samacharsecretary.com

शिक्षा के हक़ में छात्रों की पदयात्रा, 170 बच्चों की आवाज़ पर प्रशासन ने की कार्रवाई

बड़वानी खराब खाने, जाति सूचक शब्दों के प्रयोग करने से नाराज बड़वानी जिले के निवाली छात्रावास के छात्रों का आक्रोश रंग लाया। कलेक्टर ने एकलव्य आवासीय विद्यालय की प्राचार्य को हटा दिया है। प्राचार्य व अध्यापकों से नाराज छात्र सोमवार को अपने होस्टल से पैदल नारेबाजी करते हुए निकले। उन्होंने 60 किलोमीटर पैदल चलकर बड़वानी कलेक्टर से मिलकर शिकायत करने का फैसला लिया था, लेकिन जैसे ही अफसरों को छात्रों के पैदल मार्च की भनक लगी, वे उनके पास पहुंचे। 30 किलोमीटर की यात्रा करने के बाद पानसेमल एसडीएम रमेश सिसोदिया ने छात्रों को रोका और उनकी बातें सुनी। इसके बाद कलेक्टर गुंचा सनोबर ने प्राचार्य मीनाक्षी भार्गव को पद से हटा दिया। छात्रों को समझा कर वापस वाहनों से छात्रावास लौटा दिया। उनका आरोप है कि छात्रावास की समस्या बताने पर प्राचार्य प्रताडि़त करती थी। भोजन भी घटिया दिया जाता था। विरोध करने पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया जाता था। सड़क पर बैठकर करने लगे विरोध छात्र जब नारेबाजी करते हुए पैदल चलने लगे, बड़वानी से अफसर एम्बुलैंस और अन्य गाडि़यां लेकर छात्रों से मिलने निकले। चिखलदा के समीप उन्हें रोका गया, लेकिन वे कलेक्टर से मिलने की मांग पर अड़े रहे। कुछ नाराज छात्र सड़क पर बैठकर नारेबाजी करने लगे। छात्रों को कहा गया कि शिकायत के बाद प्राचार्य के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। बड़ी मुश्किल से छात्र माने और उनका प्रदर्शन समाप्त हुआ।  

कावड़ियों की सुरक्षा व ट्रैफिक को देखते हुए सोमवार को स्कूलों की छुट्टी घोषित

 जबलपुर जबलपुर से गुजरने वाली कावड़ यात्रा को मद्देनदजर रखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से 21 जुलाई सोमवार को सभी स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई है। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा ये आदेश सभी शासकीय, निजी सीबीएसई, आईसीएसई सभी स्कूलों पर लागू होगा। जबलपुर जिला शिक्षा अधिकारी ने आदेश जारी करते हुए कहा कि, 21 जुलाई को जबलपुर में निकलने वाली कावड़ यात्रा में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए अवकाश घोषित किया गया है। कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, कावड़ यात्रा के दिन भारी संख्या में श्रद्धालुओं के सड़क पर आने की वजह से शहर के कई मार्गों पर जाम लग जाता है, ऐसी स्थिति में स्कूली बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। घंटों स्कूली बच्चे और उनके परिजन ट्रैफिक में फंसना पड़ता है, लिहाजा 21 जुलाई को असुविधा से बचने के लिए सभी स्कूलों की छुट्टी घोषित की जाती है। नर्मदा का जल लेकर पैदल यात्रा करते हैं श्रद्धालु आपको ये भी बता दें कि, जबलपुर में कांवड़ यात्रा के दिन लाखों श्रद्धालु नर्मदा से जल लेकर करीब 35 किलोमीटर की यात्रा पैदल तय करते हुए खमरिया घाना स्थित शिवालय पहुंचते हैं। वहीं, पर नर्मदा जल अर्पित कर कर बाबा भोले की पूजा अर्चना करते हैं। पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर, हाईवे पर रूट डायवर्जन सावन के दूसरे सोमवार और आगामी शिवरात्रि पर्व को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। नेशनल हाईवे समेत कई प्रमुख मार्गों पर रूट डायवर्जन लागू कर दिया गया है ताकि कांवड़ यात्रा के दौरान कोई भी अव्यवस्था न हो। जनता से सहयोग की अपील प्रशासन ने आम जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि शिवभक्तों की आस्था और सुरक्षा दोनों प्राथमिकता में हैं, इसलिए आम नागरिक भी रूट डायवर्जन और सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करें। स्कूल-कॉलेजों की छुट्टी से छात्र-छात्राओं और अभिभावकों को होने वाली असुविधा को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही सूचना जारी कर दी है। यात्रा चरम पर, प्रशासन की बड़ी चुनौती हर साल की तरह इस बार भी अमरोहा में कांवड़ यात्रा का प्रभाव साफ नजर आ रहा है। बड़ी संख्या में शिवभक्तों के आने-जाने से जहां आस्था का माहौल है, वहीं ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था भी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। स्कूल-कॉलेजों की छुट्टी का निर्णय इस चुनौती को कम करने की दिशा में उठाया गया अहम कदम माना जा रहा है।

सेफ्टी पहले: भोपाल में स्कूल बच्चों के लिए ई-रिक्शा पर लगेगा बैन, बच्चों की सेफ्टी के सही नहीं

भोपाल  शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए शुक्रवार को कंट्रोल रूम में एक मीटिंग हुई। सांसद आलोक शर्मा ने जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निगम और पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। मीटिंग में लेफ्ट-टर्न को सुधारने, ई-रिक्शा पर नियंत्रण रखने, ट्रांसफार्मर हटाने और पार्किंग व्यवस्था को ठीक करने जैसे मुद्दों पर बात हुई। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को उनके अधूरे प्लान के लिए फटकार लगाई गई और उन्हें एक हफ्ते में ट्रैफिक एक्सपर्ट्स के साथ मिलकर लेफ्ट टर्न सुधार का प्लान पेश करने का निर्देश दिया गया। शहर के 42 चौराहों पर लेफ्ट टर्न की समस्या को दूर करने के लिए 3 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। ई-रिक्शा पर रोक ई-रिक्शा के गलत इस्तेमाल को लेकर चिंता जताई गई और कलेक्टर ने कहा कि बच्चों को ई-रिक्शा में स्कूल भेजना सुरक्षित नहीं है। इसलिए स्कूलों में ई-रिक्शा को प्रतिबंधित करने का फैसला लिया गया, क्योंकि यह बच्चों की सुरक्षा के लिए जरूरी था। मीटिंग में सड़कों से अतिक्रमण हटाने और कंडम वाहनों को हटाने पर भी बात हुई। सांसद शर्मा ने ट्रांसफार्मर और खंभों को हटाने की बात कही और पार्किंग व्यवस्था को आम लोगों के लिए आसान बनाने के निर्देश दिए। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को फटकार सांसद आलोक शर्मा ने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को फटकार भी लगाई। दरअसल, पीडब्ल्यूडी अधिकारी बिना किसी वर्किंग प्लान के मीटिंग में पहुंच गए थे। इस पर सांसद ने नाराजगी जताई। मीटिंग में संबंधित विभागों को कुछ निर्देश दिए गए। उन्हें मैनिट के ट्रैफिक विशेषज्ञों की मदद से सभी 42 चौराहों की समीक्षा रिपोर्ट और एस्टीमेट तैयार करने को कहा गया। इससे जल्द से जल्द काम शुरू किया जा सके। ऐसा करने से ट्रैफिक जाम में कमी आएगी और लोगों का आना-जाना आसान हो जाएगा। साथ ही, चौराहों की सुरक्षा और दृश्यता भी बेहतर हो जाएगी।  

बेंगलुरु के 40 प्राइवेट स्कूलों को बम की धमकी, जांच में जुटी पुलिस और बम निरोधक दस्ता

दिल्ली / बेंगलुरु दिल्ली में आज फिर 20 से ज्यादा स्कूलों में बम की धमकी सामने आई है. इनमें पश्चिम विहार इलाके का एक स्कूल, रोहिणी सेक्टर तीन के अभिनव पब्लिक स्कूल समेत शहर के कुल 20 से अधिक स्कूलों को धमकी भरा मेल आया है. इधर बेंगलुरु के स्कूलों में भी 40 स्कूलों को थ्रेट मेल आए हैं. धमकी मिलने के बाद से हड़कंप मच गया. जानकारी मिलते ही फायर विभाग और दिल्ली पुलिस मौके पर पहुंच गए और परिसरों की जांच शुरू कर दी. अब तक दस से ज्यादा स्कूलों में जांच पूरी हो चुकी है. साथ ही अब दिल्ली पुलिस मेल के ओरिजिन की जांच में भी जुटी है. इस बीच कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के 40 प्राइवेट स्कूलों में भी बम की धमकी मिली है. इनमें आरआर नगर और केंगेरी के स्कूलों में थ्रेट ईमेल मिले. पुलिस इसकी जांच कर रही है. इन स्कूलों को मिली बम से उड़ाने की धमकी दिल्ली पुलिस ने बताया कि आज सुबह दिल्ली के तीन स्कूलों पश्चिम विहार स्थित रिचमंड ग्लोबल स्कूल, रोहिणी के अभिनव पब्लिक स्कूल और रोहिणी के द सॉवरेन स्कूल को ईमेल के जरिए बम धमकी मिली है। पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, धमकी भरे ईमेल में स्कूल परिसरों में विस्फोटक होने का दावा किया गया है। हालांकि, अभी तक किसी भी स्कूल में संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की पुष्टि नहीं हुई है। दिल्ली पुलिस की टीमें, बम निरोधक दस्ते और फायर ब्रिगेड के साथ मिलकर प्रभावित स्कूलों में तलाशी अभियान चला रही हैं। फायर विभाग ने नौ स्कूलों में बम की कॉल की पुष्टि की है। इनमें दिलशाद गार्डन स्थित क्वीन ग्लोबल, द्वारका सेक्टर 19 स्थित सेंट थॉमस, पश्चिम विहार स्थित रिचमंड पब्लिक स्कूल, पुष्पांजलि स्थित गुरुनानक स्कूल, रोहिणी सेक्टर 3 स्थित अभिनव पब्लिक स्कूल, सावरेन पब्लिक स्कूल, द्वारका सेक्टर 17 स्थित जीडी गोयंका स्कूल, रोहिनी सेक्टर नौ स्थित दिल्ली इंटरनेशनल स्कूल शामिल हैं। साइबर टीम कर रही जांच एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया कि सभी स्कूलों को खाली करवा लिया है और अभिभावकों को सूचित कर दिया गया है। स्थिति नियंत्रण में है। पुलिस ने यह भी कहा कि धमकी भरे ईमेल की जांच साइबर क्राइम यूनिट द्वारा की जा रही है ताकि प्रेषक की पहचान की जा सके। इधर, दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी मार्लेना ने ट्वीट कर राजधानी में बच्चों की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने लिखा- आज 20 से ज्यादा स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकियां मिली हैं! जरा सोचिए, बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों को कितना सदमा झेलना पड़ रहा होगा. दिल्ली में भाजपा के हाथ में शासन के चारों इंजन हैं, फिर भी वह हमारे बच्चों को कोई सुरक्षा नहीं दे पा रही है. ये स्तब्ध करने वाला है. गौरतलब है कि बीते कुछ समय से दिल्ली में लगातार स्कूलों और कॉलेजों को बम से उड़ाने की धमकियां मिल रही हैं. इन धमकियों से छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों में दहशत है. हैरानी की बात यह है कि ये धमकियां ईमेल के जरिए भेजी जा रही हैं, जिन्हें लेकर दिल्ली पुलिस और बम निरोधक दस्ते सतर्क हो गए हैं.  इसी हफ्ते के पहले तीन दिन में 11 स्कूल और एक कॉलेज में ऐसा ही मेल आया था. इसके बाद आज शुक्रवार को फिर से 20 से अधिक स्कूलों को मेल आया है.  रिचमंड ग्लोबल स्कूल को धमकी पश्चिम विहार इलाके के प्रसिद्ध रिचमंड ग्लोबल स्कूल को भी बम की धमकी वाला मेल मिला है. इसके बाद स्कूल प्रशासन ने तुरंत पुलिस और अग्निशमन विभाग को इसकी सूचना दी. दिल्ली फायर सर्विस के अनुसार, फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचकर जांच में जुटी हैं. सुरक्षा के मद्देनजर स्कूल परिसर को खाली करवाया गया है और पूरे इलाके को सील कर दिया गया है. अभिनव पब्लिक स्कूल को भी धमकी रोहिणी सेक्टर 3 स्थित अभिनव पब्लिक स्कूल को भी इसी तरह का धमकी भरा मेल मिला है. पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और बम निरोधक दस्ते को मौके पर तैनात किया गया है. संबंधित अधिकारियों के अनुसार, अभी तक किसी भी स्थान से कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है, लेकिन एहतियात के तौर पर स्कूल परिसर की पूरी तरह तलाशी ली जा रही है. पुलिस का बयान दिल्ली पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है. प्रशासन ने कहा है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. साथ ही, भेजे गए मेल की पड़ताल के लिए साइबर सेल को भी जांच में लगाया गया है.  

आईसीटी और सांदीपनि स्कूलों में पहुंची स्किल डिवेलपमेंट गाइड, छात्रों को मिलेगा लाभ

सांदीपनि और आईसीटी लैब वाले विद्यालयों को मिली कौशल विकास पुस्तिका कौशल शिक्षा की दिशा में बड़ा कदम, विशेष पुस्तिका पहुंची सांदीपनि और आईसीटी स्कूलों तक आईसीटी और सांदीपनि स्कूलों में पहुंची स्किल डिवेलपमेंट गाइड, छात्रों को मिलेगा लाभ भोपाल प्रदेश में संचालित सांदीपनि और आईसीटी लैब विद्यालयों में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों को कम्प्यूटर कौशल से जुड़ी जानकारी पर आधारित पुस्तिका स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जा रही है। यह पुस्तिका कक्षा 6 से कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों के लिये उपयोगी है। इन पुस्तकों का प्रकाशन पाठ्यपुस्तक निगम से कराया गया है। आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय ने विद्यार्थियों के बीच पुस्तिका के वितरण के संबंध में समस्त जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश जारी किये है। अतिथि शिक्षकों को ई-अटेंडेन्स के बाद ही मिलेगा मानदेय लोक शिक्षण संचालनालय ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 में अतिथि शिक्षकों को शत प्रतिशत ई-अटेंडेन्स हमारे शिक्षक एप के माध्यम से दर्ज करने के निर्देश जारी किये है। निर्देश में कहा गया है कि यह व्यवस्था 18 जुलाई से प्रदेश में अनिवार्य रूप से लागू होगी। जिन अतिथि शिक्षकों की उपस्थिति हमारे शिक्षक एप के माध्यम से दर्ज नहीं होगी उनका मानदेय का भुगतान नहीं किया जा सकेगा। इस व्यवस्था को अनिवार्य रूप से लागू किये जाने के लिये जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किये गये है। विद्यालय में रिक्त पदों के विरूद्ध आवेदकों की री-ज्वॉइनिंग शासकीय विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 में पूर्व से कार्यरत अतिथि शिक्षक आवेदकों की रिक्त पद होने पर री-ज्वॉइनिंग के संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय ने समय सारणी जारी की है। समय सारणी के अनुसार आवेदकों को अंतिम अवसर देते हुए आज दिनांक 17 जुलाई गुरूवार तक री-ज्यॉइनिंग करने के निर्देश जारी किये गये है। नियत तिथि के बाद 18 जुलाई 2025 को रिक्त पदों की पुन: समीक्षा की जायेगी। प्रदेश में करीब 60 हजार से अधिक अतिथि शिक्षक शिक्षण कार्य से जुड़े हुए है।  

दिल्ली में शिक्षण संस्थानों को दहलाने की साजिश? बम धमकी से मचा हड़कंप

नई दिल्ली दिल्ली के द्वारका इलाके में स्थित सेंट थॉमस स्कूल और दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफन कॉलेज को सुबह ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया. ईमेल मिलने के बाद स्कूल को एहतियात के तौर पर खाली करा लिया और सभी छात्रों को सुरक्षित जगह पर पहुंचा दिया गया है. सूचना मिलने के बाद दिल्ली पुलिस, बम निरोधक दस्ता और  डॉग स्क्वाड मौके पर पहुंच गई हैं. हालांकि, अभी पुलिस को स्कूल या कॉलेज में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है. दिल्ली फायर सर्विस (DFS) के अनुसार, धमकी भरा ईमेल मिलने के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस, बम निरोधक दस्ता (बम स्क्वाड), डॉग स्क्वाड, दिल्ली दमकल विभाग और विशेष स्टाफ की टीमें दोनों संस्थानों में पहुंचीं और तलाशी अभियान शुरू कर दिया. बम की धमकी की सूचना मिलते ही पुलिस और बम निरोधक स्क्वाड ने दोनों ही संस्थानों को तुरंत खाली कर लिया गया है. सेंट थॉमस स्कूल और सेंट स्टीफन्स कॉलेज के परिसरों में मौजूद छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया. दिल्ली पुलिस के बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वाड ने परिसरों की गहन तलाशी ली. अधिकारियों के अनुसार, अब तक स्कूल या कॉलेज परिसर में कोई संदिग्ध वस्तु या सामग्री नहीं मिली है. नेवी और CRPF स्कूल को भी मिला धमकी भरा मेल वहीं, सोमवार को भी दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित नेवी स्कूल और द्वारका के CRPF पब्लिक स्कूल को सुबह ईमेल के जरिए बम की धमकी मिली थी. हालांकि, जांच में पुलिस और बम स्क्वाड को कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला था. प्राप्त जानकारी के अनुसार, ये कोई पहली बार नहीं है जब दिल्ली के स्कूलों को बम की धमकी मिली हो. इससे पहले भी कई बार दिल्ली के अन्यों स्कूलों को धमकी भरे ईमेल मिल चुके हैं. पिछले साल मई में दिल्ली-NCR के करीब 100 स्कूलों को इसी तरह के ईमेल मिले थे जो पुलिस जांच में फर्जी साबित हुए.

पाठ्यक्रम में होगा बड़ा बदलाव, छात्रों को सिखाई जाएगी अपने राज्य की विरासत और भूगोल

भोपाल  मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग के पाठ्यक्रमों में बदलाव किया जाएगा। इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। कहा जा रहा है कि राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के पाठ्यक्रम पर फोकस होने की वजह से स्कूलों के विद्यार्थियों को प्रदेश के इतिहास, भूगोल, संस्कृति और सामाजिक-आर्थिक ढांचे की पर्याप्त जानकारी नहीं मिल पाती। ऐसे में तय हुआ है कि पाठ्यक्रम का 25 से 30 प्रतिशत हिस्सा मध्य प्रदेश के इतिहास, भौगोलिक-सांस्कृतिक और सामाजिक-आर्थिक परिवेश पर केंद्रित रहेगा। दरअसल, मध्य प्रदेश के स्कूलों में भाषा को छोड़कर अन्य सभी विषयों में एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम चलता है। अब प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने विभाग के अधिकारियों को एनसीईआरटी के लिए पत्र लिखकर इस योजना के मुताबिक बदलाव करने की अनुमति मांगने के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने यह निर्देश हाल में हुई नई शिक्षा नीति 2020 की टास्क फोर्स समिति की बैठक में दिए। मंत्री ने कहा कि प्रदेश की स्कूली शिक्षा में भी प्रदेश का इतिहास, धरोहर, सांस्कृतिक विरासत समेत अन्य स्थानीय पाठ्यक्रम शामिल होना चाहिए। एनसीईआरटी की पुस्तकों में 25 से 30 प्रतिशत पाठ्यक्रम मध्य प्रदेश का होना चाहिए। एनसीईआरटी से अनुमति मिलने के बाद पाठ्यक्रम समिति स्थानीय स्तर का पाठ्यक्रम प्रदेश की स्कूली शिक्षा की किताबों में शामिल करेंगे। नए पाठ्यक्रम को राज्य शैक्षिक अनुसंधान परिषद (एससीईआरटी) की ओर से तैयार किया जाएगा। एससीईआरटी एकल इकाई बनेगी राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) को मजबूत किए जाने के लिए संचालक की अध्यक्षता में कमेटी गठित की जाएगी। यह एकल इकाई के रूप में कार्य करेगी। इसके लिए एससीईआरटी को मजबूत करना होगा। अब बच्चे पढ़ेंगे अपने वीरों की कहानियां स्कूल एजुकेशन में नया अध्याय शुरू हो गया है. अब कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को महाराणा प्रताप, वीर दुर्गादास, शिवाजी और दयानंद सरस्वती जैसे महान व्यक्तियों की कहानियां पढ़ाई जाएंगी. इस नए सिलेबस का मकसद बच्चों में अपने राज्य के गौरवशाली इतिहास और संस्कृति के प्रति गर्व और आत्मविश्वास पैदा करना है. राजस्थान सरकार ने नई पीढ़ी को अपनी ऐतिहासिक जड़ों से जोड़ने के लिए शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है. अब कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों को एक नया सिलेबस पढ़ाया जाएगा जिसमें राज्य के गौरवशाली इतिहास, संस्कृति और महापुरुषों के योगदान को प्रमुखता दी गई है. यह बदलाव 2025-26 के नए शैक्षणिक सत्र से लागू किया जाएगा. आइए जानें School Syllabus Change के बारे में विस्तार से.

गुना में स्कूल भवन निर्माण पर तेजी, केंद्रीय मंत्री सिंधिया को कलेक्टर ने दी जानकारी

 गुना  गुना जिले के बमोरी विकासखंड के ग्राम सांगई स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय, मारकी महू में लंबे समय से टपरे के नीचे कक्षाएं संचालित हो रही थीं। जैसे ही इस विद्यालय की जर्जर हालत और बच्चों की दयनीय पढ़ाई व्यवस्था की जानकारी केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री तथा गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को मिली, उन्होंने इस गंभीर विषय पर तुरंत संज्ञान लिया और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। बताया गया कि केंद्रीय मंत्री सिंधिया उस समय बेंगलुरु प्रवास पर थे। लेकिन जैसे ही उन्हें विद्यालय की बदहाल स्थिति और बच्चों की कठिन परिस्थितियों में पढ़ाई किए जाने की सूचना मिली, उन्होंने स्थान और समय की परवाह किए बिना गुना कलेक्टर को फोन कर विद्यालय भवन निर्माण कार्य को प्राथमिकता पर लेकर शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। गुना कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने केंद्रीय मंत्री सिंधिया को आश्वस्त किया कि विद्यालय भवन का निर्माण कार्य अगले एक-दो दिनों में प्रारंभ कर दिया जाएगा। प्रशासन ने स्थल का निरीक्षण कर जरूरी तैयारियाँ भी शुरू कर दी हैं। यह विद्यालय पिछले तीन वर्षों से अत्यंत जर्जर स्थिति में था। बरसात के दिनों में छत से पानी टपकने और प्लास्टर झड़ने के कारण बच्चों को अस्थायी टपरे के नीचे बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती थी। टिन-तिरपाल से बने इस अस्थायी ढांचे में पढ़ाई का वातावरण न तो सुरक्षित था और न ही सम्मानजनक। केंद्रीय मंत्री सिंधिया की इस त्वरित पहल ने न केवल प्रशासनिक कार्यशैली को सक्रिय किया, बल्कि यह भी साबित किया कि वे अपने संसदीय क्षेत्र की समस्याओं को लेकर हमेशा सजग और संवेदनशील रहते हैं।  

छात्राओं के साथ अमानवीय व्यवहार, पीरियड चेक के नाम पर प्रिंसिपल पर गंभीर आरोप

प्रिसिंपल ने पीरियड चेक करने के लिए नाबालिग छात्राओं के उतरवाए कपड़े, स्कूल में बवाल  स्कूल में शर्मनाक हरकत: पीरियड चेक करने के नाम पर छात्राओं से कपड़े उतरवाए, प्रिंसिपल पर आरोप नाबालिग छात्राओं के कपड़े उतरवाने का आरोप, स्कूल में पीरियड जांच को लेकर मचा बवाल छात्राओं के साथ अमानवीय व्यवहार, पीरियड चेक के नाम पर प्रिंसिपल पर गंभीर आरोप मुंबई  महाराष्ट्र के एक स्कूल से हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां कक्षा 5 से 10 तक की नाबालिग लड़कियों को कथित तौर पर कपड़े उतारने के लिए मजबूर किया गया. शिक्षिकाओं ने छात्राओं की जांच की कि कहीं वे मासिक धर्म से तो नहीं गुज़र रही हैं. स्कूल में हुई छात्रों के साथ इस घटना के बाद अभिभावकों में गुस्सा है. स्कूल के खिलाफ शिकायत भी दर्ज करा दी गई है. यह घटना मंगलवार को हुई जब प्रिंसिपल ने कई छात्राओं, जिनमें ज़्यादातर कक्षा 5 से 10 की छात्राएं थीं. छात्राओं को स्कूल हॉल में बुलाया और उन्हें बाथरूम के फर्श पर मिले खून के धब्बों की तस्वीरें दिखाईं, बताया जा रहा है कि ये तस्वीरें हाउसकीपिंग स्टाफ़ ने ली थीं. महाराष्ट्र पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "इस मामले में स्कूल के प्रिंसिपल और एक चपरासी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य के खिलाफ मामला चल रहा है." इसके बाद प्रिंसिपल ने छात्राओं को दो समूहों में बांटने का आदेश दिया. एक वे जो मासिक धर्म से गुज़र रही थीं और दूसरी वे जो नहीं थीं. एक महिला चपरासी को 10 से 12 साल की कुछ लड़कियों की जांच करने के लिए कहा गया, जिन्होंने कहा कि उन्हें मासिक धर्म नहीं हो रहा है. जांच के दौरान चपरासी ने उनके अंतर्वस्त्रों को छुआ और एक लड़की को सैनिटरी नैपकिन इस्तेमाल करते हुए पाया, लेकिन वह उन लड़कियों के समूह में शामिल थी जिन्होंने कहा कि उन्हें मासिक धर्म नहीं हो रहा है. इसके बाद, प्रिंसिपल ने उसे अन्य छात्राओं और कर्मचारियों के सामने डांटकर अपमानित किया. पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज अपने बच्चों से घटना के बारे में जानने के बाद, गुस्साए अभिभावक स्कूल के बाहर विरोध प्रदर्शन करने के लिए जमा हो गए. बुधवार को उन्होंने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पोक्सो) अधिनियम के तहत स्कूल के प्रिंसिपल, एक चपरासी, दो शिक्षकों और दो ट्रस्टियों सहित छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. स्कूल के प्रिंसिपल और चपरासी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि पुलिस अन्य चार की जांच कर रही है.

नरसिंहपुर जिले में लगातार बारिश, जिला कलेक्टर ने सभी स्कूलों में 8 और 9 जुलाई की छुट्टी की घोषित

नरसिंहपुर  प्रदेश में बारिश जोर पकड़ चुकी है। जहां किसानों और पर्यटकों को राहत मिली है, तो वहीं जनजीवन अस्त-व्यस्त होने लगा है। कहीं रेलवे ट्रैक बह गया तो कहीं स्कूल के रास्ते जलमग्र हो गए। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे के लिए प्रदेश में अति भारी बरसात का अलर्ट जारी किया। एमपी में साइक्लोनिक सर्कुलेशन बन रहा है जिससे कारण गरज चमक और तेज आंधी- तूफान के साथ जोरदार बारिश की संभावना है। आईएमडी ने 4 जुलाई को 7 और 5 जुलाई को 14 जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से तबाही मची हुई है। हालांकि, प्रदेश के किसानों और यहां आने वाले पर्यटकों को राहत मिली है, तो वहीं जनजीवन अस्त-व्यस्त होने लगा है। कहीं रेलवे ट्रैक बह गया तो कहीं, स्कूल के रास्ते जलमग्न हो गए। बह गया रेलवे ट्रैक, भाजपा नेता की शिकायत मुरैना के कैलारस कस्बे से होकर जा रहे ग्वालियर श्योपुर ब्रॉडगेज रेलवे ट्रैक की मिट्टी पिछले दिनों तेज बारिश से बह गई, जिससे ट्रैक में दरारें आने लगीं। वहीं रेलवे ट्रैक का पानी आसपास बस्तियों में भर गया, जिससे स्थानीय लोगों को जलभराव की मुश्किलों से जूझना पड़ रहा है। भाजपा नेता राजेंद शुक्ला ने झांसी रेल मंडल के डीआरएम से शिकायत की तो डिप्टी इंजीनियर अपनी टीम के साथ गुरुवार को कैलारस आए। उन्होंने निरीक्षण कर सुधार का आश्वासन दिया। बारिश के कारण अंगूरी नदी का जलस्तर बढ़ गया है, इस वजह से नरेटा गांव के स्कूल जाने वाले 70 बच्चों के स्कूल तक पहुंचने में बाधा उत्पन्न हो रही है। दतिया ब्लॉक के नरेटा गांव के 70 बच्चे भांडेर तहसील के तगा ग्राम के पीएमश्री स्कूल में पढ़ते है। दरअसल गांव और स्कूल के बीच नदी पर पुल या रपटा नहीं है, इस वजह से बच्चों को नदी पार करके स्कूल जाना पड़ता है। नदी पर पुल बनाने की मांग लंबे समय से हो रही है। हाल ही में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने नदी पर पुल बनाए जाने को लेकर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल को पत्र लिखा है। नदी को पार कर कर स्कूल पहुंचने में बच्चों को मात्र एक किमी की दूरी तय करनी पड़ती है, जबकि दूसरे रास्ते से होकर जाने में बच्चों को सात से आठ किमी चलना पड़ता है। यह रास्ता हाईवे से होकर जाता है, जिससे बच्चों के अभिभावक परहेज करते हैं।