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भजनलाल सरकार के शिविरों में हजारों लंबित प्रकरणों का मौके पर निस्तारण

लखनऊ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा आमजन को प्रशासन के द्वार तक लाने के बजाय प्रशासन को गांव-गांव तक पहुंचाने की अवधारणा के साथ संचालित जनकल्याण शिविर अभियान के अंतर्गत आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर-2026 ग्रामीण क्षेत्रों में सुशासन का प्रभावी माध्यम बनकर उभरे हैं। इन शिविरों का आयोजन 12 जून से हो रहा है।  इस अभियान के तहत 16 जून तक प्रदेशभर में 1407 शिविर आयोजित किए गए। इनमें विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं सेवाओं से 5 लाख 76 हजार 292 से अधिक नागरिक लाभान्वित हुए हैं। शिविरों में वर्षों से लंबित प्रकरणों का मौके पर निस्तारण कर आमजन को राहत प्रदान की जा रही है। राजस्व विभाग बना त्वरित समाधान का माध्यम राजस्व विभाग द्वारा शिविरों में 16 जून तक ई-धरती पोर्टल के माध्यम से 20,057 नामांतरण, 5,039 सीमाज्ञान एवं पत्थरगढ़ी प्रकरण तथा 2,855 आपसी सहमति से विभाजन प्रकरणों का निस्तारण किया गया। इसके अलावा 42,216 जाति, मूल निवास एवं हैसियत प्रमाण पत्र जारी किए गए। इसी प्रकार 19,035 राजस्व अभिलेखों का शुद्धिकरण, 1,817 रास्ता प्रकरणों का समाधान तथा 815 अतिक्रमण,749 गैर खातेदारी से खातेदारी संबंधी प्रकरणों में कार्यवाही की गई। शिविरों के माध्यम से 39,267 किसान फार्मर रजिस्ट्री में पंजीकृत किए गए। पंचायत राज विभाग ने पट्टा वितरण में बनाया नया रिकॉर्ड पंचायती राज विभाग द्वारा ग्रामीणों को स्वामित्व अधिकार दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की गईं। अभियान अवधि में 87,626 पट्टे जारी किए गए। इनमें राजस्थान पंचायती राज नियम 1996 के तहत बड़ी संख्या में पात्र परिवारों को लाभ मिला। इसी प्रकार 5,369 विमुक्त , घुमन्तू एवं अर्द्ध-घुमंतू परिवारों को पट्टे जारी किये गये। साथ ही 7,762 व्यक्तिगत घरेलू शौचालय स्वीकृतियां,2,038 सामुदायिक स्वच्छता परिसर को ​क्रियाशील बनाया, 9,325 सोख्ता गड्ढों एवं मैजिक पिटों की स्वीकृतियां तथा 10,921 सोख्ता गड्ढों एवं मैजिक पिटों की सफाई की गई। साथ ही 5,12,161 ग्रामीणों को ठोस कचरा प्रबंधन नियम-2026 की जानकारी प्रदान की गई। स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचीं गांव-गांव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिविरों में 2 लाख 83 हजार 745 लोगों का उपचार किया गया। 1 लाख 84 हजार 250 व्यक्तियों की एनसीडी स्क्रीनिंग, 1 लाख 31 हजार 563 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग, 57,821 महिलाओं की कैंसर स्क्रीनिंग तथा 8,747 बच्चों का टीकाकरण किया गया। इसी प्रकार 12,165 महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच एवं 3,471 महिलाओं की ​सिकल सैल रोग की स्क्रीनिंग की गई। इसके अतिरिक्त 20,221 पीएमजेवाई कार्ड वितरित किए गए और 1,724 पोषण किटें प्रदान की गईं। पशुपालन एवं कृषि क्षेत्र को मिला विशेष लाभ पशुपालन विभाग द्वारा 3 लाख 38 हजार 528 पशुओं को कृमिनाशक दवा, 2 लाख 8 हजार से अधिक पशुओं का एच.एस ,बी.क्यू. एवं पी.पी.आर. टीकाकरण,2,07,491 पशुओं का एमएफडी टीकाकरण तथा 39,912 पशुओं का मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के अंतर्गत बीमा किया गया। वहीं कृषि एवं उद्यानिकी विभाग ने 3 लाख 33 हजार 472 किसानों को विभागीय योजनाओं की जानकारी प्रदान की तथा 25,416 प्रधानमंत्री फसल बीमा पॉलिसियां वितरित कीं। ऊर्जा विभाग ने बिजली संबंधी शिकायतों का किया त्वरित समाधान ऊर्जा विभाग द्वारा 9,504 विद्युत आपूर्ति बाधा संबंधी शिकायतों, 7,444 ढीले तार एवं खंभों से संबंधित समस्याओं, तथा 2,191 लोड संबंधी शिकायतों का निस्तारण किया गया। साथ ही 1,344 नए विद्युत कनेक्शन जारी किए गए। इसी प्रकार 1,465 त्रुटिपूर्ण मीटर एवं 988 ट्रान्सफॉर्मर संबंधी शिकायतों का निस्तारण किया गया। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का मिला लाभ सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा 4,381 पालनहार सत्यापन, 702 सामाजिक सुरक्षा पेंशन सत्यापन, तथा 354 संयुक्त सहायता योजना आवेदनों का निस्तारण किया गया। दिव्यांगजन हितार्थ विभिन्न योजनाओं के आवेदन भी स्वीकृत किए गए। खाद्य, पेयजल एवं शिक्षा सेवाओं में उल्लेखनीय प्रगति खाद्य विभाग ने 7,033 एनएफएसए परिवारों की ई-केवाईसी, 5,962 नए पात्र परिवारों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना से जोड़ने तथा 5,124 राशन कार्डों की एलपीजी आईडी मैपिंग का कार्य किया। जल संसाधन विभाग ने मानसून पूर्व तैयारियों के अंतर्गत 168 जल भराव के क्षेत्रों, 126 जल निकासी मार्गों, 103 बांधों की मरम्मत एवं चिन्हांकन से संबंधित अनेक प्रस्ताव तैयार किए। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा 4,812 पेयजल गुणवत्ता जांच, 3,728 पाइप लाइन लीकेज मरम्मत, 3,078 हैंडपंप मरम्मत तथा 4,441 अन्य पेयजल शिकायतों का निस्तारण किया गया। शिक्षा विभाग ने सत्र 2026-27 के लिए 1 लाख 70 हजार 133 विद्यार्थियों का नामांकन सुनिश्चित किया। वन विभाग ने पर्यावरण संरक्षण को दिया जनआंदोलन का स्वरूप ग्रामीण सेवा शिविरों के माध्यम से वन विभाग ने पर्यावरण संरक्षण एवं हरित आवरण बढ़ाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया। विभाग द्वारा 16 जून तक 2 लाख 29 हजार 873 पौधों का वितरण किया गया। साथ ही वन भूमि संबंधी प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के लिए विशेष प्रयास करते हुए 368 परिवादों का समाधान किया गया तथा राजस्व विभाग के सहयोग से वन भूमि पर अतिक्रमण चिन्हांकन एवं सीमांकन संबंधी कार्यवाही भी संपादित की गई। शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षारोपण के प्रति भी जागरूक किया गया। परिवहन विभाग ने पात्र नागरिकों को प्रदान की राहत परिवहन विभाग द्वारा शिविरों में विशेष योग्यजन एवं अन्य पात्र नागरिकों को परिवहन सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में प्रभावी कार्य किया गया। विभाग ने 632 विशेष योग्यजन पास तथा 2,162 अन्य पात्र नागरिकों को पास जारी कर आवागमन की सुविधा सुनिश्चित की। शिविरों में आमजन को परिवहन विभाग की विभिन्न सेवाओं एवं सुविधाओं की जानकारी भी प्रदान की गई। आयुर्वेद विभाग की सेवाओं का लाभ हजारों ग्रामीणों को- आयुर्वेद विभाग द्वारा आयोजित चिकित्सा परामर्श शिविरों में ग्रामीणों की उल्लेखनीय सहभागिता रही। विभाग ने 78 हजार 688 रोगियों को आयुर्वेदिक परामर्श प्रदान किया तथा 45 हजार 248 रोगियों को औषधियां वितरित कीं। आयुर्वेद विशेषज्ञों ने लोगों को स्वस्थ जीवनशैली, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा के प्रति जागरूक करते हुए रोगों की रोकथाम संबंधी उपयोगी जानकारी भी दी। सैनिक कल्याण विभाग ने पूर्व सैनिकों एवं आश्रितों की समस्याओं का किया समाधान सैनिक कल्याण विभाग द्वारा शिविरों में पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं एवं उनके आश्रितों को राहत प्रदान की गई। विभाग ने 113 पेंशन संबंधी प्रकरणों का निस्तारण किया तथा 39 पूर्व सैनिकों एवं विधवाओं के पहचान पत्र जारी किए। इसके अतिरिक्त 1,963 नागरिकों को केंद्र एवं राज्य सरकार की सैनिक कल्याणकारी योजनाओं एवं नवीन निर्णयों की जानकारी उपलब्ध कराई गई। सहकारिता विभाग ने किसानों को दी वित्तीय सशक्तिकरण की … Read more

उदयपुर के ग्रामीण सेवा शिविरों में ऑन-द-स्पॉट समाधान, किसानों और जरूरतमंदों को मिला लाभ

 उदयपुर उदयपुर जिले में ग्रामीण सेवा शिविर-2026 अभियान  के पहले ही बड़ी संख्या में ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान हुआ और उन्हें विभिन्न योजनाओं का लाभ मिला। सवा लाख रूपये का अनुदान मिला मावली में आयोजित शिविर में जरूरतमंद किसान श्री शंकरलाल निवासी लदानी को कृषि यंत्र खरीदने हेतु अनुदान स्वीकृत कर आर्थिक संबल प्रदान किया गया।  शंकरलाल ने बताया कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह कृषि यंत्र खरीद नहीं पा रहा था। शिविर में कृषि विभाग के सहायक कृषि अधिकारी परसराम जाट ने उन्हें कृषि यंत्र योजना की जानकारी दी और बताया कि राज्य सरकार द्वारा मल्टीक्रॉप थ्रेशर सहित विभिन्न कृषि यंत्रों पर अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। शिविर में ही आवेदन तैयार करवा कर हाथों-हाथ स्वीकृत किया गया। एडीएम सिटी  जितेंद्र ओझा, उपखण्ड अधिकारी श्री रमेश सिरवी पुनाड़िया की उपस्थिति में  1 लाख 25 हजार रुपये के अनुदान का चेक प्रदान किया गया। अनुदान प्राप्त होने पर शंकरलाल ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार जताया। अटकी पेंशन बहाल उदयपुर जिले की ग्राम पंचायत चांदवास में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर  चांदवास निवासी श्रीमती हरकू, श्रीमती राजूड़ी और सवली के लिए भी राहत लेकर आया। बायोमीट्रिक सत्यापन एवं फेस ऐप के माध्यम से बार-बार प्रयास करने के बावजूद उनका सत्यापन नहीं हो पाने से इन तीनों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन पिछले कई महीनों से बंद थी। शिविर में मामला सामने आने पर बीडीओ  ने तत्परता दिखाते हुए समाधान के निर्देश दिए। तकनीकी बाधा को दूर करने के लिए ओटीपी आधारित सत्यापन प्रक्रिया अपनाई गई और कुछ ही मिनटों में तीनों महिलाओं का सत्यापन सफलतापूर्वक कर उनकी रुकी हुई पेंशन बहाल कर दी गई। इसी शिविर में ग्राम पंचायत चांदवास निवासी श्रीमती रामा, श्रीमती वारकी तथा श्रीमती केशरी को  पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ)सौंपे गये। विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र मिला चांदवास निवासी श्री उदयलाल के विवाह पंजीयन संबंधी आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर उन्हें शिविर में ही विवाह पंजीयन प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया। नक्शा की गलती की शुद्ध ग्राम पंचायत चीरवा में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में  चीरवा निवासी खातेदार श्री राजेश पुत्र स्व. श्री नारायणलाल मेनारिया के नक्शा शुद्धिकरण के लिए आवेदन करने पर  उपखण्ड अधिकारी श्री मनसुख डामोर, नायब तहसीलदार श्री रमेश कुमार राजपुरोहित ने राजस्व अभिलेखों में इंद्राज दुरुस्ती करवा कर  श्री राजेश को राहत पहुंचाई। ग्रामीण सेवा शिविर अभियान साबित कर रहा है कि संवेदनशील प्रशासन और त्वरित निर्णय से आमजन की समस्याओं का समाधान उनके गांव में ही संभव है। एक ही छत के नीचे पेंशन बहाली, पीपीओ वितरण और विवाह पंजीयन जैसे कार्य होने से ग्रामीणों में उत्साह का माहौल रहा। ग्रामीणों एवं लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनकल्याणकारी शिविरों के माध्यम से प्रशासन स्वयं गांव पहुंच रहा है और लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहा है। उन्होंने इस पहल को ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत बताते हुए सरकार की संवेदनशीलता की सराहना की।

21 विभागों की भागीदारी के साथ ग्रामीण सेवा शिविर शुरू, एक ही जगह मिलेंगी सभी सरकारी सुविधाएं

जयपुर मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की मंशा एवं निर्देशों की अनुपालना में प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में आमजन को राज्य सरकार की विभिन्न जन-कल्याणकारी एवं फ्लैगशिप योजनाओं का सीधा लाभ पहुँचाने के लिए 12 जून से 15 जुलाई तक "ग्रामीण सेवा शिविर-2026" का आयोजन किया जाएगा। महा-अभियान के तहत राजस्व विभाग के अतिरिक्त 21 अन्य महत्वपूर्ण विभागों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। शिविरों का समय सप्ताह के कार्य दिवसों में प्रातः 9:30 बजे से सायं 6 बजे तक (अथवा कार्य समाप्ति तक) रहेगा। मुख्यमंत्री श्री शर्मा के निर्देशानुसार शिविर में आने वाले प्रत्येक नागरिक का कार्य उसी दिन पूर्ण करने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा। यदि सायं 06:00 बजे तक कुछ कार्य अपूर्ण या लंबित रहते हैं, तो विभागवार उनकी सूची संधारित की जाकर समयबद्ध रूप से निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। शिविर की शुरुआत से समाप्ति तक सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य रहेगी। डिजिटल मॉनिटरिंग के लिए विशेष पोर्टल तैयार अभियान की पारदर्शिता और दैनिक प्रगति पर नजर रखने के लिए सूचना एवं प्रौद्योगिकी संचार विभाग द्वारा ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया गया है। इसमें विभागीय कार्यों की दैनिक प्रगति रिपोर्ट इस पोर्टल पर शिविर प्रभारी के माध्यम से अनिवार्य रूप से अपडेट की जाएगी। इसके साथ ही, अभियान के दौरान निष्पादित होने वाले सभी दस्तावेजों व प्रमाण-पत्रों पर "ग्रामीण सेवा शिविर-2026" की विशेष मोहर अंकित की जाएगी। अभियान में स्थानीय स्तर पर सांसदों, विधायकों, जिला प्रमुखों, प्रधानों और अन्य जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए राजस्व विभाग ​की और से सभी जिला कलक्टर को निर्देशित किया गया है। एक ही स्थान पर मिलेंगी विभिन्न विभागों की सेवाएं ग्रामीण सेवा शिविर में राजस्व विभाग को अभियान का नोडल विभाग बनाया गया है। विभाग द्वारा राजस्व अभिलेखों एवं खातों का शुद्धिकरण, खातों का विभाजन, रास्तों संबंधी प्रकरणों का निस्तारण, नामांतरण (म्यूटेशन), सरकारी एवं चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने, भूमिहीन किसानों को भूमि आवंटन, खातेदारी अधिकार प्रदान करने, सीमाज्ञान, आबादी विस्तार एवं विभिन्न प्रकार के प्रमाण-पत्र जारी करने की कार्यवाही की जाएगी। ग्रामीण विकास विभाग द्वारा वीबी—जी राम जी योजना का प्रचार—प्रसार एवं प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत पात्र परिवारों को लाभान्वित किया जाएगा। तथा स्वयं सहायता समूहों के गठन,बैंक खाता खुलवाना और बैंक लिंकेज की प्रक्रिया को गति देगा। पंचायती राज विभाग स्वच्छता संबंधी कार्यों, आईएचएचएल ​की स्वीकृतियां,विमुक्त घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु श्रेणी के परिवारों को पट्टा वितरण, भूखण्ड आवंटन तथा जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्र जारी करने की सेवाएं उपलब्ध कराएगा। वन विभाग द्वारा वन भूमि संबंधी प्रकरणों का निस्तारण एवं पौधों का निःशुल्क वितरण किया जाएगा। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग मातृ-शिशु स्वास्थ्य जांच, कैंसर एवं सिकल सेल स्क्रीनिंग, टीबी जांच, टीकाकरण तथा आयुष्मान भारत कार्ड वितरण करेगा। पशुपालन विभाग द्वारा पशु स्वास्थ्य शिविर, टीकाकरण एवं मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत बीमा पॉलिसियां वितरित की जाएगी। पेयजल विद्युत, सड़क एवं अन्य आधाभुत सुविधाओं से जुडी समस्याओं का होगा समाधान ग्रामीण सेवा शिविर में ऊर्जा विभाग द्वारा विद्युत सप्लाई,ट्रांसफार्मर एवं बिजली संबंधी शिकायतों का समाधान किया जाएगा। जबकि कृषि विभाग किसानों को विभिन्न योजनाओं एवं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की जानकारी उपलब्ध कराएगा। आयोजना विभाग जनधन खाते, सामाजिक सुरक्षा बीमा योजनाओं, अटल पेंशन योजना एवं जनआधार से जुड़े कार्य करेगा। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग एनएफएसए से संबंधित लंबित प्रकरणों, ई-केवाईसी एवं आधार सीडिंग का निस्तारण करेगा। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग पेंशन सत्यापन, पालनहार योजना, यूडीआईडी कार्ड, कृत्रिम अंग वितरण एवं मुख्यमंत्री कन्यादान योजना से संबंधित कार्य किए जाएंगे।   इन विभागो की भी रहेगी भागीदारी शिविरों में महिला एवं बाल विकास विभाग लाडो प्रोत्साहन योजना, काली बाई भील सम्बल उड़ान योजना, पन्नाधाय सुरक्षा एवं समान केन्द्र,मुख्यमंत्री सामुहिक विवाह अनुदान योजना,वन स्टॉप सेन्टर,महिला हेल्पलाइन,शिक्षा सेतु,मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, महिला सुरक्षा एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र महिलाओं तक पहुंचाएगा। श्रम विभाग निर्माण श्रमिकों के लिए टूलकिट सहायता योजना के आवेदनों का निस्तारण करेगा। आपदा प्रबंधन एवं सहायता विभाग प्राकृतिक आपदाओं से संबंधित सहायता प्रकरणों का निस्तारण करेगा। जल संसाधन विभाग जल निकासी, जलभराव, बांधों एवं अतिक्रमण से संबंधित प्रस्ताव तैयार करेगा। परिवहन विभाग पात्र व्यक्तियों को रोडवेज बसों के लिए रियायती एवं निःशुल्क यात्रा पास जारी किए जाएंगे। सहकारिता विभाग किसानों को फसली ऋण योजनाओं के प्रति जागरूक करेगा तथा पीएम-किसान लाभार्थियों का सत्यापन करेगा। शिक्षा विभाग नामांकन वृद्धि,पालनहार योजना, छात्रवृत्ति समस्याओं के समाधान एवं विद्यालय भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। आयुर्वेद विभाग की स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचेंगी गांव—गांव शिविरों में आयुर्वेद एवं भारतीय चिकित्सा पद्धति विभाग निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित कर आवश्यक दवाइयों का वितरण करेगा। सैनिक कल्याण विभाग पूर्व सैनिकों की पेंशन एवं पहचान पत्र संबंधी समस्याओं का समाधान करेगा। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं भू-जल विभाग पेयजल व्यवस्था, हैंडपंप मरम्मत, जल गुणवत्ता जांच तथा पाइपलाइन लीकेज की समस्याओं का निराकरण करेगा। सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा ग्रामीण सड़कों एवं राजकीय भवनों की मरम्मत सुनिश्चित की जाएगी। राज्य स्तर पर गठित होगा समन्वय प्रकोष्ठ- अभियान की प्रभावी मॉनिटरिंग एवं दैनिक समीक्षा के लिए प्रमुख शासन सचिव, राजस्व के निर्देशन में राज्य स्तर पर समन्वय प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। राज्य सरकार ने आमजन से अपील की है कि वे अपने निकटतम ग्राम पंचायत मुख्यालय पर आयोजित ग्रामीण सेवा शिविरों में पहुंचकर विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ प्राप्त करें।