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नई Tata Nexon जल्द होगी लॉन्च? टेस्टिंग के दौरान दिखी SUV, डिजाइन से फीचर्स तक होंगे बड़े बदलाव

नई दिल्ली टाटा मोटर्स की नेक्सॉन (Tata Nexon) को लोग काफी पसंद करते हैं. इस कार के नए वर्जन पर कंपनी काम कर रही है. पिछले कुछ दिनों में कार के अपडेटेड अवतार को कई बार टेस्ट करते हुए देखा गया है. टेस्टिंग के वक्त कार कैमोफ्लॉज से ढकी हुई थी. पहले भी कार की कुछ तस्वीरे सामने आई थीं, जिसमें इसके लुक की काफी जानकारी मिली थी।  लेटेस्ट स्पाई शॉट्स में कार के एक्सटीरियर प्रोफाइल का क्लियर व्यू नजर आता है. खासकर रियर सेक्शन जिसे रिडिजाइन किया गया है. टाटा ने नेक्सॉन को 2017 में लॉन्च किया था. तब से अब तक कार को मल्टीपल अपडेट्स मिले है, जिसमें बहुत कुछ बदला है।  भले ही कार की स्टाइलिंग और फीचर्स में बीते 9 सालों में कई अपडेट्स हुए हों, लेकिन कार का बेसिक स्ट्रक्चर लगभग वैसा ही रहा है. नेक्स्ट जेन नेक्सॉन में हमें बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं. टाटा कार के बॉडी स्ट्रक्चर और प्रोपोर्शन में कई बदलाव कर सकती है। क्या होगा कार में नया?  भले ही ये कार कैमोफ्लॉग से ढकी हो, लेकिन इसके डिजाइन का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है. नेक्सॉन में ज्यादा अपराइट और स्कॉयर ऑफ लुक मिलेगा. मौजूदा नेक्सॉन के मुकाबले इसकी रूफलाइन ज्यादा फ्लैट होगी. वहीं रियर सेक्शन एक कूपे जैसे डिजाइन में आ सकता है।  नेक्स्ट जेन नेक्सॉन में टाटा रियर सीट्स पर हेडरूम को बेहतर कर सकती है. साइड प्रोफाइल से भी ये एसयूवी कूपे जैसी शेप में नजर आती है. इसके अलावा डोर और ग्लासहाउस को भी रिडिजाइन किया जा सकता है. टेलगेट भी मौजूदा नेक्सॉन के मुकाबले ज्यादा ऊंचा लग रहा है. रियर विंड स्क्रीन बड़ी दिख रही है और इसके साथ वाइपर भी है।  टेस्टिंग के दौरान कार पर रूफ स्पॉयलर भी देखा जा सकता है. स्पाई शॉट्स में एक और महत्वपूर्ण चीज नजर आई है और वो है कार में फ्यूल फिलर कैप की लोकेशन. नेक्सॉन में फ्यूर कैप डोर हैंडल के बराबर में आ गया है, जबकि मौजूदा में ये डोर हैंडल से नीचे मिलता है. नई रूफ लाइन, अपराइट रियर प्रोफाइल और ऑल्टर बॉडी प्रोपोर्शन दिखाता है कि टाटा सिर्फ फेसलिफ्ट वाले बदलाव नहीं कर रही है।  इंटीरियर और इंजन  स्पाई शॉट्स में कार के इंटीरियर की झलक भी दिखती है. कार में स्टीयरिंग व्हील, इंफोटेनमेंट सिस्टम और क्लाइमेट कंट्रोल जैसे बहुत से कंपोनेंट मौजूदा नेक्सॉन वाले ही मिल सकते हैं. प्रोडक्शन के नजदीक आने पर इससे जुड़ी दूसरी डिटेल्स भी देखने को मिल सकती हैं।  पावरट्रेन की बात करें, तो इसमें 1.2 लीटर का टर्बो पेट्रोल और 1.5 लीटर का डीजल इंजन ही मिलेगा, जो मौजूदा नेक्सॉन में आता है. सीएनजी भी कार का हिस्सा बन रहेगा. वहीं नेक्सॉन ईवी में कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं. ये कार अगले साल यानी 2027 में लॉन्च होगी।   

Tata Sons की शेयर बाजार में एंट्री पर बढ़ा विवाद, RBI ने हाई कोर्ट का खटखटाया दरवाजा

 मुंबई टाटा संस की संभावित लिस्टिंग को लेकर लंबे समय से चल रही खींचतान के बीच अब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी कानूनी तैयारी तेज कर दी है. इसका असर मंगलवार को टाटा ग्रुप की कुछ कंपनियों के शेयरों में भी देखने को मिला, जहां कुछ स्टॉक्स 20% तक चढ़ गए।  आबीआई ने बॉम्बे हाई कोर्ट में कैविएट याचिका दायर की है. आसान भाषा में समझें तो कैविएट का मतलब है कि अगर इस मामले में कोई याचिकाकर्ता अदालत का दरवाजा खटखटाता है, तो RBI की बात सुने बिना उसके खिलाफ या उसके पक्ष में कोई आदेश जारी न किया जाए। रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय बैंक ने इस कैविएट की जानकारी टाटा संस को भी दे दी है. इससे संकेत मिलता है कि RBI इस मामले में संभावित कानूनी चुनौती को लेकर पहले से अपनी स्थिति तैयार रखना चाहता है।  11 सितंबर के फैसले से बढ़ी हलचल RBI का यह कदम 11 सितंबर के उस फैसले के बाद आया है, जिसमें केंद्रीय बैंक ने टाटा संस की सर्टिफिकेट ऑफ रजिस्ट्रेशन (CoR) सरेंडर करने की अर्जी खारिज कर दी थी. टाटा संस ने अनरजिस्टर्ड कोर इनवेस्टमेंट कंपनी (CIC) के तौर पर क्लासिफाइड होने के लिए यह आवेदन दिया था. लेकिन अर्जी खारिज होने का मतलब है कि कंपनी पर अपर-लेयर एनबीएफसी से जुड़ा रेगुलेटरी फ्रेमवर्क लागू रहने का रास्ता साफ है. यही वजह है कि टाटा संस की लिस्टिंग का मुद्दा एक बार फिर केंद्र में आ गया है।  टाटा संस की लिस्टिंग क्यों है जरूरी इसकी जड़ RBI के अपर-लेयर एनबीएफसी नियमों में है. टाटा संस को RBI की अपर-लेयर नॉन-बैंक फाइनेंस कंपनियों की लिस्ट में रखा गया है. इस लिस्ट में शामिल कंपनियों पर अपेक्षाकृत कड़े रेगुलेटरी नियम लागू होते हैं, जिनमें लिस्टिंग से जुड़ी शर्त भी अहम है. यही वजह है कि टाटा संस के लिए निजी कंपनी बने रहना और RBI के नियमों के तहत उसकी लिस्टिंग की अनिवार्यता, दोनों के बीच टकराव का सवाल बना हुआ है।  यह मामला 2022 से चला आ रहा है RBI ने 2022 में अपर-लेयर नॉन-बैंक फाइनेंस कंपनियों की सूची जारी की थी. इसमें टाटा संस को कोर इनवेस्टमेंट कंपनी के तौर पर शामिल किया गया था. इसके बाद जून 2026 में नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) के क्लासिफिकेशन के लिए नया प्रिंसिपल-बेस्ड फ्रेमवर्क लाया गया. इसने पहले लागू पैरामेट्रिक मेथडोलॉजी की जगह ली. फिर 6 अगस्त को संशोधित अपर-लेयर NBFC सूची जारी हुई. इसमें भी टाटा संस को बरकरार रखा गया. उस समय RBI ने साफ किया था कि टाटा संस को लिस्ट में बनाए रखना उसकी डी-रजिस्ट्रेशन अर्जी के नतीजे पर कोई असर नहीं डालता. उस समय कंपनी की अर्जी RBI के पास जांच के तहत थी।  रिपोर्ट के मुताबिक, टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा और ज्यादातर ट्रस्टी टाटा संस को निजी कंपनी बनाए रखने के पक्ष में रहे हैं. उनका फोकस शापूरजी पालनजी ग्रुप के साथ हिस्सेदारी के मोनेटाइजेशन को लेकर ऐसा रास्ता निकालने पर रहा है, जिस पर दोनों पक्ष सहमत हों. यानी टाटा संस को शेयर बाजार में लिस्ट कराने के बजाय हिस्सेदारी से जुड़े दूसरे विकल्पों पर भी विचार किया जाता रहा है।  टाटा ग्रुप के शेयरों में क्यों आया उछाल इस पूरे घटनाक्रम का असर शेयर बाजार में भी दिखाई दिया. टाटा केमिकल्स और टाटा इनवेस्टमेंट कॉरपोरेशन जैसे कुछ टाटा ग्रुप शेयरों में मंगलवार को 20% तक की तेजी देखने को मिली. रिपोर्ट के मुताबिक, बाजार के कुछ हिस्से में इन शेयरों की तेजी को टाटा संस की संभावित लिस्टिंग से मिलने वाले संभावित फायदे की उम्मीद से जोड़कर देखा जा रहा है. हालांकि, इसे टाटा संस की लिस्टिंग तय होने का संकेत नहीं माना जा सकता. अभी कानूनी और नियामकीय स्तर पर मामला आगे बढ़ना बाकी है। 

Tata Curvv Series X हुई लॉन्च, ₹10 लाख से कम कीमत में मिलेंगे धांसू फीचर्स

 नई दिल्ली टाटा ने अपनी दमदार एसयूवी कर्व की नई रेंज को लॉन्च कर दिया है. कंपनी ने कर्व सीरीज एक्स रेंज को इंट्रोड्यूस किया है. कर्व एक्स रेंज मौजूदा स्टैंडर्ड वर्जन को रिप्लेस करेगा. ब्रांड की मानें, तो नई रेंज में कंज्यूमर्स को बेहतर वैल्यू मिलेगी. आसान भाषा में कहें, तो इस कार में कंज्यूमर्स को एक्स्ट्रा वैल्यू मिलेगी।  कर्व सीरीज एक्स 6 वेरिएंट में उपलब्ध होगी. टाटा ने नई रेंज में वेरिएंट लाइनअप को रिशफल किया है. इसके लिए कम कीमत में कंपनी ने हायर वेरिएंट्स के फीचर्स को जोड़ा है, जिससे लोगों को ज्यादा बेहतर वैल्यू मिलेगी. आइए जानते हैं नई रेंज की डिटेल्स।    कितनी है कीमत?  कर्व सीरीज एक्स 6 वेरिएंट में आती है, जिसमें स्मार्ट एक्स, प्योर एक्स, प्योर एक्स प्लस, क्रिएटिव एक्स प्लस, एकॉम्प्लिश एक्स और एकॉम्प्लिश एक्स प्लस का विकल्प मिलता है. कंज्यूमर्स 5 कलर ऑप्शन- प्रिस्टीन वॉइट, प्योर ग्रे, नाइट्रो क्रिमसन, ओपेरा ब्लू और ऑब्सीडियन ब्लैक में कार को खरीद पाएंगे।  टाटा कर्व सीरीज एक्स की कीमत 9.99 लाख रुपये एक्स शोरूम से शुरू होती है. ये कीमत स्मार्ट एक्स वेरिएंट की है. वहीं प्योर एक्स वेरिएंट की कीमत 11 लाख रुपये से शुरू होती है. सीरीज का टॉप वेरिएंट एकॉम्प्लिश एक्स प्लस 18.50 लाख रुपये और इसका डार्क एडिशन 18.75 लाख रुपये एक्स शोरूम पर आता है।  क्या होगा कार में खास?  कर्व सीरीज एक्स के लोअर वेरिएंट्स में ज्यादा फीचर्स मिलते हैं. कार में 10.25 इंच की इंफोटेनमेंट स्क्रीन प्योर एक्स वेरिएंट से मिलना शुरू हो जाएगी. इसके अलावा सीरीज में वायरलेस एंड्रॉयड ऑटो और ऐपल कार प्ले, ऑटोमेटिक क्लाइमेट कंट्रोल, क्रूज कंट्रोल, पुश बटन स्टार्ट और ऑटो फोल्डिंग ओआरवीएम्स मिलेंगे।  हायर वेरिएंट्स में 10.25 इंच का डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, मल्टीपल ड्राइव मोड्स, फ्रंट और रियर यूएसबी पोर्ट और एक कूल्ड ग्लफबॉक्स मिलता है. कैबिन में लाइटर इंटीरियर दिया गया है, जिससे इंटीरियर ज्यादा एयरी फील होता है. रियर पैसेंजर्स के लिए कार में अलग से एसी वेंट्स, रियर आर्मरेस्ट और रिक्लाइनिंग रियर सीट्स मिलती हैं।  अन्य फीचर्स की बात करें, तो कार में 360 डिग्री कैमरा दिया गया है. कार में पैनोरोमिक सनरूफ, ब्लाइंड व्यू मॉनिटर, रेन सेंसिंग वाइपर और ऑटोमेटिक हेडलैम्प्स मिलेंगे. सेफ्टी की बात करें, तो कार में 6 एयरबैग, ईपीएस, हिल-होल्ड कंट्रोल, एबीएस, ईबीडी और रियर पार्किंग सेंसर मिलते हैं. कार के इंजन ऑप्शन में कोई बदलाव नहीं है. ये कार तीन इंजन ऑप्शन में आएगी।   

Tata Electronics में हड़कंप: 630GB डेटा लीक की खबर, Apple-Tesla के दस्तावेज भी बताए जा रहे शामिल

नई दिल्ली भारत की कंपनी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, जो चिपसेट, स्मार्टफोन पार्ट्स और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स बनाती है. रिपोर्ट के मुताबिक, हैकर्स ने कंपनी के सिस्टम डेटा को हैक कर लिया और कई सीक्रेट फाइल्स चुरा ली है. इसके बाद हैकर्स की तरफ से पैसे की मांग की जा रही है।  बताया जा रहा है कि इस डेटा लीक में कई ऐसी सीक्रेट फाइल्स शामिल हैं, जिनसे कंपनी की जरुरी जानकारियां दुनिया के सामने आ सकती हैं. रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ऐपल और टेस्ला जैसी कंपनियों को टेक्नोलॉजी और पार्ट्स की सप्लाई कर रही थी।  जानिए कौन-सा डेटा हुआ चोरी, जिसके बाद मचा हड़कंप रिपोर्ट के मुताबिक, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के सिस्टम में हैकर्स ने रैनसमवेयर नाम का वायरस डाला था. यह वायरस सिस्टम की फाइल्स और डेटा को लॉक कर देता है. इसके बाद हैकर्स डेटा वापस देने के बदले फिरौती की मांग करते हैं।  डेटा लीक के बाद डार्क वेब पर करीब 630GB का डेटा पोस्ट किया गया है. इसमें कंपनी की सीक्रेट जानकारी, ईमेल्स, कर्मचारियों की डिटेल्स और ऐपल से जुड़े डिजाइन डॉक्यूमेंट्स शामिल बताए जा रहे हैं. ऐपल और टेस्ला दोनों ही टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के बड़े कस्टम में शामिल हैं।  कैसे लगी सेंध, क्या-कुछ हुआ लीक? रिपोर्ट्स में पता चला है कि डेटा लीक होने की वजह एक मिडिलवेयर फर्म के पुराने क्रेडेंशियल्स यानी कि आईडी-पासवर्ड थे। हैकर्स ने उनका इस्तेमाल करके डेटा लीक किया। बता दें कि लीक हुए डेटा में एप्पल के सप्लायर स्पेसिफिकेशन्स और टेस्ला के मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े बेहद प्राइवेट डॉक्यूमेंट्स देखने को मिले हैं। इतना ही नहीं चोरी हुए डेटा में कंपनियों के ग्राहकों की बिजनेस संबंधी जानकारी जैसे कि नाम, ईमेल आईडी, फोन नंबर और जॉब प्रोफाइल आदि भी शामिल है।(REF.) कंपनियों को मिली फिरौती की धमकी इस साइबर हमले की जिम्मेदारी एक कुख्यात साइबरक्राइम ग्रुप इकारस ने ली है। हैकर्स ने चेतावनी तक दी है कि अगर टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और संबंधित कंपनियां उन्हें समय पर फिरौती की रकम नहीं देती, तो वे पूरे डेटा को पब्लिक कर देंगे। इसे लेकर सुरक्षा कंपनी हंट्रेस ने खुलासा किया है कि हैकर्स ने उन्हें एक ऑस्ट्रेलियाई कंपनी के सर्वर का इस्तेमाल करके फिरौती का ईमेल भेजा था। डेटा लीक की पुष्टि होने के बाद क्लू ने सुरक्षा फर्म क्राउडस्ट्राइक को जांच के लिए बुलाया है। बाकी का डेटा सुरक्षित रखने के लिए सुरक्षा फर्म ने सभी लिंक्स को तोड़ दिया है। क्यों हुई सुरक्षा में चूक? यह साइबर हमला इस तरह का था जिसमें हैकर्स एक कंपनी को निशाना बनाकर उससे जुड़ी सैकड़ों कंपनियों का डेटा चुरा लेते हैं। रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि क्लू के किसी कर्मचारी द्वारा अनजाने में पासवर्ड चुराने वाला मैलवेयर डाउनलोड करने की वजह से पुराने क्रेडेंशियल लीक हुए। यह भी बताया जा रहा है कि पिछले साल क्लू ने AI में निवेश करने के लिए आधे कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया था। इसकी वजह से कंपनी की सुरक्षा कमजोर होती गई। जानिए साइबर अटैक के बाद टाटा का क्या था जवाब रिपोर्ट के मुताबिक, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने कहा कि उन्हें इस साइबर अटैक की जानकारी कुछ हफ्ते पहले ही मिल गई थी. हालांकि, इस हमले की वजह से कंपनी की फैक्ट्री या बिजनेस ऑपरेशन पर किसी तरह का असर नहीं पड़ा है।  हैकर्स की तरफ से डेटा लीक के बाद फिरौती की मांग की गई है. वहीं, इस पूरे मामले में ऐपल भी अपनी तरफ से जांच कर रहा है।  टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स टाटा ग्रुप की तेजी से बढ़ने वाली कंपनियों में से एक है. कंपनी ने 2023 में आईफोन मैन्युफैक्चरिंग शुरू की थी. वहीं, टेस्ला ने 2024 में सेमीकंडक्टर सप्लाई को लेकर टाटा के साथ डील की थी।  टाटा ने कर्मचारियों को दी थी जानकारी रिपोर्ट में बताया गया है फाइलों में 52 पेज का एक डॉक्यूमेंट भी था, जिस पर Apple के खास निशान थे और जिसमें कथित तौर पर iPhone सर्किट बोर्ड के पार्ट्स के लिए क्वालिटी जांच के स्टैंडर्ड्स की जानकारी थी। इसमें Hosur सर्च टर्म के लिए 33 फाइलें और फोल्डर भी थे। यह तमिलनाडु राज्य में टाटा के मुख्य iPhone असेंबली प्लांट की जगह है। मामले की जानकारी रखने वाले इंडस्ट्री के एक दूसरे सूत्र ने बताया कि टाटा ने पिछले हफ्ते अपने iPhone असेंबली ऑपरेशन्स में काम करने वाले कुछ कर्मचारियों को डेटा लीक के बारे में जानकारी दी थी।  रिपोर्ट में बताया गया है फाइलों में 52 पेज का एक डॉक्यूमेंट भी था, जिस पर Apple के खास निशान थे और जिसमें कथित तौर पर iPhone सर्किट बोर्ड के पार्ट्स के लिए क्वालिटी जांच के स्टैंडर्ड्स की जानकारी थी। इसमें Hosur सर्च टर्म के लिए 33 फाइलें और फोल्डर भी थे। यह तमिलनाडु राज्य में टाटा के मुख्य iPhone असेंबली प्लांट की जगह है। मामले की जानकारी रखने वाले इंडस्ट्री के एक दूसरे सूत्र ने बताया कि टाटा ने पिछले हफ्ते अपने iPhone असेंबली ऑपरेशन्स में काम करने वाले कुछ कर्मचारियों को डेटा लीक के बारे में जानकारी दी थी।  इस साइबर अटैक के बाद कंपनियों की सीक्रेट जानकारी और डेटा सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। 

भारत में बढ़ा इलेक्ट्रिक वाहनों का क्रेज, Tata Motors की रिकॉर्ड बिक्री ने सबको चौंकाया

 नई दिल्ली भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों का बाजार बढ़ रहा है. साल-दर-साल… महीने-दर-महीने कंपनियों की सेल पहले से बेहतर हो रही हैं. ये सिलसिला दिखा रहा है कि लोग अब इलेक्ट्रिक गाड़ियों को स्वीकार कर रहे हैं. मई 2026 में सभी कंपनियों की मिलाकर 25,880 इलेक्ट्रिक कारें रजिस्टर हुई हैं।   यानी इतने लोगों ने इलेक्ट्रिक कारों को खरीदा है. पिछले साल मई के मुकाबले ग्रोथ 80.7 फीसदी की है. मई 2025 में सभी कंपनियों की कुल सेल 14,323 यूनिट्स तक ही पहुंच पाई थी. इलेक्ट्रिक कारों की सेल में ये ग्रोथ सिर्फ ईयर-ऑन-ईयर ही नहीं बल्कि मंथ-ऑन-मंथ भी है।  पिछले महीने यानी अप्रैल 2026 में भारतीय बाजार में कुल 24,753 इलेक्ट्रिक कारें बिकी थीं. मंथ-ऑन-मंथ इस सेगमेंट में 4.6 फीसदी की ग्रोथ है. आइए जानते हैं भारती बाजार में किस कंपनी ने कितनी इलेक्ट्रिक कारों को बेचा है।  टॉप पर टाटा मोटर्स सबसे पहले बात करते हैं, टाटा मोटर्स की जिसने मई 2026 में रिकॉर्ड बिक्री की है. टाटा मोटर्स के लिए मई का महीना शानदार रहा है. कंपनी ने पहली बार 10 हजार यूनिट्स की सेल का आंकड़ा पार किया है. मई महीने में टाटा मोटर्स ने सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक कारों को बेचा है. कंपनी ने कुल 10,339 यूनिट्स बेची है, जो पिछले साल मई में सिर्फ 5,083 यूनिट्स थी. कंपनी की ग्रोथ 103.4 फीसदी है।  वहीं महिंद्रा की बात करें, तो कंपनी इलेक्ट्रिक कारों के बाजार में दूसरा सबसे बड़ा ब्रांड है. कंपनी ने मई 2026 में 6,210 कारों को बेचा है. वहीं मई 2025 में कंपनी की इलेक्ट्रिक व्हीकल सेल 3,131 यूनिट्स थी. अप्रैल 2026 की बात करें, तो कंपनी ने 5,864 कारें बेची थीं।  रफ्तार भरती मारुति सुजुकी  एमजी मार्केट का तीसरा बड़ा प्लेयर है, जिसने मई 2026 में 4,985 कारों को बेचा है. पिछले साल कंपनी ने 4,599 यूनिट्स बेची थी, जबकि अप्रैल 2026 में कंपनी ने 5,420 यूनिट्स को बेचा था. मारुति सुजुकी तेजी से इस लिस्ट में ऊपर आया है. कंपनी के पास सिर्फ एक इलेक्ट्रिक कार है, जिसकी मई में 1,591 यूनिट्स बिकी हैं।  भारत में नई कंपनी होने के बाद भी विनफास्ट बेहतर परफॉर्म कर रही है. कंपनी ने मई 2026 में 1,238 कारों को बेचा है. अप्रैल 2026 में कंपनी ने 1,290 कारें बेची थीं. चीनी ब्रांड बीवाईडी की सेल अभी भी एक हजार यूनिट्स से कम है. कंपनी ने मई में 686 यूनिट्स को बेचा है।  इनके अलावा हुंडई ने 460 इलेक्ट्रिक कारों को मई 2026 में बेचा है. पिछले साल मई में कंपनी ने 719 कारें बेची थीं, जबकि अप्रैल 2026 में कंपनी ने 559 कारें बेची थीं. वहीं किआ मोटर्स ने 349 इलेक्ट्रिक कारों को बेचा है. वहीं सिट्रोएन की इलेक्ट्रिक कारों का आंकड़ा 22 पर ही सिमट गया है. पिछले साल कंपनी ने 129 कारों को बेचा था। 

टाटा और महिंद्रा की नई स्कॉर्पियो, सफारी और थार जल्द होंगी लॉन्च, बाजार में बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा

मुंबई  भारतीय वाहन बाजार में इस साल एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है, क्योंकि देश की दो प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियां, टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा, अपने लोकप्रिय मॉडलों के नए संस्करण और विद्युत चालित विकल्प पेश करने की तैयारी में हैं। यह साल उन ग्राहकों के लिए खास साबित होने वाला है, जो नई गाड़ी खरीदने की योजना बना रहे हैं। कंपनियां न केवल अपने मौजूदा मॉडलों को नया रूप देने जा रही हैं, बल्कि आधुनिक तकनीक और उन्नत सुविधाओं से लैस नई गाड़ियों को भी बाजार में उतारने की तैयारी कर चुकी हैं। ऐसे में आने वाले महीनों में वाहन बाजार में प्रतिस्पर्धा और भी तेज होने की संभावना है। नए रूप में आएंगी लोकप्रिय गाड़ियां महिंद्रा अपनी सबसे लोकप्रिय गाड़ियों में शामिल स्कॉर्पियो-एन का नया रूप पेश करने जा रही है। इस नए संस्करण में बाहरी डिजाइन में हल्के बदलाव किए जाएंगे, जिससे इसका स्वरूप और अधिक आकर्षक दिखाई देगा। इसमें नई शैली की जाली, आधुनिक हेडलैंप, बदला हुआ बंपर और बड़े पहिए दिए जा सकते हैं। अंदरूनी हिस्से में भी सुधार देखने को मिलेगा, जहां अधिक सुविधाजनक और आकर्षक केबिन का अनुभव मिलेगा। हालांकि इसके इंजन और तकनीकी ढांचे में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया जाएगा, जिससे इसकी मौजूदा ताकत बरकरार रहेगी। इसी के साथ स्कॉर्पियो के पारंपरिक मॉडल को भी नया रूप दिया जाएगा। यह मॉडल लंबे समय से ग्राहकों के बीच लोकप्रिय बना हुआ है और कंपनी इसके नए संस्करण में कुछ अतिरिक्त सुविधाएं जोड़ सकती है। बाहरी रूप को और अधिक प्रीमियम बनाने के साथ-साथ अंदर बेहतर सूचना एवं मनोरंजन प्रणाली और अधिक उपयोगी स्थान देने की संभावना जताई जा रही है। विद्युत चालित गाड़ियों पर विशेष जोर महिंद्रा इस साल अपने विद्युत चालित वाहन पोर्टफोलियो को भी मजबूत करने की योजना बना रही है। कंपनी अपने मौजूदा विद्युत वाहन मॉडलों में नई क्षमता वाले बैटरी विकल्प जोड़ सकती है, जिससे ग्राहकों को अधिक विकल्प मिलेंगे। इस कदम से उन ग्राहकों को लाभ होगा, जो बेहतर दूरी और किफायती कीमत के बीच संतुलन चाहते हैं। इससे कंपनी की विद्युत वाहन श्रेणी और अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकती है। नई थार का भी इंतजार महिंद्रा की लोकप्रिय ऑफ-रोड गाड़ी थार का नया संस्करण भी जल्द बाजार में दस्तक दे सकता है। इस नए रूप में इसका आगे का हिस्सा अधिक आकर्षक और दमदार बनाया जाएगा। नई प्रकाश व्यवस्था, अलग शैली की जाली और दो रंगों वाला मजबूत बंपर इसे और अधिक आधुनिक लुक देगा। इससे यह गाड़ी युवा ग्राहकों के बीच और भी लोकप्रिय हो सकती है। टाटा की बड़ी योजना: सिएरा और सफारी के नए अवतार टाटा मोटर्स भी इस दौड़ में पीछे नहीं है और कंपनी अपनी नई सिएरा को विद्युत रूप में पेश करने की तैयारी कर रही है। यह गाड़ी मध्यम आकार की श्रेणी में आएगी और बाजार में पहले से मौजूद कई गाड़ियों को कड़ी टक्कर दे सकती है। इसके डिजाइन में आधुनिकता और भविष्य की झलक देखने को मिलेगी, जिसमें बड़ा कांच क्षेत्र, बिना हैंडल के दरवाजे और ऊंचा ढांचा शामिल हो सकता है। इसकी दूरी क्षमता को भी बेहतर बनाने पर काम किया जा रहा है, जिससे यह एक लंबी दूरी तय करने में सक्षम होगी। इसी क्रम में टाटा सफारी का विद्युत संस्करण भी बाजार में आने की तैयारी में है। यह कंपनी की पहली तीन पंक्तियों वाली विद्युत गाड़ी हो सकती है, जो बड़े परिवारों के लिए एक नया विकल्प पेश करेगी। इसकी कीमत मध्यम से ऊंची श्रेणी के बीच रहने की संभावना है। इसमें विभिन्न क्षमता वाले बैटरी विकल्प दिए जा सकते हैं, जिससे ग्राहकों को अपनी जरूरत के अनुसार चयन करने का अवसर मिलेगा। भविष्य की झलक दिखाएगी अविन्या टाटा की अविन्या भी कंपनी की भविष्य की दिशा को दर्शाने वाली गाड़ी मानी जा रही है। इसे एक प्रीमियम श्रेणी की आधुनिक क्रॉसओवर गाड़ी के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसमें पारंपरिक ईंधन इंजन का विकल्प नहीं होगा। यह पूरी तरह से विद्युत तकनीक पर आधारित होगी और वर्ष के अंत तक इसके उत्पादन संस्करण के आने की संभावना है। बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा, ग्राहकों को मिलेगा फायदा कुल मिलाकर, टाटा और महिंद्रा की यह नई तैयारी भारतीय वाहन बाजार को नई दिशा देने वाली साबित हो सकती है। जहां एक ओर कंपनियां आधुनिक तकनीक और आकर्षक डिजाइन के साथ ग्राहकों को लुभाने की कोशिश करेंगी, वहीं दूसरी ओर बढ़ती प्रतिस्पर्धा का सीधा फायदा ग्राहकों को बेहतर विकल्प और कीमत के रूप में मिलेगा। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि इन नई गाड़ियों को बाजार में कितना प्रतिसाद मिलता है।

उत्तर प्रदेश में टाटा समूह की उपस्थिति दोगुनी होगी, राज्य बनेगा बड़ा निर्यात हब: एन. चंद्रशेखरन

उत्तर प्रदेश में टाटा समूह की उपस्थिति होगी दोगुनी, राज्य बनेगा बड़ा निर्यात हब: एन. चंद्रशेखरन टाटा संस के चेयरमैन बोले- यूपी में अपार संभावनाएं, अगले पांच वर्षों में तेजी से बढ़ेगा निवेश और रोजगार लखनऊ  टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश के सबसे संभावनाशील औद्योगिक राज्यों में एक है और आने वाले वर्षों में यहां टाटा समूह की उपस्थिति दोगुनी से अधिक होने जा रही है। राज्य में निवेश के लिए अनुकूल माहौल, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और मजबूत नेतृत्व के कारण उद्योगों के विस्तार के लिए व्यापक अवसर उपलब्ध हैं। एन चंद्रशेखरन ने ये बातें राजधानी में टाटा मोटर्स की 10 लाखवीं बस के फ्लैग ऑफ अवसर पर कहीं। यूपी बनेगा देश का प्रमुख ग्रोथ इंजन एन चंद्रशेखरन ने कहा कि यूपी में तेजी से विकसित हो रहा इंफ्रास्ट्रक्चर, मजबूत नीतिगत समर्थन और निवेश के अनुकूल वातावरण इसे औद्योगिक विकास का प्रमुख केंद्र बना रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश में विकास की गति स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। राज्य सरकार की नीतियों और सहयोग के कारण उद्योगों को विस्तार का बेहतर अवसर मिल रहा है, जिससे बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश में मौजूद अपार संभावनाएं, बढ़ती आर्थिक गतिविधियां और युवा कार्यबल इसे देश का प्रमुख ग्रोथ इंजन बनाने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में प्रदेश न केवल औद्योगिक, बल्कि तकनीकी और सामाजिक विकास के क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयों को छुएगा। अगले पांच वर्षों में 20 लाख वाहनों के उत्पादन का लक्ष्य उन्होंने कहा कि लखनऊ स्थित टाटा प्लांट केवल एक औद्योगिक इकाई नहीं, बल्कि सप्लायर्स, पार्टनर्स और स्थानीय समुदाय के साथ विकसित एक सशक्त इकोसिस्टम है, जो टाटा समूह और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच विश्वास और साझेदारी का प्रतीक है। 34 वर्षों में 10 लाख वाहनों के उत्पादन का यह माइलस्टोन इस मजबूत संबंध और निरंतर विकास यात्रा को दर्शाता है। एन चंद्रशेखरन ने विश्वास जताया कि जिस प्रकार अब तक की प्रगति हुई है, अगले पांच वर्षों में 20 लाख वाहनों के उत्पादन का लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है। भारत की अर्थव्यवस्था आने वाले दशकों में वैश्विक स्तर पर सबसे तेज गति से बढ़ेगी और उत्तर प्रदेश इस विकास यात्रा में अग्रणी भूमिका निभाएगा। टीसीएस की यूपी यूनिट्स में अगले 5 वर्षों में होंगे 40 हजार प्रोफेशनल्स एन चंद्रशेखरन ने बताया कि टाटा मोटर्स का पोर्टफोलियो तेजी से विस्तृत हो रहा है, जिसमें पारंपरिक डीजल वाहनों के साथ-साथ सीएनजी, इलेक्ट्रिक और भविष्य में हाइड्रोजन आधारित वाहन भी शामिल होंगे। इससे उत्तर प्रदेश न केवल देश के लिए, बल्कि वैश्विक बाजार के लिए भी एक महत्वपूर्ण मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात केंद्र बन सकता है। टाटा समूह की अन्य कंपनियों के विस्तार का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के वर्तमान में लगभग 20,000 प्रोफेशनल्स लखनऊ, नोएडा और वाराणसी में कार्यरत हैं, जिनकी संख्या अगले पांच वर्षों में 40,000 तक पहुंच सकती है। इसके अलावा पावर, डिफेंस, रिटेल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में भी समूह का तेजी से विस्तार हो रहा है, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। मथुरा व गोरखपुर में भी सक्रिय पहल, सीएम का जताया आभार उन्होंने कहा कि टाटा समूह केवल औद्योगिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक क्षेत्रों में भी सक्रिय योगदान दे रहा है। जल संरक्षण, स्किल डेवलपमेंट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में पहल करते हुए समूह मथुरा में जल स्रोतों के पुनर्जीवन और गोरखपुर में एआई टेक्नोलॉजी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना जैसे कार्य कर रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के सहयोग और दूरदर्शी नीतियों के कारण ही यह विकास संभव हो पाया है।

Maruti, Tata और Mahindra के बाद इन कंपनियों ने छेड़ी सफलता की धारा, Toyota टॉप-5 से बाहर, मार्च 2026 सेल्स रिपोर्ट देखें

मुंबई  भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कार निर्माता है. सितंबर 2025 में हुए बड़े GST Cut के बाद इंडस्ट्री में एकदम से बड़ा बूस्ट आया है. इंडियन कार कंपनियों ने घटे हुए टैक्स का फायदा उठाते हुए पिछले महीने भी दनादन सेल की हैं।  हमेशा की तरह पिछले महीने भी Maruti Suzuki देश की सबसे ज्यादा कारें बेचने वाली कंपनी रही. वहीं, Tata और Mahindra ने भी धमाकेदार बढ़ोतरी दर्ज की है. इसके अलावा, Skoda-VW, Mercedes और JLR जैसी कंपनियों ने सेल के मामले में गिरावट देखी है. आइए, कंपनी-वाइज सेल्स रिपोर्ट पर एक नज़र डालते हैं।  सेल के मामले में पहले नंबर पर मारुति है. पिछले महीने इस कार कंपनी को कुल 1,72,919 नए ग्राहक मिले हैं. ये आंकड़ा मार्च 2025 में बिकी इसकी कुल 1,34,784 यूनिट के मुकाबले सालाना स्तर पर आई 22 प्रतिशत की बढ़ोतरी को दर्शाता है।  बिक्री के मामले में दूसरे नंबर पर टाटा मोटर्स है. पिछले महीने इनकी कुल 67,268 यूनिट बिकी हैं. ये आंकड़ा मार्च 2025 में बिकी इसकी कुल 51,237 यूनिट के मुकाबले सालाना स्तर पर आई 23 प्रतिशत की बढ़ोतरी को दर्शाता है।  लिस्ट में तीसरे नंबर पर महिंद्रा है. मार्च 2026 में इनकी कुल 61,032 यूनिट बिकी हैं. ये आंकड़ा मार्च 2025 में सेल की गईं महिंद्रा की कुल 49,428 यूनिट के मुकाबले सालाना स्तर पर आई 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी को दर्शाता है।  सेल के मामले में चौथे नंबर पर हुंडई ने पैर जमा रखे हैं. पिछले महीने इनको कुल 48,623 नए ग्राहक मिले. ये आंकड़ा मार्च 2025 में बिकी हुंडई की कुल 43,969 यूनिट के मुकाबले सालाना स्तर पर आई 9.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी को दर्शाता है।  सेल में बढ़ोतरी के दम पर किआ ने टॉप-5 कंपनियों की लिस्ट में अपना नाम दर्ज करा लिया है. पिछले महीने इसको कुल 27,987 नए ग्राहक मिले. ये आंकड़ा मार्च 2025 में बिकी इसकी कुल 22,820 यूनिट के मुकाबले सालाना स्तर पर आई 18.46 प्रतिशत की बढ़ोतरी को दर्शाता है।  ऊपर बताई गई मार्च 2025 की टॉप-5 कंपनियों के अलावा पिछले महीने Toyota की 27,479 यूनिट, Skoda VW की 8,676 यूनिट, MG की 6,233 यूनिट, Honda की 5,507 यूनिट, Renault की 3,588 यूनिट, Nissan की 2,538 यूनिट, BMW की 1,559 यूनिट, Mercedes-Benz की 1,320 यूनिट, Citroen की 758 यूनिट, VinFast की 688 यूनिट, JLR की 430 यूनिट, BYD की 413 यूनिट, Jeep की 210 यूनिट, Volvo की 122 यूनिट, Isuzu की 72 यूनिट और Tesla की मात्र 49 यूनिट बिकी हैं। 

MG की नई पावरफुल SUV, Tata और Mahindra को देगी कड़ी टक्कर

 नई दिल्ली जेएसडब्लू-एमजी मोटर साल 2026 में कई लॉन्चिंग करने वाले हैं. कंपनी भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक व्हीकल, इंटरनल कंबस्चन इंजन और प्लग-इन हाइब्रिड कार्स को लॉन्च कर सकती है. इसमें से एक वूलिंग स्टारलाइट 560 (Wuling Starlight 560) हो सकती है. इस कार का भारत में पेटेंट फाइल हुआ है।  हाल के दिनों में इसे भारत में टेस्टिंग के दौरान देखा भी गया है. ये कार एमजी की ब्रांडिंग के साथ आएगी. पेटेंट फाइल होने से पहले ही इसे कई बार टेस्ट करते हुए पाया गया है. ये दोनों ही पॉइंट्स इसकी भारत में एंट्री का साफ संकेत दे रहे हैं. ध्यान रखें कि एमजी और वूलिंग दोनों की ब्रांड का मालिकाना अधिकार चीन की SAIC मोटर के पास है।  एक्सटीरियर और इंटीरियर  Starlight 560 चार मीटर से लंबी कार है. इसकी लंबाई 4745 एमएम, चौड़ाई 1850 एमएम और हाइट 1750 एमएम है. कार का व्हीलबेस 2810 एमएम का है. एक्सटीरियर की बात करें, तो इसमें फुल एलईडी लाइटिंग का सेटअप मिलता है. स्टारलाइट 560 में रूफ रेल, स्किड प्लेट्स, 18-इंच के डुअल टोन एलॉय और स्प्लिट टेल लैम्प मिलता है।  वहीं इंटीरियर की बात करें, तो इसमें टू-स्पोक स्टीयरिंग व्हील, 3.5 इंच का इंस्ट्रूमेंट डिस्प्ले और 12.8 इंच का टच स्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम मिलता है, जो वायरलेस कनेक्टिविटी के साथ आता है. कैबिन में लेदर अपहोल्स्ट्री मिलेगी. भारतीय बाजार में कंपनी इसे कुछ बदलाव के साथ लॉन्च कर सकती है।  इंजन और पावर  इस SUV में मल्टीपल पावरट्रेन का विकल्प मिलता है. इसमें 1.5 लीटर का टर्बो पेट्रोल इंजन आता है, जो 174 बीएचपी की पावर ऑफर करता है, जो मैन्युअल या सीवीटी गियरबॉक्स के साथ आएगा. मैन्युअल गियरबॉक्स के साथ ये इंजन 260 एनएम का और ऑटोमेटिक के साथ 290 एनएम का टॉर्क प्रोड्यूस करता है।  इसके अलावा ये एसयूवी 1.5 लीटर के इंजन के साथ हाइब्रिड में भी आती है. कार में प्लग-इन हाइब्रिड सिस्टम मिलता है, जो 194 बीएचपी की पावर और 230 एनएम का टॉर्क प्रोड्यूस करता है. इसका ऑल इलेक्ट्रिक वर्जन भी आता है, जो 134 बीएचपी की पावर और 200 एनएम का टॉर्क ऑफर करता है।  भारत में इस कार का सीधा मुकाबला टाटा हैरियर और महिंद्रा एक्सयूवी 7एक्स0 से होगा. हालांकि, इसका कंपटीशन पूरी तरह से निर्भर करता है कि ये कार किस पावरट्रेन के साथ आती है. ज्यादा संभावना है कि कंपनी इसे प्लगइन हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वर्जन में लॉन्च कर सकती है। 

AMCA प्रोजेक्ट में बड़ा कदम! टाटा के हाथ में 5th Gen जेट बनाने की जिम्मेदारी

मुंबई  भारत ने पांचवीं पीढ़ी के देसी स्टेल्थ फाइटर जेट (5th Gen Fighter Jet) एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) के लिए बड़ा कदम उठाया है. रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने इस 5th जेन फाइटर जेट का प्रोटोटाइप डिजाइन करने के लिए तीन दावेदारों को शॉर्टलिस्ट किया है. इनमें टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड सबसे बड़ी दावेदार के तौर पर उभरी है, जबकि लार्सन एंड टुब्रो–भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड का कंसोर्टियम और भारत फोर्ज (BEML लिमिटेड) डेटा पैटर्न्स का संयुक्त समूह शामिल है. एएमसीए प्रोजेक्ट के तहत भारत का स्वदेशी सिंगल-सीटर, ट्विन-इंजन स्टेल्थ फाइटर जेट विकसित किया जाना है, जिसमें एडवांस्ड स्टेल्थ कोटिंग और इंटरनल वेपन बे जैसी अत्याधुनिक खूबियां होंगी. इस परियोजना के अंतर्गत 125 से अधिक फाइटर जेट तैयार किए जाने की योजना है, जिनके 2035 तक भारतीय वायुसेना में शामिल होने की उम्मीद है. इसके साथ ही भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो जाएगा, जिनके पास पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट हैं. ये विमान अमेरिका के पांचवी पीढ़ी के विमान F-35 और रूसी फिफ्थ जेन फाइटर जेट Su-57 की टक्कर के होंगे. इस 5th जेनरेशन स्टेल्थ फाइटर जेट एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) का पहला प्रोटोटाइप 2028 के आखिर तक रोल आउट होने वाला है, और पहली उड़ान 2029 में प्लान की गई है. इस प्रोजेक्ट का मकसद पांच उड़ने वाले प्रोटोटाइप डेवलप करना है, जिसका पूरा डेवलपमेंट 2034 तक पूरा होने और शुरुआती प्रोडक्शन 2035 तक होने का टारगेट है. HAL और अडाणी डिफेंस ने भी लगाई थी बोली रिपोर्ट के मुताबिक, डीआरडीओ ने अपनी एरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी के जरिये जुलाई 2025 में इस परियोजना के लिए टेंडर जारी किए थे. शुरुआत में सात कंसोर्टियम ने बोली लगाई थी, जिनमें हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और अडाणी डिफेंस जैसे नाम शामिल थे. शॉर्टलिस्ट किए गए दावेदारों को अब सरकार की ओर से फंडिंग सहायता मिलने की संभावना है, ताकि वे एएमसीए के प्रोटोटाइप विकसित कर सकें. इसके बाद ही उत्पादन अधिकार दिए जाएंगे. सूत्रों के हवाले से बताया कि, HAL शुरुआती स्क्रीनिंग में एक अनिवार्य दस्तावेजी मानदंड में त्रुटि के कारण बाहर हो गया. हालांकि कंपनी को बाद में लाइसेंस निर्माण के लिए बोली लगाने का अवसर मिल सकता है. HAL के सीएमडी डीके सुनील ने हाल ही में कहा था कि एएमसीए एक 10 साल की परियोजना है और भले ही उनकी कंपनी शुरुआती चरण में चयनित न हो, वह आगे लाइसेंस मैन्युफैक्चरिंग के लिए जरूर बोली लगाएगी. भारत के 5th Gen फाइटर जेट प्रोजेक्ट की खास बातें… भारत का AMCA प्रोग्राम क्या है? AMCA यानी Advanced Medium Combat Aircraft भारत का स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी का स्टेल्थ फाइटर जेट प्रोग्राम है, जिसे डीआरडीओ विकसित कर रहा है. AMCA की सबसे बड़ी खासियत क्या होगी? यह एक सिंगल-सीटर, ट्विन-इंजन स्टेल्थ फाइटर जेट होगा, जिसमें एडवांस्ड स्टेल्थ कोटिंग, इंटरनल वेपन बे और आधुनिक एवियोनिक्स सिस्टम शामिल होंगे. AMCA के लिए किन कंपनियों को शॉर्टलिस्ट किया गया है? डीआरडीओ ने तीन दावेदारों को शॉर्टलिस्ट किया है— टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (स्टैंडअलोन), लार्सन एंड टुब्रो और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड का कंसोर्टियम और भारत फोर्ज, बीईएमएल लिमिटेड और डेटा पैटर्न्स का संयुक्त समूह AMCA प्रोजेक्ट के तहत कितने फाइटर जेट बनाए जाएंगे? इस प्रोजेक्ट के तहत 125 से अधिक फाइटर जेट बनाए जाने की योजना है. AMCA कब तक भारतीय वायुसेना में शामिल हो सकता है? AMCA के 2035 तक भारतीय वायुसेना में शामिल होने की उम्मीद है. भारत में बनेंगे 90 राफेल जेट एएमसीए परियोजना भारतीय वायुसेना के आधुनिकीकरण की व्यापक योजना का हिस्सा है. इसी क्रम में रक्षा अधिग्रहण परिषद ने हाल ही में फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जिनमें से 90 विमान भारत में बनाए जाएंगे. यह मंजूरी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के 17 से 19 फरवरी के भारत दौरे से कुछ दिन पहले दी गई. इसके अलावा, रक्षा अधिग्रहण परिषद ने नौसेना के लिए अमेरिका से छह अतिरिक्त पी-8आई समुद्री निगरानी और पनडुब्बी रोधी विमानों की खरीद को भी मंजूरी दी है. यह सभी फैसले भारत की सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने और स्वदेशी रक्षा उद्योग को बढ़ावा देने की दिशा में अहम माने जा रहे हैं.