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महिला सुरक्षा और गुमशुदा बालिकाओं की बरामदगी में MP पुलिस की पहल को राज्य महिला आयोग की सराहना

महिला सुरक्षा एवं गुमशुदा बालिकाओं की शीघ्र बरामदगी के लिए मध्यप्रदेश पुलिस के प्रयासों की राज्य महिला आयोग ने की सराहना भोपाल राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती रेखा यादव एवं सदस्य सुश्री साधना स्थापक ने पुलिस मुख्यालय, भोपाल में पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा से महिला सुरक्षा, महिलाओं एवं बालिकाओं के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम, गुमशुदा बालिकाओं की खोज एवं बरामदगी तथा पीड़ित सहायता से संबंधित विषयों पर चर्चा की। बैठक के दौरान राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष एवं सदस्य ने महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा तथा गुमशुदा बालिकाओं की बरामदगी के संबंध में मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने महिला एवं बालिका संबंधी अपराधों में प्रभावी कार्रवाई तथा संवेदनशील पुलिसिंग को और सुदृढ़ किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा ने बताया कि महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा मध्यप्रदेश पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल है। गुमशुदा नाबालिग बालिकाओं के प्रत्येक प्रकरण में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है। आधुनिक तकनीक, साइबर विश्लेषण, अंतरराज्यीय समन्वय एवं विशेष पुलिस टीमों के माध्यम से गुमशुदा बालिकाओं की खोज एवं सुरक्षित बरामदगी के मामलों में निरंतर सफलता प्राप्त हो रही है। उन्होंने बताया कि दूरस्थ एवं अंतरराज्यीय गुमशुदगी के मामलों में भी समन्वित प्रयासों के माध्यम से बड़ी संख्या में बालिकाओं की सुरक्षित बरामदगी सुनिश्चित की गई है। महिला एवं बाल सुरक्षा से संबंधित मामलों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई के लिए प्रदेशभर में सतत प्रयास किए जा रहे हैं। बैठक में महिला सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने, पीड़ित सहायता तंत्र को सुदृढ़ करने तथा महिला एवं बालिका संबंधी मामलों में विभिन्न संस्थाओं के मध्य समन्वय बढ़ाने के संबंध में भी विचार-विमर्श किया गया। बैठक में पुलिस मुख्यालय की महिला सुरक्षा शाखा के विशेष पुलिस महानिदेशक (SDG) श्री अनिल कुमार सहित महिला शाखा के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।  

रेखा सरकार का बड़ा फैसला, आय सीमा बढ़ी; डिजिटल पेमेंट वालों को मिलेगा राशन लाभ

नई दिल्ली दिल्‍ली कैबिनेट की बैठक में आज राशन वितरण प्रणाली को लेकर एक बड़ा और बेहद अहम फैसला लिया गया है, जिसने राजधानी के मध्यम और निम्न-मध्यम वर्ग को बड़ी राहत दी है. सरकार ने राशन कार्ड के लिए जरूरी सालाना आय की सीमा को सीधे 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये कर दिया है. दिल्‍ली सरकार का मानना है कि पहले तय की गई 1 लाख रुपये की मूल आय की सीमा बहुत कम थी, जिससे कई जरूरतमंद परिवार इस योजना के दायरे से बाहर हो गए थे. मत्रभ्‍ मंजिंदर सिंह सिरसा ने सरकार के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि इस फैसले से दिल्‍ली के लाखों परिवारों को सीधा फायदा मिलेगा. इसके साथ ही, राशन वितरण में पारदर्शिता लाने और हर तरह की धांधली को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार ने अब राशन के लेन-देन में केवल डिजिटल करेंसी के इस्तेमाल को अनिवार्य कर दिया है।  रेखा गुप्‍ता कैबिनेट फैसले की 5 मुख्य बातें • आय की सीमा में भारी बढ़ोतरी: राशन कार्ड के लिए एलिजिबिल्‍टी की वार्षिक आय सीमा को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर अब 2.5 लाख रुपये कर दिया गया है. • लाखों नए परिवारों को लाभ: इस फैसले के बाद मध्यम वर्ग और निम्न-मध्यम वर्ग के लाखों नए लाभार्थी इस सरकारी राशन योजना के दायरे में आ जाएंगे. • डिजिटल करेंसी से सीधा भुगतान: राशन योजना में भ्रष्टाचार और लीकेज को रोकने के लिए अब केवल डिजिटल करेंसी का ही इस्तेमाल किया जाएगा. • सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर: डिजिटल करेंसी लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे ट्रांसफर की जाएगी, जिसका इस्तेमाल वे सिर्फ राशन खरीदने के लिए कर सकेंगे. • बिचौलियों और धांधली पर लगाम: इस तकनीक-आधारित व्यवस्था से कोटेदारों की मनमानी, राशन की कालाबाजारी और फर्जी लाभार्थियों की धांधली पूरी तरह बंद हो जाएगी. क्यों खास है यह फैसला और क्या होगा इसका असर? सरकार का यह फैसला दोहरे मोर्चे पर काम करने वाला है—पहला सामाजिक कल्याण का विस्तार और दूसरा तकनीक के जरिए पूरी व्यवस्था का शुद्धीकरण. अब तक 1 लाख रुपये की सालाना आय की सीमा बेहद व्यावहारिक नहीं रह गई थी क्योंकि महंगाई के इस दौर में इतनी आय वाला परिवार भी बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष करता है. आय की सीमा को ढाई लाख करने से समाज के एक बहुत बड़े कामकाजी वर्ग (जैसे सुरक्षाकर्मी, ऑटो चालक, छोटे दुकानदार) को मुफ्त या किफायती राशन की सुरक्षा मिल सकेगी।  दूसरा और सबसे क्रांतिकारी कदम है डिजिटल करेंसी (e-RUPI या सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी – CBDC) का अनिवार्य इस्तेमाल. अभी तक कई जगहों पर शिकायतें आती थीं कि कोटेदार राशन डकार जाते हैं या लाभार्थियों को बाजार में बेचने पर मजबूर करते हैं. अब जब सरकार सीधे खाते में राशन की डिजिटल करेंसी भेजेगी, तो लाभार्थी उसका इस्तेमाल केवल राशन की दुकान पर ही कर पाएगा. इससे कैश की हेराफेरी खत्म होगी और राशन वितरण प्रणाली 100% पारदर्शी हो जाएगी।  सवाल-जवाब सरकार को राशन के लिए आय की सीमा 1 लाख से बढ़ाकर ढाई लाख रुपये क्यों करनी पड़ी? सरकार के अनुसार, पहले तय की गई 1 लाख रुपये की मूल आय सीमा बहुत कम थी. वर्तमान आर्थिक स्थितियों और महंगाई को देखते हुए बुनियादी आय को कम आका गया था, जिससे कई वास्तविक जरूरतमंद राशन के लाभ से वंचित रह जाते थे. अब ढाई लाख की सीमा होने से लाखों छूटे हुए परिवारों को सुरक्षा कवच मिलेगा।  राशन वितरण में डिजिटल करेंसी कैसे काम करेगी और लाभार्थियों को इससे क्या फायदा होगा? सरकार लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे राशन के मूल्य के बराबर डिजिटल करेंसी ट्रांसफर करेगी. यह करेंसी डायरेक्ट अकाउंट में जाएगी, जिससे लाभार्थी राशन की अधिकृत दुकान पर जाकर भुगतान कर सकेंगे. इससे लाभार्थियों को अपनी जेब से नकद खर्च नहीं करना पड़ेगा और वे बिना किसी कटौती के पूरा राशन ले सकेंगे।  इस नई व्यवस्था से राशन वितरण में होने वाली धांधली पर कैसे लगाम लगेगी? डिजिटल करेंसी की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह ‘पर्पज-स्पेसिफिक’ (विशेष उद्देश्य के लिए) होती है. यानी राशन के लिए मिली डिजिटल करेंसी का इस्तेमाल किसी अन्य काम या सामान को खरीदने में नहीं किया जा सकता. इससे राशन की कालाबाजारी, कोटेदारों द्वारा फर्जी अंगूठा लगवाना और बिचौलियों का कमीशन पूरी तरह बंद हो जाएगा। 

ट्रैफिक और ईंधन बचाने की नई पहल, सरकार ने लागू किया ऑनलाइन क्लास और वर्क फ्रॉम होम मॉडल

नई दिल्ली दिल्ली सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अपील को लागू करने का फैसला किया है. इसमें रेखा सरकार के आदेश के अनुसार, स्कूल-कॉलेज को ऑनलाइन जारी करने का आदेश दिया गया है. दरअसल, रेखा गुप्ता सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर पेट्रोल-डीजल की बेतहाशा खपत और ऊर्जा संकट से निपटने के लिए कड़े कदम उठाए हैं. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘मेरा भारत, मेरा योगदान’ नाम के एक अभियान का घोषणा किया है. इस अभियान में कई बड़े और चौंकाने वाले प्रशासनिक बदलावों की घोषणा की गई है. इन फैसलों का सीधा असर दिल्ली की सरकारी कार्यप्रणाली, यातायात और आम जनता के रूटीन पर पड़ेगा। सरकारी और प्राइवेट दफ्तरों की टाइमिंग में बदलाव और साथ ही हफ्ते में कुछ दिन वर्क फ्रॉम होम करने की सलाह दी गई है. उन्होंने कॉलेज स्कूलों को ऑनलाइन मोड में चलाने की अपील की है. साथ ही कोर्ट से भी ऑनलाइन सुनवाई के लिए निवेदन किया है. सरकार का मुख्य फोकस ईंधन की बचत और बिजली की खपत को कम करने पर है।  आइए जानते हैं सरकार द्वारा लिए गए अहम फैसले क्या हैं: दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए सरकार ने दफ्तरों के समय में बड़ा बदलाव किया है- नया समय: दिल्ली सरकार के दफ्तर अब सुबह 10:30 बजे से शाम 7:00 बजे तक खुलेंगे. वहीं, MCD के दफ्तरों का समय सुबह 7:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक रहेगा. वर्क फ्रॉम होम: दिल्ली सरकार के सभी कर्मचारियों के लिए हफ्ते में 2 दिन ‘वर्क फ्रॉम होम’ (WFH) अनिवार्य कर दिया गया है. प्राइवेट कंपनियों को भी ‘वर्क फ्रॉम होम’ लागू करने के लिए सरकार की तरफ से समान एडवाइजरी (Advisory) जारी की जाएगी।  ऑनलाइन ही होगी मीटिंग: सरकार की 50 प्रतिशत आधिकारिक बैठकें अब सिर्फ ऑनलाइन माध्यम से ही आयोजित की जाएंगी।  ‘मेट्रो मंडे’ और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा: पेट्रोल-डीजल की खपत घटाने के लिए मुख्यमंत्री ने एक नई पहल शुरू की है. सप्ताह के पहले दिन यानी सोमवार को ‘मेट्रो मंडे’ (Metro Monday) घोषित किया गया है, जहां लोगों से मेट्रो का इस्तेमाल करने की अपील की गई है. जो सरकारी कर्मचारी ऑफिस आने-जाने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करेंगे, उनके ‘ट्रांसपोर्ट अलाउंस’ में 10% की बढ़ोतरी की जाएगी. सरकारी कॉलोनियों में कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए 29 कॉलोनियों में 58 फीडर बसें (Feeder Buses) चलाई जाएंगी।  नो व्हीकल डे: जनता से अपील की गई है कि वे हफ्ते में कम से कम एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ मनाएं और माल ढुलाई के लिए ट्रकों की जगह ट्रेनों का इस्तेमाल करें।  सरकारी खर्चे और VVIP कल्चर पर लगाम विदेश यात्राओं पर बैन: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सख्त निर्देश दिया है कि अगले एक साल तक दिल्ली सरकार का कोई भी मंत्री या अधिकारी किसी भी आधिकारिक (Official) विदेश यात्रा पर नहीं जाएगा. आम जनता से भी विदेशी यात्राएं कम करने की अपील की गई है।      अगले 3 महीनों तक सरकार द्वारा आयोजित होने वाले सभी बड़े इवेंट्स कैंसिल कर दिए गए हैं.     अधिकारियों के पेट्रोल कोटे (लिमिट) में 20 प्रतिशत और डोमेस्टिक अलाउंस (घरेलू भत्ते) में भी 20% की कटौती की गई है.     अगले 6 महीनों तक सरकार के किसी भी विभाग में कोई नया वाहन नहीं खरीदा जाएगा. वाहनों का इस्तेमाल ‘न्यूनतम जरूरत’ के हिसाब से ही होगा. ऊर्जा बचत और EV पॉलिसी बिजली की खपत को नियंत्रित करने के लिए सरकारी दफ्तरों में AC का तापमान 24 से 26 डिग्री के बीच रखना अनिवार्य कर दिया गया है. बिजली की बर्बादी रोकने के लिए हर कॉरिडोर में एक ‘मास्टर स्विच’ लगाया जाएगा. इसके अलावा, सीएम ने जानकारी दी है कि अदालतों से भी निवेदन किया गया है कि वे ज्यादा से ज्यादा ‘ऑनलाइन हियरिंग’ (Online Hearing) करें। 

रेखा सरकार का बड़ा कदम: यमुना को फिर से दिल्ली की जीवनरेखा बनाने का वादा

नई दिल्ली  दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यमुना को फिर से स्वच्छ और प्रवाहमान बनाने के लिए मिशन-मोड में ठोस एक्शन प्लान लागू करने के निर्देश दिए हैं। यमुना बनेगी फिर से दिल्ली की जीवनरेखा, एक्शन मोड में रेखा सरकार मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को ये निर्देश  दिल्ली सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में दिए। बैठक में यमुना की मौजूदा हालत, सीवेज ट्रीटमेंट, नालों की सफाई और अनधिकृत कॉलोनियों में सीवर लाइन बिछाने जैसे कामों की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुना केवल नदी नहीं, बल्कि दिल्ली की जीवनरेखा है। सरकार वैज्ञानिक योजना, तय समय-सीमा और पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय स्थापित कर इसे फिर से साफ और जीवंत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। बैठक में सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री प्रवेश साहिब सिंह सहित दिल्ली जल बोर्ड, पीडब्ल्यूडी, दिल्ली नगर निगम, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति, डीडीए व अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में अभी 37 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) मिलकर रोजाना 814 मिलियन गैलन प्रतिदिन (एमजीडी) गंदा पानी साफ कर रहे हैं, जो मौजूदा जरूरत के हिसाब से काफी है। लेकिन भविष्य की जरूरतों को देखते हुए सरकार ने इस क्षमता को बढ़ाकर 1500 एमजीडी करने का बड़ा लक्ष्य रखा है। इसके लिए पुरानी मशीनों को सुधारकर दिसंबर 2027 तक 56 एमजीडी और 35 नए छोटे डिसेन्ट्रलाइज्ड सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (डीएसटीपी) लगाकर 170 एमजीडी अतिरिक्त क्षमता बढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही नालों के पास नए बड़े प्लांट लगाकर दिसंबर 2028 तक 460 एमजीडी क्षमता और जोड़ी जाएगी, ताकि दिल्ली के सीवेज मैनेजमेंट को पूरी तरह चाक-चौबंद किया जा सके। मुख्यमंत्री ने बताया कि इससे सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि बिना साफ किया गया गंदा पानी अब यमुना में नहीं जाएगा। जैसे-जैसे सीवेज ट्रीटमेंट की क्षमता बढ़ेगी, शहर का ज्यादा से ज्यादा गंदा पानी पहले साफ होगा और फिर नदी में छोड़ा जाएगा। इससे यमुना का पानी धीरे-धीरे साफ होगा, बदबू और प्रदूषण कम होगा और नदी में दोबारा जीवन लौटेगा। लंबे समय में इससे पीने के पानी के स्रोत सुरक्षित होंगे, शहर की सेहत सुधरेगी और दिल्ली को भविष्य की बढ़ती आबादी के लिए बेहतर और टिकाऊ सीवेज व्यवस्था मिलेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि अनधिकृत कॉलोनियों और जेजे क्लस्टर्स में सीवर लाइन बिछाने का काम तेजी से किया जा रहा है। 675 जेजे क्लस्टर्स में से 574 में काम पूरा हो चुका है, जबकि 65 क्लस्टर्स में सीवेज इकट्ठा करने के लिए सिंगल पॉइंट कलेक्शन की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा, 1799 अनधिकृत कॉलोनियों में सीवर नेटवर्क का काम दिसंबर 2026 से दिसंबर 2028 तक चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। इससे गंदा पानी बिना साफ हुए यमुना में जाने से रुकेगा। मुख्यमंत्री का मानना है कि जब तक दिल्ली के हर घर का कनेक्शन सीवर लाइन से नहीं होगा, तब तक गंदा पानी यमुना में गिरना बंद नहीं होगा और नदी पूरी तरह साफ नहीं हो पाएगी। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि अब दिल्ली के नालों की निगरानी के लिए पहली बार पुख्ता सिस्टम बनाया गया है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की टीमें 47 तय जगहों पर हर महीने पानी की जांच कर रही हैं। नजफगढ़ और शाहदरा नालों से जुड़े सभी छोटे नालों की पहचान और जांच ड्रोन सर्वे के जरिए जनवरी 2026 तक पूरी कर ली जाएगी, जबकि बाकी नालों का सर्वे दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) जून 2026 तक पूरा करेगा। इस पूरी कवायद का मकसद यह पता लगाना है कि कहां से और कितना प्रदूषण नदी में मिल रहा है ताकि उसे रोका जा सके। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि यमुना को निर्मल करने के लिए पड़ोसी राज्यों से भी समन्वय बनाना होगा। बैठक में बताया गया कि नजफगढ़ ड्रेन में हरियाणा राज्य के छह नाले आकर मिलते हैं, जो कुल दूषित पानी का 33 प्रतिशत है। इसके अलावा, शाहदरा ड्रेन में उत्तर प्रदेश के चार बड़े नाले आकर गिरते हैं, जो कुल दूषित पानी का करीब 40 प्रतिशत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मसले को लेकर वह दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री से समाधान पर बात करेंगी। मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि वर्ष 2028 तक यमुना पुनर्जीवन मिशन के अंतर्गत दिल्ली में सभी प्रमुख नालों और सीवर से जुड़े कार्य पूर्ण कर लिए जाएंगे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व और निगरानी में दिल्ली सरकार और एमसीडी के सभी संबंधित विभाग एकीकृत, समयबद्ध कार्ययोजना के तहत कार्य कर रहे हैं। डीडीए भूमि सहित पूरे शहर में सीवर नेटवर्क के विस्तार का कार्य पूर्ण समन्वय के साथ तेजी से प्रगति पर है।

गुरु तेग बहादुर के आदर्शों को जीवन में उतारने की अपील, CM रेखा गुप्ता ने लोगों से कहा

नई दिल्ली  दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को सिखों के गुरु श्री गुरु तेग बहादुर साहिब के मानवीय संदेशों धर्मनिरपेक्षता, करुणा, सहिष्णुता और सत्य को अपने जीवन में आत्मसात करने की लोगों से अपील की।दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला प्रांगण में आज श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित तीन-दिवसीय भव्य समागम में सुबह से ही प्रांगण भक्तों की भीगी पलकें, हाथ जोड़े श्रद्धालु और गुरु साहिब के प्रति अटूट श्रद्धा से भरा दिख रहा है। उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन के साथ मुख्यमंत्री ने गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब में मत्था टेका। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु तेग बहादुर साहिब का सत्य और मानवता के लिए अद्वितीय बलिदान हर नागरिक को साहस और करुणा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। श्रीमती गुप्ता ने दिल्लीवासियों से अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक आयोजन में शामिल होकर गुरु साहिब के मानवीय संदेशों जैसे धर्मनिरपेक्षता, करुणा, सहिष्णुता और सत्य को अपने जीवन में अपनाएं। दिल्ली सरकार ने इस अवसर पर 25 नवंबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित कर गुरु साहिब की शहादत को राष्ट्र के प्रति समर्पित श्रद्धा के रूप में प्रस्तुत किया है। लाल किला परिसर में आज शाम आयोजित विशेष लाइट एंड साउंड शो में सिख इतिहास और गुरु तेग बहादुर साहिब की शहादत को भव्य और भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया जायेगा।

रेखा गुप्ता की सुरक्षा बदलने का फैसला, CRPF की जगह दिल्ली पुलिस देगी सुरक्षा

नई दिल्ली केंद्र ने दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता को दी गई केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा वापस ले ली है। कुछ दिन पहले ही गुप्ता पर हुए हमले के बाद उन्हें यह सुरक्षा प्रदान की गई थी। आधिकारिक सूत्रों ने सोमवार को इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि उनकी सुरक्षा का जिम्मा फिर से दिल्ली पुलिस को सौंप दिया गया है। सीएम रेखा गुप्ता पर 20 अगस्त की सुबह सिविल लाइंस इलाके में स्थित उनके ऑफिस में ‘जन सुनवाई’ कार्यक्रम के दौरान गुजरात के राजकोट निवासी एक व्यक्ति ने हमला कर दिया था। मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस हमले को ‘‘उनकी हत्या की सुनियोजित साजिश’’ का हिस्सा बताया था। इस घटना के एक दिन बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने विशिष्ट व्यक्तियों को दी जाने वाली सीआरपीएफ की ‘वीआईपी’ सिक्योरिटी विंग को केंद्र के ‘जेड’ श्रेणी सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत उन्हें सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश दिया था। सूत्रों ने बताया कि सीआरपीएफ सुरक्षा वापस ले ली गई है और अब दिल्ली पुलिस ही फिर से मुख्यमंत्री को सुरक्षा प्रदान कर रही है। उन्होंने बताया कि सीआरपीएफ सुरक्षा बढ़ाने का आदेश केंद्र द्वारा औपचारिक रूप से जारी किया जाना था, लेकिन योजना में बदलाव हुआ और सुरक्षा वापस लेने के आदेश जारी किए गए। दिल्ली पुलिस ने मुख्यमंत्री पर हमले की जांच के सिलसिले में अब तक दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इसमें मुख्य आरोपी 41 वर्षीय राजेशभाई खिमजी सकारिया भी शामिल है, जो गुजरात के राजकोट का निवासी है।