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सराय स्टेशन के पास सिग्नल टावर पर संदिग्ध IP कैमरा, सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटीं

मुजफ्फरपुर हाजीपुर-मुजफ्फरपुर रेलखंड के सराय स्टेशन के आगे समपार फाटक संख्या-43 सी स्पेशल के पास लगे सिग्नल टावर पर इंटरनेट प्रोटोकॉल (IP) कैमरा लगाकर आतंकी नेटवर्क द्वारा रेलवे ट्रैक और सड़क की निगरानी किए जाने का मामला सामने आया है। सोलर संचालित इस कैमरे को इंटरनेट के जरिए चलाया जा रहा था। गुमटीमैन से मिली सूचना के बाद कैमरे की जांच में सनसनीखेज जानकारी सामने आई। बताया जा रहा है कि कैमरे में आतंकी यासीन भटकल की तस्वीर भी मिली है। मुख्यालय को दी गई सूचना आईपी एड्रेस की जांच में कर्नाटक के तटीय क्षेत्र से पाकिस्तान कनेक्शन वाले आतंकी नेटवर्क से इसकी निगरानी होने की बात सामने आई है। सराय स्टेशन के स्टेशन मास्टर मनोज कुमार के बयान पर प्राथमिकी दर्ज कर मुख्यालय को सूचना दी गई। शुक्रवार देर शाम एटीएस की तीन सदस्यीय टीम और एसटीएफ मौके पर जांच के लिए पहुंची। पूर्व मध्य रेलवे के आरपीएफ आईजी अमरेश कुमार और रेल एसपी बीणा कुमारी को भी पूरे मामले से अवगत कराया गया है। NGO कर्मी बनकर पहुंचा संदिग्ध युवक एक दिन पहले हरियाणवी बोलने वाला एक संदिग्ध युवक समपार फाटक पर पहुंचा और खुद को एक एनजीओ से जुड़ा बताते हुए सिग्नल टावर पर कैमरा फिट कर वहां से निकल गया। गुमटीमैन को उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जिसके बाद उसने स्टेशन मास्टर को इसकी जानकारी दी। स्टेशन मास्टर ने तुरंत आरपीएफ को सूचना दी। आरपीएफ ने मामला जीआरपी हाजीपुर और मुजफ्फरपुर को भेज दिया। जांच में जुटीं कई एजेंसियां जीआरपी के एसआई मौके पर पहुंचे और कैमरा उतरवाकर गुमटीमैन को सौंप दिया। बाद में रेल डीएसपी सोनपुर सहकार खान के नेतृत्व में जीआरपी टीम ने गहन जांच शुरू की, जिसके बाद मामला गंभीर रूप में सामने आया। इसके बाद कैमरे को मुजफ्फरपुर जीआरपी को सौंप दिया गया। हाजीपुर थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार के नेतृत्व में एक टीम जांच में जुटी है। वहीं मुजफ्फरपुर जीआरपी के एसआई के नेतृत्व में दूसरी टीम भी अलग-अलग बिंदुओं पर जांच कर रही है। मामले की तकनीकी जांच के लिए रेलवे के विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया है। अंधेरे में भी कर रहा था साफ रिकॉर्डिंग यह कैमरा आईपी तकनीक पर आधारित है और रात के अंधेरे में भी साफ तस्वीर रिकॉर्ड कर रहा था। कैमरे में 4G सिम लगा था। पुलिस ने कैमरे से करीब एक घंटे की रिकॉर्डिंग भी निकाली है। कैमरा मूवेबल था और कर्नाटक में बैठा व्यक्ति इसे मोबाइल से ऑपरेट कर रहा था। कैमरे के जरिए रेलवे ट्रैक के साथ-साथ सड़क मार्ग की भी निगरानी की जा रही थी आतंकी साजिश की आशंका गहराई प्रारंभिक जांच में कैमरे का कनेक्शन पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन से जुड़े लोगों के नाम पर होने की बात सामने आई है। जांच एजेंसियों का मानना है कि रेलवे ट्रैक, किसी वीआईपी मूवमेंट, हत्या या बड़े आतंकी हमले की रेकी के लिए यह कैमरा लगाया गया हो सकता है। आसपास लगे अन्य कैमरों और फुटेज को भी खंगाला जा रहा है, ताकि कैमरा लगाने वाले युवक की पहचान की जा सके।  

वनडे मुकाबले से पहले अलर्ट मोड: IG-DIG ने बनाई रणनीति, 2 हजार जवान संभालेंगे सुरक्षा

रायपुर नवा रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम में पहली बार होने वाले अंतर्राष्ट्रीय वनडे मैच को लेकर तैयारियां जोरों पर है. फैंस अपने फेवरेट क्रिकेटर्स को देखने के लिए उत्साहित हैं. मैच की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सोमवार को पुलिस अधिकारियों की बड़ी बैठक हुई. रायपुर रेंज आई अमरेश मिश्रा और डीआईजी गिरिजाशंकर जायसवाल की अध्यक्षता में यह बैठक हुई, जिसमें एसएसपी रायपुर समेत डीएसपी और एएसपी लेवल के अधिकारी शामिल हुए हैं. भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) को शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम हैंडओवर किए जाने के बाद यह पहला मौका जब अंतर्राष्ट्रीय वनडे मैच होने जा रहा है. बीसीसीआई के नियमों के तहत सुरक्षा व्यवस्था लगाई जाएगी. यातायात समेत 2 हजार पुलिस अधिकारी और जवान तैनात रहेंगे. होटल, स्टेडियम समेत पूरे रूट पर पुलिसकर्मी मौजूद रहेंगे. कब खेला जाएगा मैच ?     मैच: भारत vs दक्षिण अफ्रीका दूसरा वनडे     तारीख: बुधवार, 3 दिसंबर 2025     स्थान: नवा रायपुर, शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम     मैच टाइमिंग: दोपहर 1:00 बजे टॉस होगा, 1:30 बजे से मैच शुरु क्यों खास है यह मुकाबला?     स्टेडियम पहली बार CSCS की पूर्ण जिम्मेदारी में एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय मैच आयोजित कर रहा     हाल ही में स्टेडियम को 30 साल की लीज पर संघ को सौंपा गया     यहां टेस्ट क्रिकेट की संभावनाएं भी इसी फैसले से मजबूत हुई हैं     फैंस को लंबे समय बाद इस प्रतिष्ठित मैदान पर टीम इंडिया को लाइव देखने का मौका मिलेगा मुकाबले में स्टेडियम हाउसफुल रहने का अनुमान मैच के लिए फैन्स की दीवानगी को देखते हुए उम्मीद है कि आने वाले दिनों में सभी टिकटें पूरी तरह बिक जाएंगी. आयोजनकर्ताओं का अनुमान है कि मुकाबले के दिन स्टेडियम खचाखच भरा होगा, और दर्शकों को बेहतरीन क्रिकेट का रोमांच देखने को मिलेगा.

वाई पूरण कुमार के निधन के बाद पोस्टमार्टम, अंतिम संस्कार में सुरक्षा बढ़ाई गई

चंडीगढ़ हरियाणा के एडीजीपी वाई पूरण कुमार के शव का पोस्टमार्टम किया गया। एसएसपी चंडीगढ़ कंवरदीप कौर वाई पूरण कुमार की पत्नी आईएएस अमनीत पी कुमार को सेक्टर 24 स्थित आवास से पीजीआई लेकर पहुंचीं। इस दौरान अमनीत पी कुमार की तरफ से कहा गया कि यूटी पुलिस द्वारा निष्पक्ष, पारदर्शी और निष्पक्ष जांच के आश्वासन और हरियाणा सरकार द्वारा आरोपी अधिकारियों के विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई करने की प्रतिबद्धता को देखते हुए उन्होंने पति के शव का पोस्टमार्टम कराने की सहमति दी है।   बता दें कि समय पर पोस्टमार्टम के साक्ष्यगत महत्व और न्याय के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए उन्होंने इसे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार, गठित डॉक्टरों के बोर्ड द्वारा, एक बैलिस्टिक विशेषज्ञ की उपस्थिति में, एक मजिस्ट्रेट की देखरेख में, और पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी के साथ कराने पर सहमति व्यक्त की। अमनीत पी कुमार ने कहा कि मुझे न्यायपालिका और पुलिस अधिकारियों पर पूरा भरोसा है, और मुझे पूरी उम्मीद है कि जांच पेशेवर, निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से की जाएगी, ताकि कानून के अनुसार सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने कहा कि जांच दल को मेरा पूरा सहयोग मिलता रहेगा ताकि प्रक्रिया में तेजी आए और जल्द से जल्द न्याय मिले। जांच जारी रहने के मद्देनजर, इस समय कोई और सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया जाएगा और मैं मीडिया से अनुरोध करती हूं कि वे मामले की संवेदनशीलता का सम्मान करें। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, शाम चार बजे अंतिम संस्कार का समय तय किया गया है। इसके लिए सेक्टर 25 शमशान घाट में भी पुलिस सुरक्षा लगा दी गई है। एडीजीपी वाई पूरण कुमार की आत्महत्या मामले की जांच के लिए 10 अक्टूबर को स्पेशल इन्वेस्टिगेशन कमेटी (एसआईटी) का गठन किया गया था। चंडीगढ़ के आईजी पुष्पेंद्र कुमार की अध्यक्षता में छह सदस्यीय टीम गठित की गई थी।