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ऊर्जा मंत्री तोमर का दावा, प्रदेश विद्युत क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर होगा

प्रदेश विद्युत के क्षेत्र में पूर्णत: आत्म निर्भर : ऊर्जा मंत्री  तोमर भोपाल ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में किये जा रहे कार्यों से प्रदेश विद्युत के क्षेत्र में पूर्णतः आत्म निर्भर हो गया है। प्रदेश भविष्य में भी विद्युत के क्षेत्र में आत्म निर्भर बना रहे इसके लिये विद्युत उपलब्ध क्षमता में 1806 मेगावाट की वृद्धि का कार्यक्रम है। इसमें से 851 मेगावाट क्षमता वृद्धि हासिल की जा चुकी है। प्रदेश में गैर कृषि उपभोक्ताओं को लगभग 24 घंटे एवं कृषि उपभोक्ताओं को लगभग 10 घंटे प्रतिदिन विद्युत प्रदाय की जा रही है। रबी मौसम में मकर संक्रांति पर्व पर 19895 मेगावाट की अधिकतम विद्युत मांग की सफलतापूर्वक पूर्ति की गई, जो प्रदेश के इतिहास में सर्वाधिक है। प्रदेश में पारेषण हानियां अब मात्र 2.60 प्रतिशत रह गई हैं, जो पूरे देश में न्यूनतम हानियों में से एक है। वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2029-2030 तक की अवधि में प्रदेश की पारेषण प्रणाली के सुदृढीकरण के लिये म.प्र. पॉवर ट्राँसमिशन कंपनी लिमिटेड द्वारा प्रस्तावित 5163 करोड़ रुपये के पूंजीगत कार्यों का अनुमोदन प्रदान किया गया है। अटल गृह ज्योति योजना में जिनकी मासिक खपत 150 यूनिट तक है एवं पात्र उपभोक्ताओं को प्रथम 100 यूनिट की खपत के लिए अधिकतम 100 रुपये का बिल दिया जा रहा है एवं अंतर की राशि राज्य शासन द्वारा सब्सिडी के रूप में वितरण कंपनियों को दी जा रही है। इस योजना में घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं के लिये वर्ष 2024-25 में सब्सिडी की मद में 6495.27 करोड़ रूपये जारी किए गए थे। अटल कृषि ज्योति योजना के अंतर्गत 10 हॉर्सपॉवर तक के अनमीटर्ड स्थाई कृषि पंप कनेक्शनों को 750 रुपये प्रति हॉर्सपॉवर प्रतिवर्ष एवं 10 हार्स पॉवर से अधिक के अनमीटर्ड स्थाई कृषि पंप कनेक्शनों को 1500 रूपये प्रति हॉर्स पॉवर प्रतिवर्ष की फ्लेट दर से विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। शासन द्वारा 1 हैक्टेयर तक भूमि एवं 5 हार्स पॉवर तक के कृषि पंप वाले अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के कृषकों को निःशुल्क विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। योजना लगभग 9.3 लाख कृषि उपभोक्ता लाभान्वित हो रहे हैं। समाधान योजना 2025-26" में अद्यतन लगभग 17 लाख 15 हजार रूपये उपभोक्ताओं का 350 करोड़ 67 लाख रूपये सरचार्ज माफ हुआ हैं तथा 852 करोड़ 76 लाख रूपये के बिल जमा हुए हैं। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा-अभियान (पीएम-जनमन) में प्रदेश में लगभग 28 हजार घरों के विद्युतीकरण की कार्य योजना को स्वीकृति प्रदान की गई है। वितरण कंपनियों द्वारा नवम्बर 2025 तक लगभग 26,000 घरों को विद्युत कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं। शासन द्वारा अति उच्चदाब ट्राँसमिशन लाईनों के निर्माण से टॉवर लगने वाले और ट्राँसमिशन लाईन के प्रभावित किसानों को पहले की कलेक्टर गाईडलाईन से दोगुना मुआवजा एकमुश्त एवं डिजिटल माध्यम से दिया जाएगा।  

खेती को राहत: रबी सीजन से पहले 400 केवी विद्युत टावर मजबूत किए गए

रबी सीजन में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने चार्ज 400 केवी टावरों में की गई स्ट्रेंथनिंग भोपाल ऊर्जा मंत्री  प्रद्युमन सिंह तोमर ने बताया कि मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने 400 केवी कटनी–दमोह एक्स्ट्रा हाई टेंशन ट्रांसमिशन लाइन के टावरों के सुदृढ़ीकरण का प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक पूर्ण किया है। इनमें से अनेक टावरों का काम चालू ट्रांसमिशन लाइन में ही किया गया ताकि प्रदेश में रबी सीजन के दौरान किसानों और उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होती रहे। ऊर्जा मंत्री  तोमर ने बताया कि बिरसिंहपुर थर्मल पावर प्लांट से विद्युत की निर्बाध निकासी तथा रबी सीजन में बढ़ी हुई अधिकतम विद्युत मांग के बीच प्रदेश की आपूर्ति व्यवस्था को स्थिर बनाये रखने की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद 400 के वी ट्रांसमिशन लाइनों के टावरों की स्ट्रेंथनिंग का कार्य बिना शटडाउन लिए, चालू लाइन पर ही किया गया। इससे उत्पादन एवं आपूर्ति पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा। इसलिए जरुरत पडी स्ट्रेथनिंग एवं रेट्रोफिटिंग की एम पी ट्रांसको के ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस विभाग के मुख्य अभियंता  दीपक कुमार अग्रवाल ने बताया कि समय के साथ कमजोर हुए कुछ टावरों को मजबूती प्रदान करने तथा बदलती मौसमीय परिस्थितियों और तेज हवाओं को ध्यान में रखते हुए एमपी ट्रांसको प्रबंधन द्वारा टावरों का टेक्निकल आडिट करवाने के बाद स्ट्रेंथनिंग एवं रेट्रोफिटिंग का निर्णय लिया गया था।  

ऊर्जा मंत्री तोमर बोले: समाधान योजना के तहत ₹653 करोड़ से ज्यादा जमा, ₹281 करोड़ सरचार्ज माफ

समाधान योजना में 653 करोड़ 60 लाख मूल राशि हुई जमा, 281 करोड़ 54 लाख सरचार्ज हुआ माफ : ऊर्जा मंत्री तोमर अब 31 जनवरी 2026 तक मिलेगी योजना में सौ फीसदी तक सरचार्ज में छूट भोपाल  समाधान योजना 2025-26 के प्रथम चरण में अब तक 653 करोड़ 60 लाख रूपये मूल राशि जमा हुई है। साथ ही 281 करोड़ 54 लाख रूपये का सरचार्ज माफ किया गया है। योजना में 12 लाख 77 हजार 753 उपभोक्ताओं ने पंजीयन कराया है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि बकायादार उपभोक्ताओं की सतत भागीदारी और उनके उत्साह को देखते हुए समाधान योजना के प्रथम चरण की अवधि में 31 जनवरी 2026 तक विस्तार किया गया है। पिछले साल 3 नवंबर से शुरू हुई समाधान योजना 2025-26 में शामिल होकर लाखों बकायादार उपभोक्ताओं ने सौ फीसदी तक छूट का लाभ लिया। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की है कि तीन माह से अधिक के बकायादार उपभोक्ता योजना के प्रथम चरण में शामिल होकर अपना बकाया बिल एकमुश्त जमा कर 100 फीसदी तक सरचार्ज माफी का लाभ उठायें। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 4 लाख 2 हजार 593 बकायादार उपभोक्ताओं ने पंजीयन कराकर लाभ लिया है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के खाते में 411 करोड़ 49 लाख से अधिक की मूल राशि जमा हुई है, जबकि 218 करोड़ 44 लाख रूपए का सरचार्ज माफ किया गया है। इसी तरह पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में 4 लाख 39 हजार 397 उपभोक्ताओं ने पंजीयन कराया है। मूल राशि 130 करोड़ 50 लाख रूपये जमा हुई है तथा 45 करोड़ 41 लाख रूपये का सरचार्ज माफ किया गया है। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्रान्तर्गत 4 लाख 35 हजार 763 उपभोक्ताओं ने पंजीयन कराया है। कुल मूल राशि 111 करोड़ 61 लाख रूपये जमा हुई है। साथ ही 17 करोड़ 69 लाख रूपये का सरचार्ज माफ किया गया है। समाधान योजना 2025-26 : एक नजर में समाधान योजना 2025-26 का उद्देश्य 3 माह से अधिक अवधि के उपभोक्ताओं को बकाया विलंबित भुगतान के सरचार्ज पर छूट प्रदान करना है। यह योजना 'जल्दी आएं, एकमुश्त भुगतान कर ज्यादा लाभ पाएं' के सिद्धांत पर आधारित है। इस योजना में उपभोक्ता को प्रथम चरण में एकमुश्त भुगतान करने पर सबसे अधिक लाभ हो रहा है जबकि द्वितीय चरण के दौरान छूट का प्रतिशत क्रमशः कुछ कम हो जाएगा। दो चरणों में प्रारंभ हुई योजना को प्रथम चरण की शुरुआत 3 नवंबर 2025 से हुई जो 31 जनवरी 2026 तक चलेगी। इसमें बकाया बिल एकमुश्त जमा करने पर 60 से लेकर 100 प्रतिशत तक सरचार्ज माफ किया जा रहा। इसके बाद द्वितीय और अंतिम चरण शुरू होगा जो 01 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक चलेगा। दूसरे चरण में 50 से 90 फ़ीसदी तक सरचार्ज माफ किया जाएगा। समाधान योजना 2025-26 का लाभ उठाने उपभोक्ताओं के लिए कंपनी के ऐप एवं कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) तथा एमपी ऑनलाइन पर भी पंजीयन की सुविधा उपलब्ध है। पंजीयन के दौरान अलग-अलग उपभोक्ता श्रेणी के लिए पंजीयन राशि निर्धारित की गई है। घरेलू एवं कृषि उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 10 प्रतिशत तथा गैर घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 25 प्रतिशत भुगतान कर पंजीयन कराकर योजना में शामिल होकर लाभ उठा सकते हैं। विस्तृत विवरण तीनों कंपनियों की वेबसाइटों पर भी देखा जा सकता है। साथ ही विद्युत वितरण केंद्र में पहुंचकर भी योजना के संबंध में जानकारी प्राप्त की जा सकती है।  

ऊर्जा मंत्री तोमर का आह्वान: शहर को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने के लिए जन आंदोलन में भाग लें

शहर को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने के लिए जन आंदोलन में सहभागी बनें : ऊर्जा मंत्री तोमर स्वच्छता, प्रदूषण और नशा मुक्ति के लिए अखण्ड सीताराम धुन का समापन ग्वालियर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर की पहल पर ग्वालियर शहर को स्वच्छ, प्रदूषण मुक्त और नशा मुक्त बनाने के संकल्प की पूर्ति के लिए बीते साल आरंभ हुई संगीतमय सीताराम धुन श्रृंखला का एक वर्ष पूर्ण होने पर सोमवार को समापन किया गया। जन कल्याण समिति ग्वालियर द्वारा रविवार से ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर की पहल पर आरंभ हुए 24 घंटे के अखण्ड सीताराम धुन जाप का सोमवार को वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा अर्चना के साथ समापन हुआ। सीताराम धुन समापन आयोजन में हजारों की संख्या में धर्मालंबियों ने अपनी सहभागिता सुनिश्चित की। ऊर्जा मंत्री तोमर ने सभी शहरवासियों से आह्वान किया कि स्वच्छता के लिए जागरूक होना मतलब स्वच्छता ही सेवा अभियान का हिस्सा बनना है, जिससे सामाजिक वातावरण को बेहतर बनाया जा सके। इसके लिए व्यक्तिगत स्वच्छता के साथ-साथ सार्वजनिक स्वच्छता (कचरा न फैलाना, कूड़ा सही जगह डालना, सार्वजनिक स्थानों की सफाई) दोनों शामिल हैं, जो स्वच्छ ग्वालियर अभियान के तहत शहर को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने के लिए एक जन आंदोलन है। इसमें हर नागरिक की भागीदारी ज़रूरी है, जिससे गंदगी को खत्म कर एक स्वस्थ और सुंदर ग्वालियर का निर्माण किया जा सके। ऊर्जा मंत्री तोमर ने सभी से अपील की कि अपने-अपने घर में तुलसी का एक पौधा अवश्य लगाएं। अखण्ड सीताराम धुन समापन उपरांत इस अवसर पर प्रसादी वितरण के रुप में भंडारे का आयोजन भी किया गया।  

मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय ‘पावर लाइन ट्रांसटेक इंडिया अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया

मध्यप्रदेश को प्रतिष्ठित राष्ट्रीय ‘पावर लाइन ट्रांसटेक इंडिया अवॉर्ड’ वेस्टर्न रीजन में सबसे कम ट्रांसमिशन लॉस के लिए एमपी ट्रांसको को मिला सम्मान ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने दी बधाई भोपाल  मध्यप्रदेश ने विद्युत ट्रांसमिशन के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) को वेस्टर्न रीजन में सबसे कम ट्रांसमिशन लॉस दर्ज करने के लिए प्रतिष्ठित राष्ट्रीय ‘पावर लाइन ट्रांसटेक इंडिया अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इस उपलब्धि पर एमपी ट्रांसको के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पुरस्कार प्रदेश की मजबूत ट्रांसमिशन व्यवस्था, तकनीकी दक्षता और सतत सुधार की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का प्रतिफल है। उन्होंने कहा कि न्यूनतम ट्रांसमिशन लॉस के साथ निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय से मान्यता प्राप्त इस प्रतिष्ठित मंच से एमपी ट्रांसको की ओर से कार्यपालन अभियंता लोकेश द्विवेदी ने यह सम्मान प्राप्त किया। मूल्यांकन का आधार पुरस्कार के लिए यूटिलिटीज़ का चयन केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए), पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन (पीएफसी) के डेटा तथा विभिन्न राज्य विद्युत कंपनियों की आधिकारिक रिपोर्टों के आधार पर किया गया। अवॉर्ड की श्रेणियों में सबसे अधिक लाइन लेंथ मे वृद्धि, ट्रांसफॉर्मेशन कैपेसिटी में वृद्धि, बेहतर वित्तीय प्रदर्शन और सबसे कम ट्रांसमिशन लॉस जैसे महत्वपूर्ण मानक शामिल रहे। ट्रांसटेक इंडिया–2025 में हुआ सम्मान यह सम्मान नई दिल्ली स्थित यशोभूमि इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर, द्वारका में आयोजित ‘ट्रांसटेक इंडिया–2025’ कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रदान किया गया। यह कॉन्फ्रेंस विद्युत मंत्रालय से मान्यता प्राप्त एक प्रमुख राष्ट्रीय मंच है, जहां नीति निर्माता, रेगुलेटरी संस्थाएं, डेवलपर्स, मैन्युफैक्चरर्स और ईपीसी कॉन्ट्रैक्टर्स आपसी समन्वय के साथ भाग लेते हैं। इस आयोजन में देशभर से 2500 से अधिक ट्रांसमिशन यूटिलिटीज़ के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।  

एमपी ट्रांसको में बड़ी उपलब्धि, प्रोटेक्शन सेल पूरी तरह डिजिटल हुआ: ऊर्जा मंत्री

एम.पी. ट्रांसको का प्रोटेक्शन सेल 100 प्रतिशत डिजिटल : ऊर्जा मंत्री  तोमर तकनीकी मजबूती के साथ बढ़ी ट्रांसमिशन नेटवर्क की रियल-टाइम सुरक्षा भोपाल  ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि भारत सरकार के डिजिटल इंडिया विजन के तहत मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) के प्रोटेक्शन सेल अब पूरी तरह डिजिटल हो। प्रदेश में 42 हजार किलोमीटर से अधिक लंबी ट्रांसमिशन लाइनों, 417 एक्स्ट्रा हाईटेंशन सब स्टेशनों के 1000 से अधिक पॉवर ट्रांसफार्मरों की हर पल निगरानी एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले प्रोटेक्शन सेल का समूचा कार्य अब पूर्णतः डिजिटली संचालित हो रहा है। ऊर्जा मंत्री  तोमर ने एम.पी. ट्रांसको को यह बड़ी उपलब्धि हासिल करने पर बधाई देते हुये इसे तकनीकी आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया है। मोबाइल, गूगल सीट का हो रहा उपयोग एम.पी. ट्रांसको के  मुख्य अभियंता अमर कीर्ति सक्सेना  ने बताया कि प्रोटेक्शन सेल के डिजिटल होने के बाद सभी फाल्ट रिपोर्ट, इवेंट डेटा, डिस्टर्बेंस रिकॉर्ड, ट्रेकिंग फाइलें तथा एनालिटिकल रिपोर्ट अब मोबाइल, ईमेल या गूगल शीट के माध्यम से तुरंत उपलब्ध हो जाती हैं। किसी भी लाइन-फाल्ट, उपकरण फेल्यूअर या ओवर-लोडिंग की स्थिति में रियल-टाइम अलर्ट सीधे संबंधित अभियंताओं तक पहुँचने से निर्णय लेने की गति बढ़ी है और ट्रिपिंग एवं ब्रेक डाउन की स्थिति को नियंत्रित किया जा सका है। इस पूरी प्रक्रिया के डिजिटल होने से फॉल्ट लोकेशन की सटीक पहचान अब कुछ ही मिनटों में संभव है। प्रोटेक्शन सेल और फील्ड टीमें अब इंटीग्रेटेड डिजिटल नेटवर्क से जुड गई है। डेटा एनालिटिक्स के आधार पर प्रीवेंटिव मेंटेनेंस अधिक व्यवहारिक हो गया है, जिससे प्रदेश के ट्रांसमिशन नेटवर्क की विश्वसनीयता और स्थिरता को सुदृढता प्राप्त हुई है।  

दुर्गोत्सव समितियों को ऊर्जा मंत्री का निर्देश: अस्थाई बिजली कनेक्शन लेकर ही करें झांकी और पंडाल की सजावट

भोपाल ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने धार्मिक उत्सव समितियों और बिजली उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे रामलीला, दुर्गोत्सव, डांडिया एवं गरबा उत्सव के दौरान धार्मिक पण्डालों एवं झाकियों में बिजली साज-सज्जा कंपनी से नियमानुसार अस्थायी कनेक्शन लेकर ही करें। नवरात्रि त्यौहार तथा गरबा पंडालों को अस्थायी कनेक्शन देने के लिए उपयुक्त प्रबंध किए हैं। अस्थाई कनेक्शन लेने की प्रक्रिया बिजली कंपनी के पोर्टल http://saralsanyojan.mpcz.in पर जाकर निर्धारित प्रपत्र में सही संयोजित विद्युत भार को दर्शाते हुए अस्थायी कनेक्शन के लिये ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। समितियों के पदाधिकारियों से कहा गया है कि वे लायसेंसी विद्युत ठेकेदार की टेस्ट रिपोर्ट आवेदन में संलग्न करें एवं वायरिंग इत्यादि लायसेंसधारी विद्युत ठेकेदार से ही करवाएं। आवेदन में दर्शाए अनुसार विद्युत भार के अनुरूप सुरक्षा निधि एवं अनुमानित विद्युत उपभोग की राशि अग्रिम जमा कराकर बिजली कंपनी से अस्थाई कनेक्शन की रसीद अवश्य लें। रसीद की लेमीनेटेड प्रति अनिवार्य रूप से पंडाल/झांकी के सामने लगाएं। आवेदित विद्युत भार से अधिक भार का उपयोग विद्युत साज-सज्जा के लिए न करें। विद्युत कनेक्शन मीटरीकृत होगा एवं विद्युत देयक की बिलिंग नियमानुसार अस्थायी कनेक्शन हेतु लागू घरेलू दर पर की जाएगी। झांकियों के निर्माण एवं विद्युत साज-सज्जा में सुरक्षा नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करें। अनधिकृत तरीके से विद्युत का उपयोग न करें। अधिक जानकारी के लिए कंपनी के टोल फ्री नंबर 1912 पर कॉल कर सकते हैं। अस्थाई कनेक्शन न लेने पर दंड का प्रावधान अधिक भार से ट्रांसफार्मर के जलने की संभावना तथा दुर्घटना की आशंका रहती है। पारेषण एव वितरण प्रणाली पर विपरीत असर होने से अंधेरे होने की संभावना रहती है। अनधिकृत विद्युत उपयोग करने पर इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 के तहत उपयोगकर्ता एवं जिस विद्युत ठेकेदार से कार्य कराया गया है, उनके विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। अनाधिकृत विद्युत उपयोग की दशा में संबंधित विद्युत ठेकेदार के लायसेंस निरस्तीकरण की कार्यवाही की जाएगी।  

तोमर का संदेश: लोकतंत्र सिर्फ शासन नहीं, यह जीवन की आत्मा है

लोकतंत्र केवल शासन पद्धति नहीं, बल्कि जीवन की आत्मा है : तोमर तोमर का संदेश: लोकतंत्र सिर्फ शासन नहीं, यह जीवन की आत्मा है “लोकतंत्र जीवन की आत्मा है, केवल शासन पद्धति नहीं” – तोमर तोमर ने उजागर किया लोकतंत्र का असली महत्व, इसे बताया जीवन की आत्मा स्व. विट्ठल भाई पटेल शताब्दी वर्ष समारोह अखिल भारतीय पीठासीन सम्मेलन में तोमर का संबोधन भोपाल  विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि भारत का लोकतंत्र केवल शासन पद्धति भर नहीं है, बल्कि यह हमारे जीवन की आत्मा है। लोकतंत्र की जड़ें बहुत गहरी रही हैं। यह एक ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और दार्शनिक सत्य है कि भारत ने ही दुनिया को लोकतंत्र का बीज दिया। लोकतंत्र हमारे लिए केवल संविधान की देन नहीं है, बल्कि सबसे पुरानी जीवन परंपरा का हिस्सा है, जो हजारों वर्षों से हमारी संस्कृति, समाज और राजनीति का मार्गदर्शन करता आया है। तोमर दिल्ली विधानसभा में आयोजित केंद्रीय विधानसभा के प्रथम निर्वाचित भारतीय स्पीकर स्व. विट्ठल भाई पटेल शताब्दी वर्ष समारोह में आयोजित अखिल भारतीय पीठासीन सम्मेलन में “भारत−लोकतंत्र की जननी” विषय पर व्याख्यान सत्र को संबोधित कर रहे थे। इस सत्र का विषय प्रवर्तन राज्यसभा के उपसभापति हरवंश ने किया। दो दिन चले व्याख्यान सत्र में देश के लगभग 12 विधानसभा अध्यक्षों/उपाध्यक्षों ने अपने विचार रखे। समापन सत्र के दौरान लोकसभा की पूर्व स्पीकर मीरा कुमार एवं दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता विशेष रूप से उपस्थित थे। तोमर ने कहा कि भारत का लोकतंत्र केवल शासन पद्धति भर नहीं है, बल्कि यह हमारे जीवन की आत्मा है। लोकतंत्र की जड़ें बहुत गहरी रही हैं। आज दुनिया के अनेक लोग यह मानते हैं कि लोकतांत्रिक मूल्य यूनान से शुरू हुए, लेकिन सच यह है कि भारत में उनकी नींव बहुत पहले पड़ चुकी थी। "ऋग्वेद" और "अथर्ववेद" में 'सभा' और 'समिति' जैसे शब्दों का उल्लेख मिलता है। ये संस्थाएँ सामूहिक विमर्श और निर्णय का प्रतीक थीं, जिनमें राजा तक को अपनी राय थोपने का अधिकार नहीं था। उपनिषद भी हमें यही शिक्षा देते हैं। "सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः" जैसी प्रार्थनाएँ केवल धार्मिक मंत्र नहीं हैं। यह मानवता की साझी भलाई, समानता और समावेश का उद्घोष है। यही लोकतंत्र का मूल तत्व है। लोकतंत्र का मतलब केवल वोट देना और सरकार चुनना नहीं है। लोकतंत्र का मतलब है ऐसी व्यवस्था जिसमें सबका कल्याण, सबकी साझेदारी और सबकी सुरक्षा सुनिश्चित हो। यही बात हमारे ऋषियों ने हजारों साल पहले कह दी थी। विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने कहा कि स्व. विट्ठलभाई पटेल ने तत्कालीन राजनीति को नए आयाम दिए और लोकतंत्र के नए मानदंड स्थापित किए। सभी राज्यों की विधानसभाओं को उनके बताए मार्ग का अनुसरण करना चाहिए। तोमर ने कहा कि यह भवन विपिन चंद्र पाल एवं पं. मदन मोहन मालवीय की कर्म स्थली रही है। स्व. बटुकेश्वर दत्त और स्व. भगत सिंह के बम कांड की गवाही भी यह भवन देता है यह हमारी स्वतंत्रता आंदोलन की एक महत्वपूर्ण घटना है। तोमर ने कहा कि भारत की चुनाव प्रणाली विश्व की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक प्रक्रिया है। हर पाँच साल में करोड़ों नागरिक मतदान करके सरकार चुनते हैं। सत्ता का शांतिपूर्ण परिवर्तन इस बात का प्रमाण है कि जनता को चुनने और बदलने का अधिकार प्राप्त है। यही लोकतंत्र की आत्मा है -जनता सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि कई चुनौतियों के बावजूद भारत का लोकतंत्र मजबूत है। इसका कारण यही है कि यह लोकतंत्र केवल संविधान तक सीमित नहीं, बल्कि भारत की जनता की चेतना और उसकी संस्कृति में गहराई से रचा-बसा है। तोमर ने कहा कि अब यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम इस लोकतांत्रिक परंपरा को और सशक्त करें। लोकतंत्र का अर्थ केवल सरकार को चुनना नहीं, बल्कि नागरिक के रूप में अपने दायित्वों को निभाना भी है। सम्मेलन में देशभर की विधानसभाओं के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष विधान परिषदों के सभापति, उपसभापति एवं विधानसभा सचिवालयों के अधिकारी सम्मिलित हुए। सम्मलेन का शुभारंभ 24 अगस्त को गृहमंत्री भारत सरकार अमित शाह द्वारा किया गया। समापन दिवस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला विशेष रूप से उपस्थित थे। मध्यप्रदेश विधानसभा के प्रमुख सचिव ए पी सिंह भी उपस्थित थे।  

ऊर्जा मंत्री तोमर का निर्देश: झांकी-पंडाल सजाने के लिए अस्थाई कनेक्शन का ही उपयोग करें

भोपाल गणेशोत्सव त्यौहार तथा अन्य त्यौहारों में पंडालों को अस्थायी कनेक्शन देने के लिए विद्युत वितरण कंपनियों ने माकूल प्रबंध किए हैं। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने धार्मिक उत्सव समितियों और बिजली उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे गणेशोत्सव के दौरान धार्मिक पण्डालों एवं झॉंकियों में बिजली साज-सज्जा,नियमानुसार ऑनलाइन अस्थाई कनेक्शन लेकर ही करें। अस्थाई कनेक्शन लेने के लिये क्या करें बिजली कंपनी के पोर्टल http://saralsanyojan.mpcz.in:8888/home पर जाकर निर्धारित प्रपत्र में सही, संयोजित विद्युत भार को दर्शाते हुए अस्थायी कनेक्शन के लिये ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत करें। लायसेंसी विद्युत ठेकेदार की टेस्ट रिपोर्ट आवेदन में संलग्न करें एवं वायरिंग इत्यादि लायसेंसधारी विद्युत ठेकेदार से ही करवाएं। आवेदन में दर्शाए अनुसार विद्युत भार के अनुरूप सुरक्षा निधि एवं अनुमानित विद्युत उपभोग की राशि अग्रिम जमा कराकर बिजली कंपनी से अस्थाई कनेक्शन की रसीद अवश्य लें। रसीद की लेमीनेटेड प्रति अनिवार्य रूप से पंडाल/झॉंकी के सामने लगाएं। आवेदित विद्युत भार से अधिक भार का उपयोग विद्युत साज-सज्जा के लिए न करें। विद्युत कनेक्शन मीटरीकृत होगा एवं विद्युत देयक की बिलिंग नियमानुसार अस्थायी कनेक्शन के लिये लागू घरेलू दर पर की जाएगी। झांकियों के निर्माण एवं विद्युत साज-सज्जा में सुरक्षा नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करें। अनधिकृत तरीके से विद्युत का उपयोग न करें। अधिक जानकारी के लिए कंपनी के टोल फ्री नंबर 1912 पर भी कॉल कर सकते हैं। अस्थाई कनेक्शन न लेने से होने वाले नुकसान अधिक भार से ट्रांसफार्मर के जलने की संभावना तथा दुर्घटना की आशंका। पारेषण एव वितरण प्रणाली पर विपरीत असर होने से अंधेरे की संभावना। अनधिकृत विद्युत उपयोग करने पर इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 के तहत उपयोगकर्ता एवं जिस विद्युत ठेकेदार से कार्य कराया गया है, उनके विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही। अनधिकृत विद्युत उपयोग की दशा में संबंधित विद्युत ठेकेदार के लायसेंस निरस्तीकरण की कार्यवाही।  

सावधान! बिजली उपभोक्ताओं को साइबर ठग बना रहे निशाना: ऊर्जा मंत्री की चेतावनी

बिजली उपभोक्ता सायबर जालसाजों से रहें सावधान : ऊर्जा मंत्री तोमर बिजली बिल का भुगतान बिजली कंपनी के अधिकृत गेटवे अथवा बिजली कंपनी के कैश काउण्टर पर करें : ऊर्जा मंत्री तोमर सावधान! बिजली उपभोक्ताओं को साइबर ठग बना रहे निशाना: ऊर्जा मंत्री की चेतावनी भोपाल ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बिजली उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने बिजली बिलों का नकद भुगतान कंपनी के जोन, वितरण केन्द्र कार्यालय, पीओएस मशीन अथवा अधिकृत भुगतान केन्द्रों जैसे एम.पी.ऑनलाइन, कॉमन सर्विस सेन्टर, आईसेक्ट कियोस्क पर ही करें। उपभोक्ताओं को बिजली बिलों के केशलेश भुगतान के लिये कंपनी के पोर्टल portal.mpcz.in (नेट बैंकिंग, क्रेडिट/डेबिट कार्ड, यूपीआई, ईसीएस, बीबीपीएस, कैश कार्ड एवं वॉलेट आदि) फोन पे, अमेजान पे, गूगल पे, पेटीएम ऐप, व्हाट्सएप एवं उपाय मोबाइल ऐप के माध्यम से भी बिल भुगतान की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने उपभोक्ताओं से सायबर जालसाजों से बचने की अपील की है। बिजली कंपनी के सूचना प्रौद्योगिकी के अधिकारियों ने बताया है कि कंपनी अंतर्गत विद्युत देयकों के भुगतान के लिए उपभोक्ता पहचान नंबर यानि आईवीआरएस नंबर की जरूरत होती है। आईवीआरएस नंबर के आधार पर ही जोन, वितरण केन्द्रों या अन्य गेटवे एमपी ऑनलाइन, पेटीएम, फोन, गूगल, अमेजन, व्हाट्सएप आदि पर बिजली बिलों का भुगतान होता है। कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे किसी भी मोबाइल नंबर से आए फोन के आधार पर किसी भी मोबाइल नंबर पर देयकों की राशि अंतरित न करें। साथ ही अपना पिन नंबर भी किसी के साथ साझा न करें। कंपनी के संज्ञान में आया है कि सायबर जालसाजों द्वारा बिजली उपभोक्ताओं को एसएमएस, व्हाट्सएप मैसेज अथवा आई.व्ही.आर. तकनीक से फोन कॉल पर नंबर दबाने के लिये कहा जाता है। जालसाजों द्वारा बिल भुगतान कराने के लिये बिजली कुछ घंटों बाद काट दी जाएगी, जैसा भय बनाया जाता है और इसके लिए बिल भुगतान करने के लिये विशेष नंबर दबाएं अथवा मोबाइल नंबर विशेष पर संपर्क कर बकाया राशि जमा कराएं, जैसे संदेश दिये जाते हैं, जो सायबर ठगी है। इस प्रकार के एसएमएस, व्हाट्सएप मैसेज एवं आई.व्ही.आर. फोन कॉल फर्जी हैं, इन पर ध्यान नहीं दिया जाए। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा विद्युत उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि इस प्रकार के फर्जी सायबर जालसाजों से सतर्क और सावधान रहें।