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रेखा सरकार का बड़ा कदम: यमुना को फिर से दिल्ली की जीवनरेखा बनाने का वादा

नई दिल्ली  दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यमुना को फिर से स्वच्छ और प्रवाहमान बनाने के लिए मिशन-मोड में ठोस एक्शन प्लान लागू करने के निर्देश दिए हैं। यमुना बनेगी फिर से दिल्ली की जीवनरेखा, एक्शन मोड में रेखा सरकार मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को ये निर्देश  दिल्ली सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में दिए। बैठक में यमुना की मौजूदा हालत, सीवेज ट्रीटमेंट, नालों की सफाई और अनधिकृत कॉलोनियों में सीवर लाइन बिछाने जैसे कामों की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुना केवल नदी नहीं, बल्कि दिल्ली की जीवनरेखा है। सरकार वैज्ञानिक योजना, तय समय-सीमा और पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय स्थापित कर इसे फिर से साफ और जीवंत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। बैठक में सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री प्रवेश साहिब सिंह सहित दिल्ली जल बोर्ड, पीडब्ल्यूडी, दिल्ली नगर निगम, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति, डीडीए व अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में अभी 37 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) मिलकर रोजाना 814 मिलियन गैलन प्रतिदिन (एमजीडी) गंदा पानी साफ कर रहे हैं, जो मौजूदा जरूरत के हिसाब से काफी है। लेकिन भविष्य की जरूरतों को देखते हुए सरकार ने इस क्षमता को बढ़ाकर 1500 एमजीडी करने का बड़ा लक्ष्य रखा है। इसके लिए पुरानी मशीनों को सुधारकर दिसंबर 2027 तक 56 एमजीडी और 35 नए छोटे डिसेन्ट्रलाइज्ड सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (डीएसटीपी) लगाकर 170 एमजीडी अतिरिक्त क्षमता बढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही नालों के पास नए बड़े प्लांट लगाकर दिसंबर 2028 तक 460 एमजीडी क्षमता और जोड़ी जाएगी, ताकि दिल्ली के सीवेज मैनेजमेंट को पूरी तरह चाक-चौबंद किया जा सके। मुख्यमंत्री ने बताया कि इससे सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि बिना साफ किया गया गंदा पानी अब यमुना में नहीं जाएगा। जैसे-जैसे सीवेज ट्रीटमेंट की क्षमता बढ़ेगी, शहर का ज्यादा से ज्यादा गंदा पानी पहले साफ होगा और फिर नदी में छोड़ा जाएगा। इससे यमुना का पानी धीरे-धीरे साफ होगा, बदबू और प्रदूषण कम होगा और नदी में दोबारा जीवन लौटेगा। लंबे समय में इससे पीने के पानी के स्रोत सुरक्षित होंगे, शहर की सेहत सुधरेगी और दिल्ली को भविष्य की बढ़ती आबादी के लिए बेहतर और टिकाऊ सीवेज व्यवस्था मिलेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि अनधिकृत कॉलोनियों और जेजे क्लस्टर्स में सीवर लाइन बिछाने का काम तेजी से किया जा रहा है। 675 जेजे क्लस्टर्स में से 574 में काम पूरा हो चुका है, जबकि 65 क्लस्टर्स में सीवेज इकट्ठा करने के लिए सिंगल पॉइंट कलेक्शन की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा, 1799 अनधिकृत कॉलोनियों में सीवर नेटवर्क का काम दिसंबर 2026 से दिसंबर 2028 तक चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। इससे गंदा पानी बिना साफ हुए यमुना में जाने से रुकेगा। मुख्यमंत्री का मानना है कि जब तक दिल्ली के हर घर का कनेक्शन सीवर लाइन से नहीं होगा, तब तक गंदा पानी यमुना में गिरना बंद नहीं होगा और नदी पूरी तरह साफ नहीं हो पाएगी। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि अब दिल्ली के नालों की निगरानी के लिए पहली बार पुख्ता सिस्टम बनाया गया है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की टीमें 47 तय जगहों पर हर महीने पानी की जांच कर रही हैं। नजफगढ़ और शाहदरा नालों से जुड़े सभी छोटे नालों की पहचान और जांच ड्रोन सर्वे के जरिए जनवरी 2026 तक पूरी कर ली जाएगी, जबकि बाकी नालों का सर्वे दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) जून 2026 तक पूरा करेगा। इस पूरी कवायद का मकसद यह पता लगाना है कि कहां से और कितना प्रदूषण नदी में मिल रहा है ताकि उसे रोका जा सके। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि यमुना को निर्मल करने के लिए पड़ोसी राज्यों से भी समन्वय बनाना होगा। बैठक में बताया गया कि नजफगढ़ ड्रेन में हरियाणा राज्य के छह नाले आकर मिलते हैं, जो कुल दूषित पानी का 33 प्रतिशत है। इसके अलावा, शाहदरा ड्रेन में उत्तर प्रदेश के चार बड़े नाले आकर गिरते हैं, जो कुल दूषित पानी का करीब 40 प्रतिशत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मसले को लेकर वह दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री से समाधान पर बात करेंगी। मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि वर्ष 2028 तक यमुना पुनर्जीवन मिशन के अंतर्गत दिल्ली में सभी प्रमुख नालों और सीवर से जुड़े कार्य पूर्ण कर लिए जाएंगे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व और निगरानी में दिल्ली सरकार और एमसीडी के सभी संबंधित विभाग एकीकृत, समयबद्ध कार्ययोजना के तहत कार्य कर रहे हैं। डीडीए भूमि सहित पूरे शहर में सीवर नेटवर्क के विस्तार का कार्य पूर्ण समन्वय के साथ तेजी से प्रगति पर है।

गुरु तेग बहादुर के आदर्शों को जीवन में उतारने की अपील, CM रेखा गुप्ता ने लोगों से कहा

नई दिल्ली  दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को सिखों के गुरु श्री गुरु तेग बहादुर साहिब के मानवीय संदेशों धर्मनिरपेक्षता, करुणा, सहिष्णुता और सत्य को अपने जीवन में आत्मसात करने की लोगों से अपील की।दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला प्रांगण में आज श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित तीन-दिवसीय भव्य समागम में सुबह से ही प्रांगण भक्तों की भीगी पलकें, हाथ जोड़े श्रद्धालु और गुरु साहिब के प्रति अटूट श्रद्धा से भरा दिख रहा है। उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन के साथ मुख्यमंत्री ने गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब में मत्था टेका। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु तेग बहादुर साहिब का सत्य और मानवता के लिए अद्वितीय बलिदान हर नागरिक को साहस और करुणा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। श्रीमती गुप्ता ने दिल्लीवासियों से अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक आयोजन में शामिल होकर गुरु साहिब के मानवीय संदेशों जैसे धर्मनिरपेक्षता, करुणा, सहिष्णुता और सत्य को अपने जीवन में अपनाएं। दिल्ली सरकार ने इस अवसर पर 25 नवंबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित कर गुरु साहिब की शहादत को राष्ट्र के प्रति समर्पित श्रद्धा के रूप में प्रस्तुत किया है। लाल किला परिसर में आज शाम आयोजित विशेष लाइट एंड साउंड शो में सिख इतिहास और गुरु तेग बहादुर साहिब की शहादत को भव्य और भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया जायेगा।

रेखा गुप्ता की सुरक्षा बदलने का फैसला, CRPF की जगह दिल्ली पुलिस देगी सुरक्षा

नई दिल्ली केंद्र ने दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता को दी गई केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा वापस ले ली है। कुछ दिन पहले ही गुप्ता पर हुए हमले के बाद उन्हें यह सुरक्षा प्रदान की गई थी। आधिकारिक सूत्रों ने सोमवार को इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि उनकी सुरक्षा का जिम्मा फिर से दिल्ली पुलिस को सौंप दिया गया है। सीएम रेखा गुप्ता पर 20 अगस्त की सुबह सिविल लाइंस इलाके में स्थित उनके ऑफिस में ‘जन सुनवाई’ कार्यक्रम के दौरान गुजरात के राजकोट निवासी एक व्यक्ति ने हमला कर दिया था। मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस हमले को ‘‘उनकी हत्या की सुनियोजित साजिश’’ का हिस्सा बताया था। इस घटना के एक दिन बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने विशिष्ट व्यक्तियों को दी जाने वाली सीआरपीएफ की ‘वीआईपी’ सिक्योरिटी विंग को केंद्र के ‘जेड’ श्रेणी सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत उन्हें सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश दिया था। सूत्रों ने बताया कि सीआरपीएफ सुरक्षा वापस ले ली गई है और अब दिल्ली पुलिस ही फिर से मुख्यमंत्री को सुरक्षा प्रदान कर रही है। उन्होंने बताया कि सीआरपीएफ सुरक्षा बढ़ाने का आदेश केंद्र द्वारा औपचारिक रूप से जारी किया जाना था, लेकिन योजना में बदलाव हुआ और सुरक्षा वापस लेने के आदेश जारी किए गए। दिल्ली पुलिस ने मुख्यमंत्री पर हमले की जांच के सिलसिले में अब तक दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इसमें मुख्य आरोपी 41 वर्षीय राजेशभाई खिमजी सकारिया भी शामिल है, जो गुजरात के राजकोट का निवासी है।