samacharsecretary.com

‘नो PUCC, नो फ्यूल’! हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, 1 अक्टूबर से लागू होगी नीति

चंडीगढ़. हरियाणा सरकार ने एनसीआर क्षेत्र में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए नई तकनीक आधारित कार्ययोजना पर तेजी से काम शुरू कर दिया है. सरकार ने फैसला लिया है कि 1 अक्टूबर 2026 से जिन वाहनों के पास वैध प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र (PUC) नहीं होगा, उन्हें पेट्रोल या डीजल नहीं दिया जाएगा. यह नियम एनसीआर क्षेत्र के सभी पेट्रोल पंपों पर लागू किया जाएगा. हरियाणा में प्रदूषण कम करने के लिए ​ पर जोर प्रधानमंत्री के सलाहकार तरुण कपूर की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक के बाद हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने बताया कि सरकार प्रदूषण कम करने के लिए कई बड़े कदम उठा रही है. इसके तहत सार्वजनिक परिवहन को पर्यावरण अनुकूल बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है. सरकार ईवी नीति के तहत करेगी काम सरकार का लक्ष्य वर्ष 2026 तक एनसीआर के प्रमुख शहरों में 925 इलेक्ट्रिक बसें चलाने का है. इनमें से 575 बसों के खरीद आदेश पहले ही जारी किए जा चुके हैं. गुरुग्राम, फरीदाबाद, पानीपत, करनाल, रोहतक और सोनीपत में इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग और अन्य जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी. सरकार ईवी नीति के तहत लोगों को इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए प्रोत्साहन भी दे रही है. बिना PUC वाले वाहनो की जाएगी पहचान प्रदूषण फैलाने वाले पुराने वाहनों पर भी सख्ती बढ़ाई जाएगी. सरकार ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन सिस्टम लागू कर रही है, जिससे बिना PUC वाले वाहनों की पहचान की जा सकेगी. परिवहन विभाग ने पुराने और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ रोजाना कार्रवाई करने का लक्ष्य तय किया है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नेटवर्क से कनेक्ट उद्योगों की निगरानी भी अब पहले से ज्यादा सख्त होगी. हरियाणा में 1349 उद्योगों को ऑनलाइन कंटीन्यूअस एमिशन मॉनिटरिंग सिस्टम से जोड़ा जा रहा है. इनमें से अधिकतर इकाइयों को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नेटवर्क से कनेक्ट किया जा चुका है . सरकार सितंबर 2026 तक नए उत्सर्जन मानकों को पूरी तरह लागू करने की तैयारी कर रही है . अवैध और प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों की पहचान के लिए नया सर्वे भी कराया जाएगा. सरकार का लक्ष्य वायु गुणवत्ता की निगरानी के लिए राज्य में नए एयर मॉनिटरिंग स्टेशन भी लगाए जा रहे हैं. सरकार का लक्ष्य 30 सितंबर 2026 तक सभी जरूरी स्टेशन चालू करने का है, ताकि प्रदूषण वाले क्षेत्रों की समय पर पहचान की जा सके. जीपीएस आधारित ट्रैकिंग और जियो टैगिंग व्यवस्था लागू इसके अलावा एनसीआर क्षेत्र में सड़कों के पुनर्विकास, निर्माण सामग्री और कचरा प्रबंधन पर भी काम तेज किया गया है. सरकार ने जीपीएस आधारित ट्रैकिंग और जियो टैगिंग व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं . अधिकारियों का कहना है कि सर्दियों से पहले प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े अधिकतर काम पूरे कर लिए जाएंगे, जिससे आने वाले समय में एनसीआर के लोगों को प्रदूषण से राहत मिल सके.

एक्शन मोड में दिल्ली सरकार: नियम तोड़ने वाली 800 फैक्ट्रियों पर ताला, बिना PUCC ईंधन नहीं

नई दिल्ली  दिल्ली कैबिनेट की अहम बैठक में शहर में बढ़ते प्रदूषण को कम करने और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब पर्यावरण के नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। बसों के संचालन में बदलाव पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि दिल्ली में पहले 50% बसें DIMTS (Delhi Integrated Multi-Modal Transit System) द्वारा संचालित होती थीं, जबकि बाकी 50% DTC (Delhi Transport Corporation) के नियंत्रण में थीं। अब यह जिम्मेदारी पूरी तरह से DTC के पास आ गई है। इसका उद्देश्य 'रूट रेशनलाइजेशन' यानी बसों के रूटों का बेहतर प्रबंधन करना और संचालन में सुधार लाना है। होलंबी कलां में हाईटेक ई-वेस्ट प्लांट दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक कचरे के प्रभावी प्रबंधन के लिए होलंबी कलां में एक विशाल ई-वेस्ट प्लांट लगाने का निर्णय लिया है। यह प्लांट 11.5 एकड़ में फैलेगा और 0% पानी की बर्बादी के सिद्धांत पर काम करेगा। इस पहल से राजधानी में इलेक्ट्रॉनिक अपशिष्ट का बेहतर और पर्यावरण-मित्र तरीके से प्रबंधन संभव होगा। जल निकायों का कायाकल्प दिल्ली में मौजूद 1,000 से अधिक जल निकायों में से 160 जल निकाय सीधे दिल्ली सरकार के अधीन हैं। पर्यावरण मंत्री ने बताया कि इन जल निकायों के रिजुवेनेशन के लिए सरकार ने ₹100 करोड़ का बजट मंजूर किया है। सरकार ने यह आश्वासन भी दिया कि जल निकायों को नया जीवन देने के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।   PUCC अनिवार्य, फैक्ट्रियों पर सख्ती GRAP (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) हटने के बाद भी अब दिल्ली में बिना वैध PUCC (Pollution Under Control Certificate) सर्टिफिकेट के पेट्रोल नहीं मिलेगा। 12 PUCC सेंटरों में जांच के दौरान धांधली पाई गई, जिन्हें तत्काल सस्पेंड कर दिया गया। साथ ही, प्रदूषण फैलाने वाली 800 से अधिक इंडस्ट्रीज को बंद करने का आदेश दिया गया है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) ने 411 इंडस्ट्रीज को क्लोजर नोटिस जारी किया है, जबकि नगर निगम (MCD) ने 400 को सील कर दिया है। यह कदम दिल्ली में वायु और जल प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है। इस बैठक के फैसलों से दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन, जल निकायों की सुरक्षा, इलेक्ट्रॉनिक कचरे का प्रबंधन और औद्योगिक प्रदूषण पर सख्ती सुनिश्चित होगी। सरकार ने यह संदेश भी स्पष्ट कर दिया है कि पर्यावरण और नागरिकों की सुरक्षा के मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।  

वाहन चालकों के लिए अलर्ट! दिल्ली में बिना PUCC नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल

नई दिल्ली जब भी गाड़ी चलाते हैं तो हमें सड़क एवं यातायात नियमों का पालन करना अनिवार्य होता है। अगर हम ऐसा नहीं करते हैं, तो हमारी गाड़ी का चालान कट सकता है। इसमें कई नियम होते हैं जिनका पालन करना जरूरी है। इसी क्रम में दिल्ली में आज से PUCC सर्टिफिकेट अनिवार्य होगा। अगर आपकी गाड़ी की PUCC नहीं है तो आपको दिल्ली में पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा। इसको लेकर सरकार ने न सिर्फ नियम जारी किया है बल्कि, इसका सख्ती से पालन करने को भी कहा गया है। इसलिए अगर आपकी गाड़ी की PUCC (NO PUCC NO Fuel) नहीं हुई है तो आप इसे तुरंत करवा लें। आप यहां आखिरी तारीख से लेकर नए नियम के बारे में और PUCC करवाने का तरीके के बारे में भी जान सकते हैं। अगली स्लाइड्स में आप इस बारे में सबकुछ जान सकते हैं… क्या है नया नियम?     दरअसल, अगर आप दिल्ली में रहते हैं या दिल्ली में अपनी गाड़ी लेकर जाते हैं और आप दिल्ली के पेट्रोल पंप से पेट्रोल-डीजल लेते हैं, तो आपको बिना PUCC पेट्रोल-डीजल नहीं दिया जाएगा। दिल्ली में वायु प्रदूषण को लेकर सरकार ने ये सख्त कदम उठाने का फैसला किया। बस आज और कल का समय     अगर आपकी गाड़ी PUCC सर्टिफिकेट नहीं है, तो आपके लिए आज से पेट्रोल-डीजल लेने में दिक्कत होगी। ऐसा इसलिए क्योंकि ये नया नियम दिल्ली में आज यानी 18 दिसंबर 2025 से लागू हो गया है जिसके बाद आपको बिना PUCC पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा। कैसे करवाएं PUCC? स्टेप 1     अगर आपकी गाड़ी की PUCC यानी प्रदूषण नियंत्रण (पोल्यूशन अंडर कंट्रोल) नहीं है, तो आपको अब ये करवाना अनिवार्य होगा     इसके लिए आपको सबसे पहले पेट्रोल पंप या अन्य जगहों पर बने हुए PUCC सेंटर पर जाना होगा     यहां पर जाकर आपको अपनी गाड़ी की आरसी दिखानी होती है स्टेप 2     इसके बाद आपकी आरसी से आपकी गाड़ी की जानकारी सिस्टम में फीड की जाती है     फिर आपकी गाड़ी की टेस्टिंग होती है यानी उसका प्रदूषण नियंत्रण चेक होता है     सबकुछ सही पाए जाने पर आपकी गाड़ी की PUCC कर दी जाती है जिसके लिए आपसे निर्धारित शुल्क लिया जाता है     इसके बाद आपको प्रदूषण नियंत्रण का सर्टिफिकेट दिया जाता है