता है और छत पर पहुंच जाता है। वह पैर चौड़ाकर चल रहा होता है। छत पर पहुंचकर वह बाउंड्री पर बैठ जाता है। सीसीटीवी फुटेज की जांच में जुटी पुलिस पुलिस सूत्रों के अनुसार समूचे घटनाक्रम, सीसीटीवी और परिस्थितियों को देखते हुए रक्त नमूने जांच को भेजे गए हैं, ताकि यह पता चल सके कि उस समय मृतक किसी ड्रग्स के प्रभाव में तो नहीं था। हालांकि यह संतों का आश्रम है लेकिन जांच में सभी एंगल ध्यान में रखे जा रहे हैं। इसके अलावा पुलिस ने आश्रम से सीसीटीवी फुटेज कलेक्ट कर लिए हैं और उनको फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनसे कोई छेड़छाड़ तो नहीं हुई।

श्रद्धालुओं को बड़ा झटका, खराब स्वास्थ्य के चलते प्रेमानंद महाराज ने रोकी पदयात्रा

वृंदावन वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज की तबीयत बिगड़ने के चलते उनकी पदयात्रा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई है। साथ ही उनके एकांतिक दर्शन भी फिलहाल बंद कर दिए गए हैं। जिसके बाद देशभर से आए हजारों श्रद्धालुओं में मायूसी छा गई। रविवार देर रात बड़ी संख्या में भक्त महाराजजी के दर्शन के लिए वृंदावन पहुंचे थे, लेकिन रोजाना की तरह तड़के 3 बजे प्रेमानंद महाराज पदयात्रा पर नहीं निकले। उनकी जगह आश्रम के शिष्य पहुंचे और लाउडस्पीकर के जरिए श्रद्धालुओं को जानकारी दी। किडनी की बीमारी से जूझ रहे प्रेमानंद जी महाराज शिष्यों ने बताया कि महाराज जी का स्वास्थ्य ठीक नहीं है, इसलिए आज से पदयात्रा स्थगित की जा रही है। साथ ही भक्तों से सड़क किनारे भीड़ न लगाने और व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई। घोषणा के बाद श्रद्धालुओं को बिना दर्शन किए लौटना पड़ा। केली कुंज आश्रम के अनुसार संत प्रेमानंद महाराज पिछले 21 वर्षों से किडनी संबंधी बीमारी से पीड़ित हैं। स्वास्थ्य में अचानक आई परेशानी के कारण डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें आराम दिया जा रहा है। पदयात्रा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हालांकि आश्रम की ओर से यह नहीं बताया गया है कि पदयात्रा और दर्शन दोबारा कब शुरू होंगे। महाराजजी के दर्शन न होने से भक्त भावुक नजर आए। श्रद्धालु उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। बता दें कि संत प्रेमानंद महाराज रोजाना तड़के केली कुंज आश्रम से करीब डेढ़ किलोमीटर पैदल चलकर सौभरी वन जाते हैं। उनकी पदयात्रा में शामिल होने और दर्शन पाने के लिए हर दिन हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। सामान्य दिनों में करीब 20 हजार भक्त आते हैं। प्रेमानंद महाराज का जन्म यूपी के कानपुर जिले की नरवल तहसील के अखरी गांव में हुआ था। पिता शंभू नारायण पांडे और मां रामा देवी हैं। तीन भाई हैं जिसमें प्रेमानंद मंझले हैं। बचपन में प्रेमानंद जी का नाम अनिरुद्ध कुमार पांडे था। वह बचपन से ही आध्यात्मिक रहे। और कक्षा 8 तक पढ़ाई की है। उन्होंने गुरु गौरी शरण जी महाराज से गुरुदीक्षा ली। फिर वह मथुरा आ गए। प्रेमानंद के शिष्य हैं कई कई सेलिब्रिटी आपको बता दें प्रेमानंद जी महाराज के बचपन का नाम अनिरुद्ध पांडेय हैं। 13 साल की उम्र में उन्होने संन्यास ले लिया था। यूट्यूब पर प्रेमानंद के 76 लाख, इंस्टाग्राम पर 2.4 करोड़ और फेसबुक पर 10 लाख से ज्यादा फॉलोअर हैं। बड़ी-बड़ी सेलिब्रिटी प्रेमानंद के शिष्य हैं। जिनमें क्रिकेटर विराट कोहली और उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा, आशुतोष राणा, हेमा मालिनी, रतन राजपूत, मीका सिंह समेत कई लोग शामिल हैं।

सफलता से ठीक पहले क्यों रुक जाते हैं काम? प्रेमानंद महाराज से जानें कहां हो रही गलती

जीवन में कई बार आपको भी ऐसा लगा होगा कि आपके हर काम बनते हुए भी बिगड़ जाते हैं। अक्सर होता है कि कोई काम बिल्कुल अंत तक पहुंच जाता है और अचानक सब कुछ बिगड़ जाता है। कई बार तो चीजें शुरू होते ही खराब हो जाती हैं। ऐसी स्थिति में समझ नहीं आता कि भाग्य को दोष दें या कर्मों को। प्रेमानंद महाराज से पूछा गया सवाल प्रेमानंद जी महाराज के सत्संग में आए एक श्रद्धालु का भी ठीक यही प्रश्न था। उन्होंने कहा कि महाराज जी मेरे बनते हुए काम आखिर में क्यों बिगड़ जाते हैं। ऐसा बार-बार होने के पीछे आखिर क्या वजह है। इसपर प्रेमानंद जी महाराज का उत्तर हर किसी को जरूर जानना चाहिए। पूर्व कर्मों के फल हैं प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि ऐसा होने के पीछे सबसे बड़ी वजह आप पूर्व जन्मों के पाप होते हैं। ये पूर्व के पाप ही हमें इस जीवन में भी दुख का अनुभव कराते हैं। वहीं हमारे अच्छे कर्म हमें सफलता प्रदान करते हैं। सफलता की ओर ले जाती हैं ये चीजें महाराज जी कहते हैं कि पूर्व जन्म के पाप ही असफलता का कारण होते हैं। इन्हें नष्ट करने का एक ही उपाय है कि आप सद्मार्ग की ओर बढ़ें। प्रभु का नाम जप करें, कीर्तन करें, अच्छे इंसान बनें, तीर्थयात्रा करें और लोगों की सेवा करें। ये सभी चीजें आपके पाप कर्म नष्ट कर के सफलता की ओर ले जाती हैं। आध्यात्म से जुड़ना है जरूरी प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि इसी कारण आध्यात्म से जुड़ना बहुत जरूरी है। अन्यथा आपकी कामनाएं तो रहेंगी लेकिन वो कभी पूरी नहीं होंगी। जिस वजह से शोक, दुख, चिंता, भय आदि लगे ही रहेंगे। मन की शांति है जरूरी प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि मन की शांति बहुत जरूरी है। अगर कोई इंसान गरीब भी है लेकिन धर्म के रास्ते पर चलता है, तो आप देखेंगे कि वो शांत है और जीवन में खुश है। वहीं अगर आप धनवान भी हैं लेकिन वासनाओं में लिप्त हैं, तो आपका जीवन हमेशा दुख, शोक, पीड़ा, चिंता आदि से भरा रहेगा। भजन से ही संभव है मन की शांति महाराज जी कहते हैं कि मन की शांति सिर्फ भजन से ही संभव है। आप धन, पद और प्रतिष्ठा से सब कुछ खरीद सकते हैं लेकिन मन की शांति नहीं। इसलिए अच्छे कर्म करें, भगवान का भजन करें; सफलता और सुख-शांति अपने आप ही आपके जीवन में प्रवेश करेंगे।

सावधान! प्रेमानंद महाराज ने बताए सुख-शांति छीनने वाले 7 कारण, पांचवीं आदत हर कोई करता है

रोजमर्रा की जिंदगी में हम अक्सर ऐसी गलतियां कर रहे होते हैं जो हमें नैतिक शिक्षा में भी सिखाया जाता है। अब प्रेमानंद महाराज ने इनका स्पिरिचुअल एंगल भी बताया है और कहा कि ये गलतियां करने से इंसान के पुण्य नष्ट होते हैं। ये आदतें नष्ट कर सकती हैं जीवन की शांति प्रेमानंद महाराज के सत्संग कई लोगों को जीने की राह देते हैं। वह लोगों को धर्म के रास्ते पर चलने की सीख देते हैं ताकि जीवन आसानी से पार हो जाए। उन्होंने अपने एक सत्संग में ऐसी कुछ गलतियां बताईं जो लोग रोजमर्रा के जीवन में करते हैं। प्रेमानंदजी ने कहा कि ऐसा करने वालों की सुख-शांति नष्ट हो जाती है। लालच करना लालच नहीं होना चाहिए। जो चीजें धर्म के मार्ग से मिलें उन्हीं से जीवन चलाना चाहिए। ऐसा करने से बच्चे और परिवार सुखी रहेंगे। सही तरह से आया पैसा लंबे समय तक चलता है। प्रेमानंद महाराज ने कहा कि लालच में आया पैसा हाइड्रोजन की तरह आएगा और फिर अंधेरा करके जाएगा। अपमान ना सहना प्रेमानंद महाराज ने बताया कि जो लोग छोटे से अपमान से क्रोधित होकर दूसरे का बुरा करने लगते हैं यह उनके पतन का कारण बन सकता है। सामने वाला बेइज्जत करे तो बर्दाश्त कर लेना चाहिए। ऐसा करने से आपके पाप नष्ट होते हैं और सामने वाला उन पापों को ले लेता है। ऐसा करने से आप टेंशन में रहेंगे और कामकाज भी प्रभावित रहेंगे। हमेशा द्वेष करने वालों के बारे में सोचना प्रेमानंदजी ने कहा कि जो आपका बुरा चाहते हैं उन्हें दिमाग में नहीं रखना चाहिए। ऐसा करके अगर आप गुस्सा करते हैं तो आपकी ही हानि होगी। कभी-कभी गुस्सा किसी भी आ सकता है लेकिन उसका पछतावा कर लें। आश्रित की रक्षा करना अगर भागकर कोई पशु, पक्षी या मनुष्य आपके पास आए तो उसकी रक्षा जरूर करें। आप मारते हैं या मरवा देते हैं इससे दर्गति होती है। निडर होकर पाप करना प्रेमानंदजी ने बताया कि जो लोग पाप खुश और निडर होकर करते हैं उनके जीवन की शांति छिन जाती है। अपनी तारीफ करना प्रेमानंद महाराज ने कहा कि इंसान को अपनी बड़ाई अपने मुंह से नहीं करनी चाहिए। बहुत से लोग ऐसा करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा करने से बुद्धि भ्रस्ट हो जाती है और इंसान सही फैसले नहीं ले पाता है। किसी के साथ गलत व्यवहार करना प्रेमानंद महाराज ने बताया कि बच्चा, स्त्री, पागल या असहाय के साथ जो खराब व्यवहार करता है उसके जीवन का सुख और शांति नष्ट होती है। अगर आपकी पत्नी ऐसी है जिससे आप परेशान हैं या पति ऐसा है तो आप समझें कि ईश्वर ने आपके कुछ पिछले कर्म बैलेंस करने के लिए उन्हें भेजा है। कोई असहाय या पागल है उसे भी प्रताड़ित न करें, अच्छे मन से मदद और देखभाल करें।

डायरी में छुपा था जीवन बदल देने वाला राज़, प्रेमानंद महाराज ने खुद लिखा था

वृंदावन के श्री प्रेमानंद जी महाराज अक्सर जीवन और आध्यात्म से जुड़ी कई बातें साझा करते रहते हैं। उन्होंने हाल ही में जीवन का वो गहरा रहस्य भी बताया है, जो कहीं ना कहीं हम सभी के लिए जानना बहुत जरूरी है। महाराज जी कहते हैं कि ये बात उन्हें प्रभावित कर गई कि उन्होंने इसे अपनी डायरी तक में नोट कर लिया था। महाराज जी ने डायरी में क्या लिखा प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि वो अपनी डायरी में संत महापुरुषों की बातें नोट करते हैं। एक बात उन्हें इतनी प्रभावशाली लगी कि उन्होंने तुरंत उसे लिख लिया। ये बात थी कि आप जैसा सोचते हैं वैसे ही बन जाते हैं। आज जो भी कुछ आप अपने बारे में सोच रहे हैं, वो सब कुछ आपके लिए संभव हो सकता है। जैसा सोचोगे वैसा ही बनोगे महाराज जी कहते हैं कि वो अक्सर इसी बात को पढ़ते रहते थे कि जैसा बनना है वैसा सोचो, जैसा सोचोगे वैसा ही बनोगे। महाराज जी कहते हैं कि अगर आपने किसी चीज का प्रण कर लिया है और आपको खुद पर विश्वास है कि आप वो कर लेंगे, तो हर हाल में वो चीज संभव है। हमेशा पॉजिटिव सोच रखें महाराज जी आगे कहते हैं कि हमेशा पॉजिटिव सोच रखो। उदहारण के लिए अगर आप सोचते हैं कि इस जन्म में भगवान की प्राप्ति नामुमकिन है, तो गारंटी के साथ आप ऐसा नहीं कर पाएंगे। देर से सही, पूरा होता है संकल्प प्रेमानंद जी कहते हैं कि उदाहरण के लिए अगर आपने ठान लिया है कि भगवत प्राप्ति आपको इसी जन्म में करनी है, तो संकल्प आपके भीतर बैठ जाएगा। किसी गलती की वजह से अगर इस जन्म में आपका संकल्प पूरा ना भी हो, तो अगले जन्म में आप उसे जरूर हासिल कर लेंगे। जिंदगी में लागू होता है ये सिद्धांत प्रेमानंद जी महाराज का बताया ये छोटा सा वाक्य, अगर आप अपनी जिंदगी में लागू कर लें, तो पूरी लाइफ बदल सकता है। किसी भी चीज की शुरुआत सबसे पहले आपके मन से होती है। वो कहते हैं ना कि मन के हारे हार है, मन के जीते जीत। सोच बनाती है जीवन आपकी सोच ही कहीं ना कहीं आपका जीवन गढ़ती है। अगर आप सोचते पॉजिटिव हैं, तो देर से ही सही आपकी लाइफ भी ऐसी ही बनेगी। इसलिए बुरे समय में भी कोशिश करें कि बेहतर सोच रखें। क्योंकि आज जो आप सोच रहे हैं वो कल आपकी हकीकत भी बन सकता है।

प्रेमानंद महाराज बोलें- आसपास के लोग हमेशा आलोचना कर डिमोटिवेट करते हैं?

नई दिल्ली. आजकल का जीवन बहुत तेज है और सफलता के लिए मेहनत कर रहे लोगों को अक्सर आसपास के लोग आलोचना करके डिमोटिवेट कर देते हैं। रिश्तेदार, दोस्त या सहकर्मी नकारात्मक बातें कहकर मन को तोड़ देते हैं। ऐसे में मन उदास हो जाता है और आगे बढ़ने का जोश कम हो जाता है। वृंदावन के प्रसिद्ध संत श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज अपने सत्संगों में बार-बार इस समस्या का समाधान बताते हैं। महाराज जी कहते हैं कि आलोचना करने वाले लोग खुद जल रहे होते हैं, तुम्हें जलने की जरूरत नहीं। राधा नाम जपो और अपना काम करते रहो। आलोचना से डिमोटिवेट होना छोड़ दो। महाराज जी के उपदेश से जानते हैं क्या करें। आलोचना को दिल से ना लगाएं प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि जो आपकी आलोचना करता है, वह आपके बारे में सोचकर अपना समय बर्बाद कर रहा है। ऐसे में आप अपना समय क्यों बर्बाद करेंगे? आलोचना करने वाले लोग अपनी कमजोरी छिपाने के लिए दूसरों को नीचा दिखाते हैं। महाराज जी सलाह देते हैं कि ऐसी बातों को दिल से ना लगाएं। मुस्कुराकर सुन लें और आगे बढ़ जाएं। अगर कोई कहे 'तुम कुछ नहीं कर पाओगे' तो मन में कहें 'राधे राधे, मैं कर लूंगा।' आलोचना को कानों से सुनकर दिल से निकाल दें। इससे मन मजबूत रहेगा और डिमोटिवेशन नहीं होगा। राधा नाम जप महाराज जी का सबसे बड़ा उपाय है राधा नाम जप। वे कहते हैं 'आलोचना से परेशान होने पर राधे-राधे जपें। राधा नाम में इतनी शक्ति है कि कोई नकारात्मक बात आपको छू नहीं सकती है।' जब कोई आलोचना करे तो मन में 'राधे राधे' जपें। इससे मन शांत रहता है और आत्मविश्वास बढ़ता है। महाराज जी बताते हैं कि नाम जप से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और भगवान की कृपा मिलती है। रोज 108 बार या जितना हो सके राधा नाम जपें। आलोचना करने वाले खुद थक जाएंगे, लेकिन आपका जोश बना रहेगा। अपना काम ईमानदारी से करते रहें प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि आलोचना करने वाले को जवाब अपनी सफलता से दें। अपना काम ईमानदारी और मेहनत से करते रहें। दिखावा ना करें, बस चुपचाप आगे बढ़ें। महाराज जी उदाहरण देते हैं कि जो लोग आलोचना करते हैं, वे खुद असफल होते हैं। आप सफल हो जाएंगे, तो वे खुद चुप हो जाएंगे। आलोचना से डिमोटिवेट होने की बजाय उसे प्रेरणा बनाएं। महाराज जी कहते हैं कि भगवान सब देख रहे हैं। मेहनत का फल जरूर मिलेगा। अपना फोकस काम पर रखें, तो डिमोटिवेशन नहीं होगा। भक्ति और सत्संग से मन मजबूत बनाएं महाराज जी सलाह देते हैं कि आलोचना से परेशान हो, तो रोज सत्संग सुनें और भक्ति करें। राधा-कृष्ण की भक्ति करें, हनुमान चालीसा पढ़ें। सत्संग सुनने से मन में सकारात्मकता आती है और आलोचना का असर कम होता है। महाराज जी कहते हैं कि जब मन भगवान में लग जाता है, तो दुनिया की बातें छोटी लगने लगती हैं। भक्ति से मन इतना मजबूत हो जाता है कि आलोचना छू नहीं पाती है। परिवार और भगवान पर फोकस करें, तो डिमोटिवेशन दूर हो जाएगा। प्रेमानंद जी महाराज के अनुसार, आलोचना करने वाले खुद जल रहे हैं, आपको जलने की जरूरत नहीं है। राधा नाम जपें, मेहनत करें और मन शांत रखें। आलोचना से डिमोटिवेट होना छोड़ देंगे, तो जीवन में सफलता और सुख आएगा।

बरसाना में प्रेमानंद महाराज ने लगाई गहबर वन की परिक्रमा, राधा अष्टमी की तैयारियां शुरू

मथुरा  प्रेमानंद महाराज शुक्रवार को सुबह राधारानी के धाम बरसाना पहुंचे और गहबर वन की परिक्रमा लगाई। उन्होंने राधारानी के मंदिर में जाकर दर्शन कर लाडली जू का आशीर्वाद लिया। प्रेमानंद महाराज के आने की खबर लगते ही स्थानीय लोग और राधा जनमोत्सव का दर्शन करने पहुंचे भक्त उनके दर्शनों के लिए उमड़ पड़े। चारों तरफ राधारानी के जयकारे गुंजायमान हो उठे। प्रेमानंद महाराज ने भी राधा रानी के खूब जय कार्य लगाए। बता दें कि राधा अष्टमी से पहले प्रेमानंद महाराज बरसाना पहुंचे हैं। राधा अष्टमी महोत्सव के लिए 16 घंटे खुला रहेगा मंदिर बरसाना में श्री राधाष्टमी महोत्सव मनाया जा रहा है। इस दौरान अभिषेक के दर्शन करीब एक घंटे तक श्रद्धालुओं को कराए जाएंगे। करीब सोलह घंटे तक राधारानी मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खुला रहेगा। जिला प्रशासन कि व्यवस्था के अनुरूप इस बार एकल मार्ग के चलते श्रद्धालुओं की भीड़ को राधारानी मंदिर की सुदामा चौक की सीढ़ीयों से प्रवेश कराया जाएगा। वहीं जयपुर मंदिर मार्ग से श्रद्धालुओं को उतारा जाएगा। सखी ललिताजी का जन्मोत्सव आज श्रीराधारानी की नगरी बरसाना में राधाजी की अष्ट सखियों में प्रमुख सखी ललिता जी का जन्मोत्सव ऊंचागांव स्थित ललिता मंदिर सहित बरसाना में भी धूमधाम से 29 अगस्त को मनाया जा रहा है। कस्बे से दो किमी दूर स्थित ऊंचागांव के ललिताजी मंदिर में मंदिर के पीठाधीश्वर कृष्णानंद तैलंग उर्फ सूसठ महाराज के निर्देशन में राधा जी की प्रधानसखी ललिता जी का जन्मोत्सव 29 अगस्त को मनाया जा रहा है। इसके अलावा राधाजी के गांव बरसाना में सुदामा चौक स्थित अष्टसखी मंदिर और लाडलीजी मंदिर में मध्याह्न 12 बजे ललिताजी का जन्मोत्सव मनाया। इस अवसर पर ऊंचागांव व बरसाना के मंदिरों में जन्माभिषेक और मंगल गीत गायन हुआ।