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मध्य प्रदेश में तेज आंधी-बारिश का खतरा, 28 जिलों में अलर्ट; ग्वालियर-जबलपुर प्रभावित

भोपाल  मध्य प्रदेश में इस समय आंधी और बारिश के एक साथ दो सिस्टम एक्टिव हैं। यही कारण है कि, मई में भीषण गर्मी के बजाए कई जिलों में रुक-रुककर आंधी और बारिश का सिलसिला जारी है। जबकि, कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि होने की भी खबर है। वहीं, मौसम विभाग ने बुधवार को लेकर भी अपडेट जारी किया है। बताया जा रहा है कि, सूबे के अधिकतर इलाकों में दिनभर जहां गर्मी का अहसास होगा तो वहीं दूसरी तरफ शाम होते ही आंधी और बारिश का दौर शुरु होने की संभावना है। मौसम विभाग ने सूबे के 28 जिलों में तेज आंधी के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, इस समय मौसम के दो सिस्टम एक्टिव हैं, जिसका प्रभाव सूबे के 28 जिलों में देखने को मिलेगा। इसी के चलते संबंधित क्षेत्रों में आंधी और बारिश होने की संभावना जताई गई है। जबकि, कई इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की भी आशंका जताई जा रही है। कई जिलों में मौसम बदलेगा।भोपाल समेत कई शहरों में दिन में गर्मी, शाम को बारिश के आसार हैं। आमतौर पर मई के महीने को हीटवेव का महीना कहा जाता है, लेकिन इस बार मौसम ने अचानक करवट ली है। हिमालयी पश्चिमी विक्षोभ और मध्य भारत पर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के संयुक्त असर से प्रदेश में असामान्य बदलाव दर्ज किया गया है। इन जिलों में दिन में तेज गर्मी पड़ेगी मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, श्योपुर, गुना, शिवपुरी और अशोकनगर में दिन में गर्मी का असर बना रहेगा। लगातार पांचवें दिन भी बारिश प्रदेश में मंगलवार को लगातार पांचवें दिन भी आंधी-बारिश का दौर बना रहा। ग्वालियर, छतरपुर, धार, बड़वानी, डिंडौरी, बालाघाट समेत कई जिलों में सुबह से ही आंधी-बारिश का दौर जारी रहा। रात में भी भोपाल समेत कई जिलों में तेज आंधी चली। मंगलवार को दिन के तापमान में भी गिरावट हुई है। 5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 37.2 डिग्री, इंदौर में 37.6 डिग्री, ग्वालियर में 34.7 डिग्री, उज्जैन में 38 डिग्री और जबलपुर में पारा 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं, खरगोन सबसे गर्म रहा। यहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री, खंडवा में 41.5 डिग्री और नरसिंहपुर में 41.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। नौगांव में सबसे कम 33.5 डिग्री रहा। सीधी में 34 डिग्री, टीकमगढ़ में 34.5 डिग्री, रीवा में 34.6 डिग्री, सतना-दतिया में 34.8 डिग्री, मलाजखंड में 35 डिग्री, उमरिया में 35.4 डिग्री और गुना में पारा 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 10 मई से एक्टिव हो रहा नया सिस्टम प्रदेश में लगातार पांचवें दिन भी आंधी और बारिश का दौर जारी रहेगा। 10 मई से नया सिस्टम एक्टिव होगा, गर्मी-बारिश का ट्रेंड बरकरार रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार 6 मई तक यह सिस्टम सक्रिय रहेगा और प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में इसका असर देखने को मिलेगा। मई आमतौर पर हीटवेव का महीना माना जाता है, लेकिन इस बार मौसम ने अचानक करवट ली है। हिमालयी पश्चिमी विक्षोभ और मध्य भारत पर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के संयुक्त असर से प्रदेश में असामान्य बदलाव दर्ज किया गया है। 28 जिले येलो से ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग ने 39 जिलों में अलर्ट जारी किया है। 28 जिले येलो से ऑरेंज अलर्ट प्रभावी हैं। ग्वालियर में अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री से गिरकर 34.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। जबलपुर में तापमान 38 डिग्री दर्ज किया गया। हालांकि कुछ जिले जैसे खरगोन में 43 डिग्री और रायसेन में 44 डिग्री तापमान बना हुआ है। लेकिन शाम के समय मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।    

पुर्तगाल में तूफानों का कहर: 200 KMPH की रफ्तार से बवंडर और 95 KMPH की स्पीड वाला तूफान, 11 की मौत

लिस्बन पुर्तगाल में लगातार आ रहे तूफानों ने जनवरी के अंत से अब तक 11 लोगों की जान ले ली है। ताजा घटना में 64 साल के एक व्यक्ति की मौत हो गई। यह हादसा दक्षिणी पुर्तगाल के सेरपा क्षेत्र में पियास के पास अमोरेइरा बांध के नजदीक हुआ। व्यक्ति सड़क पार करने की कोशिश कर रहा था, तभी बाढ़ का तेज पानी उसकी कार को बहा ले गया। समाचार एजेंसी लूसा के मुताबिक, जिस सड़क से वह गुजर रहा था वहां पानी तेजी से भर रहा था। अचानक आई बाढ़ अपने चरम पर थी और तेज बहाव में कार बह गई। यह जानकारी राष्ट्रीय रिपब्लिकन गार्ड के एक अधिकारी के हवाले से दी गई। हाल के दिनों में पुर्तगाल लगातार कई तूफानी प्रणालियों की चपेट में रहा है। इससे देशभर में भारी नुकसान हुआ है। अब तक तूफान क्रिस्टिन सबसे ज्यादा विनाशकारी साबित हुआ है। इसके बाद तूफान लियोनार्डो ने बुधवार से देश को प्रभावित करना शुरू किया। इससे पहले पुर्तगाल के प्रधानमंत्री लुईस मोंटेनेग्रो ने तूफान क्रिस्टिन के बाद परिवारों और कारोबारियों की मदद के लिए 2.5 बिलियन यूरो के सहायता पैकेज की घोषणा की थी। इस तूफान में कम से कम आठ लोगों की मौत हुई थी और पूरे देश में भारी तबाही हुई थी। इसके बाद सरकार ने राष्ट्रीय आपदा की स्थिति को और आगे बढ़ाने का फैसला किया। यूरोप के कुछ देशों पर इन दिनों प्रकृति का कहर बरप रहा है. समुद्री तूफान की वजह से व्‍यापक नुकसान हुआ है. एक सप्‍ताह पहले 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली क्रिस्टिन स्‍टॉर्म ने जमक तबाही मचाई थी. अब लियानार्डो स्‍टॉर्म का खतरा मंडरा रहा है. मौसम विभाग ने पुर्तगाल और स्‍पेन के लिए अलर्ट जारी किया है. लियानार्डो तूफान की वजह से बाढ़ जैसे हालात बनने का खतरा है तो दूसरी तरफ ट्रांसपोर्ट सिस्‍टम के चरमराने की आशंका भी जताई गई है. मौसमी हालात को देखते हुए वेदर एक्‍सपर्ट ने लोगों से घरों में रहने और यात्रा से बचने की सलाह दी है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके. पिछले कुछ दिनों में आए भयानक तूफान की वजह से पुर्तगाल में 11 लोगों की मौत होने की सूचना है, जबकि व्‍यापक पैमाने पर संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा है. पुर्तगाल और स्पेन ने स्टॉर्म लियोनार्डो के चलते यात्रियों और नागरिकों के लिए आपात चेतावनी जारी की है. तूफान के कारण भारी बारिश, तेज हवाएं और तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. पुर्तगाल के मौसम विभाग आईपीएमए के अनुसार, देश के कई हिस्सों में हवा की रफ्तार 95 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि दक्षिणी तटों पर तेज बारिश से जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है. स्पेन में विशेष रूप से आंदालूसिया क्षेत्र में हालात गंभीर बने हुए हैं, जहां रेड और एंबर अलर्ट जारी किए गए हैं. अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि खराब मौसम से ट्रांसपोर्ट सर्विसेज बाधित हो सकती हैं, बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है और संपत्ति को नुकसान पहुंचने का खतरा है. हालांकि, यह तूफान पिछले सप्ताह आए स्टॉर्म क्रिस्टिन जितना शक्तिशाली नहीं है, फिर भी पहले से भरे नदी-नालों के कारण बाढ़ का जोखिम अधिक बना हुआ है. तटीय क्षेत्रों में ऊंची लहरों और पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी की भी संभावना जताई गई है. प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, आधिकारिक मौसम अपडेट पर नजर रखने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है. पुर्तगाल में 11 लोगों की मौत पुर्तगाल में लगातार आ रहे तूफानों ने जनवरी के अंत से अब तक 11 लोगों की जान ले ली है. ताजा घटना में 64 साल के एक व्यक्ति की मौत हो गई. यह हादसा दक्षिणी पुर्तगाल के सेरपा क्षेत्र में पियास के पास अमोरेइरा बांध के नजदीक हुआ. व्यक्ति सड़क पार करने की कोशिश कर रहा था, तभी बाढ़ का तेज पानी उसकी कार को बहा ले गया. न्‍यूज एजेंसी लूसा के मुताबिक, जिस सड़क से वे गुजर रहे थे, वहां पानी तेजी से भर रहा था. अचानक आई बाढ़ अपने चरम पर थी और तेज बहाव में कार बह गई. यह जानकारी राष्ट्रीय रिपब्लिकन गार्ड के एक अधिकारी के हवाले से दी गई. हाल के दिनों में पुर्तगाल लगातार कई तूफानी सिस्‍टम्‍स की चपेट में रहा है. इससे देशभर में भारी नुकसान हुआ है. अब तक तूफान क्रिस्टिन सबसे ज्यादा विनाशकारी साबित हुआ है. इसके बाद तूफान लियोनार्डो ने बुधवार से देश को प्रभावित करना शुरू किया. इससे पहले पुर्तगाल के प्रधानमंत्री लुईस मोंटेनेग्रो ने तूफान क्रिस्टिन के बाद परिवारों और कारोबारियों की मदद के लिए 2.5 बिलियन यूरो के सहायता पैकेज की घोषणा की थी. इस तूफान में कम से कम आठ लोगों की मौत हुई थी और पूरे देश में भारी तबाही हुई थी. इसके बाद सरकार ने राष्ट्रीय आपदा की स्थिति को और आगे बढ़ाने का फैसला किया. सरकारी सहायता मंत्रिपरिषद की आपात बैठक के बाद सरकार ने यह पैकेज घोषित किया और राष्ट्रीय आपदा की स्थिति को 8 फरवरी तक बढ़ा दिया. इस पैकेज में घरों के पुनर्निर्माण के लिए सहायता, परिवारों को आय सहायता, कारोबारियों को नकदी मदद और कर व ऋण भुगतान में राहत शामिल है. बीमा रहित मुख्य घरों, कृषि और वानिकी कार्यों के लिए सीधे अनुदान दिए जाएंगे, जिनकी राशि अधिकतम 10 हजार यूरो तक हो सकती है. जिन परिवारों को आय का नुकसान हुआ है, उन्हें प्रति व्यक्ति 537 यूरो तक की मदद मिलेगी. एक परिवार को अधिकतम 10,075 यूरो तक सहायता दी जा सकेगी. प्रभावित इलाकों के कारोबारियों को छह महीने तक सामाजिक सुरक्षा अंशदान में छूट मिलेगी. इसके अलावा तीन महीने के लिए एक सरल अस्थायी छंटनी योजना तक पहुंच का लाभ मिलेगा. कारोबार और मुख्य घरों के ऋण पर 90 दिनों की मोहलत दी जाएगी, जिसे जरूरत पड़ने पर 12 महीने तक बढ़ाया जा सकता है.

तीन तूफान एक साथ, 4 राज्यों में भारी आफत का अलर्ट

नई दिल्ली भारतीय मौसम विभाग जिस बात का डर जता रहा था, वह अब सच होता दिख रहा है. मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया मौसम तंत्र तेजी से सक्रिय हो रहा है और आने वाले दिनों में यह बड़े चक्रवाती खतरे का रूप ले सकता है. आईएमडी की तरफ से जारी ताजा मौसम अपडेट में बताया गया है कि मलेशिया और स्ट्रेट ऑफ मलक्का के पास मौजूद निम्न दबाव का क्षेत्र फिलहाल वहीं पर बना हुआ है और इसके साथ जुड़ा साइक्लोनिक सर्कुलेशन 7.6 किलोमीटर ऊंचाई तक सक्रिय है. अनुमान है कि यह सिस्टम पश्चिम-उत्तरपश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए अगले 24 घंटे में दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर डिप्रेशन में बदल जाएगा और इसके बाद अगले 48 घंटों में चक्रवाती तूफान के रूप में दक्षिण बंगाल की खाड़ी में तीव्र हो सकता है. इस बीच कोमोरिन क्षेत्र और उसके आसपास भी ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जिसकी वजह से 25 नवंबर के आसपास कोमोरिन क्षेत्र, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और श्रीलंका के पास एक और लो प्रेशर एरिया बनने की पूरी संभावना है. यह सिस्टम बाद में और अधिक सक्रिय हो सकता है. वहीं दक्षिण-पूर्व अरब सागर में बना चक्रवाती परिसंचरण भी फिलहाल बरकरार है. इन तीन अलग-अलग मौसम प्रणालियों के एक साथ सक्रिय रहने के कारण दक्षिण भारत और आसपास के समुद्री इलाकों में मौसम तेजी से बिगड़ रहा है. चार राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट इन साइक्लोनिक सिस्टम के प्रभाव से तमिलनाडु, केरल, लक्षद्वीप, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और तटीय आंध्र प्रदेश में अगले पांच दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर शुरू होने जा रहा है. तमिलनाडु में 25 से 27 नवंबर तक भारी बारिश के साथ 28, 29 और 30 नवंबर को बहुत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है. वहीं केरल और माहे में 26 नवंबर तक भारी वर्षा की संभावना है. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 25 से 29 नवंबर के बीच लगातार तेज बारिश होने की चेतावनी है, जबकि 26 से 28 नवंबर के दौरान यहां बहुत भारी वर्षा की आशंका है. तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 29 और 30 नवंबर को भारी बारिश की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग की तरफ से जारी अपडेट के मुताबिक, तमिलनाडु में 24 से 28 नवंबर तक, केरल और माहे में 24 से 26 नवंबर तक और तटीय आंध्र प्रदेश में 27 और 28 नवंबर को आकाशीय बिजली गिरने के साथ गरज-चमक की संभावना है. अंडमान और निकोबार द्वीपों में छह दिनों तक गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. कुछ इलाकों में हवा की गति और बढ़कर 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है. मछुआरों के लिए अलर्ट समुद्र में मौसम अत्यंत खराब रहने वाला है, इसलिए मछुआरों के लिए चेतावनी जारी की गई है. उन्हें 27 नवंबर तक दक्षिण अंडमान सागर में, 25 से 28 नवंबर तक दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में, 29 नवंबर तक दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, कोमोरिन और तमिलनाडु-पुदुचेरी-श्रीलंका तटों पर और 27 से 30 नवंबर तक पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी तथा आंध्र प्रदेश तट के पास समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है. केरल तट, लक्षद्वीप और मालदीव के आसपास भी 27 नवंबर तक समुद्र में जाने पर रोक है. पहले से समुद्र में मौजूद नावों और नौकाओं को जल्द से जल्द सुरक्षित तटों पर लौटने की सलाह दी गई है, जबकि आंध्र प्रदेश तट के मछुआरों को 28 नवंबर से पहले वापसी अनिवार्य कर दी गई है. उत्तर भारत में बढ़ रही ठंड, यूपी में घने कोहरे का अलर्ट दूसरी तरफ देश के उत्तर-पश्चिमी राज्यों में सर्दी धीरे-धीरे दस्तक दे रही है और अगले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने की संभावना है. मध्य भारत में भी अगले कुछ दिनों में ठंड बढ़ सकती है. वहीं उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्से और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में 25 नवंबर की रात और सुबह के समय घना कोहरा छाने की चेतावनी जारी की गई है. कुल मिलाकर बंगाल की खाड़ी में बन रहा निम्न दाब क्षेत्र लगातार मजबूत हो रहा है और यह सिस्टम आने वाले दिनों में बड़े चक्रवाती तूफान में तब्दील हो सकता है. दक्षिण भारत, अंडमान-निकोबार और तटीय आंध्र प्रदेश में इस सिस्टम का असर सबसे ज्यादा दिखाई देगा, इसलिए प्रशासन और जनता दोनों के लिए सावधानी बरतना बेहद जरूरी है. मौसम विभाग ने अगले दिनों में नियमित अपडेट का पालन करने की सलाह दी है.