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पंत का धमाका: सहवाग का रिकॉर्ड टूटा, रोहित-विराट भी पीछे छूटे

कोलकाता इस वक्त भारत और साउथ अफ्रीका के बीच टेस्ट सीरीज चल रही है. पहला मुकाबला कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेला जा रहा है. इस मैच के दूसरे दिन ऋषभ पंत ने एक ऐसा कारनामा कर दिया, जिसने टेस्ट क्रिकेट की रिकॉर्डबुक को हिला कर रख दिया. दमदार शॉट्स के लिए मशहूर पंत ने टेस्ट क्रिकेट में एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है. वो अब टेस्ट क्रिकेट में भारत की ओर से सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं. उन्होंने वीरेंद्र सहवाग का महारिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया है. साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहली पारी में जैसे ही पंत ने 2 छक्के लगाए तो वीरेंद्र सहवाग का पुराना और बेहद प्रतिष्ठित रिकॉर्ड टूट गया. सहवाग ने टेस्ट क्रिकेट में 90 छक्के लगाए थे, जबकि पंत अब इस आंकड़े को पार करते हुए 92 छक्कों के साथ नंबर-1 पर पहुंच गए हैं. इस लिस्ट में पंत, सहवाग के बाद रोहित शर्मा का नाम है, जिन्होंने 88 सिक्स मारे थे. गोली की रफ्तार से तोड़ा रिकॉर्ड सहवाग ने 178 पारियों में 90 छक्के मारे थे, लेकिन पंत ने सिर्फ 83 पारियों में यह कारनामा कर दिखाया. मतबल ये कि उन्होंने गोली की रफ्तार से यह रिकॉर्ड चकनाचूर किया. भारत की ओर से टेस्ट में सबसे ज्यादा छक्के 92- ऋषभ पंत 90- वीरेंद्र सहवाग 88- रोहित शर्मा 80- रवींद्र जडेजा 78 – एमएस धोनी सिर्फ 27 रन बना सके ऋषभ पंत भारत के लिए नंबर 5 पर बैटिंग करने उतरे पंत केवल 27 रन बनाकर आउट हो गए. उन्होंने 24 गेंदों पर 2 छक्कों और 2 चौकों सहित अपनी खास आक्रामक शैली का शानदार प्रदर्शन किया. उनकी पारी भले लंबी नहीं रही हो, लेकिन इस पारी में लगाए गए पहले छक्के ने उन्हें भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है.

फॉर्म में लौट रहे थे पंत, लेकिन लगी चोट! जानें मैच के दौरान क्या हुआ

नई दिल्ली टीम इंडिया के स्टार विकेट कीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ने उस समय टीम मैनेजमेंट और फैंस की टेंशन बढ़ा दी जब वह साउथ अफ्रीका ए के खिलाफ जारी दूसरे अनौपचारिक टेस्ट के दौरान रिटायर हर्ट हो गए। इंग्लैंड दौरे पर चोटिल होने के बाद ऋषभ पंत पहली बार इस टेस्ट सीरीज में खेलते हुए नजर आ रहे हैं। पहले मैच उन्होंने शानदार बल्लेबाजी कर अपनी वापसी का पैगाम भेजा, दूसरी इनिंग में उन्होंने 90 रनों की पारी खेली थी। मगर दूसरे टेस्ट के दौरान कई बार शरीर पर गेंद लगने के बाद वह रिटायर हर्ट हो गए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।   वीडियो में साफ देखने को मिल रहा है कि पहली बार रिवर्स स्कूप शॉट खेलने के प्रयास में गेंद उनके हेलमेट पर लगी। इसके बाद एक गेंद उनकी कलाई पर तो दूसरी पसली पर जाकर लगी। लगातार शरीर पर गेंद लगने के बाद फिजियो समेत कई लोग मैदान पर पहुंचे और ऋषभ पंत रिटायर हर्ट होकर वापस पवेलियन लौटे। ऋषभ पंत का चयन 14 नवंबर से साउथ अफ्रीका के खिलाफ शुरू हो रही दो मैच की टेस्ट सीरीज के लिए हुआ है, वह इस टीम के उप-कप्तान है। सीरीज से कुछ दिन पहले पंत को चोटिल होते देखना चिंता का विषय है। ऋषभ पंत की चोट पर अभी तक बीसीसीआई की ओर से कोई अधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। बात मैच की करें तो, टॉस हारकर पहले बैटिंग करने उतरी टीम इंडिया पहली पारी में 255 रन ही बना सकी। ध्रुव जुरेल ने शानदार शतक जड़ते हुए 132 रनों की पारी खेली, उनके अलावा कोई बल्लेबाज 25 रन का आंकड़ा तक नहीं छू पाया। केएल राहुल, ऋषभ पंत, साई सुदर्शन और देवदत्त पडिक्कल जैसे बल्लेबाज फेल हुए, जो आगामी साउथ अफ्रीका टेस्ट सीरीज का हिस्सा हैं। हालांकि भारतीय गेंदबाजों ने टीम को लीड दिलाने में अहम भूमिका निभाई। प्रसिद्ध कृष्णा ने 3 तो आकाशदीप और मोहम्मद सिराज ने 2-2 विकेट लेकर साउथ अफ्रीका ए को 221 रनों पर समेट दिया। अफ्रीकी टीम के लिए कप्तान मार्क्स एकरमैन ने 134 रनों की शानदार पारी खेली। पहली पारी के बाद 34 रनों की बढ़त हासिल कर भारत ने खबर लिखे जाने तक दूसरी पारी में 5 विकेट के नुकसान पर 200 रन बना लिए हैं।  

लंबे इंतज़ार के बाद फिर मैदान में दिखेंगे ऋषभ पंत, टेस्ट सीरीज में शामिल

मुंबई  विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत की वापसी भारतीय टेस्ट टीम में तय मानी जा रही है। वह दक्षिण अफ्रीका के ख़लिाफ 14 नवंबर से कोलकाता में शुरू हो रही दो मैचों की सीरीज के लिए चयनित होने वाले हैं। चयन बैठक बुधवार को हुई और पंत का एन. जगदीशन की जगह चयन होना लगभग तय है। पंत ने वेस्टइंडीज के ख़लिाफ पिछली टेस्ट सीरीज मिस की थी, क्योंकि वह इंग्लैंड के खिलाफ जुलाई में मैनचेस्टर में खेले गए चौथे टेस्ट के दौरान लगी पैर की चोट से उबर रहे थे।  उन्होंने पिछले हफ्ते बेंगलुरु के BCCI सेंटर ऑफ एक्सिलेंस में दक्षिण अफ्रीका ए के खिलाफ पहले चार दिवसीय मैच में भारत ए को जीत दिलाकर अपनी फिटनेस साबित की। पंत ने दूसरी पारी में 90 रन बनाए और भारत ए ने 275 रन का लक्ष्य हासिल किया। भारत के टेस्ट कप्तान शुभमन गिल, जसप्रीत बुमराह, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर इस समय ऑस्ट्रेलिया में टी20 सीरीज खेल रहे हैं। यह पांच मैचों की सीरीज 8 नवंबर को खत्म होगी, जिसके बाद वे टेस्ट टीम से जुड़ेंगे।  कुलदीप यादव को टी20 टीम से तीसरे मैच के बाद होबार्ट में रिलीज किया गया ताकि वह टेस्ट सीरीज की तैयारी के लिए भारत ए के दूसरे चार दिवसीय मैच में भाग ले सकें, जो 6 नवंबर से शुरू हो रहा है। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच दो टेस्ट खेले जाएंगे। पहला 14 नवंबर से कोलकाता में और दूसरा 22 नवंबर से गुवाहाटी में, जहां पहली बार टेस्ट क्रिकेट का आयोजन होगा। भारत इस समय वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप तालिका में 61.90 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर है, जबकि दक्षिण अफ्रीका 50 अंकों के साथ पांचवें स्थान पर है। हाल ही में उन्होंने पाकिस्तान में सीरीज 1-1 से ड्रॉ की थी।   

सिद्धू बोले ऋषभ पंत के बारे में: असंभव को संभव बनाने वाले हैं फीनिक्स जैसे

 नई दिल्ली पूर्व क्रिकेटर और मशहूर कॉमेंटेटर नवजोत सिंह सिद्धू ने ऋषभ पंत की जमकर तारीफ की है। स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज पंत अभी दक्षिण अफ्रीका ए के खिलाफ बेंगलुरु में चल रहे अनऑफिशियल टेस्ट में भारत ए की अगुआई कर रहे हैं। सिद्धू कहा कि किसी ने सोचा तक नहीं था कि भीषण कार हादसे के बाद ऋषभ पंत दोबारा कभी अपने पैरों पर खड़ा हो पाएगा। उन्होंने स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज की तुलना पौराणिक पक्षी फीनिक्स से की है जो अपने ही राख से फिर जिंदा हो जाती है। ऋषभ पंत फिलहाल फुट इंजरी से उबरकर इंडिया ए की अगुआई कर रहे हैं। इसी साल इंग्लैंड दौरे पर मैनचेस्टर टेस्ट के दौरान तेज गेंदबाज क्रिस वोक्स की एक यॉर्कर पर रिवर्स स्वीप खेलने के दौरान उनके पैर की उंगली में फ्रैक्चर हो गया था। इस वजह से वह एशिया कप, वेस्टइंडीज के खिलाफ होम सीरीज और ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी नहीं जा पाए थे. नवजोत सिंह सिद्धू ने स्टार स्पोर्ट्स पर कहा, 'ऋषभ पंत फीनिक्स हैं जो राख से उठ खड़ी होती है। किसी ने कल्पना तक नहीं की होगी कि वह फिर से कभी (कार हादसे के बाद) चल पाएंगे। उनकी निडरता को देखिए, उनकी असाधारण उपलब्धियों को देखिए जिसे उन्होंने हासिल किया है। जिस तरह से उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में बल्लेबाजी की थी, जिस तरह उन्होंने इंग्लैंड में हमें मैच जितवाए, वो शानदार है। मैं अब तक जितने भी क्रिकेटर देखें हैं उनमें से वह सबसे अच्छे में एक है। जब मैं उन्हें देखता हूं तो आनंद आता है। ऋषभ पंत ने सभी को सिखाया है कि जिंदगी में मुश्किलों से कैसे पार पाते हैं।' भारत ए बनाम दक्षिण अफ्रीका ए के बीच अनऑफिशियल टेस्ट की बात करें तो गुरुवार को कप्तान ऋषभ पंत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया है। भारत ए की प्लेइंग इलेवन की बात करें तो कप्तान ऋषभ पंत के अलावा साई सुदर्शन, आयुष म्हात्रे, देवदत्त पड्डीकल, रजत पाटीदार, आयुष बडोनी, तनुष कोटियन, अंशुल कंबोज, मानव सुधार, गुरनूर बरार और खलील अहमद शामिल हैं।

ऋषभ पंत ने गंगोत्री में की पूजा, क्रिकेट में वापसी को लेकर जताई आस्था, फैन्स हुए भावुक

उत्तरकाशी भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ख‍िलाड़ी ऋषभ पंत ने गंगोत्री धाम के दर्शन किए. उन्होंने गंगा घाट पर विशेष पूजा-अर्चना की. इसके बाद गंगोत्री मंदिर दर्शन के बाद हर्षिल के लिए रवाना हुए. पंत ने इस दौरान इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी के लिए प्रार्थना की. भारतीय क्रिकेटर ऋषभ पंत राहुल तेवतिया के साथ गुरुवार शाम गंगोत्री धाम पहुंचे. वहां उन्होंने विशेष पूजा-अर्चना कर तीर्थ पुरोहितों से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने अपने प्रशंसको के साथ तस्वीरें खिंचवाईं और धाम में करीब एक घंटा बिताया. उसके बाद दोनों क्रिकेटर हर्षिल के लिए रवाना हुए.   ध्यान रहे 27 वर्षीय पंत इंग्लैंड दौरे पर मैनचेस्टर टेस्ट के दौरान इंजर्ड हो गए थे. तब उन्होंने क्रिस वोक्स के खिलाफ रिवर्स स्वीप शॉट खेलने की कोशिश की, जिसके बाद उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया. गेंद लगने के बाद उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा और बाद में वे कंट्रोल्ड एंकल मोशन (CAM) बूट में दिखे. इसके बावजूद, अगले दिन उन्होंने वापसी की और शानदार पचासा जड़ा, जिससे उनकी जुझारू मानसिकता दिखी. हालांकि वो ओवल में हुए अंत‍िम टेस्ट मैच में नहीं खेल पाए थे.  चोट से वापसी कर रहे विकेटकीपर ऋषभ पंत के भी दिल्ली के दूसरे दौर के रणजी मैच में खेलने की उम्मीद है. वह हाल में र‍िहैब के लिए बेंगलुरु में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) गए थे. पंत इंजरी और रिहैब की वजह से हाल में वेस्टइंडीज के ख‍िलाफ हुई टेस्ट सीरीज में नहीं खेले थे. वहीं ऑस्ट्रेल‍ियाई दौरे से भी बाहर हैं. अब पंत का अगला टारगेट 14 नवंबर से शुरू हो रही साउथ अफ्रीका संग घरेलू टेस्ट सीरीज में खेलना है. 

ऋषभ पंत फुट इंजरी से जूझ रहे, आखिर कब तक होगी वापसी?

नई दिल्ली स्टार विकेट कीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत अभी पैर की चोट से उबर नहीं पाए हैं। एक मीडिया रिपोर्ट की माने तो वह न सिर्फ अगले महीने वेस्टइंडीज के साथ 2 टेस्ट मैच की होम सीरीज से बाहर रहेंगे बल्कि ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी नहीं जा पाएंगे। मीडिया  रिपोर्ट के मुताबिक पंत को चोट से पूरी तरह उबरने में अभी 3 से 4 और हफ्ते लग सकते हैं। ऋषभ पंत इंग्लैंड दौरे पर चौथे टेस्ट के पहले दिन चोटिल हो गए थे। तेज गेंदबाज क्रिस वोक्स की गेंद पर उन्होंने रिवर्स स्वीप खेलने की कोशिश की और इस क्रम में वह पैर की उंगली में फ्रैक्चर करा बैठे। उस मैच में हालांकि वह बाद में टूटी हड्डी के साथ बल्लेबाजी करने उतरे थे। दैनिक जागरण की एक रिपोर्ट के मुताबिक 27 साल के पंत अभी क्रिकेट खेलने लायक फिट नहीं हुए हैं। एशिया कप के ठीक बाद भारत को वेस्टइंडीज के खिलाफ 2 टेस्ट मैच की होम सीरीज खेलनी है। दोनों देशों के बीच पहला टेस्ट 2 अक्टूबर से 6 अक्टूबर तक अहमदाबाद में खेला जाएगा। दूसरा टेस्ट 10 अक्टूबर से 14 अक्टूबर तक दिल्ली में होगा। वेस्टइंडीज के साथ होम सीरीज के बाद अक्टूबर में ही भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया दौरे पर रवाना होगी। वहां दोनों टीमों के बीच 19 अक्टूबर से 3 एकदिवसीय मैच की सीरीज होगी। दूसरा वनडे 23 और तीसरा 25 अक्टूबर को खेला जाएगा। उसके बाद दोनों देशों के बीच 5 टी20 मैच की सीरीज होगी। भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच टी20 सीरीज का पहला मैच 29 अक्टूबर को कैनबरा में खेला जाएगा। सीरीज का आखिरी मैच 8 नवंबर को ब्रिसबेन में है। कब मैदान पर उतरेंगे ऋषभ पंत? वेस्टइंडीज के साथ होम सीरीज और उसके बाद ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी पंत नहीं खेलेंगे तब नवंबर में ही उनकी इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी हो सकेगी। नवंबर में दक्षिण अफ्रीका की टीम भारत के दौरे पर आने वाली है जिसमें 2 टेस्ट, 3 वनडे और 5 एकदिवसीय मैचों की सीरीज होनी है। उम्मीद की जा रही है कि ऋषभ पंत दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज के लिए पूरी तरह फिट हो जाएंगे।  

‘मुझ पर फेंको ऐसी गेंद…’ ऋषभ पंत की डिमांड सुनकर हैरान रह गए गेंदबाज: संजय बांगर

मुंबई  भारतीय टीम के स्टार क्रिकेटर ऋषभ पंत का 2022 में भयानक कार एक्सीडेंट हुआ था, जिसके कारण उन्हें गंभीर चोटें आई थी और कईयों को लगा था कि पंत का करियर लगभग खत्म हो गया है। हालांकि पंत ने कुछ महीने के अंदर ही वापसी करते हुए सभी को चौंका दिया। ऋषभ पंत भारतीय टीम के तीनों फॉर्मेट के अहम सदस्य हैं और उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी आक्रमक बल्लेबाजी से एक अलग पहचान भी बनाई है। इस बीच भारत के पूर्व बैटिंग कोच संजय बांगर ने ऋषभ पंत के शुरुआती दिनों का एक किस्सा शेयर किया है, जहां पर ऋषभ पंत गेंदबाजों से उन्हें तेज गेंदबाजी और शरीर पर गेंद करने के लिए कहते थे। ऋषभ पंत ने 2017 में इंटरनेशनल डेब्यू किया था। जिसके बाद से वह टीम के महत्वपूर्ण सदस्य बने हुए हैं। ऋषभ पंत अपनी आक्रमक बल्लेबाजी की वजह से विपक्षी पर भारी पड़ते हैं, उनके सामने चाहे तेज गेंदबाज हो या स्पिनर, पंत दोनों के खिलाफ बेहतर बल्लेबाजी करने में समर्थ हैं। हाल ही में संजय बांगर ने अपने शुरुआती दिनों में पंत की निडरता की पहली झलक को याद किया। संजय बांगर ने दूरदर्शन स्पोर्ट्स से कहा, ''मैंने आशीष नेहरा से सुना कि ऋषभ पंत बहुत अच्छा खिलाड़ी, जोकि काफी जल्दी आगे बढ़ने वाला है। वह नेचुरली गिफ्टेड खिलाड़ी है। लेकिन वह निडर भी है। मैंने खुद उसकी निडरता की पहली झलक नेट्स में देखी थी। वह गेंदबाजों को तेज गेंदबाजी करने और अपने शरीर पर आक्रमण करने के लिए कहते थे। बहुत कम बल्लेबाजों की ऐसी मानसिकता रही है। उस समय उन्होंने आईपीएल खेलना शुरू ही किया था। इसलिए नेहरा का आकलन सही था। लंबे समय के बाद, हमें एक ऐसा विकेटकीपर मिला है जो टॉप-5 में बल्लेबाजी कर सकता है।''

क्या क्रिकेट का सिस्टम तैयार है ऐसे हादसों के लिए? पंत की चोट ने किया खुलासा, विवादों में घिरा सब्स्टीट्यूट नियम

मैनचेस्टर भारत और इंग्लैंड के बीच मैनचेस्टर के ओल ट्रैफर्ड में खेले जा रहे टेस्ट मैच में विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को गंभीर चोट लगी. ऋषभ पंत को यह चोट पहले दिन के खेल के दौरान दाएं पैर के अंगूठे में लगी थी, तब वो क्रिस वोक्स की गेंद पर रिवर्स स्वीप मारने की कोशिश कर रहे थे. ऋषभ काफी दर्द में दिखे और उन्हें रिटायर्ड हर्ट होना पड़ा. हालांकि ऋषभ पंत ने अगले दिन फिर से बल्लेबाजी की और अर्धशतक जड़ने भी कामयाब रहे. हालांकि पंत इस मैच में विकेटकीपिंग करने की हालत में नहीं हैं. ऐसे में उनकी जगह विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी ध्रुव जुरेल निभा रहे हैं. एक बात गौर करने वाली है कि जुरेल सिर्फ कीपिंग कर सकते हैं, वो आईसीसी (इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल) के नियमानुसार बल्लेबाजी या गेंदबाजी नहीं कर पाएंगे. मौजूदा नियमों के तहत अगर कोई खिलाड़ी चोटिल हो जाए तो उसकी जगह आने वाला सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी सिर्फ फील्डिंग कर सकता है, लेकिन वो खिलाड़ी बैटिंग या बॉलिंग नहीं कर सकता. लेकिन यदि खिलाड़ी को सिर या आंख में चोट लगती है और वो कन्कशन टेस्ट में फेल हो जाता है, तो कन्कशन सब्स्टीट्यूट का इस्तेमाल किया जा सकता है. कन्कशन सब्स्टीट्यूट गेंदबाजी, बल्लेबाजी या फील्डिंग कर सकता है. पंत की चोट ने खोल दी क्रिकेट के सिस्टम की पोल, सब्स्टीट्यूट रूल बना व‍िवाद  भारत के विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टेस्ट में टूटे पैर के साथ बल्लेबाजी कर अद्भुत साहस दिखाया और अर्धशतक पूरा किया. इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन का मानना है कि टेस्ट क्रिकेट में मेडिकल सब्स्टीट्यूट (चोटिल खिलाड़ियों की जगह किसी और को लाने की अनुमति) की इजाजत न देना दिखाता है कि क्रिकेट अब भी पुराने जमाने के नियमों में फंसा है. दरअसल, मैनचेस्टर टेस्ट मैच में ऋषभ पंत ने टूटे पैर के साथ बहादुरी दिखाते हुए बल्लेबाजी की. पहले दिन चोटिल होकर रिटायर होने के बाद अगले दिन वह फिर मैदान पर उतरे… 37 रनों से अपनी पारी आगे बढ़ाई और अर्धशतक पूरा किया. उन्होंने इस दौरान 28 गेंदों का सामना किया और 17 रन बनाए. वॉन ने ‘द टेलीग्राफ’ में अपने कॉलम में लिखा, 'टूटा पैर लेकर बल्लेबाजी करते देखना जबरदस्त था. उन्होंने हिम्मत और स्किल दोनों दिखाई, लेकिन वे ठीक नहीं थे. दौड़ नहीं पा रहे थे, और इससे उनकी चोट और बढ़ सकती थी.' उन्होंने कहा कि विकेटकीपर की जगह तो सब्स्टीट्यूट खेलने आता है, लेकिन बैटिंग या बॉलिंग के लिए नहीं- यह नियम बिल्कुल अजीब और गलत है. क्रिकेट ही अकेला खेल है जिसमें ऐसी स्थिति में खिलाड़ी नहीं बदला जा सकता. इससे यह पता चलता है कि क्रिकेट अब भी अंधकार युग में जी रहा है. वॉन का मानना है कि चोट लगने पर खिलाड़ी को हटाकर किसी समान स्तर के खिलाड़ी को लाने की अनुमति मिलनी चाहिए- जैसे बल्लेबाज के बदले बल्लेबाज या स्पिनर के बदले स्पिनर.अगर किसी खिलाड़ी को हड्डी टूटने जैसी गंभीर चोट लगे और डॉक्टर या स्कैन से वह साबित हो जाए, तो उस खिलाड़ी की जगह किसी और को आने देना चाहिए.' उन्होंने सुझाव दिया कि मैच से पहले हर खिलाड़ी के लिए एक बैकअप प्लेयर तय कर लिया जाए. दोनों टीमें उसे मंजूरी दें. मैच रेफरी इसकी निगरानी करे. वॉन ने यह भी कहा, 'कंन्कशन (सिर की चोट) के लिए तो सब्स्टीट्यूट मिल जाता है, लेकिन बाकी चोटों के लिए नहीं- यह समझ से बाहर है.'  उनका मानना है कि पुराने नियमों पर अड़े रहने से जानबूझकर खेल का प्रभाव कम किया जा रहा है क्योंकि एक टीम को इसके कारण मैच के चार दिनों तक 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ रहा है.' वॉन ने पंत के पहले दिन क्रिस वोक्स के खिलाफ खेले गए रिवर्स स्वीप शॉट को 'मूर्खतापूर्ण' बताया, और कहा कि पंत को इसे अधिक पारंपरिक ढंग से खेलना चाहिए था. वॉन ने कहा, 'पंत जैसा खिलाड़ी कभी देखा नहीं गया. वे अलग हैं. चोट खुद की गलती हो सकती है, लेकिन फिर भी उन्होंने जो साहस दिखाया, वो काबिल-ए-तारीफ था.वे लंगड़ाते हुए मैदान पर आए, उनका एक जूता बड़ा और मोटा था, फिर भी उन्होंने बेन स्टोक्स की तेज गेंदबाजी में बल्लेबाजी की- आम खिलाड़ी ऐसा करने से डर जाते. इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर टेस्ट के दूसरे दिन, टूटी हुई पैर की हड्डी (फ्रैक्चर) के बावजूद ऋषभ पंत ने जो जुझारू पारी खेली, उसने पूरे क्रिकेट जगत को भावुक कर दिया. उनके इस जज्बे की रवि शास्त्री, चेतेश्वर पुजारा, दिनेश कार्तिक समेत कई पूर्व खिलाड़ियों ने खुलकर सराहना की. रवि शास्त्री (पूर्व कोच) – ऐसा करने के लिए सिर्फ जज्बा नहीं, उससे कहीं ज्यादा हिम्मत चाहिए. जिसने कभी सोचा कि पंत 'टीम मैन' नहीं हैं, उन्हें अब जवाब मिल गया है. चेतेश्वर पुजारा (पूर्व बल्लेबाज) – इतना दर्द सहकर भी पंत ने जो साहस दिखाया, वह असाधारण है. हमें ऐसे खिलाड़ी चाहिए जो कठिन समय में आगे आएं. दिनेश कार्तिक (पूर्व विकेटकीपर) – जब वह मैदान पर थे, लगा कि यह लम्हा हमेशा के लिए यादगार बन गया. इंग्लैंड को पंत से लगाव है और अब वजह भी है. इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर नासिर हुसैन ने 'स्काई स्पोर्ट्स' पर कहा, ‘उन्होंने बहुत जोखिम उठाया. उनमें प्रतिभा तो है ही, साथ ही उनका दिल भी बहुत बड़ा है.’ इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल आथर्टन ने कहा, ‘पंत ने इस सीरीज में बहुत कुछ दिया है. लीड्स में दो शतक, शानदार जश्न, लेग साइड में शॉट लगाने के लिए बल्ला फेंकना और अब एक पैर में फ्रैक्चर होने के बावजूद अर्धशतक बनाना. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वह किसी उद्देश्य के साथ बल्लेबाजी कर रहे थे.’ आईसीसी करेगी नियमों में बदलाव? अब ऋषभ पंत की इंजरी के बाद आईसीसी सब्स्टीट्यूट नियमों में बदलाव कर सकता है. TOI की रिपोर्ट के मुताबिक आने वाले समय में बाहरी चोटों के लिए भी टीमों को रिप्लेसमेंट की अनुमति दी जा सकती है. रिपोर्ट में कहा गया है कि आईसीसी इसे लेकर पहले से ही चर्चा कर रहा है. आईसीसी की क्रिकेट समिति की अगली बैठक में इस पर मुहर लग सकती है. आईसीसी के एक सूत्र ने कहा, 'इस बात की संभावना है कि गंभीर बाहरी चोटों लगने की स्थिति में टीमों … Read more

क्या क्रिकेट का सिस्टम तैयार है ऐसे हादसों के लिए? पंत की चोट ने किया खुलासा, विवादों में घिरा सब्स्टीट्यूट नियम

मैनचेस्टर भारत और इंग्लैंड के बीच मैनचेस्टर के ओल ट्रैफर्ड में खेले जा रहे टेस्ट मैच में विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को गंभीर चोट लगी. ऋषभ पंत को यह चोट पहले दिन के खेल के दौरान दाएं पैर के अंगूठे में लगी थी, तब वो क्रिस वोक्स की गेंद पर रिवर्स स्वीप मारने की कोशिश कर रहे थे. ऋषभ काफी दर्द में दिखे और उन्हें रिटायर्ड हर्ट होना पड़ा. हालांकि ऋषभ पंत ने अगले दिन फिर से बल्लेबाजी की और अर्धशतक जड़ने भी कामयाब रहे. हालांकि पंत इस मैच में विकेटकीपिंग करने की हालत में नहीं हैं. ऐसे में उनकी जगह विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी ध्रुव जुरेल निभा रहे हैं. एक बात गौर करने वाली है कि जुरेल सिर्फ कीपिंग कर सकते हैं, वो आईसीसी (इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल) के नियमानुसार बल्लेबाजी या गेंदबाजी नहीं कर पाएंगे. मौजूदा नियमों के तहत अगर कोई खिलाड़ी चोटिल हो जाए तो उसकी जगह आने वाला सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी सिर्फ फील्डिंग कर सकता है, लेकिन वो खिलाड़ी बैटिंग या बॉलिंग नहीं कर सकता. लेकिन यदि खिलाड़ी को सिर या आंख में चोट लगती है और वो कन्कशन टेस्ट में फेल हो जाता है, तो कन्कशन सब्स्टीट्यूट का इस्तेमाल किया जा सकता है. कन्कशन सब्स्टीट्यूट गेंदबाजी, बल्लेबाजी या फील्डिंग कर सकता है. पंत की चोट ने खोल दी क्रिकेट के सिस्टम की पोल, सब्स्टीट्यूट रूल बना व‍िवाद  भारत के विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टेस्ट में टूटे पैर के साथ बल्लेबाजी कर अद्भुत साहस दिखाया और अर्धशतक पूरा किया. इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन का मानना है कि टेस्ट क्रिकेट में मेडिकल सब्स्टीट्यूट (चोटिल खिलाड़ियों की जगह किसी और को लाने की अनुमति) की इजाजत न देना दिखाता है कि क्रिकेट अब भी पुराने जमाने के नियमों में फंसा है. दरअसल, मैनचेस्टर टेस्ट मैच में ऋषभ पंत ने टूटे पैर के साथ बहादुरी दिखाते हुए बल्लेबाजी की. पहले दिन चोटिल होकर रिटायर होने के बाद अगले दिन वह फिर मैदान पर उतरे… 37 रनों से अपनी पारी आगे बढ़ाई और अर्धशतक पूरा किया. उन्होंने इस दौरान 28 गेंदों का सामना किया और 17 रन बनाए. वॉन ने ‘द टेलीग्राफ’ में अपने कॉलम में लिखा, 'टूटा पैर लेकर बल्लेबाजी करते देखना जबरदस्त था. उन्होंने हिम्मत और स्किल दोनों दिखाई, लेकिन वे ठीक नहीं थे. दौड़ नहीं पा रहे थे, और इससे उनकी चोट और बढ़ सकती थी.' उन्होंने कहा कि विकेटकीपर की जगह तो सब्स्टीट्यूट खेलने आता है, लेकिन बैटिंग या बॉलिंग के लिए नहीं- यह नियम बिल्कुल अजीब और गलत है. क्रिकेट ही अकेला खेल है जिसमें ऐसी स्थिति में खिलाड़ी नहीं बदला जा सकता. इससे यह पता चलता है कि क्रिकेट अब भी अंधकार युग में जी रहा है. वॉन का मानना है कि चोट लगने पर खिलाड़ी को हटाकर किसी समान स्तर के खिलाड़ी को लाने की अनुमति मिलनी चाहिए- जैसे बल्लेबाज के बदले बल्लेबाज या स्पिनर के बदले स्पिनर.अगर किसी खिलाड़ी को हड्डी टूटने जैसी गंभीर चोट लगे और डॉक्टर या स्कैन से वह साबित हो जाए, तो उस खिलाड़ी की जगह किसी और को आने देना चाहिए.' उन्होंने सुझाव दिया कि मैच से पहले हर खिलाड़ी के लिए एक बैकअप प्लेयर तय कर लिया जाए. दोनों टीमें उसे मंजूरी दें. मैच रेफरी इसकी निगरानी करे. वॉन ने यह भी कहा, 'कंन्कशन (सिर की चोट) के लिए तो सब्स्टीट्यूट मिल जाता है, लेकिन बाकी चोटों के लिए नहीं- यह समझ से बाहर है.'  उनका मानना है कि पुराने नियमों पर अड़े रहने से जानबूझकर खेल का प्रभाव कम किया जा रहा है क्योंकि एक टीम को इसके कारण मैच के चार दिनों तक 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ रहा है.' वॉन ने पंत के पहले दिन क्रिस वोक्स के खिलाफ खेले गए रिवर्स स्वीप शॉट को 'मूर्खतापूर्ण' बताया, और कहा कि पंत को इसे अधिक पारंपरिक ढंग से खेलना चाहिए था. वॉन ने कहा, 'पंत जैसा खिलाड़ी कभी देखा नहीं गया. वे अलग हैं. चोट खुद की गलती हो सकती है, लेकिन फिर भी उन्होंने जो साहस दिखाया, वो काबिल-ए-तारीफ था.वे लंगड़ाते हुए मैदान पर आए, उनका एक जूता बड़ा और मोटा था, फिर भी उन्होंने बेन स्टोक्स की तेज गेंदबाजी में बल्लेबाजी की- आम खिलाड़ी ऐसा करने से डर जाते. इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर टेस्ट के दूसरे दिन, टूटी हुई पैर की हड्डी (फ्रैक्चर) के बावजूद ऋषभ पंत ने जो जुझारू पारी खेली, उसने पूरे क्रिकेट जगत को भावुक कर दिया. उनके इस जज्बे की रवि शास्त्री, चेतेश्वर पुजारा, दिनेश कार्तिक समेत कई पूर्व खिलाड़ियों ने खुलकर सराहना की. रवि शास्त्री (पूर्व कोच) – ऐसा करने के लिए सिर्फ जज्बा नहीं, उससे कहीं ज्यादा हिम्मत चाहिए. जिसने कभी सोचा कि पंत 'टीम मैन' नहीं हैं, उन्हें अब जवाब मिल गया है. चेतेश्वर पुजारा (पूर्व बल्लेबाज) – इतना दर्द सहकर भी पंत ने जो साहस दिखाया, वह असाधारण है. हमें ऐसे खिलाड़ी चाहिए जो कठिन समय में आगे आएं. दिनेश कार्तिक (पूर्व विकेटकीपर) – जब वह मैदान पर थे, लगा कि यह लम्हा हमेशा के लिए यादगार बन गया. इंग्लैंड को पंत से लगाव है और अब वजह भी है. इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर नासिर हुसैन ने 'स्काई स्पोर्ट्स' पर कहा, ‘उन्होंने बहुत जोखिम उठाया. उनमें प्रतिभा तो है ही, साथ ही उनका दिल भी बहुत बड़ा है.’ इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल आथर्टन ने कहा, ‘पंत ने इस सीरीज में बहुत कुछ दिया है. लीड्स में दो शतक, शानदार जश्न, लेग साइड में शॉट लगाने के लिए बल्ला फेंकना और अब एक पैर में फ्रैक्चर होने के बावजूद अर्धशतक बनाना. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वह किसी उद्देश्य के साथ बल्लेबाजी कर रहे थे.’ आईसीसी करेगी नियमों में बदलाव? अब ऋषभ पंत की इंजरी के बाद आईसीसी सब्स्टीट्यूट नियमों में बदलाव कर सकता है. TOI की रिपोर्ट के मुताबिक आने वाले समय में बाहरी चोटों के लिए भी टीमों को रिप्लेसमेंट की अनुमति दी जा सकती है. रिपोर्ट में कहा गया है कि आईसीसी इसे लेकर पहले से ही चर्चा कर रहा है. आईसीसी की क्रिकेट समिति की अगली बैठक में इस पर मुहर लग सकती है. आईसीसी के एक सूत्र ने कहा, 'इस बात की संभावना है कि गंभीर बाहरी चोटों लगने की स्थिति में टीमों … Read more

BCCI का बड़ा फैसला: पंत खेलेंगे बतौर बल्लेबाज़, कीपिंग करेगा ये खिलाड़ी

मैनचेस्टर पैर में लगी चोट के बावजूद ऋषभ पंत मैनचेस्टर टेस्ट मैच में बैटिंग के लिए उपलब्ध होंगे. भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) ने इसे लेकर अपडेट दिया है. बीसीसीआई ने कहा कि ऋषभ पंत टीम के साथ दूसरे दिन के खेल के लिए जुड़ चुके हैं और जरूरत पड़ने पर बैटिंग करेंगे. हालांकि बीसीसीआई ने ये स्पष्ट किया कि ऋषभ अब इस मैच में विकेटकीपिंग नहीं करेंगे. विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी ध्रुव जुरेल के कंधों पर होगी. बीसीसीआई की ओर से कहा गया, 'ऋषभ पंत को मैनचेस्टर टेस्ट के पहले दिन दाहिने पैर में चोट लगी थी. इसी कारण अब वह इस टेस्ट मैच में आगे विकेटकीपिंग नहीं करेंगे. उनकी जगह ध्रुव जुरेल को विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है. हालांकि, चोट के बावजूद ऋषभ पंत दूसरे दिन टीम के साथ मौजूद और जरूरत पड़ने पर वह बल्लेबाजी के लिए उपलब्ध रहेंगे.' विकेटकीपिंग नहीं करेंगे पंत ऐसे में बीसीसीआई ने पहले दिन मैच के बाद पंत की चोट पर अपडेट जारी करते हुए कहा था कि उन्हे स्कैन के लिए अस्पताल ले जाया गया है। मेडिकल टीम उनकी निगरानी कर रही है। गुरुवार को बीसीसीआई ने एक बार फिर अपडेट जारी किया और बताया, मैनचेस्टर टेस्ट के पहले दिन चोटिल होने वाले भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत अब इस मैच में विकेटकीपिंग नहीं करेंगे। उनकी जगह अब ध्रुव जुरेल विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी निभाएंगे। बल्लेबाजी के लिए हैं उपलब्ध अपनी चोट के बावजूद ऋषभ पंत दूसरे दिन टीम के साथ जुड़ गए हैं और जरूरत पड़ने पर बल्लेबाजी के लिए उपलब्ध रहेंगे। टीम की आवश्यकता अनुसार, वे बैटिंग कर सकते हैं। यह फैसला भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और टीम मैनेजमेंट की सलाह के बाद लिया गया है, ताकि ऋषभ पंत की चोट और टीम बैलेंस दोनों का ध्यान रखा जा सके।