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मेघालय सरकार का सोनम को नोटिस, हाईकोर्ट में दायर याचिका में कोर्ट के बेल ऑर्डर को चुनौती

इंदौर  मध्य प्रदेश के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपित सोनम रघुवंशी की जमानत को मेघालय सरकार ने हाई कोर्ट में चुनौती दी है। सरकार ने निचली अदालत का बेल आर्डर रद करने की मांग की है। सोनम को नोटिस जारी  हाई कोर्ट ने सोनम को नोटिस जारी किया है। साथ ही अगले सप्ताह सुनवाई निर्धारित की है। उधर, सोनम को जमानत मिलने के बाद उसके कथित प्रेमी राज कुशवाह सहित चार अन्य आरोपितों ने भी जमानत याचिका दायर की थी, जिस पर न्यायालय ने फैसला सुरक्षित कर लिया है।  राजा रघुवंशी की हत्या की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत अब बड़े कानूनी विवाद में फंस गई है। मेघालय सरकार ने इस राहत को सीधे चुनौती देते हुए मेघालय हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और साफ तौर पर मांग की है कि सेशंस कोर्ट द्वारा दी गई बेल को तत्काल रद्द किया जाए। सरकार का आरोप है कि निचली अदालत ने अपराध की गंभीरता और इसके व्यापक प्रभाव को नजरअंदाज कर दिया, जिससे न्याय प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। राज्य सरकार ने अपनी याचिका में दो टूक कहा है कि मामला बेहद गंभीर है और इसकी सख्त व निष्पक्ष न्यायिक जांच जरूरी है। सरकार का दावा है कि जिस आधार पर जमानत दी गई, वह तकनीकी खामियों तक सीमित था, जबकि आरोपों की गंभीरता कहीं अधिक है। ऐसे में आरोपी को राहत देना न्याय के साथ समझौता करने जैसा है। गौरतलब है कि 27 अप्रैल को शिलांग के एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (ज्यूडिशियल) ने गिरफ्तारी प्रक्रिया में कथित त्रुटियों का हवाला देते हुए लगभग एक साल बाद सोनम रघुवंशी को जमानत दे दी थी। कोर्ट ने पाया था कि गिरफ्तारी से जुड़े दस्तावेजों में आवश्यक औपचारिकताएं पूरी नहीं की गई थीं। जैसे “गिरफ्तारी के आधार” वाले फॉर्म में चेकबॉक्स खाली थे और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गलत धाराओं का उल्लेख किया गया था। अदालत ने यह भी माना कि आरोपी को स्पष्ट रूप से यह नहीं बताया गया कि उसे धारा 103(1) जैसे गंभीर अपराध में गिरफ्तार किया जा रहा है, और इसे महज लिपिकीय गलती मानने से इनकार कर दिया। इसके अलावा, रिकॉर्ड में यह भी सामने आया कि 9 जून 2025 को जब आरोपी को पहली बार गाजीपुर की अदालत में पेश किया गया, तब उसके पास कानूनी प्रतिनिधित्व होने का कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं था। इन बिंदुओं को आधार बनाकर निचली अदालत ने जमानत दी थी। क्‍या सोनम रघुवंशी फिर जेल जाएंगी! मेघालय सरकार ने मंगलवार को हाई कोर्ट में पिछले सप्ताह निचली अदालत द्वारा कुख्यात हनीमून हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को जमानत दिए जाने के आदेश के खिलाफ याचिका दायर की. सोनम रघुवंशी का मामला पिछले साल सोहरा में उनके पति राजा रघुवंशी की सनसनीखेज हत्या से जुड़ा है, जब वे हनीमून पर थे. मामला हाई कोर्ट में सुनवाई के लिए आया और अदालत ने सोनम रघुवंशी को नोटिस जारी किया है. मामले की सुनवाई 12 मई को होगी।  क्‍या दी गई थी सोनम को गिरफ्तारी की जानकारी?  27 अप्रैल को अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (न्यायिक) डी.आर. खारबतेंग ने जमानत देने का आदेश पारित किया था, जिसमें सोनम रघुवंशी की जमानत याचिका को इस आधार पर स्वीकार किया गया था कि उन्हें गिरफ्तारी के कारणों की जानकारी नहीं दी गई थी. स्थानीय सूत्रों के अनुसार, "सरकार की याचिका में कहा गया है कि यह दावा तथ्यात्मक रूप से गलत है और मामले से संबंधित दस्तावेजों द्वारा भी इसका खंडन किया गया है, जो इस बात को उजागर करते हैं कि आरोपी को गिरफ्तारी के कारणों की जानकारी दी गई थी।  निचली कोर्ट ने इस तथ्‍य को किया नजरअंदाज सरकार ने आगे तर्क दिया है कि निचली अदालत ने विवादित आदेश पारित करते समय इस बात को नजरअंदाज कर दिया कि इस मामले में आरोप पत्र पिछले साल 5 सितंबर को दाखिल किया गया था और उसके बाद इस साल 10 फरवरी को सप्‍लीमेंट्री आरोप पत्र दाखिल किया गया था. इस सनसनीखेज मामले में पिछले साल 28 अक्टूबर को आरोप तय किए गए थे. आरोप पत्र दाखिल होने और आरोप तय होने के बाद, यह स्पष्ट है कि आरोपी मामले के तथ्यों से अवगत है, जिसमें गिरफ्तारी के आधार भी शामिल हैं।  हालांकि अब राज्य सरकार का रुख पूरी तरह आक्रामक है। सरकार का कहना है कि आरोपी को गिरफ्तारी के कारणों की पूरी जानकारी थी और इससे जुड़े दस्तावेज अदालत में पहले ही प्रस्तुत किए जा चुके हैं। ऐसे में तकनीकी आधार पर मिली जमानत को बरकरार रखना न्यायहित में नहीं है। मंगलवार (5 मई) को मेघालय हाईकोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए सोनम रघुवंशी को नोटिस जारी कर दिया है। सरकार द्वारा 4 मई को दाखिल की गई बेल रद्द करने की याचिका पर अब अगले सप्ताह सुनवाई होगी। इस केस ने एक बार फिर न्यायिक प्रक्रिया और पुलिस कार्रवाई की कार्यप्रणाली पर तीखी बहस छेड़ दी है।

सोनम गवाहों को प्रभावित कर सकती है, शिलांग पुलिस जमानत रद्द कराने हाईकोर्ट जाएगी

 इंदौर बहुचर्चित इंदौर-टू-शिलांग हनीमून मर्डर केस में ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड में मुख्य आरोपित सोनम को मिली जमानत रद करने के लिए शिलांग पुलिस मेघालय हाई कोर्ट जाएगी। दरअसल, शिलांग पुलिस का मानना है कि गंभीर प्रकृति के इस केस में सोनम इसकी मास्टरमाइंड है। जमानत मिलने से वह गवाहों को प्रभावित कर सकती है। उसकी जमानत को आधार बनाकर शेष आरोपित भी जमानत मांगने लगे हैं। पुलिस उन बिंदुओं को ही आधार बनाएगी, जिन बिंदुओं पर शिलांग की सत्र न्यायालय ने सोनम को जमानत दी। सरकारी वकील केशव गौतम ने भी इसकी पुष्टि की है। सूत्रों के अनुसार, शिलांग पुलिस अब इस मामले से जुड़े साक्ष्यों और तथ्यों को और मजबूती से प्रस्तुत करने की रणनीति बना रही है, ताकि हाईकोर्ट में जमानत आदेश को चुनौती दी जा सके। पुलिस सूत्रों ने बताया कि पुलिस उन बिंदुओं को ही आधार बनाएगी, जिन बिंदुओं पर शिलॉन्ग की सत्र न्यायालय ने सोनम को जमानत दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार शिलॉन्ग पुलिस अब इस मामले से जुड़े साक्ष्यों और तथ्यों को और मजबूती से प्रस्तुत करने की रणनीति बना रही है, ताकि हाईकोर्ट में जमानत आदेश को चुनौती दी जा सके। वहीं सरकारी वकील केशव गौतम ने इस पूरे मामले को लेकर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है। जमानत के आधार पर उठे सवाल बता दें कि इंदौर शहर के सहकार नगर निवासी राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में उसकी पत्नी सोनम को सशर्त जमानत मिली है। सत्र न्यायालय ने जमानत देते समय शिलांग की ईस्ट खासी हिल्स थाना पुलिस की जांच प्रक्रिया पर प्रश्न उठाए थे। दरअसल, न्यायालय ने पाया गया कि सोनम की गिरफ्तारी के अभिलेख में हत्या की वास्तविक धारा के बजाय असंगत धारा लगा दी गई। इसके साथ ही सोनम को गिरफ्तारी के समय आरोपित के रूप में उसके अपराध के बारे में भी नहीं बताया गया। इसे सत्र न्यायालय ने कानूनी प्रक्रिया की गंभीर खामी और संविधान में आरोपित को प्राप्त मौलिक अधिकार का उल्लंघन माना। यह भी पाया कि 10 माह में भी मामले की जांच कर रही एसआईटी जांच को पूरा नहीं कर सकी है। सारे गवाहों के बयान भी दर्ज नहीं किए गए हैं। राजा के भाई बोले- हम भी जाएंगे हाई कोर्ट इस बीच, राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी ने कहा है कि वह स्वयं भी सोनम की जमानत खारिज कराने के लिए मेघालय हाई कोर्ट में जाएंगे। इसके लिए याचिका दायर करेंगे। इसके लिए वकील से संपर्क कर लिया है। प्रक्रिया के लिए दस्तावेज भी पहुंचा दिए गए हैं। एक और अर्जी दायर करने की तैयारी में सोनम रघुवंशी शिलॉन्ग पुलिस सूत्रों ने बताया कि जमानत के बाद सोनम को वकील की मदद से शिलॉन्ग में किसी सुरक्षित जगह पर रखा गया है। कारण यह है कि सोनम कोर्ट की अनुमति के बगैर शिलॉन्ग नहीं छोड़ सकती है। वहीं, सूत्रों के अनुसार सोनम खुद शिलॉन्ग से बाहर जाने के लिए कोर्ट में अर्जी दायर कर सकती है। इसके लिए वह स्वयं पर हमले का खतरा होने का तर्क दे सकती है। बताया जा रहा है कि उसके वकील की तरफ से इस मामले में तैयारी की जा रही है। राज पर आज आ सकता है फैसला शिलॉन्ग पुलिस के राजफाश में सोनम के कथित प्रेमी राज कुशवाह की जमानत पर शुक्रवार को शिलॉन्ग के सत्र न्यायालय का फैसला आ सकता है। सोनम की जमानत को आधार बनाकर राज के वकील योबिन ने कोर्ट में अर्जी लगाई थी। बुधवार को बहस पूरी होने के बाद कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया था। योबिन ने बताया कि हमने राज कुशवाहा के लिए जमानत याचिका दायर की थी और कोर्ट ने जमानत के आदेश को सुरक्षित रख लिया है अभी बस, इतना ही है। अन्य आरोपितों पर भी असर वहीं, शिलांग पुलिस के राजफाश में सोनम के कथित प्रेमी राज कुशवाह की जमानत पर शुक्रवार को शिलांग की सत्र न्यायालय का फैसला आ सकता है। सोनम की जमानत को आधार बनाकर राज के वकील योबिन ने कोर्ट में अर्जी लगाई है। बुधवार को बहस पूरी होने के बाद कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया था। शिलांग से बाहर जाने की अर्जी दायर कर सकती है सोनम सोनम की रिहाई की इंदौर से ज्यादा शिलांग में चर्चा हो रही है। मई 2025 में हुई इस घटना से टूरिस्ट प्रभावित हुए थे। मेघालय सरकार को आगे आकर टूरिस्ट को सुरक्षा की गारंटी देनी पड़ी थी। बताया गया है कि जमानत के बाद सोनम को वकील की मदद से शिलांग में किसी सुरक्षित जगह पर रखा गया है। कारण यह है कि सोनम कोर्ट की अनुमति के बगैर शिलांग नहीं छोड़ सकती है। वहीं, सूत्रों के अनुसार, सोनम खुद शिलांग से बाहर जाने के लिए भी कोर्ट अर्जी दायर कर सकती है। इसके लिए वह स्वयं पर हमले का खतरा होने का तर्क दे सकती है।  

राजा का परिवार हाईकोर्ट में उठाएगा सोनम की जमानत के खिलाफ मामला, मां ने कहा- ‘वो किसी के साथ कुछ भी कर सकती है

इंदौर इंदौर के बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड की आरोपी सोनम रघुवंशी को जमानत मिलने के बाद अब राजा का परिवार उसकी जमानत खारिज कराने की कोशिश में जुट गया है. इसे लेकर राजा के भाई विपिन ने शिलांग के वकील से बात की है और हाईकोर्ट में जमानत रद्द कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है. वकील ने उनसे संबंधित दस्तावेज भेज दिए हैं, जिन पर साइन कर वे दोबारा वापस भेजेंगे. मालूम हो कि राजा रघुवंशी हनीमून मनाने पत्नी सोनम के साथ शिलांग गए थे. जहां उनकी पत्नी ने ही प्रेमी के साथ मिलकर उनकी हत्या करवा दी थी. पिछले साल सामने आए इस केस ने पति-पत्नी के प्यार और भरोसे वाले रिश्ते पर गंभीर सवाल खड़े किए थे. कई दिनों तक चली जांच के बाद सोनम को यूपी के गाजीपुर से गिरफ्तार किया गया था. लेकिन अब सोनम को जमानत मिलने से इस मामले की यादें फिर से ताजा हो गई है।  हाई कोर्ट में सोनम की जमानत खारिज करने की दायर करेंगे याचिका राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी ने कहा, "मैंने वकील से बात की तो उन्होंने बताया कि सोनम को जब गाजीपुर से पुलिस ने गिरफ्तार किया था तो गिरफ्तारी की वजह नहीं बताई थी. इसी आधार पर कोर्ट ने सोनम को जमानत दी है. अब हाई कोर्ट में सोनम की जमानत खारिज करने के लिए अपील दायर करेंगे।  राजा की मां बोलीं- सोनम को फांसी देनी चाहिए थी राजा रघुवंशी की मां उमा रघुवंशी ने कहा, "हमें कानून पर पूरा भरोसा था, फिर भी सोनम को जमानत दे दी गई. सरकार को सोनम को नहीं छोड़ना चाहिए था, बल्कि उसे फांसी देनी चाहिए थी. गोविंद रघुवंशी पूरे मामले का मास्टरमाइंड है. गोविंद ने पैसा देकर सबको खरीद लिया है और जमानत में भी मदद की है. सोनम रघुवंशी अगर माफी मांगने भी इंदौर आती है तो उसे माफ नहीं करेंगे।  राजा की मां बोली- सोनम किसी के साथ कुछ भी कर सकती है उन्होंने कहा कि सोनम रघुवंशी को आखिर जमानत कैसे मिल गई, जब वह गुनहगार है? सोनम ने अपने पति को अपनी आंखों के सामने मरवाया था, तो जमानत किस आधार पर मिल गई? हमें तो भरोसा था कि इंसाफ मिलेगा, लेकिन नहीं मिला. प्रधानमंत्री से मांग की है कि सीबीआई की जांच कराई जाए. सोनम किसी के साथ मिलकर कुछ भी कर सकती है, इसलिए उनके परिवार को खतरा है।  26 मई को शिलांग से लापता हुए थे राजा, बाद में मिली थी लाश बता दें कि राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम 21 मई 2025 को हनीमून मनाने शिलांग गए थे. यहां से दोनों 26 मई को सोहरा घूमने गए, जहां दोनों लापता हो गए थे. पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय टीमों ने बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया. करीब एक हफ्ते बाद 2 जून 2026 को राजा का शव सोहरा के मशहूर वेई सादोंग फॉल्स के पास एक गहरी खाई में मिला था।  अदालत में क्या हुआ राज कुशवाहा की जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया. उसके वकील पी. योबिन ने कहा कि उन्होंने अदालत के सामने सभी जरूरी पक्ष रख दिए हैं और अब फैसले का इंतजार है. उन्होंने यह भी कहा कि बाकी आरोपियों की जमानत याचिकाएं भी जल्द दायर की जाएंगी।  वकील से बात कर शुरू की प्रक्रिया  विपिन ने बताया कि जमानत खारिज कराने के लिए उन्होंने शिलॉन्ग में वकील से संपर्क किया है। वे खुद शिलॉन्ग नहीं जाएंगे, लेकिन सभी कागजी प्रक्रिया पूरी करेंगे, ताकि हाईकोर्ट में अपील की जा सके। वकील ने उनसे जुड़े दस्तावेज भेज दिए हैं। विपिन ने बताया कि कागज मिल चुके हैं और वे साइन कर जल्द ही वापस भेजेंगे, जिससे अपील दाखिल की जा सके। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में करीब एक हफ्ते का समय लग सकता है। 11 मई 2025 को शादी, 21 को हनीमून और 23 को हुई थी राजा की हत्या राजा रघुवंशी की सोनम से शादी इसी साल 11 मई 2025 को हुई थी। सोनम रघुवंशी और राजा 21 मई को हनीमून मनाने के लिए मेघालय के शिलॉन्ग गए थे, जहां 23 मई को हनीमून के दौरान लापता हो गए। 10 दिन बाद पुलिस ने 30 फीट गहरी खाई से उनका क्षत-विक्षत शव बरामद किया, जिस पर धारदार हथियार से किए गए कई घाव थे। सोनम तब लापता थी। इसके बाद यूपी में उसने सरेंडर किया था। उससे पूछताछ के बाद आकाश, आनंद और विशाल को पकड़ा था। सोनम के राज कुशवाहा से प्रेम सबंध थे। हालांकि, उसके परिवार ने इस बात से इनकार किया था। पत्नी सोनम राजा को दर्शनीय स्थलों की सैर के बहाने एक सुदूर स्थान पर बुलाकर ले गई थी। उनके पीछे अन्य तीनों हत्या के आरोपी भी चले गए थे। फिर दो छुरों से वार कर उसकी हत्या कर दी, जिनमें से एक छुरा बाद में जंगल से बरामद किया गया। सोनम घटनास्थल से भाग गई और बाद में उसने उत्तर प्रदेश में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। सोनम और राज सहित सभी पांचों आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। सोनम को कैसे मिली जमानत सोनम रघुवंशी को जमानत देते समय अदालत ने जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए. अदालत ने पाया कि गिरफ्तारी से जुड़े दस्तावेजों में जिन धाराओं का उल्लेख किया गया था, उनमें त्रुटियां थीं. अदालत ने कहा कि आरोपी को यह स्पष्ट रूप से बताना जरूरी होता है कि उसे किस अपराध और किस धारा के तहत गिरफ्तार किया गया है. लेकिन इस मामले में यह प्रक्रिया सही तरीके से पूरी नहीं हुई. पुलिस ने इसे लिपिकीय गलती बताया, लेकिन अदालत ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया. अदालत का मानना था कि यह गलती आरोपी के अधिकारों को प्रभावित करती है. अदालत ने एक और महत्वपूर्ण बिंदु पर ध्यान दिया. आदेश में कहा गया कि ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं है जिससे यह साबित हो सके कि सोनम को गिरफ्तारी के बाद वकील की सुविधा दी गई थी. जब उसे पहली बार गाजीपुर अदालत में पेश किया गया, तब भी यह स्पष्ट नहीं था कि उसे कानूनी सलाह का अवसर मिला या नहीं।  जमानत की शर्तें हालांकि अदालत ने जमानत दी है, लेकिन इसके साथ … Read more