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बिहार चुनाव: JMM के लिए चर्चा जारी, सुदिव्य कुमार सोनू ने तेजस्वी यादव से मुलाकात की

रांची झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव को उन सीटों के बारे में सूचित कर दिया है, जिन पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) बिहार में चुनाव लड़ने को इच्छुक है। घाटशिला सीट पारंपरिक रूप से झामुमो का गढ़ रही है बिहार विधानसभा के लिए दो चरणों में, छह नवंबर और 11 नवंबर को मतदान होना है तथा मतगणना 14 नवंबर को होगी। सोनू ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्होंने हाल में पटना में एक बैठक के दौरान इस मुद्दे पर चर्चा की थी, जिसमें झामुमो की भागीदारी से ‘इंडिया' गठबंधन को मिलने वाले संभावित लाभों को रेखांकित किया गया था, विशेष रूप से मतों के एकीकरण के संदर्भ में। मंत्री ने कहा कि उन्होंने छह अक्टूबर को राजद के साथ हुई गठबंधन की बैठक में ये मुद्दे उठाए थे। मंत्री ने बताया कि उसी बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राजद नेता तेजस्वी यादव आपस में इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे। घाटशिला में 11 नवंबर को होने वाले उपचुनाव के बारे में सोनू ने कहा कि यह सीट पारंपरिक रूप से झामुमो का गढ़ रही है। मालूम हो कि घाटशिला उपचुनाव मतदान 11 नवंबर को होगा जबकि मतगणना 14 नवंबर को होगी। इस निर्वाचन क्षेत्र में 2.56 लाख मतदाता हैं, जिनमें 1.31 लाख महिला मतदाता हैं। एक अधिकारी ने बताया कि कुल 231 स्थानों पर 300 मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे।  

भाजपा का वार: तेजस्वी यादव की ‘जमीन के बदले नौकरी’ नीति पर फिर उठे सवाल

नई दिल्ली बिहार विधानसभा चुनाव के विमर्श में जगह बना रहे भ्रष्टाचार के मुद्दे पर महागठबंधन के विरुद्ध बाजी सजाने का मौका भाजपा को मिल गया है। आईआरसीटीसी के होटलों को लीज पर देने के मामले में तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव पर आरोप तय होते ही भाजपा ने लालू परिवार को निशाने पर ले लिया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता व सांसद रविशंकर प्रसाद ने सत्ता में आने पर युवाओं को नौकरी देने के तेजस्वी यादव के वादे पर कटाक्ष किया कि बिहार की जनता झांसे में न आए, तेजस्वी यादव जमीन तो ले लेंगे, लेकिन नौकरी नहीं देंगे। यह इनका टेस्टेड मॉडल है। अदालत ने तय किए आरोप पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि आज अदालत ने लालू प्रसाद, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और उनके पुत्र तेजस्वी यादव के खिलाफ आरोप तय किए हैं। ये आरोप बहुत गंभीर हैं, जिनमें सरकारी संपत्ति के आवंटन में भ्रष्टाचार, षड्यंत्र रचना और बेईमानी से सरकार की निर्णय प्रक्रिया में गड़बड़ी करने जैसे अपराध शामिल हैं। इन मामलों में आईपीसी की धारा 120-बी और 420 दोनों शामिल हैं। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव बिहार बदलने निकले हैं, जबकि उन्हीं के खिलाफ 420 का आरोप अदालत ने तय किया है। सवाल यह है कि जब किसी की ऐसी छवि और ऐसे आरोप हों, तो वह बिहार को कैसे बदल सकता है? 'जमीन ले लेंगे, लेकिन नौकरी नहीं देंगे' अपने प्रहार को धार देते हुए प्रसाद ने कहा कि अगर लालू प्रसाद के पूरे शासनकाल को तीन वाक्यों में कहा जाए तो वह होंगे- चारा खाना, अलकतरा पीना और सरकारी संपत्ति तथा टेंडर में हेराफेरी कर जमीन हड़पना। इसमें एक चौथा मॉडल भी जोड़ना चाहिए, 'जमीन दो, नौकरी लो।' यह चारों मॉडल लालू राज की पहचान रहे हैं। इस मॉडल की सबसे खास बात यह रही कि इसका सारा लाभ सिर्फ परिवार तक सीमित रहा, बाहर किसी को नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि जमीन दो, नौकरी लो योजना का सबसे बड़ा शिकार गरीब लोग हुए हैं। यह जमीन मजदूरों और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से ली गई। नौकरी देने से पहले उनसे जमीन छीनी गई। यही कांग्रेस और राजद का तथाकथित सामाजिक न्याय है। मुकदमे की चार्जशीट में दर्ज तथ्यों को दोहराने के साथ ही सांसद रविशंकर प्रसाद ने तेजस्वी यादव का वर्ष 2020 के चुनाव का हलफनामा भी दिखाया। सवाल उठाया कि 17 साल की उम्र में तेजस्वी के पास 11 संपत्ति कैसे हो गईं? राबड़ी देवी के नाम पद दर्ज संपत्तियों का ब्योरा साझा करते हुए प्रश्न किया कि राबड़ी देवी ऐसा क्या कार्य करती हैं? और आय का स्रोत क्या है? आईआरसीटीसी होटल घोटाला मामले में दाखिल चार्जशीट की बात करते हुए भाजपा सांसद ने कहा कि लालू परिवार के भ्रष्ट आचरण की पोल एक बार फिर खुल गई है। यह विषय बिहार में बड़ा मुद्दा है और जनता इस पर जरूर विचार करेगी।  

तेजस्वी यादव का वादा: नई सरकार में 20 दिन के भीतर रोजगार कानून लागू करेंगे

 पटना बिहार विधानसभा चुनाव में विपक्षी गठबंधन के सारे दल तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री का चेहरा मान रहे हैं, हालांकि कांग्रेस की ओर से खुलकर सीधे शब्दों में यह बात अब तक नहीं कही गई है। इस बीच सीटों के बंटवारे को लेकर जिच भी सामने आ रही है और मुकेश सहनी को डिप्टी सीएम प्रस्तावित किए जाने पर कांग्रेस ने भी अपने लिए ऐसे पद की मांग अनौपचारिक रूप से रख दी है। लेकिन, इन बातों पर कोई जवाब देने की जगह तेजस्वी यादव ने राजद नेताओं के साथ बैठ मीडिया से बात की और बड़ा एलान कर दिया। उन्होंने एलान किया कि उनकी सरकार बनते ही 20 दिनों के अंदर कानून बनाकर हर घर में एक सरकारी नौकरी दी जाएगी। 'पिछले 17 महीनों के काम से मैं संतुष्ट नहीं' तेजस्वी यादव ने कहा, 'पिछले 17 महीनों के काम से मैं संतुष्ट नहीं हूं। बिहार की जनता अब बदलाव चाहती है। लोगों को सिर्फ सामाजिक नहीं, बल्कि आर्थिक न्याय भी मिलेगा। तेजस्वी यादव ने जो वादा किया है, उसे वो जरूर पूरा करेंगे। आज की सरकार तेजस्वी यादव की दिखाई राह की नकल कर रही है। पिछले 20 साल से लोग पक्के मकान का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन हम सरकार बनने के 20 दिनों के अंदर ही इसके लिए कानून बनाएंगे।' 'शुरू करेंगे सरकारी नौकरी देने की योजना' तेजस्वी यादव ने कहा, "हमारी सरकार बनने पर हर घर से एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी दी जाएगी। इससे लोगों की हर तरह की परेशानियां खत्म होंगी। सरकार बनने के बाद बिहार में उद्योग और कारोबार को बढ़ावा दिया जाएगा। हम खेती और डेयरी से जुड़े उद्योग भी शुरू करेंगे। बिहार के विकास और खुशहाली के मौके पर ‘जश्न-ए-बिहार’ मनाया जाएगा, जिसमें लोगों को सरकारी नौकरियां दी जाएंगी।” उन्होंने आगे कहा, “हम अधिनियम (कानून) बनाकर हर परिवार से एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की योजना शुरू करेंगे।” 'मेरा धर्म बिहारी होना है' तेजस्वी यादव ने कहा, “जैसे ही चुनाव आया, यह सरकार बेरोजगारी भत्ता देने लगी, यानी रोजगार देने की बात ही नहीं कर रही है। मेरा कर्म बिहार है और मेरा धर्म बिहारी होना है, इसे साबित करने के लिए हमें सिर्फ पांच साल का मौका चाहिए। हम बिहार को एक सच्ची, ईमानदार और परफेक्ट सरकार देंगे। अपनी नीयत, सेवा और जिम्मेदारी का सबूत हम 17 महीनों में दे चुके हैं। पांच लाख नौकरियां देकर हमें खुशी है, लेकिन मैं अभी संतुष्ट नहीं हूं।”

आज होगी इंडिया गठबंधन की अहम बैठक, सीट शेयरिंग पर हो सकता है फ़ैसला

पटना इंडिया गठबंधन में सीट शेटरिंग फॉर्मूला को लेक पिछले कुछ दिनों से जारी मंथन अब अंतिम चरण में हैं। रविवार को इंडिया गठबंधन के समन्वय समिति के अध्यक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में पोलो रोड में अहम बैठक हुई। इसमें इंडिया गठबंधन के घटक दलों के सभी प्रमुख नेता शामिल हुए। आज फिर से इंडिया गठबंधन के सभी घटक दल पोलो रोड में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के आवास पर बैठक करेंगे। इसके बाद सात अक्टूबर यानी कल तेजस्वी यादव संयुक्त प्रेस कॉफ्रेंस कर सीट शेयरिंग की घोषणा कर देंगे। अब इंडिया गठबंधन इस बार आठ दलों के साथ चुनावी मैदान में उतरेगा। इनमें कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई),  मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम), भाकपा माले, विकासशील इंसान पार्टी, झारखंड मुक्ति मोर्चा और राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी शामिल हैं। सूत्र बता रहे हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन में राजद के खाते में करीब 130, कांग्रेस को 55 सीट, वामदल को 35, वीआईपी को 20 सीटें मिल सकती है। हालांकि कुछ सीटों को लेकर अब भी खींचतान जारी है। संभावना है कि आज की बैठक में इस पर सभी दलों की सहमति बन जाए। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पार्टी झामुमो और पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस की पार्टी रालोजपा राजद कोटे से पांच सीओं पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है। सूत्र बता रहे हैं कि इंडिया गठबंधन की बैठक में 2020 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टियों में वोट प्रतिशत और सीटों के रिकॉर्ड को देखते हुए इस बार सीट शेयरिंग का फॉर्मूला तय हुआ है। ओवैसी को नहीं मिला अब तक जवाब इधर, AIMIM पार्टी के सुप्रीमो असदुद्दीन ओवैसी को इंडिया गठबंधन अपने साथ रखेगा या नहीं? इस पर कोई बात अब तक नहीं हुई है। संभावना है कि आज की बैठक में इस मुद्दे पर बात हो। हालांकि, ओवैसी ने राजद से गठबंधन को लेकर कहा कि हमने उनके सामने प्रस्ताव रखा था और बीजेपी से लड़ने के लिए सिर्फ 6 सीटें मांगी थीं, लेकिन अब तक उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला है।  

JMM का बिहार में बड़ा दांव, 12 सीटों का दावा और तेजस्वी यादव से संभावित बैठक आज

रांची बिहार विधानसभा चुनाव में हिस्सेदारी को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा के सुदिव्य कुमार सोनू और विनोद पांडे आज पटना में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव से मुलाकात करेंगे। पार्टी अध्यक्ष और सीएम हेमंत सोरेन ने दोनों को बातचीत करने के लिए इसकी कमान सौंपी है।   पार्टी सूत्रों के मुताबिक झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने भी अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। पार्टी राज्य की सीमावर्ती 12 विधानसभा सीटों पर दावेदारी के साथ महागठबंधन में सम्मानजनक भागीदारी की तैयारी में जुट गई है। झामुमो की नजर बिहार के तारापुर, कटोरिया, मनिहारी, झाझा, बांका, ठाकुरगंज, रुपौली, रामपुर, बनमनखी, जमालपुर, पीरपैंती और चकाई सीटों पर है। इन जिलों की सीमा झारखंड से लगती है और यहां झामुमो का वोटबैंक मजबूत माना जाता है। पार्टी का दावा है कि इन इलाकों में संगठन की जमीनी पकड़ अच्छी है और अतीत में उसके विधायक भी यहां से चुने जा चुके हैं। उल्लेखनीय है कि सितंबर महीने में झामुमो अध्यक्ष और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पटना में हुई ‘वोटर अधिकार रैली' के दौरान राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से मुलाकात की थी, लेकिन तब सीट शेयरिंग पर कोई चर्चा नहीं हो सकी थी। इस बार बैठक को लेकर झामुमो काफी गंभीर है और पार्टी नेताओं को मजबूत तुकरं के साथ सीट शेयरिंग की बातचीत की जिम्मेदारी दी गई है। ज्ञातव्य है कि पिछले साल हुए झारखंड विधानसभा चुनाव के दौरान झामुमो ने महागठबंधन धर्म निभाते हुए राजद को 7 सीटें दी थीं, जिनमें से पार्टी ने 4 सीटों पर सफलता पाई थी। झामुमो अब इसी तर्ज पर बिहार में 12 सीटों की मांग कर रहा है। पार्टी का तर्क है कि गठबंधन धर्म में उसे भी वही सम्मान और हिस्सेदारी मिलनी चाहिए, जैसा उसने झारखंड में सहयोगी दलों को दिया था।  

राजद नेता का बयान: एनडीए के वादों पर तेजस्वी यादव ने साधा निशाना

पटना बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने डबल इंजन सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार और केंद्र की भाजपा सरकार विधानसभा चुनाव से पहले योजनाओं की घोषणाएं कर जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है, लेकिन बिहार की समझदार जनता इनके झांसे में नहीं आएगी। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर सरकार के पास राजस्व की कमी है, तो ये वादे कैसे पूरे होंगे। तेजस्वी यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केंद्र सरकार से बिहार की जनता पूछ रही है कि आपके पास 1 लाख करोड़ रुपए नहीं हैं, फिर 7 लाख 8 हजार 729 करोड़ रुपए की घोषणाएं कैसे पूरी करेंगे? बिहार का राजस्व सृजन कितना है? यह पैसा कहां से आएगा? तेजस्वी ने भ्रष्टाचार पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि भाजपा और जदयू से ज्यादा, भ्रष्ट अधिकारी डरे हुए हैं। उन्हें लगता है कि अगर तेजस्वी सत्ता में आए, तो उनका 'रैकेट' खत्म हो जाएगा और भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि राजद के पास ठोस योजनाएं हैं, जबकि डबल इंजन सरकार केवल खोखले वादे कर रही है। तेजस्वी ने कहा कि यह डबल इंजन सरकार इस बार दोगुनी गति से हारने वाली है। ये घोषणाएं डर के मारे की जा रही हैं। बता दें कि हाल ही में पीएम मोदी ने बिहार में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का शुभारंभ किया। इस योजना के तहत 75 लाख महिलाओं के बैंक खाते में 10 हजार रुपए की सहायता राशि ट्रांसफर की गई है।

बयान: तेजस्वी यादव बोले, सबके भ्रष्टाचार की लिस्ट है, समय आने पर सब उजागर करेंगे

पटना  बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने नीतीश कुमार सरकार के मंत्रियों और अधिकारियों पर में भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि है कि राज्य में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है। रविवार को अपने सरकारी आवास एक पोलो रोड में पत्रकारों से बातचीत में तेजस्वी ने कहा कि कोई ऐसा विभाग बचा नहीं है जहां घोटाले नहीं हैं। इस पर मुख्यमंत्री को सामने आकर जवाब देना चाहिए। जन सुराज के प्रशांत किशोर पहले ही सरकार के मंत्री अशोक चौधरी, मंगल पांडे, सम्राट चौधरी, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल और बीजेपी सांसद पर करप्शन के गंभीर आरोप लगा चुके हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जदयू-भाजपा से अधिक बिहार के भ्रष्ट अधिकारी डरे हुए हैं। खासकर डीके गिरोह की छत्रछाया में काम कर रहे अधिकारी अधिक चिंतित हैं। इन्हीं अधिकारियों ने पिछली बार विपक्ष को सत्ता में आने से रोका था। लेकिन इस बार जनता सतर्क और सचेत है। महागठबंधन सरकार बनने पर ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों की खैर नहीं। तेजस्वी यादव ने कहा कि इंजीनियर के यहां करोड़ों की संपत्ति मिल रही है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। अधिकारी, मंत्री अपने बेटे-बेटी, नाते-रिश्तेदारों के नाम पर देश-दुनिया में निवेश कर रहे हैं। सबकी सूची मेरे पास है जिसका आने वाले दिनों में खुलासा किया जाएगा। पीएम ने एक सभा में 31 घोटाले गिनाए थे। ईडी-सीबीआई उनके पास ही है तो क्यों नहीं कार्रवाई हो रही है। लेकिन,भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने पर विपक्ष पर ही कार्रवाई हो रही है। इससे पहले प्रशांत किशोर ने कहा था कि जदयू-बीजेपी के नेताओं और सरकार के मंत्रियों ने पद और प्रभाव का दुरुपयोग करते हुए भ्रष्टाचार को अंजाम दिया। पीके के मुताबिक मंत्री अशोक चौधरी ने अपने प्रभाव से 200 करोड़ से अधिक मूल्य की जमीन खरीदी। सभी जमीनें अशोक चौधरी की बेटी की सगाई के बाद से लेकर विवाह होने तक खरीदी गईं। प्रशांत के आरोपों पर अशोक चौधरी ने उन्हें 100 करोड़ की मानहानि का लीगल नोटिस भेजा। पीके ने इसका जवाब दे दिया है। पीके ने स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय पर दिलीप जायसवाल से पैसे लेकर मेडिकल कॉलेज को मान्यता दिलाने में मदद करने और दिल्ली में पत्नी के नाम फ्लैट खरीदने का आरोप लगाया। मंलग पांडे का जवाब आने के बाद कहा कि दिलीप जायसवाल से 25 लाख कर्ज लेने की बात कर रहे हैं जबकि उनकी पत्नी के बैंक खाते में 2.13 करोड़ रुपये थे। यह राशि कहां से आई, इसका भी हिसाब देना चाहिए। उन्होंने दिलीप जायसवाल पर अल्पसंख्यक मेडिकल कॉलेज पर गलत तरीके अपनाकर कब्जा कर लेने और राजेश साह की हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया। कहा कि नेताओं और अधिकारियों के संबंधियों को कॉलेज में दाखिला देकर डॉक्टर बनाया। तत्कालीन एसपी और जांच प्रभारी से मिलीभगत कर उन्होंने राजेश साह मर्डर केस को रफा-दफा कराया। राजेश की हत्या मामले में मां और बहन की ओर से उच्च न्यायालय में याचिका दायर कराई गई है। प्रशांत ने डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी पर बार-बार नाम बदलने और सातवीं पास होने के बावजूद गलत तरीके से डीलिट की उपाधि लेने का आरोप लगाया। कहा कि कामराज यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट होने की बात करते हैं जो यूनिवर्सिटी है ही नहीं। मैट्रिक पास किया नहीं और यूनिवर्सिटी आफ कैलिफोर्निया से डीलिट की उपाधि ले ली। पीके ने सांसद संजय जायसवाल के बारे में कहा कि पेट्रोल पंप के लिए फोर लेन सड़क का अलाएनमेंट बदलवा दिया। साथ ही फर्जी बिल बनाकर अपने भाई के पंप से नगर निगम के नाम पर इंधन घपला करने का आरोप लगाया। पीके ने बताया कि नगर निगम की सफाई की गाड़ियों के बिल के नाम पर पांच करोड़ 86 लाख का भुगतान पेट्रोल पंप को नगर निगम ने किया। स्थाई समिति की पांच बैठकों में यह पाया गया कि इनमें से ज्यादातर भुगतान फर्जी थे और ज्यादा बढ़ा कर लिया गए थे। 15 अगस्त के बाद से उनके भाई के पंप से इंधन लेने पर रोक लगा दी गयी।  

रोहिणी आचार्य के पक्ष में तेजस्वी यादव, बोले- उनका टिकट नहीं बल्कि योगदान अहम

पटना राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने शुक्रवार को कहा कि उनकी बहन रोहिणी आचार्य का त्याग राजनीतिक हितों से कहीं ऊपर है और उनका जीवन सेवा एवं बलिदान को समर्पित रहा है। यादव ने कहा कि जब उनके पिता और राजद प्रमुख लालू प्रसाद गंभीर रूप से बीमार थे, तब रोहिणी ने अपनी किडनी दान करके एक ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया जो समाज के लिए मिसाल है। ‘रोहिणी दीदी ने हमें पाला है, उनके स्नेह और त्याग को भुलाया नहीं जा सकता'- Tejashwi Yadav तेजस्वी ने कहा, ‘‘रोहिणी दीदी ने हमें पाला है, उनके स्नेह और त्याग को भुलाया नहीं जा सकता। राजनीति में पद या टिकट की उनकी कभी कोई इच्छा नहीं रही।'' बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर रोहिणी आचार्य को लेकर अनर्गल टिप्पणियां कर रहे हैं, लेकिन ऐसी बातें बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और अस्वीकार्य हैं। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर राजद प्रमुख लालू प्रसाद की बेटी, जो उनको ‘किडनी' देने के बाद चर्चा में आई थीं, ऐसा पोस्ट कर रही थीं जिससे लालू परिवार में आंतरिक कलह के संकेत मिल रहे थे। RJD नेता ने स्पष्ट किया कि छपरा के लोगों की मांग पर ही लालू प्रसाद ने रोहिणी आचार्य को टिकट दिया था और वे जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए लगातार काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी को मजबूत करने और संगठन को सुदृढ़ करने में उनकी बहन की अहम भूमिका है।  

बिहार चुनाव में भूचाल: तेजस्वी का CM फेस शर्त, कांग्रेस पर दबाव बढ़ा

पटना  बिहार की राजनीति में एक बार फिर मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर चर्चा तेज हो गई है. आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने साफ कहा है कि महागठबंधन बिना मुख्यमंत्री पद के चेहरे के चुनाव नहीं लड़ेगा. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि क्या हम भाजपाई हैं कि बिना चेहरे के चुनाव लड़ेंगे? तेजस्वी की यह टिप्पणी उनकी पूरक अधिकार यात्रा के दौरान आई है जो उन इलाकों में की गई जहां उनकी पिछली विपक्षी पदयात्रा नहीं पहुंची थी. तेजस्वी यादव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को विपक्षी गठबंधन का प्रधानमंत्री पद का चेहरा मानने की बात पहले ही कही है. हालांकि, राहुल गांधी ने अभी तक तेजस्वी को बिहार में महागठबंधन का मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित नहीं किया है. इस पर तेजस्वी ने कहा कि थोड़ा इंतजार कीजिए, फैसला जनता करेगी. मुख्यमंत्री या सरकार होना ही सबकुछ नहीं है, हमें बिहार को बनाना है. उन्होंने यह भी जोड़ा कि सीट बंटवारे के बाद मुख्यमंत्री पद का चेहरा भी तय हो जाएगा. नीतीश सरकार पर निशाना, खुद को बताया असली CM तेजस्वी यादव ने 31 अगस्त को आरा में एक रैली के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा था. उन्होंने कहा था कि यह एक नकलची सरकार है, हमें असली मुख्यमंत्री चाहिए, न कि नकली. भीड़ से उन्होंने सवाल किया था कि क्या लोगों को डुप्लीकेट सीएम चाहिए या असली सीएम? उनके इस बयान से साफ संकेत मिला कि तेजस्वी खुद को गठबंधन का संभावित चेहरा मान रहे हैं. कांग्रेस का संतुलित रुख मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस की तरफ से अब तक कोई सीधा रुख सामने नहीं आया है. राहुल गांधी ने पत्रकारों से कहा था कि इंडिया गठबंधन के सभी सहयोगी दल आपसी सम्मान और सहयोग की भावना से साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे और अच्छे नतीजे आएंगे. इस बयान से साफ है कि कांग्रेस अभी संतुलित रवैया अपनाए हुए है और अंतिम फैसला बाद में हो सकता है.

बिहार की शिक्षा, रोजगार और सिंचाई पर सवाल, तेजस्वी यादव ने खोला मुद्दा

पटना बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने शनिवार को एनडीए सरकार पर जुबानी हमला किया। उन्होंने कहा कि 20 वर्षों से भाजपा और जदयू सत्ता में हैं, फिर भी बिहार में शिक्षा, रोजगार और सिंचाई की हालत बदतर है।   पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने इंडिया गठबंधन की बैठक के संबंध में कहा कि हम लोग नेताओं से मिलते रहते हैं, बातचीत चलती रहती है। यह प्रक्रिया है, चलती रहती है। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि बिहार में 20 साल से एनडीए सत्ता में है, लेकिन बिहार में क्या है? बिहार में अपराध बढ़ गया है, भ्रष्टाचार चरम पर है। बिहार में न दवाई है, न पढ़ाई है, न सिंचाई है। उन्होंने कहा कि देश में बिहार प्रति व्यक्ति आय में सबसे फिसड्डी है। किसानों की आय के मामले में बिहार पीछे है। कोई उद्योग धंधा नहीं है। अब जब चुनाव का समय आया है, तो ये हमारी नकल कर रहे हैं। एक उद्योग कारखाना क्यों नहीं है? पहले ये लोग बात क्यों नहीं करते थे? माई बहिन योजना के फॉर्म को लेकर फर्जीवाड़ा कहने पर तेजस्वी यादव ने कहा कि लोग स्वेच्छा से फॉर्म भर रहे हैं। इसमें क्या गलत है? भाजपा-जदयू की हालत खराब है, ये लोग हिले हुए हैं। इससे पहले, राजद नेता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने एनडीए की सरकार पर पिछले 20 वर्षों में राज्य की दो पीढ़ियों को बर्बाद करने का आरोप लगाते हुए दस सवाल पूछे। तेजस्वी यादव ने एनडीए पर हमला करते हुए कहा है कि बिहार के मुख्यमंत्री के 20 वर्षों और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ उनकी 11 वर्षों की डबल इंजन सरकार ने बिहार की दो पीढ़ियों का जीवन बर्बाद किया है। उन्होंने दस सवालों की एक सूची जारी की है, जिसमें मतदाताओं से आग्रह किया गया है कि जब सत्ताधारी गठबंधन एनडीए के नेता वोट मांगने आएं, तो उनसे गरीबी, बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और राज्य की जर्जर स्थिति जैसे बुनियादी मुद्दों पर सवाल पूछें।