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त्योहारी सीजन में राजस्थान पुलिस अलर्ट, बाजारों से लेकर पर्यटन स्थलों तक बढ़ेगी निगरानी

जयपुर दीपावली, धनतेरस, गोवर्धन पूजा और भैया दूज जैसे प्रमुख त्योहारों तथा पर्यटन सीजन के मद्देनजर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश की शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक ली। मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी अधिकारी कागजी समीक्षा के बजाय स्वयं ग्राउंड में उतरें और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लें। बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कुमार शर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) भास्कर ए. सावंत और एसीएस (मुख्यमंत्री) अखिल अरोड़ा सहित प्रदेशभर से सभी आईजी और एसपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की इस उच्चस्तरीय बैठक से निकली 10 सबसे बड़ी और अहम बातें: 1. वरिष्ठ अधिकारी खुद उतरें फील्ड में, पैदल गश्त और पेट्रोलिंग बढ़ाएं मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी पुलिस महानिरीक्षक (IG), पुलिस अधीक्षक (SP) और वरिष्ठ अधिकारी स्वयं फील्ड में उतरकर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लें। प्रमुख बाजारों, धार्मिक स्थलों, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों पर पैदल गश्त, रात्रिकालीन पेट्रोलिंग और प्रभावी नाकाबंदी को तुरंत बढ़ाया जाए। 2. सायबर अपराधियों पर दो कदम आगे रहकर कसें नकेल त्योहारी सीजन में ऑनलाइन खरीदारी और लेनदेन के दौरान होने वाली ऑनलाइन धोखाधड़ी से आमजन को बचाने के लिए सायबर टीमों को 24 घंटे सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं। सीएम ने कहा कि पुलिस दो कदम आगे रहकर सायबर फ्रॉड करने वाले गिरोहों और उनके नेटवर्क को चिन्हित करे और शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करे। 3. नशा तस्करों और ड्रग माफिया के नेटवर्क को करें ध्वस्त त्योहारों के दौरान पुलिस की व्यस्तता का फायदा उठाने की फिराक में रहने वाले ड्रग माफिया पर मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने पुलिस को प्रदेशभर में नशा तस्करों को चिन्हित कर उनके पूरे नेटवर्क पर प्रहार करने और अभियान को निरंतर जारी रखने का आदेश दिया। 4. सोशल मीडिया पर अफवाहों और भड़काऊ सामग्री पर पैनी नजर साम्प्रदायिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएं, अफवाहें और भड़काऊ सामग्री फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए पुलिस टीम को सोशल मीडिया विशेषज्ञों की मदद लेने को कहा गया है। 5. बाजारों में पार्किंग, सुगम यातायात और CCTV निगरानी त्योहारों पर बाजारों में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए यातायात प्रबंधन और पार्किंग की पुख्ता व्यवस्था बनाने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि व्यापारियों के साथ बैठक कर उनके सुझाव लिए जाएं और बाजारों में लगे सभी CCTV कैमरों का चालू रहना सुनिश्चित किया जाए। 6. पटाखों की अवैध बिक्री पर रोक और अग्निशमन मुस्तैद पटाखों की दुकानों पर सुरक्षा मानकों की 100% पालना सुनिश्चित की जाएगी। अवैध पटाखों की बिक्री और भंडारण पर कड़ी नजर रखी जाएगी। इसके अलावा, किसी भी संभावित आगजनी की घटना से निपटने के लिए पटाखों वाले बाजारों में फायर ब्रिगेड (अग्निशमन) और आपातकालीन सेवाओं को अलर्ट मोड पर रखा जाएगा। 7. 'कालिका पेट्रोलिंग यूनिट' से महिलाओं में बढ़ा विश्वास मुख्यमंत्री ने प्रदेश में संचालित 'कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स' के सकारात्मक परिणामों का जिक्र करते हुए कहा कि इससे महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर समय रहते अंकुश लग रहा है। उन्होंने इस विंग को और अधिक प्रभावी व मुस्तैद बनाने के निर्देश दिए। 8. 'राजस्थान से सुखद अनुभव लेकर लौटें पर्यटक' पर्यटन सीजन शुरू होने के कारण देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रमुख दर्शनीय स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाए ताकि राजस्थान आने वाले हर सैलानी का अनुभव सुखद और सुरक्षित रहे। 9. IG और SP की होगी सीधी जवाबदेही, अपराधों का हो आकलन मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अपने-अपने जिलों में अपराध नियंत्रण की सीधी जवाबदेही आईजी और एसपी की होगी। प्रत्येक जिले में अपराध की प्रकृति और कारणों का विस्तृत आकलन कर ठोस कार्ययोजना बनाई जाए ताकि घटनाओं पर स्थायी रोकथाम लगाई जा सके। दीपावली से पूर्व हर थाना स्तर पर कम्युनिटी लाजन ग्रुप (CLG) सदस्यों, सीएलजी यूथ और सुरक्षा सखियों के साथ बैठकें आयोजित की जाएं। स्थानीय स्तर पर किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना सामने आने पर तुरंत तथ्यों की पुष्टि कर स्थिति को संभाला जाए।

मध्य पूर्व में बढ़ा तनाव, United States Embassy ने जॉर्डन-यरुशलम जाने पर दी सख्त सलाह

नई दिल्ली मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिका दूतावास ने जॉर्डन और यरुशलम के लिए एडवाइजरी जारी की है। अमेरिका ने स्थानीय खबरों पर नजर रखने और इन दोनों देशों की यात्रा करने से पहले विचार करने को कहा है। अमेरिका ने सुरक्षा कारणों से जॉर्डन में 2 मार्च को गैर-आपातकालीन अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों को देश छोड़ने का आदेश दिया है। अमेरिकी दूतावास के कामकाज में बदलावों को दिखाने के लिए एडवाइजरी समरी को अपडेट किया गया। अमेरिकी दूतावास ने कहा कि आतंकवाद और सशस्त्र संघर्ष के कारण जॉर्डन की यात्रा पर फिर से विचार करें। अमेरिका और ईरान के बीच 28 फरवरी को दुश्मनी शुरू होने के बाद ईरान से ड्रोन एवं मिसाइल हमलों और कमर्शियल उड़ानों में बड़ी रुकावटों का खतरा बना हुआ है। इसके अलावा अगर जाते हैं तो इमरजेंसी में निकलने का प्लान बनाएं जो अमेरिकी सरकार की मदद पर निर्भर न हो। क्राइसिस और इवैक्यूएशन पर हमारी जानकारी देखें। अपने आसपास का ध्यान रखें। वहीं, येरुशलम को लेकर अमेरिकी दूतावास ने कहा, "इजरायल से निकलने वाले अमेरिकियों को निकालने या सीधे मदद करने की स्थिति में नहीं है। जब आप अपनी सुरक्षा योजना बना रहे हों तो आपकी जानकारी के लिए नीचे दी गई जानकारी दी गई है। इजरायली टूरिज्म मंत्रालय ने 2 मार्च से ताबा बॉर्डर क्रॉसिंग के लिए शटल चलाना शुरू कर दिया है। शटल के लिए पैसेंजर लिस्ट में शामिल होने के लिए आपको मिनिस्ट्री के इवैक्युएशन फॉर्म के जरिए रजिस्टर करना होगा।" यूएस एंबेसी ने कहा कि अमेरिकी दूतावास पर्यटन मंत्रालय के शटल के लिए कोई सिफारिश (पक्ष या विपक्ष में) नहीं कर सकती है। अगर आप निकलने के लिए इस ऑप्शन का फायदा उठाते हैं तो अमेरिकी सरकार आपकी सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकती। यह जानकारी उन लोगों के लिए एक कर्टसी के तौर पर दी गई है जो इजरायल छोड़ना चाहते हैं। इसके अलावा, फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि राष्ट्रपति को लगता है कि तेहरान के साथ लंबे समय तक बातचीत के बावजूद समय खत्म हो रहा है। उन्होंने कहा, "हमने गर्मियों में ऑपरेशन मिडनाइट हैमर के दौरान यूरेनियम संवर्धन फैसिलिटी को नष्ट कर दिया था।" उपराष्ट्रपति ने कहा कि सरकार का मकसद इसे कुछ समय के लिए रोकने से कहीं ज्यादा था। वेंस ने कहा, "ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल के पहले तीन, चार साल तक देश को सिर्फ ईरानी न्यूक्लियर हथियार से सुरक्षित ही नहीं रखना चाहते थे, बल्कि वह यह सुनिश्चित करना चाहते थे कि ईरान के पास कभी न्यूक्लियर हथियार न बना सके।" वेंस ने कहा, ट्रंप ने अंदाजा लगाया कि ईरान अपने प्रोग्राम को आगे बढ़ाने पर तुला हुआ है और हर हाल में परमाणु हथियार बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, तब अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान पर एक्शन लेने का फैसला किया।" विदेश मंत्री मार्को रुबियो की इस टिप्पणी पर कि अमेरिका आगे और कड़ा कदम उठा सकता है, इस बारे में सवाल पूछे जाने पर वेंस ने अमेरिकी सेना की क्षमता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "ईरान के परमाणु कार्यक्रम को गंभीर नुकसान पहुंचाने की हमारी क्षमता कहीं अधिक है। साथ ही हम उन विभिन्न मिसाइलों को भी निशाना बना सकते हैं जो हमारे सैनिकों के लिए खतरा हैं। राष्ट्रपति के पास कई विकल्प उपलब्ध हैं।