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शिलांग कोर्ट का सख्त रुख: राजा रघुवंशी हत्याकांड में सोनम रघुवंशी की जमानत याचिका नामंजूर

इंदौर  राजा रघुवंशी हत्याकांड की मास्टरमाइंड पत्नी सोनम रघुवंशी को मेघालय के शिलांग कोर्ट से झटका लगा है। कोर्ट ने सोनम की जमानत याचिका रद्द कर दी। सोनम पर इस साल मई महीने में मेघालय में हनीमून के दौरान अपने पति और राजा रघुवंशी की हत्या कराने का आरोप है। रिपोर्ट के अनुसार, मेघायलय पुलिस द्वारा इस मामले में दायर की गई 700 से ज्यादा पन्नों की चार्जशीट में दावा किया गया है कि राजा की हत्या सोनम और उसके कथित प्रेमी राज सिंह कुशवाहा ने मिलकर प्लान की थी। चार्जशीट में भाड़े पर बुलाए गए तीन कथित हत्यारों – आकाश सिंह राजपूत, विशाल सिंह चौहान और आनंद कुर्मी के नाम भी हैं। इस मामले में एक एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज ने आरोपियों पर हत्या के आरोप भी तय किए हैं। यह अपराध उस वक्त सामने आया था जब मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में 12 मई को शादी करने वाला यह जोड़ा 23 मई को मेघालय में हनीमून के दौरान लापता हो गया था। उन्हें आखिरी बार नोंगियाट में एक होमस्टे से चेक आउट करते हुए देखा गया था। कुछ दिनों बाद, उनके द्वारा किराए पर ली गई स्कूटी सोहरारिम के पास लावारिस हालत में मिली थी। फिर उनके लापता होने के लगभग 10 दिन बाद 2 जून को राजा का शव पूर्वी खासी हिल्स में वेसावडोंग फॉल्स के पास एक गहरी खाई में मिला था। राजा की पत्नी सोनम जो 8 जून तक लापता थी, उत्तर प्रदेश के वाराणसी-गाजीपुर मेन रोड पर एक ढाबे के पास मिली थी। मेघालय पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि सोनम को 21 साल के राज कुशवाहा के साथ मिलकर अपने पति की हत्या में मुख्य आरोपियों में से एक माना जा रहा है।  

मर्डर केस में झटका: सोनम रघुवंशी की बेल याचिका खारिज, 3 आरोपी पहले ही जमानत पर बाहर

इंदौर इंदौर के बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में बड़ा अपडेट सामने आया है। इस केस के मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी, राज कुशवाह, आनंद, आकाश और विशाल ने मेघालय के सोहरा उप प्रभाग प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने जमानत की अर्जी दायर की थी। लेकिन पुलिस की कड़ी आपत्ति के बाद कोर्ट ने इनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। शिलांग पुलिस ने इस मामले में 790 पन्नों का चालान पेश किया है, जिसमें सोनम की हर साज़िश का विस्तार से जिक्र है। हालांकि, इसी केस में पहले तीन आरोपियों बिल्डिंग मालिक लोकेंद्र तोमर, बलवीर अहिरवार और सिलोम जेम्स को जमानत मिल चुकी है। बाकी आरोपी इन्हीं की जमानत को आधार बनाकर जेल से बाहर आने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उनकी दलील कोर्ट ने मानने से इंकार कर दिया। राजा रघुवंशी की हत्या की वजह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस इसे प्रेम प्रसंग से जुड़ा मामला बता रही है, लेकिन राजा का परिवार इस थ्योरी को मानने को तैयार नहीं है। मृतक के भाई विपिन रघुवंशी का आरोप है कि पुलिस ने जांच में कई गड़बड़ियां कीं और कुछ षड्यंत्रकारियों को बचाने की कोशिश की। उनका कहना है कि सोनम के खातों तक को फ्रीज़ नहीं किया गया। क्या हुआ था? 29 वर्षीय राजा रघुवंशी और 24 वर्षीय सोनम की शादी 11 मई को इंदौर में धूमधाम से हुई थी। पुलिस के अनुसार, सोनम इस शादी से खुश नहीं थी क्योंकि वह परिवार के फर्नीचर कारोबार में काम करने वाले अकाउंटेंट राज कुशवाह को चाहती थी। शादी के कुछ ही दिन बाद सोनम ने हत्या की साजिश रची और हनीमून के बहाने 20 मई को राजा को मेघालय ले गई। 23 मई को दोनों लापता हो गए और लंबे इंतज़ार के बाद 2 जून को राजा का शव बरामद हुआ। जांच में कई राज खुले और तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद सोनम ने यूपी में सरेंडर किया। बताया गया कि हत्या के बाद वह इंदौर में जाकर छिपी हुई थी। अब इस सनसनीखेज हत्याकांड में सोनम समेत आठ आरोपियों सोनम, राज कुशवाह, आनंद, आकाश, विशाल, बलवीर अहिरवार, सिलोम जेम्स और लोकेंद्र सिंह तोमर के खिलाफ एसआईटी ने चालान पेश कर दिया है।