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ग्रीस ने इजरायली जहाज को किनारे लगाने से रोका, 1600 यात्री परेशान

सायरोस इजरायल के खिलाफ दुनिया भर में फिलिस्तीन समर्थक ऐक्टिव हैं। पिछले दिनों अमेरिका के कई विश्वविद्यालयों से लेकर सड़कों तक पर इजरायल के लोगों का विरोध हुआ था। यही नहीं इजरायली दूतावास के दो कर्मचारियों की वॉशिंगटन में गोली मारकर हत्या कर दी थी। अब ग्रीस में इजरायल के एक जहाज को समंदर के किनारे पर रुकने नहीं दिया गया। इसके चलते जहाज को मजबूरन वापस लौटना पड़ा। जहाज में 1600 यात्री सवार थे। ये प्रदर्शनकारी नारेबाजी कर रहे थे और नो-एंट्री टू इजरायल चिल्ला रहे थे। इस विरोध प्रदर्शन के चलते जहाज को वापस लौटना पड़ा और फिर साइप्रस के रास्ते आया। क्राउन इरिस नाम का क्रूज शिप 6 घंटे की यात्रा करके पहुंचा था, लेकिन उसे रुकने ही नहीं दिया गया। जहाज को ग्रीस के सायरोस में रुकना था और कुछ यात्रियों को उतरना था। फिर विरोध ऐसा हुआ कि जहाज को वापस ले जाया गया और वह साइप्रस के रास्ते अपनी मंजिल पर पहुंचा। इस जहाज को लिमासोल जाना था, जो साइप्रस का ही दूसरा सबसे बड़ा शहर है। चैनल 12 की रिपोर्ट के मुताबिक जिस जहाज को रुकने ही नहीं दिया गया, उसमें करीब 400 बच्चे भी सवार थे। जहाज में सवार लोगों और क्रू मेंबर का कहना था कि बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी बैठे थे। ऐसे में विरोध प्रदर्शन हिंसक होने से उनकी जान को खतरा हो सकता था। उन्हें बचाने के लिए ही जहाज को वहां से आगे बढ़ा लिया गया। जहाज में सवार लोगों को सुरक्षा के नजरिए से अंदर ही बने रहने को कहा गया। उनसे खिड़कियां और दरवाजे बंद करने को कहा गया। इजरायली यात्री ने बताया कि हमने विरोध प्रदर्शन को देखते हुए इजरायल के झंडे लहराए और गाना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि हम लोग तो जहाज के अंदर सुरक्षित महसूस कर रहे थे, लेकिन उसमें सवार बच्चे थोड़ा डरे हुए थे। यह प्रदर्शन ग्रीस में मौजूद फिलिस्तीन समर्थकों की ओर से आयोजित किया गया था। फ्रांस में इजरायल की साइकिलिंग टीम को घेरा यही नहीं ऐसे ही एक विरोध का सामना इजरायल की साइकिलिंग टीम को फ्रांस में करना पड़ा। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग इजरायल के खिलाफ नारेबाजी करने लगे और टीम को घेर लिया। इन लोगों का कहना था कि फ्रांस की सरकार को इजरायल के लोगों को अपने देश में एंट्री नहीं देनी चाहिए।

ग्रीस ने इजरायली जहाज को किनारे लगाने से रोका, 1600 यात्री परेशान

सायरोस इजरायल के खिलाफ दुनिया भर में फिलिस्तीन समर्थक ऐक्टिव हैं। पिछले दिनों अमेरिका के कई विश्वविद्यालयों से लेकर सड़कों तक पर इजरायल के लोगों का विरोध हुआ था। यही नहीं इजरायली दूतावास के दो कर्मचारियों की वॉशिंगटन में गोली मारकर हत्या कर दी थी। अब ग्रीस में इजरायल के एक जहाज को समंदर के किनारे पर रुकने नहीं दिया गया। इसके चलते जहाज को मजबूरन वापस लौटना पड़ा। जहाज में 1600 यात्री सवार थे। ये प्रदर्शनकारी नारेबाजी कर रहे थे और नो-एंट्री टू इजरायल चिल्ला रहे थे। इस विरोध प्रदर्शन के चलते जहाज को वापस लौटना पड़ा और फिर साइप्रस के रास्ते आया। क्राउन इरिस नाम का क्रूज शिप 6 घंटे की यात्रा करके पहुंचा था, लेकिन उसे रुकने ही नहीं दिया गया। जहाज को ग्रीस के सायरोस में रुकना था और कुछ यात्रियों को उतरना था। फिर विरोध ऐसा हुआ कि जहाज को वापस ले जाया गया और वह साइप्रस के रास्ते अपनी मंजिल पर पहुंचा। इस जहाज को लिमासोल जाना था, जो साइप्रस का ही दूसरा सबसे बड़ा शहर है। चैनल 12 की रिपोर्ट के मुताबिक जिस जहाज को रुकने ही नहीं दिया गया, उसमें करीब 400 बच्चे भी सवार थे। जहाज में सवार लोगों और क्रू मेंबर का कहना था कि बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी बैठे थे। ऐसे में विरोध प्रदर्शन हिंसक होने से उनकी जान को खतरा हो सकता था। उन्हें बचाने के लिए ही जहाज को वहां से आगे बढ़ा लिया गया। जहाज में सवार लोगों को सुरक्षा के नजरिए से अंदर ही बने रहने को कहा गया। उनसे खिड़कियां और दरवाजे बंद करने को कहा गया। इजरायली यात्री ने बताया कि हमने विरोध प्रदर्शन को देखते हुए इजरायल के झंडे लहराए और गाना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि हम लोग तो जहाज के अंदर सुरक्षित महसूस कर रहे थे, लेकिन उसमें सवार बच्चे थोड़ा डरे हुए थे। यह प्रदर्शन ग्रीस में मौजूद फिलिस्तीन समर्थकों की ओर से आयोजित किया गया था। फ्रांस में इजरायल की साइकिलिंग टीम को घेरा यही नहीं ऐसे ही एक विरोध का सामना इजरायल की साइकिलिंग टीम को फ्रांस में करना पड़ा। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग इजरायल के खिलाफ नारेबाजी करने लगे और टीम को घेर लिया। इन लोगों का कहना था कि फ्रांस की सरकार को इजरायल के लोगों को अपने देश में एंट्री नहीं देनी चाहिए।

लव-जिहाद का संगठित खेल? पूछताछ में सामने आया युवतियों को फंसाने और धर्म बदलवाने का बड़ा राज

 आगरा आगरा में अवैध धर्मांतरण गिरोह के गंदे खेल की परतें दिन व दिन खुलती जा रही हैं। पुलिस ने दिल्ली के मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान के दो बेटों अब्दुल्ला, अब्दुल रहीम और रोहतक की दलित युवती से जबरन निकाह करने वाले जुनैद को गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरोह ने न जाने कितनी युवतियों की जिंदगी को बर्बाद कर दिया। अब सवाल ये भी उठता है कि आखिर ये गिरोह युवतियों को जाल में फंसाता कैसे है। आइये बताते हैं पूरी कहानी…  अवैध धर्मांतरण गिरोह के मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान का पूरा परिवार ही इस घिनौने खेल का हिस्सा है। अब्दुल रहमान की गिरफ्तारी के बाद उसकी पत्नी भी सामने आई थी। वह धर्मांतरण के लिए युवतियों को लेकर आने की बात कर रही थी। उसका एक वीडियो वायरल हुआ था। पुलिस ने आरोपी अब्दुल रहमान के घर दोबारा दबिश दी थी मगर उसकी पत्नी नहीं मिली। वह लापता हो गई।  एसबी कृष्णा ने किया खुलासा  गोवा की रहने वाली एसबी कृष्णा भी इस्लाम कबूल कर आयशा बनी थी। पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि वह पंजाब यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रही थी। तभी कश्मीरी छात्राओं ने उसे जाल में फंसाया। शबा नाम की छात्रा उसे कश्मीरी लेकर गई थी। परिजन ने दिल्ली में अपहरण का केस दर्ज करा दिया। वह कश्मीर में रह रही थी। वह पांच बार की नमाज पढ़ा करती थी। स्थानीय लोग भी नमाज पढ़ने आते थे। फिर करने लगी ये काम  मगर, उसके साथ वो व्यवहार नहीं होता था जो स्थानीय लोगों से किया जाता था। इस दाैरान उसे जिस घर में रखा गया था, वहां काम भी कराया जाता था। दो महीने बाद उसका मन वापस आने के लिए हुआ। तब वह दिल्ली आ गई। मगर, उसके मित्र मुस्तफा को जेल भेज दिया गया। वह धर्मांतरण कर चुकी थी इसलिए एक बार फिर गिरोह के संपर्क में आ गई। उसे कोलकाता बुला लिया गया। इसके बाद वह धर्मांतरण के लिए आने वाले लोगों के लिए रुपये मुहैया कराने का काम करने लगी। बंधक बनाकर रखी गई थी युवती  पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान के घर से रोहतक की युवती को बरामद किया। वह बंधक बनाकर रखी गई थी। उसका धर्मांतरण और निकाह भी कराया गया था। उसने भी पुलिस को कई अहम जानकारियां दीं। बताया कि उसे मुस्लिम धर्म के बारे में बताया गया। फिर धर्म परिवर्तन कराया गया। उसकी मदद की गई। उसे रुपयों से लेकर आवास तक दिया गया। बाद में वह धोखे का शिकार हो गई। जिस जुनैद नाम के युवक ने दोस्ती की थी। उसने पहले ही शादी कर ली थी। इसके बावजूद वो उसे अपने साथ रखना चाहता था। बाद में तलाक दे दिया। तब उसे अब्दुल रहमान ने रख लिया। गिरोह का है चरणबद्ध तरीका 1- पुलिस की पूछताछ में पता चला कि गिरोह के सदस्य अलग-अलग राज्यों के शिक्षण संस्थान में फैले हुए हैं। इनमें बड़ी संख्या में युवतियां भी शामिल हैं। वह छात्राओं को फंसाने का काम करती हैं। वह मिलकर और सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें इस्लाम धर्म के बारे में बताती हैं। अपने धर्म से अलग और सहूलियत के बारे बताया जाता है। जन्नत में जाने का रास्ता दिखलाया जाता है। संसार में सबके एक सामान होने की बात कही जाती थी। इससे प्रभावित होकर ही लोग जाल में फंस जाते थे। 2- एक बार किसी के राजी होने पर धन भी उपलब्ध कराया जाता था। बताया जाता था कि उनकी मदद की जाएगी। रहने और खाने की दिक्कत नहीं होगी। काम भी मिलता रहेगा। बताया जाता था कि किसी तरह की समस्या होने पर धर्म के लोग आपकी मदद करेंगे। सदर की सगी बहनों को भी दिल्ली ले जाने के बाद रुपये दिए गए थे। कोलकाता में कमरा भी दिलाया गया था। गिरोह के सदस्य उनके धर्मांतरण और निकाह से संबंधित कागजात भी तैयार करा रहे थे।   3- धर्मांतरण होने के बाद युवतियों को बुर्के में रखा जाता था। उनसे पांच बार की नमाज अदा कराई जाती थी। इस दाैरान उन्हें धार्मिक पुस्तकें भी पढ़वाई जाती थी, जिससे वो अपनी आस्था को कम नहीं कर सकें। सदर की एक युवती को इतना प्रभावित किया गया था वह मुजाहिद बनने के लिए भी तैयार हो गई थी। वह हथियार हाथ में लेना चाहती थी। सारे दस्तावेज बनने के बाद अगर, कोई वापस भी जाना चाहता है, तो वह नहीं जा सकता। खासकर युवतियों का घर वापसी करना आसान नहीं होता है। 4- धर्मांतरण और निकाह होने के बाद युवतियों को धोखा मिलता था। उन्हें अपना तो लिया जाता था लेकिन अपनों जैसा व्यवहार नहीं होता था। धर्मांतरण से पहले आवास और धन दिया जाता था, मगर हर तरफ से जाल में फंसने के बाद ऐसा कुछ नहीं होता था। ऐसे में निकाह करने वाली युवतियां का वापस जा पाना भी आसान नहीं होता था। वह गिरोह से जुड़ी होने के कारण पुलिस से भी मदद नहीं मांग पाती थीं।  

लव-जिहाद का संगठित खेल? पूछताछ में सामने आया युवतियों को फंसाने और धर्म बदलवाने का बड़ा राज

 आगरा आगरा में अवैध धर्मांतरण गिरोह के गंदे खेल की परतें दिन व दिन खुलती जा रही हैं। पुलिस ने दिल्ली के मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान के दो बेटों अब्दुल्ला, अब्दुल रहीम और रोहतक की दलित युवती से जबरन निकाह करने वाले जुनैद को गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरोह ने न जाने कितनी युवतियों की जिंदगी को बर्बाद कर दिया। अब सवाल ये भी उठता है कि आखिर ये गिरोह युवतियों को जाल में फंसाता कैसे है। आइये बताते हैं पूरी कहानी…  अवैध धर्मांतरण गिरोह के मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान का पूरा परिवार ही इस घिनौने खेल का हिस्सा है। अब्दुल रहमान की गिरफ्तारी के बाद उसकी पत्नी भी सामने आई थी। वह धर्मांतरण के लिए युवतियों को लेकर आने की बात कर रही थी। उसका एक वीडियो वायरल हुआ था। पुलिस ने आरोपी अब्दुल रहमान के घर दोबारा दबिश दी थी मगर उसकी पत्नी नहीं मिली। वह लापता हो गई।  एसबी कृष्णा ने किया खुलासा  गोवा की रहने वाली एसबी कृष्णा भी इस्लाम कबूल कर आयशा बनी थी। पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि वह पंजाब यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रही थी। तभी कश्मीरी छात्राओं ने उसे जाल में फंसाया। शबा नाम की छात्रा उसे कश्मीरी लेकर गई थी। परिजन ने दिल्ली में अपहरण का केस दर्ज करा दिया। वह कश्मीर में रह रही थी। वह पांच बार की नमाज पढ़ा करती थी। स्थानीय लोग भी नमाज पढ़ने आते थे। फिर करने लगी ये काम  मगर, उसके साथ वो व्यवहार नहीं होता था जो स्थानीय लोगों से किया जाता था। इस दाैरान उसे जिस घर में रखा गया था, वहां काम भी कराया जाता था। दो महीने बाद उसका मन वापस आने के लिए हुआ। तब वह दिल्ली आ गई। मगर, उसके मित्र मुस्तफा को जेल भेज दिया गया। वह धर्मांतरण कर चुकी थी इसलिए एक बार फिर गिरोह के संपर्क में आ गई। उसे कोलकाता बुला लिया गया। इसके बाद वह धर्मांतरण के लिए आने वाले लोगों के लिए रुपये मुहैया कराने का काम करने लगी। बंधक बनाकर रखी गई थी युवती  पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान के घर से रोहतक की युवती को बरामद किया। वह बंधक बनाकर रखी गई थी। उसका धर्मांतरण और निकाह भी कराया गया था। उसने भी पुलिस को कई अहम जानकारियां दीं। बताया कि उसे मुस्लिम धर्म के बारे में बताया गया। फिर धर्म परिवर्तन कराया गया। उसकी मदद की गई। उसे रुपयों से लेकर आवास तक दिया गया। बाद में वह धोखे का शिकार हो गई। जिस जुनैद नाम के युवक ने दोस्ती की थी। उसने पहले ही शादी कर ली थी। इसके बावजूद वो उसे अपने साथ रखना चाहता था। बाद में तलाक दे दिया। तब उसे अब्दुल रहमान ने रख लिया। गिरोह का है चरणबद्ध तरीका 1- पुलिस की पूछताछ में पता चला कि गिरोह के सदस्य अलग-अलग राज्यों के शिक्षण संस्थान में फैले हुए हैं। इनमें बड़ी संख्या में युवतियां भी शामिल हैं। वह छात्राओं को फंसाने का काम करती हैं। वह मिलकर और सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें इस्लाम धर्म के बारे में बताती हैं। अपने धर्म से अलग और सहूलियत के बारे बताया जाता है। जन्नत में जाने का रास्ता दिखलाया जाता है। संसार में सबके एक सामान होने की बात कही जाती थी। इससे प्रभावित होकर ही लोग जाल में फंस जाते थे। 2- एक बार किसी के राजी होने पर धन भी उपलब्ध कराया जाता था। बताया जाता था कि उनकी मदद की जाएगी। रहने और खाने की दिक्कत नहीं होगी। काम भी मिलता रहेगा। बताया जाता था कि किसी तरह की समस्या होने पर धर्म के लोग आपकी मदद करेंगे। सदर की सगी बहनों को भी दिल्ली ले जाने के बाद रुपये दिए गए थे। कोलकाता में कमरा भी दिलाया गया था। गिरोह के सदस्य उनके धर्मांतरण और निकाह से संबंधित कागजात भी तैयार करा रहे थे।   3- धर्मांतरण होने के बाद युवतियों को बुर्के में रखा जाता था। उनसे पांच बार की नमाज अदा कराई जाती थी। इस दाैरान उन्हें धार्मिक पुस्तकें भी पढ़वाई जाती थी, जिससे वो अपनी आस्था को कम नहीं कर सकें। सदर की एक युवती को इतना प्रभावित किया गया था वह मुजाहिद बनने के लिए भी तैयार हो गई थी। वह हथियार हाथ में लेना चाहती थी। सारे दस्तावेज बनने के बाद अगर, कोई वापस भी जाना चाहता है, तो वह नहीं जा सकता। खासकर युवतियों का घर वापसी करना आसान नहीं होता है। 4- धर्मांतरण और निकाह होने के बाद युवतियों को धोखा मिलता था। उन्हें अपना तो लिया जाता था लेकिन अपनों जैसा व्यवहार नहीं होता था। धर्मांतरण से पहले आवास और धन दिया जाता था, मगर हर तरफ से जाल में फंसने के बाद ऐसा कुछ नहीं होता था। ऐसे में निकाह करने वाली युवतियां का वापस जा पाना भी आसान नहीं होता था। वह गिरोह से जुड़ी होने के कारण पुलिस से भी मदद नहीं मांग पाती थीं।  

सेना क्षेत्र में बढ़ी सुरक्षा, हिंडन एयरपोर्ट रोड पर रील और राइडिंग पर पूर्ण रोक

गाजियाबाद-  गाजियाबाद का हिंडन एयरपोर्ट अब पहले से ज्यादा व्यस्त हो गया है. यहां से बेंगलुरु, मुंबई, गोवा, पटना, अहमदाबाद, कोलकाता, इंदौर सहित 16 शहरों के लिए उड़ानें चल रही हैं. हाल ही में 20 जुलाई को 9 नई उड़ानों की शुरुआत हुई, जिससे एयरपोर्ट पर यात्रियों और वाहनों की आवाजाही काफी बढ़ गई है. इसी बढ़ते दबाव को देखते हुए गाजियाबाद पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है. अब हिंडन एयरपोर्ट रोड पर आम लोगों की एंट्री रोक दी गई है. पुलिस करेगी सख्त चेकिंग हिंडन एयरपोर्ट के मुख्य सुरक्षा अधिकारी एसीपी सूर्य बली मौर्य ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है. अब “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” कट के पास एक चेकिंग प्वाइंट बनाया गया है. यहां पुलिस हर वाहन की जांच करेगी और सिर्फ उन्हीं लोगों को आगे जाने दिया जाएगा जिनके पास फ्लाइट टिकट होगा या एयरपोर्ट से जुड़ा जरूरी कार्य होगा. हिंडन एयरपोर्ट रोड पिछले कुछ समय से रील शूटिंग, वीडियो बनाने और ड्राइविंग सीखने के लिए चर्चित हो गई थी. इससे सड़क पर भीड़ बढ़ती थी और कई बार जाम या दुर्घटनाएं भी हो जाती थीं. अब पुलिस ने चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति रील बनाते या ड्राइविंग सीखते पकड़ा गया, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी. सिर्फ यात्रियों के लिए खुला रास्ता यह फैसला खासतौर पर फ्लाइट यात्रियों की सुविधा के लिए लिया गया है. अक्सर जाम और भीड़ के कारण यात्रियों को समय पर एयरपोर्ट पहुंचने में मुश्किल होती थी. चूंकि उड़ानों की संख्या में भी वृद्धि हुई है, इसलिए ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए अब एयरपोर्ट रोड सिर्फ जरूरतमंद लोगों के लिए खोली गई है.

ड्रग्स तस्करी के साथ यौन शोषण की पुष्टि, MP में गिरी कार्रवाई की गाज, 6 आरोपी गिरफ्तार

भोपाल  भोपाल क्राइम ब्रांच ने तीन दिन पहले एमडी ड्रग्स के साथ दो तस्करों को पकड़ा था, लेकिन अब इस मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. इस गिरफ्तारी के बाद मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. यह लोग सिर्फ लड़कियों को नशे ही नहीं बेच रहे थे, बल्कि उन्हें नशे की लत लगाकर उनके साथ रेप भी कर रहे थे. मामले में गिरफ्तार एक आरोपी यासिन के मोबाइल में पुलिस को कई लड़कियों के साथ रेप करते, अश्लील वीडियो मिले हैं. पुलिस ने इनके पास से एक स्कॉर्पियो गाड़ी भी जब्त की है.  क्लब, जिम और पार्टियों में बनाते थे निशाना दरअसल, इसकी शुरुआत हुई थी पिछले हफ्ते जब भोपाल क्राइम ब्रांच ने क्लबों, जिम और पार्टियों में युवाओं को निशाना बनाने वाले एक हाई-प्रोफाइल ड्रग रैकेट का भंडाफोड़ किया था. तब क्राइम ब्रांच ने सैफुद्दीन और आशु उर्फ शाहरुख को गिरफ्तार किया था. पुलिस ने उससे पूछताछ के आधार पर अब 2 और लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनके नाम यासीन और शावर हैं. पुलिस ने इनके पास से ड्रग्स, पिस्टल और 2 महंगी कारें बरामद की हैं. मोबाइल में मिले लड़कियों के साथ दुष्कर्म के वीडियो क्राइम ब्रांच ने जिन दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें से एक यासीन क्लब में डीजे का काम करता है. जिसके पास से पुलिस ने 1.05 ग्राम एमडी ड्रग्स, एक पिस्टल और एक महिंद्रा स्कॉर्पियो कार जब्त की है. पुलिस ने जब मोबाइल की गैलरी खंगाली तो उसमें कई लड़कियों के साथ अश्लील और धमकी भरी चैट के साथ लड़कियों के शारिरिक शोषण के कई वीडियो भी मिले हैं, जिसके बाद पुलिस के कान खड़े हो गए हैं, क्योंकि भोपाल के एक निजी कॉलेज की लड़कियों के साथ भी गिरोह बनाकर रेप और ब्लैकमेलिंग मामले की जांच अभी चल ही रही है और पुलिस अब वीडियो में दिख रही लड़कियों की पहचान कर और उनसे संपर्क कर मामले की जानकारी लेने में जुट गई है. वहीं एक अन्य आरोपी शावर जो प्रॉपर्टी का काम करता है, उसके पास से 2.052 ग्राम एमडी ड्रग्स समेत एक महिंद्रा बीई-6 कार बरामद की गई है.  नशे की आड़ में युवतियों का शोषण, ब्लैकमेलिंग के वीडियो मिले भोपाल के क्लबों और पबों में एमडी ड्रग्स की तस्करी करने वाले ड्रग माफिया चाचा-भतीजे शाहवर अहमद और यासीन अहमद की गिरफ्तारी के बाद शहर में ड्रग पार्टी कल्चर और उसकी आड़ में हो रहे युवाओं के शोषण का सनसनीखेज राजफाश हुआ है। आरोपित ड्रग माफिया चाचा-भतीजे शहर के पबों और क्लबों में ड्रग पार्टी का आयोजन करते थे। इसके साथ ही इनमें पार्टियों में शामिल होने वाले युवाओं को कभी जाने तो कभी अनजाने में एमडी जैसे ड्रग का नशा करवाते और फिर उन्हें अपने ठिकानों पर ले जाकर ब्लैकमेल करते। दोनों आरोपित पार्टी के बाद नशे में चूर युवतियों का शारीरिक शोषण करते हुए उनका वीडियो बनाते थे। इसके साथ ही मदहोश युवकों से बंदूक की नोंक पर अड़ीबाजी करते थे। इन ड्रग माफियाओं के मोबाइल से करीब 35 युवतियों से शोषण के वीडियो भी मिले हैं। बंदूक पर अड़ीबाजी भी कैमरे में कैद हुई है। 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया भोपाल क्राइम ब्रांच ने इस पूरे गिरोह का पर्दाफाश करते हुए इस कार्य में लिप्त छह आरोपियों को अब तक गिरफ्तार किया है। इनमें अलग-अलग कालेजों व पार्टियों में ड्रग खपाने वाले सैफुद्दीन, आशू उर्फ शाहरुख, समीरउद्दीन और सोहेल खान शामिल हैं। पुलिस को शंका है कि इस गिरोह से बड़ी संख्या में और भी तस्कर जुड़े हैं, जिनकी तलाश के लिए क्राइम ब्रांच की 10 टीमें जुटी हैं। क्राइम ब्रांच पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आया है कि आरोपित शाहवर अहमद दूसरे राज्यों से ड्रग मंगवाता था। उसका भतीजा यासीन शहर के क्लबों व पबों में आयोजित पार्टियों में एमडी ड्रग सप्लाई करता था। इसके साथ ही कालेज छात्रों व अन्य ग्राहकों तक भी पहुंचाता था। उसके साथ कई अन्य तस्कर भी जुड़े थे। फरवरी 2025 में क्राइम ब्रांच ने रुस्तम खां अहाता के पास से 20 वर्षीय समीरउद्दीन और 23 वर्षीय सोहेल खान को एमडी ड्रग के साथ गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपित तलैया क्षेत्र के रहने वाले थे। एमडी पाउडर की तस्करी करते हुए पकड़ा था उन्होंने पूछताछ में सैफुउद्दीन नामक तस्कर से एमडी ड्रग्स खरीदने की जानकारी दी थी। इस मामले में सैफुद्दीन पर पांच हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। सैफुद्दीन 18 जुलाई को गोविंदपुरा क्षेत्र में अपने साथी शाहरुख हसन के साथ एमडी पाउडर की तस्करी करते हुए पकड़ा गया था। दोनों के पास से एमडी ड्रग मिला था। पूछताछ में दोनों आरोपितों ने शाहवर अहमद और यासीन अहमद का नाम बताया था। इसके साथ ही उन्होंने पार्टियों और जिम में लोगों को नशे का आदी बनवाने की बात कबूली थी। शाहवर और यासीन के पास से एमडी ड्रग्स, कार और बंदूक जब्त की गई है। प्रापर्टी डीलिंग का काम भी करता है मास्टर माइंड आरोपित शाहवर अहमद मास्टर माइंड है। वह गांधीनगर क्षेत्र की एक पाश कालोनी में रहता है। वह प्रापर्टी डीलिंग का काम करता है, वहीं उसका भतीजा यासीन अहमद बुधवारा क्षेत्र में परिवार के साथ रहता है। वह डीजे ऑपरेटर है और शहर की महंगी पार्टियों में डीजे प्ले करता है। यासीन शहर के कई क्लब और पबों के संचालकों के संपर्क में था। वह क्लबों में आयोजित पार्टियों में नशा परोसता था। पुलिस को आशंका है कि दोनों मुख्य आरोपित करीब आठ से दस साल से नशे के काले कारोबार से जुड़े हैं। मछली कारोबारी शरीफ और शारिक के परिवार से हैं आरोपित गिरोह के दोनों मुख्य आरोपित शहर के बड़े मछली कारोबारी शरीफ अहमद के बेटे और भतीजे हैं। शाहवर अहमद शरीफ का बेटा था, जबकि यासीन शरीफ के बेटे शफीक का बेटा है। शरीफ के एक अन्य पुत्र शारिक अहमद उर्फ शारिक मछली का नाम भोपाल के दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग कांड के आरोपितों से जुड़ा था। ऐसे में, माना जा रहा है कि नशे के इन तस्करों का निशाना दूसरे धर्म से जुड़े युवक-युवतियां होती थीं। राजनेताओं से गहरा कनेक्शन, विधायक का दिवंगत पुत्र था दोस्त मछली कारोबार से जुड़े होने के कारण शरीफ मछली का लंबे समय से राजनेताओं से … Read more

उपराष्ट्रपति पद के लिए नई एंट्री ने बढ़ाई हलचल, बीजेपी हाईकमान से हुई बातचीत

नई दिल्ली जगदीप धनखड़ के उपराष्ट्रपति पद से अचानक इस्तीफा देने के बाद अब अगले वाइस प्रेसिडेंट के नाम की अटकलें लगने लगी हैं। अब तक संभावितों की लिस्ट में कई बड़े नेताओं के नाम सामने चुके हैं। अब इसमें एक और बड़ा व चौंकाने वाला नाम शामिल हुआ है। दरअसल, केंद्रीय राज्य मंत्री और जेडीयू सांसद रामनाथ ठाकुर ने बुधवार शाम को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की है, जिसके बाद अटकलें लगने लगी हैं कि वे भी उपराष्ट्रपति की रेस में शामिल हैं। रामनाथ ठाकुर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर के बेटे हैं और इस समय जेडीयू कोटे से मोदी सरकार में कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री हैं। कौन हैं रामनाथ ठाकुर, रेस में क्यों हुए शामिल? रामनाथ ठाकुर बिहार से आने वाले बड़े चेहरे हैं। वे राज्य के पूर्व सीएम कर्पूरी ठाकुर के बड़े बेटे हैं। वे लालू यादव की पहली कैबिनेट का भी हिस्सा रह चुके हैं और तब गन्ना मंत्री बनाया गया था। फिर साल 2005 से 2010 तक नीतीश सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे। उनके पिता कर्पूरी ठाकुर को कुछ समय पहले ही भारत रत्न से सम्मानित किया गया है। रामनाथ ठाकुर के उपराष्ट्रपति की रेस में शामिल होने की कई वजहें बताई जा रही हैं। दरअसल, इसी साल के आखिर में बिहार विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और ऐसे में यदि एनडीए सरकार वहीं से आने वाले किसी नेता को उपराष्ट्रपति बनाती है तो चुनाव से पहले बड़ा मैसेज जाएगा और इसका फायदा मौजूदा सरकार को राज्य में मिल सकता है। जेडीयू को साधने के लिए रामनाथ ठाकुर को बनाएगी उपराष्ट्रपति? वहीं, रामनाथ ठाकुर को उपराष्ट्रपति बनाकर बीजेपी बिना किसी दिक्कत के पांच सालों तक केंद्र में सरकार चला सकती है। बीजेपी को इस समय अकेले दम पर लोकसभा में बहुमत नहीं है और जेडीयू व टीडीपी की मदद से सरकार चला रही है। इसी वजह से उपराष्ट्रपति का पद जेडीयू कोटे से किसी नेता को भी दिया जा सकता है। पहले बिहार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन बाद में उनका नाम रेस से लगभग बाहर हो गया। बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले नीतीश खुद को मुख्यमंत्री पद से दूर करना नहीं चाहेंगे। इसी वजह से अब उनकी जगह जेडीयू की ओर से रामनाथ ठाकुर का नाम रेस में आ गया है। यदि रामनाथ ठाकुर को एनडीए सरकार उपराष्ट्रपति बनाती है तो इससे नीतीश कुमार भी राज्य के अगले सीएम पद की रेस में बने रहेंगे और उपराष्ट्रपति जैसा बड़ा पद भी उनके ही दल के नेता को मिल जाएगा। लिस्ट में और कौन-कौन से नाम हैं शामिल? पिछले एक दशक से ज्यादा समय में मोदी सरकार हमेशा चौंकाने वाले फैसले लेने के लिए जानी जाती है। उसकी अगली रणनीति और फैसले के बारे में बहुत ही कम बार पहले से पता चल सका है। इसी तरह इस बार भी उपराष्ट्रपति पद के लिए विभिन्न नामों की अटकलें भले ही लग रही हैं, लेकिन कौन बनेगा, इसका पता तो तभी चलेगा, जब बीजेपी खुद इसका ऐलान करेगी। हालांकि, अभी कई नाम हैं, जो संभावितों की सूची में हैं। सबसे पहले नीतीश कुमार का नाम सामने आया, लेकिन अब उनकी संभावना बहुत कम है। उनके अलावा, हरिवंश नारायण सिंह, राजनाथ सिंह, मनोज सिन्हा जैसे नामों की भी चर्चा है।

छांगुर गैंग का मददगार निकला क्राइम ब्रांच का इंस्पेक्टर, कमिश्नर ने अब्दुल रहमान को किया सस्पेंड

बलरामपुर यूपी के बलरामपुर में ईडी, एटीएस और अन्य एजेंसियों की जांच में वहां तैनात कई अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की जमालुद्दीन उर्फ छांगुर से सांठगांठ के सबूत मिले हैं. तत्कालीन डीएम ने 2 साल पहले ही पुलिस और अपराधियों के गठजोड़ की 150 पन्ने की रिपोर्ट शासन को भेज दी थी.  इस रिपोर्ट में पुलिस वालों को संगठित रूप से छांगुर के करीबी रहे गैंगस्टर हाशमी और अन्य अपराधियों की मदद करने की बातें लिखी गई थी. रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया कि किस तरीके से तीन बार मुकदमा दर्ज करने के बाद भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया.  नीतू की लाल डायरी में दर्ज कई राज पिछले दिनों ईडी की छापेमारी में छांगुर की करीबी नीतू उर्फ नसरीन के कमरे से एक लाल रंग की करीब 100 पन्नों की डायरी बरामद हुई. इस डायरी में कई अहम लोगों के साथ पैसों के लेनदेन का विवरण है. इसमें वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में छांगुर द्वारा उतरौला सीट से चुनाव लड़ने वाले एक प्रत्याशी को 90 लाख रुपये देने का पूरा ब्योरा दर्ज है. हालांकि, वह प्रत्याशी चुनाव हार गया और भाजपा के राम प्रताप वर्मा विजयी हुए. डायरी में उस मुस्लिम नेता का नाम भी दर्ज है, जिसने 2022 में उतरौला से चुनाव लड़ा था.  डीएम ने पहले ही दी थी चेतावनी तत्कालीन डीएम ने 2022 में इसी मुस्लिम प्रत्याशी पर गैंगस्टर की कार्रवाई करते हुए शासन को पत्र भेजा था. उन्होंने ईडी और आयकर जैसी एजेंसियों से जांच की सिफारिश की थी. साथ ही, पुलिस की अपराधियों के साथ मिलीभगत की भी शिकायत की थी. इसके बाद डीएम और एसपी के बीच विवाद होने पर दोनों अधिकारियों का तबादला कर दिया गया.  कार्रवाई होती तो पहले ही खुल जाता नेटवर्क गौर करने वाली बात यह है कि अगर पुलिस समय पर सिंडिकेट पर कार्रवाई करती तो बलरामपुर में चल रहा छांगुर का नेटवर्क शायद पहले ही उजागर हो जाता. बताया जा रहा है कि नीतू की डायरी में न केवल पूर्व विधायक को दिए गए पैसों का ज़िक्र है बल्कि कई पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं. जैसे-जैसे एजेंसियों की जांच आगे बढ़ेगी और भी महत्वपूर्ण नाम सामने आने की संभावना है.  छांगुर गैंग का मददगार निकला क्राइम ब्रांच का इंस्पेक्टर, कमिश्नर ने अब्दुल रहमान को किया सस्पेंड गाजियाबाद में क्राइम ब्रांच के प्रभारी इंस्पेक्टर अब्दुल रहमान सिद्दीकी को सस्पेंड कर दिया गया है. सिद्दीकी पर अवैध धर्मांतरण रैकेट चलाने वाले जमालुद्दीन उर्फ छांगुर के गैंग से मिलीभगत का आरोप है. साथ ही धर्मांतरण मामले की एक पीड़िता को धमकाने का भी गंभीर आरोप लगा है.  दरअसल, मेरठ में पीड़ित लड़की के परिवार ने 2019 में एक मामला दर्ज कराया था. आरोप है कि तत्कालीन इंस्पेक्टर अब्दुल रहमान सिद्दीकी ने इस परिवार को चुप रहने की धमकी दी थी, साथ ही मुंह खोलने पर अंजाम भुगतने की बात कही थी.  मालूम हो कि मेरठ की इस पीड़िता को लव जिहाद के जाल में फंसाकर उसका जबरन धर्मांतरण करा दिया था. इसको लेकर उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत के बाद इंस्पेक्टर सिद्दीकी की मामले में एंट्री हुई. सिद्दीकी पर जांच में लापरवाही और पीड़ित पक्ष को धमकाने का आरोप लगा.  आरोपों के मुताबिक, इंस्पेक्टर अब्दुल रहमान सिद्दीकी ने पीड़िता को अपने पद का दुरुपयोग करते हुए न सिर्फ धमकाया बल्कि चुप रहने की चेतावनी भी दी. फिलहाल, गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड ने मामले को गंभीर मानते हुए आरोपी इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया है. इस एक्शन से महकमे में हड़कंप मच गया. हालांकि, पहले भी ऐसे आरोप लगे हैं कि छांगुर को कई स्तर पर पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों से मदद मिलती रही है.  ये है मामला  जानकारी के मुताबिक, 2019 में मेरठ के सिविल लाइन थाना प्रभारी रहते हुए अब्दुल रहमान सिद्दीकी ने एक लड़की के अपहरण मामले में मुकदमा दर्ज नहीं किया. उल्टे पीड़ित पक्ष को ही धमका कर भगा दिया. लड़की के परिजनों ने छांगुर गैंग के सदस्य बदर अख्तर सिद्दीकी पर बेटी के अपहरण का आरोप लगाया था. वर्तमान में छांगुर एटीएस की गिरफ्त में है. छांगुर से पृछताछ के बाद हुई जांच में अब्दुल रहमान की 6 साल पहले की गई लापरवाही उजागर हई है.  

मध्यप्रदेश आजीविका मिशन के अभिनव प्रयासों की रांची में प्रशंसा

एफएनएचडब्ल्यू रीजनल वर्कशॉप रांची में मध्यप्रदेश आजीविका मिशन के नवाचारों की सराहना एफएनएचडब्ल्यू कार्यशाला में चमका मध्यप्रदेश का आजीविका मॉडल मध्यप्रदेश आजीविका मिशन के अभिनव प्रयासों की रांची में प्रशंसा रांची वर्कशॉप में मध्यप्रदेश आजीविका मिशन के नवाचारों को मिली सराहना मध्यप्रदेश की विभिन्न पुस्तिकाओं का विमोचन भोपाल केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा रांची में एफएनएचडब्ल्यू के अंतर्गत 14 राज्यों की क्षेत्रीय कार्यशाला आयोजित की गयी। कार्यशाला में मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती हर्षिता सिंह ने मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत स्व-सहायता समूहों के माध्यम से एफएनएचडब्ल्यू अंतर्गत खाद्य, पोषण, स्वास्थ्य और स्वच्छता से संबंधित योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के लिये किये जा रहे नवाचार और विशेष प्रयासों का प्रस्तुतिकरण दिया। केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय में संयुक्त सचिव श्रीमती स्मृति शरण ने मध्यप्रदेश में किये जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए अन्य राज्यों को भी इन्हें अपनाने का सुझाव दिया। उन्होंने मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा किये गये नवाचार जिनमें स्वास्थ्य चार्ट, साप्ताहिक पोषण मैन्यू चार्ट, स्वास्थ्य पोषण पुस्तिका एवं पोषण टूल किट, तीनों प्रकार के कैन्सर ओरल, ब्रैस्ट एवं सर्वाइकल पर जागरूकता के लिये बुकलेट का विमोचन किया। मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत प्रशिक्षणों में आने वाले हितग्राहियों तथा समूहों के माध्यम से ग्रामीण वंचित वर्ग के परिवारों के स्वास्थ्य, पोषण एवं स्वच्छता को ध्यान में रख कर विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। इसी क्रम में मध्यप्रदेश में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत दीनदयाल उपध्याय ग्रामीण कौशल योजना (डीडीयूजीकेवाय) एवं ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थानों (आरसेटी) अंतर्गत प्रशिक्षणों को जेण्डर एवं एफएनएचडब्ल्यू उन्मु‍खी बनाने के लिये समस्त प्रशिक्षणों में स्वास्थ्य जांच, मासिक धर्म स्वच्छ‍ता पर जागरूकता, पौष्टिक आहार का महत्व एवं साप्ताहिक पोषण मैन्यू चार्ट एवं स्वास्थ्य पोषण पुस्तिका भी तैयार की गई है। मध्यप्रदेश में समुदाय-मातृ एवं शिशु कल्याण के लिये एक समुदाय आधारित पहल की गई है जिसके अंतर्गत संस्थागत प्रसव, एनीमिया, सिकलसेल एनीमिया, कुपोषण एवं मासिक धर्म स्वच्छता पर इमर्शन साईट विकास खण्ड के मॉडल सीएलएफ में जागरूकता कार्य के प्रभावों के आंकलन के लिये पोषण टूल किट तैयार की गई है। इस किट के माध्यम से वर्ष में तीन वार प्रारंभिक, मध्य एवं अंत में हितग्राहियों के स्वास्थ्य  के आंकडों का संधारण किया जा सकेगा। इसी प्रकार गैर संचारी बीमारियां जैसे हाईपरटेंसन, मधुमेह, मोटापा पर जागरूकता हेतु बुकलेट तैयार की गई है।

मंत्री पटेल ने कान्हा एम्पोरियम के जीर्णोधार कार्य का किया लोकार्पण, नवाचार की सराहना की

प्रदेश की जेलों को आधुनिक बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता : राज्य मंत्री पटेल जेलों का होगा आधुनिकीकरण, राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकता : मंत्री पटेल मंत्री पटेल ने कान्हा एम्पोरियम के जीर्णोधार कार्य का किया लोकार्पण, नवाचार की सराहना की भोपाल : लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने कहा है कि प्रदेश की जेलों को सुधारात्मक सेवाओं की दृष्टि से आधुनिक व मानवीय बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में है। बंदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना, उनके मानसिक, शारीरिक व आध्यात्मिक विकास के लिए कार्य करना, प्रशासन की जिम्मेदारी है। राज्य मंत्री पटेल जेल मुख्यालय में बुधवार को आयोजित राज्य स्तरीय सुधार समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में महानिदेशक जेल गोविन्द प्रताप सिंह, विशेष महानिदेशक जेल जी. अखेतो सेमा सहित वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। राज्य मंत्री पटेल ने जेल मुख्यालय के राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर इंदौर, जबलपुर, भोपाल, उज्जैन आदि जेलों की कनेक्टिविटी की सराहना की। उन्होंने जेलों में उत्पादित वस्तुओं के विक्रय केंद्र "कान्हा एम्पोरियम" के जीर्णोधार कार्य का लोकार्पण किया और नवाचार की सराहना की। बैठक में जेल विभाग की कार्यप्रणाली, उपलब्धियों, चुनौतियों व योजनाओं की विस्तृत जानकारी राज्य मंत्री पटेल को दी गई। राज्य मंत्री पटेल ने जेल विभाग की समस्याओं के शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया। राज्य मंत्री पटेल ने सुझाव दिया कि जेलों में रामकृष्ण मिशन की पुस्तकें, विवेकानंद साहित्य उपलब्ध कराया जाए एवं ई-लायब्रेरी भी स्थापित की जाए। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य सुधार हेतु मनोचिकित्सक की नियुक्ति का आश्वासन भी दिया। महानिदेशक जेल सिंह ने नई रिहाई नीति, समय पूर्व रिहाई तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 473 के तहत बनाई गई नीति की जानकारी दी। इसके अंतर्गत अब तक वर्ष 2024-25 में चार अवसरों पर कुल 471 बंदियों को रिहा किया गया है। गरीब बंदी सहायता योजना की जानकारी देते हुए बताया गया कि आर्थिक रूप से कमजोर बंदियों को 25 हजार रुपये तक की जुर्माना राशि एवं 40 हजार रुपये तक की जमानत राशि जिला समिति की अनुशंसा पर राज्य सरकार द्वारा वहन की जाती है। अब तक 31 बंदियों को कुल 6.43 लाख रुपये की सहायता दी जा चुकी है। इस योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश पूरे देश में प्रथम स्थान पर है। बजट वर्ष 2024-25 में इस हेतु पाँच करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बंदियों के पुनर्वास व सामाजिक एकीकरण के लिए प्रदेश में 8 खुली जेलें संचालित हैं तथा बैतूल, दमोह, रतलाम व सागर में 20-20 बंदियों की क्षमता वाली नई खुली जेलें प्रस्तावित हैं। बंदियों को रोजगार, पारिवारिक भरण-पोषण एवं सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ने का यह अभिनव प्रयास है। "मध्यप्रदेश सुधारात्मक सेवाएं एवं बंदीगृह विधेयक 2024" ने पुराने अधिनियमों का स्थान लिया है, जो जेल सुधार की दिशा में बड़ी उपलब्धि है। बुरहानपुर में नई जेल तथा गैरतगंज जेल प्रारंभ करने की भी जानकारी दी गई। मानसिक, आध्यात्मिक व व्यवहारिक सुधार के लिए विशेष शिविरों का आयोजन मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देशानुसार उज्जैन केंद्रीय जेल में 81 आवासों हेतु 19.19 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। अनूपपुर, बड़नगर एवं त्योंथर जेलों में 122 नए पद स्वीकृत किए गए हैं। जेल कर्मियों को संकट निधि से 50,000 रुपये की सहायता, गंभीर बीमारी पर ऋण सुविधा, बच्चों के लिए छात्रवृत्ति योजना (25,000 रुपये तक) चलाई जा रही है। मानसिक, आध्यात्मिक व व्यवहारिक सुधार के लिए आर्ट ऑफ लिविंग, गायत्री परिवार, ईशा फाउंडेशन, श्रीरामचन्द्र मिशन, विपश्यना आदि संस्थाओं से एमओयू कर वार्षिक कैलेंडर अनुसार योग, ध्यान, सुदर्शन क्रिया, यज्ञ, इनर इंजीनियरिंग एवं विपश्यना शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। अशिक्षित बंदियों को साक्षर बनाने और भोज विश्वविद्यालय व इग्नू से उच्च शिक्षा की भी व्यवस्था अशिक्षित बंदियों को साक्षर बनाने के साथ-साथ भोज विश्वविद्यालय व इग्नू के माध्यम से उच्च शिक्षा की व्यवस्था है। टेलीमेडिसिन, आयुष्मान कार्ड, टीबी, हेपेटाइटिस-बी, एचआईवी जांच एवं एम्स दिल्ली तक उपचार की सुविधा भी उपलब्ध है। जेलों में 120 नई बैरकों के निर्माण, पांढुर्ना, सिलवानी में नई जेलों तथा निवाड़ी जेल के उन्नयन की योजना भी प्रस्तुत की गई। जेलों में सीसीटीवी, वीडियो कांफ्रेंसिंग, ई-मुलाकात, इलेक्ट्रिक फेंसिंग, इनकमिंग टेलीफोन सुविधा से सुरक्षा व पारिवारिक सम्पर्क सुनिश्चित किए जा रहे हैं। साल में चार बार 14-14 दिन की पैरोल सुविधा, आध्यात्मिक शिविरों के सकारात्मक प्रभाव की फोटो भी मंत्री जी को प्रस्तुत की गई। सब जेल मऊगंज के उन्नयन हेतु 19.44 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। सीएम हेल्पलाइन, सीएस मॉनिटर, राष्ट्रीय/राज्य मानवाधिकार आयोग के प्रकरणों का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। महानिदेशक गोविन्द प्रताप सिंह एवं विशेष महानिदेशक जी. अखेतो सेमा ने राज्य मंत्री पटेल को स्मृति चिन्ह भेंट कर आभार व्यक्त किया।