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यूथ कांग्रेस का सदस्यता अभियान ऐतिहासिक, मप्र में पार किए 15 लाख सदस्यता के आंकड़े

भोपाल   मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस की चुनावी प्रक्रिया पूरी हो गई है। पूरे प्रदेश से लगभग 16 लाख युवाओं ने कांग्रेस की सदस्यता ली है। युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के लिए 18 प्रत्याशी मैदान में है। प्रदेश महासचिव पद के लिए 182 दावेदार है। संगठन का दावा है कि करीब दो महीने बाद नई कार्यकारिणी मिल जाएगी।युवा कांग्रेस के चुनाव में सबसे ज्यादा घमासान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के गृह जिले धार में देखने को मिला है। धार में युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष के लिए सबसे ज्यादा 15 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा है। नए सदस्यों के दस्तावेजों की होगी जांच एमपी कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने बताया कि यूथ कांग्रेस के महासचिव के अलावा ब्लॉक अध्यक्ष, विधानसभा अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष के दावेदारों को वोट किया। अब 16 लाख के करीब बनाए गए सदस्यों के दस्तावेजों की जांच होगी। दस्तावेजों में त्रुटि पाए जाने पर सदस्यता निरस्त की जाएगी। इस प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में करीब दो माह का समय लगेगा। करीब 2 महीने के बाद यूथ कांग्रेस को नया अध्यक्ष और नई कार्यकारिणी मिलेगी। प्रदेश अध्यक्ष पद पर प्रथम तीन उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए आलाकमान दिल्ली बुलाएगा। इसके बाद नाम का ऐलान किया जाएगा। एक सदस्य ने छह वोट किए मध्य प्रदेश में युवा कांग्रेस संगठन चुनाव के लिए सदस्यता लेने और मतदान की प्रक्रिया पूरी हो चुकी हैं। एमपी में 20 जून की सुबह 9 बजे से मतदान और सदस्यता प्रक्रिया शुरू हुई, जो 19 जुलाई की शाम तक चली। युवा कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश महासचिव, विधानसभा अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्ष, जिला महासचिव के पद पर वोटिंग हुई। एक सदस्य ने छह वोट किए। प्रदेश अध्यक्ष के लिए ये दावेदार  युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए कुल 18 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। जिनमें जावेद पटेल, योगिता सिंह, नीरज पटेल, गीता कड़वे, अभिषेक परमार, विश्वजीत सिंह चौहान, विनय पांडे, प्रमोद सिंह, प्रियेश चौकड़े, राजवीर कुड़िया, अब्दुल करीम सिद्दीकी, शुभंगाना राजे, आशीष चौबे, यश घनघोरिया, स्वीटी पाटिल, देवेंद्र सिंह दादू, शिवराज यादव, मोनिका मांडरे चुनावी मैदान में हैं। कमलनाथ के जिले में मुकाबला नहीं पूर्व सीएम कमलनाथ के गृह जिले छिंदवाड़ा और पांढुर्णा ेमें युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष के लिए कोई मुकाबला नजर नहीं आया। दोनों जिलों में सिर्फ एक-एक उम्मीदवार ने चुनाव लड़ा। हरदा में भी सिंगल केंडिडेट रहा। इन तीनों जिलों में निर्विरोध अध्यक्ष चुने जाएंगे। दो महीने तक चलेगी स्क्रूटनी युवा कांग्रेस के चुनाव के लिए चलाए गए सदस्यता अभियान में नए मेंबर्स ने सदस्यता लेने के बाद 6 पदों के लिए मतदान किया है। ब्लॉक अध्यक्ष, विधानसभा अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष, जिला महासचिव, प्रदेश महासचिव और प्रदेश अध्यक्ष का वोट डाले हैं। अब दो महीनों तक सभी वोटों की स्क्रूटनी होगी। इसमें ये देखा जाएगा कि वोट देने वाले ने अपने दस्तावेज अपलोड किए हैं या नहीं, मतदान के बाद वीडियो अपलोड किया है या नहीं। यदि मेंबरशिप फीस अदा नहीं की है तो वोट रिजेक्ट माना जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष के लिए त्रिकोणीय जंग युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबला नजर आ रहा है। सबसे ज्यादा वोटिंग जबलपुर, भोपाल और ग्वालियर में हुई है। जबलपुर के विधायक और पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया के बेटे यश घनघोरिया प्रदेश अध्यक्ष की रेस में सबसे आगे नजर आ रहे हैं। वहीं भोपाल के अभिषेक परमार और ग्वालियर के शिवराज यादव ने भी चुनाव जीतने के लिए पूरा दम लगाया है। युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के 19 उम्मीदवार     योगिता सिंह     जावेद पटेल     अभिषेक परमार     नीरज पटेल     गीता कडवे     प्रमोद सिंह     विश्वजीत सिंह चौहान     विनय पांडेय     राजवीर कुड़िया     प्रियेश चौकड़े     अब्दुल करीम कुरैशी     शुभांगना राजे जामनिया     आशीष चौबे     यश घनघोरिया     देवेंद्रसिंह दादू     स्वीटी पाटिल     शिवराज यादव     मोनिका मंडरे     राजीव सिंह प्रदेश महासचिव के लिए सबसे ज्यादा घमासान युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव के लिए सबसे ज्यादा घमासान मचा है। महासचिव के लिए 182 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा है। प्रदेश कार्यकारिणी में अध्यक्ष के साथ नौ उपाध्यक्ष होंगे। इनमें एसटी, एससी, ओबीसी, महिला, अल्पसंख्यक और एक दिव्यांग उपाध्यक्ष होगा। ,48 प्रदेश महासचिव बनेंगे युवा कांग्रेस की प्रदेश कार्यकारिणी में 48 प्रदेश महासचिव बनाए जाएंगे। इनमें 17 महासचिव अनारक्षित वर्ग से होंगे। 3 एसटी, एससी, 5 ओबीसी, 5 अल्पसंख्यक, 11 महिला, 2 ओबीसी महिला, एक अल्पसंख्यक महिला, एक दिव्यांग और एक ट्रांसजेंडर को महासचिव बनाया जाएगा।  

OTT और वेबसाइट्स पर सेंसर का शिकंजा, 40 ऐप्स पर एक साथ बैन

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने सॉफ्ट पॉर्न और एडल्ट कंटेंट दिखाने के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए 25 ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की वेबसाइट्स और ऐप्स को ब्लॉक करने का फैसला किया है। जिन ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ ऐक्शन लिया गया है, उनमें उल्लू और ऑल्ट बालाजी (ALTT) जैसे कुछ चर्चित ओटीटी हैं। उल्लू के हाउस अरेस्ट शो के लेकर पिछले साल काफी बवाल भी हुआ था। सरकार की ओर से बताया गया कि यह ऐक्शन गृह मंत्रालय, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, विधि मामलों के विभाग, उद्योग संगठनों (FICCI, CII) और महिला एवं बाल अधिकार विशेषज्ञों से विचार-विमर्श के बाद लिया गया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने निर्देश जारी करके सभी इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स से इन्हें ब्लॉक करने को कहा है। 'हाउस अरेस्ट' को लेकर हुआ था बवाल पिछले साल जुलाई-अगस्त में सरकार को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की ओर से उल्लू और ALTT प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ शिकायतें मिली थीं। दूसरे प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ भी कई सार्वजनिक शिकायतें आई थीं। मंत्रालय द्वारा मई 2025 में हस्तक्षेप के बाद उल्लू ने ‘हाउस अरेस्ट’ वेब सीरीज को हटाया था। अश्लील कंटेट को लेकर दी गई थी चेतावनी सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इस साल 19 फरवरी को सभी ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को आईटी नियम, 2021 के तहत निर्धारित कोड ऑफ कंडक्ट और भारत में लागू अश्लीलता से संबंधित कानूनों का पालन करने की एडवाइजरी जारी की गई थी। इससे पहले सितंबर 2024 में सभी 25 प्लेटफॉर्म्स को नोटिस जारी किया गया था। सरकार को दे रहे थे चकमा इसके बावजूद उन्होंने आपत्तिजनक कंटेंट प्रसारित करना जारी रखा। इसके अलावा, पहले से ब्लॉक किए गए पांच प्लेटफॉर्म्स ने नए डोमेन पर फिर से अश्लील कंटेंट दिखाना शुरू कर दिया। सरकार की चेतावनी के बाद उल्लू से 100 से अधिक वेब सीरीज हटाई गईं, लेकिन यह पाया गया कि प्लेटफॉर्म उन्हें अस्थायी रूप से हटाकर बाद में फिर से बिना एडिट किए प्रसारित कर देता था। कहानी नहीं, सिर्फ अश्लीलता सरकार का कहना है कि इन साइट्स और ऐप्स पर सेक्सुअल सीन्स और कई जगहों पर नग्नता दिखाई जाती थी, जिससे यह पोर्नोग्राफिक श्रेणी में आता है। कंटेंट में किसी भी प्रकार की ठोस कहानी, सामाजिक संदेश या थीम की कमी थी। ऐसे सीन्स सिर्फ व्यूरशिप के लिए दिखाए जाते थे और इसी वजह से इन्हें बैन किया है। इंटरनेट सर्विस कंपनियों को निर्देश सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने नोटिफिकेशन में इंटरनेट सर्विस देनी वाली कंपनियों को निर्देश दिया है कि प्रतिबंधित सामग्री होस्ट करने के लिए चिह्नित इन ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की ऐप्स-वेबसाइटों की सार्वजनिक पहुंच को प्रतिबंधित करें। सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि आईटी ऐक्ट 2000 और इन्फर्मेशन टेक्नॉलजी (इन्टर्मीडीएरी गाइडलाइंस और डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) नियम, 2021 के तहत इन्टर्मीडीएरी यानी इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स की जिम्मेदारी है कि वे अवैध जानकारी को हटाएं या उसकी पहुंच को बंद करें। इन ऐप्स पर लगा बैन सरकार ने जिन पर बैन लगाया है उनके नाम हैं- देसीफ्लिक्स, बूमेक्स, निऑनएक्स वीआईपी, नवरसा लाइट, गुलाब ऐप, कंगन ऐप, बुल ऐप, शो हिट, जलवा ऐप, वाउ एंटरटेनमेंट, लुक एंटरटेनमेंट, हिटप्राइम, फुगी, फेनेओ, शोएक्स, सोल टॉकीज, अड्डा टीवी, ऑल्ट बालाजी (ALTT), हॉटएक्स वीआईपी, हलचल ऐप,मूडएक्स, ट्राईफ्लिक्स, उल्लू और मोजफ्लिक्स।

फतेहपुर विवाद: दिव्यांग के घर गिराने पर SDM पर गिरी गाज, सरकार ने किया सस्पेंड

फतेहपुर यूपी में फतेहपुर में दलित दिव्यांग परिवार का घर बुलडोजर से गिराने के मामले में कानूनगो जितेन्द्र सिंह और ट्रेनी लेखपाल पर ऐक्शन के बाद अब एसडीएम अर्चना अग्निहोत्री को भी सस्पेंड कर दिया। वह निलंबित रहने तक राजस्व परिषद से संबंध रहेंगी। उनके खिलाफ जांच लखनऊ कमिश्नर को दी गई है। नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग के प्रमुख सचिव एम. देवराज ने गुरुवार को यह आदेश जारी किया। आरोप हैं अर्चना ने मौके पर जाकर निरीक्षण नहीं किया और अपने पद के दायित्वों का शिथिलतापूर्वक पालन किया। अर्चना अग्निहोत्री के निलंबन के बाद महकमे में सनसनी फैल गई। ऐसा माना जा रहा है कि मामले में संलिप्त अधिकारियों व कर्मचारियों पर भी जल्द कार्रवाई संभव है। बता दें कि बरमतपुर प्रकरण को लेते हुए शासन ने कडी कार्रवाई करने का भरोसा दिया था। डीएम स्तर पर कानून गो जितेन्द्र सिंह और ट्रेनी लेखपाल आराधना देवी के निलंबन के बाद से मामले में अफसरों व अन्य कर्मचारियों पर कार्रवाई होने की बात सामने आ रही थी। खास कर टीम गठित करने वाले तहसीलदार समेत उसमें शामिल अधिकारी कर्मचारी राडार पर थे। खास कर सदर एसडीएम व तहसीलदार पर कार्रवाई की तलवार लटक रही थी। एसडीएम के बाद अब तहसीलदार व अन्य लेखपाल जद में आ सकते है। वहीं नायब तहसीलदार कांधी के खिलाफ राजस्व परिषद को हुई लिखापढ़ी पर भी जल्द कार्रवाई का आदेश आने की उम्मीद है। वहीं विधायक जयकुमार जैकी का कहना है कि दलित परिवार को बेघर करने वालों के खिलाफ कार्रवाई सूबे में मिशाल बनेगी। शासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। प्रकरण में ढहाने का आदेश देने वाले अफसर भी खुद को बचा नहीं पाएंगे। दिया भरोसा हम साथ हैं: ब्लाक प्रमुख गुरुवार को अमौली ब्लाक प्रमुख सुशीला देवी बरमतपुर गांव पहुंच पीड़ितों से मुलाकात की। उन्होंने ढहाए गए घर और मलबे के नीचे दबी गृहस्थी को देखते हुए अफसरों की कार्रवाई की निंदा की। पी़ड़ितों को भरोसा दिया कि वह मुसीबत की घड़ी में परिवार के साथ है। उन्होंने परिवार को राशन सामग्री समेत जरूरत का सामान सौंपते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होने का भरोसा दिया।

जो रूट ने मचाया धमाल, द्रविड़-कैलिस को पीछे छोड़ा – अब इतिहास रचने से एक कदम दूर

मैनचेस्टर भारत के खिलाफ मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर खेले जा रहे टेस्ट मैच के दूसरे दिन (25 जुलाई) जो रूट ने शानदार बैटिंग की है. इंग्लैंड के पूर्व कप्तान जो रूट ने इस दौरान एक बड़ी उपलब्धि हासिल की. रूट अब टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में तीसरे नंबर पर आ गए हैं. इस मुकाबले से पहले जो रूट पांचवें स्थान पर थे, लेकिन अब उन्होंने राहुल द्रविड़ और जैक्स कैलिस को पछाड़ दिया है. भारत के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ ने टेस्ट क्रिकेट में 13288 रन बनाए थे. इस दौरान द्रविड़ 164 टेस्ट मैच खेले थे और उनका औसत 52.31 रहा था. वहीं साउथ अफ्रीकी दिग्गज जैक्स कैलिस के बल्ले से टेस्ट क्रिकेट में 13289 रन निकले थे. कैलिस ने 166 टेस्ट मैच खेले और उनका एवरेज 55.37 रहा. अब जो रूट के पास ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग से आगे निकलने का शानदार मौका है. पोंटिग ने ऑस्ट्रेलिया के लिए 168 टेस्ट मैच खेले, जिसमें उन्होंने 51.85 की औसत से 13378 रन बनाए. टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने बनाए. सचिन ने भारतीय टीम के लिए 200 टेस्ट मैच खेले, जिसमें उनके नाम पर 53.78 के एवरेज से 15921 रन दर्ज हैं. सचिन ने टेस्ट क्रिकेट में 51 शतक और 68 अर्धशतक लगाए. टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक रन 15921- सचिन तेंदुलकर (भारत) 13378- रिकी पोंटिंग (ऑस्ट्रेलिया) 13290*- जो रूट (इंग्लैंड) 13289- जैक्स कैलिस (साउथ अफ्रीका) 13288- राहुल द्रविड़ (भारत) 12472- एलिस्टेयर कुक (इंग्लैंड) 12400- कुमार संगकारा (श्रीलंका) 11953- ब्रायन लारा (वेस्टइंडीज) 11867- शिवनारायण चंद्रपॉल (वेस्टइंडीज) 11814- महेला जयवर्धने (श्रीलंका) 34 साल के जो रूट का ये इंग्लैंड के लिए 157वां टेस्ट मैच है. इस मुकाबले से पहले तक जो रूट ने 156 टेस्ट मैचों में 50.80 की औसत से 13259 रन बनाए थे, जिसमें 37 शतक और 66 अर्धशतक शामिल रहे. जो रूट भारत के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में 3000 हजार से ज्यादा रन बना चुके हैं. वो ऐसे पहले बल्लेबाज हैं जिन्होंने भारत के विरुद्ध क्रिकेट के सबसे बड़े फॉर्मेट में 3 हजार या उससे ज्यादा रन बनाए हैं. भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टेस्ट सीरीज का चौथा मुकाबला मैनचेस्टर में खेला जा रहा है. मैच के तीसरे दिन भारतीय टीम मेजबान को जल्दी से जल्दी आउट करना चाहेंगे. दूसरे दिन भारत की पहली पारी 358 रन पर सिमट गई थी. जवाब में दिन का खेल खत्म होने तक इंग्लैंड ने 2 विकेट पर 225 रन बनाए थे. भारत के पहली पारी से अब मेजबान 133 रन पीछे हैं. तीसरे दिन नजर स्टार गेंदबाज जसप्रीत बुमराह पर रहेगी. पहला सेशन इंग्लैंड के नाम ओली पोप और जो रूट ने तीसरे दिन का पहला सेशन इंग्लैंड के नाम कर दिया है. इन दोनों बैटर्स ने शुक्रवार को पहले सेशन में 107 रन बनाए और एक भी विकेट नहीं गिरने दिया है. लंचब्रेक के समय ओली पोप 70 और जो रूट 63 रन बनाकर नाबाद हैं. इंग्लैंड: 332/2 जो रूट की फिफ्टी ओली पोप के बाद जो रूट ने भी अपना अर्धशतक पूरा कर लिया है. रूट ने रवींद्र जडेजा की गेंद पर एक रन लेकर फिफ्टी बनाई. यह उनका 67वां टेस्ट अर्धशतक है. ओली पोप का अर्धशतक ओली पोप ने बेहतरीन बैटिंग करते हुए अपना अर्धशतक पूरा कर लिया है. उन्होंने रवींद्र जडेजा की गेंद पर सिंगल लेकर 50 रन का आंकड़ा पूरा किया. पोप का यह 16वां टेस्ट अर्धशतक है. पहले घंटे में बने 41 रन चौथे टेस्ट मैच के तीसरे दिन पहले सेशन में भारतीय गेंदबाजों ने अच्छी गेंदबाजी की लेकिन विकेट नहीं ले सके. भारत ने इस सेशन में 13 ओवर गेंदबाजी की, जिसमें इंग्लैंड ने 41 रन बनाए. यकीनन आंकड़े इंग्लैंड के पक्ष में है लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने इस दौरान जो रूट और ओली पोप को बार-बार बीट किया. यह बात आंकड़े नहीं बताते. जो रूट ने राहुल द्रविड़ का रिकॉर्ड तोड़ा जो रूट ने टेस्ट मैचों में सबसे अधिक रन बनाने के मामले में राहुल द्रविड़ और जैक कैलिस को पीछे छोड़ दिया है. जो रूट चौथे टेस्ट में 30वां रन लेते ही राहुल द्रविड़ (13288) से आगे निकल गए. रूट ने इसके बाद जैसे ही एक रन और बनाया तो जैक कैलिस (13289) उनसे पीछे छूट गए. अब रूट से आगे सिर्फ सचिन तेंदुलकर (13378) और रिकी पोंटिंग (13289) ही बचे हैं. इंग्लैंड के 250 रन पूरे इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में 250 रन पूरे कर लिए हैं. तीसरे दिन के पहले सेशन में जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज ने अच्छी गेंदबाजी की है. इन दोनों ने जो रूट और ओली पोप को खूब परेशान किया लेकिन विकेट नहीं ले सके. इंग्लैंड ने तीसरे दिन 2 विकेट पर 225 रन से आगे खेलना शुरू किया है. शार्दुल ठाकुर ने शुरू किया दिन का पहला ओवर चौथे दिन टेस्ट के तीसरे दिन का खेल शुरू हो गया है. भारत ने गेंदबाजी की शुरुआत शार्दुल ठाकुर से कराई है. दिन का दूसरा ओवर मोहम्मद सिराज ने किया. पूर्व क्रिकेटर आशीष नेहरा को यह बात पसंद नहीं आई. उन्होंने कहा कि यह निगेटिव स्ट्रेटजी है. नेहरा ने कहा कि आप पहला ओवर शार्दुल ठाकुर को नहीं दे सकते. ऐसा नहीं है कि वे विकेट नहीं ले सकते लेकिन यह सोच खराब है. मैनचेस्टर टेस्ट में टॉस जीतकर इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया. ओपनर यशस्वी जायसवाल ने शानदार फिफ्टी जमाई लेकिन वो इसे शतक में नहीं बदल पाए. केएल राहुल 41 रन पर आउट हुए और अर्धशतक से चूक गए. करुण नायर की जगह प्लेइंग इलेवन में शामिल किए गए साई सुदर्शन ने 61 रन की पारी खेली. चोटिल होकर मैदान से बाहर गए ऋषभ पंत ने वापसी की और दर्द में भी फिफ्टी जमाकर टीम को 358 रन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई.  

टीटी नगर में ‘मकान बिकाऊ’ पोस्टरों से हड़कंप, हिंदू परिवारों के पलायन की आशंका पर प्रशासन सतर्क

भोपाल   मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। भोपाल के टीटी नगर थाना इलाके में रहने वाले हिंदू परिवार पलायन करने को मजबूर हैं। इन हिंदू परिवारों ने अपने-अपने घरों के बाहर पोस्टर लगाए हैं जिनमें उन्होंने मुस्लिम वर्ग के लोगों की प्रताड़ना से परेशान होकर मकान बेचने की बात लिखी है। हिंदू परिवारों के द्वारा घर के बाहर ये पोस्टर लगाए जाने से हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन किया। 'मुस्लिमों से परेशान होकर मकान बेचना है..' भोपाल शहर के टीटी नगर थाना इलाके की बाणगंगा बस्ती में रहने वाले परिवारों ने अपने घरों के बाहर मकान बेचने के पोस्टर लगाए हैं। इन पोस्टर में उन्होंने लिखा है कि मुस्लिम वर्ग के लोगों की प्रताड़ना से तंग आकर वो अपना मकान बेचना चाहते हैं। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि आए दिन होने वाली परेशानियों और बदमाशों के आतंक से वो परेशान हो चुके हैं। बीती रात भी मुस्लिम वर्ग के कुछ असामाजिक तत्वों ने जमकर आतंक मचाया जिसके कारण वो अपने घरों में भी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। हिंदू संगठनों ने किया प्रदर्शन बाणगंगा बस्ती से हिंदू परिवारों के पलायन का मन बनाने और मकान बेचने के पोस्टर लगाए जाने की खबर जब हिंदू संगठनों को लगी तो बड़ी संख्या में हिंदू संगठन के कार्यकर्ता बस्ती में पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोप लगाया है कि पुराने भोपाल के अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्रों से पहले भी बड़ी संख्या में हिंदुओं का पलायन हो चुका है और अब अन्य बस्तियों व बड़े क्षेत्रों को निशाना बनाया जा रहा है। हिंदू संगठनों के बस्ती में पहुंचने के बाद पुलिस भी बस्ती में पहुंची और लोगों के घरों के बाहर लगाए गए मकान बेचने के पोस्टरों को हटवाया और हर मुस्लिम घर के सामने पुलिसकर्मी तैनात किया गया।

टीटी नगर में ‘मकान बिकाऊ’ पोस्टरों से हड़कंप, हिंदू परिवारों के पलायन की आशंका पर प्रशासन सतर्क

भोपाल   मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। भोपाल के टीटी नगर थाना इलाके में रहने वाले हिंदू परिवार पलायन करने को मजबूर हैं। इन हिंदू परिवारों ने अपने-अपने घरों के बाहर पोस्टर लगाए हैं जिनमें उन्होंने मुस्लिम वर्ग के लोगों की प्रताड़ना से परेशान होकर मकान बेचने की बात लिखी है। हिंदू परिवारों के द्वारा घर के बाहर ये पोस्टर लगाए जाने से हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन किया। 'मुस्लिमों से परेशान होकर मकान बेचना है..' भोपाल शहर के टीटी नगर थाना इलाके की बाणगंगा बस्ती में रहने वाले परिवारों ने अपने घरों के बाहर मकान बेचने के पोस्टर लगाए हैं। इन पोस्टर में उन्होंने लिखा है कि मुस्लिम वर्ग के लोगों की प्रताड़ना से तंग आकर वो अपना मकान बेचना चाहते हैं। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि आए दिन होने वाली परेशानियों और बदमाशों के आतंक से वो परेशान हो चुके हैं। बीती रात भी मुस्लिम वर्ग के कुछ असामाजिक तत्वों ने जमकर आतंक मचाया जिसके कारण वो अपने घरों में भी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। हिंदू संगठनों ने किया प्रदर्शन बाणगंगा बस्ती से हिंदू परिवारों के पलायन का मन बनाने और मकान बेचने के पोस्टर लगाए जाने की खबर जब हिंदू संगठनों को लगी तो बड़ी संख्या में हिंदू संगठन के कार्यकर्ता बस्ती में पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोप लगाया है कि पुराने भोपाल के अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्रों से पहले भी बड़ी संख्या में हिंदुओं का पलायन हो चुका है और अब अन्य बस्तियों व बड़े क्षेत्रों को निशाना बनाया जा रहा है। हिंदू संगठनों के बस्ती में पहुंचने के बाद पुलिस भी बस्ती में पहुंची और लोगों के घरों के बाहर लगाए गए मकान बेचने के पोस्टरों को हटवाया और हर मुस्लिम घर के सामने पुलिसकर्मी तैनात किया गया।

विदिशा में पुरातात्विक खोज! मस्जिद के पास मिला 16वीं-17वीं सदी का शिवलिंग

गंजबासौदा  पुरातत्व की धरोहर कहे जाने वाले विदिशा जिले के उदयपुर कस्बे में मस्जिद के पास खोदाई करते समय एक 16 वीं-17 वीं शताब्दी के शिवलिंग मिलने की सूचना मिलने पर पुरातत्व विभाग सहित स्थानीय अधिकारी मौके पर पहुंचे। जानकारी के अनुसार उदयपुर गांव में चौखंडी वाली मस्जिद के पास गुरुवार सुबह खोदाई के दौरान एक प्राचीन शिवलिंग मिला। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को जानकारी दी। अधिकारी पुरातत्व विभाग के साथ मौके पर पहुंचे और शिवलिंग को पूरी तरह मिट्टी से बाहर निकाला। पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने बताया की जमीन में मिला शिवलिंग 16वीं-17वीं शताब्दी का है। इसकी ऊंचाई लगभग 3 फीट है। जिस स्थान पर शिवलिंग मिला है, वहां निजाम नामक व्यक्ति अपने भवन का निर्माण करवा रहा था। इसी दौरान शिवलिंग दिखाई दिया। कई प्राचीन अवशेष भी पत्थरों पर दिखाई दिए अधिकारियों ने कहा कि अगर ग्रामीण प्राचीन प्रतिमा की जिम्मेदारी लेते हैं तो उन्हें वहीं छोड़ दिया जाएगा। अन्यथा इसे उदयपुर के प्राचीन पिसनहारी मंदिर में बनाए गए संग्रहण कक्ष में सुरक्षित रख दिया जाएगा। मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार अनुराग रावत ने बताया कि जिस भूमि पर निर्माण किया जा रहा था, वह शासकीय भूमि है। अब यह जांच की जाएगी कि निर्माण कैसे किया जा रहा था और संबंधित कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीण राजेश नाथ का कहना है कि शिवलिंग को उसी स्थान पर रखा जाए। ताकि लोग उसकी पूजा-अर्चना कर सकें। शिवलिंग के साथ-साथ अन्य कई प्राचीन अवशेष भी पत्थरों पर दिखाई दिए हैं। मूर्ति को सुरक्षित रखवाया गया मालूम हो कि दो वर्ष पूर्व भी खोदाई के समय एक गणेश प्रतिमा निकली थी। इसके बाद फिर खोदाई का काम शुरू हुआ तो एक नंदी की प्रतिमा भी निकली। जिसकी जानकारी ग्रामीणों द्वारा पुरातत्व विभाग के अधिकारियों को दी गई। तब मौके पर पहुंची पुरातत्व अधिकारी नर्मता यादव की उपस्थिति में मूर्ति सुरक्षित रखवाया गया था।

याचना नही अब रण होगा ,अपने अधिकार अब भागने से नही छीनने से मिलेगे – जीतू लोधी

ग्वालियर/भिंड – ओबीसी महासभा संगठन ने ओबीसी वर्ग के संवैधानिक अधिकारों की बहाली के लिए बिगुल फूंक दिया है। संगठन के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य जीतू लोधी ने ऐलान किया है कि यदि सरकार ने जल्द ही ओबीसी आरक्षण बहाल नहीं किया और चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं दी, तो 28 जुलाई को राजधानी भोपाल में मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा। प्रदर्शन में वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि जातिगत जनगणना ही एकमात्र उपाय है, जिससे यह पता चलेगा कि किस वर्ग की संख्या कितनी है और उनका वास्तविक प्रतिनिधित्व क्या होना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा जातिगत जनगणना की घोषणा का स्वागत किया, लेकिन प्रदेश की भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि वह इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। ओबीसी महासभा की प्रमुख —- ओबीसी महासभा पूर्व अध्यक्ष व राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य जीतू लोधी ने बताया कि संगठन की प्रमुख मांगों में शामिल हैं: ओबीसी आरक्षण पर लगी 13% की रोक हटाकर पूर्ण 27% आरक्षण बहाल करना। चयनित अभ्यर्थियों को तुरंत नियुक्ति देना। ओबीसी वर्ग के लिए 52% आरक्षण लागू करना। वर्षों से लंबित बैकलॉग पदों को भरना। न्यायपालिका में भारतीय न्यायिक सेवा लागू करना व कॉलेजियम प्रणाली समाप्त करना। प्रदेश में 125 विधानसभा सीटों को जनसंख्या के अनुपात में आरक्षित किया जाना। आउटसोर्स भर्ती बंद कर सीधी भर्ती शुरू करना। लहचूरा की 2 हजार बीघा कृषि भूमि पर कमेटी बनाकर ग्रामीणों को न्याय दिलाना। स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करना। 28 जुलाई को होगा ऐतिहासिक प्रदर्शन। महासभा ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार ने इन मांगों को गंभीरता से नहीं लिया तो 28 जुलाई को भोपाल में मुख्यमंत्री निवास का ऐतिहासिक घेराव किया जाएगा। इस आंदोलन में पूरे प्रदेश से ओबीसी समाज के युवा, महिलाएं, व अन्य संघठन,सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी और संगठन के पदाधिकारी बड़ी संख्या में शामिल होंगे।

राजशेखर की उड़ान अंतरिक्ष की ओर, भारतीय युवा को अमेरिकी स्पेस मिशन में मिला मौका

 बिलासपुर छत्तीसगढ़ के पेंड्रा में रहने वाले राजशेखर पैरी को अंतरिक्ष की सैर करने का मौका मिला है। ये मौका अमेरिका की एक निजी स्पेस कंपनी, टाइटंस स्पेस इंडस्ट्रीज ने दिया है। कंपनी ने अपने पहले मिशन के लिए भारतीय छात्र के तौर पर राजशेखर को चुना है। शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष से सकुशल वापसी के बाद राजशेखर पैरी के स्पेस में जाने की खबर ने एक बार फिर भारत का नाम रौशन किया है। जानिए कौन हैं राजशेखर? पढ़िए बिलासपुर से अंतरिक्ष तक की कहानी। सबसे पहले बात राजशेखर पैरी की। राजशेखर सामान्य बच्चों की ही तरह थे। प्राइमरी की पढ़ाई-लिखाई बिलासपुर से की। फिर हैदराबाद बैचलर्स करने के बाद यूके चले गए। उन्होंने अपनी पढ़ाई-लिखाई ऑक्सफोर्ड स्कूल से भी की है। फिलहाल वह एयरोस्पेस और मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। इसके साथ-साथ ऑर्बिटालॉकर में प्रोजेक्ट मैनेजर-इंजीनियरिंग के तौर पर काम भी कर रहे हैं। छत्तीसगढ के पेंड्रा के रहने वाले राजशेखर पैरी जल्द अंतरिक्ष में जाने वाले हैं। एक निजी अमेरिकी एयरोस्पेस कंपनी टाइटंस स्पेस इंडस्ट्रीज ने अपने पहले मिशन के लिए भारतीय छात्र के तौर राजशेखर को चुना है। अपने सिलेक्शन और उन्हें कैसे मौका मिला, इस बारे में राजशेखर बताते हैं कि उन्होंने 19 साल की उम्र में NASA को एक मेल किया था। केवल ये जानने के लिए कि एस्ट्रोनॉट बनने की प्रोसेस क्या होता है। उम्मीद तो थी नहीं, लेकिन 4 दिन बाद जो जवाब आया, उससे न सिर्फ उनके सवालों के जवाब मिले, बल्कि उनके सपनों को एक नई दिशा भी दी। NASA ने उन्हें एस्ट्रोनॉट बनने की प्रक्रिया, योग्यता और रिस्क फैक्टर्स की पूरी जानकारी दी और साथ ही बधाई दी कि आप नासा के एस्ट्रोनॉट बनने की इच्छा रखते हैं। राजशेखर कहते हैं, उस मेल ने मेरा आत्मविश्वास और भी बढ़ा दिया। तभी से तय कर लिया था-अब तो स्पेस में जाना ही है। बचपन से साइंस में रुचि होने के चलते उन्होंने धीरे-धीरे देखना-समझना शुरू कर दिया कि आखिर स्पेस में कैसे जाया जा सकता है। उन्हें पता चला कि यूरोप में तरह तरह के प्रोग्राम चलते हैं, जिसमें भाग लेकर सिलेक्ट होकर अंतरिक्ष में जाया जा सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने पोलैंड से एनालॉग स्पेस ट्रेनिंग ली। इसमें उन्होंने अंतरिक्ष में रहने-खाने, काम करने जैसी तमाम बातें सिखाई-समझाई गईं। अब मुझे टाइटंस स्पेस इंडस्ट्रीज की तरफ से स्पेस में जाने का मौका मिला है। इस मिशन में मेरा काम रिसर्च और डेवलेपमेंट से जुड़ा होगा। अंतरिक्ष में जाकर हमें पता लगाना है कि वहां कौन-कौन से एक्सपेरिमेंट किए जा सकते हैं। ना केवल उन्हें किया जा सकता है, बल्कि आगे और कैसे बढ़ाया जा सकता है।

राजशेखर की उड़ान अंतरिक्ष की ओर, भारतीय युवा को अमेरिकी स्पेस मिशन में मिला मौका

 बिलासपुर छत्तीसगढ़ के पेंड्रा में रहने वाले राजशेखर पैरी को अंतरिक्ष की सैर करने का मौका मिला है। ये मौका अमेरिका की एक निजी स्पेस कंपनी, टाइटंस स्पेस इंडस्ट्रीज ने दिया है। कंपनी ने अपने पहले मिशन के लिए भारतीय छात्र के तौर पर राजशेखर को चुना है। शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष से सकुशल वापसी के बाद राजशेखर पैरी के स्पेस में जाने की खबर ने एक बार फिर भारत का नाम रौशन किया है। जानिए कौन हैं राजशेखर? पढ़िए बिलासपुर से अंतरिक्ष तक की कहानी। सबसे पहले बात राजशेखर पैरी की। राजशेखर सामान्य बच्चों की ही तरह थे। प्राइमरी की पढ़ाई-लिखाई बिलासपुर से की। फिर हैदराबाद बैचलर्स करने के बाद यूके चले गए। उन्होंने अपनी पढ़ाई-लिखाई ऑक्सफोर्ड स्कूल से भी की है। फिलहाल वह एयरोस्पेस और मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। इसके साथ-साथ ऑर्बिटालॉकर में प्रोजेक्ट मैनेजर-इंजीनियरिंग के तौर पर काम भी कर रहे हैं। छत्तीसगढ के पेंड्रा के रहने वाले राजशेखर पैरी जल्द अंतरिक्ष में जाने वाले हैं। एक निजी अमेरिकी एयरोस्पेस कंपनी टाइटंस स्पेस इंडस्ट्रीज ने अपने पहले मिशन के लिए भारतीय छात्र के तौर राजशेखर को चुना है। अपने सिलेक्शन और उन्हें कैसे मौका मिला, इस बारे में राजशेखर बताते हैं कि उन्होंने 19 साल की उम्र में NASA को एक मेल किया था। केवल ये जानने के लिए कि एस्ट्रोनॉट बनने की प्रोसेस क्या होता है। उम्मीद तो थी नहीं, लेकिन 4 दिन बाद जो जवाब आया, उससे न सिर्फ उनके सवालों के जवाब मिले, बल्कि उनके सपनों को एक नई दिशा भी दी। NASA ने उन्हें एस्ट्रोनॉट बनने की प्रक्रिया, योग्यता और रिस्क फैक्टर्स की पूरी जानकारी दी और साथ ही बधाई दी कि आप नासा के एस्ट्रोनॉट बनने की इच्छा रखते हैं। राजशेखर कहते हैं, उस मेल ने मेरा आत्मविश्वास और भी बढ़ा दिया। तभी से तय कर लिया था-अब तो स्पेस में जाना ही है। बचपन से साइंस में रुचि होने के चलते उन्होंने धीरे-धीरे देखना-समझना शुरू कर दिया कि आखिर स्पेस में कैसे जाया जा सकता है। उन्हें पता चला कि यूरोप में तरह तरह के प्रोग्राम चलते हैं, जिसमें भाग लेकर सिलेक्ट होकर अंतरिक्ष में जाया जा सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने पोलैंड से एनालॉग स्पेस ट्रेनिंग ली। इसमें उन्होंने अंतरिक्ष में रहने-खाने, काम करने जैसी तमाम बातें सिखाई-समझाई गईं। अब मुझे टाइटंस स्पेस इंडस्ट्रीज की तरफ से स्पेस में जाने का मौका मिला है। इस मिशन में मेरा काम रिसर्च और डेवलेपमेंट से जुड़ा होगा। अंतरिक्ष में जाकर हमें पता लगाना है कि वहां कौन-कौन से एक्सपेरिमेंट किए जा सकते हैं। ना केवल उन्हें किया जा सकता है, बल्कि आगे और कैसे बढ़ाया जा सकता है।