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अवैध बालू कारोबार पर कार्रवाई के दौरान पुलिसकर्मी घायल, तस्कर फरार

रांची रांची में अवैध बालू कारोबार करने वाले माफियाओं का मनोबल लगातार बढ़ता जा रहा है। हालात ऐसे हो गए हैं कि पुलिस जब भी अवैध बालू लदे वाहनों को रोकने की कोशिश करती है, तस्कर पुलिस टीम पर ही हमला करने से नहीं हिचकते। कई मामलों में पुलिसकर्मियों को कुचलने का प्रयास किया गया, जबकि कुछ घटनाओं में जवान और अधिकारी घायल भी हुए हैं। लगातार हो रही घटनाओं ने अवैध बालू कारोबार और उससे जुड़े नेटवर्क पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जून 2025 में नामकुम थाना क्षेत्र में एक बड़ी घटना सामने आई थी। पुलिस टीम ने जांच के दौरान बालू लदे वाहन को रोकने का प्रयास किया था। आरोप है कि चालक ने वाहन नहीं रोका और सीधे पुलिस टीम पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की। घटना में नामकुम थाना प्रभारी मनोज कुमार और उनके बॉडीगार्ड घायल हो गए थे। इस घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया था, लेकिन इसके बावजूद अवैध बालू ढुलाई पर पूरी तरह रोक नहीं लग सकी। इसी तरह जून 2025 में ही केतारी बगान इलाके में एएसआई गुरूचरण पंडित ने बालू लदे टर्बो वाहन को रोकने का प्रयास किया था। आरोप है कि चालक ने वाहन की रफ्तार बढ़ाकर एएसआई को कुचलने की कोशिश की। किसी तरह पुलिसकर्मी ने खुद को बचाया, लेकिन तस्कर वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। घटना के बाद इलाके में पुलिस ने छापेमारी भी की, लेकिन चालक पकड़ में नहीं आया। धुर्वा और रातू में भी पुलिसकर्मियों को कुचलने का हुआ था प्रयास धुर्वा थाना क्षेत्र में भी गश्ती के दौरान पुलिस टीम ने एक संदिग्ध बालू लदे वाहन को रोकने की कोशिश की थी। वाहन चालक ने भागने के दौरान पुलिस की गाड़ी में टक्कर मार दी। इस घटना में पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त हो गया था। वहीं रातू इलाके में भी पुलिसकर्मियों को कुचलने के प्रयास की घटना सामने आ चुकी है। बालू माफिया चालकों को देते हैं आदेश नहीं रुकनी चाहिए गाड़ी बालू माफिया चालकों को स्पष्ट आदेश देते हैं कि किसी हाल में गाड़ी नहीं रुकनी चाहिए। कोई भी गाड़ी रोके तो गाड़ी को चढ़ा दें। अवैध बालू कारोबार से जुड़े लोग रात के समय सक्रिय रहते हैं। नदी घाटों से बालू निकालकर विभिन्न इलाकों में सप्लाई की जाती है। कई तस्कर तेज रफ्तार और दबंगई के बल पर कार्रवाई से बचने की कोशिश करते हैं। यही वजह है कि पुलिस टीमों पर हमले की घटनाएं बढ़ रही हैं।

चंबल में रेत माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 2 दिन में 4 करोड़ से अधिक की अवैध रेत नष्ट, मुरैना में पकड़े गए माफिया

मुरैना  चंबल की रेत पर वर्षों से चल रहा माफिया का खेल अब प्रशासन के सीधे निशाने पर आ गया है. जिले के कलेक्टर ने रेत माफिया की कमर तोड़ने के लिए अधिकारियों को पूरी तरह फ्री हैंड दे दिया है. टास्क फोर्स की बैठक के बाद वन विभाग, पुलिस, राजस्व, परिवहन और माइनिंग विभाग की संयुक्त टीम ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू की. चंबल में करोड़ों की रेत नष्ट की गई महज दो दिनों में 4 करोड़ रुपये से अधिक की चंबल में रेत नष्ट की जा चुकी है. बुधवार की सुबह से शाम तक 20 जेसीबी और 5 लोडरों की मदद से चंबल राजघाट स्थित पिपरई और भानपुर क्षेत्र में रेत को नष्ट किया गया. इस सख्त कार्रवाई से रेत माफियाओं में हड़कंप मच गया है, वहीं हाईवे पर लगने वाली रेत मंडी भी दो दिनों से बंद पड़ी है. प्रशासन का यह अभियान अगले 15 दिनों तक लगातार जारी रहेगा. बीते रोज जिला कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने टास्क फोर्स की बैठक में स्पष्ट निर्देश देते हुए अधिकारियों को रेत माफियाओं पर सख्ती से कार्रवाई करने के लिए फ्री हैंड दे दिया था. इसके बाद प्रशासनिक मशीनरी पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर आई. कलेक्टर के निर्देश पर वन मंडलाधिकारी हरिश्चंद्र बघेल के नेतृत्व में वन विभाग, पुलिस, परिवहन, राजस्व और माइनिंग विभाग की संयुक्त टीम ने चंबल राजघाट पुल क्षेत्र के पिपरई और भानपुर में बड़े पैमाने पर कार्रवाई की. चंबल नदी किनारे डंप कर रखी गई हजारों ट्राली रेत नष्ट मंगलवार और बुधवार को लगातार चली इस कार्रवाई में करीब 20 जेसीबी मशीनों और 5 लोडरों की मदद से 16,500 से अधिक ट्रॉली अवैध रेत को नष्ट किया गया. अधिकारियों के अनुसार, पहले चरण में चंबल नदी किनारे डंप कर रखी गई लगभग 1000 से अधिक ट्रॉली से अधिक रेत को नष्ट किया गया, जबकि बुधवार सुबह से शाम तक दोबारा अभियान चलाकर करीब 15,000 ट्रॉली अवैध रेत को मिट्टी में मिला दिया गया. यह रेत, माफियाओं द्वारा अवैध रूप से खनन कर नदी किनारे जमा की गई थी.  कार्रवाई के दौरान 150 पुलिस के जवान और 50 वन रक्षक तैनात दो दिनों में नष्ट की गई रेत का बाजार मूल्य करीब 4 करोड़ 10 लाख रुपये आंका गया है. प्रशासन इसे चंबल क्षेत्र में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई बता रहा है. कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे. मौके पर करीब 150 पुलिस जवान और 50 वन रक्षक तैनात रहे, जिससे किसी भी तरह की अव्यवस्था या विरोध की स्थिति न बन सके. इस बड़ी कार्रवाई से रेत माफियाओं में हड़कंप मच गया है. हाईवे पर लगने वाली रेत मंडियां भी बीते दो दिनों से बंद पड़ी हैं. प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह अभियान यहीं नहीं रुकेगा, बल्कि आने वाले दिनों में भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी. चंबल में अवैध रेत कारोबार पर अब आर-पार की लड़ाई के संकेत साफ नजर आ रहे हैं. ट्रैक्टर-ट्रॉली का रास्ता पूरी तरह बंद किया गया कलेक्टर के निर्देश पर चंबल नदी से आने-जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर जेसीबी मशीनों से गहरे गड्ढे खुदवाए गए हैं, जिससे ट्रैक्टर-ट्रॉली का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है. रेत विनिष्टीकरण की इस बड़ी कार्रवाई में मंगलवार को 6 जेसीबी मशीनों का उपयोग किया गया, जबकि बुधवार को अभियान और तेज करते हुए 20 जेसीबी और 5 लोडरों की मदद ली गई. कार्रवाई के दौरान वनमंडलाधिकारी हरिशचंद्र बघेल के नेतृत्व में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेन्द्र पाल सिंह डाबर, एसडीएम मुरैना बीएस कुशवाह, जिला खनिज अधिकारी सुखदेव निर्मल, पुलिस लाइन आरआई रविकांत शुक्ला, सूबेदार गजेंद्र सिंह परिहार, राष्ट्रीय चंबल अभ्यारण्य के एसडीओ सहित संबंधित राजस्व अमला मौके पर मौजूद रहा.