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राजस्थान के सरकारी स्कूलों का बदलेगा समय, 1 अक्टूबर से सुबह 10 से शाम 4 बजे तक

जयपुर  राजस्थान में एक अक्टूबर 2026 से सरकारी स्कूलों के समय में बदलाव होने जा रहा है। शिविरा पंचांग के अनुसार प्रदेश के स्कूलों में एक अक्टूबर से नया समय लागू होगा। एक पारी में संचालित होने वाले स्कूलों का समय सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक निर्धारित किया गया है। स्कूल समय में यह बदलाव हर वर्ष शिविरा पंचांग में निर्धारित शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार किया जाता है। गर्मी के मौसम में तापमान और विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्कूलों के समय में बदलाव रहता है। वहीं अक्टूबर की शुरुआत के साथ मौसम में बदलाव को देखते हुए स्कूलों का समय सामान्य किया जाता है। तेज गर्मी के कारण पिछले चार साल में से तीन साल शिक्षा विभाग एक अक्टूबर के स्थान पर 16 अक्टूबर से स्कूलों का समय परिवर्तन किया था। हालांकि पिछले वर्ष शिक्षा विभाग ने शिविरा पंचाग के अनुसार ही एक अक्टूबर को ही स्कूलों का समय परिवर्तन किया था। इस बार भी कई शिक्षक संघ एकल पारी के स्कूलों का समय परिवर्तन एक अक्टूबर के स्थान की अपेक्षा 16 अक्टूबर से ही करने की मांग कर रहे हैं। लेकिन तीस सितम्बर तक शिक्षा विभाग की ओर से इस संबंध में कोई आदेश जारी नहीं हुए हैं। शिविरा पंचांग के अनुसार होता है निर्धारण राजस्थान के सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियों और स्कूल संचालन से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय शिविरा पंचांग के अनुसार किए जाते हैं। इसी के तहत मौसम के अनुसार विद्यालयों के समय में भी परिवर्तन किया जाता है। एक अक्टूबर से नया समय लागू होने के बाद एक पारी वाले स्कूल सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक संचालित होंगे।

राजस्थान स्कूल टाइमिंग: 16 अक्टूबर से समय बदलने की मांग, शिक्षा विभाग के फैसले पर नजर

जयपुर राजस्थान के सरकारी स्कूलों में एक अक्टूबर 2026 से शीतकालीन समय लागू होना प्रस्तावित है। इसके तहत एक पारी में संचालित विद्यालयों का समय सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक किया जाना है। वहीं, वर्तमान में एक पारी वाले स्कूलों का संचालन सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक किया जा रहा है। हालांकि, समय परिवर्तन की तारीख नजदीक आने से पहले ही शिक्षक संगठनों ने इसे आगे बढ़ाने की मांग उठानी शुरू कर दी है। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (विद्यालय शिक्षा), राजस्थान ने शिक्षा मंत्री को पत्र भेजकर मांग की है कि एक अक्टूबर के बजाय 16 अक्टूबर 2026 से विद्यालयों का समय बदला जाए। महासंघ का कहना है कि अक्टूबर के पहले पखवाड़े में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गर्मी का असर बना रहता है। ऐसे में सुबह के समय स्कूल शुरू करने की बजाय दोपहर तक चलने वाला वर्तमान समय विद्यार्थियों के लिए अधिक सुविधाजनक हो सकता है। छोटे बच्चों और ग्रामीण विद्यार्थियों का हवाला महासंघ ने अपनी मांग के पीछे विद्यार्थियों की सुविधा, सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्रमुख आधार बनाया है। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि एक अक्टूबर से स्कूल सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक संचालित होते हैं तो प्राथमिक कक्षाओं के छोटे बच्चों को दोपहर बाद घर लौटना पड़ेगा। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए भी गर्म मौसम में यह व्यवस्था परेशानी पैदा कर सकती है। पहले भी बदली जा चुकी है समय परिवर्तन की तारीख राजस्थान में एक अक्टूबर से शीतकालीन समय लागू करने की व्यवस्था शिविरा पंचांग में निर्धारित रही है। सामान्य तौर पर एक पारी वाले स्कूलों का समय इस अवधि में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक रहता है। हालांकि, पिछले वर्षों में अक्टूबर की शुरुआत में तापमान अधिक रहने के कारण समय परिवर्तन की तारीख आगे बढ़ाई गई थी। वर्ष 2024 में भी गर्मी को देखते हुए ग्रीष्मकालीन समय 15 अक्टूबर तक बढ़ाया गया और 16 अक्टूबर से सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक शीतकालीन समय लागू किया गया था। अब शिक्षा विभाग के फैसले पर नजर इस बार भी मौसम को देखते हुए शिक्षक संगठनों ने समय परिवर्तन की तारीख आगे बढ़ाने की मांग की है। फिलहाल 2026-27 के शैक्षणिक कैलेंडर में एक अक्टूबर से समय परिवर्तन का प्रावधान बताया गया है। ऐसे में अब निगाहें शिक्षा विभाग के अगले आदेश पर हैं। यदि विभाग शिक्षक संगठनों की मांग पर विचार करता है तो स्कूलों का वर्तमान प्रातःकालीन समय अक्टूबर के मध्य तक जारी रह सकता है। वहीं, यदि कोई संशोधित आदेश जारी नहीं होता है तो निर्धारित व्यवस्था के अनुसार एक अक्टूबर से स्कूलों का समय सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक हो जाएगा। पिछले चार वर्षों में से तीन बार 16 अक्टूबर से बदला था स्कूल टाइमिंग पिछले चार वर्षों यानी 2022 से 2025 तक राजस्थान में स्कूलों के समय में अक्टूबर के दौरान बदलाव की स्थिति देखें तो एक पैटर्न साफ दिखाई देता है। सामान्य व्यवस्था के अनुसार 1 अक्टूबर से शीतकालीन समय लागू होता है और एक पारी के स्कूल सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक संचालित होते हैं। लेकिन 2022, 2023 और 2024 में गर्मी के कारण समय परिवर्तन को आगे बढ़ाया गया था। 2025 के शिविरा पंचांग में 1 अक्टूबर से ही स्कूलों का समय बदला गया। 2022 में 1 अक्टूबर का बदलाव टला, 16 अक्टूबर से लागू शिविरा पंचांग के अनुसार 1 अक्टूबर 2022 से स्कूलों का समय सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे किया जाना था। लेकिन मौसम की असामान्य परिस्थितियों को देखते हुए शिक्षा विभाग ने समय परिवर्तन को 15 अक्टूबर तक स्थगित कर दिया। इस दौरान स्कूल सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक चलते रहे। 16 अक्टूबर को रविवार होने के कारण वास्तविक रूप से स्कूलों में नया समय 17 अक्टूबर 2022 से लागू हुआ। 2023 में भी 1 अक्टूबर की जगह 16 अक्टूबर से बदलाव 2023 में भी गर्मी के कारण स्कूलों का समय 1 अक्टूबर से नहीं बदला गया। शिक्षा विभाग ने शीतकालीन समय 16 अक्टूबर 2023 से लागू किया। इसके बाद एक पारी वाले स्कूल सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक संचालित होने लगे। दो पारी वाले स्कूलों में पहली पारी सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे और दूसरी पारी दोपहर 12:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक रखी गई। 2024 में भी 1 अक्टूबर से बदलाव नहीं हुआ 2024 में भी यही स्थिति बनी। शिविरा कैलेंडर के अनुसार 1 अक्टूबर से शीतकालीन समय लागू होना था, लेकिन गर्मी को देखते हुए शिक्षा विभाग ने इसे 15 अक्टूबर तक टाल दिया। इस दौरान स्कूल सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक चलते रहे। शीतकालीन समय 16 अक्टूबर 2024 से लागू किया गया और एक पारी के स्कूलों का समय सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे कर दिया गया। लेकिन 2025 में एक अक्टूबर से ही हुआ था स्कूलों का समय परिवर्तन 2025-26 के शिविरा पंचांग में स्पष्ट रूप से 1 अक्टूबर 2025 को विद्यालय समय परिवर्तन की तारीख निर्धारित की गई थी। इसके अनुसार एक पारी के स्कूलों का समय सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे और दो पारी वाले स्कूलों का समय सुबह 7:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक निर्धारित था। उपलब्ध पंचांग में 1 अक्टूबर को ही समय परिवर्तन दर्ज है।

ठंड–कोहरे से बच्चों की सुरक्षा पर फोकस, पंजाब में स्कूल टाइमिंग बदलने की तैयारी

पंजाब  पंजाब सरकार द्वारा कड़ाके की इस ठंड और घने कोहरे के बावजूद स्कूल के समय में अब तक कोई राहत भरा बदलाव नहीं किया गया है।  वर्तमान स्कूल सुबह 9 बजे ही लग रहे हैं जो घने कोहरे का सबसे खतरनाक समय होता है। अभिभावकों और शिक्षक संगठनों ने जिला प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि स्कूलों का समय बदलकर सुबह 10 से दोपहर 3 बजे तक बजे किया जाना चाहिए।  अभिभावकों का तर्क है कि जब तक सूरज की थोड़ी तपिश नहीं आती, तब तक छोटे बच्चों को घर से बाहर निकालना उनकी सेहत के साथ खिलवाड़ है। यदि प्रशासन जल्द ही समय सारिणी में बदलाव का फैसला नहीं लेता, तो कोहरे के कारण होने वाले सड़क हादसों का खतरा और बढ़ सकता है। बता दें कि  पूरा पंजाब इन दिनों बर्फीली हवाओं और 'व्हाइट आऊट' (घने कोहरे) की गिरफ्त में है। शहर की सड़कें जो कभी सुबह 7 बजे शोर से गुलजार रहती थीं, अब कोहरे की सफेद चादर में लिपटी खामोश नजर आती हैं। हिमालय की पहाड़ियों से आ रही बर्फीली उत्तर-पश्चिमी हवाओं ने समूचे जिले को एक 'कोल्ड चैम्बर' में तबदील कर दिया है। सुबह के वक्त आलम यह होता है कि सूरज की किरणें घने कोहरे की मोटी दीवार को भेदने में नाकाम साबित हो रही हैं जिससे दृश्यता शून्य तक पहुंच गई है। शहर की व्यस्त सड़कों से लेकर ग्रामीण इलाकों के खुले मैदानों तक, हर तरफ केवल सफेद धुंध का राज है। इस भीषण शीत लहर का सबसे मार्मिक और चुनौतीपूर्ण प्रभाव शिक्षा क्षेत्र पर पड़ा है। जहां एक ओर मासूम बच्चे भारी बस्तों के साथ हाड़ कंपा देने वाली ठंड में स्कूल की दहलीज पर पहुंचने को मजबूर हैं, वहीं दूसरी ओर अपनी ड्यूटी के प्रति समर्पित अध्यापक जान जोखिम में डालकर कोहरे को चीरते हुए मंजिलों तक पहुंच रहे हैं। यह केवल एक मौसम का बदलाव नहीं, बल्कि विद्यार्थियों और अध्यापकों के धैर्य की परीक्षा बन गया है।  

शिक्षा विभाग ने जारी किया नया आदेश: बिहार के स्कूलों का समय बदल गया

पटना घने कोहरे, गिरते तापमान और बढ़ती ठंड के कारण पटना जिले में आम जनजीवन के साथ-साथ बच्चों की दिनचर्या भी प्रभावित होने लगी है। सुबह के समय कम दृश्यता और शीतलहर जैसे हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने शुक्रवार को जिले के सभी विद्यालयों के संचालन समय में एहतियातन बदलाव किया। 25 दिसंबर तक प्रभावी रहेगा यह आदेश पटना जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने आदेश जारी करके कहा कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों के साथ-साथ प्री-प्राइमरी विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र अब सुबह 10 बजे से अपराह्न 3.30 बजे तक ही संचालित किए जाएंगे। उन्होंने आदेश में कहा कि निर्धारित समय से पहले या बाद में किसी भी प्रकार की शैक्षणिक गतिविधि पर पूरी तरह रोक रहेगी। प्रशासन के अनुसार, सुबह और देर शाम की ठंड बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है, इसी को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। प्रशासन के अनुसार यह आदेश 20 दिसंबर से 25 दिसंबर तक प्रभावी रहेगा। हालांकि, बोर्ड और प्री-बोर्ड परीक्षाओं से संबंधित विशेष कक्षाएं और निर्धारित परीक्षाएं इस आदेश से मुक्त रहेंगी, ताकि परीक्षा कार्यक्रम प्रभावित ना हो। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी ठंड के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए 10 दिसंबर को विद्यालयों के समय में बदलाव किया गया था। उस दौरान आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए विद्यालय का समय सुबह 8.30 बजे से शाम 4 बजे तक निर्धारित किया गया था, जो 11 से 18 दिसंबर तक लागू रहा। हालांकि मौसम के और अधिक सर्द होने तथा न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज होने के बाद अब सभी कक्षाओं के लिए एक समान समय तय किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में जिला प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।  

कड़ाके की ठंड में बदलाव: इंदौर और भोपाल के स्कूल अब सुबह 8:30 बजे से शुरू, पहली से आठवीं कक्षा

भोपाल   कड़ाके की ठंड के चलते राजधानी भोपाल और इंदौर में स्कूलों के समय में बदलाव हुआ है। जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय से जारी आदेश के मुताबिक, अब पहली से आठवीं कक्षा तक के स्कूल सुबह 8.30 बजे के बाद खुलेंगे। यह आदेश सरकारी, प्राइवेट, केंद्रीय, जवाहर नवोदय, सीबीएसई, आईसीएससी सभी स्कूलों पर लागू होगा। जिला शिक्षा अधिकारी ने यह आदेश कडाके की ठंड को देखते हुए जारी किया है। साथ ही इस आदेश को तत्काल प्रभाव से प्रभावशील होगा। बढ़ती सर्दी के कारण फैसला यह फैसला बढ़ती सर्दी और बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। प्रशासन का कहना है कि तेज हवाओं और गिरते तापमान के बीच छोटे बच्चों का जल्द स्कूल पहुंचना मुश्किल हो रहा था। 6 डिग्री के आसपास पहुंचा तापमान  इंदौर जिले में लगातार पड़ रही कड़ाके की ठंड से आमजन हालाकान हैं। तापमान 6 डिग्री के करीब पहुुंच रहा है, ऐसे में सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों को खासी परेशानी होती है। अब जिले के सभी शासकीय और निजी स्कूल सुबह 9 बजे बाद ही शुरू हो सकेंगे। कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्कूलों का समय बदलने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी को दिए है। मंगलवार से स्कूलों में आदेश लागू होंगे। ठंड में बढ़ी बच्चों की परेशानी नवंबर में लगातार कड़ाके की ठंड बढ़ती जा रही है, वहीं आने वाले समय में तापमान में गिरावट और शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है, इसलिए सुबह 7 बजे स्कूल जाने वाले बच्चों को ठंड से परेशान होना पड़ता है। बच्चों की परेशानी को देखते हुए कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्कूलों का समय बदलने के निर्देश दिए है। सुबह की शिफ्ट में संचालित होने वाले स्कूलों का समय दो घंटे बढ़ाया जा रहा है।