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दिल्ली PG हादसा: हाई कोर्ट ने कहा- लापरवाही और आपराधिक व्यवहार का नतीजा नजर आती है घटना

नई दिल्ली सत्य निकेतन में PG बिल्डिंग गिरने से हुई सात लोगों की मौत के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने घटना को महज हादसा मानने से इनकार किया। चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने बुधवार को कहा कि यह घटना लापरवाही और आपराधिक व्यवहार का नतीजा नजर आती है। कोर्ट ने स्टूडेंट्स के सुरक्षित आवास की लंबे समय से चली आ रही समस्या पर भी गंभीर चिंता जताई। कोर्ट ने कहा कि छोटे शहरों से अपने करियर और बेहतर भविष्य के सपने लेकर दिल्ली आने वाले छात्रों के लिए सुरक्षित आवास की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। बेंच ने कहा कि राजधानी में छात्रों के आवास की समस्या पिछले 20 से 25 सालों से बनी हुई है। कोर्ट ने संकेत दिया कि घटना के बाद की गई कार्रवाई से इस मूल समस्या का समाधान नहीं होगा     सत्य निकेतन में इमारत को तोड़ने का काम जारी     12 इमारतों के खिलाफ तोड़फोड़ के ऑर्डर पास     आज भी कार्रवाई जारी रहने के हैं आसार सत्य निकेतन PG हादसे पर हाई कोर्ट में सुनवाई यह टिप्पणी दानवीर राठी की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान आई। याचिका में सत्य निकेतन और दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के आसपास चल रहे PG आवासों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच, स्वतंत्र जांच और पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे व पुनर्वास की मांग की गई है। कोर्ट ने इससे पहले 7 सितंबर को MCD को घटना की उच्चस्तरीय जांच करने का निर्देश दिया था। 25 सितंबर को होगी इस मामले में सुनवाई यह मामला 6 सितंबर को सत्य निकेतन में बहुमंजिला लड़कों के PG बिल्डिंग के गिरने से जुड़ा है। हादसा मरम्मत कार्य के दौरान हुआ था। इसमें सात लोगों की मौत हुई और कई अन्य घायल हुए। मृतकों में स्टूडेंट्स और निर्माण कार्य से जुड़े मजदूर शामिल थे। हाई कोर्ट ने लंबित एक अन्य याचिका के साथ जोड़ते हुए 25 सितंबर को सुनवाई के लिए लगा दिया है। अवैध और खतरनाक इमारतों पर MCD का एक्शन जारी MCD का खतरनाक और अवैध रूप से बनी इमारतों के खिलाफ एक्शन बुधवार को भी जारी रहा। निगम ने सभी 12 जोनों में 46 इमारतों के खिलाफ तोड़फोड़ की कार्रवाई की और 11 संपत्तियों को सील किया। वहीं, बिल्डिंग बॉयलाज का उल्लंघन कर बनाई जा रही 12 इमारतों के खिलाफ तोड़फोड़ के ऑर्डर भी पास किए गए। MCD ने मंगलवार को भी 40 इमारतों में तोड़फोड़ की थी और 16 को सील किया था। MCD से मिली जानकारी के अनुसार, सत्य निकेतन में खतरनाक इमारत को तोड़ने का काम मैनुअल ऐक्शन की वजह से काम तेजी से नहीं हो पा रहा है। अवैध निर्माण पर MCD सख्त अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई के तहत शाहदरा नॉर्थ जोन के कर्दमपुरी, शाहदरा के प्रसादी मोहल्ला, उस्मानपुर और न्यू उस्मानपुर में इमारतों के खिलाफ एक्शन लिया गया। वहीं, शाहदरा साउथ जोन के शास्त्री पार्क, सेंट्रल नॉर्थ जोन में स्वरूप नगर और रानी बाग सहित अन्य स्थानों पर भी तोड़फोड़ की कार्रवाई हुई। MCD ने दोहराया कि अनाधिकृत निर्माण की इजाजत नहीं दी जाएगी।

सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD की बड़ी कार्रवाई, 11 प्रॉपर्टी पर बुलडोजर और 4 सील

नई दिल्ली  सत्य निकेतन पीजी हादसे को रविवार को एक हफ्ते पूरे हो गए। यहां अब अधिकतर दुकानें फिर से खुल गई हैं। सड़कों पर लोग भी नजर आ रहे हैं। पर लोगों के मन से हादसे का खौफ नहीं हट रहा। चिह्नित की गई इमारतों में अब भी तोड़फोड़ का काम चल रहा है। बाजार में दुकानदार दुकान खोलकर तो बैठे हैं, लेकिन चिंता उनके चेहरे पर साफ नजर आ रही है। 'कोरोना से भी बुरा हाल' किताबों की दुकान चलाने वाले आकाश ने बताया कि दुकान खोलना मजबूरी है, लेकिन समझ नहीं आ रहा कि ग्राहक कहां से आएंगे? पहले दिनभर चहल-पहल रहती थी। अब कई स्टूडेंट्स घर लौट गए हैं। कुछ ने दूसरे इलाकों में पीजी ले लिया है। सीधे दुकानदारों की कमाई पर असर पड़ा है। कोरोना के समय भी कारोबार इतना खराब नहीं हुआ था, जितना अभी है। मजदूरों पर भी हो रहा असर मार्केट और आसपास के पीजी में सामान पहुंचाने, खान ले जाने, निर्माण और छोटे-मोटे काम करने वाले मजदूरों को यहां लगातार काम मिलता था, लेकिन अब काम अचानक कम हो गया है। मजदूर रमेश ने बताया कि पहले दिनभर कोई न कोई काम मिल जाता था, लेकिन अब पहले जैसी स्थिति नहीं है। 'जख्म ताजा है, इसलिए सबको याद है…'     मार्केट में खाना खाने आए मोतीलाल नेहरू कॉलेज के स्टूडेंट अमन के चेहरे पर गुस्सा और मायूसी दोनों दिख रही थी। उन्होंने कहा कि पिछले एक सप्ताह से पूरा इलाका छावनी जैसा बना है। अगर हादसे के बाद इतनी बड़ी पुलिस और प्रशासनिक मशीनरी यहां लग सकती है तो पहले क्यों नहीं लगी? अगर समय रहते कार्रवाई हुई होती तो शायद आज हालात कुछ और होते।     वहीं, सुभाष और शुभम त्यागी को पटियाला हाउस कोर्ट में संडे को पेश किया गया। कोर्ट ने दोनों को 12 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। स्थानीय लोगों की नजर जांच पर है कि सिर्फ पीजी संचालकों की भूमिका सामने आती है या इमारत की स्थिति, निर्माण में हुए बदलाव और विभागों की जिम्मेदारी की भी जांच होगी। 11 प्रॉपर्टी तोड़ीं, 4 को किया सील सभी 12 ज़ोनों में अवैध और बिल्डिंग बायलॉज की धज्जियां उड़ाकर बनी प्रॉपर्टीज के खिलाफ संडे को भी एमसीडी की कार्रवाई जारी रही। रविवार को साउथ ज़ोन के तहत आने वाले गौतम नगर इलाके में दो प्रॉपर्टीज सहित 11 प्रॉपर्टी पर डिमोलिशन एक्शन लिया गया। इसके अलावा 4 प्रॉपर्टी को सील किया गया। पीतमपुरा इलाके में एक बिल्डिंग को खतरनाक घोषित करते हुए उसे खाली कराया गया। इस बिल्डिंग में 16 फ्लैट बने हुए हैं। एमसीडी के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि सत्य निकेतन में ध्वस्त हुई बिल्डिंग के बराबर वाली जिस बिल्डिंग को मैनुअली तोड़ा जा रहा है, उस बिल्डिंग की अभी तक डेढ़ मंजिल ही टूट पाई है।     सोमवार को पूरी दो मंजिलों को तोड़ दिया जाएगा। इसके बाद एक ही दिन में पूरी बिल्डिंग को जमीन से मिला दिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि इसी बिल्डिंग के आसपास बिल्डिंग नंबर 74 से लेकर बिल्डिंग नंबर 76 को भी खतरनाक घोषित कर दिया गया है।     इसके बाद इन बिल्डिंग को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। इन बिल्डिंग को तोड़ने से पहले एहतियात के तौर पर बिल्डिंग नंबर 73 और बिल्डिंग नंबर 77 को खाली कराया जाएगा।     ध्यान रहे कि एनबीटी ने सबसे पहले इन खतरनाक बिल्डिंग को हाइलाइट किया था। अधिकारी ने बताया रविवार को सैदुल्लाजाब में जिस बिल्डिंग को तोड़ा जा रहा था, उसके ऊपर रविवार को भी कार्रवाई जारी रही। एक बिल्डिंग को खतरनाक घोषित किया     4 मंजिला इमारत झुकी, दो परिवारों को निकाला     मालिक को खुद ही बिल्डिंग गिराने को कहा गया है बाजार हुआ वीरान सत्य निकेतन में एमसीडी की ओर से चिह्नित की गई इमारतों में तोड़फोड़ का काम लगातार जारी है बिल्डिंग में नोटिस लगा दिया गया है गांधी नगर स्थित चांद मोहल्ले में रविवार को चार मंजिला इमारत अचानक झुक गई। सूचना के बाद पुलिस तुरंत टीम मौके पर पहुंची और इमारत में रहने वाले दो परिवार को सुरक्षित बाहर निकाला। पूरी इमारत को खाली करा लिया गया है। साथ ही, दिल्ली नगर निगम ने इसके मालिक को इमारत खुद गिराने का निर्देश दिया है।     एमसीडी के एक अधिकारी ने बताया कि मकान मालिक से रविवार को ही इमारत गिराने को कहा है। ऐसा न करने पर एमसीडी जरूरी नियमों के तहत कार्रवाई करेगी।     पुलिस अधिकारी ने बताया कि रविवार दोपहर पुलिस को सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस वाले मौके पर पहुंचे और दो परिवारों को सुरक्षित निकाला गया।