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यात्रियों की भीड़ को काबू में रखने की तैयारी! 76 स्टेशनों पर बनेगा ‘होल्डिंग एरिया’

नई दिल्ली  रेल यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेल मंत्रालय ने देशभर के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर 'पैसेंजर होल्डिंग एरिया' विकसित करने की योजना को मंजूरी दे दी है। यह फैसला नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर इस व्यवस्था की शानदार सफलता के बाद लिया गया है। नई दिल्ली स्टेशन पर दीपावली और छठ जैसे त्योहारों के दौरान यात्रियों की भारी भीड़ को संभालने में यह सुविधा बेहद कारगर साबित हुई थी। सिर्फ चार महीने में तैयार हुआ यह होल्डिंग एरिया यात्रियों के लिए एक बड़ा राहत केंद्र बना, जिससे प्लेटफॉर्म और ट्रेनों पर भीड़ को नियंत्रित करना आसान हो गया। अब इसी मॉडल को देश के अन्य बड़े स्टेशनों पर लागू किया जाएगा। रेल मंत्री ने निर्देश दिया है कि सभी होल्डिंग एरिया 2026 के त्योहारी सीजन से पहले तैयार हो जाने चाहिए। रेल मंत्रालय के अनुसार, इन नए होल्डिंग एरियाज का डिजाइन मॉड्यूलर होगा, यानी इन्हें स्थानीय परिस्थितियों के हिसाब से बनाया जाएगा। इससे अलग-अलग शहरों के तापमान, भीड़भाड़ और स्पेस के अनुसार सुविधाएं तैयार की जा सकेंगी। इस योजना के तहत देश के 76 प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर होल्डिंग एरिया विकसित किए जाएंगे। इन स्टेशनों का चयन विभिन्न जोनल रेलवेज के आधार पर किया गया है। सेंट्रल रेलवे जोन में मुंबई सीएसएमटी, लोकमान्य तिलक टर्मिनस, नागपुर, नासिक रोड, पुणे और दादर, कुल 6 स्टेशन हैं। ईस्टर्न रेलवे में हावड़ा, सियालदह, आसनसोल, भागलपुर,जसीडीह जंक्शन कुल 5 स्टेशन हैं। ईस्ट सेंट्रल रेलवे में पटना, दानापुर, गया, दरभंगा, मुजफ्फरपुर और पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (कुल 6 स्टेशन) शामिल हैं। ईस्ट कोस्ट रेलवे में भुवनेश्वर, पुरी और विशाखापत्तनम के 3 स्टेशन, नॉर्दर्न रेलवे में नई दिल्ली, आनंद विहार, निजामुद्दीन, दिल्ली, गाजियाबाद, जम्मू तवी, कटरा, लुधियाना, लखनऊ (एनआर), वाराणसी, अयोध्या धाम और हरिद्वार के 12 स्टेशन और नॉर्थ सेंट्रल रेलवे में कानपुर, झांसी, मथुरा और आगरा कैंट (4 स्टेशन) शामिल हैं। वहीं, नॉर्थ ईस्टर्न रेलवे में गोरखपुर, बनारस, छपरा और लखनऊ जंक्शन (एनईआर) 4 स्टेशन, नॉर्थ ईस्ट फ्रंटियर रेलवे में गुवाहाटी और कटिहार, नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे में जयपुर, गांधी नगर जयपुर, अजमेर, जोधपुर और रिंगस के 5 स्टेशन और साउदर्न रेलवे में चेन्नई सेंट्रल, चेन्नई एग्मोर, कोयंबटूर, एर्नाकुलम जंक्शन (4 स्टेशन) शामिल हैं। साउथ सेंट्रल रेलवे में सिकंदराबाद, विजयवाड़ा, तिरुपति, गुंटूर, काचीगुड़ा और राजमुंद्री (6 स्टेशन), साउथ ईस्टर्न रेलवे में रांची, टाटा और शालीमार के 3 स्टेशन, साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे में रायपुर का 1 स्टेशन, साउथ वेस्टर्न रेलवे में बेंगलुरु, यशवंतपुर, मैसूर और कृष्णराजपुरम के 4 स्टेशन, वेस्टर्न रेलवे में मुंबई सेंट्रल, बांद्रा टर्मिनस, उधना, सूरत, अहमदाबाद, उज्जैन, वडोदरा और सीहोर के 8 स्टेशन, वेस्ट सेंट्रल रेलवे में भोपाल, जबलपुर और कोटा के 3 स्टेशन शामिल हैं।

देशभर में ताज़ा फल पहुंचाने को रेल मंत्रालय का बड़ा कदम, फेडरेशन ने जताया आभार

सोपोर  ट्रेडर्स फेडरेशन सोपोर के अध्यक्ष ने कश्मीर से दिल्ली तक ताजा फलों की ढुलाई के लिए दो विशेष रेलगाड़ियाँ शुरू करने के सरकारी फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने इसे एक सही समय पर लिया गया फैसला बताया, जो फल उगाने वाले किसानों और व्यापारियों के लिए राहत की बात है। उन्होंने कहा कि इससे कश्मीर की अर्थव्यवस्था को भी सहारा मिलेगा, जो मुख्य रूप से बागवानी (फल उत्पादन) और पर्यटन पर निर्भर है। मीडिया से बात करते हुए अध्यक्ष ने कहा, "हमारी पूरी अर्थव्यवस्था दो चीज़ों पर टिकी है – पर्यटन और फल उद्योग। हाल ही में कुछ इलाकों में बाढ़ आई और सड़कों का संपर्क टूट गया, जिससे श्रीनगर-जम्मू हाईवे पर गाड़ियां फंस गईं। ऐसे में फल देर से मंडी तक पहुंचते हैं, जिससे किसानों को बहुत नुकसान होता है। ऐसे समय पर यह रेल सेवा एक बड़ी राहत है।" उन्होंने माननीय रेल, सूचना एवं प्रसारण, और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव का धन्यवाद करते हुए कहा क "कश्मीर से दिल्ली तक ताज़ा फलों की ढुलाई के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाने का निर्णय सराहनीय है। इससे फल समय पर मंडी तक पहुंचेंगे और किसानों को फायदा मिलेगा। यह कश्मीर की पूरी अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगा।" अध्यक्ष ने आगे कहा कि इस तरह के कदमों से व्यापारियों और किसानों का भरोसा बढ़ेगा। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह आगे भी व्यापारियों के हित में फैसले लेते रहे, ताकि किसानों की आमदनी सुरक्षित रहे और कश्मीर की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी रहे।