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राजा का परिवार हाईकोर्ट में उठाएगा सोनम की जमानत के खिलाफ मामला, मां ने कहा- ‘वो किसी के साथ कुछ भी कर सकती है

इंदौर इंदौर के बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड की आरोपी सोनम रघुवंशी को जमानत मिलने के बाद अब राजा का परिवार उसकी जमानत खारिज कराने की कोशिश में जुट गया है. इसे लेकर राजा के भाई विपिन ने शिलांग के वकील से बात की है और हाईकोर्ट में जमानत रद्द कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है. वकील ने उनसे संबंधित दस्तावेज भेज दिए हैं, जिन पर साइन कर वे दोबारा वापस भेजेंगे. मालूम हो कि राजा रघुवंशी हनीमून मनाने पत्नी सोनम के साथ शिलांग गए थे. जहां उनकी पत्नी ने ही प्रेमी के साथ मिलकर उनकी हत्या करवा दी थी. पिछले साल सामने आए इस केस ने पति-पत्नी के प्यार और भरोसे वाले रिश्ते पर गंभीर सवाल खड़े किए थे. कई दिनों तक चली जांच के बाद सोनम को यूपी के गाजीपुर से गिरफ्तार किया गया था. लेकिन अब सोनम को जमानत मिलने से इस मामले की यादें फिर से ताजा हो गई है।  हाई कोर्ट में सोनम की जमानत खारिज करने की दायर करेंगे याचिका राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी ने कहा, "मैंने वकील से बात की तो उन्होंने बताया कि सोनम को जब गाजीपुर से पुलिस ने गिरफ्तार किया था तो गिरफ्तारी की वजह नहीं बताई थी. इसी आधार पर कोर्ट ने सोनम को जमानत दी है. अब हाई कोर्ट में सोनम की जमानत खारिज करने के लिए अपील दायर करेंगे।  राजा की मां बोलीं- सोनम को फांसी देनी चाहिए थी राजा रघुवंशी की मां उमा रघुवंशी ने कहा, "हमें कानून पर पूरा भरोसा था, फिर भी सोनम को जमानत दे दी गई. सरकार को सोनम को नहीं छोड़ना चाहिए था, बल्कि उसे फांसी देनी चाहिए थी. गोविंद रघुवंशी पूरे मामले का मास्टरमाइंड है. गोविंद ने पैसा देकर सबको खरीद लिया है और जमानत में भी मदद की है. सोनम रघुवंशी अगर माफी मांगने भी इंदौर आती है तो उसे माफ नहीं करेंगे।  राजा की मां बोली- सोनम किसी के साथ कुछ भी कर सकती है उन्होंने कहा कि सोनम रघुवंशी को आखिर जमानत कैसे मिल गई, जब वह गुनहगार है? सोनम ने अपने पति को अपनी आंखों के सामने मरवाया था, तो जमानत किस आधार पर मिल गई? हमें तो भरोसा था कि इंसाफ मिलेगा, लेकिन नहीं मिला. प्रधानमंत्री से मांग की है कि सीबीआई की जांच कराई जाए. सोनम किसी के साथ मिलकर कुछ भी कर सकती है, इसलिए उनके परिवार को खतरा है।  26 मई को शिलांग से लापता हुए थे राजा, बाद में मिली थी लाश बता दें कि राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम 21 मई 2025 को हनीमून मनाने शिलांग गए थे. यहां से दोनों 26 मई को सोहरा घूमने गए, जहां दोनों लापता हो गए थे. पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय टीमों ने बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया. करीब एक हफ्ते बाद 2 जून 2026 को राजा का शव सोहरा के मशहूर वेई सादोंग फॉल्स के पास एक गहरी खाई में मिला था।  अदालत में क्या हुआ राज कुशवाहा की जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया. उसके वकील पी. योबिन ने कहा कि उन्होंने अदालत के सामने सभी जरूरी पक्ष रख दिए हैं और अब फैसले का इंतजार है. उन्होंने यह भी कहा कि बाकी आरोपियों की जमानत याचिकाएं भी जल्द दायर की जाएंगी।  वकील से बात कर शुरू की प्रक्रिया  विपिन ने बताया कि जमानत खारिज कराने के लिए उन्होंने शिलॉन्ग में वकील से संपर्क किया है। वे खुद शिलॉन्ग नहीं जाएंगे, लेकिन सभी कागजी प्रक्रिया पूरी करेंगे, ताकि हाईकोर्ट में अपील की जा सके। वकील ने उनसे जुड़े दस्तावेज भेज दिए हैं। विपिन ने बताया कि कागज मिल चुके हैं और वे साइन कर जल्द ही वापस भेजेंगे, जिससे अपील दाखिल की जा सके। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में करीब एक हफ्ते का समय लग सकता है। 11 मई 2025 को शादी, 21 को हनीमून और 23 को हुई थी राजा की हत्या राजा रघुवंशी की सोनम से शादी इसी साल 11 मई 2025 को हुई थी। सोनम रघुवंशी और राजा 21 मई को हनीमून मनाने के लिए मेघालय के शिलॉन्ग गए थे, जहां 23 मई को हनीमून के दौरान लापता हो गए। 10 दिन बाद पुलिस ने 30 फीट गहरी खाई से उनका क्षत-विक्षत शव बरामद किया, जिस पर धारदार हथियार से किए गए कई घाव थे। सोनम तब लापता थी। इसके बाद यूपी में उसने सरेंडर किया था। उससे पूछताछ के बाद आकाश, आनंद और विशाल को पकड़ा था। सोनम के राज कुशवाहा से प्रेम सबंध थे। हालांकि, उसके परिवार ने इस बात से इनकार किया था। पत्नी सोनम राजा को दर्शनीय स्थलों की सैर के बहाने एक सुदूर स्थान पर बुलाकर ले गई थी। उनके पीछे अन्य तीनों हत्या के आरोपी भी चले गए थे। फिर दो छुरों से वार कर उसकी हत्या कर दी, जिनमें से एक छुरा बाद में जंगल से बरामद किया गया। सोनम घटनास्थल से भाग गई और बाद में उसने उत्तर प्रदेश में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। सोनम और राज सहित सभी पांचों आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। सोनम को कैसे मिली जमानत सोनम रघुवंशी को जमानत देते समय अदालत ने जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए. अदालत ने पाया कि गिरफ्तारी से जुड़े दस्तावेजों में जिन धाराओं का उल्लेख किया गया था, उनमें त्रुटियां थीं. अदालत ने कहा कि आरोपी को यह स्पष्ट रूप से बताना जरूरी होता है कि उसे किस अपराध और किस धारा के तहत गिरफ्तार किया गया है. लेकिन इस मामले में यह प्रक्रिया सही तरीके से पूरी नहीं हुई. पुलिस ने इसे लिपिकीय गलती बताया, लेकिन अदालत ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया. अदालत का मानना था कि यह गलती आरोपी के अधिकारों को प्रभावित करती है. अदालत ने एक और महत्वपूर्ण बिंदु पर ध्यान दिया. आदेश में कहा गया कि ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं है जिससे यह साबित हो सके कि सोनम को गिरफ्तारी के बाद वकील की सुविधा दी गई थी. जब उसे पहली बार गाजीपुर अदालत में पेश किया गया, तब भी यह स्पष्ट नहीं था कि उसे कानूनी सलाह का अवसर मिला या नहीं।  जमानत की शर्तें हालांकि अदालत ने जमानत दी है, लेकिन इसके साथ … Read more