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भारी बारिश के चलते जबलपुर के कई जिलों में स्कूलों की छुट्टी घोषित, बालाघाट के कई गांवों का मुख्यालय से सड़क संपर्क टूटा

 जबलपुर  मध्यप्रदेश के महाकौशल अंचल में 4 दिन से लगातार भारी बारिश हो रही है. जिसके चलते जिले बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. लगातार हो रही बारिश के कारण रेड अलर्ट जारी किया गया है.जबलपुर जिले लगातार हो रही बारिश और बरगी बांध के गेट खोले जाने के बाद नर्मदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. गौरीघाट की सड़कों तक पानी आ चुका है. जबकि नरसिंहपुर, नर्मदापुरम सहित कई जिलों के घाट डूब चुके हैं.भारी बारिश को देखते हुए जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना ने आज और कल सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है. जबलपुर में लगातार हो रही बारिश के कारण जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। इसी बीच मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे के दौरान भारी बारिश की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग की ओर से अलर्ट जारी करने के बाद जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना ने आदेश जारी कर अगले दो दिन 7 और 8 जुलाई को जिले के सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित की है। जबलपुर व जबलपुर के आसपास के जिलों में लगातार हो रही बारिश से नर्मदा नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है। जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना ने जो आदेश जारी किया है उसमें लिखा है- जिला जबलपुर में पिछले 48 घंटों से लगातार अतिवृष्टिजारी है तथा मौसम विभाग ने आगामी 48 घंटों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। अत: विद्यार्थियों को होने वाली परेशानी, जोखिम एवं छात्र-छात्राओं के हित को देखते हुए दिनांक 7 व 8 जुलाई 2025 को जिले के संचालित समस्त शासकीय, अशासकीय मान्यता प्राप्त, सीबीएसई, आईसीएसई, नवोदय विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोषित जाता है। ये आदेश तत्काल प्रभावशील होगा। बरगी डैम के गेट खुले मंडला, डिंडौरी, जबलपुर आदि जिलों में हो रही लगातार बारिश के कारण नर्मदा नदी उफान पर आ गई है। नर्मदा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है और तेजी से नदी में बढ़ रहे पानी के कारण रविवार को जबलपुर में बरगी बांध के 9 गेट खोले गए हैं। बरगी बांध के गेट खोले जाने से नर्मदा का जलस्तर निचले इलाकों में और तेजी से बढ़ेगा जिसे देखते हुए जिला प्रशासन के साथ ही बरगी बांध प्रबंधन ने भी नर्मदा से सटे इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है। मंडला और डिंडोरी में लगातार हो रही बारिश के कारण रविवार दोपहर को बरगी बांध के 21 में से 9 गेटों को खोल दिया गया. जिससे करीब 52 हजार क्यूसेक पानी को छोड़ा जा रहा है.बरगी डैम के नौ गेट खुलने के बाद फैमिली सहित टूरिस्ट इस विहंगम नजारे को देखने के लिए पहुंच रहे हैं और यादों को संजोने सेल्फी ले रहे हैं. टूरिस्ट पंकज पटेल ने बताया काफी दिनों से गेट खुलने का इंतजार था,       

शिवपुरी में तेज बारिश का कहर, कई गांव जलमग्न, रपटे में बाइक बही, हर्रई में पार्वती नदी का कहर

शिवपुरी  शिवपुरी में हो रही झमाझम बारिश के बाद शहरी क्षेत्र के इलाकों व कॉलोनियों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति निर्मित हो गई है। शिवपुरी शहर के नमो नगर, कमला हेरिटेज होटल के आगे रेलवे स्टेशन रोड, यहां पास स्थित पुलिस लाइन कॉलोनी, रामबाग कॉलोनी, सर्किट हाउस रोड, पीएस होटल के पास कॉलोनी, वार्ड क्रमांक एक बछोरा, वार्ड एक में ही तुलसी कॉलोनी आदि स्थान पर जलभराव और बाढ़ जैसे हालात हैं। शनिवार को सुबह जब यहां पर लोग उठे तो बारिश के बाद जलभराव की स्थिति देख हैरान रह गए। नमोनगर में तो हालत और भी ज्यादा परेशान करने वाले हैं। यहां पर कॉलोनी में तीन से चार फिट पानी ऊपर तक रहा। रात को तीन से चार घंटे तक तेज बारिश हुई इसके कारण यह स्थिति बनी। नालों पर अतिक्रमण शिवपुरी शहर में पानी निकासी के लिए बनाए गए नालों पर अतिक्रमण किए जाने के कारण यह स्थिति बनी है। शहर में अतिक्रमण की चपेट में आए नालों पर पानी निकलने के कोई साधन नहीं है। इसके अलावा शहरी क्षेत्र के आसपास के खेतों में अवैध कॉलोनी काटने के कारण लोग बारिश के बाद परेशानी के हालात में पहुंच गए हैं। जिला प्रशासन की नगर पालिका और अन्य प्रशासनिक अफसरों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। गांवों में भी भरा पानी शिवपुरी जिले में दो दिन से हो रही बारिश के बाद ग्रामीण इलाकों में भी बाढ़ जैसे हालात बन गए। जिले के बैराढ़, कोलारस, बदरवास आदि स्थानों पर भी गई गांव पानी से लबालब हो गए। जिले के कोलारस जनपद के लुकवासा से सेवन बसाई सोनपुरा होते हुए राजस्थान बॉर्डर तक जोड़ने वाली सड़क पानी में डूब गई। ग्रामीणों ने बताया कि यहां पर रोड तो बनाई लेकिन विभाग पुल बनना भूल गया। इसके कारण 15 से 20 गांवों के लोग परेशान हैं। ग्रामीण जोखिमपूर्ण तरीके से पानी से भरी पुलिया से टैक्टर निकाल रहा है। वहीं जिले के बैराड़ के ग्राम जोराई में बाढ़ जैसे हालात बन गए यहां पर एक गाड़ी पानी में डूब गई। वहीं कुंवरपुर गांव में भी नाले पर पानी का बहाव तेज देखा गया। सिंध नदी उफान पर है वहीं दूसरी ओर जिले से निकली सिंध नदी उफान पर है। जिले के कोलारस, बदरवास व देहरदा सहित अन्य इलाकों में निकली सिंध नदी में बारिश के बाद पानी का लेवल बढ़ा है। इसके कारण कई जगह पर जलभराव व नालों पर रपटों पर पानी का लेवल बढ़ गया है। इसके कारण कई ग्रामों में लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है।

महाकौशल में भारी बारिश का कहर, कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त, स्कूलों की छुट्टी घोषित

मंडला/डिंडोरी.  मानसून के सक्रिय होने के कारण महाकौशल के जिलों में बारिश का कहर जारी है। मौसम विभाग ने महाकौशल के जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है। नर्मदा सहित कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। मंडला और डिंडोरी में बारिश के कारण स्कूलों में 5 जुलाई तक अवकाश घोषित कर दिया गया है। नदी के पुलों में पानी होने के कारण कई जिलों के बीच सड़क संपर्क टूट गया है। बाढ़ से कई हाईवे में यातायात ठप डिंडोरी जिले के गोरखपुर कस्बे के पास सिवनी नदी का पुल डूबने से जाने के कारण जबलपुर-अमरकंटक नेशनल हाईवे बंद हो गया है। खरमेर नदी के बढ़े जलस्तर के कारण अमरपुर जनपद का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। सुरक्षा की दृष्टि से पुल पर पुलिसकर्मी तैनात किया गया है। थावर नदी उफान पर है और पानी पुल के उपर पहुंच गया है। जिससे कारण पिंडरई से केवलारी मार्ग पर आवागमन बंद है। जिला अस्पताल और घर में घुसा पानी बारिश के कारण शहर की सड़कें तालाब में तब्दील हो गयी है। बारिश का पानी लोगों के घरों में घुस गया। अस्पताल परिसर में घुटने तक पानी भरने से परेशानी हो रही है। नगर पालिका कर्मचारी जेसीबी मशीन का उपयोग कर पानी निकाल रहे हैं। औसत से दोगुनी बारिश मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में 118.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। डिंडौरी में सर्वाधिक 34.2 मिलीमीटर और समनापुर में न्यूनतम 1.4 मिलीमीटर वर्षा हुई। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष दोगुनी बारिश हुई है। इस साल बारिष का आंकडा 1633 मिलीमीटर पहुंच गया है। पिछले वर्ष आज के दिन तक बारिष का आंकडा आंकड़ा 822 मिलीमीटर था। बारिश से जनजीवन प्रभावित जबलपुर-मंडला में बारिश के कहर से लोगों को जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। जिले के कई गांव में पानी भरने के कारण लोग वोट के माध्यम से सुरक्षित स्थानों में पहुंचाया गया। नदियों के पुल में पानी होने कारण कई मार्ग में आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया है। 250 ग्रामीण को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जिला पंचायत मंडला के सीईओ श्रेयांस कुमट ने बताया कि गांवों में बारिश का भारी भर पर ग्रामीणों की सुरक्षा का ध्यान रखा गया। सुरक्षा की दृष्टि से दस गांव के ढाई सौ से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थान में पहुंच गया है। लोगों के लिए पंचायत भवन में पुनर्वास केन्द्र बनाये गये थे। प्रशासन के दौरान उनके भोजन की व्यवस्था की गई। इसके अलावा तीन स्थानों में वोट के माध्यम से रेस्क्यू कर लोगों को सुरक्षित स्थान में पहुंचाया गया। कागज की तरह बहे ट्रक जिले की कई छोटी नदियों और नालों का पानी पुलिया पुल के ऊपर पहुंच गया था। सुरक्षा की दृष्टि से ऐसे स्थानों पर यातायात प्रतिबंधित कर दिया गया था। इसके अलावा बैरिकेट लगाते हुए प्रशासन और पुलिस के कर्मचारियों को तैनात किया गया था। जिले में भारी बारिश के चलते बरेला-पड़रिया रोड पर सलैया गांव के पास हिरन नदी की बाढ़ में गैस सिलेंडर से भरा ट्रक और भूसे से भरा ट्रक बह गए। सड़क के नीचे से बह गयी जमीन सीईओ ने बताया कि निवास-मार्ग में बारिश के कारण सड़क के नीचे की जमीन बह गयी थी। जिसके कारण की-रिंग जैसी स्थिति निर्मित हो गयी थी। सुरक्षा की दृष्टि से उक्त मार्ग में यातायात प्रतिबंधित कर दिया गया था। पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों ने जाकर सड़क का निरीक्षण किया गया। सड़क के मरम्मत का कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जायेगा।  

MP के 31 जिलों में आज और कल भारी बारिश के आसार, जबलपुर-अमरकंटक नेशनल हाईवे बंद, नर्मदा नदी में मंदिर डूबा

भोपाल  मध्यप्रदेश में बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव है। इस वजह से कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। टीकमगढ़ में गुरुवार रात 12 बजे से सुबह 7:30 बजे तक भारी बारिश हुई। करीब 8 घंटे में 6 इंच पानी गिर गया। शुक्रवार सुबह जब लोगों की नींद खुली तो घरों में पानी भर गया था।  डिंडौरी में 24 घंटे में 7 इंच बारिश हुई है, यहां सड़कों पर दो फीट से ज्यादा पानी भरा हुआ है। सिवनी नदी का पानी पुल पर आने से जबलपुर-अमरकंटक नेशनल हाईवे बंद हो गया है। जिले में नर्मदा नदी में मंदिर डूब गया। वहीं, गुना में शुक्रवार अलसुबह हुई तेज बारिश के बाद कई इलाकों में पानी भर गया। सड़कें तालाब बन गईं। एबी रोड पर तीन फीट तक जमा है। यहां गाड़ियां भी डूब गई हैं। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को जबलपुर, मंडला, डिंडौरी, बालाघाट, श्योपुर, शिवपुरी और गुना में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। अगले 24 घंटे में यहां 8 इंच तक पानी गिर सकता है। वहीं, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, विदिशा, रायसेन, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, सागर, दमोह, राजगढ़, अशोकनगर, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, कटनी, मैहर, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर में भारी बारिश हो सकती है। बाकी जिलों में भी बारिश का दौर बना रहेगा। मानसूनी द्रोणिका मध्य प्रदेश से होकर गुजर रही है। अलग-अलग स्थानों पर चार मौसम प्रणालियां भी सक्रिय हैं। इस वजह से अधिकतर जिलों में रुक-रुककर हल्की से मध्यम स्तर की बारिश (Rain in Madhya Pradesh) हो रही है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, शुक्रवार-शनिवार को ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा, शहडोल और जबलपुर संभाग के जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। शेष क्षेत्रों में भी बौछारें पड़ने के असार हैं। ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, दतिया, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सागर, छतरपुर, दमोह, पन्ना, टीकमगढ़, निवाड़ी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी में आज और कल भारी आरिश के आसार हैं। एमपी के उत्तरी क्षेत्र में हो रही अच्छी बारिश उत्तर-पूर्वी अरब सागर से बंगाल की खाड़ी तक एक द्रोणिका बनी हुई है, जो गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल एवं उससे लगे उत्तरी ओडिशा पर बने चक्रवात से होकर जा रही है। मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि मौजूदा मौसम प्रणालियों के प्रभाव से मध्य प्रदेश के उत्तरी क्षेत्र में ही अच्छी बारिश हो रही है। गुरुवार को सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक रीवा में 23, खजुराहो में 21, दतिया में 19, मंडला में 16, मलाजखंड में 14, शिवपुरी में 12, दमोह में नौ, उमरिया में पांच, इंदौर एवं जबलपुर में चार, सीधी में दो और भोपाल में एक मिलीमीटर बारिश हुई। श्योपुर और खजुराहो के ऊपर बनी है मानसून द्रोणिका मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक, मानसून द्रोणिका वर्तमान में बीकानेर, श्योपुर, खजुराहो, डाल्टनगंज, दीघा से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। पश्चिमी राजस्थान के मध्य में हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात सक्रिय है। पश्चिम बंगाल और उससे लगे उत्तरी ओडिशा पर भी हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात है, जो दक्षिण-पश्चिम की तरफ झुका हुआ है।

MP के 17 जिलों में आज भारी बारिश का अनुमान, भोपाल-इंदौर में बारिश का यलो अलर्ट

भोपाल   मध्यप्रदेश में झमाझम पानी बरस रहा है। 1 जून से अब तक 51% ज्यादा बारिश हो चुकी है। 147.7 मिमी पानी गिरना था लेकिन 222.6 मिमी वर्षा हुई। ग्वालियर, मुरैना, निवाड़ी, श्योपुर सहित 12 जिलों में 200 फीसदी से ज्यादा बरसात हो चुकी है। मौसम विभाग ने गुरुवार (3 जुलाई) को जबलपुर, सागर, रीवा और शहडोल सहित 17 जिलों भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। अगले 4 दिन तक MP में तेज बारिश की संभावना है। 5 और 6 जुलाई को सभी जिले तरबतर हो जाएंगे। मौसम विभाग के अनुसार, जिन जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट है, उनमें पन्ना, दमोह, मैहर और कटनी शामिल हैं। यहां 24 घंटे में 8 इंच तक पानी गिर सकता है। श्योपुर, शिवपुरी, भिंड, गुना, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, जबलपुर, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया, शहडोल, सीधी, मऊगंज, रीवा और सतना में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। आज इन जिलों में झमाझम बरसेगा पानी मौसम विभाग ने गुरुवार को पन्ना, दमोह, मैहर और कटनी में अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। श्योपुर, शिवपुरी, भिंड, गुना, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, जबलपुर, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया, शहडोल, सीधी, मऊगंज, रीवा और सतना में भारी बारिश की संभावना है। भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन समेत बाकी के जिलों में बारिश का यलो अलर्ट है। कल इन जिलों में बारिश का अलर्ट मौसम वैज्ञानित के मुताबिक, मध्यप्रदेश में 2 ट्रफ गुजर रही है। इसलिए सूबे में तेज बारिश का दौर चल रहा है। अगले 4 दिन तक ऐसा की मौसम रहेगा। 5 और 6 जुलाई को सभी जिले तरबतर हो जाएंगे। 4 जुलाई को अशोकनगर, विदिशा, सागर, दमोह और पन्ना में अति भारी बारिश हो सकती है। श्योपुर, शिवपुरी, गुना, राजगढ़, भोपाल, रायसेन, नर्मदापुरम, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर में भारी बारिश हो सकती है। इस वजह से हो रही प्रदेश भर में तेज बारिश प्रदेश से 2 टर्फ गुजर रही है। इनमें से एक मानसून टर्फ है। इस वजह से पूरे प्रदेश में तेज बारिश का दौर चल रहा है। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि अगले 4 दिन तक पूरे प्रदेश में तेज बारिश होने की संभावना है। 5 और 6 जुलाई को सभी जिले तरबतर हो जाएंगे। प्रदेश के 27 जिलों में हुई बारिश  इससे पहले बुधवार को पूरे प्रदेश में आंधी-बारिश का दौर रहा। 27 जिले ऐसे रहे, जहां बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, शिवपुरी, उज्जैन-रतलाम, नौगांव में आधा इंच बारिश दर्ज की गई। वहीं, बड़वानी, मऊगंज, राजगढ़, नीमच, मंदसौर, सीहोर, शहडोल, बैतूल, भोपाल, दतिया, गुना, ग्वालियर, नर्मदापुरम, इंदौर, श्योपुर, मंडला, सागर, सतना, सीधी, बालाघाट, शाजापुर, देवास, आगर-मालवा में भी दिनभर रुक-रुककर बारिश होती रही।  वहीं, टीकमगढ़ जिले में मकान गिर गया। गनीमत रही कि किसी की जान नहीं गई, क्योंकि जब मकान गिरा, तब परिवार अंदर ही सो रहा था। रतलाम के सैलाना में बांसवाड़ा रोड स्थित केदारेश्वर महादेव मंदिर का झरना बह निकला। आसपास पहाड़ियों पर हरियाली छा गई है। जो देखने लायक बन गई है। ऊंची नीची पहाड़ियों के बीच अलग अलग झरने बह रहे हैं। यहां थाने में भी पानी भर गया। भोपाल के कई इलाकों में जलभराव के हालात बन गए। बड़ा तालाब में आधा फीट पानी भर गया।  भोपाल में दीवार गिरी, टीकमगढ़ में मकान भोपाल, रायसेन, सीहोर सहित कई जिलों में बुधवार को अच्छी बारिश हुई। भोपाल के बड़ा तालाब में पानी का लेवल बढ़ गया है। सड़कों पर जलभराव था। एक मकान की दीवार ढह गई। टीकमगढ़ में मकान गिर गया। गनीमत रही कि किसी की जान नहीं गई। राजगढ़ के खिलचीपुर में गाडगंगा नदी पुल के ऊपर से बह रही है। जानिए एमपी में कैसे और कहां से आया मानसून भारत में मानसून (Monsoon) की एंट्री 24 मई को हुई। मानसून ने सबसे पहले केरल में दस्तक दी। फिर कर्नाटक पहुंचा। तमिलनाडु, गोवा, महाराष्ट्र, मिजोरम, मणिपुर, नगालैंड, आंध्र प्रदेश होते हुए 16 जून को मानसून एमपी आया। 20 जून तक मानसून ने सभी जिलों को करव कर लिया। अब पूरे सूबे में झमाझम बारिश हो रही है।

MP में आज 18 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट , 8 जिले में 8 इंच तक पानी गिर सकता है

भोपाल  राजधानी में सुबह से जोरदार बारिश तेज बारिश के चलते सड़कों पर जलजमाव MP के आधे हिस्से में भारी बारिश का अलर्ट उज्जैन समेत 18 जिलों में हैवी रेन का अलर्ट अगले 4 दिन तक स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव 8 जिलों में 24 घंटे में गिर सकते हैं 8 इंच पानी ️नीमच, मंदसौर, रतलाम, सीधी में रेड अलर्ट सिंगरौली, मंडला, डिंडौरी, बालाघाट में रेड अलर्ट उज्जैन, शाजापुर, देवास में बारिश का अनुमान ️इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में यलो अलर्ट। बुधवार को जिन आठ जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट है, उनमें नीमच, मंदसौर, रतलाम, सीधी, सिंगरौली, मंडला, डिंडौरी और बालाघाट शामिल हैं। भोपाल, उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, राजगढ़, देवास, सीहोर, विदिशा, रायसेन, शिवपुरी, निवाड़ी, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मैहर, शहडोल और अनूपपुर में भारी बारिश होने की संभावना है। इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर समेत अन्य जिलों में बारिश का यलो अलर्ट है। अगले चार दिन में और स्ट्रांग होगा सिस्टम मौसम विभाग के अनुसार, एक मानसून टर्फ एमपी के ऊपर से गुजर रही है। वहीं, एक अन्य टर्फ और एक लो प्रेशर एरिया (कम दबाव का क्षेत्र) भी एक्टिव है। इस वजह से तेज बारिश का दौर चल रहा है। यह सिस्टम और स्ट्रॉन्ग होगा। इससे अगले 4 दिन तक तेज बारिश जारी रहेगी। 5 जुलाई को सिस्टम सबसे ज्यादा स्ट्रॉन्ग रहेगा। इस दिन के लिए कुल 48 जिलों में अति भारी या भारी बारिश का अलर्ट है। बालाघाट में पौने 2 इंच बारिश  प्रदेश में मंगलवार को भी बारिश का दौर जारी रहा। राजधानी भोपाल में दोपहर में कुछ देर के लिए बारिश हुई। वहीं, बालाघाट में सबसे ज्यादा पौने 2 इंच पानी बरस गया। सीधी में सवा इंच, श्योपुर-सिवनी में 1 इंच, बैतूल, शिवपुरी-मंडला में पौन इंच और पचमढ़ी, छिंदवाड़ा-नरसिंहपुर में आधा इंच पानी गिरा। दतिया, गुना, नर्मदापुरम, छतरपुर, रायसेन, जबलपुर, रीवा, टीकमगढ़, उमरिया, मऊगंज, शाजापुर, आगर-मालवा, देवास, सीहोर समेत कई जिलों में बारिश का दौर जारी रहा। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 4 दिन तक प्रदेश में बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव रहेगा। इसकी वजह से पूरे प्रदेश में तेज बारिश का दौर चलेगा। बुधवार को जिन आठ जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट है, उनमें नीमच, मंदसौर, रतलाम, सीधी, सिंगरौली, मंडला, डिंडौरी और बालाघाट शामिल हैं। भोपाल, उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, राजगढ़, देवास, सीहोर, विदिशा, रायसेन, शिवपुरी, निवाड़ी, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मैहर, शहडोल और अनूपपुर में भारी बारिश होने की संभावना है। इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर समेत अन्य जिलों में बारिश का यलो अलर्ट है। प्रदेश में अगले चार दिन ऐसा रहेगा मौसम 2 जुलाई : नीमच, मंदसौर, रतलाम, सीधी, सिंगरौली, मंडला,डिंडौरी और बालाघाट में अति भारी बारिश का अलर्ट है। यहां अगले 24 घंटे में 8 इंच तक पानी गिर सकता है। भोपाल, उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, राजगढ़, देवास, सीहोर, विदिशा, रायसेन, शिवपुरी, निवाड़ी, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मैहर, शहडोल और अनूपपुर में भारी बारिश होने की संभावना है। इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर समेत अन्य जिलों में बारिश का यलो अलर्ट है। 3 जुलाई : सिंगरौली में अति भारी बारिश हो सकती है। ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, गुना, विदिशा, नीमच, छतरपुर, दमोह, जबलपुर, पन्ना, सतना, रीवा, सीधी, कटनी, उमरिया, शहडोल, मंडला और अनूपपुर में भारी बारिश का अलर्ट है। 4 जुलाई : जबलपुर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज और सीधी में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। ग्वालियर, झाबुआ, रतलाम, नीमच, मंदसौर, धार, राजगढ़, हरदा, सीहोर, विदिशा, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया, शहडोल, कटनी, मैहर, सिंगरौली, निवाड़ी, छतरपुर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड में भारी बारिश का अलर्ट है। 5 जुलाई : नीमच, मंदसौर, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, सागर,दमोह, सतना, सीधी, सिंगरौली, कटनी, उमरिया, सिवनी और मंडला में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। भोपाल, जबलपुर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, धार, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, सीहोर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, मऊगंज, रीवा, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर में भारी बारिश हो सकती है। 

मध्यप्रदेश के 30 जिलों में आज झमाझम बारिश की चेतावनी, ग्वालियर-चंबल, नर्मदापुरम में सबसे ज्यादा असर

भोपाल  दक्षिण-पश्चिमी मानसून के साथ तीन और सिस्टम सक्रिय हो रहे हैं, जिससे जुलाई में भी अच्छी बारिश की संभावना बनी रहेगी। भारत मौसम विज्ञान विभाग भोपाल की वैज्ञानिक डॉ. दिव्या सुरेंद्रन ने बताया कि प्रदेश के कई जिलों में 4 जुलाई तक यलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलने व बारिश की संभावना है। दक्षिणी राजस्थान और उससे लगे क्षेत्रों में एक चक्रवातीय सिस्टम बन रहा है। उत्तरी गुजरात व उत्तर प्रदेश से भी सिस्टम सक्रिय होकर मप्र की तरफ पहुंचने के आसार हैं। वहीं आज भी प्रदेश के 28 जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही कल यानी 2 जुलाई को एमपी के 30 जिलों में झमाझम बारिश(Heavy rain alert) की चेतावनी दी गई है। इस बार एक दिन लेट पहुंचा मानसून इस साल देश में मानसून 8 दिन पहले ही आ गया था। अनुमान था कि मध्यप्रदेश में यह जून के पहले सप्ताह में ही आ जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। 15 दिन तक मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा रहा। इस वजह से एमपी में इसकी एंट्री नहीं हो पाई। 13-14 जून को मानसून आगे बढ़ा और एमपी में 1 दिन लेट हो गया। हालांकि, 3 दिन में ही मानसून ने प्रदेश के 53 जिलों को कवर कर लिया। एक दिन के ठहराव के बाद बाकी बचे 2 जिले- भिंड और मऊगंज में भी मानसून एंटर हो गया। इस तरह 5 दिन में ही मानसून ने पूरे प्रदेश को कवर कर लिया। एमपी में मानसून के प्रवेश की सामान्य तारीख 15 जून ही है। पिछले साल यह 21 जून को एंटर हुआ था। मानसून के एक्टिव होने के बाद से ही पूरे प्रदेश में तेज बारिश का दौर चल रहा है। अगले 4 दिन बारिश का अलर्ट सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि मध्यप्रदेश के ऊपर से एक मानसून टर्फ गुजर रही है। वहीं, एक अन्य टर्फ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम का भी असर है। इनकी वजह से प्रदेश में अगले 4 दिन तक तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में भी भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को अशोकनगर, शिवपुरी, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अगले 24 घंटे में इन जिलों में 8 इंच तक पानी गिर सकता है। श्योपुर, राजगढ़, सीहोर, विदिशा, बैतूल, रायसेन, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, जबलपुर, मैहर, सतना, पन्ना, सीधी में भारी बारिश की संभावना है। एमपी के 24 जिलों में बारिश सोमवार, 30 जून को एमपी में 24 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। खजुराहो, नर्मदापुरम और छिंदवाड़ा में आधा इंच से ज्यादा पानी गिरा। वहीं, बैतूल, भोपाल, दतिया, गुना, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर, बुरहानपुर, रायसेन, धार, भिंड, रतलाम, मऊगंज, शाजापुर, मंडला, सागर, सिवनी, टीकमगढ़, उमरिया, बालाघाट में भी पानी गिरा। बारिश के कारण दिन के तापमान में भी काफी गिरावट आई है। पचमढ़ी में पारा 23.2 डिग्री, सिवनी में 24.6 डिग्री, मलाजखंड में 25 डिग्री और बैतूल में 25.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जानें, अगले 4 दिन के मौसम का हाल 1 जुलाई: गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। यहां अगले 24 घंटे में 8 इंच तक पानी गिर सकता है। श्योपुर, राजगढ़, सीहोर, विदिशा, बैतूल, रायसेन, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, जबलपुर, मैहर, सतना, पन्ना, सीधी में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर में हल्की बारिश का दौर जारी रहेगा। 2 जुलाई: नीमच, मंदसौर, विदिशा, रायसेन, सागर, छतरपुर, दमोह, पन्ना, कटनी, जबलपुर, सिवनी, मंडला, डिंडौरी और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट है। बाकी जिलों में भी बारिश का यलो अलर्ट है। 3 जुलाई: सीधी, सिंगरौली, कटनी, डिंडौरी, बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, शहडोल, दमोह, जबलपुर, मंडला, सिवनी, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम और बैतूल में भारी बारिश हो सकती है। 4 जुलाई: राजगढ़, सीहोर, बैतूल, नर्मदापुरम, रायसेन, सागर, दमोह, पन्ना, मंडला और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। वहीं, भोपाल, शाजापुर, देवास, गुना, अशोकनगर, विदिशा, हरदा, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सिवनी, जबलपुर, डिंडौरी, अनूपपुर, कटनी, उमरिया, शहडोल, मैहर, सतना, रीवा, मऊगंज, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भारी बारिश का यलो अलर्ट है।

हिमाचल में मूसलाधार बारिश कहर बरपा रही, ब्यास नदी उफान पर, मंडी में बादल फटने से तबाही, शिमला में लैंडस्लाइड

मंडी/शिमला हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश अब कहर बरपा रही है। राज्य के ज्यादातर हिस्सों में भारी बारिश हो रही है। मंडी जिला में बीती रात बादल फटने की कई घटनाओं ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। करसोग उपमंडल में 45 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई है, जबकि दो अन्य लोग लापता हैं। करसोग के डीएसपी ने इसकी पुष्टि की है। मंडी जिला के गोहर के स्यांज गांव में नाले में आए सैलाब में नौ लोग लापता हैं। मां-बेटी को सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन अन्य की तलाश जारी है। मंडी, कांगड़ा और हमीरपुर जिलों में आज सभी स्कूल-कॉलजे बंद कर दिए गए हैं। सोमवार शाम तक राज्य भर में 259 सड़कें बंद थीं। भारी बारिश और बादल फटने से मंडी के अलग अलग हिस्से में तबाही जारी है. पंडोह डैम से 1 लाख 50 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है..जिससे पंडोह बाजार में बीती रात पानी भरने से भगदड़ जैसे हालात हो गए. आज भी मंडी में बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है. जिले के स्कूल कॉलेज आज बंद हैं. मौसम विभाग के मुताबिक जून में 37 फीसदी ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है. बारिश के बाद तापमान भी सामान्य से कम जा रहा है.  जिला ऊना, बिलासपुर, मंडी, हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. राज्य में बीते 24 घंटे में तीन लोगों की मौत हुई है. इस मानसून सीज़न में अब तक 20 लोगों बिगड़े मौसम की वजह से अपनी जान गंवा चुके हैं. बारिश के कारण अबतक हिमाचल प्रदेश में 800 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है.  मौसम की वजह से हिमाचल में 130 इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप्प हो गयी है. कई जगह पानी की सप्लाई भी प्रभावित है. भूस्खलन की वजह से 259 सड़कें बंद हैं.  मंडी के सबसे ज़्यादा प्रभावित इलाके थुनाग, करसोग और कुकलाह हैं. जहां सड़कें बह गईं, बादल फट गए और नदी-नालों में उफान के साथ अचानक बाढ़ आ गई जिससे काफ़ी नुकसान हुआ है.  हिमाचल प्रदेश के सोलन में चंडीगढ़-शिमला नेशनल हाईवे-5 पर मार्ग चक्की मोड़ पर पहाड़ी से लगातार पत्थर व मलवा गिर रहे हैं. इसके कारण बार-बार यहां ट्रैफिक बंद हो रहा है. लंबा जाम लगा हुआ है. चक्की मोड को क्रॉस करने में लोगों को कई-कई घंटे का समय लग रहा है. रविवार को भी इसी तरह की स्थिति बनी हुई थी. जिले में चारों ओर तबाही का मंजर है। पंडोह बाजार में जलभराव के चलते लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। बाखली और कुकलाह पुल टूट गए हैं और चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पूरी तरह बंद है। पटीकरी पावर प्रोजेक्ट को भी भारी नुकसान पहुंचा है। पंडोह डैम से भारी मात्रा में छोड़ा जा रहा पानी, ब्यास नदी उफान पर लगातार बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। पंडोह डैम का जलस्तर 2922 फीट तक पहुंच गया है जो 2941 फीट के खतरे के निशान के करीब है। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए डेढ़ लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी ब्यास नदी में छोड़ा जा रहा है। मंडी शहर में पंचवक्त्र मंदिर तक पानी पहुंच गया। धर्मपुर की लौंगनी पंचायत के स्याठी गांव में भी कई घर, गौशालाएं और मवेशी बारिश में बह गए। मंडी इंदिरा आवास कॉलोनी और रघुनाथपधर में भी रातभर राहत-बचाव कार्य चला। हमीरपुर के सुजानपुर के खेरी गांव में फंसे लोगों का रेस्क्यू हमीरपुर जिले के सुजानपुर उपमंडल के खेरी गांव में ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ने से 20 से अधिक लोग फंस गए, जिनमें से अब तक 15 को बचाया जा चुका है। प्रशासन व पुलिस की टीमों ने मोर्चा संभाला हुआ है। जंगलबेरी से पुलिस की बटालियन मौके पर डटी हुई है। 3 जिलों के स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी, छह जिलों में येलो अलर्ट लगातार बारिश और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए मंडी, कांगड़ा और हमीरपुर जिलों में आज सभी स्कूल-कॉलजे बंद कर दिए गए हैं। उपायुक्त कांगड़ा, मंडी और हमीरपुर ने लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें, नदी-नालों से दूर रहें और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें। मौसम विभाग ने चंबा, मंडी, हमीरपुर, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में अगले 24 घंटों के लिए बाढ़ का येलो अलर्ट जारी किया है। बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर, सोलन, ऊना जिलों में आज कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। राज्य में 6 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। 44 मौतें, 75 करोड़ की क्षति राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, 20 से 30 जून के बीच वर्षा जनित घटनाओं में 44 लोगों की जान जा चुकी है, 83 घायल हुए हैं और 5 लोग अब भी लापता हैं। सोमवार शाम तक राज्य भर में 259 सड़कें बंद थीं, 614 ट्रांसफार्मर ठप हो गए और 130 पेयजल योजनाएं बाधित हुई हैं। अब तक प्रदेश को 75 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है। भारी बारिश से भूस्खलन, कई इमारतें ढहीं, सड़कें अवरुद्ध, अब तक 23 लोगों की मौत बता दें कि सोमवार को भारी बारिश के कारण राज्य में कई इमारतें ढह गईं, भूस्खलन हुआ और सड़कें अवरुद्ध हो गईं. राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, भारी बारिश के कारण बादल फटने, बाढ़ और भूस्खलन के कारण मंडी में 129 और सिरमौर जिले में 92 सहित राज्य में 259 सड़कें बंद हो गईं और 614 ट्रांसफार्मर व 130 जलापूर्ति योजनाएं बाधित हो गईं. राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, 20 जून को मॉनसून के आगमन के बाद से अब तक राज्य में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 23 लोगों की मौत हो चुकी है. जून में 34 प्रतिशत ज्यादा बारिश हिमाचल में जून में औसत 135 मिमी बारिश हुई जबकि सामान्य बारिश 101 मिमी होती है. यह 34 प्रतिशत अधिक है. यह 1901 के बाद से राज्य में जून के महीने में 21वीं सबसे अधिक बारिश है. सबसे अधिक बारिश 252.7 मिमी है जो साल 1971 में दर्ज की गई थी. मंडी में सबसे ज्यादा बारिश पालमपुर, बैजनाथ, सुंदरनगर, मुरारी देवी, कांगड़ा, शिमला और इसके आसपास के क्षेत्र जुब्बड़हट्टी में गरज के साथ बारिश हुई. राज्य के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश हुई. मंडी … Read more

रायपुर : प्रदेश में अब तक 158.6 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

रायपुर छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 158.6 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 338.0 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 68.5 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है। राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार सरगुजा में 144.6 मि.मी., सूरजपुर में 199.0 मि.मी., जशपुर में 301.0 मि.मी., कोरिया में 223.1 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 144.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। रायपुर जिले में 124.9 मि.मी., बलौदाबाजार में 159.3 मि.मी., गरियाबंद में 153.9 मि.मी., महासमुंद में 130.0 मि.मी. और धमतरी में 131.9 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर में 90.0 मि.मी., मुंगेली में 109.7 मि.मी., रायगढ़ में 204.5 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 121.6 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 168.5 मि.मी., सक्ती में 102.5 मि.मी. कोरबा में 144.4 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 138.5 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड हुई है। दुर्ग जिले में 105.5 मि.मी., कबीरधाम में 77.8 मि.मी., राजनांदगांव में 75.8 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 201.3 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 96.7 मि.मी., बालोद में 141.8 मि.मी. और बस्तर जिले में 232.5 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड हुई है। कोंडागांव में 152.9 मि.मी., कांकेर में 198.1 मि.मी., नारायणपुर में 147.9 मि.मी., दंतेवाड़ा में 214.8 मि.मी., सुकमा में 106.6 मि.मी. और बीजापुर में 283.5 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।