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तत्काल ट्रेन टिकट बुकिंग में बदलाव, राजधानी-दुरंतो-वंदे भारत में 6 दिसंबर से OTP जरूरी

नई दिल्ली अगर आप तत्काल टिकट लेने जाते हैं और टिकट दलालों के कारण हाथ खाली रह जाता है तो अब ऐसा नहीं होगा. भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और टिकट बुकिंग में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए तत्काल टिकट बुकिंग के लिए वन टाइम पासवर्ड(OTP) आधारित नया सिस्टम लागू किया है. सेंट्रल रेलवे की चुनिंदा ट्रेनों में 6 दिंसबर से तत्काल टिकट लेने के लिए मोबाइल पर आने वाला OTP डालना जरूरी होगा.  बिना OTP के टिकट ही नहीं मिलेगा. इससे तत्काल टिकटों का दुरुपयोग रुकेगा और दलालों पर लगाम लगेगी. साथ ही यात्रियों को टिकट मिलने में सुविधा होगी. रेलवे का नया नियम कहां-कहां लागू होगा? कंप्यूटरीकृत पैसेंजर रिजर्वेंशन सिस्टम (PRS) काउंटर, अधिकृत एजेंट और IRCTC की वेबसाइट या मोबाइल ऐप के माध्यम से बुक किए जाने वाले तत्काल टिकट पर रेलवे का OTP आधारित नियम लागू होगा. तत्काल बुकिंग करते समय जो मोबाइल नंबर डालेंगे, उसी पर एक OTP आएगा. OTP डालने के बाद ही टिकट कन्फर्म होगा. किन ट्रेनों में सबसे पहले शुरू होगा ये नियम? रेलवे के मुताबिक, 6 दिसंबर से 13 ट्रेन में यह लागू किया जाएगा. जिसमें दुरंतो और वंदे भारत ट्रेनें भी शामिल हैं. वहीं, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT)-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस के लिए 5 दिसंबर से प्रभावी होगा. इसके अलावा पुणे-हैदराबाद शताब्दी एक्सप्रेस में यह सिस्टम 1 दिसंबर से चल रहा है. आने वाले दिनों में यह OTP आधारित तत्काल रिजर्वेशन सिस्टम सभी ट्रेनों पर लागू किया जा सकता है. इससे रेलवे टिकटिंग में पारदर्शिता आएगी. यात्रियों के लिए जरूरी सलाह     तत्काल टिकट लेते समय अपना सही मोबाइल नंबर डालें.     OTP जल्दी डालें, वरना बुकिंग कैंसिल हो जाएगी.        

लाइन में लगने से छुटकारा! 2 मिनट में बनेगा तत्काल टिकट

रायबरेली उत्तर प्रदेश के रायबरेली रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा को देखते हुए इंटरनेट की स्पीड बढ़ाई जाएगी। यह फैसला तत्काल टिकट बुकिंग के दौरान नेटवर्क की धीमी गति की समस्या को दूर करने के लिए लिया गया है, जहां ज्यादा स्पीड वाला एमपीएस सिस्टम स्थापित किया जाएगा। वर्तमान में स्टेशन पर 100 एमबीपीएस की इंटरनेट स्पीड उपलब्ध है, लेकिन तत्काल टिकट बुकिंग के लिए यह पर्याप्त नहीं होती है। स्पीड बढ़ने की वजह से रिजर्वेशन प्रक्रिया आसान होगी और काउंटरों पर लगने वाली भीड़ भी कम होगी। रेलटेल कंपनी इस सुविधा को अन्य स्टेशनों पर भी उपलब्ध कराएगी।   आम थीं नेटवर्क स्लो होने की शिकायतें बता दें कि तत्काल टिकट बुकिंग के समय नेटवर्क स्लो होने की शिकायतें आम थीं। एसी कोच के लिए सुबह 10 से 10:30 बजे और स्लीपर क्लास के लिए 11 से 11:30 बजे तक टिकट बुकिंग होती है। लेकिन धीमे नेटवर्क की वजह से कई बार एक टिकट बनाने में 15 से 20 मिनट तक का समय लग जाता था। ऐसे में काउंटरों पर खड़े यात्रियों को टिकट समय पर नहीं मिल पाते थे। दो रिजर्वेशन काउंटरों पर तो कमजोर नेटवर्क के चलते एक समय में केवल दो से पांच टिकट ही बन पाते थे। एक-दो मिनट में बन जाएगा टिकट अब रेलवे अधिकारियों ने उच्च क्षमता वाला नेटवर्क सिस्टम लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके बाद टिकट बनाने का समय घटकर केवल एक से दो मिनट रह जाएगा। इससे अधिक यात्री समय पर टिकट ले सकेंगे और काउंटरों पर भीड़ भी घटेगी। यात्री कमलकिशोर ने कहा कि नवरात्र और त्योहारी सीजन को देखते हुए विभाग का यह कदम बेहद सराहनीय है। चूंकि स्टेशन से 35 से अधिक जोड़ी ट्रेनों का संचालन होता है, इसलिए बड़ी संख्या में यात्रियों का आवागमन होता है। सीनियर सेक्शन इंजीनियर (टेलीकॉम) संदीप सोनकर के अनुसार, रेलटेल कंपनी द्वारा रायबरेली, बछरावां, ऊंचाहार, डलमऊ और लालगंज स्टेशनों पर यह नया सिस्टम लगाया जाएगा। इसके बाद इसे अन्य स्टेशनों पर भी लागू किया जाएगा।