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अस्पताल पहुंचने से पहले प्रसव: खरगोन के सार्वजनिक शौचालय में गूंजी नवजात की किलकारी

खरगोन  भीकनगांव बस स्टैंड स्थित एक सार्वजनिक शौचालय में बुधवार सुबह एक गर्भवती महिला ने बच्चे को जन्म दिया। प्राथमिक उपचार के बाद महिला और नवजात को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां दोनों की हालत स्थिर बताई जा रही है। भीकनगांव के बीएमओ विजय वर्मा ने बताया कि बुधवार सुबह सूचना मिली थी कि बस स्टैंड के सार्वजनिक शौचालय में एक महिला की डिलीवरी हो गई है। सूचना मिलते ही एंबुलेंस और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम को मौके पर भेजा गया। महिला की पहचान झिरनिया ब्लाक के तेड़ गांव निवासी अनीता के रूप में हुई है। यह उसकी दूसरी डिलीवरी है। वर्मा के अनुसार अनीता को उसके पति अमर सिंह ने मंगलवार को जिला अस्पताल खरगोन में भर्ती कराया था। बाद में वे किसी कारणवश घर लौटने लगे। इसी दौरान भीकनगांव पहुंचने पर महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई और उसने बस स्टैंड के सार्वजनिक शौचालय में बच्चे को जन्म दे दिया। उन्होंने बताया कि मौके पर पहुंची स्वास्थ्य टीम ने महिला और नवजात को प्राथमिक उपचार दिया और एंबुलेंस से लगभग 40 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल खरगोन भेजा। महिला ने 1.8 किलोग्राम वजन के बालक को जन्म दिया है। भीकनगांव के शासकीय अस्पताल में नर्सिंग आफिसर व मैटरनिटी इंचार्ज ज्योति पिंडरे ने बताया कि ब्लाॅक मेडिकल ऑफिसर के निर्देश पर स्वास्थ्य दल मौके पर पहुंचा और आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी करने के बाद जच्चा-बच्चा को अस्पताल लाया गया। सिर्फ रेफर किए जाने की बात कही जिला स्वास्थ्य अधिकारी चंद्रजीत सांवले ने बताया कि गर्भवती महिला का गर्भकाल लगभग 32 सप्ताह का था और उसे मंगलवार को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया था। जांच के दौरान पीलिया और अन्य संभावित जटिलताओं को देखते हुए स्त्री रोग विशेषज्ञ शारदा कनास ने परिजनों को इंदौर रेफर किए जाने की संभावना के बारे में जानकारी दी थी। हालांकि, रेफरल की औपचारिक प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी। सांवले ने बताया कि बुधवार सुबह महिला और उसके परिजन बिना अस्पताल को सूचित किए जिला अस्पताल से चले गए।     आवश्यकता पड़ने पर अस्पताल से एंबुलेंस के माध्यम से उन्हें इंदौर भेजा जाता।     उन्होंने कहा कि भीकनगांव से सूचना मिलते ही महिला और नवजात को जिला अस्पताल रेफर किया गया।     जहां महिला को हाई डिपेंडेंसी यूनिट (एचडीयू) और नवजात को स्पेशल न्यूबार्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में भर्ती किया गया है। दोनों की स्थिति फिलहाल स्थिर है।  

सरेआम कत्ल! बस स्टैंड पर पति ने पत्नी की हत्या की, बेटी के सामने दिल दहला देने वाला हादसा

बेंगलुरु  कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक सनसनीखेज कांड सामने आया है, जिसमें एक शख्स ने बस स्टैंड पर ही पत्नी को मार डाला। लोहिताश्व नाम के शख्स ने पत्नी को बस स्टैंड पर ही सरेआम एक दर्जन पर चाकू से मारा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस दौरान उसकी 12 साल की बेटी भी मौके पर थी। पुलिस का कहना है कि लोहिताश्व और रेखा ने तीन महीने पहले ही शादी की थी और वे काफी समय से साथ हैं। रेखा की यह दूसरी शादी है और पहले विवाह से उसकी दो बेटियां है। रेखा की एक बेटी उसके मां-बाप के पास यानी अपने ननिहाल में रहती है। वहीं 12 साल की बड़ी बेटी उसके साथ थी। पुलिस का कहना है कि रेखा ने अपने पहले पति से अलग होकर शादी की थी। इसके अलावा लोहिताश्व भी तलाकशुदा था। दोनों शादी के बाद किराये के एक घर में ही रहते थे। कर्नाटक के सिरा कस्बे से ये लोग बेंगलुरु आकर रहने लगे थे। इस दौरान रेखा एक कॉल सेंटर में नौकरी कर रही थी। लोहिताश्व बेरोजगार था तो उसने उसकी भी नौकरी लगवाने में मदद की। उसे ड्राइवर की नौकरी दिला दी थी। लेकिन लोहिताश्व को उसका घर से बाहर जाना अच्छा नहीं लगता था। उसे शक होने लगा था कि रेखा के किसी और से संबंध हैं। इसी को लेकर दोनों के बीच तकरार होने लगी थी। लोहित अकसर आरोप लगाता था कि रेखा का किसी और पुरुष से संबंध है। इसी टकराव के बीच उसने सोमवार को सुबह बस का इंतजार कर रही रेखा पर स्टैंड पर ही हमला बोल दिया। लोहित ने लगातार एक दर्जन बार चाकू से वार किया और लहूलुहान कर दिया। रेखा की मौके पर ही मौत हो गई। इस दौरान उसकी बड़ी बेटी भी मौके पर मौजूद थी। पुलिस और स्थानीय लोगों की ओर से रेखा को अस्पताल ले जाने का प्रयास किया गया, लेकिन उसकी पहले ही मौत हो गई। एक निजी अस्पताल में रेखा को मृत घोषित किया गया। घटना को अंजाम देने के बाद वह फरार हो गया। हालांकि पुलिस ने अब लोहित को अरेस्ट कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है।  

दिल दहला देने वाली घटना: पिता को दिखाई बेटी से मारपीट का वीडियो, मौत के बाद भाई की आत्मदाह की कोशिश

कानपुर  कानपुर में एक विवाहिता के साथ ससुरालियों ने जुल्म की इंतहा कर दी। विवाहिता के पिता को कॉल कर बेटी से मारपीट का लाइव वीडियो दिखाया। पिता से यह भी कहा कि बेटी को बचा सको तो बचा लो। परेशान पिता तत्काल बेटी के ससुराल पहुंचे तो देर हो चुकी थी। बेटी का शव फांसी के फंदे पर लटक रहा था। पिता और परिजनों ने ससुरालियों पर हत्या कर शव को लटकाने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। केशवपुरम के अशोक वाटिका चौराहे के पास शव रखकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान बहन की मौत से आहत भाई ने आत्मदाह का भी प्रयास किया। मौके पर मौजूद एडीसीपी वेस्ट ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया। इसके बाद भी घंटों लोग सड़क पर ही जमे रहे। पनकी थाने में तैनात होमगार्ड रामप्रसाद ने दो साल पहले अपनी बेटी पूजा की शादी बारासिरोही निवासी हिमांशु तिवारी के साथ की थी। शादी के बाद से ही प्लॉट और बुलेट की मांग को लेकर ससुरालियों ने पूजा को प्रताड़ित कर रहे थे। शुक्रवार को पूजा का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। विवाहिता के परिजनों ने ससुरालियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाकर शनिवार को केशवपुरम के अशोक वाटिका चौराहे पर शव रखकर सड़क जाम कर दिया। इस दौरान ससुरालियों पर कार्रवाई न होने और बहन की मौत से आहत भाई ने आत्मदाह का प्रयास भी किया। एडीसीपी वेस्ट कपिल देव सिंह ने बताया कि ससुरालियों के खिलाफ परिजनों की तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। मौके पर परिजनों को समझा-बुझाकर शांत करने का प्रयास किया जा रहा है। विवाहिता के पिता ने बताया कि शुक्रवार को ससुरालियों ने उन्हें कॉल कर बेटी के साथ मारपीट का लाइव वीडियो दिखाया था। साथ ही धमकी दी थी कि इसे बचा सको तो बचा लो। आनन-फानन में घर पहुंचे पिता को उनकी बेटी फंदे पर लटकी मिली। परिजनों का आरोप है कि उनकी बेटी की हत्या कर उसे लटकाया गया है।