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उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा, सीएचसी को एफआरयू में अपग्रेड करने के लिए पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध कराया जाए

सीएचसी को एफआरयू के रूप में उन्नत करने के लिए मैनपावर की उपलब्धता सुनिश्चित करें: उप मुख्यमंत्री  शुक्ल भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में प्रदेश की स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास और चिकित्सा सेवाओं के सुदृढ़ीकरण से संबंधित विभिन्न तकनीकी एवं प्रशासनिक विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) के रूप में उन्नत करने के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि इन इकाइयों में चिकित्सकीय एवं सहायक चिकित्सकीय मैनपावर की उपलब्धता प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए एफआरयू का सुचारू संचालन अत्यंत आवश्यक है। चयनित मैनपावर की समयबद्ध जॉइनिंग के निर्देश उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने चयनित हो चुके स्टाफ की जॉइनिंग प्रक्रिया को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि अस्पतालों में मानव संसाधन की कमी को दूर कर सेवाओं को और बेहतर बनाया जा सके।बैठक में स्वास्थ्य जांच की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए प्रदेश की टेस्टिंग लैब्स के सुदृढ़ीकरण कार्यों पर भी चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता और पैथोलॉजी सेवाओं के विस्तार हेतु आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर मुख्य सचिव  अशोक बर्नवाल, आयुक्त  धनराजू एस सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल का निर्देश, स्वास्थ्य उपकरणों की उपलब्धता के साथ उनकी निरंतर मॉनिटरिंग हो

स्वास्थ्य उपकरणों की उपलब्धता के साथ उपयोग की सतत मॉनिटरिंग करें : उप मुख्यमंत्री शुक्ल स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, मानव संसाधन की उपलब्धता और अधोसंरचना विकास कार्यों की समीक्षा की भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, मानव संसाधन की उपलब्धता और अधोसंरचना विकास कार्यों में आवश्यक निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने ब्यौहारी, बुढ़ार एवं उमरिया क्षेत्र में स्त्री रोग विशेषज्ञ के रिक्त पदों की शीघ्र पूर्ति के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने नर्सिंग शिक्षा को सशक्त बनाने हेतु नर्सिंग टीचर्स के 59 राजपत्रित पदों की मांग शीघ्र लोक सेवा आयोग को अग्रेषित करने के निर्देश दिए। सिंगरौली नर्सिंग कॉलेज के लिए भूमि चिन्हांकन एवं टेंडर प्रक्रिया समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने स्वास्थ्य उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ उनके उपयोग की सतत मॉनिटरिंग करने पर बल दिया। चिकित्सकों की पदोन्नति हेतु ‘लोक सेवा पदोन्नति नियम’ से छूट प्राप्त करने संबंधी कार्यवाही सामान्य प्रशासन विभाग के माध्यम से करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रदेश के सुपर स्पेशिलिटी अस्पतालों में कार्यरत मेडिकल टीचर्स के वेतन एवं भत्तों की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए। नवीन चिकित्सा महाविद्यालयों में रिक्त ट्यूटर/डिमॉन्स्ट्रेटर पदों पर सीधी भर्ती की कार्यवाही करने के निर्देश दिए।उन्होंने रक्ताधान सेवाओं को और बेहतर बनाने हेतु प्रदेश में एन.ए.टी. सुविधा का विस्तार करने के निर्देश दिए। बॉण्ड चिकित्सकों के लिए एकीकृत ई-अटेंडेंस व्यवस्था लागू करने एवं ऑनलाइन एन.ओ.सी. जारी करने की प्रक्रिया का क्रियान्वयन करने के निर्देश भी दिए गए। स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत पूर्व की निवेश नीति से संबंधित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। चिकित्सा महाविद्यालयों में आउटसोर्स पदों की स्वीकृति के मानकों में सुधार कर स्किल्ड/सेमी-स्किल्ड कार्मिकों का प्रावधान करने हेतु प्रस्ताव मंत्रि-परिषद् के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने ग्वालियर चिकित्सा महाविद्यालय में सी.टी.वी.एस. विभाग (हार्ट बायपास) की स्थापना के लिए कार्यवाही करने के निर्देश दिए। साथ ही जिला अस्पतालों में फॉरेंसिक विशेषज्ञों की नियुक्ति की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करने को कहा गया। बैठक में आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा तरुण राठी, एम.डी. एम.पी.पी.एच.एस.सी.एल. मयंक अग्रवाल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा: बायो मेडिकल वेस्ट का सुनियोजित और नियमानुसार प्रबंधन करें सुनिश्चित

बायो मेडिकल वेस्ट का सुनियोजित और नियमानुसार प्रबंधन करें सुनिश्चित: उप मुख्यमंत्री  शुक्ल भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय, भोपाल में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के विभिन्न विषयों की विस्तृत समीक्षा की। प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने, चिकित्सा अधोसंरचना के विस्तार से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा कर उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने रीवा, सिंगरौली, ग्वालियर, सागर एवं बुधनी मेडिकल कॉलेजों के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही, आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता, मानव संसाधन की नियुक्ति और शैक्षणिक एवं चिकित्सकीय गतिविधियों के सुचारु संचालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने बायो मेडिकल वेस्ट के वैज्ञानिक एवं सुनियोजित प्रबंधन सुनिश्चित के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों में बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाये, पृथक्करण, संग्रहण, परिवहन एवं निस्तारण की व्यवस्था को प्रभावी बनाने और पर्यावरण संरक्षण के मानकों का पालन करने के निर्देश दिए। बैठक में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और जिला चिकित्सालयों के उन्नयन से संबंधित प्रस्तावों की भी समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता और गुणवत्ता में सुधार शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने उन्नयन प्रस्तावों को व्यावहारिक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने ऐसे सभी विषयों एवं प्रस्तावों, जिनके लिए सक्षम समिति अथवा मंत्रि-परिषद की स्वीकृति अपेक्षित है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र अग्रेषित करने के निर्देश दिए, जिससे निर्णय प्रक्रिया में विलंब न हो और योजनाओं का लाभ आमजन तक समय पर पहुंच सके। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री संदीप यादव, आयुक्त श्री तरुण राठी उपस्थित थे।  

टीबी मुक्त भारत अभियान में जन भागीदारी बढ़ाने के करें प्रयास: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

मैनपावर भर्ती की प्रक्रिया समय से करें पूर्ण: उप मुख्यमंत्री शुक्ल टीबी मुक्त भारत अभियान में जन भागीदारी बढ़ाने के करें प्रयास औषधि निर्माण इकाइयों की सतत जांच ज़ारी रखें लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की विस्तृत समीक्षा की भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय, भोपाल में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की विस्तृत एवं वृहद समीक्षा की। उन्होंने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, गुणवत्ता, मानव संसाधन प्रबंधन, अधोसंरचना विकास, चिकित्सा शिक्षा, जांच एवं उपचार सुविधाओं सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) एवं कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) के माध्यम से संचालित भर्ती प्रक्रियाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने मेडिकल ऑफिसर, चिकित्सा विशेषज्ञ, फिजियोथेरेपिस्ट, लैब टेक्नीशियन, नर्सिंग ऑफिसर, एएनएम एवं अन्य चिकित्सकीय एवं सहायक पदों की भर्ती में प्रगति की जानकारी ली तथा लंबित प्रक्रियाओं को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों में मानव संसाधन की कमी से सेवाएं प्रभावित नहीं होनी चाहिए और सभी रिक्त पदों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित की जाए। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधोसंरचना विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन अस्पताल भवनों, मेडिकल कॉलेजों, सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की प्रगति की जानकारी लेते हुए गुणवत्ता एवं समय-सीमा के कड़ाई से पालन के निर्देश दिए। साथ ही, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की खरीदी, उनकी स्थापना एवं उपयोगिता की समीक्षा करते हुए उपकरणों के समुचित रख-रखाव पर भी विशेष ध्यान देने को कहा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा करते हुए जनभागीदारी बढ़ाने तथा जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं और समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन एक सामूहिक प्रयास है, जिसमें जन जागरूकता और सहभागिता की महत्वपूर्ण भूमिका है।बैठक में पीएम एयर एम्बुलेंस सेवा के संचालन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सेवा के विधिवत, पारदर्शी एवं प्रभावी संचालन के निर्देश देते हुए कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को त्वरित एवं सुरक्षित परिवहन सुविधा मिलना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने औषधि निर्माण इकाइयों (ड्रग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स) की नियमित एवं सघन जांच करने तथा गुणवत्ता मानकों के कड़ाई से अनुपालन के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रदेश में जांच सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के प्राथमिकता से उन्नयन के निर्देश दिए। इसके साथ ही, सभी ब्लड बैंकों के विधिवत संचालन, आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता, रक्त की गुणवत्ता एवं संबंधित नियमों के पूर्ण अनुपालन को सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने टेलीमेडिसिन सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराने में टेलीमेडिसिन की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके लिए तकनीकी संसाधनों, प्रशिक्षण एवं नेटवर्क विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जाए।ृ उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रत्येक नागरिक को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों एवं एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना होगा। बैठक में प्रमुख सचिव संदीप यादव, आयुक्त स्वास्थ्य तरुण राठी, संचालक स्वास्थ्य दिनेश श्रीवास्तव, एमडी एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी और निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल का निर्देश, ग्राम पंचायतों के सहयोग से छोटे गांवों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करें

ग्राम पंचायतों के समन्वय से छोटी बसाहटों में पेयजल आपूर्ति कार्य को प्राथमिकता से करें पूर्ण: उप मुख्यमंत्री  शुक्ल रीवा जिले में जल जीवन मिशन एवं हिनौती गौधाम विकास कार्यों की समीक्षा की रीवा  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में रीवा जिले में जल जीवन मिशन के अंतर्गत जारी कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतों के समन्वय से छोटी बसाहटों में भी पेयजल आपूर्ति से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि इन बसाहटों तक शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिनका प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि हर घर तक नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुँचाने के लक्ष्य को साकार करने में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के बीच प्रभावी समन्वय महत्वपूर्ण है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने हिनौती गौधाम के विकास कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने शेड निर्माण के प्रस्ताव को क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप पुनरीक्षित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि गौवंश विहार को नैचुरल फॉर्मिंग (प्राकृतिक खेती) के मॉडल पर उन्नयन किया जाना है, इसके लिए हर संभव सहयोग एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाये। बैठक में अपर मुख्य सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मती दीपाली रस्तोगी; प्रमुख सचिव, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी  पी. नरहरि; एमडी मध्यप्रदेश जल निगम  वी. एस. चौधरी, संचालक पंचायत  छोटे सिंह सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

भविष्य सुरक्षित करना है तो स्वास्थ्य जांच को अपनाएं — उप मुख्यमंत्री शुक्ल

बेहतर भविष्य के लिये स्वास्थ्य की जांच आवश्यक : उप मुख्यमंत्री  शुक्ल सेवा पखवाड़ा, स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान के तहत कन्या महाविद्यालय रीवा में आयोजित हुआ स्वास्थ्य शिविर भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने बेहतर भविष्य के लिये स्वास्थ्य की जांच की आवश्यकता समझाते हुए कहा कि सेवा पखवाड़ा अन्तर्गत स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान में लगाये जा रहे स्वास्थ्य शिविर में सभी किशोरी बालिकाएँ तथा महिला अपने स्वास्थ्य की जांच अवश्य करायें और शिविर का लाभ लें। कन्या महाविद्यालय रीवा में स्वास्थ्य शिविर में किशोरी बालिकाओं के स्वास्थ्य की जांच की गई। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि स्वस्थ रहने पर ही सुखी रहा जा सकता है। इस लिए आवश्यक है कि शरीर की जांच हो तथा यदि कोई बीमारी निकले तो उसका उपचार हो सके। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य शिविर में किशोरी बालिकाओं के आभा (आयुष्मान भारत हेल्थ एकाउण्ट) कार्ड बनाये जा रहे हैं जिसमें जांच का विवरण रहेगा और चिकित्सक संबंधित को उचित परामर्श दे सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह अभियान नि:शुल्क जांच एवं जागरूकता का अभियान है जिसका लाभ हर किशोरी बालिका अवश्य ले और हमारा प्रदेश व जिला सबसे ज्यादा जांच एवं स्क्रीनिंग करने वाला बने। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर्स व स्टाफ को निर्देश दिये कि कन्या महाविद्यालय में आयोजित शिविर में एक-एक किशोरी बालिका के स्वास्थ्य की जांच की जाए। यदि आवश्यक हो तो दूसरे दिन भी शिविर लगायें। इस दौरान सांसद  जनार्दन, जिला पंचायत अध्यक्ष मती नीता कोल, अध्यक्ष नगर निगम  व्यंकटेश पाण्डेय सहित चिकित्सक, महाविद्यालय के प्राध्यापक तथा छात्राएँ उपस्थित रहे।  

रीवा में पुनर्घनत्वीकरण कार्यों की समीक्षा बैठक: उप मुख्यमंत्री शुक्ल रहे उपस्थित

रीवा उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में रीवा जिले में मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के पुनर्घनत्वीकरण योजना के अंतर्गत चल रहे और प्रस्तावित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने केंद्रीय जेल रीवा, बीहर रिवर फ्रंट, वॉटर स्पोर्ट्स, बोट क्लब सहित अन्य परियोजनाओं का अवलोकन करते हुए अधिकारियों को योजनानुसार समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि विकास कार्यों में भविष्य की आवश्यकताओं और जन-सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रत्येक योजना का क्रियान्वयन आधुनिक शहरी अधोसंरचना और नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखकर किया जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने नगर निगम रीवा में अमृत 2.0 अंतर्गत पेय जल व्यवस्था के कार्यों की भी समीक्षा की। बैठक में अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास संजय दुबे, आयुक्त एमपीएचआईडीबी राहुल हरिदास फटिंग, आयुक्त नगर निगम रीवा डॉ. सौरभ सोनवड़े सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

इंदौर में चूहों द्वारा नवजात काटने की घटना, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई – उप मुख्यमंत्री शुक्ल

स्वास्थ्य संस्थानों में प्रभावी उपायों के दिए निर्देश भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय, भोपाल में इंदौर में घटित चूहे काटने की घटना पर की गई कार्रवाई की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि पूरी कार्यवाही निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं तथ्यों के आधार पर की जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएँ स्वास्थ्य सेवाओं की छवि को धूमिल करती हैं, दोषी व्यक्तियों की पहचान कर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिये कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी रोकथाम उपाय तुरंत लागू किए जाएँ। अस्पताल अधीक्षक डॉ. अशोक यादव, प्रो. एवं विभागाध्यक्ष डॉ. बृजेश लाहोटी, प्रो. डॉ. मनोज जोशी एवं सहायक प्रभारी नर्सिंग अधिकारी श्रीमती कलावती भलावी को उक्त घटना के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। सहायक अधीक्षक एवं भवन प्रभारी डॉ. मुकेश जायसवाल, प्रभारी नर्सिंग अधिकारी सुप्रवीणा सिंह, नर्सिंग अधिकारी सुआकांक्षा बेंजामिन एवं सुश्वेता चौहान को निलंबित किया गया है। नर्सिंग अधीक्षक श्रीमती मार्गरेट जोसफ को पद से हटाया गया है तथा नर्सिंग अधिकारी श्रीमती प्रेमलता राठौर का स्थानांतरण मानसिक चिकित्सालय में किया गया है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि अस्पताल परिसरों की स्वच्छता, सुरक्षा और मरीजों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, आयुक्त तरुण राठी, तथा एम.डी. एम.पी. पब्लिक हेल्थ सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड मयंक अग्रवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

स्वास्थ्य सेवा की दिशा में पहल: उप मुख्यमंत्री ने दो नये केन्द्रों का शुभारंभ किया

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सिकल सेल परामर्श केन्द्र एवं पोषण मित्र केन्द्र का किया शुभारंभ उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सिकल सेल व पोषण मित्र केन्द्रों का किया उद्घाटन स्वास्थ्य सेवा की दिशा में पहल: उप मुख्यमंत्री ने दो नये केन्द्रों का शुभारंभ किया सिकल सेल एनीमिया के प्रबंधन के लिए एनएचएम, गांधी मेमोरियल अस्पताल रीवा और किरण सेवा संस्थान के मध्य एमओयू भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि सिकल सेल एनीमिया से पीड़ित मरीजों की पहचान कर उन्हें समुचित चिकित्सा सुविधा एवं पोषण आर्गेनिक किट उपलब्ध कराने में किरण सेवा संस्थान महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करेगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल की उपस्थिति में किरण सेवा संस्थान, एनएचएम तथा गांधी मेमोरियल अस्पताल रीवा के मध्य एमओयू किया गया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने किरण सेवा संस्थान रीवा में सिकल सेल परामर्श एवं पोषण मित्र केन्द्र का शुभारंभ किया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि सिकल सेल को वर्ष 2030 तक प्रदेश से उन्मूलित किया जायेगा। रीवा जिले के साथ शहडोल जिले में भी किरण सेवा संस्थान ग्रामीण क्षेत्र तक सिकल सेल से पीड़ित मरीजों की पहचान कर उन्हें चिकित्सकीय परामर्श व आर्गेनिक पोषण किट प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि पीड़ित मानवता का सेवा में शासन के साथ स्वयंसेवी संस्थाएँ भी आगे आयें। सिकल सेल रक्त में विकृतियों से होने वाली बीमारी है। इसका प्रकोप जनजातीय क्षेत्रों में अधिक होता है। सभी के समन्वित प्रयासों से इसका उन्मूलन किया जा सकेगा। कार्यक्रम में डॉ. बीनू कुशवाहा ने बताया कि गांधी मेमोरियल अस्पताल में गर्भवती महिलाओं में सिकल सेल के परीक्षण की सुविधा उपलब्ध है। जेनेटिक लैब के प्रारंभ होने पर इसका संपूर्ण इलाज भी संभव हो जायेगा। कार्यक्रम में डॉ. अभय मिश्रा ने बताया कि किरण सेवा संस्थान द्वारा चिकित्सकों के माध्यम से नि:शुल्क परामर्श दिया जायेगा साथ ही उन्हें शत-प्रतिशत आर्गेनिक किट भी उपलब्ध कराई जायेगी। इस अवसर पर समाजसेवी अतुल जैन ने कहा कि इस केन्द्र के माध्यम से सिकल से पीड़ित मरीजों की पहचान कर इलाज मिलेगा।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल बोले– हिंदी माध्यम से चिकित्सा शिक्षा से डॉक्टर-रोगी संवाद होगा आसान

हिन्दी माध्यम से एम.बी.बी.एस. की पढ़ाई से मरीजों के इलाज में सुगमता होगी : उप मुख्यमंत्री शुक्ल हिंदी में एमबीबीएस पढ़ाई से इलाज में आएगी सरलता: उप मुख्यमंत्री शुक्ल उप मुख्यमंत्री शुक्ल बोले– हिंदी माध्यम से चिकित्सा शिक्षा से डॉक्टर-रोगी संवाद होगा आसान मिशन मातृ भाषा, प्रोत्साहन एवं जागरूकता कार्यक्रम में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि हिन्दी माध्यम से एम.बी.बी.एस. की पढ़ाई से मरीजों के इलाज में सुगमता होगी। मध्यप्रदेश हिन्दी माध्यम से चिकित्सा शिक्षा देने वाला राज्य है जहाँ इस दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री श्यामशाह चिकित्सा महाविद्यालय, रीवा में मिशन मातृभाषा प्रोत्साहन एवं जागरूकता कार्यक्रम में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि हिन्दी भाषा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कार्यक्रम का आयोजन प्रशंसनीय है। हिन्दी माध्यम से दी जाने वाली शिक्षा से ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे आने का अवसर मिलेगा साथ ही उनमें आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री श्री अमित शाह ने प्रदेश में हिन्दी के माध्यम से चिकित्सा की शिक्षा देने का शुभारंभ किया था जो अब मूर्तरूप ले रहा है और हिन्दी माध्यम से पुस्तकों से विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। श्री शुक्ल ने शिक्षा ग्रहण करने वाले विद्यार्थियों से अपेक्षा की कि वह एम.बी.बी.एस. की पढ़ाई के उपरांत गांव में अपनी सेवा देकर पीड़ित मानवता का पुण्य लें क्योंकि भारत को समझना है तो गांव को समझना होगा। ग्रामीण स्वास्थ्य केन्द्रों को सुविधा संपन्न बनाया जा रहा है तथा चिकित्सकों व स्टाफ के लिये आवास सहित अन्य व्यवस्थायें भी सुनिश्चित कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि रीवा में चिकित्सा सुविधाओं के लिये अतिरिक्त भवन, मशीनें तथा चिकित्सकों व चिकित्सकीय स्टाफ की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही है ताकि मरीजों को बेहतर से बेहतर इलाज मिल सके। इस अवसर पर डीन मेडिकल कालेज डॉ. सुनील अग्रवाल ने कहा कि हिन्दी माध्यम से की गई पढ़ाई से मातृभाषा को लोग बेहतर ढ़ंग से समझ सकेंगे व मरीजों को समझा भी सकेंगे। उन्होंने बताया कि हिन्दी माध्यम से शिक्षा ग्रहण करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत भी किया जायेगा। कार्यक्रम में अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा, चिकित्सक, विधायक प्रतिनिधि विवेक दुबे, के.के. गर्ग तथा छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। छात्र दिव्यांश व छात्रा कुमकुम मण्डलोई ने हिन्दी माध्यम से की जाने वाली पढ़ाई की विशेषताओं को बताया।