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निर्माणाधीन परियोजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं, मंत्री सिलावट ने दिए समय-सीमा में काम पूरे करने के निर्देश

समय-सीमा में पूर्ण करें निर्माणाधीन परियोजनाओं के कार्य: जल संसाधन मंत्री सिलावट सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की भोपाल  जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि जल संसाधन विभाग की विभिन्न निर्माणाधीन परियोजनाओं का कार्य समय-सीमा में पूर्ण ‍किया जाए। कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। वरिष्ठ अधिकारी समय-समय पर कार्यो का निरीक्षण करें एवं निरीक्षण प्रतिवेदन भिजवाएं। आगामी सिंहस्थ के मद्देनजर उज्जैन में कराए जा रहे कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जाए एवं उनकी प्रगति की निरंतर समीक्षा की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का लक्ष्य है कि आगामी सिंहस्थ में श्रद्धालुओं को शिप्रा के निर्मल जल में स्नान कराया जाए और उनकी यात्रा सहज और सुगम हो। मंत्री सिलावट ने मंगलवार को मंत्रालय में जलसंसाधन विभाग की विभिन्न निर्माणाधीन योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री सिलावट ने विभाग की तीन प्रमुख राष्ट्रीय परियोजनाओं केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना, संशोधित पार्वती-कालीसिंध चंबल लिंक परियोजना एवं तापी मेगा रिचार्ज परियोजना में कराये जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और अधिकारियों को कार्य के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सिलावट ने उज्जैन में कराए जा रहे सिंहस्थ सबंधी कार्यों कान्ह डक्ट परियोजना, सेवरखेडी-सिलारखेडी परियोजना और क्षिप्रा नदी पर घाट निर्माण कार्य की समीक्षा की। इसके साथ ही उज्जैन, इंदौर और देवास जिलों में निर्माणाधीन बैराजों की अद्यतन जानकारी भी प्राप्त की गई। उन्होंने विभागांतर्गत निर्माणाधीन वृहद, मध्यम एवं लघु सिंचाई परियोजनाओं की वर्तमान प्रगति की जानकारी ली। मंत्री सिलावट द्वारा भोपाल में केरवा बांध के क्षतिग्रस्त वेस्ट वियर निर्माण कार्य के अंतर्गत बिजली लाइन शिफ्टिंग एवं सुधार कार्य समय-सीमा में पूर्ण किये जाने के निर्देश दिये। मंत्री सिलावट ने सीएम मॉनिटरिंग से संबंधित प्रकरणों एवं मुख्यमंत्री की विभागीय घोषणाओं से संबंधित सभी बिन्दुओं पर जानकारी प्राप्त की और प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। साथ ही इन प्रकरणों की सतत निगरानी करते हुए, इनकी प्रगति से संबंधित रिपोर्ट आगामी पन्द्रह दिवस में दिये जाने के निर्देश दिये।  

जल संसाधन मंत्री सिलावट का बयान: प्रदेश में जल संवर्धन और जल संरक्षण के कार्यों को बढ़ाएं

प्रदेश में अधिक से अधिक हों जल संवर्धन और जल संरक्षण के कार्य : जल संसाधन मंत्री सिलावट जल गंगा संवर्धन अभियान संबंधी ली बैठक भोपाल जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत प्रदेश के गांव-गांव, नगर-नगर में जल संरक्षण एवं जल संवर्धन संबंधी कार्य कराए जा रहे हैं। विभागीय अधिकारी समाज के सभी वर्गों एवं आमजन के सहयोग से अपने-अपने क्षेत्र में वृहत रूप से जल संरक्षण और संवर्धन के कार्य कराएं और इस अभियान को पूरी तरह सफल बनाएं। प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान गत 19 मार्च से चलाया जा रहा है जो तीन माह तक चलेगा। जल संसाधन मंत्री सिलावट ने सोमवार को अपने निवास कार्यालय में जल गंगा संवर्धन अभियान संबंधी बैठक लेकर अभियान के अंतर्गत कराए जा रहे कार्यों की समीक्षा की एवं आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में अपर मुख्य सचिव, जल संसाधन डॉ. राजेश राजौरा, अधीक्षण यंत्री पुष्पेन्द्र सिंह, श्रीमती हर्षा जैनवाल एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री सिलावट ने निर्देश दिए कि अभियान के अंतर्गत आगामी दिनों में कराए जाने वाले कार्यों की कछारवार विस्तृत रूप रेखा तैयार कर आगामी 3 दिवस में प्रस्तुत की जाए। अभियान के सम्बन्ध में समय-समय पर विभाग द्वारा जारी विस्तृत दिशा निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक मैं बताया गया कि जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जल संसाधन विभाग द्वारा मुख्य रूप से जल संग्रहण स्रोतों के रख-रखाव एवं मरम्मत के अनुरूप अपूर्ण कार्यां को पूर्ण करना, निर्मित तालाब की पाल पर मिट्टी के कटाव अथवा अतिवर्षा से क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में पुनः निर्माण किये जाने, तालाबों की पिचिंग, बोल्डर टो तथा घाट आदि के मरम्मत का कार्य, जल संरचनाओं के किनारों पर अतिक्रमण को रोकना, संपूर्ण नहर प्रणाली में घास, झाडी, छोटे पेड पोधे आदि की सफाई का कार्य एवं वृक्षारोपण, शहरी आबादी क्षेत्रों में प्रमुख नहरों का चिन्हाकंन व सीमांकन का कार्य, स्टाप डेम बैराज-वीयर के गेट इत्यादि की मरम्मत, बांध के फ्लस बार स्लूज बेल की मरम्मत तथा सफाई का कार्य, केचमेंट एरिया में अवरोध का चिन्हांकन कर उसे हटाना तथा अन्य आवश्यक तकनीकी कार्य आदि कराए जा रहे हैं। अधिकारियों को सभी कार्यों को पूर्ण गुणवत्ता के साथ कराए जाने के निर्देश दिए गए।  

मंत्री सिलावट ने निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं को समय-सीमा में पूरा करने का निर्देश दिया

निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं का कार्य समय-सीमा में करें पूर्ण: जल संसाधन मंत्री सिलावट विभागीय कार्यों की समीक्षा की भोपाल जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा है की प्रदेश में विभिन्न निर्माणाधीन वृहद एवं मध्यम परियोजनाओं का कार्य समय से पूरा किया जाए। वरिष्ठ अधिकारी परियोजनाओं के कार्य का निरंतर निरीक्षण करें और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करें। कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। मंत्री सिलावट ने मंत्रालय स्थित अपने प्रतिकक्ष में बुधवार को विभाग के अंतर्गत धसान केन कछार सागर में निर्माणाधीन वृहद एवं मध्यम परियोजनाओं की समीक्षा की। बैठक में अपर मुख्य सचिव जल संसाधन डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख अभियंता विनोद कुमार देवड़ा, मुख्य अभियंता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कार्य से संबंधित निर्माण ऐजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। मंत्री सिलावट ने निर्देश दिए कि वरिष्ठ अधिकारी स्वीकृत परियोजनाओं को समय-सीमा में पूर्ण करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें और प्रति 15 दिन में कार्य की समीक्षा करें। बैठक में बताया गया कि परियोजनाओं के पूर्ण होने पर सागर, पन्ना, दमोह एवं छतरपुर जिले की लगभग 81 हजार हैक्टेयर में अतिरिक्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। मंत्री सिलावट द्वारा कछार के अंतर्गत आपचंद, मंझगाय, सतधारू, पवई, रूंज एवं काठन सिंचाई परियोजनाओं से सिंचाई सम्बन्धी व्यवस्थाओं के निर्देश दिये गये।