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शिवराज सिंह चौहान का अहम बयान, किसानों की आय बढ़ाने के लिए बताया खास फॉर्मूला

 बुदनी एमपी के सीहोर जिले के बुदनी केंद्रीय कृषि मशीनरी प्रशिक्षण एवं परीक्षण संस्थान में आयोजित 'कृषि एक्सपो-2026' के दूसरे दिन केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों और कृषि क्षेत्र को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए बड़ा संदेश दिया। केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने, खेती को लाभकारी बनाने और कृषि को आधुनिक स्वरूप देने के लिए दृढ़ संकल्पित है। आगे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बुदनी में कृषि इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने की योजना पर काम चल रहा है, जिससे क्षेत्र में कृषि शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी विकास को नई दिशा मिलेगी। बजट 2026 में कृषि क्षेत्र को केंद्र में रखकर योजनाएं बनाई शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बजट 2026 में कृषि क्षेत्र को केंद्र में रखकर योजनाएं बनाई गई हैं। किसानों को नई तकनीकों से जोडऩे, कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने और उत्पादन लागत घटाने के लिए ठोस प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाकर उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करना है।  ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर जोर कृषि मंत्री ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर जोर देते हुए कहा कि सिंचाई सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है और आधुनिक कृषि उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही, छोटे और सीमांत किसानों के लिए विशेष योजनाएं लागू की जा रही हैं, जिससे उन्हें सीधा लाभ मिल सके और वे आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने तकनीकी नवाचार को कृषि का भविष्य बताते हुए कहा कि डिजिटल कृषि, स्मार्ट फार्मिंग और अत्याधुनिक उपकरणों के माध्यम से उत्पादन क्षमता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों को प्रशिक्षण, जागरुकता और तकनीकी मार्गदर्शन देकर उन्हें आधुनिक खेती की ओर अग्रसर किया जा रहा है। बुदनी को मिला विकास का नया आयाम केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यहां स्थित संस्थान को अब बहुआयामी स्वरूप दिया जाएगा। साथ ही, बुदनी में कृषि इंजीनियङ्क्षरग कॉलेज खोलने की योजना पर भी काम किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में कृषि शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी विकास को नई दिशा मिलेगी। यह पहल न केवल स्थानीय युवाओं के लिए अवसर बढ़ाएगी, पूरे क्षेत्र के कृषि विकास में मील का पत्थर साबित होगी। सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में कृषि क्षेत्र में व्यापक और सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे।

कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने का संकल्प, Shivraj Singh Chouhan ने किसानों की आय बढ़ाने पर दिया जोर

नई दिल्ली केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार किसानों की आय और सुरक्षा बढ़ाने को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दे रही है। इसके लिए सरकार कई कदम उठा रही है, जैसे तंबाकू जैसी हानिकारक फसलों की जगह लाभदायक फसलों को बढ़ावा देना, एमएसपी पर रिकॉर्ड खरीद, फसल बीमा योजना में सुधार और सख्त निगरानी व्यवस्था लागू करना। संसद के निचले सदन में सांसदों द्वारा उठाए गए विभिन्न प्रश्नों का उत्तर देते हुए कृषि मंत्री चौहान ने कहा कि सरकार ने किसानों से तंबाकू की खेती छोड़ने की अपील की है और इसके बदले कई फायदे वाली फसलों की पहचान की है। इनमें हाइब्रिड मक्का, मिर्च, शकरकंद, कपास, आलू, चिया, फीड बीन्स, लोबिया, रागी, अरहर, गन्ना, सोयाबीन, ज्वार और मूंगफली जैसी फसलें शामिल हैं, ताकि किसानों की नकद आय सुरक्षित बनी रहे।  मंत्री ने कहा कि देश के ज्यादातर किसानों के पास छोटी जमीन होती है, इसलिए केवल एक ही फसल पर निर्भर रहना जोखिम भरा होता है। इसको देखते हुए सरकार ने इंटीग्रेटेड फार्मिंग (मिश्रित खेती) के कई मॉडल तैयार किए हैं, जिनका अलग-अलग राज्यों में प्रदर्शन भी किया जा रहा है। इन मॉडलों के तहत किसान अनाज (गेहूं और धान), सब्जियां, फल, पशुपालन, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन, बकरी पालन और एग्रो-फॉरेस्ट्री जैसी गतिविधियों को एक साथ अपना सकते हैं। इससे उन्हें पूरे साल स्थिर और ज्यादा आय मिल सकती है। चौहान ने आगे बताया कि किसानों को उनकी उपज का सही दाम दिलाने के लिए एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) बढ़ाया गया है और इस सीजन में एमएसपी पर रिकॉर्ड खरीद की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने दालों जैसे तूर, मसूर और उड़द के लिए भी व्यवस्था की है, जिसमें किसान रजिस्ट्रेशन के बाद अपनी पूरी उपज बेच सकते हैं और सरकार उसे खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे दाल उत्पादक किसानों को बड़ा सहारा मिला है। फसल बीमा योजना को लेकर उन्होंने कहा कि पहले किसानों को मुआवजा पाने में कई महीने लग जाते थे, लेकिन अब नियमों में बदलाव कर दिया गया है, जिससे अगर किसी एक किसान की फसल भी खराब होती है तो उसे मुआवजा मिलना जरूरी होगा। उन्होंने यह भी बताया कि अगर 21 दिनों के भीतर बीमा राशि किसान के खाते में नहीं आती है, तो बीमा कंपनी और राज्य सरकार को 12 प्रतिशत ब्याज के साथ भुगतान करना होगा। इससे किसानों को देरी का नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त है और फसल बीमा या अन्य योजनाओं में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि कृषि रक्षक पोर्टल जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए प्राप्त शिकायतों की गंभीरता से जांच की जा रही है और जहां भी अनियमितता पाई जाती है, वहां दोषियों पर कार्रवाई की जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि हाल के वर्षों में राजस्थान सहित कई राज्यों में फसल बीमा के तहत हजारों करोड़ रुपए सीधे किसानों के बैंक खातों में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए भेजे गए हैं, जिससे किसानों को सीधा फायदा मिला है।

शिवराज सिंह चौहान बोले—किसानों के हित सर्वोपरि, समझौता किसी कीमत पर नहीं

नई दिल्ली केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि क्षेत्र में केंद्र सरकार की ओर से किए गए कार्यों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि आज की तारीख में कृषि क्षेत्र में हालात सुधरे हैं। वहीं शेष विसंगतियों को दूर करने की दिशा में काम किया जा रहा है। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि इस दिशा में किसी भी प्रकार की कोताही ना बरती जाए। उन्होंने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली का ही नतीजा है कि आज हम चावल के उत्पादन में शीर्ष स्थान पर आ चुके हैं। गेहूं के उत्पादन की मात्रा में भी इजाफा देखने को मिला है। खाद्यान्न का 33 फीसद हिस्सा बढ़ा है और हमें पूरा विश्वास है कि आगामी दिनों में हम इसी दिशा में काम करते रहेंगे। हमने इस संबंध में पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है। हम उसी के अनुरूप अभी काम कर रहे हैं।  केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हम इस चीज को लेकर भी चिंतित हैं कि भारत पूरी दुनिया का फूड बास्केट बन जाए। हम इस पर भी काम कर रहे हैं कि उच्च गुणवत्ता वाले फल और सब्जियों का उत्पादन कैसे कर सकते हैं। हम इस पूरी प्रक्रिया के सरलीकरण की दिशा में भी काम कर रहे हैं। हमारी सरकार की यही कोशिश है कि किसानों को किसी भी प्रकार की समस्याओं का सामना नहीं करना पड़े। हमारी सरकार की हमेशा से यही कोशिश रही है कि किसानों के हितों पर किसी भी प्रकार का कुठाराघात न हो। किसान हमारे देश की धुरी हैं। ऐसे में हम उनके हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं कर सकते हैं। इसके अलावा, उन्होंने भारत विस्तार प्लेटफॉर्म के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत विस्तार एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जिसका संबंध किसानों के लिए सरकार द्वारा दी गईं सुविधाओं से है। अब किसानों को कहीं पर भी जाना नहीं होगा। इस प्लेटफॉर्म पर किसानों की समस्याओं से संबंधित हर प्रकार का समाधान मौजूद है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए हम यही कोशिश कर रहे हैं कि किसानों के हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाए। केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि भारत विस्तार प्लेटफॉर्म का यूज करने के लिए आपके पास किसी भी प्रकार का आईटी जैसा ज्ञान होने की आवश्यकता नहीं है। आप इस प्लेटफॉर्म पर कृषि से संबंधित किसी भी प्रकार का सवाल करेंगे, तो आपको उसका जवाब मिल जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में हम भारत विस्तार प्लेटफॉर्म को विभिन्न भाषाओं में लॉन्च करेंगे। इस प्लेटफॉर्म के जरिए किसानों को उन्हें हर प्रकार की समस्याओं का समाधान विभिन्न प्रकार की भाषाओं में प्राप्त हो जाएगा। इस दिशा में उन्हें किसी भी प्रकार की समस्याओं का सामना नहीं करना होगा। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि विज्ञान मेले को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस मेले के जरिए हम किसानों को विभिन्न प्रकार की जानकारी उपलब्ध करा रहे हैं। इस मेले में कई लोग शामिल होंगे। ऐसे में यह मेला हमारे लिए काफी अहम हो जाता है। हमारी कोशिश है कि इस मेले के आयोजन में किसी भी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़े। उन्होंने कहा कि इस मेले के जरिए हम कृषि क्षेत्र में होने वाले परिवर्तनों के बारे में किसानों को विस्तार से बता रहे हैं। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि जब किसानों को इस बारे में पूरी जानकारी दी जाए, तो उन्हें कल को खेतीबाड़ी करते समय किसी भी प्रकार की समस्याओं का सामना नहीं करना पड़े।

शिवराज सिंह चौहान को बड़ी कानूनी राहत, विवेक तन्खा के साथ समझौते से खत्म हुआ मानहानि मामला

भोपाल  केंद्रीय कृषि मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को सुप्रीम कोर्ट में राहत मिल गई है. शिवराज चौहान के खिलाफ मानहानि के मामले वापस लिए जाएंगे. यानी कांग्रेस सांसद और वरिष्ठ वकील विवेक तन्खा चौहान के खिलाफ मानहानि के मुकदमे वापस लेंगे. तन्खा ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि इस मुद्दे पर उनका चौहान से समझौता हो गया है. इसके तहत वो शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ आपराधिक मानहानि व सिविल सूट वापस ले रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने इसे रिकॉर्ड पर लेते हुए मामले का निस्तारण कर सुनवाई बंद कर दी. कांग्रेस सांसद और सुप्रीम कोर्ट के वकील विवेक तन्खा ने शिवराज सिंह चौहान समेत तीन बीजेपी नेताओं के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था.  इसी मुकदमे को रद्द कराने की मांग को लेकर शिवराज सिंह चौहान सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे. पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने शिवराज  समेत तीनों नेताओं को निचली अदालत मे पेशी से छूट दे दी थी. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने इनकी गुहार ठुकराते हुए पेशी से छूट देने से इनकार कर दिया था. कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने शिवराज सिंह चौहान के अलावा वीडी शर्मा और भूपेंद्र सिंह के खिलाफ भी मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था. तन्खा का आरोप है कि इन तीनों नेताओं ने मीडिया मे उनके खिलाफ बयान देकर उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया है. फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान विवेक तंखा ने स्पष्ट किया कि उनका चौहान के साथ समझौता हो गया है, जिसके बाद कोर्ट ने मामले का निस्तारण कर दिया. हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की पूर्व कार्यवाही इससे पहले, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने आपराधिक मानहानि की कार्यवाही में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था। हाईकोर्ट ने कहा था कि: इस चरण पर शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत सामग्री को अस्वीकार नहीं किया जा सकता, IPC की धारा 499 के तहत सद्भावना और सार्वजनिक हित जैसे अपवादों से जुड़े प्रश्नों का निर्णय ट्रायल के दौरान ही हो सकता है, मजिस्ट्रेट को संज्ञान के स्तर पर केवल यह देखना होता है कि प्रथम दृष्टया मामला बनता है या नहीं। इसके बाद, 11 नवंबर 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने आपराधिक मानहानि मामले में मजिस्ट्रेट द्वारा जारी जमानती वारंट से शिवराज सिंह चौहान को राहत दी थी, बशर्ते वे कार्यवाही में सहयोग करें। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने वाली चौहान की याचिका पर नोटिस भी जारी किया था, जिसमें हाईकोर्ट ने शिकायत को रद्द करने से इनकार किया था। अब, दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते के चलते, सुप्रीम कोर्ट ने शिवराज सिंह चौहान की याचिका का निपटारा कर दिया और आपराधिक मानहानि मामले से जुड़ी कार्यवाही समाप्त हो गई।

‘मामा’ शिवराज सिंह चौहान का केंद्र में दबदबा, मध्यप्रदेश को मिला सर्वाधिक बजट

भोपाल   केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को 9वां बजट पेश किया। इस बजट में कई राज्यों को बड़ी सौगातें दी गई हैं। इसमें के टू और थ्री टियर शहरों के इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए 12 लाख करोड़ का प्रावधान किया गया है। जिसमें मध्यप्रदेश के 10 शहरों को फायदा मिल सकता है। वहीं, मोदी सरकार की कैबिनेट में शामिल प्रदेश के 6 मंत्रियों में सबसे अधिक बजट शिवराज सिंह चौहान के विभाग को मिला है। केंद्र में शिवराज का जलवा कायम मध्यप्रदेश कोटे से मोदी सरकार की कैबिनेट में 6 मंत्री शामिल हैं। जिसमें शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया, डीडी उइके, वीरेंद्र कुमार खटीक और सावित्री ठाकुर लोकसभा सदस्य हैं। वहीं, एल मुरुगन एमपी से राज्यसभा के सदस्य हैं। सभी मंत्रियों के विभाग की तुलना करें तो उसमें शिवराज के कृषि और ग्रामीण को सबसे ज्यादा बजट मिला है। शिवराज के दो विभागों को इतना बजट केंद्रीय कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान को कृषि एवं किसान कल्याण के लिए 130561.38 करोड़ और कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग को 9967.40 करोड़। यानी कुल मिलाकर देखें तो कृषि विभाग 140528.78 करोड़ रूपये दिए गए हैं। वहीं, ग्रामीण विकास मंत्रालय का कुल बजट 197023.14 करोड़ है। जिसमें ग्रामीण विकास विभाग को 194368.81 करोड़ और भूमि संसाधन विभाग को 2654.33 करोड़ रूपये दिए जाएंगे। सिंधिया के विभाग पर मेहरबान हुई केंद्र सरकार केंद्रीय संचार और नार्थ ईस्ट मामलों के मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के डाक और संचार विभाग को 102267.02 करोड़ रूपये दिए गए हैं। जिसमें डाक विभाग को 130561.38 करोड़ और दूरसंचार विभाग को 73990.94 करोड़ रूपये दिए गए हैं। वहीं, पूर्वोतर क्षेत्र विकास मंत्रालय को 6812.30 करोड़ रूपये दिए जाएंगे। वीरेंद्र कुमार खटीक के विभाग को मिला इतना बजट सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार खटीक के विभागों को कुल 15357.31 करोड़ दिए गए हैं। जिसमें सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग को 13687.59 करोड़ रूपये मिले और दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग को 1669.72 करोड़ की राशि दी गई है। यह भी पीछे नहीं एमपी कोटे से राज्यसभा सांसद और केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री एल मुरुगन के विभाग को कुल 4551.94 करोड़ का बजट मिला। जनजातीय कार्य मंत्रालय डीडी उइके को कुल 15421.97 करोड़ का बजट मिला। वहीं, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर को 28183.06 करोड़ का बजट मिला है।

केंद्रीय मंत्री शिवराज स्मारक महोत्सव के लिए पहुंचे

रायपुर. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान रायपुर पहुंचे और राजनांदगांव रवाना हुए. जहां वे प्रतिभास्थली स्कूल परिसर में आयोजित अखिल भारतीय विश्वगुरु जैनाचार्य विद्यासागर समाधि स्मारक महोत्सव में शामिल होंगे. कार्यक्रम के बाद मंत्री शाम को रायपुर लौटकर दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे. भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय महिला समन्वय समिति की बैठक एवं कार्यशाला का आयोजन आज दिल्ली स्थित भाजपा राष्ट्रीय कार्यालय में किया जाएगा. इस महत्वपूर्ण बैठक में भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं विधायक लता उसेंडी, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं सांसद रूपकुमारी चौधरी, कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, प्रदेश अध्यक्ष महिला मोर्चा विभा अवस्थी, महिला आयोग सदस्य सरला कोसरिया छत्तीसगढ़ प्रदेश की ओर से शामिल होंगी. बैठक एवं कार्यशाला के दौरान महिला सशक्तिकरण, संगठनात्मक गतिविधियों तथा आगामी कार्ययोजनाओं पर विस्तृत चर्चा की जाएगी.

शिवराज सिंह चौहान ने एमपी में 2 ट्रेनों के स्टॉपेज बढ़ाने की घोषणा, जनता से किया ‘सेवा’ का वादा

विदिशा केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विदिशा रेलवे स्टेशन पर नई ट्रेन सुविधाओं की सौगात दी। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मेरे जीवन के दो आदर्श है एक प्रेम और दूसरा जनता की सेवा। सबसे प्रेम करो, हम सब एक ही परिवार है। समाज के अलग-अलग वर्गों के कल्याण के लिए केंद्र व राज्य सरकार की योजनाएं क्रियान्वित की जा रही है। उन्होंने कहा कि विकास के लिए कनेक्टिविटी अत्यंत आवश्यक है, इसलिए विदिशा को सड़क व रेल मार्ग से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे है।  विदिशा रेलवे स्टेशन को मिला स्टॉपेज विदिशा रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के स्टॉपेज को समर्पित करते हुए उन्होंने बताया कि विदिशा स्टेशन पर गाड़ी संख्या 12629/12630 का ठहराव दिया गया है। इसके अलावा रायसेन जिले के सांची स्टेशन पर गाड़ी संख्या 16031/16032 तथा दीवानगंज स्टेशन पर गाड़ी संख्या 18235/18236 के प्रायोगिक ठहराव (हाल्ट) की घोषणा की गई है। बेंगलुरु तक आना जाना होगा आसान इस मौके पर उन्होंने कहा कि यशवंतपुर-हजरत निजामुद्दीन संपर्क क्रांति एक्सप्रेस का प्रदेश में दूसरा स्टॉपेज विदिशा है। इस सुविधा से विदिशा के नागरिकों का बेंगलुरु की और आना-जाना आसान होगा। इन नवीन स्टॉपेज से विदिशा के नागरिको को पढ़ाई, रोजगार, व्यापार और उद्योग के लिए विशेष सहलियत मिलेगी। विदिशा, गंजबासौदा और नहीं छोड़ी जाएगी। यह ट्रेनें विदिशा को समर्पित है। संपर्क क्रांति एक्सप्रेस का विदिशा में हाल्ट का समय विदिशा स्टेशन पर दिल्ली की ओर जाने वाली गाड़ी संख्या 12629 यशवंतपुर-नई दिल्ली संपर्क क्रांति एक्सप्रेस (Yesvantpur-New Delhi Sampark Kranti) का आगमन रात 12.45 बजे होगा. जहां यह दो मिनट का ठहराव करेगी। यह हाल्ट 1 जनवरी से प्रारंभ होगा। इसी प्रकार बेंगलुरु की ओर जाने वाली गाड़ी संख्या 12630 नई दिल्ली-यशवंतपुर संपर्क क्रांति एक्सप्रेस का आगमन शाम 5.28 बजे होगा। इस ट्रेन की सुविधा विदिशावासियों को 31 दिसंबर से मिलने लगेगी। सांची पर अंडमान एक्सप्रेस का हाल्ट सांची रेलवे स्टेशन पर अंडमान एक्सप्रेस (Andaman Express) का भी ठहराव दिया गया है। कटरा की ओर जाने वाली गाड़ी संख्या 16031 चेन्नई-श्री वैष्णो देवी कटरा एक्सप्रेस (Chennai-Shri Vaishno Devi Katra Express) सुबह 9.38 बजे रुकेगी, जबकि चेन्नई की ओर जाने वाली गाड़ी संख्या 16032 श्री वैष्णो देवी कटरा-चेन्नई एक्सप्रेस रात 1.18 बजे रुकेगी। यह हाल्ट 29 दिसंबर से प्रारंभ हो जाएगा। सांची में इस ट्रेन के स्टॉपेज से विदिशा जिले के यात्रियों को भी सुविधा मिलेगी। विधायक के घर पहुंच श्रद्धा सुमन अर्पित किए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) गंजबासौदा पहुंचे जहां उन्होंने क्षेत्रीय विधायक हरि सिंह रघुवंशी के निवास पर पहुंचकर उनकी मां के निधन हो जाने पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी है उनके साथ कुरबाई विधायक हरिसिंह सप्रे सहित कई भाजपाई मौजूद थे। कार्यक्रम में नेता रहे मौजूद कार्यक्रम को विदिशा विधायक मुकेश टंडन, सांची विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी तथा नपा अध्यक्ष प्रीति शर्मा ने भी संबोधित किया। कुरवाई विधायक हरिसिंह सप्रे सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, डीआरएम, स्टेशन मास्टर, रेलवे अधिकारी एवं जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे।

शिवराज सिंह चौहान का क्रिकेट मैच में धमाल, सांसद खेल महोत्सव में मारे चौके-छक्के

विदिशा  पढ़ाई ही नहीं खेलों से भी भविष्य बनाया जा सकता है। मेहनत और धैर्य के साथ खेलों में अभ्यास कर यहां के खिलाड़ी भी शिखर को प्राप्त कर सकते हैं। खिलाड़ियों को कुछ ऐसे ही शब्दों के साथ विदिशा में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने खुद बल्लेबाजी करते हुए खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने बल्ला घुमाकर खूब चौके-छक्के मारे जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। केंद्रीय कृषि मंत्री रविवार को विदिशा के एसएसएल जैन कॉलेज के मैदान में आयोजित सांसद खेल महोत्सव (Sansad Khel Mahotsav) के तहत विधानसभा स्तरीय प्रतियोगिताओं के समापन अवसर पर उपिस्थत हुए।  खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने कहा कि मनुष्य में अनंत शक्तियों का भंडार है। उन शक्तियों को ध्यान में रखते हुए संबंधित क्षेत्र में सफल होने के लिए निरंतर प्रयास करने की जरूरत है। उन्होंने खिलाड़ियों को आश्वस्त किया कि सांसद खेल महोत्सव आयोजन के अगले चरण में और बेहतर प्रयास किए जाएंगे। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में खेल मैदानों को विकसित किया जाएगा। ताकि युवाओं को खेलने व अभ्यास करने के लिए मैदान की सहू‌लियत मिल सकें। खिलाड़ियों को दी शील्ड और मेडल इस दौरान उन्होंने विधानसभा स्तर पर आयोजित खेल प्रतियोगिताओं के विजेताओं के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को शील्ड व मेडल देकर सम्मानित किया। सांसद खेल महोत्सव प्रतियोगिता का समापन रायसेन जिले में होगा। वहां नगद राशि से विजेता व उप विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा। क्रिकेट और कबड्‌डी की प्रतियोगिता में प्रथम तीन स्थान हासिल करने वाली टीमों को डेढ़ लाख, एक लाख और पचास हजार रुपए की नगद राशि से पुरस्कृत किया जाएगा। 7020 खिलाड़ियों ने लिया भाग लिया विदिशा क्षेत्र में मुख्य रूप से किक्रेट, कब्बड्‌डी व फुटबाल के अलावा रस्साकस्सी, नीबू रेस व कुर्सी रेस की प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। क्रिकेट में 750 खिलाड़ी, कबड्डी में 240, फुटबाल में 180, रस्साकसी में 1600, नीबू रेस में 1750 व चेयर रेस में 2500 खिलाड़ी कुल 7020 खिलाड़ी शामिल हुए। इन प्रतियोगिताओं के विजेताओं व उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाडियों को कृषि मंत्री ने ट्रॉफी व मेडल से पुरस्कृत किया। 

राजस्थान में विकास का नया अध्याय: नागौर किसान सम्मेलन में बोले शिवराज सिंह चौहान

नागौर/जयपुर   केन्द्रीय ग्रामीण विकास, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सशक्त, विकसित और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण हो रहा है। उनके नेतृत्व में हमारी सरकार कृषि को लाभकारी बनाने के लिए कार्य कर रही है। हमारी मंशा है कि किसानों का फसल उत्पादन बढ़े तथा उनकी लागत में कमी आए। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत बनाने के संकल्प में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें, जिससे विकसित भारत-विकसित राजस्थान के संकल्प को साकार किया जा सके। शिवराज सिंह चौहान राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मेड़ता में आयोजित राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में गत दो वर्षों में राजस्थान में विकास का नया अध्याय रचा गया है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत राज्य के किसानों को दी जाने वाली राशि में बढ़ोतरी कर 9 हजार रुपये किया है। साथ ही, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत भी राजस्थान के किसानों को लाभान्वित किया गया है। अब किसानों को अगर क्लेम देने में बीमा कंपनियां देर करेंगी तो ब्याज का भुगतान भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा राजस्थान के किसानों के लिए मूंग 3 लाख 5 हजार 750 मीट्रिक टन, मूंगफली 5 लाख 54 हजार 750 मीट्रिक टन तथा सोयाबीन की 2 लाख 65 हजार 750 मीट्रिक टन की रिकॉर्ड स्तर पर खरीद को मंजूरी दी गई है। विकसित भारत – जी राम जी से मजदूर एवं किसानों का होगा कल्याण शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विकसित भारत – जी राम जी योजना एक बेहतरीन योजना है, जो देश के गांवों का कायाकल्प करेगी। इससे मजदूर एवं किसानों का कल्याण होगा। योजना के तहत अब मजदूरों को 100 दिन के बजाय 125 दिन का रोजगार मिलेगा। योजना का अब प्रस्तावित बजट 1 लाख 51 हजार 282 करोड़ रुपये हो गया है, जिससे गांव विकसित, गरीबीमुक्त एवं रोजगारयुक्त बनेंगे। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार शीघ्र ही सीड एक्ट एवं पेस्टीसाइड एक्ट लाने वाली है जिससे नकली पेस्टीसाइड एवं महंगे बीज देने वाले लोगों पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सर्वे का कार्य पूरा हो चुका है तथा शीघ्र ही वंचित गरीबों को मकान देने का काम प्रारंभ कर दिया जाएगा। तेज धूप, ठंड, बारिश में भी किसानों का काम कभी नहीं रुकता-मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि किसान हमारे राष्ट्र के असली निर्माता हैं। जब पूरा देश सोता है तब अन्नदाता अपने खेतों में जागते हैं। चिलचिलाती धूप हो या कड़कड़ाती ठंड, बारिश हो या आंधी तूफान, किसानों का काम कभी नहीं रुकता। उन्होंने कहा कि वे स्वयं एक किसान रहे हैं इसलिए वे खेती में आ रही समस्याओं को भली-भांति समझते हैं। हमारी सरकार किसानों को आगे बढ़ाने एवं उनके सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चौधरी चरण सिंह एवं अटल बिहारी वाजपेयी ने किसानों के सम्मान एवं सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य किए हैं। स्व. वाजपेयी ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क जैसी योजना से देश में लाखों किलोमीटर सड़कों का निर्माण कर गांवों को सड़कों से जोड़ने का ऐतिहासिक काम किया है। राज्य के विकास के लिए रोडमैप बनाकर किया कार्य मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार राज्य के विकास के लिए रोडमैप बनाकर कार्य कर रही है। पानी की प्राथमिकता को समझते हुए हमने रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, गंगनहर की मरम्मत जैसे अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। साथ ही, कुसुम-ए एवं कुसुम-सी में राजस्थान देश के अग्रणी राज्यों में है। उन्होंने कहा कि गत सरकार के समय युवाओं के साथ धोखा हुआ तथा पेपरलीक जैसे प्रकरण हुए। हमारी सरकार के कार्यकाल में एक भी पेपरलीक नहीं हुआ है। अब तक 92 हजार नियुक्तियां दी जा चुकी हैं, शीघ्र ही 20 हजार नियुक्तियां दी जाएंगी तथा 1 लाख 53 हजार नियुक्तियां प्रक्रियाधीन हैं। हमारी सरकार युवाओं को पांच साल में चार लाख सरकारी नौकरियां देगी। उन्होंने कहा कि राइजिंग राजस्थान के माध्यम से 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू में से 8 लाख करोड़ रुपये के एमओयू की ग्राउंड ब्रेकिंग की जा चुकी है। हम चाहते हैं कि युवा रोजगार प्रदाता भी बने तथा हम शीघ्र ही युवा पॉलिसी भी लाने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश-प्रदेश में किसान बढ़ रहा आगे मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश-प्रदेश में हमारा किसान आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री द्वारा किसान हितैषी निर्णयों से उनका सशक्तिकरण हुआ है। उन्होंने कहा कि हमारी डबल इंजन की सरकार गरीब, युवा, किसान और महिला समेत प्रदेश के हर वर्ग के कल्याण और उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हमने नागौर जिले में विभिन्न योजनाओं के तहत लगभग 2 हजार 900 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से अंतरित की है तथा 2 हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि के विकास कार्य भी करवाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिले में लखपति दीदी, वृद्धजन पेंशन योजना जैसी अनेक योजनाओं से जिले को लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अरावली पर्वतमाला के संरक्षण के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है तथा इसमें किसी भी तरह की छेड़खानी नहीं होने दी जाएगी। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार निरंतर किसान हितैषी निर्णय ले रही है। राज्य सरकार ने किसान सम्मान निधि की राशि में बढ़ोतरी, 22 जिलों में किसानों को दिन में बिजली जैसे अनेक किसान हित में निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि नकली खाद, नकली बीज और नकली पेस्टीसाइड्स बनाने वालों पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण के तहत चालू वित्त वर्ष के पहले बैच में 3 हजार 200 किलोमीटर से अधिक की 1,216 सड़कों एवं एक पुल के लिए 2 हजार 89 करोड़ रुपये के कार्यों का स्वीकृति पत्र सौंपा। इस दौरान केन्द्रीय मंत्री एवं मुख्यमंत्री ने कृषक कल्याण योजनाओं के तहत 35 हजार 800 किसानों को 187.60 करोड़ रुपये की राशि उनके खातों में हस्तांतरित की। … Read more

जी राम जी योजना पर सियासी घमासान, विपक्ष के विरोध पर शिवराज चौहान ने पूछा– राम से दिक्कत क्या है?

नई दिल्ली  मनरेगा का नाम बदलने वाले बिल को लेकर विपक्ष की आपत्ति के बाद कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राम का नाम जुड़ते ही इन लोगों को पता नहीं क्या परेशानी हो जाती है। मंगलवार को लोकसभा में विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन -ग्रामीण (VB- G RAM G) विधेयक 2025 पेश किया गया। इस मौके पर चौहान ने कहा, ‘महात्मा गांधी खुद राम राज की बात करते थे और उनके अंतिम शब्द भी हे राम करते थे। हर गरीब को बेरोजगार मिले और उसकी गरिमा का सम्मान हो। गरीब, जनजाति और पिछड़ा को रोजगार मिले और उसके लिए यह बिल आया है। 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी जाएगी। इससे कृषि और मजदूरी के बीच संतुलन स्थापित होगा। यह पूरा बिल महात्मा गांधी के अनुरूप है और राम राज्य की स्थापना के लिए लाया जा रहा है। मुझे समझ नहीं आता कि राम नाम जुड़ते ही इन लोगों को बिल से क्या आपत्ति हो गई है, जबकि भगवान राम तो खुद ही राम राज्य की बात करते थे।’   ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच यह विधेयक पेश करने का प्रस्ताव रखा, जिसे सदन ने ध्वनिमत से मंजूरी दी। विपक्षी सदस्यों ने विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम हटाया जाना उनका अपमान है। उन्होंने यह भी कहा कि विधेयक को वापस लिया जाए या फिर संसदीय समिति के पास भेजा जाए। चौहान ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा, ‘‘महात्मा गांधी हमारे दिलों में बसते हैं।’’ उनका कहना था कि मोदी सरकार महात्मा गांधी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों पर आधारित कई योजनाएं चला रही है। कांग्रेस ने भी बदला था जवाहर रोजगार योजना का नाम शिवराज चौहान ने सवाल किया, ‘‘कांग्रेस की सरकार ने भी जवाहर रोजगार योजना का नाम बदला था तो क्या यह पंडित जवाहरलाल नेहरू का अपमान था?’’ चौहान ने कहा कि सरकार ने मनरेगा पर 8.53 लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं। उन्होंने बताया, ‘‘हम इस विधेयक में 125 दिन के रोजगार की गारंटी दे रहे हैं। यह कोई कोरी गारंटी नहीं है, बल्कि 1.51 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि का प्रावधान किया गया है।’’ उन्होंने कहा कि इस विधेयक से गांवों का संपूर्ण विकास होगा। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा ने विधेयक पेश किए जाने का विरोध करते हुए कहा कि इससे रोजगार का कानूनी अधिकार कमजोर हो रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘विधेयक में केंद्र के अनुदान को 90 से 60 प्रतिशत किया गया है और राज्यों पर अतिरिक्त भार पड़ेगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘विधेयक वापस लिया जाना चाहिए या कम से कम स्थायी समिति के पास भेजा जाए।’’ प्रियंका गांधी ने कटाक्ष करते हुए कहा कि किसी की ‘‘निजी महत्वाकांक्षा, सनक और पूर्वाग्रह’’ के आधार पर कोई विधेयक पेश नहीं होना चाहिए। कांग्रेस के केसी वेणुगोपाल और शशि थरूर, तृणमूल कांग्रेस के सौगत रॉय, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) की नेता सुप्रिया सुले और कई अन्य सदस्यों ने भी विधेयक पेश किए जाने का विरोध करते हुए कहा कि इसे संसदीय समिति के पास भेजा जाए।