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NZ के खिलाफ खराब फॉर्म बना कारण? कोहली-रोहित के बाद अब रोहित के वनडे करियर पर संकट

 नई दिल्ली टीम इंडिया के लिए नए साल का आगाज बेहद निराशाजनक रहा है. 37 साल बाद न्यूजीलैंड की टीम ने भारत में पहली बार वनडे सीरीज अपने नाम की है. 3 मैचों की इस सीरीज में रोहित शर्मा का खराब फॉर्म चर्चा का विषय रहा. रविवार को सीरीज के निर्णायक मुकाबले में भी रोहित बड़ी पारी नहीं खेल सके. इस सीरीज में रोहित का बल्ला खामोश रहा. पहले दो मैचों में 26 और 24 रन बनाने के बाद तीसरे मैच में सिर्फ 11 रन बनाकर वह पवेलियन लौट गए. इस तरह, पांच महीने के लंबे वनडे ब्रेक से पहले रोहित शर्मा बिना कोई अर्धशतक लगाए इस फॉर्मेट से विदा हो गए. ऐसे में सोशल मीडिया पर हिटमैन के संन्यास को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं. कई यूजर्स लिख रहे हैं कि शायद ये रोहित शर्मा का आखिरी वनडे हो और वो इस फॉर्मेट से भी संन्यास ले लें… रोहित शर्मा दिखे निराश रोहित ने पारी की शुरुआत काइल जेमीसन की गेंद पर शानदार कवर ड्राइव से की थी. लेकिन जैसे ही जेमीसन ने अपनी लाइन बदली और बाहर की गेंदें फेंकना बंद किया, रोहित को रन बनाने में परेशानी होने लगी और वह लय में नजर नहीं आए. तीनों मैचों में रोहित ने कुल 61 रन बनाए, उनका औसत 20.33 और स्ट्राइक रेट 76.25 रहा. यह प्रदर्शन उनके पिछले अंतरराष्ट्रीय दौरे से बिल्कुल उलट रहा, जहां उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों में 146 रन बनाए थे. क्या रोहित शर्मा ले रहे हैं संन्यास? सोशल मीडिया पर कई फैंस यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या यह रोहित शर्मा का आखिरी वनडे मैच था. अब रोहित सिर्फ एक ही फॉर्मेट खेल रहे हैं, ऐसे में उनकी फिटनेस और 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक खेलने की भूख को लेकर सवाल उठने लगे हैं. हालांकि, सीरीज के बाद कप्तान शुभमन गिल ने रोहित शर्मा का बचाव किया. उन्होंने कहा कि वे कितने अनुभवी खिलाड़ी हैं ये सभी को पता है. कोई भी खिलाड़ी हर मैच में रन नहीं बना सकता है. वो अच्छी लय में हैं बस अपनी पारी को कन्वर्ट नहीं कर पाए. लेकिन वो जल्द ही लय में होंगे.  फिलहाल भारत का अगला वनडे दौरा जुलाई में इंग्लैंड के खिलाफ होगा. उम्मीद है कि उस समय रोहित शर्मा और विराट कोहली एक बार फिर भारतीय टीम के लिए मैदान पर उतरेंगे. बता दें कि रविवार को इंदौर में खेले गए तीसरे वनडे में न्यूजीलैंड ने पहले बैटिंग करते हुए डेरिल मिचेल के शानदार शतक के दम पर भारत को जीत के लिए 338 रनों का लक्ष्य दिया था. लेकिन इसके जवाब में भारतीय टॉप ऑर्डर बिखर गया. कोहली ने शानदार शतक जरूर लगाया. लेकिन वो टीम को जीत नहीं दिला सके और भारतीय टीम 41 रन से हार गई. इस तरह सीरीज 2-1 से न्यूजीलैंड के नाम रही. 14 महीने पहले न्यूजीलैंड ने ही खत्म किया था कोहली-रोहित का करियर 'यह हार चुभेगी'… भारत के पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने ये बात रविवार को कही जब न्यूजीलैंड ने टीम इंडिया को वनडे सीरीज हराया. इंदौर के होल्कर स्टेडियम में खेले गए निर्णायक मुकाबले में शुभमन गिल की कप्तानी वाली भारतीय टीम 338 रन का लक्ष्य हासिल नहीं कर पाई. भारत यह मैच 41 रन से हार गया और इसके साथ ही तीन मैचों की वनडे सीरीज भी 1–2 से गंवा बैठा.  डेढ़ साल में दूसरी बार भारत को मिली शर्मनाक हार पिछले डेढ़ साल में यह दूसरी बार है जब न्यूजीलैंड ने भारतीय क्रिकेट को आईना दिखाया है. साल 2024 में टॉम लैथम की कप्तानी में न्यूजीलैंड की टीम भारत आई थी और टेस्ट सीरीज में भारत को 3–0 से क्लीन स्वीप कर दिया था. यह न्यूजीलैंड क्रिकेट के इतिहास में पहली बार हुआ था. उस हार के बाद भारतीय क्रिकेट में बड़े बदलाव हुए. रोहित शर्मा, विराट कोहली और रविचंद्रन अश्विन की साख पर सवाल खड़े हुए और कुछ ही दिन बाद तीनों ने इस फॉर्मेट से संन्यास ले लिया. अब 14 महीने बाद न्यूजीलैंड ने फिर वही काम किया है लेकिन इस बार वनडे फॉर्मेट में. इस हार के बाद भी उठेंगे कई सवाल भारतीय क्रिकेट में घरेलू सीरीज की हार अक्सर सिर्फ मैच तक सीमित नहीं रहती. यह हार भी अलग नहीं होगी. शायद और ज्यादा असर डाले, क्योंकि भारत अब अगले पांच महीनों तक कोई वनडे मैच नहीं खेलेगा. यह समय आत्ममंथन के लिए काफी है. और फैसलों के लिए भी. 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारी शुरू हो चुकी है. ऐसे में सबसे पहले नजर सीनियर खिलाड़ियों पर ही जाएगी.  कीमत कौन चुकाएगा? विराट कोहली फिलहाल सुरक्षित नजर आते हैं. पिछले तीन महीनों में उन्होंने अपने खेलने के अंदाज में बदलाव किया है और आधुनिक वनडे क्रिकेट के हिसाब से खुद को ढाला है. रोहित शर्मा के लिए राह इतनी आसान नहीं दिखती.  यह भी पढ़ें: रोहित शर्मा वनडे से भी लेने जा रहे संन्यास? न्यूजीलैंड के खिलाफ फ्लॉप शो के बाद उठे सवाल भारत की मौजूदा वनडे टीम में 36 साल से ऊपर के सिर्फ तीन खिलाड़ी हैं. कोहली- रोहित और रवींद्र जडेजा. कोहली सुरक्षित हैं. रोहित के साथ उनका लंबा प्रभावी करियर है. लेकिन जडेजा पर गाज गिर सकती है. जडेजा का बेहद खराब सीरीज प्रदर्शन आंकड़े भी इसी ओर इशारा करते हैं. जडेजा पूरी सीरीज में एक भी विकेट नहीं ले पाए. यह 2017 के बाद पहली बार हुआ जब वह लगातार तीन वनडे मैचों में विकेट नहीं निकाल सके. बल्ले से भी उनका योगदान बेहद कमजोर रहा. निर्णायक मुकाबले में, जब विराट कोहली को दूसरे छोर से सहारे की जरूरत थी, जडेजा ने गैर-जरूरी शॉट खेलकर अपना विकेट गंवा दिया. हैरानी की बात यह रही कि निचले क्रम के बल्लेबाज हर्षित राणा ने उनसे बेहतर बल्लेबाजी की छाप छोड़ी. Advertisement जडेजा की सबसे बड़ी ताकत फील्डिंग में भी गिरावट दिखी. निर्णायक मैच में उन्होंने पॉइंट पर एक आसान कैच भी छोड़ दिया. अलग-अलग देखें तो ये छोटी गलतियां लग सकती हैं, लेकिन मिलाकर देखें तो यह गिरावट की कहानी कहती हैं. यह भी पढ़ें: पहले टेस्ट अब ODI, गंभीर युग में एक और शर्मनाक रिकॉर्ड… न्यूजीलैंड ने 37 साल, 7 ODI सीरीज का सूखा किया खत्म ये … Read more

कंधे पर बंदूक रखकर चला निशाना! रोहित को हटाने में गंभीर या अगरकर—किसका था फैसला?

नई दिल्ली चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का खिताब जीतने के बाद रोहित शर्मा को वनडे कैप्टेंसी से हटाए जाने का फैसला हर किसी की समझ के परे था। रिपोर्ट्स थी कि टीम मैनेजमेंट रोहित शर्मा का फ्यूचर वर्ल्ड कप 2027 तक नहीं देख रही है, जिस वजह से उनकी नजरें एक यंग कैप्टन को तैयार करने की थी। ऐसे में जब पिछले साल ऑस्ट्रेलिया दौरे का ऐलान हुआ तो रोहित शर्मा टीम में तो थे, मगर कप्तानी की जिम्मेदारी शुभमन गिल को सौंप दी गई थी। अब पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी ने गौतम गंभीर पर आरोप लगाए हैं कि उन्होंने रोहित शर्मा को वनडे कैप्टेंसी से हटाए जाने के लिए बंदूक मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के कंधे पर रखकर चलाई थी।   तिवारी का मानना ​​है कि हालांकि अगरकर एक मजबूत कैरेक्टर हैं और अपने फैसले खुद लेते हैं, लेकिन वह यह फैसला अकेले नहीं ले सकते थे और रोहित को कप्तानी से हटाने में गंभीर की राय का भी जरूर हाथ रहा होगा। मनोज तिवारी ने कहा, "मुझे नहीं पता कि इसका मुख्य कारण क्या है। लेकिन अजीत अगरकर को जानने के नाते, वह एक पर्सनैलिटी हैं। वह फैसला लेने वाले इंसान हैं। ऐसे कदम उठाने में वह पीछे नहीं हटेंगे। लेकिन क्या किसी ने उन्हें अपने कंधे पर बंदूक रखकर चलाने के लिए प्रभावित किया, यह हमें देखना होगा। पर्दे के पीछे बहुत सी चीजें होती हैं, जिससे 1+1 2 हो जाता है। हो सकता है कि फैसला चीफ सेलेक्टर ने लिया हो, और वह इस बारे में बहुत साफ थे। स्वाभाविक रूप से, कोच का इनपुट भी रहा होगा। आप अकेले फैसला नहीं ले सकते। जो भी फैसला लिया गया, उसके लिए दोनों बराबर जिम्मेदार हैं।" तिवारी को रोहित को वनडे कप्तान के पद से हटाने के पीछे का लॉजिक समझ नहीं आया, उन्होंने कहा कि सेलेक्टर्स का उनकी नीयत या लीडरशिप स्किल्स पर सवाल उठाना समझदारी नहीं है। गिल को कप्तान बनाना तो तय था, लेकिन इसे बेहतर तरीके से किया जा सकता था, शायद रोहित को न्यूजीलैंड वनडे तक कप्तान बने रहने के लिए कहा जा सकता था। तिवारी ने आगे कहा, "देखिए, मेरी राय में प्लेइंग XI चुनने में बहुत ज्यादा इनकंसिस्टेंसी रही है। अगर मैं सच कहूं तो, मेरी ODI मैच देखने में दिलचस्पी खत्म हो गई है। हाल ही में जो कुछ हुआ, जब T20 वर्ल्ड कप जीतने वाले कप्तान और चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाले कप्तान को कप्तानी से हटा दिया गया, और जिम्मेदारी एक नए लड़के को दे दी गई, जिसकी मुझे लगता है कि जरूरत नहीं थी। मैं रोहित के साथ खेला हूं। हमारा एक कनेक्शन है, इसलिए मुझे यह सब अच्छा नहीं लगा। मुझे लगा कि यह उस क्रिकेटर का अपमान है जिसने दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों को इतना कुछ दिया है। उस दिन से, मेरी थोड़ी दिलचस्पी कम हो गई। बहुत सारी कंट्रोवर्सी हो रही हैं, और मुझे लगता है कि ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि क्लैरिटी नहीं है।"

ICC रैंकिंग में ROKO का दबदबा, बुमराह-अभिषेक की शानदार जगह, नंबर 1 और 2 पर है कब्जा

 दुबई ICC (इंटरनेशनल क्रिकेट काउंस‍िल) की बुधवार (12 द‍िसंबर) को ताजा रैकिंग सामने आई. जिसमें 38 साल के रोहित शर्मा और 37 साल के विराट कोहली क्रमश: नंबर 1 और नंबर 2 बल्लेबाज बने हुए हैं. वहीं म‍िचेल स्टार्क टेस्ट क्रिकेट में नंबर 3 गेंदबाज बन गए हैं. एशेज के दो शुरुआती टेस्ट में उनका प्रदर्शन शानदार रहा है. नंबर 1 टेस्ट गेंदबाज जसप्रीत बुमराह हैं.  विराट कोहली अप्रैल 2021 से ODI बल्लेबाजों की नंबर 1 रैंकिंग पर नहीं हैं, तब उनको पाकिस्तान के बाबर आजम ने उन्हें पीछे छोड़ा था. लेकिन अब कोहली फिर से टॉप स्थान के बेहद करीब पहुंच गए हैं, क्योंकि साउथ अफ्रीका के खिलाफ हाल ही में हुई तीन मैचों की ODI सीरीज में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया.  37 साल के कोहली को तीनों मैचों में कुल 302 रन बनाने के लिए ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ चुना गया था. उनकी इस शानदार प्रदर्शन का असर ICC की ताजा रैंकिंग में भी दिखा, जहां वह दो पायदान ऊपर चढ़कर दूसरे नंबर पर पहुंच गए. उनके आगे सिर्फ रोहित शर्मा हैं.  रोहित ने इस सीरीज में 146 रन बनाए और नंबर 1 की अपनी पोजीशन बरकरार रखी. वहीं विशाखापट्टनम में खेले गए आखिरी मैच में कोहली की नाबाद 65 रनों की पारी की बदौलत वह अब रोहित से सिर्फ 8 रेटिंग पॉइंट पीछे रह गए हैं.  भारत अब अगला वनडे मुकाबला 11 जनवरी से न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की घरेलू सीरीज में खेलेगा. इस दौरान सभी की नजरें रोहित शर्मा और विराट कोहली पर होंगी, क्योंकि दोनों के बीच ODI बल्लेबाजों की नंबर 1 रैंकिंग की दौड़ और तेज है.  कोहली ही नहीं, इस हफ्ते जारी नई रैंकिंग में कई और भारतीय खिलाड़ियों ने भी बड़ी छलांग लगाई है. विकेटकीपर-बल्लेबाज केएल राहुल दो पायदान ऊपर चढ़कर 12वें नंबर पर पहुंच गए हैं. वहीं गेंदबाज़ों की रैंकिंग में बाएं हाथ के स्पिनर कुलदीप यादव बड़ा फायदा पाते हुए तीन स्थान ऊपर चढ़कर तीसरे नंबर पर पहुंच गए हैं.  कटक टी20 के बाद बदली टी20 रैकिंग  कटक में भारत की 101 रन की धमाकेदार जीत के बाद T20I गेंदबाजों की नई रैंकिंग में तीन भारतीय खिलाड़ियों को फायदा मिला है. अक्षर पटेल दो स्थान चढ़कर 13वें नंबर पर, अर्शदीप सिंह तीन पायदान बढ़कर 20वें नंबर पर और जसप्रीत बुमराह छह स्थान ऊपर उठकर 25वें नंबर पर पहुंच गए हैं.  म‍िचेल स्टार्क बने नंबर 3 टेस्ट गेंदबाज  इधर टेस्ट गेंदबाजों की रैंकिंग में ऑस्ट्रेलिया के मिचेल स्टार्क की बड़ी छलांग कोई हैरानी की बात नहीं है. इंग्लैंड के खिलाफ पहले दो एशेज टेस्ट में लगातार ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बनने के बाद स्टार्क तीन स्थान ऊपर चढ़कर तीसरे नंबर पर पहुंच गए हैं. इंग्लैंड के बल्लेबाज़ों के खराब प्रदर्शन का असर टेस्ट रैंकिंग पर भी पड़ा है. हैरी ब्रूक दो स्थान गिरकर चौथे नंबर पर आ गए हैं. वहीं केन विलियमसन और स्टीव स्मिथ, दोनों एक-एक स्थान ऊपर बढ़े हैं और अब टॉप पर मौजूद जो रूट के पीछे क्रमशः दूसरे और तीसरे नंबर पर हैं.  कौन से भारतीय ICC रैकिंग में नंबर 1 पर कायम?  टी20 बल्लेबाजी रैंकिंग में अभिषेक शर्मा (913)  टॉप पर हैं. टी20 की ही गेंदबाजी रैंकिंग की बात करें तो वरुण चक्रवर्ती (782) टॉप पर हैं. टेस्ट ऑलराउंडर की श्रेणी में रवींद्र जडेजा का जादू चल रहा है. वह 455 अंक के साथ शीर्ष पर हैं.

रायपुर में क्रिकेट क्रेज: India-Africa ODI टिकट के लिए हुई धक्का मुक्की, Rohit और Kohli के दीवाने

रायपुर  जल्दी ही भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच वनडे सीरीज खेली जानी है। वनडे सीरीज का दूसरा मैच छत्तीसगढ़ की राजधानी में खेला जाएगा। ऐसे में रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में 3 दिसंबर को होने वाले भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच दूसरे वनडे मैच को लेकर फैंस में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। विराट कोहली (Virat Kohli) और रोहित शर्मा (Rohit SHarma) को लाइव देखने के लिए दर्शक बड़ी संख्या में टिकट लेने के लिए स्टेडियम और इंडोर कॉम्प्लेक्स पहुंच रहे हैं। इंडोर स्टेडियम में टिकट कलेक्शन और छात्रों के लिए बिक्री शुरू सोमवार से इंडोर स्टेडियम में पहले चरण में ऑनलाइन टिकट बुक करने वाले लोग अपने फिजिकल टिकट ले रहे हैं। इसी के साथ छात्रों के लिए आरक्षित सीटों की टिकट बिक्री भी शुरू की गई, जिसके चलते सुबह 4 बजे से ही काउंटर पर भीड़ जुटना शुरू हो गया। टिकट बिक्री 10 बजे शुरू हुई, लेकिन उससे पहले ही लंबी कतारों में छात्रों के बीच धक्का-मुक्की हो गई। कई छात्राओं ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद उनकी पुलिस के साथ बहस भी हुई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। छात्रों के लिए 1500 सीटें, टिकट 800 रुपये इस बार छात्रों के लिए 1,500 सीटें रिजर्व की गई हैं, जिनकी कीमत 800 रुपये तय की गई है। एक छात्र केवल एक ही टिकट खरीद सकेगा और स्कूल/कॉलेज का आईडी कार्ड अनिवार्य है। छात्र 24 नवंबर से 2 दिसंबर तक इंडोर स्टेडियम में जाकर फिजिकल टिकट खरीद सकेंगे। पहले चरण में 17–18 हजार टिकट 15 मिनट में सोल्ड आउट शनिवार को पहले चरण में शाम 5 बजे टिकट बिक्री शुरू होते ही 17 से 18 हजार टिकट मात्र 15 मिनट में ही सोल्ड आउट हो गए। वेबसाइट पर ‘Sold Out’ दिखने से लोग भ्रमित हुए कि सभी टिकट खत्म हो चुके हैं, जबकि आयोजकों के अनुसार दूसरे चरण में बाकी टिकट जल्द जारी किए जाएंगे। इन्हें ऑनलाइन बुक करने वालों को बाद में फिजिकल टिकट में बदलने की सुविधा मिलेगी। टीमें 1 दिसंबर को रायपुर आएंगी     पहला वनडे 30 नवंबर को रांची में खेला जाएगा।     दोनों टीमें 1 दिसंबर को रायपुर पहुंचेगी।     2 दिसंबर को प्रैक्टिस सेशन होगा।     3 दिसंबर को रायपुर में दूसरा वनडे खेला जाएगा। स्टेडियम में सुविधाएं: पानी मुफ्त, फूड रेट तय दर्शकों के लिए स्टेडियम में 22 बड़े वाटर फिल्टर लगाए गए हैं, जिससे पानी खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी। हर फूड वेंडर को अपनी रेट-लिस्ट डिस्प्ले करना अनिवार्य होगा। ओवर चार्जिंग रोकने के लिए स्टेडियम के भीतर कई जगह रेट-चार्ट भी लगाए जाएंगे। दिव्यांग खिलाड़ियों को मुफ्त एंट्री 3 दिसंबर वर्ल्ड डिसेबिलिटी डे के अवसर पर राज्य के सभी दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए मैच देखना पूरी तरह नि:शुल्क रहेगा। उनके आने-जाने की व्यवस्था भी क्रिकेट संघ द्वारा की जाएगी। रायपुर में होने वाला India – South Africa का यह हाई-वोल्टेज मुकाबला सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि फैंस के जुनून, खिलाड़ियों की जुझारू चुनौती और क्रिकेट के रोमांच का संगम बनने जा रहा है। अब नज़रें टिकी हैं 3 दिसंबर पर, जब विराट-रोहित की धाक और अफ्रीकी तेज़ तर्रार खेल आमने-सामने होंगे। बस इंतज़ार है उस पहली गेंद का… जो रायपुर के मैदान में इतिहास लिखने जा रही है। आपको बता दें कि फिलहाल India और South Africa के बीच Test Series जारी है, जिसमें भारत पहला मैच हार चुका है।

BCCI की शर्त के सामने रोहित का करियर बचाने वाला फैसला, झुकना पड़ा खिलाड़ी को

नई दिल्ली अपने वनडे भविष्य को लेकर अटकलों के बीच रोहित शर्मा ने अपने घरेलू क्रिकेट बोर्ड यानी मुंबई क्रिकेट संघ को साफ कर दिया है कि वह विजय हजारे ट्रॉफी खेलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. मगर विराट कोहली की उपलब्धता पर अब भी संदेह बना हुआ है. दरअसल, ऑस्ट्रेलिया सीरीज के बाद वनडे टीम में बने रहने के लिए दोनों दिग्गजों को विजय हजारे ट्रॉफी में खेलना पड़ सकता है. मैच फिटनेस नहीं तो सिलेक्शन नहीं! टेस्ट और टी-20 अंतरराष्ट्रीय से संन्यास लेने के बाद रोहित शर्मा और विराट कोहली सिर्फ वनडे क्रिकेट ही खेलते हैं. ऐसे में उनकी मैच फिटनेस एक बड़ा मुद्दा बन चुकी है. टीम मैजनेंट और बोर्ड ने दोनों दिग्गजों से साफ कर दिया है कि अगर वनडे टीम में खेलना है तो घरेलू टूर्नामेंट में खेलना ही होगा. विजय हजारे ट्रॉफी की शुरुआत 24 दिसंबर से होनी है. भारत को इससे पहले 3 से 9 दिसंबर तक दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन मैच की घरेलू वनडे सीरीज खेलनी है और इसके बाद 11 जनवरी से न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू वनडे श्रृंखला खेली जाएगी. सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी भी खेलेंगे रोहित? बताया जा रहा है कि रोहित ने एमसीए को सूचित किया है कि वह 26 नवंबर से शुरू होने वाले सैयद मुश्ताक अली टी-20 टूर्नामेंट के लिए भी उपलब्ध हो सकते हैं. वह मुंबई की शरद पवार इनडोर अकादमी में अभ्यास कर रहे हैं. भारतीय बोर्ड को उम्मीद है कि लंदन में बस चुके कोहली भी घरेलू क्रिकेट खेलने भारत आएंगे. BCCI का संदेश साफ, घरेलू क्रिकेट खेले आप अगर भारतीय क्रिकेट के दो सबसे चमकते सितारों को टीम में बने रहना है, तो उन्हें घरेलू मैदान पर कड़ी मेहनत करनी होगी. विराट कोहली और रोहित शर्मा के लिए भारतीय क्रिकेट बोर्ड का यही संदेश है. दोनों ही दिग्गज 2027 का वनडे विश्व कप खेलना चाहते हैं, जो साउथ अफ्रीका में होना है. ऑस्ट्रेलिया में रोहित बने थे प्लेयर ऑफ द सीरीज विराट कोहली (37) और रोहित शर्मा (38) ने आखिरी बार पिछले महीने ऑस्ट्रेलिया में वनडे सीरीज में हिस्सा लिया था, जहां उन्होंने आखिरी मैच में विजयी पार्टनरशिप की थी. रोहित ने तीन में से दो मैच में शानदार प्रदर्शन किया और तीसरे मैच में शतक जड़ा, जबकि कोहली ने दो शून्य के बाद वापसी करते हुए नाबाद 87 रन बनाए.

क्या रोहित और गंभीर के बीच बढ़ा तकरार? चैम्पियंस ट्रॉफी को लेकर सामने आई लड़ाई

मुंबई  भारत ने जब इस साल की शुरुआत में चैंपियंस ट्रॉफी जीती तो टीम के हेड कोच राहुल द्रविड़ नहीं बल्कि गौतम गंभीर थे. इसके बावजूद रोहित शर्मा उस जीत का क्रेडिट कोच गौतम गंभीर को नहीं बल्कि राहुल द्रविड़ को दिया. अब कुछ लोग इसे वनडे कप्तानी छीने जाने से जोड़कर देख रहे हैं. दरअसल, मंगलवार की रात मुंबई में सीएट क्रिकेट रेटिंग पुरस्कार समारोह हुआ. जिसमें रोहित शर्मा ने माना कि पूर्व कोच राहूल द्रविड़ के कार्यकाल में बनाई गए प्लान में चलने की वजह से भारतीय टीम को चैंपियंस ट्रॉफी जीतने में मदद मिली. रोहित शर्मा और राहुल द्रविड़ के कार्यकाल में भारत ने 2023 वनडे विश्व कप फाइनल में मिली हार से उबरते हुए 2024 टी-20 विश्व कप जीता. इसके बाद भारतीय टीम ने 2025 चैंपियंस ट्रॉफी जीती. रोहित ने सीएट क्रिकेट रेटिंग पुरस्कार समारोह के दौरान कहा:     मुझे वह टीम पसंद है और उसके साथ खेलना भी. हम सभी इस सफर में कई साल से थे. यह एक या दो साल का काम नहीं था. बहुत सालों से काम चल रहा था. हम कई बार ट्रॉफी जीतने के बहुत करीब पहुंचे लेकिन जीत नहीं सके. तभी सभी ने तय किया कि हमें कुछ अलग करना होगा और इसे देखने के दो तरीके हैं. ‘राहुल भाई को चैंपियंस ट्रॉफी जीत का क्रेडिट’ चैंपियंस ट्रॉफी जीतने के लिए एक स्मृति चिन्ह पाने वाले रोहित ने कहा, ‘उस चैंपियंस ट्रॉफी में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों ने यह सोचा कि कैसे मैच जीते जाए और कैसे खुद को चुनौती दी जाए और आत्मसंतुष्ट न हों तथा किसी भी चीज को हल्के में न लें. जब हम टी-20 विश्व कप की तैयारी कर रहे थे तो मुझे और राहुल भाई को इस प्रक्रिया से काफी मदद मिली. हमने उसे चैंपियंस ट्रॉफी में भी बरकरार रखा. कप्तानी छीने जाने पर भी बोले रोहित शर्मा? आगामी ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारतीय वनडे टीम की कमान रोहित नहीं बल्कि शुभमन गिल के पास होगी. रोहित ने कहा, ‘मुझे जब भी मौका मिला मैंने तीनों प्रारूपों में अच्छा खेलने की कोशिश की. मुझे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलना पसंद है. वहां क्रिकेट खेलना काफी चुनौतीपूर्ण होता है. वहां खेलने का काफी अनुभव है तो पता है कि कैसे खेलना है. 2023 WC हार पर फ‍िर छलका रोहित का दर्द…  रोहित ने कहा- 2023 में भले ही हम फाइनल में जीत नहीं पाए, लेकिन हमने टीम के रूप में एक लक्ष्य तय किया था और हर किसी ने उसे पूरा किया. हिटमैन ने आगे कहा कि उन्हें सभी तीनों फॉर्मेट में खुद को साबित करने पर गर्व है और उन्हें पता है कि आगामी ऑस्ट्रेलिया दौरे में उनसे क्या उम्मीद की जा रही है. इस दौरे से पहले ही उनसे वनडे कप्तानी छीन ली गई है. रोहित, जिन्हें अब टेस्ट और वनडे दोनों प्रारूपों में शुभमन गिल से बदल दिया गया है, विराट कोहली के साथ ऑस्ट्रेलिया में तीन मैचों की वनडे सीरीज़ में टीम का हिस्सा होंगे. यह सीरीज 19 अक्टूबर से शुरू होगी. ऑस्ट्रेल‍िया के ख‍िलाफ खेलना मुझे पसंद : रोहित  रोहित ने कहा- मुझे पर्सनली सभी फॉर्मेट में अच्छा प्रदर्शन करने पर गर्व है.  ऑस्ट्रेलिया दौरे को लेकर उन्होंने कहा- मुझे उनके खिलाफ खेलना पसंद है. मुझे ऑस्ट्रेलिया में खेलना अच्छा लगता है. वहां क्रिकेट खेलना हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है और लोग वहां इस खेल से बहुत प्यार करते हैं. ऑस्ट्रेलिया हर बार हमारे लिए एक अलग चुनौती पेश करता है. मैं वहां कई बार जा चुका हूं और जानता हूं कि क्या उम्मीद करनी चाहिए. उम्मीद है कि हम वहां वही करेंगे जो भारतीय टीम को करना चाहिए और नतीजा अपने पक्ष में लाएंगे.    

रोहित को नहीं हटाना था’, पूर्व चयनकर्ता का बड़ा खुलासा

नई दिल्ली इंग्लैंड दौरे से पहले ही रोहित शर्मा ने अचानक टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया था। उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट पिछले साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न में खेला था। तब वह टीम के कप्तान थे। बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी से दौरान वह खराब फॉर्म से जूझ रहे थे और इस वजह से उन्होंने सिडनी में हुए ट्रॉफी के आखिरी टेस्ट में खुद को ही ड्रॉप कर दिया था। पूर्व चयनकर्ता जतिन परांजपे ने अब कहा है कि वह रोहित के फैसले से थोड़ा निराश हुए थे। अगर वह सिडनी टेस्ट खेले होते तो भारत सीरीज बराबर कर सकता था। सायरस ब्रोचा के साथ 'अ सेंचुरी ऑफ स्टोरीज' पॉडकास्ट में परांजपे ने बताया कि रोहित शर्मा को टेस्ट क्रिकेट से खास लगाव है। उन्होंने कहा, 'मुझे याद है वह भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट नहीं खेल रहे थे। जब मैंने उनसे बात की तब उन्होंने कहा- जतिन, मैंने क्रिकेट खेलना ही रेड बॉल से शुरू किया है। आप कैसे कह सकते हैं कि मेरी टेस्ट क्रिकेट में रुचि नहीं हैं?' परांजपे ने आगे कहा, 'उन्होंने कहा कि वह टेस्ट क्रिकेट के लिए जीते हैं। मुझ लगता है कि रोहित शर्मा टेस्ट क्रिकेट में और भी ज्यादा कर सकते थे। मुझे तब थोड़ी बहुत निराशा हुई थी जब उन्होंने सिडनी टेस्ट में खुद को ड्रॉप कर दिया क्योंकि हम सीरीज की बराबरी कर सकते थे।' भारत सिडनी टेस्ट हार गया था और उसे बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में शिकस्त झेलनी पड़ी थी। परांजपे ने कहा कि सिडनी टेस्ट जब चल रहा था तब रोहित शर्मा ने कहा कि वह 'कहीं नहीं जा रहे' लेकिन कुछ ही महीने बाद आखिरकार उन्होंने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा ही कह दिया। परांजपे ने टेस्ट क्रिकेट में रोहित शर्मा के उभार का श्रेय रवि शास्त्री को दिया। उन्होंने खुलासा किया कि जब वह चयन समिति में थे तब शास्त्री ने रोहित को भारत के लिए ओपनिंग करने के बारे में पूछा था। शास्त्री तब हेड कोच थे। रोहित शर्मा ने भारत के लिए 67 टेस्ट खेले जिसमें उन्होंने 40.57 की औसत से 4301 रन बनाए। उन्होंने 2019 में टेस्ट में ओपनिंग शुरू की और तब से वह क्रिकेट के इस सबसे लंबे फॉर्मेट में भारत के अहम बल्लेबाज बन गए। 2020 से 2024 तक वह टेस्ट में भारत के सबसे कंसिस्टेंट परफॉर्मर थे। हालांकि, सितंबर 2024 में उनका मुश्किल वक्त आया और बल्ले से रन बनाने के लिए जूझने लगे। फिर उन्होंने संन्यास ही ले लिया।