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पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने की विभागीय योजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा, अधिकारियों को दिए महत्वपूर्ण निर्देश

रायपुर पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री  राजेश अग्रवाल ने आज नवा रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में पर्यटन, संस्कृति, धर्मस्व एवं पुरातत्व विभाग की योजनाओं और विकास कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पर्यटन विकास से जुड़ी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहरों, धार्मिक स्थलों और समृद्ध जनजातीय संस्कृति को आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से जोड़कर प्रदेश को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए विभागीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए धरातल पर परिणाम दिखाई देने चाहिए। चित्रकोट को ग्लोबल डेस्टिनेशन बनाने की तैयारी तेज मंत्री  अग्रवाल ने बस्तर के विश्वप्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात को ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक प्रक्रियाएं दो सप्ताह के भीतर पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्धारित समय-सीमा में डीपीआर एवं प्रेजेंटेशन तैयार कर भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय को प्रस्ताव भेजने को कहा। साथ ही सिरपुर पर्यटन विकास की तैयार डीपीआर का प्रस्तुतीकरण करने के निर्देश दिए। 144 पर्यटन स्थलों का सर्वेक्षण पूरा, 20 स्थलों पर प्राथमिकता से विकसित होंगी सुविधाएं छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा प्रदेश के 144 पर्यटन स्थलों का गैप फिलिंग असेसमेंट पूरा कर लिया गया है। मंत्री  अग्रवाल ने सर्वेक्षण के आधार पर प्राथमिकता वाले 20 पर्यटन स्थलों में सार्वजनिक शौचालय, स्वच्छ पेयजल एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं फास्ट ट्रैक आधार पर विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने इन सुविधाओं के संचालन एवं रखरखाव के लिए स्थानीय समितियों को जिम्मेदारी देने अथवा सुलभ इंटरनेशनल जैसी संस्थाओं का सहयोग लेने को कहा। राम वनगमन पर्यटन परिपथ के 31 नए स्थलों पर दो माह में शुरू होंगे कार्य मंत्री  अग्रवाल ने राम वनगमन पर्यटन परिपथ के अंतर्गत पूर्व में विकसित स्थलों के अधूरे कार्य शीघ्र पूर्ण करने तथा निर्मित पर्यटन इकाइयों, सार्वजनिक शौचालयों और कैफेटेरिया का संचालन स्थानीय समितियों को सौंपने के निर्देश दिए। उन्होंने नवीन चिह्नित 31 स्थलों पर विकास कार्यों के लिए डीपीआर, निविदा और एजेंसी चयन सहित सभी प्रक्रियाएं दो माह के भीतर पूरी कर कार्यादेश जारी करने तथा निर्माण कार्य प्रारंभ कराने को कहा। प्रथम चरण में चयनित 10 स्थलों के अतिरिक्त बस्तर के एक-दो महत्वपूर्ण स्थलों को शामिल करने तथा आवश्यक बजट प्रस्ताव प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने माता कौशल्या धाम चंदखुरी में प्रभु राम की नवीन प्रतिमा को स्थानांतरित कर मंदिर समिति से चर्चा कर जल्द से जल्द मूर्ति स्थापना के निर्देश दिए। रामलला दर्शन योजना के लिए वैकल्पिक ट्रेन संचालन की व्यवस्था  रामलला दर्शन योजना की समीक्षा के दौरान मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम की यात्रा में किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। आईआरसीटीसी द्वारा पेंट्री बोगी में तकनीकी समस्या के कारण ट्रेन उपलब्ध नहीं कराए जाने की स्थिति में उन्होंने एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) के माध्यम से पृथक एजेंसी चयनित कर वैकल्पिक ट्रेन संचालन की आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। भोरमदेव कॉरिडोर की ऑनलाइन निगरानी, होमस्टे हितग्राहियों को शीघ्र मिलेगी सब्सिडी मंत्री  अग्रवाल ने भोरमदेव कॉरिडोर के निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा और तकनीकी निगरानी के लिए ऑनलाइन पोर्टल विकसित करने तथा संबंधित एजेंसियों को नियमानुसार समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने होमस्टे नीति के अंतर्गत चयनित हितग्राहियों को कैपिटल सब्सिडी शीघ्र उपलब्ध कराने तथा तीन चरणों में सहायता राशि वितरण की आवश्यक तैयारी करने को कहा। पर्यटन मंडल की जिन इकाइयों को तकनीकी कारणों से निजी संस्थाओं को लीज पर देना संभव नहीं है, उनका संचालन स्थानीय समितियों के माध्यम से कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही प्रत्येक पर्यटन इकाई में आसपास के प्रमुख पर्यटन स्थलों और उनकी दूरी दर्शाने वाले बड़े सूचना बोर्ड लगाने को कहा गया। पर्यटन मार्गों पर विकसित होंगे सुविधा केंद्र, परियोजनाओं की निगरानी के लिए इंजीनियरों की सेवाएं मंत्री  अग्रवाल ने पर्यटकों की सुविधा के लिए प्रमुख पर्यटन मार्गों पर वेसाइड एमेनिटीज विकसित करने हेतु सभी जिला कलेक्टरों से समन्वय कर भूमि चिह्नित करने और पर्यटन मंडल का लैंड बैंक तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने केंद्र एवं राज्य शासन की निर्माणाधीन पर्यटन परियोजनाओं की तकनीकी मॉनिटरिंग के लिए सर्विस प्रोवाइडर एजेंसी के माध्यम से इंजीनियरों की सेवाएं लेने पर सहमति प्रदान की। बैठक में मुख्यमंत्री पर्यटन मिशन की तैयारियों, कुदरगढ़ रोप-वे निर्माण, मंदिर परिसरों के तालाबों एवं झीलों के जीर्णाेद्धार, मुख्यमंत्री की घोषणाओं से संबंधित लंबित कार्यों तथा स्वीकृत बजट के समयबद्ध उपयोग की भी समीक्षा की गई। मंत्री  अग्रवाल ने प्रदेश के पर्यटन स्थलों को जोड़कर मिनी सर्किट विकसित करने, स्थानीय टूर ऑपरेटरों एवं ट्रैवल एजेंटों के साथ कार्यशाला आयोजित करने तथा केंद्र सरकार की परियोजनाओं के लिए डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए। कलाकारों के लिए डिजिटल पोर्टल होंगे सुदृढ़, पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण पर विशेष जोर संस्कृति विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री  अग्रवाल ने कलाकारों के पंजीयन हेतु संचालित चिन्हारी पोर्टल को अपडेट करने, कलाकार दलों के श्रेणी उन्नयन तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों के पारदर्शी आवंटन के लिए ऑनलाइन पोर्टल विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न सांस्कृतिक पीठों के संबंधित विभागों को हस्तांतरण और पुनः संचालन की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने को कहा। पुरातत्व विभाग की समीक्षा में सिरपुर के सुरंग टीला और नवा रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में लाइट एंड साउंड शो का नियमित संचालन सुनिश्चित करने, अंबिकापुर जिला पुरातत्व संग्रहालय के उन्नयन तथा रायपुर के महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय में ऐतिहासिक रियासतों से जुड़ी सामग्री के व्यवस्थित प्रदर्शन के निर्देश दिए गए। बैठक में युवा दर्शन योजना में खिलाड़ियों को शामिल करने तथा फिल्म सिटी एवं ट्राइबल कन्वेंशन सेंटर के कार्यों में तेजी लाने पर भी चर्चा हुई। मंत्री  अग्रवाल ने अधिकारियों को सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने, लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने तथा अगली समीक्षा बैठक में प्रत्येक निर्देश पर की गई कार्रवाई का अद्यतन प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यटन विकास के साथ स्थानीय समुदाय की भागीदारी और रोजगार सृजन को बढ़ावा देना भी आवश्यक है। बैठक में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक  सौमिल रंजन चौबे, संस्कृति विभाग के संचालक डॉ. संजय कन्नौजे, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के उपसचिव  अभिषेक गुप्ता, पर्यटन मंडल … Read more

नवा रायपुर में मंत्री राजेश अग्रवाल का जनदर्शन, दूर-दराज से पहुंचे नागरिकों से किया संवाद

जनसेवा ही सुशासन सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता : पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय में जनदर्शन, दूर-दराज से पहुंचे नागरिकों से आत्मीय संवाद कर सुनीं समस्याएं और मांगें अधिकारियों को प्रकरणों के निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई करने दिए निर्देश रायपुर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने आज नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय में जनदर्शन के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों एवं आगंतुकों से भेंट की। इस दौरान उन्होंने आमजन से आत्मीय संवाद करते हुए उनकी मांगों, समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना तथा संबंधित विषयों पर आवश्यक जानकारी ली। जनदर्शन में दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं एवं आवश्यकताओं से मंत्री अग्रवाल को अवगत कराया। मंत्री अग्रवाल ने प्रत्येक व्यक्ति की बात को ध्यानपूर्वक सुना और संबंधित अधिकारियों को प्रकरणों का निराकरण करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को आमजन की शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण के साथ ही प्रकरणों पर समय-सीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए तथा पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ समय पर मिलना सुनिश्चित करें। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि जनसेवा ही सुशासन सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। प्रदेश की जनता की समस्याओं को सुनना और उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना शासन की जिम्मेदारी है। आमजन से निरंतर संवाद के माध्यम से उनकी आवश्यकताओं को समझते हुए प्रभावी निराकरण की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक नागरिक की समस्या के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जनदर्शन के माध्यम से नागरिकों को अपनी बात सीधे रखने का अवसर मिल रहा है और प्राप्त प्रकरणों पर संबंधित विभागों के अधिकारियों के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। जनदर्शन के दौरान नागरिकों ने अपनी समस्याओं के साथ विभिन्न सुझाव भी साझा किए। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि आमजन के सुझाव शासन की कार्यप्रणाली को और बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सरकार जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य कर रही है।

राजेश अग्रवाल ने कवर्धा के जानकी वन धाम शिवालय में प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में शिरकत की

रायपुर : पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल कवर्धा के जानकी वन धाम शिवालय में आयोजित प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में हुए शामिल रायपुर जिला कबीरधाम अंतर्गत कुंआ-बिपतरा स्थित जानकी वन धाम में आयोजित नूतन शिवालय प्राण-प्रतिष्ठा एवं महायज्ञ कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल विधायक श्रीमती भावना बोहरा के साथ शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने देवाधिदेव महादेव का विधि-विधान से अभिषेक एवं पूजन कर समस्त चराचर जगत के कल्याण की कामना की। कार्यक्रम के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार, धार्मिक अनुष्ठानों और श्रद्धालुओं की गहन आस्था से पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा। मंत्री अग्रवाल ने भगवान आशुतोष से प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और निरंतर प्रगति की प्रार्थना करते हुए कहा कि भगवान शिव की कृपा से छत्तीसगढ़ सदैव समृद्ध और प्रगतिशील बना रहे तथा प्रत्येक नागरिक के जीवन में सुख और शांति का वास हो। धार्मिक आस्था के साथ उभरता पर्यटन केंद्र, प्रकृति और संस्कृति का अनूठा संगम उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज में एकता, सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। यह आयोजन न केवल आस्था को सुदृढ़ करता है, बल्कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने का भी कार्य करता है, जिससे नई पीढ़ी अपनी परंपराओं से जुड़ सके। मंत्री अग्रवाल ने इस सफल आयोजन के लिए जानकी वन समिति एवं समस्त क्षेत्रवासियों को साधुवाद देते हुए कहा कि उनकी सक्रिय भागीदारी और समर्पण से ही ऐसे भव्य आयोजन संभव हो पाते हैं। उन्होंने क्षेत्र के समग्र विकास और सांस्कृतिक उन्नयन के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन भी दिया। कुंआ-बिपतरा क्षेत्र में स्थित जानकी वन धाम वर्तमान में एक महत्वपूर्ण धार्मिक एवं प्राकृतिक आस्था केंद्र के रूप में तेजी से विकसित हो रहा है। घने जंगलों, हरियाली और शांत वातावरण से घिरा यह धाम श्रद्धालुओं और प्रकृति प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। यहां पहुंचने पर जहां एक ओर आध्यात्मिक शांति का अनुभव होता है, वहीं दूसरी ओर प्राकृतिक सौंदर्य मन को आनंदित करता है। यह धाम मुख्य रूप से भगवान शिव को समर्पित है। महाशिवरात्रि, श्रावण मास सहित अन्य पर्वों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं, जिससे इस स्थल की पहचान और अधिक सुदृढ़ हो रही है। जानकी वन धाम केवल धार्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोक-संस्कृति और सामाजिक समरसता का भी महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है। यहां आयोजित धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से क्षेत्र में सामाजिक एकता को बढ़ावा मिल रहा है और परंपराओं को संरक्षित किया जा रहा है। पर्यटन की दृष्टि से भी यह स्थल अत्यंत संभावनाशील है। प्राकृतिक वातावरण, स्वच्छ वायु और शांत परिवेश इसे आध्यात्मिक पर्यटन के लिए उपयुक्त बनाते हैं। कवर्धा शहर से निकटता और सड़क मार्ग से सुगम पहुंच के कारण यहां स्थानीय एवं बाहरी श्रद्धालुओं की संख्या निरंतर बढ़ रही है। आने वाले समय में यह स्थल छत्तीसगढ़ के प्रमुख धार्मिक-पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित होगा।