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यात्रियों को बड़ी सौगात: गणतंत्र दिवस पर शुरू हुईं 12 नई एसी लोकल

मुंबई मुंबई के लाखों लोकल ट्रेन यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। यात्रियों के बीच बढ़ती लोकप्रियता और लगातार बढ़ रही मांग को देखते हुए पश्चिम रेलवे (Western Railway) ने एसी लोकल ट्रेनों की संख्या बढ़ाने का फैसला किया है। आज से मुंबई उपनगरीय खंड में 12 नई एसी लोकल ट्रेन सेवाएं शुरू की जाएंगी। इसके बाद पश्चिम रेलवे पर एसी लोकल ट्रेनों की कुल संख्या 109 से बढ़कर 121 हो जाएगी। खास बात यह है कि ये सभी सेवाएं सप्ताह के सातों दिन उपलब्ध रहेंगी। भीड़ से मिलेगी राहत, कुल सेवाओं में नहीं होगा बदलाव पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक के अनुसार, एसी ट्रेनों में यात्रियों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। इसी को ध्यान में रखते हुए मौजूदा 12-डिब्बों वाली नॉन-एसी लोकल ट्रेनों के स्थान पर ये नई एसी सेवाएं शुरू की जा रही हैं। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि कुल लोकल सेवाओं की संख्या 1406 ही रहेगी। नई शुरू होने वाली 12 सेवाओं में से 6 अप (चर्चगेट की ओर) और 6 डाउन (विरार/बोरीवली की ओर) में चलेंगी।   नई शुरू की जा रही 12 एसी लोकल ट्रेनों में से 6 अप दिशा और 6 डाउन दिशा में होंगी। अप दिशा में विरार-चर्चगेट और गोरेगांव-चर्चगेट के बीच दो-दो ट्रेनें चलेंगी। इसके अलावा बोरीवली-चर्चगेट और भायंदर-चर्चगेट के बीच एक-एक एसी लोकल सेवा शामिल है। वहीं डाउन दिशा में चर्चगेट-विरार और चर्चगेट-गोरेगांव के बीच दो-दो ट्रेनें, जबकि चर्चगेट-भायंदर और चर्चगेट-बोरीवली के बीच एक-एक एसी लोकल ट्रेन चलाई जाएगी। टाइमटेबल के अनुसार, सुबह और शाम के व्यस्त समय के साथ-साथ दिन के मध्य भी एसी लोकल सेवाएं उपलब्ध रहेंगी, जिससे नौकरीपेशा यात्रियों के साथ-साथ अन्य यात्रियों को भी सहूलियत मिलेगी। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इन अतिरिक्त एसी लोकल ट्रेनों से भीड़ का दबाव कम होगा और यात्रियों को ज्यादा आरामदायक सफर का विकल्प मिलेगा।

ओडिशा के कोरापुट में विवाद के बाद फैसला पलटा, 26 जनवरी पर मांसाहार बिक्री पर अब नहीं रहेगी पाबंदी

भुवनेश्वर ओडिशा के कोरापुट जिले में 26 जनवरी को 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर मांसाहारी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर एक दिन के प्रतिबंध से जुड़ा आदेश वापस ले लिया गया है। जिले के कलेक्टर मनोज सत्यवान महाजन ने रविवार को अपने पहले के आदेश को निरस्त करते हुए सभी तहसीलदारों, ब्लॉक विकास अधिकारियों (बीडीओ) और अन्य कार्यकारी अधिकारियों को इस संबंध में नया पत्र जारी किया। कलेक्टर मनोज महाजन ने पत्र में स्पष्ट किया कि मांस, चिकन, मछली, अंडे और अन्य मांसाहारी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने का निर्णय जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस तैयारी समिति के सुझाव के आधार पर लिया गया था। हालांकि, इस फैसले को लेकर विभिन्न स्तरों पर आई प्रतिक्रियाओं और गहन विचार-विमर्श के बाद 23 जनवरी को जारी आदेश को वापस लेने का निर्णय किया गया है। रविवार को जारी आदेश में कहा गया है कि कोरापुट जिले में 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर मांसाहारी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने संबंधी 23 जनवरी का आदेश तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाता है। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि यह निर्देश समिति के सुझाव पर जारी किया गया था, इसलिए व्यापक विचार के बाद इसे वापस लिया जा रहा है। इससे पहले 23 जनवरी को कलेक्टर ने सभी तहसीलदारों, बीडीओ और अन्य कार्यकारी अधिकारियों को निर्देश दिया था कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर 26 जनवरी को मांस, चिकन, मछली, अंडे और अन्य मांसाहारी वस्तुओं की बिक्री पर रोक सुनिश्चित करें। उस आदेश में अधिकारियों से त्वरित कार्रवाई करने को भी कहा गया था। कलेक्टर के इस आदेश के सामने आने के बाद जिले ही नहीं, बल्कि राज्य स्तर पर भी व्यापक और मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिली थीं। कई लोगों ने फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा था कि गणतंत्र दिवस एक राष्ट्रीय पर्व है, न कि कोई धार्मिक अवसर, ऐसे में खाद्य पदार्थों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध उचित नहीं है। सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर भी इस निर्णय को लेकर बहस छिड़ गई थी। अब आदेश वापस लिए जाने के बाद प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। माना जा रहा है कि प्रशासन ने जनभावनाओं और व्यावहारिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया है। फिलहाल कोरापुट जिले में 26 जनवरी को मांसाहारी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर कोई प्रतिबंध लागू नहीं रहेगा।

Republic Day से पहले किले में तब्दील जम्मू-कश्मीर, जगह-जगह पुलिस और सुरक्षाबलों की तैनाती

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर में गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर रविवार को सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात कर दिए गए हैं। हर वाहन की चेकिंग के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है। जम्मू के एमए स्टेडियम में सोमवार को गणतंत्र दिवस समारोह मनाया जाएगा, जहां उपराज्यपाल मनोज सिन्हा राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और परेड की सलामी लेंगे। वहीं श्रीनगर में उप मुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी बख्शी स्टेडियम में गणतंत्र दिवस समारोह की अध्यक्षता करेंगे। जम्मू-श्रीनगर दोनों जगहों पर जम्मू-कश्मीर पुलिस, बीएसएफ, सीआरपीएफ, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज, आपदा प्रबंधन, होम गार्ड और स्कूली बच्चों की टुकड़ियाँ पोडियम के सामने मार्च करेंगी। झंडा फहराने और मार्च पास्ट के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम और केंद्रशासित प्रदेश में विकास और प्रगति को दर्शाने वाले कार्यक्रम होंगे। जम्मू और कश्मीर के सभी अन्य जिला मुख्यालयों में भी इसी तरह के समारोह आयोजित किए जाएंगे। केंद्र शासित प्रदेश के 20 जिलों में गणतंत्र दिवस समारोह के सभी स्थानों पर शनिवार को फुल ड्रेस रिहर्सल हुई। श्रीनगर और जम्मू में कई जगहों पर ह्यूमन इंटेलिजेंस, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, ड्रोन से हवाई निगरानी, ​​अस्थायी ड्रॉप गेट, चेकपोस्ट और लोगों की तलाशी और गाड़ियों की चेकिंग की जा रही है। पुलिस अधिकारी ने बताया, "सुरक्षा को अधिकतम अलर्ट पर रखा गया है और हम गणतंत्र दिवस के मद्देनजर सुरक्षा को लेकर कोई चांस नहीं ले रहे हैं।" देश के 77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रीय उत्सवों का संदेश फैलाने के लिए सभी सरकारी इमारतों, फ्लाईओवर और मुख्य पुलों को रोशन किया गया है। वहीं, दिल्ली में 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास हुए आतंकी हमले के बाद गणतंत्र दिवस समारोह मनाया जा रहा है, जिसमें 12 बेगुनाह नागरिक मारे गए थे और 32 अन्य घायल हो गए थे। जिसे देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी से मिले इनपुट के आधार पर भी कार्रवाई की जा रही है। सेना पूरे इलाकों को अपने कब्जे में लेकर चेकिंग अभियान भी चला रही है। साथ ही कोई भी इनपुट मिलने पर कार्रवाई के लिए भी टीम तैनात की गई है।

जब पाकिस्तान बना गणतंत्र दिवस परेड का मुख्य अतिथि: दो बार की अनोखी घटना

नई दिल्ली भारत के गणतंत्र दिवस परेड में पाकिस्तान के मुख्य अतिथि बनने की घटना इतिहास में 2 बार दर्ज है, जो दोनों देशों के बीच उस समय के कूटनीतिक प्रयासों को दर्शाती है। पहली बार जनवरी 1955 में पाकिस्तान के गवर्नर जनरल सर मलिक गुलाम मुहम्मद मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। यह वह साल था जब परेड राजपथ (अब कर्तव्य पथ) पर आयोजित की गई थी। जवाहरलाल नेहरू ने उन्हें आमंत्रित किया था, ताकि 1947 के विभाजन और कश्मीर युद्ध के बाद दोनों देशों के बीच तनाव कम हो सके और सुलह की कोशिश की जा सके।   गुलाम मुहम्मद पूर्व भारतीय सिविल सेवा अधिकारी थे, जिन्हें ब्रिटिश सरकार ने 1946 में नाइट की उपाधि दी थी। पाकिस्तान में उन्होंने प्रधानमंत्री ख्वाजा नाजिमुद्दीन की सरकार बर्खास्त की और संविधान सभा को भंग कर दिया था, जिससे वहां संवैधानिक व्यवस्था कमजोर हुई। फिर भी भारत ने इस निमंत्रण को प्रतीकात्मक कदम माना। इसके 10 साल बाद, जनवरी 1965 में पाकिस्तान के खाद्य एवं कृषि मंत्री राणा अब्दुल हमीद मुख्य अतिथि बने। यह निमंत्रण लाल बहादुर शास्त्री के प्रधानमंत्री काल में दिया गया था। राना अब्दुल हमीद सिंध के प्रभावशाली राणा परिवार से थे, जिनकी जड़ें हिंदू सोडा राजपूतों से जुड़ी थीं। उस समय दोनों देश सैन्य क्षमता का आकलन कर रहे थे और संबंध सुधारने की कोशिशें हो रही थीं। निमंत्रण के बावजूद कराई घुसपैठ, छिड़ी बहस भारत ने इसे विश्वास बहाली का माध्यम माना, लेकिन कुछ महीनों बाद अप्रैल 1965 में पाकिस्तान ने रण ऑफ कच्छ में ऑपरेशन डेजर्ट हॉक शुरू कर सीमा पर घुसपैठ की। ब्रिटेन की मध्यस्थता से जून में युद्धविराम हुआ, लेकिन अगस्त में ऑपरेशन जिब्राल्टर के तहत पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर में घुसपैठिए भेजे, जिससे सितंबर 1965 में युद्ध छिड़ गया। ऐसे में इन निमंत्रणों पर भारत में बहस हुई। कांग्रेस नेता बी.जी. खेर ने इसे बातचीत का सॉफ्ट ब्रिज बताया, जबकि सी. राजगोपालाचारी जैसे लोगों ने सावधानी बरतने की सलाह दी। कुछ का मानना था कि इससे भारत की संप्रभुता पर असर पड़ सकता है। समाचार पत्रों ने इसे शिष्टाचार का कदम माना, लेकिन जनता में सीमा विवादों को लेकर चिंता थी। ये घटनाएं उस दौर की हैं जब दोनों देशों के बीच प्रतीकात्मक कदम संघर्ष रोकने की कोशिश थे।

गणतंत्र दिवस पर 982 कर्मियों को मिलेगा वीरता और सेवा मेडल, CBI अधिकारी भी सम्मानित

नई दिल्ली गणतंत्र दिवस 2026 के मौके पर केंद्र सरकार ने गैलेंट्री अवॉर्ड और सेवा मेडल की घोषणा की है। इस बार पुलिस, फायर ब्रिगेड, होमगार्ड, सिविल डिफेंस और करेक्शनल सर्विस से जुड़े कुल 982 कर्मियों को उनके बेहतरीन काम के लिए सम्मानित किया जाएगा। इनमें 125 वीरता पदक शामिल हैं। सबसे ज्यादा 45 वीरता पदक जम्मू-कश्मीर में तैनात जवानों को मिले हैं। इसके बाद नक्सल प्रभावित इलाकों में तैनात 35 और पूर्वोत्तर भारत में तैनात 5 कर्मियों को वीरता पदक दिया गया है। फायर ब्रिगेड के 4 जवानों को भी जान जोखिम में डालकर किए गए काम के लिए यह सम्मान मिला है। आरजी कर केस की जांच करने वाले CBI अधिकारी को सम्मान इन 982 पुरस्कारों में 101 प्रेसिडेंट मेडल और 756 मेरिटोरियस सर्विस मेडल भी शामिल हैं। सबसे ज्यादा 33 वीरता पदक जम्मू-कश्मीर पुलिस को मिले हैं। इसके बाद महाराष्ट्र पुलिस को 31, उत्तर प्रदेश पुलिस को 18 और दिल्ली पुलिस को 14 मेडल दिए गए हैं। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में केवल CRPF को 12 वीरता पदक मिले हैं। वहीं CBI के 31 अधिकारियों को प्रेसिडेंट और मेरिटोरियस मेडल से सम्मानित किया गया है। इनमें आरजी कर मेडिकल कॉलेज रेप-मर्डर केस की जांच करने वाले CBI के जॉइंट डायरेक्टर वी. चंद्रशेखर भी शामिल हैं। उन्होंने इस हाई-प्रोफाइल केस की जांच में अहम भूमिका निभाई थी। किसे कितने मेडल मिले     125 वीरता पदक: 121 पुलिस कर्मी और 4 फायर ब्रिगेड कर्मी     101 प्रेसिडेंट मेडल: 89 पुलिस, 5 फायर ब्रिगेड, 3 सिविल डिफेंस/होमगार्ड और 4 करेक्शनल सर्विस     756 मेरिटोरियस सर्विस मेडल: 664 पुलिस, 34 फायर ब्रिगेड, 33 सिविल डिफेंस/होमगार्ड और 25 करेक्शनल सर्विस जानिए इन अवॉर्ड्स का मतलब वीरता पदक उन कर्मियों को दिया जाता है, जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की जान-माल बचाई हो या अपराध रोकने में असाधारण साहस दिखाया हो। प्रेसिडेंट सेवा मेडल लंबे समय तक बेहतरीन और अनुकरणीय सेवा के लिए दिया जाता है। मेरिटोरियस सर्विस मेडल ईमानदारी और निष्ठा के साथ की गई उत्कृष्ट सेवा के लिए दिया जाता है।  

गणतंत्र दिवस परेड की फुल ड्रेस फाइनल रिहर्सल: उत्साह और उमंग से भरा माहौल

उत्साह और उमंग से भरपूर रही गणतंत्र दिवस परेड की फुल ड्रेस फाइनल रिहर्सल डीजीपी  कैलाश मकवाणा ने लिया जायजा हर्षोल्लास एवं धूमधाम से मनेगा गौरवशाली 77 वां गणतंत्र दिवस भोपाल मध्यप्रदेश में 77वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास एवं गरिमामय ढंग से मनाया जाएगा। मुख्य समारोह 26 जनवरी को प्रदेश के राज्यपाल  मंगूभाई पटेल के मुख्य आतिथ्य में लाल परेड मैदान भोपाल में प्रात: 9 बजे आयोजित होगा। गणतंत्र दिवस समारोह में निकलने वाली संयुक्त परेड एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अंतिम अभ्यास शनिवार को लाल परेड मैदान पर किया गया। पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने परेड एवं समारोह की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। गणतंत्र दिवस की फुल ड्रेस फाइनल रिहर्सल के दौरान सातवीं बटालियन के प्रधान आरक्षक  राजमणि सिंह बघेल ने प्रतीक स्वरूप मुख्य अतिथि की भूमिका निभाई और ध्वजारोहण कर संयुक्त परेड की सलामी ली। हर्ष फायर के बीच पुलिस बैंड ने निरीक्षक  सुनील कटारे के निर्देशन में "जन गण मन" की धुन बजाई। मुख्य अतिथि के संदेश का प्रतीक स्वरूप वाचन भी किया गया। हर्ष फायर के बाद पुलिस बैंड की मधुर धुनों के बीच आकर्षक संयुक्त परेड निकाली गई। परेड का नेतृत्व भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी  आयुष जाखड़ ने किया। परेड टू आई सी का दायित्व एसडीओपी सैलाना जिला रतलाम मती नीलम बघेल ने निभाया। संयुक्त परेड में बिहार विशेष सशस्‍त्र पुलिस, अश्वारोही दल व श्वान दस्ते सहित 23 टुकड़ियां शामिल थीं। संयुक्त परेड में शामिल बिहार विशेष सशस्‍त्र पुलिस-1 गोरखा बटालियन की टुकड़ी का नेतृत्व निरीक्षक  अशोक कुमार गिरी ने किया। इसी तरह हॉकफोर्स प्‍लाटून का नेतृत्‍व उप निरीक्षक  सोबरन सिंह, केन्‍द्रीय रिजर्व पुलिस बल की टुकड़ी नेतृत्‍व निरीक्षक  रामाश्रेय पासवान, आईटीबीपी बल की टुकड़ी का नेतृत्‍व निरीक्षक  रामकुमार मा‍लवीय, केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल टुकड़ी का नेतृत्व निरीक्षक  संदीप तिवारी, मध्यप्रदेश विशेष सशस्त्र बल 01 की टुकड़ी का नेतृत्व 23वीं वाहिनी भोपाल के निरीक्षक  राजेश यादव, जिला बल महिला टुकड़ी का नेतृत्व निरीक्षक मती सरोज ठाकुर, एस.टी.एफ टुकड़ी का नेतृत्व निरीक्षक  नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह, जिला बल पुरुष प्लाटून का नेतृत्व निरीक्षक  नरबद सिंह, मध्यप्रदेश विशेष सशस्त्र बल 02 की टुकड़ी का नेतृत्व निरीक्षक  विजय चौधरी, जेल विभाग पुरूष टुकड़ी का नेतृत्‍व सहायक जेल अधीक्षक  हेमंत रावत, मध्यप्रदेश होमगार्ड टुकड़ी का नेतृत्व पीसी  धर्मेन्‍द्र सिंह भदौरिया, भूतपूर्व सैनिकों की टुकड़ी का नेतृत्व सेवानिवृत्त कर्नल  राजीव खत्री, एन.सी.सी. बॉयज टुकड़ी का नेतृत्व सीनियर अंडर ऑफिसर मो.तौकीर, गाइड गर्ल्स टुकड़ी का नेतृत्व सीनियर अंडर ऑफिसर कुमारी माधुरी पर्ते, स्काउट्स (बॉयज) टुकड़ी का नेतृत्व  सादिक अली, पुलिस बॉयज टुकड़ी का नेतृत्‍व  आदित्‍य उईके, शौर्य दल प्लाटून का नेतृत्व कुमारी नीलम परमार, राष्‍ट्रीय सेवा योजना प्‍लाटून का नेतृत्‍व  प्रियांश बघेल, एनसीसी गर्ल्‍स प्‍लाटून टुकड़ी का नेतृत्‍व सीनियर अंडर ऑफिसर कुमारी संस्‍कृति यादव, मध्‍यप्रदेश पुलिस बैंड का नेतृत्व निरीक्षक  सुनील कटारे, श्वान दल का नेतृत्व उप निरीक्षक  चंद्र सिंह उइके एवं अश्वारोही दल का नेतृत्व निरीक्षक  राकेश कुमार गौड़ ने किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की फाइनल रिहर्सल भी हुई संयुक्त परेड के पश्चात विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों एवं संस्कृति विभाग के रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अंतिम अभ्यास किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सागर पब्लिक स्‍कूल, कटारा एक्‍सटेंशन भोपाल के 150 विद्यार्थियों ने ए‍क भारत, श्रेष्‍ठ भारत थीम” गीत पर नृत्य की प्रस्तुति दी। वहीं सेंट पॉल कोएड स्‍कूल, आनंद नगर के 200 विद्यार्थियों ने नृत्य की प्रस्तुति दी। रिहर्सल के दौरान संयुक्त रूप से 05 शासकीय स्कूलों के 160 विद्यार्थियों ने वीर-बेटियों की गाथा पर केन्द्रित नृत्य की प्रस्तुति दी। इसके साथ ही मध्य प्रदेश के लोकनृत्यों और लोकगीतों की भी सुमधुर प्रस्तुतियां दी गईं। इसमें बधाई लोकनृत्‍य, गणगौर और मटकी लोकनृत्यों की प्रस्तुति दी गई। इस दौरान कलाकारों ने प्रस्तुति देकर सभी उपस्थितजनों को मंत्रमुग्ध कर दिया। गणतंत्र दिवस की परेड में 22 विभागों की झांकियों होगी सम्मिलित गणतंत्र दिवस की परेड के दौरान उद्यानिकी विभाग, आयुष विभाग, उच्‍च शिक्षा विभाग, किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग एवं म.प्र. राज्‍य कृषि विपणन बोर्ड, कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग, खेल और युवा कल्‍याण विभाग, गृह विभाग, जनजातीय कार्य विभाग, जल संसाधन विभाग, जेल विभाग, नगरीय विकास एवं आवास विभाग, पर्यटन विभाग, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, मछुआ कल्‍याण एवं मत्‍स्‍य विकास विभाग, मुख्‍य निर्वाचन पदाधिकारी, लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्‍सा शिक्षा विभाग, वन विभाग, स्‍कूल शिक्षा विभाग एवं सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम विभाग की झांकियां सम्मिलित होगी। इनकी रही उपस्थिति फुल ड्रेस अभ्यास परेड के दौरान अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एसएएफ  चंचल शेखर, भोपाल पुलिस कमिश्नर  हरिनारायणचारी मिश्र सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।  

गणतंत्र दिवस पर गांधी मैदान में 12 विभागों की झांकियों में दिखेगा नया बिहार

पटना. गणतंत्र दिवस पर पटना का गांधी मैदान सिर्फ परेड का स्थल नहीं, बल्कि बिहार के विकास, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक परिवर्तन की जीवंत प्रदर्शनी बनेगा। राज्य सरकार के 12 विभाग अपनी-अपनी योजनाओं और उपलब्धियों को झांकियों के माध्यम से प्रस्तुत करेंगे, जिससे आम लोग सीधे तौर पर 'नए बिहार' की तस्वीर देख सकेंगे। महिला सशक्तिकरण और सामाजिक बदलाव पर फोकस झांकियों में महिला शक्ति को खास तौर पर केंद्र में रखा गया है। महिला बस चालक, जीविका दीदियों की आत्मनिर्भरता, मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना और नशामुक्त बिहार जैसे विषयों के जरिए सामाजिक बदलाव की मजबूत तस्वीर पेश होगी। परिवहन, जीविका और मद्य निषेध विभाग की झांकियां इसी थीम को मजबूती से उभारेंगी। संस्कृति से लेकर तकनीक तक का संगम कला-संस्कृति विभाग परंपरा और संरक्षण की कहानी कहेगा, वहीं ऊर्जा विभाग कजरा सौर ऊर्जा और बैटरी भंडारण परियोजना के जरिए भविष्य की ऊर्जा नीति को दिखाएगा। पर्यटन विभाग की झांकी में मां जानकी की जन्मस्थली पुनौरा धाम की झलक होगी, जो आस्था और पर्यटन विकास का संगम दर्शाएगी। विकास योजनाओं की सीधी झलक कृषि, उद्योग, शिक्षा, सहकारिता और अग्निशमन विभाग की झांकियां गांवों की समृद्धि, औद्योगिक विकास, सुरक्षित विद्यालय, विकसित पैक्स और आपदा प्रबंधन जैसी योजनाओं को सामने लाएंगी। हर झांकी एक अलग कहानी कहेगी, लेकिन संदेश एक ही होगा, विकसित बिहार, सशक्त बिहार। कड़ी निगरानी और सख्त सुरक्षा व्यवस्था पूरे आयोजन की निगरानी के लिए प्रशासनिक टीम 24×7 सक्रिय है। गांधी मैदान में झांकियों के लिए अलग पंडाल तैयार किया जा रहा है और ऊंचाई 15 फीट से अधिक नहीं रखी जाएगी। सभी झांकियों की एंटी-सबोटाज जांच और पूर्वाभ्यास अनिवार्य किया गया है। कलाकारों की उम्र को लेकर भी सख्त दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इस बार गणतंत्र दिवस समारोह में परेड के साथ-साथ विकास की कहानी भी मंच पर उतरेगी। गांधी मैदान में सजी झांकियां सिर्फ देखने का दृश्य नहीं होंगी, बल्कि बिहार के वर्तमान और भविष्य की झलक बनेंगी- जहां परंपरा, प्रगति और परिवर्तन एक साथ नजर आएंगे।

बेमेतरा में गणतंत्र दिवस की तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार, कलेक्टर ने व्यवस्थाओं का लिया जायजा

बेमेतरा 26 जनवरी को होने वाले गणतंत्र दिवस के जिला स्तरीय मुख्य समारोह के आयोजन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस सिलसिले में, कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई ने बेमेतरा के बेसिक ग्राउंड में प्रस्तावित कार्यक्रम स्थल का गहन निरीक्षण किया और तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने परेड, झांकियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, मंच व्यवस्था, ध्वजारोहण, अतिथि स्वागत, बैठक व्यवस्था, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, स्वच्छता, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा जैसे सभी आवश्यक पहलुओं पर संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने सभी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए समारोह की गरिमा और अनुशासन बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। कलेक्टर ममगाई ने परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रम के नियमित रिहर्सल, मंच व मैदान की आकर्षक सजावट, ध्वनि, प्रकाश व्यवस्था को सुदृढ़ रखने के निर्देश दिए। पुलिस व होमगार्ड विभाग को सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने, स्वास्थ्य विभाग को आपात चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने, नगर पालिका को साफ-सफाई, सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान देने को कहा। साथ ही  उन्होंने आम नागरिकों, विद्यार्थियों और अतिथियों की सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। अधिकारियों को दायित्व सौंपते हुए, कलेक्टर ने आपसी समन्वय से कार्य करने और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की हिदायत दी।

न पुतिन न ट्रंप, इस बार कौन होगा रिपब्लिक डे का चीफ गेस्ट? PM मोदी ने किसे दिया न्योता और क्यों

नई दिल्ली एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और उर्सुला वॉन डेर लेयेन भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर यही दो नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं. इस बार न रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आ रहे हैं, न अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप. इसके बजाय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐसा न्योता दिया है, जो भारत के कूटनीतिक इतिहास में पहली बार हो रहा है. पहली बार किसी एक देश के नेता को नहीं बल्कि यूरोपीय संघ (EU) के दो शीर्ष नेताओं को एक साथ रिपब्लिक डे का चीफ गेस्ट बनाया गया है. यह फैसला सिर्फ परंपरा तोड़ने वाला नहीं बल्कि बदलते वैश्विक समीकरणों में भारत की रणनीतिक सोच को भी दिखाता है. रिपोर्ट के अनुसार यह न्योता ऐसे समय दिया गया है जब दुनिया की राजनीति तेजी से बदल रही है. अमेरिका और ट्रांसअटलांटिक रिश्तों में खटास बढ़ी है. अमेरिका और यूरोप के बीच भरोसे की दरार खुलकर सामने आ रही है. इसी बीच भारत और यूरोपीय संघ एक-दूसरे के और करीब आ रहे हैं. भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर बातचीत निर्णायक मोड़ पर है. रक्षा, सुरक्षा, क्लीन एनर्जी और सप्लाई चेन जैसे मुद्दों पर साझेदारी गहरी हो रही है. ऐसे में EU के दोनों शीर्ष नेताओं को एक साथ न्योता देना भारत का बड़ा कूटनीतिक दांव माना जा रहा है. कौन हैं एंटोनियो कोस्टा और उर्सुला वॉन डेर लेयेन? एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष हैं, जबकि उर्सुला वॉन डेर लेयेन यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष हैं. ये दोनों पद EU की सबसे ताकतवर संस्थाओं का नेतृत्व करते हैं. 27 देशों के इस समूह में नीतिगत फैसलों से लेकर वैश्विक रणनीति तक, इन दोनों की भूमिका बेहद अहम मानी जाती है. क्यों खास है यह न्योता? पहली बार हुआ ऐसा भारत के इतिहास में अब तक रिपब्लिक डे पर किसी एक देश के नेता को ही मुख्य अतिथि बनाया गया है. इस बार तस्वीर बदली है. EU को एक इकाई के रूप में मान्यता देना, अपने आप में बड़ा संकेत है. यह दिखाता है कि भारत अब द्विपक्षीय रिश्तों से आगे बढ़कर ब्लॉक-लेवल डिप्लोमेसी को भी उतनी ही अहमियत दे रहा है. ट्रंप फैक्टर और बदलते वैश्विक समीकरण डोनाल्ड ट्रंप जबसे दोबारा सत्ता में आए तबसे अमेरिका-यूरोप रिश्ते फिर तनाव में हैं. NATO, व्यापार और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर मतभेद बढ़े हैं. EU ऐसे समय में भारत को एक भरोसेमंद, स्थिर और उभरते वैश्विक साझेदार के तौर पर देख रहा है. भारत भी पश्चिमी देशों के साथ संतुलन बनाते हुए अपनी रणनीतिक स्वतंत्रता बनाए रखना चाहता है. इस दौरे का पूरा शेड्यूल क्या है?     25 जनवरी को दोनों नेता भारत पहुंचेंगे.     राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगे.     26 जनवरी को रिपब्लिक डे परेड में चीफ गेस्ट होंगे.     27 जनवरी को 16वें भारत-EU शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता करेंगे.     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत होगी.     भारत-EU बिजनेस फोरम भी आयोजित होगा. भारत-EU FTA क्यों बना सबसे बड़ा एजेंडा? भारत और EU के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत 2007 से चल रही है. दिसंबर 2025 में इसे नई रफ्तार मिली. अब इसे अंतिम चरण में माना जा रहा है. EU भारत को चीन पर निर्भरता कम करने के विकल्प के तौर पर देखता है, जबकि भारत को यूरोपीय बाजार, टेक्नोलॉजी और निवेश की ज़रूरत है. इस दौरे से क्या-क्या निकल सकता है?     भारत-EU FTA पर बड़ा ब्रेकथ्रू.     डिफेंस और सिक्योरिटी पार्टनरशिप का औपचारिक ऐलान.     ग्रीन एनर्जी, हाइड्रोजन और क्लीन टेक्नोलॉजी में सहयोग.     सप्लाई चेन डाइवर्सिफिकेशन में भारत की भूमिका मजबूत.     वैश्विक नियम-आधारित व्यवस्था की संयुक्त पैरवी. क्यों कहा जा रहा है इसे बड़ा कूटनीतिक दांव? EU ने हाल ही में भारत के लिए नई स्ट्रैटेजिक एजेंडा तैयार की है. वहीं भारत भी EU को सिर्फ देशों के समूह के तौर पर नहीं, बल्कि एक रणनीतिक शक्ति के रूप में देखने लगा है. इस दौर में यह न्योता बताता है कि भारत वैश्विक राजनीति में सिर्फ संतुलन नहीं, बल्कि दिशा तय करने की भूमिका में आ चुका है.

गणतंत्र दिवस परेड 2026 में विदिशा की दो बेटियां कर्तव्य पथ पर कदम रखेंगी

विदिशा   नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाले गणतंत्र दिवस परेड में इस वर्ष विदिशा की बेटियां भी कदमताल करती नजर आएंगी. राजमाता विजया राजे सिंधिया शासकीय कन्या (अग्रणी) स्नातकोत्तर महाविद्यालय विदिशा की एनसीसी कैडेट्स सार्जेंट दामिनी विश्वकर्मा और लांस कॉरपोरल सिमरन अहिरवार का चयन गणतंत्र दिवस परेड 2026 के लिए हुआ है. बेहद कठिन प्रक्रिया के बाद चयन इन दो बेटियों के चयन से महाविद्यालय के साथ ही पूरे विदिशा जिले में खुशी की लहर है. विदिशा की 14 एमपी बटालियन एनसीसी से कुल 5 कैडेट्स का चयन हुआ है, जिनमें से दो कैडेट्स कन्या महाविद्यालय से होना जिले में बालिका सशक्तिकरण और अनुशासनात्मक प्रशिक्षण की मजबूती को दर्शाता है. कैडेट्स का चयन बेहद कठोर प्रक्रिया के बाद किया गया, जिसमें शारीरिक दक्षता, ड्रिल, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और मानसिक मजबूती की कड़ी परीक्षा ली गई. कम संसाधन के बाद भी छुआ शिखर कैडेट्स सार्जेंट दामिनी विश्वकर्मा बीसीएसी तृतीय वर्ष की छात्रा हैं. वह दीवानगंज क्षेत्र के ग्राम अंबाड़ी की निवासी हैं और कृषक परिवार से आती हैं. वहीं लांस कॉरपोरल सिमरन अहिरवार बीए तृतीय वर्ष की छात्रा हैं, जो विदिशा जिले के दूरस्थ ग्राम नरखेड़ा ताल से संबंध रखती हैं. सिमरन वर्तमान में पोस्ट मैट्रिक छात्रावास विदिशा में रहकर शिक्षा ग्रहण कर रही हैं. सीमित संसाधनों के बावजूद राष्ट्रीय मंच तक पहुंचना उनकी मेहनत और आत्मविश्वास का प्रमाण है. लेफ्टिनेंट कर्नल सनी वैद्य का मार्गदर्शन एनसीसी के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल विकास गुप्ता (शौर्य चक्र) एवं प्रशासनिक अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल सनी वैद्य के मार्गदर्शन में दोनों कैडेट्स ने लगातार दो माह तक आरडीसी चयन प्रक्रिया में भाग लिया. विभिन्न प्रशिक्षण शिविरों और कैंपों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद उनका अंतिम चयन हुआ. महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. बी.डी. अहिरवार एवं एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट डॉ. विनीता प्रजापति ने इस उपलब्धि को छात्राओं की अनुशासनप्रियता, समर्पण और निरंतर परिश्रम का परिणाम बताया.