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AMCA प्रोजेक्ट में बड़ा कदम! टाटा के हाथ में 5th Gen जेट बनाने की जिम्मेदारी

मुंबई  भारत ने पांचवीं पीढ़ी के देसी स्टेल्थ फाइटर जेट (5th Gen Fighter Jet) एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) के लिए बड़ा कदम उठाया है. रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने इस 5th जेन फाइटर जेट का प्रोटोटाइप डिजाइन करने के लिए तीन दावेदारों को शॉर्टलिस्ट किया है. इनमें टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड सबसे बड़ी दावेदार के तौर पर उभरी है, जबकि लार्सन एंड टुब्रो–भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड का कंसोर्टियम और भारत फोर्ज (BEML लिमिटेड) डेटा पैटर्न्स का संयुक्त समूह शामिल है. एएमसीए प्रोजेक्ट के तहत भारत का स्वदेशी सिंगल-सीटर, ट्विन-इंजन स्टेल्थ फाइटर जेट विकसित किया जाना है, जिसमें एडवांस्ड स्टेल्थ कोटिंग और इंटरनल वेपन बे जैसी अत्याधुनिक खूबियां होंगी. इस परियोजना के अंतर्गत 125 से अधिक फाइटर जेट तैयार किए जाने की योजना है, जिनके 2035 तक भारतीय वायुसेना में शामिल होने की उम्मीद है. इसके साथ ही भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो जाएगा, जिनके पास पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट हैं. ये विमान अमेरिका के पांचवी पीढ़ी के विमान F-35 और रूसी फिफ्थ जेन फाइटर जेट Su-57 की टक्कर के होंगे. इस 5th जेनरेशन स्टेल्थ फाइटर जेट एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) का पहला प्रोटोटाइप 2028 के आखिर तक रोल आउट होने वाला है, और पहली उड़ान 2029 में प्लान की गई है. इस प्रोजेक्ट का मकसद पांच उड़ने वाले प्रोटोटाइप डेवलप करना है, जिसका पूरा डेवलपमेंट 2034 तक पूरा होने और शुरुआती प्रोडक्शन 2035 तक होने का टारगेट है. HAL और अडाणी डिफेंस ने भी लगाई थी बोली रिपोर्ट के मुताबिक, डीआरडीओ ने अपनी एरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी के जरिये जुलाई 2025 में इस परियोजना के लिए टेंडर जारी किए थे. शुरुआत में सात कंसोर्टियम ने बोली लगाई थी, जिनमें हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और अडाणी डिफेंस जैसे नाम शामिल थे. शॉर्टलिस्ट किए गए दावेदारों को अब सरकार की ओर से फंडिंग सहायता मिलने की संभावना है, ताकि वे एएमसीए के प्रोटोटाइप विकसित कर सकें. इसके बाद ही उत्पादन अधिकार दिए जाएंगे. सूत्रों के हवाले से बताया कि, HAL शुरुआती स्क्रीनिंग में एक अनिवार्य दस्तावेजी मानदंड में त्रुटि के कारण बाहर हो गया. हालांकि कंपनी को बाद में लाइसेंस निर्माण के लिए बोली लगाने का अवसर मिल सकता है. HAL के सीएमडी डीके सुनील ने हाल ही में कहा था कि एएमसीए एक 10 साल की परियोजना है और भले ही उनकी कंपनी शुरुआती चरण में चयनित न हो, वह आगे लाइसेंस मैन्युफैक्चरिंग के लिए जरूर बोली लगाएगी. भारत के 5th Gen फाइटर जेट प्रोजेक्ट की खास बातें… भारत का AMCA प्रोग्राम क्या है? AMCA यानी Advanced Medium Combat Aircraft भारत का स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी का स्टेल्थ फाइटर जेट प्रोग्राम है, जिसे डीआरडीओ विकसित कर रहा है. AMCA की सबसे बड़ी खासियत क्या होगी? यह एक सिंगल-सीटर, ट्विन-इंजन स्टेल्थ फाइटर जेट होगा, जिसमें एडवांस्ड स्टेल्थ कोटिंग, इंटरनल वेपन बे और आधुनिक एवियोनिक्स सिस्टम शामिल होंगे. AMCA के लिए किन कंपनियों को शॉर्टलिस्ट किया गया है? डीआरडीओ ने तीन दावेदारों को शॉर्टलिस्ट किया है— टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (स्टैंडअलोन), लार्सन एंड टुब्रो और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड का कंसोर्टियम और भारत फोर्ज, बीईएमएल लिमिटेड और डेटा पैटर्न्स का संयुक्त समूह AMCA प्रोजेक्ट के तहत कितने फाइटर जेट बनाए जाएंगे? इस प्रोजेक्ट के तहत 125 से अधिक फाइटर जेट बनाए जाने की योजना है. AMCA कब तक भारतीय वायुसेना में शामिल हो सकता है? AMCA के 2035 तक भारतीय वायुसेना में शामिल होने की उम्मीद है. भारत में बनेंगे 90 राफेल जेट एएमसीए परियोजना भारतीय वायुसेना के आधुनिकीकरण की व्यापक योजना का हिस्सा है. इसी क्रम में रक्षा अधिग्रहण परिषद ने हाल ही में फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जिनमें से 90 विमान भारत में बनाए जाएंगे. यह मंजूरी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के 17 से 19 फरवरी के भारत दौरे से कुछ दिन पहले दी गई. इसके अलावा, रक्षा अधिग्रहण परिषद ने नौसेना के लिए अमेरिका से छह अतिरिक्त पी-8आई समुद्री निगरानी और पनडुब्बी रोधी विमानों की खरीद को भी मंजूरी दी है. यह सभी फैसले भारत की सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने और स्वदेशी रक्षा उद्योग को बढ़ावा देने की दिशा में अहम माने जा रहे हैं.  

टाटा समूह का बड़ा कदम: उत्तर प्रदेश में ईवी उत्पादन में करेगा विस्तार

टाटा समूह उत्तर प्रदेश में ईवी उत्पादन को देगा विस्तार लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के बीच सोमवार को हुई बैठक में उत्तर प्रदेश में टाटा समूह की संचालित परियोजनाओं तथा भविष्य के निवेश प्रस्तावों पर व्यापक चर्चा की गई। बैठक के दौरान एन. चंद्रशेखरन ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि टाटा मोटर्स द्वारा प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की मैन्युफैक्चरिंग को विस्तार दिया जा रहा है और ईवी के नए मॉडलों के विकास पर भी कार्य प्रगति पर है। इसके साथ ही उन्होंने ऊर्जा अवसंरचना एवं औद्योगिक विकास से जुड़ी टाटा समूह की प्रमुख पहलों की जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि टाटा पावर प्रयागराज के बारा प्लांट में 1,900 मेगावाट क्षमता की थर्मल इकाई का संचालन कर रहा है, जो प्रदेश की ऊर्जा आवश्यकताओं को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। समानांतर रूप से उत्तर प्रदेश में सोलर पावर परियोजनाओं के विकास को भी गति दी जा रही है। मुख्यमंत्री से संवाद के दौरान टाटा सन्स के चेयरमैन ने प्रदेश में ईवी विकास का रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रिक बसों सहित अन्य ईवी वाहनों की मैन्युफैक्चरिंग का विस्तार किया जा रहा है, जिससे एक ओर ईवी क्षेत्र में टाटा समूह की उपस्थिति और सुदृढ़ होगी, वहीं दूसरी ओर प्रदेश में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। बैठक में टाटा पावर द्वारा प्रदेश में संचालित एवं प्रस्तावित ऊर्जा परियोजनाओं की समग्र रूपरेखा भी प्रस्तुत की गई। टाटा पावर सोलर द्वारा उत्तर प्रदेश में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया जा रहा है। इसके तहत प्रयागराज और बांदा में 50-50 मेगावाट क्षमता की दो सोलर परियोजनाएं संचालित हैं। साथ ही प्रदेश के सभी 75 जनपदों में सोलर रूफटॉप परियोजनाओं के माध्यम से स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा दिया जा रहा है, जो मुख्यमंत्री की सतत विकास की अवधारणा के अनुरूप कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

टाटा बनाएगा H125 हेलिकॉप्टर, सिविल और मिलिट्री दोनों वर्जन होंगे देश में तैयार

नई दिल्ली एयरबस हेलीकॉप्टर्स और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स ने मिलकर भारत का पहला निजी हेलीकॉप्टर असेंबली प्लांट लगाने का ऐलान किया है. यह प्लांट कर्नाटक के वेमागल में बनेगा. यहां मेड इन इंडिया H125 हेलीकॉप्टर बनेंगे. पहला हेलीकॉप्टर 2027 की शुरुआत में तैयार हो जाएगा. यह न सिर्फ भारत के लिए बल्कि दक्षिण एशिया के देशों के लिए निर्यात भी होगा. यह कदम भारत की हवाई यात्रा और रक्षा को मजबूत बनाएगा. H125: बहुमुखी हेलीकॉप्टर, हिमालय के लिए भी तैयार H125 दुनिया का सबसे ज्यादा बिकने वाला सिंगल-इंजन हेलीकॉप्टर है. यह एयरबस की इक्यूरुइल फैमिली का हिस्सा है, जिसने दुनिया भर में 4 करोड़ घंटे से ज्यादा उड़ान भरी है. यह हेलीकॉप्टर ऊंचाई और गर्मी वाले इलाकों में आसानी से काम करता है. इसे कई कामों के लिए बदला जा सकता है, जैसे आग बुझाना, कानून व्यवस्था, बचाव, एयर एम्बुलेंस, पैसेंजर ट्रांसपोर्ट और हवाई सर्वे. यह हेलीकॉप्टर माउंट एवरेस्ट पर उतर चुका है, जो दिखाता है कि यह ऊंचे पहाड़ों पर कितना कुशल है. भारत के हिमालयी इलाकों के लिए यह परफेक्ट है, जहां सैनिकों को लाइट मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर की जरूरत है. सिविल और पैरा-पब्लिक क्षेत्रों में भी यह नई संभावनाएं खोलेगा, जैसे इमरजेंसी मेडिकल फ्लाइट्स, आपदा राहत, पर्यटन और कानून प्रवर्तन. सैन्य संस्करण H125M: आत्मनिर्भर भारत का सपना इस प्लांट से सिविल के साथ-साथ सैन्य संस्करण H125M भी बनेगा. इसमें भारतीय कंपोनेंट्स और टेक्नोलॉजी का ज्यादा इस्तेमाल होगा. यह चीता और चेतक हेलीकॉप्टर्स का बेहतरीन उत्तराधिकारी होगा, जो हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के साथ एयरबस की 60 साल पुरानी साझेदारी से बने थे. ये हेलीकॉप्टर भारतीय सेना ने गर्व से इस्तेमाल किए हैं. H125M से आत्मनिर्भर भारत योजना को बल मिलेगा. यह रक्षा क्षेत्र में हेलीकॉप्टर बनाने की क्षमता बढ़ाएगा और मौजूदा सिस्टम को मजबूत करेगा. पहली निजी कंपनी बनेगी हेलीकॉप्टर बनाने वाली टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL) भारत की पहली निजी कंपनी होगी जो हेलीकॉप्टर बनाएगी. कंपनी H125 के मैन्युफैक्चरिंग, टेस्टिंग, असेंबली, इंटीग्रेशन और फाइनल फ्लाइट टेस्ट करेगी. इसमें स्ट्रक्चरल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल सिस्टम्स और कंपोनेंट्स को जोड़ना शामिल है. TASL के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर सुकर्ण सिंह ने कहा कि टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स को भारत की पहली निजी कंपनी बनने पर गर्व है जो हेलीकॉप्टर बनाएगी. यह सिविल और रक्षा दोनों जरूरतों को पूरा करेगा. यह एयरबस के साथ हमारी दूसरी FAL है, जो भारत के लिए हमारी साझेदारी को मजबूत करती है. टाटा एयरोस्पेस सेक्टर में मजबूत है और फिक्स्ड-विंग एयरक्राफ्ट के साथ-साथ हेलीकॉप्टर भी बना सकता है. यह प्लांट गुजरात के वडोदरा में C295 मिलिट्री एयरक्राफ्ट प्लांट के बाद एयरबस का भारत में दूसरा असेंबली प्लांट है. इससे भारत में मैन्युफैक्चरिंग, असेंबली, मेंटेनेंस, डिजाइन, डिजिटल और ह्यूमन कैपिटल डेवलपमेंट का पूरा इकोसिस्टम बनेगा. एयरबस-टाटा साझेदारी: भारत के लिए नया अध्याय एयरबस इंडिया और साउथ एशिया के प्रेसिडेंट और मैनेजिंग डायरेक्टर जर्गेन वेस्टरमीयर ने कहा कि भारत हेलीकॉप्टरों के लिए आदर्श देश है. मेड इन इंडिया हेलीकॉप्टर इस बाजार को बढ़ाएगा और राष्ट्र निर्माण का जरूरी टूल बनेगा. हमारे भरोसेमंद पार्टनर टाटा के साथ यह नया अध्याय जोड़कर हमें खुशी हो रही है. एयरबस भारत से हर साल 1.4 अरब डॉलर से ज्यादा के कंपोनेंट्स और सर्विसेज लेता है, जैसे एयरक्राफ्ट डोर, फ्लैप-ट्रैक बीम और हेलीकॉप्टर कैबिन स्ट्रक्चर्स. यह साझेदारी दक्षिण एशिया के रोटरक्राफ्ट मार्केट की पूरी क्षमता खोलेगी. भारत की एविएशन इंडस्ट्री को फायदा यह प्रोजेक्ट भारत की एविएशन इंडस्ट्री को तेजी से बढ़ाएगा. सिविल और रक्षा दोनों क्षेत्रों में नौकरियां बढ़ेंगी. H125 हेलीकॉप्टर आपदा राहत, पर्यटन और कानून प्रवर्तन जैसे महत्वपूर्ण कामों में मदद करेंगे. H125M से सैन्य क्षमता मजबूत होगी. यह कदम दिखाता है कि भारत अब हेलीकॉप्टर बनाने में आत्मनिर्भर बन रहा है.  

4 साल पुरानी कीमत पर मिलेगी कार? TATA ने की तगड़ी कटौती

मुंबई   गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) रिफॉर्म की चर्चा चारो ओर रही है. डेली लाइफ में इस्तेमाल होने वाली कई चीजों की कीमत में भारी कटौती देखने को मिल रही है. लेकिन इस वक्त सबसे ज़्यादा चर्चा जिस ऑफर की हो रही है, वह टाटा मोटर्स का ‘फेस्टिवल ऑफ GST’ कैंपेन. GST 2.0 लागू होने के बाद कंपनी ने जिस आक्रामक अंदाज़ में दाम घटाए हैं और ऊपर से त्योहारों का तड़का लगाया है, वह ग्राहकों के लिए ऐतिहासिक साबित हो सकता है.  कुल 2 लाख तक के फायदे, लॉन्च प्राइस से नीचे लुढ़के दाम और फीचर-लोडेड वैरिएंट्स. यह सब मिलाकर टाटा मोटर्स ने त्योहारी सीज़न में कार बाजार का असली खेल पलटने की तैयारी की है. जीएसटी छूट के अलावा दिया जाने वाला एक्स्ट्रा बेनिफिट आगामी 30 सितंबर 2025 तक के ही लिए लागू होगा. यानी कार खरीदारी का ये सुनहरा मौका है.  Tata का ऐलान टाटा मोटर्स ने नए जीएसटी छूट का लाभ अपने ग्राहकों तक सीधे पहुंचाने का ऐलान किया है. जिससे कंपनी के पोर्टफोलियो में शामिल सबसे सस्ती कार टिएगो से लेकर नेक्सन और सफारी तक, सभी कारों की कीमत में 1.55 लाख रुपये तक की कटौती हो गई है. कंपनी ने अपने बयान में कहा कि, जीएसटी छूट के अलावा कारों की खरीदारी पर 65,000 रुपये तक के एक्स्ट्रा बेनिफिट भी दिए जा रहे हैं, जिससे कुल बचत का आंकड़ा 2 लाख रुपये तक पहुंच जाता है. तो आइये देखें किस कार कितनी बचत होगी. Tata Nexon पर सबसे बड़ा फायदा  कंपनी की बेस्टसेलर एसयूवी Nexon की खरीद पर सबसे बड़ा लाभ मिल रहा है. यहां ग्राहक को 1.55 लाख तक की GST कटौती और 45,000 रुपये तक के एक्स्ट्रा बेनिफिट मिल रहे हैं. अब इस एसयूवी की शुरुआती कीमत 7.31 लाख रुपये हो गई है, जो पहले 8.00 लाख रुपये हुआ करती थी. कुल मिलाकर टाटा नेक्सन की खरीद पर ग्राहक इस समय 2 लाख रुपये तक की बचत कर सकते हैं. इस एसयूवी के टॉप मॉडल पर 17.5% तक की कटौती हुई है. Curvv पर भी बड़ा सरप्राइज हाल ही में लॉन्च हुई Curvv एसयूवी को लेकर किसी को बड़ी कटौती की उम्मीद नहीं थी, लेकिन टाटा ने यहां भी 1.07 लाख तक का लाभ दिया है. कंपनी ने इसकी कीमत में 67,000 रुपये तक की कटौती की है. अब इसकी शुरुआती कीमत 9.65 लाख रुपये हो गई है, इसके अलावा इस एसयूवी पर 40,000 रुपये का एक्स्ट्रा बेनिफिट भी दिया जा रहा है. इस पर कुल बचत 1.07 लाख रुपये होगी.  Harrier और Safari में भी भारी कटौती हैरियर और सफारी के दाम में क्रमश: 1.44 लाख और 1.48 लाख रुपये की कटौती की गई है. इनकी शुरुआती कीमत अब क्रमश: 13.99 लाख और 14.66 लाख रुपये हो गई है. इसके अलावा इन दोनों एसयूवी पर 50-50 हजार रुपये तक का एक्स्ट्रा बेनिफिट भी दिया जा रहा है. जिसके मिलाकर बचत का आंकड़ा लगभग 1.98 लाख रुपये तक पहुंच जाता है. Punch और Tiago की बड़ी वापसी Punch, जो 2021 में 5.49 लाख की शुरुआती कीमत पर लॉन्च हुई थी, अब फिर से उसी दाम पर उपलब्ध है. यानी पिछले चार सालों में बढ़ी हुई महंगाई और प्राइस हाइक को कंपनी ने पूरी तरह से मिटा दिया है. इससे  भी बड़ा सरप्राइज है Tiago के लिए, जो आज 4.57 लाख से शुरू हो रही है. यह 2020 के लॉन्च प्राइस से भी कम है. एंट्री-लेवल हैचबैक सेगमेंट में इस तरह का वैल्यू फॉर मनी ऑफर ग्राहकों के लिए किसी बड़े तोहफ़े से कम नहीं. पंच के दाम में 1.08 लाख रुपये तक की कटौती हुई है. इसके अलावा इस छोटी एसयूवी पर 50,000 रुपये तक का एक्स्ट्रा बेनिफिट भी दिया जा रहा है. यानी कुल बचत 1.58 लाख रुपये होगी. वहीं टिएगो हैचबैक की कीमत में कंपनी ने 75,000 रुपये की कटौती की है. इस हैचबैक पर भी 45,000 रुपये का एक्स्ट्रा बेनिफिट दिया जा रहा है. यानी इस पर कुल बचत 1.20 लाख रुपये होगी. Tata Tigor पर 1.11 लाख की बचत टाटा की कॉम्पैक्ट सेडान कार टिगोर के दाम में 81,000 रुपये की कटौती की गई है. मारुति डिजायर के प्रतिद्वंदी के तौर पर दौड़ रही इस कार की शुरुआती कीमत अब 5.48 लाख रुपये हो गई है. इसके अलावा इस सेडान पर कंपनी 30,000 रुपये तक का एक्स्ट्रा बेनिफिट भी दे रही है. यानी कुल बचत का आंकड़ा 1.11 लाख रुपये तक पहुंच गया है.