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बाबरी विध्वंस दिवस पर ‘शौर्य दिवस’ मनाने का निर्देश वापस, मंत्री ने अचानक क्यों रोका आदेश?

जयपुर राजस्थान शिक्षा विभाग ने हाल ही में 6 दिसंबर को 'शौर्य दिवस' के रूप में मनाने का एक आदेश जारी किया था। 6 दिसंबर बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी की तारीख है। यह आदेश शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर के निर्देश पर दिया गया था। इसमें सभी सरकारी और निजी स्कूलों को 6 दिसंबर को छात्रों और कर्मचारियों के बीच देशभक्ति, राष्ट्रवाद, वीरता, सांस्कृतिक गौरव और राष्ट्रीय एकता की भावना को बढ़ावा देने के लिए शैक्षिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने के लिए कहा गया था। इन कार्यक्रमों में राम मंदिर आंदोलन और भारतीय संस्कृति पर आधारित प्रतियोगिताएं, देशभक्ति गीत, और योग शामिल थे। हालांकि आदेश जारी होने के 12 घंटे के अंदर अब इसे रद्द कर दिया गया है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने आदेश वापस लेने का कारण यह बताया कि राज्य के स्कूलों में 5 और 6 दिसंबर के आसपास परीक्षाएं चल रही हैं, जिसके कारण परीक्षा अवधि के दौरान कोई अतिरिक्त गतिविधि या कार्यक्रम आयोजित करना संभव नहीं है। इसलिए, 'शौर्य दिवस' के कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए हैं।  

दिल्ली-NCR जैसे हालात राजस्थान में भी, हवा ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज

जयपुर प्रदेश में हवा की गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है और हालात अब खतरनाक श्रेणी में पहुंच गए हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार राज्य के कई शहरों में एयर क्वालिटी इंडेक्स गंभीर स्तर पर दर्ज किया गया। भिवाड़ी में AQI 369 दर्ज किया गया, जो हवा में अत्यधिक प्रदूषण का संकेत है। राजधानी जयपुर में भी हवा की गुणवत्ता खतरनाक मोड़ पर पहुंचकर 233 तक दर्ज हुई। वहीं श्रीगंगानगर, नागौर, जालौर और कोटा जैसे शहर भी ‘पुअर’ और ‘वेरी पुअर’ कैटेगरी में रहे। राजस्थान के प्रमुख शहरों का AQI इस प्रकार रहा : टोंक- 227, भिवाड़ी- 369 कोटा- 271 डूंगरपुर- 254 जयपुर- 233 जालौर- 237 नागौर- 222 चुरू- 225 बीकानेर- 226 झुंझुनूं- 221 जोधपुर- 217 राजसमंद- 213 झालावाड़- 205 पाली- 204 उदयपुर- 202 गंगानगर- 191 मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक मौसम शुष्क रहने और हवाओं की रफ्तार कम होने से प्रदूषण फैलने के बजाय नीचे ही जमा हो रहा है। इसलिए फिलहाल राहत की कोई संभावना नहीं दिख रही। वहीं स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेताया है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो प्रदेश में श्वास संबंधी बीमारियों, अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और फेफड़ों के संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ सकते हैं। राजधानी दिल्ली-एनसीआर जैसी परिस्थिति राजस्थान में भी बनने का खतरा दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि सुबह-शाम बाहर निकलने से बचें, मास्क का उपयोग करें, बच्चों और बुजुर्गों को प्रदूषित जगहों से दूर रखें, घर में एयर प्यूरीफायर या पौधों का इस्तेमाल करें। राजस्थान में हवा की सेहत बिगड़ती जा रही है और यदि हालात नहीं सुधरे तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।

कड़ाके की ठंड से कांपा राजस्थान, फसलों पर जमी बर्फ से किसान चिंतित

जयपुर राजस्थान में उत्तरी हवाओं के असर से सर्दी लगातार तेज होती जा रही है। बीकानेर, जयपुर और भरतपुर संभाग में तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जबकि शेखावाटी क्षेत्र में पारा लुढ़ककर 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। सीकर और फतेहपुर में न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जो पहाड़ी क्षेत्र माउंट आबू (5°C) से भी कम है। मौसम केंद्र जयपुर ने गुरुवार को पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उदयपुर, जोधपुर और अजमेर संभाग में बादल छाने की संभावना जताई है। बुधवार सुबह उदयपुर में हल्का कोहरा रहा। पिछले 24 घंटों में प्रदेश का न्यूनतम तापमान फतेहपुर में 2.9°C रिकॉर्ड हुआ। सीकर में 4°C, नागौर 5.2°C, चूरू 5.6°C, करौली 7.1°C, झुंझुनूं 7.5°C, लूणकरणसर 4.5°C और अलवर 6.5°C दर्ज किया गया। माउंट आबू में न्यूनतम तापमान 5°C रहा। बर्फीली हवाओं के चलते दिन में भी शीतलहर का असर जारी है। धूप निकलने के बावजूद ठंड से राहत नहीं मिल रही। सभी शहरों में अधिकतम तापमान 30°C से नीचे रहा। बाड़मेर में सबसे अधिक तापमान 29.4°C दर्ज हुआ। मौसम में बदलाव की संभावना 27 नवंबर को जालोर, सिरोही, पाली, उदयपुर, राजसमंद, भीलवाड़ा और अजमेर में बादल छा सकते हैं तथा हल्की बारिश/बूंदाबांदी की आशंका है। 28 नवंबर को दौसा, जयपुर, टोंक, अजमेर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, राजसमंद और उदयपुर जिलों में भी हल्की वर्षा की संभावना जताई गई है। शहर — अधिकतम / न्यूनतम     अजमेर — 24.4 / 11.4     भीलवाड़ा — 24 / 13.2     वनस्थली (टोंक) — 25.6 / 9.3     अलवर — 25.8 / 6.5     जयपुर — 25 / 11.6     पिलानी — 25.7 / 7     सीकर — 26.5 / 4     कोटा — 24.3 / 14.2     चित्तौड़गढ़ — 26.3 / 13.4     उदयपुर — 24.4 / 13.8     बाड़मेर — 29.4 / 14.9     जैसलमेर — 27.6 / 12.9     जोधपुर — 27.4 / 13.6     बीकानेर — 26.4 / 13.2     चूरू — 25.8 / 5.6     श्रीगंगानगर — 26.6 / 8.7     नागौर — 26.4 / 5.2     बारां — 25.4 / 13.2     हनुमानगढ़ — 25.2 / 10.8     जालौर — 28.1 / 13     फतेहपुर — 26.4 / 2.9     करौली — 24.2 / 7.1     दौसा — 25.7 / 6.5     प्रतापगढ़ — 26.1 / 16.8     झुंझुनूं — 25.5 / 7.2  

राजस्थान भाजपा में बदलाव: नई कार्यकारिणी में शामिल हुए युवा और अनुभवी नेता

जयपुर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के निर्देश पर भाजपा राजस्थान की नई प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा कर दी गई है। इस नई टीम में संगठनात्मक संतुलन, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व, अनुभव और युवा ऊर्जा का समावेश किया गया है। उपाध्यक्ष पद पर 9 नेताओं की नियुक्ति प्रदेश कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष पद पर इन नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है—     सरदार सुरेन्द्रपाल सिंह टी.टी. (श्रीगंगानगर)     नाहरसिंह जोधा (पाली)     मुकेश दाधीच (झुंझुनू)     बिहारी लाल विश्नोई (बीकानेर)     छगन माहूर (कोटा)     हकरू माईडा (बांसवाड़ा)     डॉ. ज्योति मिर्धा (नागौर)     अल्का मुन्दड़ा (उदयपुर)     सरिता गेना (अजमेर) चार महामंत्रियों को मिली अहम जिम्मेदारी महामंत्री पद पर निम्न नियुक्तियां की गईं—     श्रवण सिंह बगड़ी (सीकर)     कैलाश मेघवाल (हनुमानगढ़)     भूपेन्द्र सैनी (दौसा)     मिथिलेश गौतम (अजमेर) मंत्री पद पर 7 नेताओं की तैनाती मंत्रियों की नई सूची में शामिल—     नारायण मीणा (जयपुर)     अजीत मांडन (जयपुर)     अपूर्वा सिंह (बीकानेर)     आईदान सिंह भाटी (जैसलमेर)     एकता अग्रवाल (जयपुर)     नारायण पुरोहित (सिरोही)     सीताराम पोसवाल ‘गुर्जर’ (सवाई माधोपुर) कोषाध्यक्ष व अन्य संगठनात्मक पद     कोषाध्यक्ष: पंकज गुप्ता (चुरू)     सह-कोषाध्यक्ष: डॉ. श्याम अग्रवाल (जयपुर)     प्रकोष्ठ प्रभारी: विजेन्द्र पूनिया (हनुमानगढ़) प्रवक्ता दल में 7 नए चेहरे शामिल     कैलाश वर्मा (जयपुर देहात)     कुलदीप धनकड़ (जयपुर देहात)     रामलाल शर्मा (जयपुर देहात)     दशरथ सिंह (बीकानेर)     मदन प्रजापत (देहात)     राखी राठौड़ (जयपुर)     स्टेफी चौहान (जयपुर)

राजस्थान में मौसम बदला: कम हुई सर्दी, कई जिलों में घनी धुंध के बीच हल्की धूप

जयपुर राजस्थान में उत्तरी तथा पश्चिमी हवाओं के मिश्रित प्रभाव से रात के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। रविवार को 6 शहरों को छोड़कर लगभग सभी जगह न्यूनतम तापमान 10°C या उससे ऊपर रहा। कई जिलों में धुंध के कारण दिनभर धूप कमजोर रही। मौसम केंद्र जयपुर ने अगले 4–5 दिन मौसम स्थिर रहने और तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना न होने का अनुमान जताया है। पिछले 24 घंटों में मैदानी इलाकों में सबसे कम तापमान फतेहपुर में 7.1°C रिकॉर्ड हुआ। उत्तरी हवाएं कमजोर पड़ने से यहां पिछले सप्ताह की तुलना में तापमान करीब 2 डिग्री बढ़ा है। अन्य शहरों में तापमान इस प्रकार दर्ज हुआ-सीकर 8.5°C, दौसा 9.3°C, चूरू 9.1°C, नागौर 8.9°C, जालौर 8.6°C, लूनकरणसर 7.8°C। माउंट आबू में लगातार दूसरे दिन 2°C दर्ज हुआ। धुंध का असर, धूप कमजोर अलवर, जयपुर, दौसा, बीकानेर, हनुमानगढ़, जैसलमेर और गंगानगर सहित कई शहरों में धुंध छाई रही, जिससे दिन में धूप कमजोर रही और अधिकतम तापमान सामान्य से कम रहा। रविवार को अधिकतम तापमान बीकानेर 28.8°C, जोधपुर 30°C, कोटा 27.5°C, चूरू 28.6°C, गंगानगर 27.5°C, नागौर 28.1°C, जयपुर 27.2°C, अजमेर 27.1°C, अलवर 28.2°C, चित्तौड़गढ़ 29.3°C, बाड़मेर 30.4°C। दिन का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 31.5°C दर्ज हुआ। शहर — अधिकतम — न्यूनतम अजमेर — 27.1 — 13.2 भीलवाड़ा — 27.2 — 11.4 वनस्थली (टोंक) — 26.8 — 10 अलवर — 28.2 — 10 जयपुर — 27.2 — 13.3 सीकर — 26.5 — 8.5 कोटा — 27.5 — 12.4 चित्तौड़गढ़ — 29.3 — 11.6 उदयपुर — 27.3 — 11.1 बाड़मेर — 30.4 — 15.6 जैसलमेर — 28.7 — 11.9 जोधपुर — 30 — 10.6 बीकानेर — 28.8 — 12 चूरू — 28.6 — 9.1 गंगानगर — 27.5 — 10.5 नागौर — 28.1 — 8.9 बारां — 28.1 — 10.6 जालौर — 31.5 — 8.6 फतेहपुर — 28.4 — 7.1 करौली — 27.2 — 10.8 दौसा — 28.2 — 9.3 प्रतापगढ़ — 28.3 — 14.1 झुंझुनूं — 27.7 — 10.1

टोंक में दम घोंटू हवा: AQI 500 के पास, राजस्थान में सीओपीडी मौतों का ग्राफ ऊँचा

जयपुर राजस्थान में हवा की सेहत लगातार बिगड़ती जा रही है। शनिवार को राज्य के कई शहरों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) गंभीर स्तर तक पहुंच गया। टोंक में पीएम 2.5 और पीएम 10 का सर्वाधिक स्तर रिकॉर्ड किया गया। केंद्रीय प्रदूषद नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार सोमवार को टोंक में  एयर क्वालिटी इंडेक्स राजस्थान में सबसे ज्यादा खराब रहा है। यहां पीएम 2.5 का स्तर 496 व पीएम 10 का स्तर 500 तक चला गया। वहीं  भिवाड़ी में AQI 400 से ऊपर दर्ज हुआ, जबकि जयपुर, श्रीगंगानगर और टोंक जैसे शहर भी ‘पुअर’ और ‘वेरी पुअर’ श्रेणी में रहे। प्रदूषण बढ़ने से लोगों के लिए खुले में सांस लेना मुश्किल होता जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिन मौसम ड्राय रहेगा और हवाएं इसी तरह चलती रहेंगी, जिससे राहत की फिलहाल कोई उम्मीद नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि हालात नहीं सुधरे तो दिल्ली-एनसीआर जैसी श्वास व फेफड़ों संबंधी बीमारियों का खतरा राजस्थान में भी तेजी से बढ़ सकता है। इन शहरों में हवा सबसे ज्यादा खराब रही- टोंक- 500 कोटा में AQI 302, भिवाड़ी में 431, बीकानेर 328, डूंगरपुर 300, जयपुर 372, हनुमानगढ़ 277, झालावाड़ 308, भरतपुर 327, सीकर 321, श्रीगंगानगर 416 और टोंक में भी हवा ‘वेरी पुअर’ श्रेणी में दर्ज हुई। राजस्थान में सीओपीडी से मौतें राष्ट्रीय औसत से अधिक वायु प्रदूषण और धूल के कारण इंसानी फेफड़े प्रभावित हो रहे हैं, सांस लेने में कठिनाई बढ़ रही है और श्वसन संबंधी बीमारियों में लगातार वृद्धि हो रही है। हाल में इंडियन चेस्ट सोसाइटी (ICS) के तत्वावधान में जयपुर में श्वसन रोग सम्मेलन भी हुआ था जिसमें यह जानकारी सामने आई कि देश में दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा मौतें वायु प्रदूषण से होती हैं।  डॉ. नितिन जैन ने बताया कि प्रदूषण का सबसे ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ता है, क्योंकि उनकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। बच्चों में फेफड़ों का विकास रुकता है और बुजुर्ग समय से पहले बीमारियों की चपेट में आते हैं। प्रदूषण हृदय रोग, स्ट्रोक, अस्थमा, ब्रोंकाइटिस जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ाता है और व्यक्ति की स्वास्थ्य क्षमता तथा औसत आयु घटाता है। राजस्थान और भारत में सीओपीडी(क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज) और टीबी जैसी श्वसन बीमारियाँ आम हैं। WHO के अनुसार, विश्व स्तर पर सीओपीडी दूसरी और टीबी बारहवीं प्रमुख मृत्यु का कारण हैं। राजस्थान में सीओपीडी से होने वाली मौतों की दर राष्ट्रीय औसत से अधिक है। विशेषज्ञों के अनुसार, वाहनों, वायु प्रदूषण, धूल और युवाओं में धूम्रपान की प्रवृत्ति इन रोगों के फैलाव में योगदान करती है।

न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी, आबू में पारा 1 डिग्री दर्ज

जयपुर उत्तर भारत से चल रही सर्द हवाओं का असर अब राजस्थान में धीरे-धीरे कम हो रहा है। इसके चलते सीकर, चूरू, झुंझुनूं और माउंट आबू सहित कई शहरों में न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। हिल स्टेशन माउंट आबू में गुरुवार को तापमान जमाव बिंदु से ऊपर दर्ज हुआ। मौसम केन्द्र जयपुर ने अगले दो सप्ताह का पूर्वानुमान जारी किया है, जिसके अनुसार प्रदेश में मौसम शुष्क रहेगा, आसमान साफ रहेगा और तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। गुरुवार को माउंट आबू में न्यूनतम तापमान 1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। नागौर में 6.2, फतेहपुर में 6.1, सिरोही में 7.2, सीकर में 7.5, अलवर में 9.5, उदयपुर में 9.2, चित्तौड़गढ़ और चूरू में 9, बारां व करौली में 9.9, जालोर में 8, जयपुर में 12.3, अजमेर में 10.8, वनस्थली (टोंक) में 10.3, बाड़मेर व जैसलमेर में 13.8, जोधपुर में 10.9, बीकानेर में 12.8 और गंगानगर में 11.7°C दर्ज किया गया। सीकर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी ठंडी हवाओं से राहत महसूस की गई। अधिकतम तापमान में उतार-चढ़ाव सर्द हवाओं के कमजोर होने से कई जिलों में अधिकतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी हुई। चित्तौड़गढ़, कोटा, अलवर और जालोर में दिन का तापमान करीब 1 डिग्री बढ़ा, जबकि शेखावाटी क्षेत्र में गिरावट रही।सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान बाड़मेर में 32.5°C रिकॉर्ड किया गया। जैसलमेर और बीकानेर में 31.2, जोधपुर में 31, फलोदी में 29.2, जालौर में 30.2, नागौर में 29.7, चूरू और चित्तौड़गढ़ में 29.4, अलवर में 28.8 और जयपुर में 27.5°C दर्ज हुआ। सिरोही 23.6°C के साथ सबसे ठंडा रहा। अगले दो सप्ताह मौसम रहेगा शुष्क मौसम विभाग के अनुसार राज्य में 4 दिसंबर तक दिन का तापमान सामान्य के आसपास रहने की उम्मीद है, जबकि रात का तापमान सामान्य से 2–3 डिग्री कम रह सकता है। पूरे प्रदेश में अगले दो हफ्तों तक आसमान साफ रहेगा और दिन के समय तेज धूप मिलेगी।  

मतदाता सूची अभियान में नई रफ्तार: रिकॉर्ड अपलोडिंग, 78 BLO सम्मानित

जयपुर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण–2026 को नई गति और अभूतपूर्व पारदर्शिता मिल रही है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 4 नवंबर से चल रहे इस अभियान के तहत बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर–घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित कर रहे हैं और प्राप्त विवरण का तेज गति से डिजिटाइजेशन कर रहे हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बताया कि महज 16 दिनों में 2.37 करोड़ गणना प्रपत्र ECINET पर अपलोड किए जा चुके हैं। यह उपलब्धि बड़े राज्यों में 44 प्रतिशत के साथ राजस्थान को शीर्ष स्थान पर ले आई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 78 BLOs ने 19 नवंबर तक शत-प्रतिशत कार्य पूरा किया है, जिन्हें जल्द ही जिला निर्वाचन अधिकारी सम्मानित करेंगे। इसी क्रम में भारत निर्वाचन आयोग ने voters.eci.gov.in पर नई सर्च सुविधा प्रारंभ की है। इसके माध्यम से मतदाता अपना नाम और रिश्तेदार के नाम से पिछली SIR की मतदाता सूची में जानकारी खोज सकेंगे। यह सुविधा मतदाताओं और BLO दोनों के लिए मैपिंग प्रक्रिया को सरल और तेज बनाएगी। जिन मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो जाएगी, उन्हें SIR के दौरान किसी भी दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी। राजस्थान के विविध भौगोलिक क्षेत्रों मरुस्थल, पहाड़ी, मैदानी और नहरी इलाकों के बावजूद BLO प्रभावी रूप से कार्य कर रहे हैं। जिलेवार प्रगति में बाड़मेर 58% डिजिटाइजेशन के साथ पहले स्थान पर है, जबकि सलूंबर, सवाई माधोपुर, धौलपुर, फलोदी, झालावाड़ और भरतपुर 50% से अधिक अपलोडिंग के साथ अग्रणी जिलों में शामिल हैं। विधानसभा क्षेत्रों में बाड़मेर 64%, जबकि रायसिंहनगर, बाड़ी और वैर 60% से अधिक डिजिटाइजेशन के साथ शीर्ष पर रहे। ऑनलाइन गणना प्रपत्र जमा कराने में भी राजस्थान अग्रणी राज्यों में शामिल है। आयोग ने SIR प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जन–हितैषी बनाने के लिए राष्ट्रीय–राज्य स्तर की हेल्पलाइन, कॉल-सेंटर, हेल्प डेस्क, गाइडलाइन और पब्लिक असिस्टेंस सेंटर विकसित किए हैं। इसके साथ ही SVEEP कार्यक्रम, स्कूल–कॉलेज गतिविधियां, सोशल मीडिया और पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान चलाकर वृद्ध, दिव्यांग, प्रवासी मजदूर, अशिक्षित और PVTG समुदाय को जोड़ा जा रहा है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे BLOs की दैनिक समीक्षा करें, कठिनाइयों का तत्काल समाधान सुनिश्चित करें और आवश्यक हो तो वालंटियर्स की मदद लेकर कार्य को समय पर पूरा करें।

पंचायत पुनर्संरचना: राजस्थान में 3400 नई पंचायतों की अधिसूचना जारी

जयपुर राजस्थान में पंचायतों का नक्शा एक बार फिर से बदल गया है। राज्य सरकार ने शुक्रवार को पंचायतों के पनुर्गठन की अधिसूचना जारी कर दी। इनमें 41 जिलों की पंचायतों का पुनर्गठन किया गया है। पुनर्गठन में करीब 3400 नई पंचायतों को जोड़ा गया है। इसके बाद प्रदेश में ग्राम पंचायतों की संख्या बढ़कर लगभग 14 हजार के आस-पास हो गई है। इस पुनर्गठन से पहले प्रदेश में 11194 ग्राम पंचायतें थीं। अब पुनर्गठन के बाद राजस्थान में पंचायती राज का नक्शा पूरी तरह बदल गया है। यह अधिसूचना इसलिए भी अहम है क्योंकि राजस्थान में अगले साल पंचायतों और निकायों के चुनाव होने हैं। नए नई सीमाओं के साथ राजस्थान में पंचायतों की राजनीति भी पर भी असर पड़ना तय है। नई पंचायतों के निर्माण के बाद सरपंच, उपसरपंच और वार्ड पंच के पदों की संख्या बड़े पैमाने पर बढ़ जाएगी। जितनी नई पंचायतें बनी हैं, उतने ही नए पद भी होंगे। अब आगामी चुनाव इन्हीं नई पंचायतों के अनुसार होंगे। रेगिस्तानी जिलों में मापदंडों में छूट के कारण नई पंचायतों की संख्या अधिक रही है। सरकार ने साल भर पहले से पंचायतों के पुनर्गठन का काम शुरू किया था और जिलों से प्रस्ताव मंगवाकर पंचायतीराज व ग्रामीण विकास विभाग को भेजे गए थे। राजनीतिक तौर पर बीजेपी ने भी इस प्रक्रिया के लिए विशेष कमेटी बनाई थी। नई पंचायतों के निर्माण से जनता को सुविधा भी मिलेगी। बाड़मेर, जैसलमेर, फलोदी, बीकानेर, चूरू सहित रेगिस्तानी जिलों और आदिवासी इलाकों में अब पंचायत मुख्यालय के लिए कम दूरी तय करनी होगी। पहले एक पंचायत में तीन-चार गांव होने के कारण लोग कई किलोमीटर की यात्रा करके सरकारी काम निपटाते थे, लेकिन अब इलाके छोटे होने से समय और मेहनत की बचत होगी। इसके साथ ही रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। नई पंचायतों के साथ ग्राम सचिव, पटवारी और पंचायत सहायकों के पद बढ़ेंगे। इससे शिक्षित बेरोजगारों के लिए नई नियुक्तियों के अवसर खुलेंगे। आगामी भर्तियों में भी इन नई पंचायतों के हिसाब से पदों में वृद्धि की जाएगी। जयपुर में 20 पंचायत समतियों का पुनर्गठन राजधानी जयपुर में 20 पंचायत समितियों  का पुनर्गठन किया गया है। इनमें सीएम भजनलाल शर्मा के विधानसभा क्षेत्र सांगानेर की पंचायत समिति भी शामिल है। जिन पंचायत समितियों का यहां पुनर्गठन किया गया है उनमें जमवारामगढ़, दूदू, फागी, आंधी, चाकसू, कोटखावदा, बस्सी, तूंगा, जालसू, जोबनेर, गोविंदगढ़, शाहपुरा, विराटनगर, मौजमाबाद, माधोराज पुरा, सांभरलेक, झोटवाड़ा, आमेर, सांगानेर व किशनगढ़-रेनवाल शामिल हैं।

कड़कड़ाती ठंड ने बढ़ाई सिहरन: राजस्थान में तापमान में तेज गिरावट

जयपुर राजस्थान में बर्फीली हवा का असर लगातार बना हुआ है। बुधवार को भी माउंट आबू का तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस पर दर्ज किया गया, जहां रातभर पड़ी ओस जमकर बर्फ में बदल गई। हालांकि सुबह के बाद खिली धूप ने लोगों को कुछ राहत दी, लेकिन पहाड़ी इलाकों में ठिठुरन अब भी बरकरार है। माउंट आबू के अलावा फतेहपुर, नागौर, सीकर और दौसा समेत कई जिलों में भी ठंड का असर तेज रहा। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि राज्य में अगले कुछ दिनों तक मौसम शुष्क रहेगा और तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखने को मिलेगा। हालांकि शीतलहर में कमी से जनजीवन में थोड़ी राहत बनी रहेगी। पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो माउंट आबू के बाद सबसे ठंडा शहर सीकर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। नागौर में पारा 5.9 डिग्री, फतेहपुर में 6.9 डिग्री और दौसा में 6.7 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। जालौर में 7 डिग्री, सिरोही में 7.4 डिग्री, बारां में 7.8 डिग्री और करौली में 8.7 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। वहीं चूरू और चित्तौड़गढ़ का तापमान 8.2 डिग्री रहा। पिलानी, वनस्थली, भीलवाड़ा, उदयपुर, अजमेर और कोटा के तापमान में भी मामूली गिरावट देखने को मिली, जबकि जयपुर का न्यूनतम तापमान 11.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी प्रदेश में दिन के अधिकतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी हुई है जिससे दिन के वक्त लोगों को शीत लहर से राहत है। फतेहपुर में अधिकतम तापमान बढ़कर 31 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जबकि सीकर में 29 डिग्री और पिलानी में 29.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। जोधपुर का अधिकतम तापमान 30.4 डिग्री, फलोदी में 30 डिग्री, बीकानेर में 30.6 डिग्री, जैसलमेर में 31.5 डिग्री और बाड़मेर में 32.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि राज्य के दक्षिणी क्षेत्रों में पूर्वी हवाओं का प्रभाव बढ़ रहा है। इन हवाओं के चलते अगले कुछ दिनों में न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी की संभावना है। इसका सीधा असर उदयपुर और कोटा संभाग के जिलों पर पड़ेगा, जहां सर्दी में हल्की कमी आने की उम्मीद है।