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तरंग शक्ति अभ्यास में भारत की ताकत देख प्रभावित हुए विदेशी एयर चीफ, ऑपरेशन सिंदूर पर भी चर्चा

जोधपुर राजस्थान के जोधपुर एयर फोर्स स्टेशन पर आयोजित बहुराष्ट्रीय वायुसेना अभ्यास 'तरंग शक्ति 2026' के दौरान दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञों और शीर्ष वायुसेना अधिकारियों की नजरें भारत के आसमान पर टिकी रहीं। जोधपुर के रेगिस्तानी इलाके में आयोजित इस अभ्यास में हिस्सा ले रहे यूरोपीय मित्र देशों के वायुसेना प्रमुखों ने भारतीय वायुसेना (IAF) के साथ अपने परिचालन समन्वय और उच्च स्तरीय पेशेवर क्षमता की खुलकर सराहना की है। जर्मन और फ्रेंच एयर चीफ्स ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भारत के आसमान में उड़ान भरना बिल्कुल वैसा ही अनुभव देता है जैसा कि यूरोप में उड़ान भरते समय महसूस होता है। भारतीय व्यवस्था को बताया शानदार जोधपुर एयरवेस पर आयोजित संयुक्त पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए जर्मन वायुसेना कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल गुंटर कात्ज ने अपने पायलटों के अनुभव को साझा किया। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने अपने एयरक्रू से जोधपुर के मरुस्थलीय इलाकों में उड़ान भरने के अनुभव के बारे में पूछा, तो पायलटों का जवाब था कि उन्हें यूरोप में अपने होम बेस और भारत में मिशन को अंजाम देने में कोई अंतर महसूस नहीं हुआ। जर्मन एयर चीफ के अनुसार, भारत में भी बिल्कुल वही सेटअप, वही प्रक्रियाएं और वही फ्लो है जो वे अपने देश में अपनाते हैं। इसी तरह फ्रांस के सशस्त्र बलों के इंस्पेक्टर जनरल, जनरल स्टीफन ग्रोएन ने भी अपने राफेल स्क्वाड्रन कमांडर के हवाले से यही बात दोहराई। उन्होंने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच वर्षों से चले आ रहे मजबूत द्विपक्षीय संबंधों और नियमित संयुक्त अभ्यासों की वजह से बहुराष्ट्रीय स्तर के ऐसे बड़े अभियानों में किसी भी प्रकार की कोई रुकावट या परेशानी नहीं आती है। अमरिकी वायुसेना ने भी भारतीय नेतृत्व और अनुभवों को सराहा यूएस एयर फोर्स पेसिफिक एयर फोर्सेज (PACAF) के कमांडर जनरल केविन श्नाइडर ने भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई चर्चा का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि बातचीत के दौरान 'ऑपरेशन सिंदूर' के अनुभवों और रणनीतियों पर विचार-विमर्श हुआ। श्नाइडर ने कहा कि तेजी से बदलती वैश्विक सुरक्षा परिस्थितियों के बीच एक-दूसरे के अनुभवों से सीखना सभी मित्र देशों की सेनाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, ताकि भविष्य की चुनौतियों से मिलकर निपटा जा सके अभ्यास में छाया 'ऑपरेशन सिंदूर' इस बहुराष्ट्रीय युद्ध अभ्यास के दौरान अभ्यास निदेशक एयर वाइस मार्शल राज ठाकुर ने एक विशेष जानकारी साझा करते हुए बताया कि 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर प्रतिभागी देशों ने काफी गहरी रुचि दिखाई। 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में भारत द्वारा 7 मई 2025 को सीमा पार संचालित 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत लश्कर-ए-तैयाबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों के 9 बड़े ठिकानों को तबाह कर 100 से अधिक आतंकवादियों को ढेर किया गया था। सब्जेक्ट मैटर एक्सपर्ट एक्सचेंज (SMEE) सत्रों के दौरान भारतीय वायुसेना ने मित्र देशों के अधिकारियों को इस सफल और रणनीतिक ऑपरेशन के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी, जिसे सभी देशों ने बेहद ध्यान से सुना और सराहा।

राजस्थान में 8 देशों की वायुसेनाओं का शक्ति प्रदर्शन, 32 से अधिक देशों के सैन्य प्रतिनिधि बने गवाह

जयपुर राजस्थान की सामरिक और ऐतिहासिक धरा जोधपुर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय सैन्य शक्ति का गवाह बनी है, जहां शनिवार को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह विशेष दौरे पर जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन पहुंचे। एयरबेस पहुंचने पर भारतीय वायुसेना के शीर्ष अधिकारियों ने उनकी औपचारिक अगवानी की और भव्य स्वागत किया। रक्षा मंत्री ने यहां आयोजित बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास 'तरंग शक्ति-2026' के मुख्य कार्यक्रम में शिरकत की और युद्धाभ्यास में हिस्सा ले रही विभिन्न मित्र राष्ट्रों की वायुसेनाओं के अधिकारियों और जवानों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन से राजस्थान की सीमावर्ती सुरक्षा और भारतीय वायुसेना की वैश्विक साख को एक नया आयाम मिला है। जोधपुर एयरबेस पर 26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक आयोजित हो रहे इस विशाल युद्धाभ्यास में दुनिया भर के 8 देशों की वायुसेनाएं एक साथ मिलकर अपनी हवाई मारक क्षमता और युद्ध कौशल का प्रदर्शन कर रही हैं। इसके साथ ही विश्व के 32 से अधिक देशों के वरिष्ठ प्रतिनिधि इस अभ्यास के पर्यवेक्षक के रूप में शामिल हुए हैं। एक साथ कई महाद्वीपों की वायुसेनाओं को एक ही मंच पर अभ्यास करते देख रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गहरी प्रसन्नता व्यक्त की और इसे अंतरराष्ट्रीय रक्षा सहयोग तथा वैश्विक सैन्य समन्वय की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। सारंग टीम के हैरतअंगेज हवाई करतब 'तरंग शक्ति-2026' युद्धाभ्यास के दौरान भारतीय वायुसेना की प्रसिद्ध 'सारंग' हेलीकॉप्टर एरोबैटिक टीम ने आसमान में सांसें थाम देने वाले हैरतअंगेज करतब दिखाए। सारंग टीम के पायलटों की सटीकता और कौशल को देखकर वहां मौजूद देश-विदेश के सैन्य प्रतिनिधि और दर्शक दंग रह गए। लड़ाकू विमानों की गर्जना और हेलीकॉप्टरों के जटिल फॉर्मेशन ने पूरे जोधपुर एयरबेस के माहौल को देशभक्ति और सैन्य शक्ति के रोमांच से भर दिया। रक्षा मंत्री ने सारंग टीम के प्रदर्शन की सराहना की और विदेशी प्रतिनिधियों के सामने भारतीय वायुसेना के इस गौरवशाली प्रदर्शन को भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता का बड़ा प्रमाण बताया। इस अभ्यास के जरिए भारतीय वायुसेना और मित्र देशों की वायुसेनाओं के बीच जटिल सामरिक परिदृश्यों में संयुक्त प्रशिक्षण संचालित किया जा रहा है। 32 देशों के पर्यवेक्षक और मजबूत होता अंतरराष्ट्रीय रक्षा सहयोग जोधपुर में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय अभ्यास का मुख्य उद्देश्य विभिन्न रक्षा संस्कृतियों के बीच आपसी तालमेल बढ़ाना, संयुक्त अभियान चलाने की क्षमता विकसित करना और आधुनिक हवाई युद्ध रणनीतियों का आदान-प्रदान करना है। 32 से अधिक देशों के सैन्य पर्यवेक्षकों की मौजूदगी यह साबित करती है कि वैश्विक मंच पर भारत एक विश्वसनीय और शक्तिशाली रक्षा साझेदार के रूप में उभरा है। कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विदेशी सैन्य अधिकारियों के साथ औपचारिक बातचीत की और वैश्विक शांति तथा रणनीतिक स्थिरता में संयुक्त अभ्यासों की भूमिका पर चर्चा की। निर्धारित कार्यक्रम के समापन के बाद रक्षा मंत्री दोपहर बाद जोधपुर एयरपोर्ट से विशेष विमान द्वारा वापस दिल्ली के लिए रवाना हो गए।