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TCS मामले में बड़ा खुलासा: 9 FIR में यौन उत्पीड़न, धार्मिक दबाव और मलेशिया भेजने की साजिश, HR निदा खान पर सवाल

नासिक नासिक की एक प्रमुख आईटी कंपनी में महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न का चौंकाने वाला मामला अब मानव तस्करी और जबरन धर्मांतरण तक पहुंच गया है. पुलिस ने कंपनी की एचआर अधिकारी समेत कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया है. कुल नौ मामले दर्ज किए गए हैं. आरोपियों पर नौकरी, प्रेम और मदद का लालच देकर युवतियों का यौन शोषण करने का आरोप है।  पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी 2022 से दोस्ती के नाम पर युवतियों के साथ जाल बुन रहे थे. उन्होंने मानसिक और भावनात्मक दबाव बनाकर उनका शोषण किया. अब जांच में नया मोड़ आया है. पुलिस को पता चला है कि आरोपी पीड़ित युवतियों को मलेशिया बेचने की योजना बना रहे थे. वीडियो कॉल पर मलेशिया भेजने की चर्चा हुई थी. एक पीड़िता को सीधे मलेशिया भेजने की तैयारी चल रही थी, जिसमें पासपोर्ट बनाने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी थी. मामले की जांच कर रही एसआईटी को महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं. जांच में विदेशी फंडिंग, वित्तीय लेन-देन और बड़े रैकेट की आशंका जताई जा रही है. कुछ अधिकारियों को संदेह है कि इस पूरे मामले का राष्ट्रीय सुरक्षा से भी संबंध हो सकता है. पुलिस का मानना है कि अन्य कई महिलाओं को भी इसी तरह निशाना बनाया गया होगा।  कौन है निदा खान? निदा खान इस पूरे मामले की केंद्र बिंदु बन गई है. वह नासिक स्थित कंपनी की HR मैनेजर हैं और कंपनी की इंटरनल कमिटी (POSH एक्ट के तहत यौन उत्पीड़न रोकथाम समिति) का हिस्सा थीं. आरोप है कि कई शिकायतें उनके पास पहुंचीं, लेकिन उन्होंने उन्हें नजरअंदाज कर दिया या ऊपर नहीं भेजा. जांचकर्ताओं के मुताबिक POSH प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया. निदा खान सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी (SPPU) की पूर्व छात्रा हैं. उनके लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार वे HR मैनेजर के पद पर काम कर रही थीं. पुलिस के अनुसार निदा खान और तौसिफ अत्तर को इस मामले का मास्टरमाइंड माना जा रहा है. कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि निदा खान फिलहाल फरार है और पुलिस उसकी तलाश में तकनीकी और खुफिया जानकारी का इस्तेमाल कर रही है. पुलिस ने अंडरकवर ऑपरेशन चलाया था. सात महिला पुलिसकर्मी हाउसकीपिंग स्टाफ बनकर कंपनी में काम करती रहीं और आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी. इसी ऑपरेशन के आधार पर कई शिकायतें सामने आईं और नौ एफआईआर दर्ज हुईं।  आरोपों की गंभीरता आरोपियों पर यौन उत्पीड़न, जबरन धर्मांतरण, मानव तस्करी और वित्तीय धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोप लगे हैं. पीड़ित युवतियों का कहना है कि उन्हें नामाज पढ़ने, गोमांस खाने और धर्म बदलने के लिए दबाव डाला गया. कंपनी के अंदर ही कुछ कर्मचारियों ने इस जाल को फैलाया. TCS कंपनी ने आरोपी कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है. एसआईटी आरोपियों के बैंक लेन-देन, विदेशी संपर्क और संभावित रैकेट की गहराई से जांच कर रही है. पुलिस ने पीड़ितों के बयान दर्ज किए हैं. मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और SC/ST एक्ट की धाराओं के तहत कार्रवाई हो रही है।  TCS मामले में साजिश का खुलासा नासिक के TCS BPO कैंपस में कथित धर्म परिवर्तन और यौन उत्पीड़न का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है. अब तक इस मामले में 9 अलग-अलग एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें कई चौंकाने वाले आरोप सामने आए हैं. यह पूरा मामला एक पैटर्न की तरफ इशारा करता है, जिसमें महिला कर्मचारियों को निशाना बनाकर उनके साथ यौन शोषण और धार्मिक दबाव बनाया गया।  9 FIR में खुली साजिश की परतें पहली एफआईआर के अनुसार जुलाई 2022 से फरवरी 2026 के बीच आरोपियों दानिश शेख, तौसीफ अत्तर और निदा खान ने एक महिला कर्मचारी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई. आरोप है कि हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की गई. साथ ही तौसीफ अत्तर ने शादी का झांसा देकर कई बार शारीरिक संबंध बनाए. दानिश शेख पर भी कार्यालय में जबरन छूने और नजदीकी बढ़ाने की कोशिश करने का आरोप है।  सरी एफआईआर में मई 2023 से मार्च 2026 के बीच रजा मेमन और शाहरुख कुरैशी पर एक महिला कर्मचारी को घूरने, छूने और उसकी निजी जिंदगी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है. पीड़िता ने कई बार शिकायत की, लेकिन कंपनी के अधिकारी ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे आरोपियों को बढ़ावा मिला।  तीसरी एफआईआर में शफी शेख पर मीटिंग के दौरान महिला कर्मचारी को घूरने और अश्लील व्यवहार करने का आरोप है. इसके अलावा तौसीफ अत्तर ने भी निजी जीवन को लेकर अपमानजनक टिप्पणियां कीं और शारीरिक नजदीकी बढ़ाने की कोशिश की।  चौथी एफआईआर के अनुसार मई 2025 से दिसंबर 2025 के बीच तौसीफ अत्तर ने महिला कर्मचारी से उसकी निजी जिंदगी से जुड़े सवाल पूछे और अश्लील इशारे किए. इसके अलावा हिंदू देवी-देवताओं को लेकर अपमानजनक टिप्पणी भी की गई, जिससे पीड़िता और अन्य कर्मचारी आहत हुए।  पांचवीं एफआईआर में आरोप है कि 2022 से मार्च 2026 के बीच तौसीफ अत्तर, दानिश, शाहरुख शेख और रजा मेमन ने मिलकर पीड़िता पर नमाज पढ़ने का दबाव बनाया और उसे मांस खाने के लिए मजबूर किया. साथ ही हिंदू धर्म और देवी-देवताओं का अपमान किया गया और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया गया।  छठी एफआईआर में सितंबर 2024 से फरवरी 2026 के बीच आसिफ अंसारी और शफी शेख पर महिला कर्मचारी के शरीर को लेकर अश्लील टिप्पणी करने और गलत तरीके से छूने का आरोप है. इसके साथ ही तौसीफ अत्तर पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का भी आरोप लगा है।  सातवीं एफआईआर के अनुसार जून 2025 से मार्च 2026 के बीच आसिफ अंसारी, शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन, तौसीफ अत्तर और शफी शेख ने महिला कर्मचारी का पीछा किया, अश्लील टिप्पणियां कीं और छेड़छाड़ की। साथ ही धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप भी लगाए गए।  आठवीं एफआईआर में जनवरी 2025 से अब तक रजा मेमन और शफी शेख पर महिला कर्मचारी से उसकी इच्छा के खिलाफ निजी बातें करने, शादी का प्रस्ताव देने और शरीर को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है. दोनों पर बार-बार शारीरिक संपर्क बनाने की कोशिश करने का भी आरोप है।  नौवीं एफआईआर में जनवरी 2026 से 1 अप्रैल 2026 के बीच रजा मेमन और शाहरुख कुरैशी पर अश्लील टिप्पणियां करने, इशारे करने और पीड़िता की निजी … Read more