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सप्ताह के पहले कारोबारी दिन बाजार में गिरावट, सेंसेक्स-निफ्टी ओपनिंग के साथ लुढ़के

मुंबई  शेयर बाजार में सोमवार को खराब शुरुआत हुई. ट्रेडिंग ओपन होने के साथ ही मार्केट के दोनों इंडेक्स गिरावट के साथ रेड जोन में कारोबार करते हुए नजर आए. जहां एक ओर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स खुलने के साथ ही 250 अंक से ज्यादा फिसल गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने भी हफ्ते के पहले कारोबारी दिन गिरावट के साथ शुरुआत की. इस बीच टेक कंपनियों के शेयर ताश के पत्तों की तरह बिखरे हुए नजर आए. आइए जानते हैं बाजार में इस गिरावट के पीछे के बड़े कारण क्या हैं।  Sensex-Nifty खुलते ही धड़ाम  शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत पर नजर डालें, तो बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 76,515 की तुलना में गिरावट के साथ 76,446 पर खुला और अगले ही पल फिसलते हुए 264 अंक टूटकर 76,251 पर आ गया. कुछ ऐसा ही हाल एनएसई के निफ्टी इंडेक्स का देखने को मिला. पिछले शुक्रवार के अपने बंद 23,897 की तुलना में ये मामूली गिरावट के साथ 23,883 पर खुला और फिर सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए 23,818 तक टूट गया।  IT शेयर खुलते ही बिखरे स्टॉक मार्केट में कारोबार की शुरुआत होते ही लगभग 1519 शेयरों ने बढ़त के साथ शुरुआत की, तो वहीं 1224 शेयर ऐसे थे, जो गिरावट के साथ रेड जोन में खुले, इसके अलावा 261 शेयरों की फ्लैट ओपनिंग हुई. सप्ताह के पहले दिन आई इस गिरावट के बीच आईटी कंपनियों के शेयर क्रैश नजर आए और इनमें बड़ी गिरावट देखने को मिली।  बीएसई की लार्जकैप कंपनियों में शामिल Infosys Share (2.60%), Tech Mahindra Share (1.75%), HCL Tech Share (1.60%), TCS (1%) की गिरावट में कारोबार करते हुए नजर आए. इसके अलावा मिडकैप कैटेगरी में देखें, तो Bharat Forge Share (1.90%), Mphasis Share (1.75%), Persistent Share (1.70%), Godrej Properties Share (1.40%) की गिरावट लेकर कारोबार कर रहे थे।  बाजार टूटने के चार बड़े कारण पहला कारण: शेयर बाजार में आई इस गिरावट के पीछे के बड़े कारणों की बात करें, तो इनमें सबसे पहला अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में मची उथल-पुथल को माना जा सकता है. Brent Crude का दाम तेज उछाल के साथ 97 डॉलर प्रति बैरल के पार ट्रेड कर रहा था, जिससे दुनिया में महंगाई का जोखिम बढ़ा है और शेयर बाजार निवेशकों का सेंटीमेंट खराब हुआ है।  दूसरा कारण: अमेरिका-ईरान के बीच टेंशन जारी है, जो कम होने का नाम नहीं ले रही है. ताजा अपडेट की बात करें, तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से अब ईरान को लेकर सोशल मीडिया पर एक साथ कई पोस्ट शेयर की गई हैं, जिनमें उन्होंने ईरान की अर्थव्यवस्था, तेल और करेंसी को निशाना बनाया है. एक पोस्ट में तेहरान के नक्शे पर ट्रंप की तस्वीर भी लगाई गई, तो वहीं एक पोस्ट में दावा किया गया कि ईरान का तेल निर्यात तेजी से गिर रहा है. इससे मिडिल ईस्ट टेंशन बढ़ती नजर आ रही है।  तीसरा कारण: बाजार बिखरने का तीसरा कारण विदेशी बाजारों का मिलाजुला रुख रहा. दरअसल, एक ओर जहां जापान और साउथ कोरिया के शेयर बाजार सोमवार को बढ़त के साथ कारोबार करते हुए नजर आए. तो वहीं अन्य एशियाई स्टॉक मार्केट में हांगकांग का हैंगसेंग, ब्रिटेन के एफटीएसई-100, CAC, DAX गिरावट के साथ कारोबार करते दिखे. यही नहीं भारतीय शेयर बाजार के लिए प्रमुख संकेतक माना जाने वाला Gift Nifty ओपनिंग के साथ ही फिसलकर कारोबार कर रहा था और खबर लिखे जाने तक करीब 90 अंक टूट गया था।  चौथा कारण: Share Market में गिरावट में सोमवार को सबसे बड़ा रोल आईटी स्टॉक्स निभाते हुए नजर आए. दरअसल, इंफोसिस, एचसीएल, टीसीएस, टेक महिंद्रा समेत तमाम IT Stock खुलने के साथ ही तेजी से फिसलते चले गए. निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 1 फीसदी टूटा हुआ नजर आया और इसका असर शेयर बाजार पर देखने को मिला। 

वैश्विक तनाव घटते ही बाजार में लौटी रौनक, सेंसेक्स में तूफानी तेजी, निवेशकों की हुई चांदी

मुंबई  अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म होने की खबर का असर अब दुनिया भर के बाजारों में साफ दिखाई देने लगा है. कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट के बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और भारतीय शेयर बाजार ने भी आज यानी 15 जून को दमदार शुरुआत की है. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 1100 अंकों से ज्यादा चढ़ गया, जबकि निफ्टी में भी शानदार तेजी देखने को मिली. ग्लोबल मार्केट से मिल रहे मजबूत संकेतों ने निवेशकों का जोश हाई कर दिया है।  सेंसेक्स-निफ्टी में जोरदार तेजी ग्लोबल मार्केट से मिले मजबूत संकेतों के बीच आज सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने मजबूत शुरुआत की.सुबह करीब 9:17 बजे BSE सेंसेक्स 1,154.98 अंक यानी 1.53 फीसदी की तेजी के साथ 76,682.94 के स्तर पर कारोबार करता दिखा.वहीं 9:18 बजे NSE निफ्टी 50 इंडेक्स 341.30 अंक यानी 1.44 फीसदी चढ़कर 23,964.20 के स्तर पर पहुंच गया.बाजार में शुरुआती घंटों से ही खरीदारी का माहौल देखने को मिला।  चौतरफा खरीदारी से बाजार में रौनक, सभी सेक्टर्स में छाई हरियाली भारतीय शेयर बाजार के ब्रॉडर मार्केट्स में शानदार तेजी देखने को मिल रही है. बाजार खुलने के साथ ही हर तरफ खरीदारी का माहौल है, जिसके चलते निफ्टी मिडकैप 100 (Nifty Midcap 100) और निफ्टी स्मॉलकैप 100 (Nifty Smallcap 100) इंडेक्स 1.3-1.3 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं. बीएसई (BSE) के तमाम सेक्टोरल इंडेक्स पूरी तरह हरे निशान में रंगे हुए हैं. सेंसेक्स, मिडकैप, स्मॉलकैप से लेकर बैंकिंग इंडेक्स तक में 1.3% से लेकर 2% से ज्यादा का तूफानी उछाल दर्ज किया जा रहा है, जो बाजार में निवेशकों के तगड़े भरोसे और चौतरफा हरियाली को दिखाता है।        निफ्टी रियल्टी (Nifty Realty) में सबसे ज्यादा 2.59 प्रतिशत का उछाल आया.     निफ्टी सीमेंट (Nifty Cement) 2.46 प्रतिशत की मजबूती के साथ दूसरे स्थान पर रहा.     निफ्टी ऑटो (Nifty Auto) में 1.92 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई.     इसके अलावा निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (1.85% ), निफ्टी ऑयल एंड गैस (1.83%) और निफ्टी पीएसयू बैंक (1.77% )  बढ़त के साथ हरे निशान में कारोबार कर रहे हैं. दूसरी ओर, आज हेल्थकेयर शेयरों पर थोड़ा दबाव दिखा, जिसमें निफ्टी फार्मा (Nifty Pharma) 0.17 प्रतिशत और निफ्टी हेल्थकेयर 0.05 प्रतिशत टूटकर कारोबार करते दिखे. अमेरिका-ईरान समझौते से निवेशकों का बढ़ा भरोसा बाजार में यह तेजी ऐसे समय आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने को लेकर समझौते की घोषणा हुई है.निवेशकों का मानना है कि इस समझौते से ग्लोबल टेंशन कम होगी और एनर्जी मार्केट पर दबाव घटेगा. यही वजह है कि दुनियाभर के शेयर बाजारों में राहत की लहर देखने को मिल रही है।  पहले दिए संकेत, अब किया ऐलान  डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही ईरान के साथ जल्द शांति समझौता होने के संकेत दे दिए थे और अब इसका ऐलान भी कर दिया है. Donald Trump ने यूएस-ईरान शांति समझौते का ये ऐलान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर अपने अकाउंट पर पोस्ट के जरिए किया।      उन्होंने कहा कि, 'इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ डील अब पूरी हो गई है, सभी को बधाई! मैं इसके जरिए होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को बिना किसी रोक-टोक के खोलने और साथ ही अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी को तुरंत हटाने की मंजूरी देता हूं.' उन्होंने आगे कहा कि, 'दुनिया भर के जहाजों, अपने इंजन चालू करो, तेल की सप्लाई शुरू होने दो!' एशियाई बाजारों में भी दिखा जबरदस्त जोश अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की खबर के बाद एशियाई शेयर बाजारों में भी जोरदार खरीदारी देखने को मिली।      जापान का निक्केई इंडेक्स 4.68 फीसदी बढ़कर 69,108.03 पर पहुंच गया।      दक्षिण कोरिया का कोस्पी 5.64 फीसदी की तेजी के साथ 8,581.47 पर कारोबार करता दिखा।      ऑस्ट्रेलिया का ASX 200 इंडेक्स 1.44 फीसदी चढ़कर 8,930.6 पर पहुंच गया।      न्यूजीलैंड का NZX 50 इंडेक्स 0.28 फीसदी बढ़कर 13,431.14 पर पहुंचा, जबकि सिंगापुर का STI 0.76 फीसदी मजबूत होकर 5,025.8 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।  ट्रंप के ऐलान के बाद WTI और ब्रेंट क्रूड में बड़ी गिरावट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार देर रात सोशल मीडिया पर कहा कि ईरान के साथ समझौता अब पूरा हो चुका है.वहीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी कहा कि इस समझौते पर आधिकारिक हस्ताक्षर शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में होंगे.इस घोषणा के बाद तेल बाजार में तेज गिरावट दर्ज की गई।  युद्ध खत्म होने और तेल सप्लाई को लेकर चिंताएं कम होने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली.जुलाई डिलीवरी वाले WTI क्रूड फ्यूचर्स 4.77 फीसदी गिरकर 80.83 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए.वहीं अगस्त डिलीवरी वाला ब्रेंट क्रूड करीब 4 फीसदी टूटकर 83.77 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा.ब्रेंट क्रूड 84 डॉलर प्रति बैरल के अहम स्तर से नीचे फिसल गया, जिसे बाजार के लिए राहत भरा संकेत माना जा रहा है। 

बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 1800 अंक टूटा, निफ्टी 23,000 से नीचे फिसला

मुंबई  जिसका डर था वही हुआ, विदेशों से मिल रहे खराब संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार खुलते ही क्रैश (Stock Market Crash) हो गया. अमेरिका-इजरायल के साथ ईरान का युद्ध बढ़ने और मिडिल ईस्ट में हाई पर पहुंची टेंशन के बीच क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल ने बाजार का सेंटीमेंट सप्ताह के पहले दिन खराब किया है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (BSE Sensex) ओपनिंग के साथ ही 1800 अंक से ज्यादा का गोता लगा गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (NSE Nifty) भी खुलते के कुछ देर बाद 575 अंक के आसपास बिखर गया. इस बीच BSE लार्जकैप में शामिल सभी शेयर लाल निशान पर कारोबार करते हुए नजर आए।  सेंसेक्स-निफ्टी खुलती ही क्रैश शेयर मार्केट में सप्ताह के पहले दिन सोमवार को खुलने के साथ ही हड़कंप मचा हुआ नजर आया है. बीएसई का सेंसेक्स इंडेक्स अपने पिछले कारोबारी बंद 74,532.96 की तुलना में बुरी तरह टूटकर 73,732 पर ओपन हुआ. इसके कुछ ही मिनटों में ये गिरावट और भी तेज हो गई, जिसके चलते Sensex करीब 1600 अंक गिरकर 72,977 के लेवल पर आ गया. वहीं इसके कुछ मिनटों बाद ही ये गिरावट और बढ़ गई और सेंसेक्स1800 अंक से ज्यादा फिसलकर 72,724 पर कारोबार करने लगा।  न सिर्फ सेंसेक्स, बल्कि एनएसई का निफ्टी-50 भी खुलने के साथ ही धड़ाम हो गया. ये इंडेक्स अपने पिछले शुक्रवार के बंद 23,114 की तुलना में फिसलकर 22,824 पर ओपन हुआ था और फिर सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए ये मिनटों में 480 अंक की भारी गिरावट के साथ 22,634 के लेवल पर आ गया और कुछ देर के कारोबार के बाद 575 अंक टूटकर 22,538 पर ट्रेड करता दिखा। खुलते ही धड़ाम हो गए ये शेयर सोमवार को बाजार में आए भूचाल का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि बीएसई लार्जकैप में शामिल सभी 30 शेयर गिरावट के साथ लाल निशान पर ओपन हुए. सबसे ज्यादा गिरावट वाले स्टॉक्स को देखें, तो Tata Steel Share (4%), SBI Share (3%), Bajaj Finance Share (2.67%), HDFC Bank Share (2.60%), IndiGo Share (2.50%), Titan Share (2.50%), BEL Share (2.49%), Adani Ports Share (2.40%) की गिरावट लेकर कारोबार कर रहे थे।  विदेशी बाजारों से मिले थे गिरावट के संकेत  भारतीय शेयर बाजार के लिए पहले से ही विदेशों से निगेटिव सिग्नल मिल रहे थे. सोमवार को सभी एशियाई शेयर बाजारों में कोहराम मचा हुआ नजर आया. जापान का निक्केई इंडेक्स 4.10 फीसदी टूटकर 50,800 के लेवल तक गिरकर कारोबार कर रहा था, तो वहीं हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स करीब 3 फीसदी फिसलकर 24,532 पर ट्रेड करता दिखा।  यही नहीं साउथ कोरिया के कोस्पी में कारोबार की शुरुआत के बाद ही अचानक बड़ा क्रैश आ गया और ये 5.10 फीसदी टूटकर 5,409 पर आ गया. इसके अलावा DAX (2.01%), CAC (1.90%) और FTSE-100 (1.50%) टूटे हुए थे।   

सेंसेक्स में 1000 अंक की गिरावट, 6 लाख करोड़ का नुकसान… भीषण जंग ने शेयर बाजार को चकरा दिया

मुंबई  ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच जंग से भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी जा रही है. सेंसेक्‍स 2743 अंक या 3.38% टूटकर 78543 पर खुला, जबकि निफ्टी 519 अंक या 2.06 फीसदी गिरकर 24659 अंक पर खुला. बैंक निफ्टी में 1300 अंकों से ज्‍यादा की गिरावट रही. हालांकि कुछ देर बाद ही शेयर बाजार संभला हुआ नजर आया. सेंसेक्‍स 1000 अंंक या 1.21 फीसदी गिरकर 80,282 अंक पर कारोबार कर रहा था और निफ्टी 300 अंक टूटकर 24900 के नीचे था.   इसके अलावा, कच्‍चे तेल के दाम में 10 फीसदी से ज्‍यादा की गिरावट आई है. एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि अगर ये जंग और आगे बढ़ती है तो गिरावट ज्‍यादा हावी हो सकती है. वहीं कच्‍चा तेल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकते हैं.  BSE टॉप 30 के 29 शेयर भारी गिरावट पर रहे, सिर्फ बीईएल के शेयर में 1 फीसदी की तेजी रही. इंडिगो के शेयर करीब 5 फीसदी, एल एंड टी के शेयर करीब 4 फीसदी, अडानी पोर्ट 3 फीसदी और एटर्नल के शेयरों में 2 फीसदी की गिरावट देखने को मिली.  सेक्‍टर्स की बात करें तो ऑटो,  एफएमसीजी, आईटी, बैंक, हेल्‍थकेयर, फाइनेंशियल और बाकी सभी सेक्‍टर्स लाल निशान पर कारोबार कर रहे थे, सिर्फ मेटल सेक्‍टर में तेजी रही, क्‍योंकि निवेशक सेफ असेट में पैसा लगा रहे हैं. सभी सेक्‍टर में करीब 1 फीसदी की गिरावट देखने को मिली.   6 लाख करोड़ डूबे  शेयर बाजार में भारी गिरावट के कारण निवेश्‍कों को आज तगड़ा नुकसान हुआ. बीएसई मार्केट कैप में बड़ी गिरावट देखने को मिली. शुकवार को बीएसई मार्केट कैप 463.50 लाख करोड़ रुपये पर था, जो सोमवार को घटकर  457.50 लाख के करीब पहुंच गया. यह निवेशकों की वैल्‍यूवेशन में 6 लाख करोड़ रुपये की कमी है.  162 शेयरों में लोअर सर्किट  ईरान पर हमले के कारण शेयर बाजार में आज गिरावट देखी जा रही है. इस बीच, बीएसई पर एक्टिव 3,660 शेयरों में से 510 शेयर उछाल पर रहे, जबकि 2,985  शेयरों में गिरावट रही और  165 शेयर अनचेंज रहे. 43 शेयर 52 सप्‍ताह के हाई पर क्‍लोज हुए और 663 शेयर 52 सप्‍ताह के निचले स्‍तर पर थे और 162 शेयरो में लोअर सर्किट रहा.  एशियाई मार्केट में भी कोहराम भारतीय बाजार के साथ ही बाकी एशियाई बाजारों में भी कोहराम देखा गया. जापान का निक्केई 225 874.07 पॉइंट्स नीचे 57,976.20 पर खुला. चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 11.08 पॉइंट्स (-0.27%) नीचे 4,151.80 पर खुला,  हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स शुरुआती ट्रेड में 2% से ज़्यादा गिरा और 324.96 पॉइंट्स (-1.22%) नीचे 26,305.58 पर खुला. इसके अलावा,  ताइवान स्टॉक एक्सचेंज का मेन इंडेक्स 2.3% तक गिरा.  यह 137.01 पॉइंट्स नीचे 35,277.48 पर खुला.

US-China ट्रेड वार का झटका! खुलते ही धराशायी हुआ बाजार, टॉप 10 स्टॉक्स में भारी गिरावट

मुंबई  शेयर बाजार में सप्ताह के पहले दिन कारोबार की शुरुआत गिरावट के साथ लाल निशान पर हुई. डोनाल्ड ट्रंप के चीन पर 100% टैरिफ के ऐलान का असर एशियाई शेयर बाजारों के साथ ही भारतीय स्टॉक मार्केट पर भी देखने को मिला. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स जहां ओपनिंग के बाद कुछ ही मिनटों में 400 अंक से ज्यादा फिसल गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स भी 120 अंक के आस-पास की गिरावट लेकर कारोबार कर रहा था. शुरुआती कारोबारी में Tata Motors से लेकर Go-Digit तक के शेयर सबसे ज्यादा बिखरे हुए नजर आए.  विदेशों से मिल रहे थे खराब संकेत  शेयर मार्केट में कारोबार की खराब शुरुआत के संकेत पहले ही विदेशी बाजारों से मिल रहे थे. दरअसल, चीन पर 100% ट्रंप टैरिफ के ऐलान के बाद सोमवार को एशियाई बाजारों में जब कारोबार शुरू हुआ, तो जापान से लेकर हांगकांग और साउथ कोरिया तक के मार्केट क्रैश नजर आए.  शुरुआती कारोबार में Nikkei 491.64 अंक लेकर 48.088.80 पर, हांगकांग का Hang Seng 534.33 अंक फिसलकर 25,756 पर, तो साउथ कोरिया के KOSPI 38.31 अंक टूटकर 3,572.29 पर कारोबार कर रहा था. अन्य एशियाई बाजारों में भी तेजी गिरावट देखने को मिली थी. खुलते ही बुरी तरह फिसले इंडेक्स सोमवार को शेयर बाजार ओपन होने के साथ ही दोनों इंडेक्स बुरी तरह फिसलकर खुले और फिर टूटते ही चले गए. बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले कारोबारी बंद 82,500.82 की तुलना में टूटकर रेड जोन में खुला और खुलने के बाद 82,049 तक फिसल गया. इसी तरह एनएसई का निफ्टी-50 ने भी लाल निशान पर कारोबार की शुरुआत की. इस इंडेक्स ने अपने पिछले बंद 25,285.35 की तुलना में फिसलकर 25,177 पर ओपनिंग की और फिर ये फिसलते हुए 25,152 पर आ गया.  सबसे ज्यादा टूटे ये 10 शेयर  सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयरों की बात करें, तो बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल टाटा मोटर्स (1.80%) और इंफोसिस का शेयर (1.20%) की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था. वहीं मिडकैप कंपनियों में Kaynes Share (3.68%), Tata Comm (2.40%), Patanjali Share (1.90%) और Go-Digit Share (1.87%) फिसलकर ट्रेड कर रहा था. इस बीच स्मॉलकैप कैटेगरी पर नजर डालें, तो BLS Share (11.93%), BLSE (7%), Reliance Power (5.02%) और Timex Share (3.12%) की गिरावट में कारोबार कर रहा था. हालांकि, शेयर बाजार में गिरावट के बावजूद भी आरती इंडस्ट्रीज, यूनोमिंडा, ग्लैंडफार्मा, एमआरएफ और मुथूट फाइनेंस जैसे कंपनियों के शेयर बढ़त के साथ कारोबार करते हुए दिखाई दिए. 

ट्रंप की घोषणा का असर: 5 बड़ी फार्मा कंपनियों के शेयर धड़ाम

मुंबई   डोनाल्‍ड ट्रंप ने गुरुवार देर रात फार्मा समेत कई सेक्‍टर पर टैरिफ का ऐलान कर दिया.फार्मा पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने का ऐलान किया गया है, जिसका असर आज भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिल रहा है. भारतीय शेयर बाजार आज दबाव में कारोबार कर रहा है. सेंसेक्‍स 412.67 अंक गिरकर 80,747.01 पर है और निफ्टी 115 अंक गिरकर 24,776 पर कारोबार कर रहा है. वहीं फार्मा शेयर, जिनका अमेरिका में बड़ा एक्‍सपोजर है, आज बिखर गए. ट्रंप टैरिफ के ऐलान के बाद भारत के 5 फार्मा शेयर तेजी से बिखरे हैं, जिसमें अरबिंदो, ल्यूपिन, डीआरएल, सन और बायोकॉन शामिल हैं. Arvindo Pharma आज 1.91 फीसदी गिरकर 1,076 रुपये पर कारोबार कर रहा है. Lupin शेयर में करीब 3 प्रतिशत की गिरावट आई है, जो 1918.60 रुपये पर कारोबार कर रहा है. सन फार्मा के शेयर करीब 3.8 फीसदी टूटकर 1580 पर कारोबार कर रहा है. Cipla के शेयर में 2 फीसदी की गिरावट आई है. Strides Pharma Science 6 फीसदी, नैट्को फॉर्मा 5 फीसदी, बॉयोकॉन 4 फीसदी, ग्‍लैनफार्मा 3.7%, डिविलैब 3%, IPCA लैब 2.5% और Zydus life 2 % टूटे हैं. मैनकाइंड फार्मा में भी 3.30 फीसदी की गिरावट रही.  बीएसई टॉप 30 शेयरों की बात करें तो सबसे ज्‍यादा ग‍िरावट सनफार्मा के शेयर में 3.8 फीसदी की रही. इसके बाद इंफोसिस, टेक महिंद्रा और एशियन पेंट्स जैसे 25 शेयर 2 फीसदी तक टूटे हैं. बाकी 5 शेयरों में तेजी है. भारी दबाव में ये सेक्‍टर्स टैरिफ ऐलान के बाद आज फार्मा सेक्‍टर में सबसे बड़ा दबाव दिखाई दे रहा है. यह सेक्‍टर 1.80  फीसदी टूट चुका है. इसके अलावा, H-1B वीजा के कारण आईटी 1.30 फीसदी और हेल्‍थकेयर सेक्‍टर 1.50 फीसदी टूटकर कारोबार कर रहे हैं. 88 शेयर 52वीक के लो पर  बीएसई के 3,073 शेयरों में से 864 शेयरों में तेजी देखी जा रही है, जबकि 2,062 शेयर गिर हुए हैं. 147 शेयरों में कोई एक्‍शन नहीं दिखाई दे रहा है. 76 शेयरों में अपर सर्किट और 65 शेयरों में लोअर सर्किट लगा है. 88 शेयर 52 सप्‍ताह के निचले स्‍तर पर कारोबार कर रहे हैं.  निवेशकों को तगड़ा नुकसान  शेयर बाजार में गिरावट से निवेशकों को आज भी तगड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है. बीएसई मार्केट कैपिटलाइजेशन आज 454 लाख करोड़ हो चुका है, जबकि कल 457 लाख करोड़ रुपये था. इसका मतलब है कि निवेशकों को करीब 3 लाख करोड़ का नुकसान हुआ है.