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पंजाब सरकार ने लिया वापस फैसला, एफआईआर डाउनलोड पर 80 रुपये का शुल्क अब नहीं होगा

चंडीगढ़ पंजाब सांझ पोर्टल से एफआईआर डाउनलोड करने के लिए अब लोगों को कोई शुल्क नहीं देना होगा। पंजाब सरकार ने अपना फैसला वापिस ले लिया है। पहले एफआईआर डाउनलोड करने के लिए सरकार ने 80 रुपये शुल्क लगाने का फैसला लिया था। इसके बाद यह मामले हाईकोर्ट भी चला गया था।   काउंसिल ऑफ लॉयर्स के चेयरमैन एडवोकेट वासु रंजन शांडिल्य एवं नेशनल कोऑर्डिनेटर एडवोकेट अभिषेक मल्होत्रा ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करते हुए सांझ पोर्टल से एफआईआर डाउनलोड पर शुल्क लगाने को चुनौती दी थी। याचिका में नीति को रद्द करने, एफआईआर व डीडीआर की मुफ्त डिजिटल पहुंच बहाल करने और याचिकाकर्ता से अवैध रूप से वसूली गई राशि को ब्याज सहित वापस करने की मांग की गई थी। याचिका में कहा गया है कि इस प्रकार शुल्क लगाना भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 173(2) का स्पष्ट उल्लंघन है जिसमें एफआईआर की प्रति नि:शुल्क प्रदान करने का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त यह पंजाब पुलिस नियम एफआईआर की कॉपी बिना किसी शुल्क के देने की व्यवस्था करता है। याचिका में सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण निर्णय का भी हवाला दिया है, जिसमें एफआईआर की मुफ्त और आसान उपलब्धता पर जोर दिया गया था ताकि आपराधिक न्याय प्रणाली में पारदर्शिता बनी रहे। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया है कि एफआईआर तक पहुंच के लिए शुल्क लेना आम जनता के लिए एक अनुचित बाधा है और यह संविधान के तहत प्राप्त मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। याचिका में नीति को रद्द करने, एफआईआर व डीडीआर की मुफ्त डिजिटल पहुंच बहाल करने और याचिकाकर्ता से अवैध रूप से वसूली गई राशि को ब्याज सहित वापस करने की मांग की गई थी।

LPG संकट के बीच पंजाब सरकार का निर्णय, नीले कार्ड धारकों को मिलेगा फायदा

लुधियाना केंद्र की मोदी सरकार द्वारा केंद्र शासित प्रदेशों, देश के विभिन्न राज्यों सहित पंजाब में करीब 14 वर्षों के बाद कैरोसिन ऑयल (मिट्टी का तेल) का कोटा एक बार फिर से जारी कर दिया गया है। मोदी सरकार द्वारा जारी किए गए पत्र के मुताबिक पंजाबभर के राशन कार्ड होल्डरों को आने वाले दिनों में कैरोसिन ऑयल का कोटा जारी कर दिया जाएगा। ऑल इंडिया फेयर प्राइस डीलर्स फैडरेशन यूनियन के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव करमजीत सिंह अड़ेचा ने बताया कि पंजाब में वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले अकाली-भाजपा सरकार के कार्यकाल दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री स्व. प्रकाश सिंह बादल द्वारा केंद्र सरकार को लिखे गए पत्र में राज्य की जनता को एल.पी.जी, सिलैंडर की सुविधा मिलने के कारण कैरोसिन ऑयल की कोई जरूरत नहीं होने संबंधी सिफारिश की गई थी जिसके चलते साल 2012 में केंद्र सरकार द्वारा पंजाबभर में चलने वाले करीब 22,000 से अधिक राशन डिपुओं पर जरूरतमंद परिवारों को मिलने वाले कैरोसिन ऑयल की सप्लाई पूर्ण तौर पर बंद कर दी गई थी। वहीं मौजूदा समय दौरान पंजाब में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए अमरीका और इसराईल द्वारा ईरान सहित दर्जनों खाड़ी देशों पर किए गए हमलों के कारण कमर्शियल एवं घरेलू गैस सिलैंडरों के छाए गंभीर संकट को देखते हुए केंद्र की मोदी सरकार द्वारा लिए गए एक अहम फैसले के दौरान केंद्र सरकार द्वारा कैरोसिन ऑयल का कोटा फिर से जारी कर दिया गया है जिससे पंजाबभर के राशन डिपो होल्डरों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है। उन्होंने कहा आने वाले दिनों में पंजाब भर के राशन डिपुओ पर प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना से जुड़े करीब 38 लाख परिवारों से संबंधित 1.57 करोड़ लोगों को फिर से कैरोसिन ऑयल का कोटा मिलने की संभावना बन गई है। राशन कार्ड में दर्ज प्रत्येक मैंबर को प्रति 3 महीने के बाद 5 लीटर मिट्टी का तेल मिल सकता है।

पंजाब सरकार ने की भारत-अमेरिका व्यापार पर केंद्र की आलोचना

चंडीगढ़. भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ पंजाब विधानसभा में कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां द्वारा लाए गए निंदा प्रस्ताव पर कांग्रेस व शिअद भी साथ दिखे। नेता विपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने निंदा प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि पंजाब सरकार को समझौते के खिलाफ मजबूती के साथ खड़ा होना चाहिए। कांग्रेस समर्थन करेगी। उन्होंने कहा कि हमारे यहां छोटे किसान है, जबकि अमेरिका में एक किसान के पास 50 से लेकर 200 एकड़ जमीन है। अमेरिका साढ़े चार से पांच लाख करोड़ रुपये तक किसानों को सब्सिडी देता है। वहां पर फसलों का 100 प्रतिशत बीमा है, जबकि हमारे ऐसा कुछ नहीं। कांग्रेस के विधायक राणा गुरजीत सिंह ने भी निंदा प्रस्ताव का समर्थन तो किया लेकिन साथ ही कहा कि सरकार का काम इलाज करना होता है। समझौते का असर कैटल फीड बनाने वाली इंडस्ट्री पर भी पड़ेगा। अभी पंजाब में बने कैटल फीड की मांग दक्षिण भारत में भी है, लेकिन इस समझौते से नुकसान होगा। समझौते से किसानों का भविष्य दांव पर: चीमा वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने बजट बहस में हिस्सा लेते हुए कहा कि व्यापार समझौते से किसानों का भविष्य दांव पर लग जाएगा। इससे भारतीय कृषि को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ देश के किसानों को अनुचित वैश्विक प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि 2024 में भारत के साथ अमेरिका के कृषि व्यापार में 1.3 बिलियन डॉलर का घाटा हुआ था। भारत की बढ़ती आबादी अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार है और आज का समझौता इस घाटे को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगा। वित्त मंत्री ने भाजपा नेतृत्व के रुख पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “केंद्र सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह भारत के लोगों के हितों से अधिक विदेशी कॉरपोरेट के हितों को प्राथमिकता दे रही है।" कृषि अर्थव्यवस्था कमजोर हो सकती है: भुल्लर कैबिनेट मंत्री लालजीत भुल्लर ने प्रस्तावित समझौता पंजाब की कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका से सब्सिडी वाले कृषि उत्पादों के बड़े पैमाने पर आयात की अनुमति दी गई तो इससे राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था कमजोर हो सकती है।

एग्जाम टाइम में टीचर्स की मुश्किलें बढ़ीं: पंजाब सरकार के नए आदेश से बढ़ी जिम्मेदारी

लुधियाना आम आदमी पार्टी की राज्य सरकार 2022 में मुख्य रूप से तीन गारंटी – शिक्षा, स्वास्थ्य और नशा खत्म करने के वादों के साथ सत्ता में आई थी, जिसमें से सरकार चार साल बाद भी फेल रही है। पहले, भारत के चुनाव आयोग द्वारा निर्देशित स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की तैयारी ने शिक्षक BLO को स्कूली शिक्षा से दूर रखा और अब राज्य सरकार द्वारा घोषित मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना ने हदें पार कर दी हैं और स्कूलों में चल रही परीक्षाओं के बीच लुधियाना जिले में कई शिक्षकों को इस योजना के तहत ड्यूटी पर लगा दिया गया है। इस बारे में जानकारी देते हुए संगठन के जिला अध्यक्ष रमनजीत सिंह संधू और महासचिव रूपिंदर पाल सिंह जंडियाली ने कहा कि पिछले महीने, पंजाब के मुख्यमंत्री ने राज्य के हर निवासी को 10 लाख का स्वास्थ्य बीमा देने के लिए मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना शुरू की और अपने राजनीतिक मकसद को पूरा करने के लिए लोगों से इकट्ठा किए गए टैक्स को विज्ञापनों के रूप में बर्बाद करने के अलावा, उन्होंने स्कूली शिक्षा को भी भगवान भरोसे छोड़ दिया है। मौजूदा सरकार और शिक्षा मंत्री की कई बार स्टेज से टीचरों से सिर्फ़ पढ़ाई से जुड़े काम लेने की बात एक बड़ा झूठ साबित हुई है। सरकारी स्कूलों में पिछड़े और मेहनती लोगों के बच्चे पढ़ाई के लिए टीचरों का इंतजार करते रहते हैं, लेकिन प्रशासन टीचरों को गैर-पढ़ाई वाले काम सौंप देता है। अब स्कूलों में नॉन-बोर्ड क्लास और बोर्ड क्लास के एग्जाम चल रहे हैं, इसी बीच जिला प्रशासन ने लुधियाना जिले के टीचरों की ड्यूटी मुख्यमंत्री सेहत योजना में लगा दी है। इससे पहले, पंजाब भर में लगभग 20,000 टीचर पहले से ही BLO ड्यूटी पर थे और एग्जाम की तैयारियों के दौरान लगभग डेढ़ महीने तक स्कूल से बाहर रखे गए थे। संगठन ने इन गैर-पढ़ाई वाले कामों की कड़ी निंदा की है और जोर देकर मांग की है कि पंजाब सरकार और जिला प्रशासन ऐसे कामों के लिए नई भर्तियां करें और टीचरों को छूट देने की पुरजोर मांग की है। जिला उपाध्यक्ष बलबीर सिंह बासियां, जंगपाल सिंह रायकोट, राजिंदर जंडियाली, प्रभजोत सिंह तलवंडी, नरिंदर सिंह रायकोट, अवतार सिंह खालसा, राकेश पुहीड़, 4161 मास्टर कैडर यूनियन पंजाब राज्य वित्त सचिव जसविंदर सिंह ऐतियाना, 6635 ई.टी.टी. टीचर्स यूनियन पंजाब जिला लुधियाना के अध्यक्ष परमिंदर सिंह मलौद, जिला सचिव बलजिंदर सिंह, अमरिंदर सिंह आदि ने राज्य सरकार से जोरदार अपील की कि स्कूलों में पढ़ाने के लिए भर्ती किए गए टीचरों से सिर्फ पढ़ाई का काम लिया जाए और परीक्षा के दिन लगाई गई गैर-पढ़ाई ड्यूटी से तुरंत छूट दी जाए। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना और अन्य प्रशासनिक ड्यूटी के लिए बेरोजगारों को रोजगार देने का प्रबंध किया जाए।

जनता से किया हर वादा निभाया: सीएम भगवंत मान ने पंजाब सरकार की उपलब्धियां बताईं

चंडीगढ़   पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज घोषणा की कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने अपना सबसे बड़ा चुनावी वादा पूरा कर दिया है, जिसके तहत पूरे पंजाब की महिलाओं को मासिक वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ शुरू की गई है। इस योजना के तहत महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये मिलेंगे, जबकि अनुसूचित जाति समुदाय से संबंधित महिलाओं को 1,500 रुपये मिलेंगे। इसके लिए बजट में 9,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसे महिलाओं की वित्तीय स्वतंत्रता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आप’ सरकार का ‘सारी गारंटियां पूरी’ बजट चुनावी वादों को पूरा करने के प्रति आम आदमी पार्टी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसके साथ ही बजट में राज्य भर की महिलाओं को सशक्त बनाने और हर पंजाबी परिवार को समर्थन देने के लिए मुफ्त बस यात्रा, मुफ्त बिजली और नकद रहित स्वास्थ्य सुविधाओं जैसी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। मीडिया से बातचीत में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब की माताओं, बेटियों और बहनों को बधाई देते हुए प्रार्थना की कि वे हमेशा हर क्षेत्र में सफलता की नई कहानियां लिखती रहें। उन्होंने कहा कि आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं की भलाई को केंद्र में रखकर यह बजट पेश किया गया है, जो ‘आप’ सरकार द्वारा उन्हें सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के मुख्य वादे को पूरा करता है। बजट को लोक-केंद्रित बताते हुए उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करता है कि महिलाओं और समाज के अन्य वर्गों को कल्याणकारी उपायों और सार्वजनिक सेवाओं के माध्यम से निरंतर सहायता मिलती रहे। उन्होंने कहा कि ‘आप’ सरकार ने लोगों से किया सबसे बड़ा चुनावी वादा पूरा किया है और राज्य की महिलाओं को अब ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ के तहत प्रतिमाह 1,000 रुपये मिलेंगे, जबकि अनुसूचित जाति समुदाय से संबंधित महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि महिलाओं को इस योजना के तहत आसानी से रजिस्ट्रेशन की सुविधा प्रदान करने के लिए राज्य भर में विशेष कैंप लगाए जाएंगे। पंजाब के मुख्यमंत्री ने साझा किया कि इस योजना के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया इस बैसाखी से शुरू होगी और इसे युद्ध स्तर पर लागू किया जाएगा ताकि सभी योग्य लाभार्थियों को जल्द से जल्द कवर किया जा सके। 18 वर्ष से अधिक उम्र की हर लड़की और महिला इस योजना के तहत लाभ प्राप्त करने की हकदार होगी, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य की अधिकांश महिलाएं इस योजना के दायरे में आएं। बजट को एक मील का पत्थर करार देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह लोगों की भलाई और राज्य की प्रगति के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। समाज के हर वर्ग का ध्यान रखने वाले बजट पेश करने के लिए पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा का धन्यवाद करते हुए उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक बजट नहीं है बल्कि राज्य की प्रगति और इसके लोगों की खुशहाली का हलफनामा है। पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए उन्होंने आगे कहा कि पहले के बजट अक्सर कागजी घोषणाओं तक सीमित रहते थे, जबकि लोगों को वास्तविक अर्थों में इनका कोई खास लाभ नहीं होता था। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के कार्यकाल के दौरान पेश किए गए बजट नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए ठोस नीतियां लाने की बजाय हमेशा बयानबाजी और काव्यात्मक हवाले तक सीमित रहे। ‘आप’ सरकार की व्यापक कल्याणकारी पहलों को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए विभिन्न योजनाएं लागू की जा रही हैं, जिनमें मुफ्त बस यात्रा, मुफ्त बिजली और मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत नकद रहित इलाज शामिल है। उन्होंने कहा कि नकद रहित इलाज, मुफ्त बस यात्रा, मुफ्त बिजली, प्रतिमाह 1,000 रुपये और ऐसी कई अन्य पहलें महिलाओं को सशक्त बनाते हुए समाज में उनकी भूमिका को और मजबूत करेंगी। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि सरकार के पास अपने कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए उचित वित्तीय संसाधन हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पास पैसे की कोई कमी नहीं है क्योंकि हमारे इरादे स्पष्ट और ईमानदार हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने वित्तीय प्रबंधन में सुधार करते हुए यह सुनिश्चित किया है कि सार्वजनिक फंड का उपयोग लोगों की भलाई और विकास के लिए हो। पंजाब के मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार ईमानदारी से काम कर रही है, जिसके कारण शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में बड़े सुधार देखने को मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम ईमानदारी से काम कर रहे हैं जिसके चलते पूरे राज्य में स्कूल, अस्पताल, सड़कें और आम आदमी क्लिनिक बन रहे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि सरकार ने बिजली आपूर्ति में सुधार, सिंचाई प्रणालियों को मजबूत करने और किसानों को निर्बाध और आवश्यक बिजली प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इन उद्देश्यों के लिए थर्मल पावर प्लांट खरीदे जा रहे हैं, नहरी पानी टेलों पर बसे किसानों तक पहुंच रहा है और उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचाने के लिए बिजली दरों को तर्कसंगत बनाया जा रहा है।  

Salary को लेकर पंजाब सरकार का बड़ा ऐलान, जानें किसे मिलेगा फायदा

बुढलाडा माननीय हाई कोर्ट का ऑर्डर जारी होने के 1 महीने बाद भी ETT 6635 टीचरों की सैलरी तय न होने की वजह से लगातार लेट हो रही है। सैलरी में देरी की मुख्य वजहें ब्लॉक ऑफिसों द्वारा जिला ऑफिसों के ऑर्डर को नज़रअंदाज़ करना, सही समय पर जिला ऑफिस से कोऑर्डिनेट करके सही रिपोर्ट जमा न करना भी हैं। ETT 6635 टीचर यूनियन के नेता बार-बार ब्लॉक और जिला ऑफिसों के चक्कर लगा चुके हैं। इससे पहले इस बारे में दो बार एजुकेशन डिपार्टमेंट के डायरेक्टर एलिमेंट्री एजुकेशन को मेमोरेंडम दिया जा चुका है, लेकिन 1 महीना बीत जाने के बाद भी कोई सही हल नहीं निकला है जिससे सैलरी को लेकर हलचल मच गई है। उन्होंने कहा कि छठे कमीशन के लिए लड़ाई लगातार जारी रहेगी और वह संघर्ष करते रहेंगे। इसलिए अब ईटीटी 6635 टीचर्स यूनियन स्टेट कमेटी ने ऑनलाइन मीटिंग में फैसला लिया है कि अगर 3 मार्च 2026 तक कोई सार्थक हल नहीं निकला तो 5 मार्च को डायरेक्टर एजुकेशन डिपार्टमेंट के ऑफिस के सामने बड़े लेवल पर रोष प्रदर्शन किया जाएगा। इस ऑनलाइन मीटिंग में स्टेट प्रेसिडेंट दीपक कंबोज, शलिंद्र कंबोज, कुलदीप खोखर, निर्मल जीरा, रविंदर कंबोज, राज सुखविंदर सिंह, जग्गा बोहा, मंदीप बटाला, बूटा मानसा, देस राज, सुमित कंबोज, दानिश भट्टी और दीप बनारसी नेता मौजूद थे।

ड्यूटी पर शहीद हुए 2 जवान, पंजाब सरकार ने दिया सम्मान—परिजनों के लिए 1-1 करोड़ की आर्थिक मदद

चंडीगढ़  भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के पास बीते दिन आदी चेक पोस्ट पर तैनात दो पुलिसवालों की लाशें मिलीं। बता दें कि दोनों पुलिसवालों के शरीर पर गोलियां लगीं थी। पंजाब सरकार ने इन दोनों पुलिसवालों के परिवारों को एक्स-ग्रेसिया देने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खुद X पर पोस्ट किया और लिखा कि “शहीद ASI गुरनाम सिंह और PHG अशोक कुमार की बहादुरी और सबसे बड़े बलिदान को सलाम, जिन्होंने ड्यूटी करते हुए अपनी जान दे दी। पंजाब सरकार उनके परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये की एक्स-ग्रेसिया देगी, जबकि HDFC बैंक 1-1 करोड़ रुपये की एक्स्ट्रा इंश्योरेंस रकम देगा। हम अपने शहीदों और उनके परिवारों के साथ मजबूती से खड़े हैं। उनकी कुर्बानी हम सभी को सम्मान और बहादुरी के साथ अपनी ड्यूटी करने की प्रेरणा देती है। तहरीक-ए-हिंदोस्तान संगठन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में दो पुलिसवालों की हत्या की ज़िम्मेदारी ली है; हालांकि, पुलिस ने इन दावों की पुष्टि नहीं की है।

पंजाब सरकार की नई नीति से खुश लोग, सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं सेहत और शिक्षा की सकारात्मक तस्वीरें

चंडीगढ़  पंजाब में एक नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है – आम नागरिक खुद अपने मोबाइल से सरकारी योजनाओं की तस्वीरें खींचकर सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे है। यह कोई सरकारी प्रचार नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत है। हाल ही में आम आदमी पार्टी के एक कार्यकर्ता ने इंस्टाग्राम पर “सेहत-शिक्षा हॉस्पिटल” की तस्वीर डाली, जो तेजी से वायरल हो गई। इस पोस्ट के कैप्शन में लिखा था- “मान सरकार, ये रही सिर्फ सुलतां खालदार!” यह सिर्फ एक तस्वीर नहीं, बल्कि उस बदलाव की गवाही है जो पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार जमीन पर ला रही है।  असली बात यह है कि पंजाब सरकार ने शुरू से ही एक बात साफ कर दी थी – विकास का मतलब सिर्फ बड़ी-बड़ी इमारतें या हाईवे नहीं, बल्कि आम आदमी की रोजमर्रा की ज़रूरतें है। सेहत और शिक्षा – ये दो ऐसे स्तंभ है जिन पर किसी भी इंसान का पूरा जीवन टिका होता है। मान सरकार ने इसी फॉर्मूले को अपनाया और पूरी ताकत से इन दोनों क्षेत्रों में काम शुरू किया। नतीजा यह है कि आज पंजाब के गांव-गांव, शहर-शहर में लोग महसूस कर रहे है कि सरकार उनके लिए काम कर रही है, उनकी परवाह कर रही है।  सोशल मीडिया पर आ रही प्रतिक्रियाएं इस बात का सबूत है। एक यूजर ने लिखा, “पहली बार लग रहा है कि सरकार हमारे लिए है, न कि हम सरकार के लिए।” दूसरे ने कहा, “मोहल्ला क्लीनिक में मुफ्त इलाज मिलता है, दवाइयां मिलती है। पहले तो सोच भी नहीं सकते थे।” ये टिप्पणियां दिखाती है कि जनता ने मान सरकार के इरादों को समझ लिया है। लोग जानते हैं कि यह सरकार दिखावे की नहीं, बल्कि हकीकत में बदलाव लाने वाली है। जब आम आदमी खुद सरकार के काम की तारीफ करने लगे, तो समझ जाइए कि नीतियां सही दिशा में जा रही है। पंजाब भर में फैले सैकड़ों मोहल्ला क्लीनिक इस बदलाव की पहली कड़ी है। गरीब से गरीब इंसान को अब इलाज के लिए प्राइवेट अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ते। बुखार हो, दर्द हो या कोई छोटी-मोटी बीमारी – मोहल्ले में ही सुविधा मिल जाती है। इसके साथ ही, सरकारी अस्पतालों का कायाकल्प किया जा रहा है। जर्जर इमारतों की मरम्मत, नई मशीनें, साफ-सफाई, डॉक्टरों की नियुक्ति – हर स्तर पर काम हो रहा है। यह सब इसलिए क्योंकि मान सरकार का मानना है कि स्वस्थ नागरिक ही मजबूत पंजाब बना सकते हैं। शिक्षा के मोर्चे पर भी यही कहानी है। सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ रही है क्योंकि अब वहां भी प्राइवेट स्कूलों जैसी सुविधाएं मिलने लगी हैं। कमरों की मरम्मत, स्मार्ट क्लासरूम, खेल के मैदान, शौचालय – सब कुछ दुरुस्त किया जा रहा है। शिक्षकों की कमी पूरी की जा रही है। ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ जैसी योजनाओं से गरीब बच्चों को भी अच्छी शिक्षा का मौका मिल रहा है। यह सब दिखाता है कि सरकार का फोकस क्लियर है – हर बच्चे को शिक्षा, हर इंसान को सेहत। राजनीतिक विश्लेषक मानते है कि मान सरकार की यह रणनीति गेम-चेंजर साबित हो रही है। दूसरी सरकारें अक्सर बड़े प्रोजेक्ट्स की घोषणाएं करती हैं जो जमीन पर कभी उतरते नहीं। लेकिन यहां उल्टा हो रहा है – छोटे-छोटे लेकिन जरूरी काम हो रहे है, और लोग महसूस कर रहे है। जब एक मां को अपने बच्चे के लिए मुफ्त दवाई मिलती है, जब एक गरीब किसान के बेटे को सरकारी स्कूल में अच्छी शिक्षा मिलती है – तब विश्वास बनता है। और यही विश्वास आज पंजाब में दिख रहा है। सबसे बड़ी बात यह है कि जनता सब देख रही है, समझ रही है। सोशल मीडिया के जमाने में कोई काम छिपा नहीं रह सकता। लोग खुद मॉनिटर कर रहे है कि उनके इलाके में क्या हो रहा है। जब अच्छा काम होता है तो तारीफ करते है, जब कमी दिखती है तो आवाज उठाते है। यह स्वस्थ लोकतंत्र की निशानी है। और पंजाब सरकार इस परीक्षा में खरी उतर रही है क्योंकि उसका एजेंडा साफ है – जनता की भलाई। आम आदमी पार्टी के नेताओं का कहना है कि यह तो बस शुरुआत है। आने वाले समय में सेहत और शिक्षा के क्षेत्र में और भी बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। लेकिन फिलहाल जो हो रहा है, वह काफी है लोगों को यकीन दिलाने के लिए कि यह सरकार उनकी है, उनके लिए है। जब एक आम कार्यकर्ता अपने इलाके के अस्पताल की तस्वीर गर्व से शेयर करता है, तो यह सिर्फ एक पोस्ट नहीं होती – यह उम्मीद का संदेश होता है। पंजाब की जनता ने मान सरकार को पहचान लिया है, और वह जानती है कि यह विकास हकीकत में हो रहा है।

शहीद सैनिकों के परिवारों को पंजाब सरकार से बड़ी राहत, 10 परिवारों को मिले सरकारी नौकरी के अवसर

चंडीगढ़   वर्ष 2025 के दौरान पंजाब का रक्षा सेवाएं कल्याण विभाग शहीद सैनिकों के परिवारों, पूर्व सैनिकों, विधवाओं तथा दिव्यांग सैनिकों के कल्याण के लिए पूरी तरह समर्पित रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार तथा कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत के निर्देशों के तहत इस वर्ष रक्षा सेवाएं कल्याण विभाग द्वारा पूर्व सैनिकों की भलाई के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। जिम्मेदारी निभा रही पंजाब सरकार इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा करते हुए रक्षा सेवाएं कल्याण मंत्री मोहिंदर भगत ने कहा कि पंजाब सरकार देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले राज्य के सैनिकों के परिवारों के प्रति अपनी जिम्मेदारी को पूरी संवेदनशीलता और सम्मान के साथ निभा रही है। शहीद सैनिकों के आश्रितों को सरकारी नौकरी उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 के दौरान 10 शहीद सैनिकों के आश्रितों को पंजाब सरकार के विभिन्न विभागों में सम्मान और कृतज्ञता की नीति के तहत सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। मंत्री ने कहा कि कारगिल दिवस के अवसर पर ऑपरेशन विजय के दौरान शहीद हुए 65 सैनिकों के परिजनों को सम्मानित कर उनकी शहादत और देश सेवा को स्मरण किया गया। राज्य सरकार के अहम कदम उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा शहीद सैनिकों के परिवारों और दिव्यांग सैनिकों को एक्स-ग्रेशिया अनुदान के रूप में 3.66 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। भगत ने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष के दौरान शहीद सैनिकों के परिवारों, गैलेंट्री पुरस्कार विजेताओं तथा पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 63.22 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है। कार्यालयों में 15-दिवसीय सहायता शिविर मंत्री ने कहा कि पूर्व सैनिकों और विधवाओं की पेंशन ‘स्पर्श’ पोर्टल के माध्यम से पारदर्शी ढंग से जारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि पेंशन से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए पंजाब के सभी जिला रक्षा सेवाएं कार्यालयों में 15-दिवसीय सहायता शिविर भी लगाए गए हैं। सैनिकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध सरकार इसके अतिरिक्त उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने 10 दिव्यांग सैनिकों को इलेक्ट्रिक तीन-पहिया स्कूटर वितरित किए गए हैं, ताकि उनकी आवाजाही और जीवन को सरल बनाया जा सके। मंत्री भगत ने दोहराया कि पंजाब सरकार शहीदों के परिवारों और पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में और भी नई योजनाएं लागू की जाएंगी।

पंजाब कैबिनेट का बड़ा फैसला: होशियारपुर में नई सब तहसील और बनूड़ को मिलेगा अपग्रेड status

 चंडीगढ़  सीएम भगवंत मान कैबिनेट में आज होशियारपुर को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। होशियारपुर में नई तहसील होशियारपुर बनाने का निर्णय लिया गया है।पंजाब सरकार की कैबिनेट मीटिंग मुख्यमंत्री भगवंत मान के सरकारी निवास पर हुई। मीटिंग में फैसला लिया गया कि बनूड़ सब तहसील को अपग्रेड किया जाएगा। जबकि होशियारपुर में नई तहसील होशियारपुर बनाई गई। इसके अलावा मेरा घर मेरे नाम स्कीम को तेजी से लागू किया जाएगा। यह जानकारी मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। उन्होंने बताया कि बनूड़ सब-तहसील मोहाली में आती है।बहुत लंबे समय से लोगों की मांग थी कि तहसील छोटी है और इसे अपग्रेड किया जाए। क्योंकि लोगों को अपने काम करवाने में दिक्कत आती थी। अब इसे अपग्रेड किया जाएगा। इसमें दो कानूनगो, 14 पटवार सर्किल और 40 गांव शामिल होंगे।इसके साथ ही होशियारपुर जिले में तहसील हरियाणा बनाने का फैसला लिया गया। इसमें 12 पटवार सर्किल, दो कानूनगो सर्किल और 50 गांव शामिल किए गए हैं। वहीं, भू-राजस्व एक्ट 1888 में संशोधन किया गया है। रिकॉर्ड कंप्यूटर में रखा जाएगा। मेरा घर, मेरा नाम को तेजी से लागू करने की मंजूरी दी गई है। इसमें संशोधन भी किया गया। कल मनरेगा स्कीम को लेकर होगा सेशन हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि मनरेगा स्कीम का नाम बदलने और उसमें लगाई गई शर्तों के खिलाफ कल विधानसभा का स्पेशल सेशन बुलाया गया है। केंद्र की बीजेपी सरकार और प्रधानमंत्री साहब की नीतियों से गरीब लोग उलझन में आ गए है। कल 30 तारीख को विधानसभा में केंद्र सरकार से मांग करेंगे कि जैसे स्कीम चलती थी, वैसे ही चलती रहे। बीजेपी सरकार पंजाब और राज्य के लोगों के साथ भेदभाव करती है। जो गरीब लोग मजदूरी कर अपना परिवार पाल रहे थे, उनका रोजगार छीनने की कोशिश की जा रही है। 20 दिसंबर की मीटिंग में हुए थे चार फैसले इससे 20 दिसंबर को पंजाब सरकार कैबिनेट मीटिंग हुई थी। इस मीटिंग में मुख्य फैसला लिया गया था कि केंद्र सरकार के VB-G RAM G Bill 2025 (जो MGNREGA को प्रभावित करने वाला प्रस्तावित बिल है) के खिलाफ विधानसभा का विशेष सत्र 30 दिसंबर 2025 को बुलाया जाए, ताकि इसके विरोध में प्रस्ताव पारित किया जा सके। यह मीटिंग मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई थी। इसके अलावा कैबिनेट की मीटिंग में 4 अहम फैसले और भी लिए गए । इनमें रिकार्ड ऑफ राइट्स एक्ट, लोकल बॉडी विभाग और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस शामिल है। अब लोगों को इन तीनों मामलों से जुड़ी शिकायतों का जल्द निस्तारण और लाभ मिल सकेगा। इसके अलावा बठिंडा में थर्मल प्लांट की 30 एकड़ जमीन बस स्टैंड बनाने के लिए दी गई थी। वित्तमंत्री चीमा ने कहा कि अब यह बस स्टैंड 10 एकड़ में बनेगा।