samacharsecretary.com

दमोह : सेंट जॉन्स सीनियर स्कूल अब अभिभावकों के 6 करोड़ 25 लाख रुपए लौटाने पड़ेंगे

 दमोह  दमोह स्थित सेंट जॉन्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल को बड़ा झटका लगा है। राज्य समिति ने सेंट जॉन्स स्कूल की अपील को खारिज कर दिया है। अपील खारिज होने के बाद अब विद्यार्थियों के अभिभावकों के 6 करोड़ 25 लाख से ज्यादा रुपए लौटाने पड़ेंगे। 2 लाख रुपए की शास्ति भी जमा करनी होगी। मध्य प्रदेश निजी विद्यालय (फीस तथा संबंधित विषयों का विनियमन) अधिनियम 2017 एवं नियम 2020 के अन्तर्गत गठित जिला समिति ने स्कूल प्रशासन को दोषी पाया है। जिला प्रशासन की गठित जिला समिति ने जांच में स्कूल प्रंबधन को दोषी पाया है। इन वर्षों की अधिक फीस करनी होगी वापस जांच में पाया गया है कि सरप्लस के बाद भी सेंट जॉन्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल द्वारा सत्र 2022-23 में 2,160 विद्यार्थियों से 1 करोड़ 95 लाख 28 हजार 600 रुपए, सत्र 2023-24 में 2,179 विद्यार्थियों से 2 करोड़ 7 लाख 16 हजार 340 रुपए व सत्र 2024-25 में 2,234 विद्यार्थियों से 2 करोड़ 23 लाख 41 हजार 350 इस प्रकार वसूली गई। कुल फीस 6 करोड़ 25 लाख 86 हजार 290 रुपए अधिक वसूली गई है। जिसे जिला समिति द्वारा 30 दिवस के भीतर विद्यार्थियों या अभिभावकों के खाते में फीस वापस किए जाने का आदेश जारी किया गया है।

उज्जैन में बदली छुट्टी ! रविवार को खुलेंगे स्कूल, सोमवार को छुट्टी, क्यों लिया गया ये फैसला?

उज्जैन  उज्जैन में सावन,भादो माह में निकलने वाली बाबा महाकाल की सवारी के चलते जिला प्रशासन ने सोमवार को कक्षा 1 से लेकर 12वीं तक के शासकीय ओर प्राइवेट स्कूलों में छुट्टी रखने का निर्णय लिया है। इस निर्णय के अनुसार सोमवार को स्कूल की छुट्टी रहेगी और बच्चों को पढ़ाई का नुकसान ना हो, इसके लिए रविवार को स्कूल खोले जाएंगे। बता दें कि 11 जुलाई से सावन की शुरुआत हो रही है और इस बार बाबा महाकाल की कुल छह सवारियां महाकाल मंदिर से निकलेंगी। उज्जैन कलेक्टर रौशन सिंह ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश जारी करने को कहा है। उज्जैन में स्थित विश्वप्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर से सावन ओर भादो माह में श्री बाबा महाकाल की सावरी निकली जाती है। श्रावण महीने में भगवान महाकाल की निकलने वाली सवारी में भीड़ को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। सवारी निकलने के दौरान सवारी मार्ग को बंद किया जाता है,जिस वजह से सड़कों पर जाम भी लग जाता है। भगवान महाकालेश्वर की सवारी महाकालेश्वर मंदिर के सभा मण्डप में सोमवार शाम 4 बजे पूजन-अर्चन के बाद निकाली जाती है। मंदिर के द्वार पर गॉड ऑफ ऑनर दिया जाता है। उसके बाद शहर के गुदरी चौराहा,बक्षी बाजार,कहारवाड़ी से होते हुए रामघाट शिप्रा तट पर पहुंचती है। यहां भगवान महाकाल का जलाभिषेक होने के बाद पूजन-अर्चन किया जाता है,उसके बाद सवारी रामानुजकोट,मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक,खाती समाज मंदिर,सत्यनारायण मंदिर,ढाबा रोड,टंकी चौराहा,छत्री चौक,गोपाल मंदिर,पटनी बाजार,गुदरी बाजार होती हुई महाकालेश्वर मन्दिर में वापस आती है। इस दौरान श्रद्धालुओं की भारी संख्या रहती है। उज्जैन कलेक्टर रौशन सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष की तरह हम इस बार भी व्यवस्था करेंगे। इसमें भक्तों और स्कूल के बच्चों को कोई परेशानी नहीं होगी। इसको लेकर जल्द ही शिक्षा विभाग अलग से ऑर्डर जारी करेगा। जिसमें उज्जैन नगर निगम क्षेत्र के सभी निजी और सरकारी स्कूलों पर निर्णय लागू होगा। महाकाल की पहली सवारी 14 जुलाई,द्वितीय सवारी 21 जुलाई,तृतीय सवारी 28 जुलाई, चतुर्थ सवारी 4 अगस्त को श्रावण मास में निकाली जाएगी। इसी तरह भादौ मास में पंचम सवारी 11 अगस्त को रहेगी ओर महाकाल की राजसी सवारी सोमवार 18 अगस्त को निकलेगी इस दिन स्थानीय अवकाश रहेगा। इसलिए रविवार को स्कूल नहीं लगाने पड़ेंगे। उज्जैन कलेक्टर रौशन सिंह के अनुसार हर साल बाबा महाकाल की सवारी वाले दिन बड़ी संख्या में भक्त उज्जैन पहुंचते हैं। ऐसे में स्कूलों की बस भीड़ में फंस जाती है और बच्चे और श्रद्धालु परेशान होते हैं। इसको लेकर जिला प्रशासन ने फैसला किया है कि मंदिर से निकलने वाली 5 सवारी के दिन स्कूलों का अवकाश रहेगा। इसकी जगह एक दिन पहले रविवार को स्कूल लगेंगे। इस बार 11 जुलाई से श्रावण का महीना शुरू हो रहा है। पहली सवारी 14 जुलाई को रहेगी।