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लखनऊ की वीआईपी कोठी छोड़नी पड़ेगी सपा को, मुलायम सिंह के नाम थी मंजूर

लखनऊ  मुरादाबाद में जिला प्रशासन ने समाजवादी पार्टी को दी गई सरकारी कोठी का आवंटन रद्द कर दिया है.यह कोठी वर्ष 1994 में तत्कालीन मुख्यमंत्री और सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के नाम पर केवल 250 रुपये प्रति माह किराए पर आवंटित की गई थी.अब जिला प्रशासन ने समाजवादी पार्टी की स्थानीय इकाई को 30 दिनों के भीतर यह कोठी खाली करने का आदेश जारी कर दिया है. सिविल लाइंस में बनी है यह कोठी यह कोठी मुरादाबाद के पॉश इलाके सिविल लाइंस क्षेत्र में ग्राम छावनी के पास स्थित है, जहां पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज समेत कई सरकारी संस्थान मौजूद हैं.लगभग 1000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में फैली इस कोठी में वर्तमान समय में समाजवादी पार्टी का जिला कार्यालय संचालित हो रहा है.इस कोठी का स्वामित्व राज्य सरकार के पास है, और यह राजस्व अभिलेखों में सरकारी संपत्ति के रूप में दर्ज है. नामांतरण न होने से निरस्त हुआ आवंटन प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद कोठी का नामांतरण नहीं कराया गया.नियमानुसार, किसी सरकारी आवंटन के मूल लाभार्थी की मृत्यु होने पर संपत्ति का नामांतरण आवश्यक होता है.चूंकि ऐसा नहीं किया गया, इसलिए प्रशासन ने आवंटन को समाप्त कर दिया. सरकारी जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया निर्णय बताया जा रहा है कि जिलाधिकारी अनुज सिंह की ओर से यह निर्णय राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप लिया गया है. अधिकारियों का कहना है कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और विभिन्न विभागों की जरूरतों के लिए भूमि और भवन की मांग लगातार बढ़ रही है.विशेषकर अधिकारियों के आवास के विस्तार के लिए भूमि की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए यह कोठी वापस लेने का निर्णय लिया गया. एडीएम (वित्त) ने जारी किया नोटिस इस संबंध में एडीएम (वित्त) ने समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष को नोटिस भेजते हुए निर्देश दिए हैं कि कोठी को एक माह के भीतर खाली कर दिया जाए. यदि तय समयसीमा में कोठी खाली नहीं की जाती, तो प्रशासन आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी. प्रशासनिक कार्रवाई, राजनीतिक रंग इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं शुरू हो गई हैं.कुछ लोगों का मानना है कि यह फैसला नियमों के तहत लिया गया है, जबकि कुछ इसे राजनीतिक निर्णय मानकर देख रहे हैं.हालांकि प्रशासन का कहना है कि यह केवल नियमानुसार की गई एक सामान्य प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य सरकारी संपत्ति का प्रभावी और उचित उपयोग सुनिश्चित करना है.

त्रैजन्म की खुशी: भाटापारा स्वास्थ्य केंद्र में सफल डिलीवरी, जच्चा-बच्चा सुरक्षित

रायपुर बलौदाबाजार जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भाटापारा में ग्राम कोदवा निवासी 29 वर्षीय सरोजिनी वर्मा पति हेमलाल वर्मा ने सामान्य प्रसव के माध्यम से तीन बच्चों (ट्रिपलेट्स) को जन्म दिया। तीनों शिशु पूर्णतः स्वस्थ हैं और मां की भी स्थिति सामान्य है। हेमलाल वर्मा ने बताया कि पत्नी का यह प्रसव पूरी तरह से सामान्य रहा एवं निःशुल्क किया गया है। इस सफल प्रसव प्रक्रिया के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के समस्त स्वास्थ्य स्टाफ सक्रिय रूप से उपस्थित रहे और उनका व्यवहार सहयोगात्मक था।  खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेन्द्र माहेश्वरी के मार्गदर्शन में नवजात शिशुओं एवं प्रसूता का संपूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। परीक्षण के उपरांत सभी शिशु पूरी तरह स्वस्थ पाए गए। यह उपलब्धि सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता एवं टीम के समर्पण को दर्शाती है। चिकित्सा टीम ने इस जटिल प्रसव को सफलतापूर्वक संपन्न कर, एक मिसाल कायम की है।  कलेक्टर दीपक सोनी एवं सी.एम.एच.ओ डॉ राजेश कुमार अवस्थी ने भाटापारा के सभी सम्बंधित स्टाफ को तारीफ करते हुए सतत रूप से जन स्वास्थ्य सुविधा को सुदृढ बनाए रखने को कहा है।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 20वीं किश्त दो अगस्त को: प्रदेश के 25.47 लाख किसानों को मिलेगी 553.34 करोड़ रूपए की राशि

किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराने राज्य सरकार प्रतिबद्ध: कृषि मंत्री नेताम खाद-बीज की आपूर्ति में देरी नहीं होगी: कृषि मंत्री नेताम का आश्वासन प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 20वीं किश्त दो अगस्त को: प्रदेश के 25.47 लाख किसानों को मिलेगी 553.34 करोड़ रूपए की राशि रायपुर प्रदेश के कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने आज जिला कार्यालय कांकेर में प्रेसवार्ता लेकर राज्य में खाद एवं बीज की उपलब्धता, भंडारण और वितरण व्यवस्था की जानकारी दी। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 20वीं किश्त जारी होने के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि आगामी 02 अगस्त को इस योजना की 20वीं किश्त जारी की जाएगी, जिसमें प्रदेश के 25.47 लाख किसानों को 553.34 करोड़ रूपए की राशि प्रदान की जाएगी। फरवरी 2019 से प्रारंभ हुई इस योजना के तहत 20वीं किश्त को मिलाकर किसानों को भुगतान की राशि 9765.26 करोड़ रूपए हो जाएगी।  कृषि मंत्री नेताम ने कहा कि आप सभी अच्छी तरह जानते हैं देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के अन्नदाता किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए अनेक अभिनव पहल की है और किसानों को राहत देने के लिए अनेक योजनाएं लागू की हैं। नेताम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों की आय दोगुनी करने हेतु निरंतर प्रयासरत है। किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सभी जिलों में भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। किसानों को खाद-बीज का वितरण सुचारू रूप से किया जा रहा है।  कृषि मंत्री नेताम ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की अद्यतन स्थिति और आगामी किश्त के अंतर्गत किसानों को मिलने वाले लाभ की जानकारी भी प्रदान की। उन्होंने बताया कि इस योजना से लाखों किसानों को सीधा लाभ पहुंच रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आया है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों के हित में न केवल न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया, बल्कि सिंचाई कर माफ किया और धान के बकाया बोनस का भुगतान किया। उन्होंने बताया कि बीते दो खरीफ सत्रों में किसानों से 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी की गई और 13 लाख किसानों को 3716 करोड़ रूपए की धान की बकाया बोनस राशि दी गई। राज्य सरकार द्वारा किसान सम्मान निधि योजना में दो लाख से अधिक वन पट्टाधारी और 32 हजार से अधिक विशेष पिछड़ी जनजाति के किसानों को भी योजना में शामिल कर लाभान्वित किया जा रहा है।    कृषि मंत्री ने प्रदेश के सभी किसानों से अपील की है कि वे 02 अगस्त को आयोजित पीएम किसान दिवस समारोह में सक्रिय रूप से सहभागी बनें। उन्होंने बताया कि प्रदेश में किसानों को आधुनिक खेती के तकनीक से जोड़ने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कृषि में ड्रोन दीदी योजना लागू की गई है। किसानों को परंपरागत कृषि के अलावा दलहन-तिलहन, मिलेट्स, सब्जियों, फलों की खेती, डेयरी के व्यवसाय के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

खेल और स्वास्थ्य को बढ़ावा: बस्तर ओलंपिक को मिला नया दर्जा, दो नए मेडिकल कॉलेज घोषित

बस्तर ओलंपिक को मिला ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ का दर्जा, रायपुर-बिलासपुर में खुलेंगे मेडिकल-नर्सिंग कॉलेज बस्तर ओलंपिक को राष्ट्रीय पहचान: ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ में शामिल, रायपुर-बिलासपुर को मेडिकल कॉलेज की सौगात खेल और स्वास्थ्य को बढ़ावा: बस्तर ओलंपिक को मिला नया दर्जा, दो नए मेडिकल कॉलेज घोषित  मुख्यमंत्री साय की केंद्रीय मंत्री मांडविया से मुलाकात रायपुर छत्तीसगढ़ को खेल और स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ देने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण पहल हुई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय श्रम एवं रोजगार, युवा कार्य एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया से नई दिल्ली में सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान बस्तर ओलंपिक को इस वर्ष से "खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स" के रूप में आयोजित करने की सहमति प्रदान की गई। यह निर्णय न केवल जनजातीय युवाओं की प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाएगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की पारंपरिक खेल संस्कृति को भी वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठा दिलाएगा। मुख्यमंत्री साय ने रायपुर और बिलासपुर में 220-बेड के मेडिकल एवं नर्सिंग कॉलेज खोलने का प्रस्ताव भी केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखा, जिससे राज्य को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य शिक्षा के साथ-साथ बेहतर चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। इस पर केंद्रीय मंत्री मांडविया ने कहा कि केंद्र सरकार शीघ्र ही इस प्रस्ताव पर सकारात्मक निर्णय लेकर आवश्यक स्वीकृति की प्रक्रिया प्रारंभ करेगी। साथ ही, मुख्यमंत्री ने लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान (LNIPE) का क्षेत्रीय केंद्र छत्तीसगढ़ में स्थापित करने तथा राज्य में खेल अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए नए स्टेडियम एवं प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना की माँग भी रखी। केंद्रीय मंत्री ने इन विषयों पर भी शीघ्र स्वीकृति दिए जाने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह एवं मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत भी उपस्थित थे।

हैदराबाद में राज्य खेल अकादमी के सेलिंग खिलाड़ियों ने जीते 5 पदक, खेल मंत्री सारंग ने दी बधाई

भोपाल  वॉय.ए.आई. पांचवीं सिकंदराबाद क्लब टिस्कॉन यूथ ओपन रेगाटा 2025 का आयोजन हुसैन सागर झील हैदारबाद में 25 से 30 जुलाई तक किया गया। इस प्रतियोगिता में राज्य खेल अकादमी के खिलाड़ियों ने हुसैन सागर झील में अपने धैर्य, साहस और खेल कौशल के साथ तेज हवाओं के चलते कड़ी स्पर्धाओं को चुनौती देते हुये 1 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य सहित 5 पदक अर्जित कर मध्यप्रदेश को गौरवान्वित किया। सेलिंग की इस प्रतियोगिता में देश के विभिन्न स्थानों से आये प्रतिभावान खिलाड़ियों के बीच कड़ी स्पर्धा देखने को मिली। प्रतियोगिता के इन रोमांचक मुकाबलों में राज्य खेल अकादमी के खिलाड़ियों ने अपने खेल कौशल, धैर्य और शारीरिक दक्षता का शानदार प्रदर्शन कर 5 पदक प्राप्त करने में सफलता अर्जित की। पदक विजेता खिलाड़ियों में कु. आस्था पाण्डेय बालिका वर्ग- ILCA4 स्वर्ण, कु. तुलसी पटले बालिका वर्ग- ILCA4 रजत, कु. समृद्धि बाथम और पार्थ सिंह चौहान 420 International Class रजत, एकलव्य बाथम और कु. वंशिका सिकरवार 420 International Class कांस्य और अंकित सिंह सिसोदिया बालक वर्ग- ILCA4 कांस्य शामिल है। खेल मंत्री सारंग ने दी बधाई खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने हैदराबाद में आयोजित वॉय.ए.आई. पांचवीं सिकंदराबाद क्लब टिस्कॉन यूथ ओपन रेगाटा- 2025 में बेहतर खेल का प्रदर्शन करने वाले सभी पदक विजेता खिलाड़ियों के खेल प्रदर्शन की सराहना करते हुये कहा कि मुकाबले में खेल अकादमी के बालक-बालिका खिलाड़ियों ने अपने धैर्य, साहस और खेल कौशल, शारीरिक दक्षता का श्रेष्ठ परिचय दिया है। सभी खिलाड़ियों को अर्जित खेल उपलब्धि की बधाई दी।  

अपने क्षेत्र में 51वीं बार पहुंचेंगे पीएम मोदी, वाराणसी को मिलेंगी बड़ी सौगातें

वाराणसी  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 अगस्त को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के 51वें दौरे पर आ रहे हैं. अपने इस एक दिवसीय दौरे में प्रधानमंत्री मोदी वाराणसी में लगभग 2 घंटे बिताएंगे. इस दौरान वो जनसभा को भी संबोधित करेंगे. उनकी जनसभा सेवापुरी ब्लाक के कालिकाधाम (बलौनी) में होनी है. इसकी तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं.  गौरतलब है कि जब कभी प्रधानमंत्री अपने संसदीय क्षेत्र में आते हैं, तो अक्सर कुछ बड़ा ऐलान करते हैं और परियोजनाओं की बड़ी सौगात भी देते हैं. इस बार भी वह 2183.45 करोड़ रुपये की लागत वाली कुल 52 परियोजनाओं की सौगात काशीवासियों को देंगे.  इस दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दी जाने वाली परियोजनाओं का लाभ न केवल वाराणसी, बल्कि पूर्वांचल की जनता को भी मिलेगा. इसके अलावा, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 20वीं किस्त के रूप में 9.7 करोड़ किसानों के लिए  20 हजार 500 करोड़ रुपये की किस्त भी जारी करेंगे.  प्रधानमंत्री मोदी 2 अगस्त को सुबह लगभग 10 बजकर 25 मिनट पर वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर वायुसेना के विशेष विमान से पहुंचेंगे, जहां से वे सीधे जनसभा स्थल हेलीकॉप्टर से पहुंच जाएंगे. वहीं, भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के अंतर्गत काम करने वाले सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम एलिम्को की ओर से प्रधानमंत्री चुनिंदा कुछ दिव्यांगजनों और वयोश्री योजना के तहत अपने हाथों से उपकरण बाटेंगे. इसके बाद 2025 दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण भी बांटा जाएगा. इसमें वाराणसी के सेवापुरी, आराजीलाइन और बड़ागांव के लाभार्थी शामिल किए गए हैं. तैयारियों जोरों पर, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम जनसभा स्थल और तैयारियों की बात करें तो प्रशासनिक स्तर पर लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. मानसून के मौसम में खासकर बारिश के मद्देनजर सभी तैयारी है. जनसभा स्थल पर 50 हजार लोगों के आने की उम्मीद जताई जा रही है, लिहाजा जर्मन हैंगर के अलावा पूरे पंडाल को वाटरप्रूफ रखने के निर्देश दिए गए हैं. वहीं, प्रधानमंत्री के दौरे के मद्देनजर एसपीजी भी पहुंचकर सुरक्षा जांच में जुट गई है. प्रधानमंत्री मोदी के आगमन के मद्देनजर न केवल प्रशासनिक स्तर पर, बल्कि भारतीय जनता पार्टी भी पूरे जोर-शोर से लग गई है, जिसके तहत पूरे वाराणसी में स्वच्छता अभियान भी चलाया जा रहा है. शहर के प्रमुख चौराहों, पार्कों, महापुरुषों की प्रतिमाओं एवं मठ-मंदिरों के आसपास स्वच्छता की जा रही है. इसमें मंत्री, जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं. प्रधानमंत्री की जनसभा की व्यवस्था में लगे कार्यकर्ताओं की बैठक भी संपन्न हुई है, जिसमें जनसभा स्थल को 20 ब्लॉकों में बांटा गया है और चाक-चौबंद व्यवस्था के लिए प्रत्येक ब्लॉक के इंचार्ज भी बनाए गए हैं. पीएम मोदी के हाथों लोकार्पित और शिलान्यास होने वाली प्रमुख परियोजनाएं : * 565.35 करोड़ की लोकार्पित होने वाली 14 परियोजनाएं- वाराणसी-भदोही फोरलेन मार्ग (269.10 करोड़), मोहनसराय अदलपुरा रोड पर आरओबी (42.22 करोड़), होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल में मशीनें व यूनिट (73.30 करोड़), जल जीवन मिशन की 47 परियोजनाएं (129.97 करोड़) आदि. * 1618.10 करोड़ की 38 परियोजनाओं का होगा शिलान्यास- होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज व हॉस्पिटल (85.72 करोड़), दालमंडी रोड का चौड़ीकरण (215.88 करोड़), बिजली के तारों का अंडर ग्राउंड कार्य (881.56 करोड़), अस्सी घाट पर मल्टीलेवल पार्किंग (9.84 करोड़) आदि.

INDI गठबंधन उतारेगा साझा उम्मीदवार? उपराष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन

 नई दिल्ली उपराष्ट्रपति पद के लिए सामूहिक निर्णय के बाद आइएनडीआइए एक साझा उम्मीदवार उतार सकता है। ब्लॉक के सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के बहुमत में होने के बावजूद उसे लगता है कि संख्या बल विपक्ष के पक्ष में नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसी भावना है कि विपक्षी दलों को परिणाम की परवाह किए बिना एक मजबूत राजनीतिक संदेश देने के लिए चुनाव लड़ने से पीछे नहीं हटना चाहिए। जगदीप धनखड़ ने सोमवार को दिया था इस्तीफा गौरतलब है कि जगदीप धनखड़ ने सोमवार शाम अचानक स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि उनके इस्तीफे के पीछे अन्य कारणों को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। 74-वर्षीय धनखड़ ने अगस्त, 2022 में पदभार ग्रहण किया था और उनका कार्यकाल अगस्त, 2027 तक था। दोनों सदनों की प्रभावी संख्या 782 है बहरहाल, दोनों सदनों की प्रभावी संख्या 782 है और उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव में विजयी उम्मीदवार को 392 वोट हासिल करने होंगे, बशर्ते सभी पात्र मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करें। लोकसभा और राज्यसभा के सभी सदस्य, जिनमें मनोनीत सदस्य भी शामिल हैं, उपराष्ट्रपति चुनाव में मतदान करते हैं। लोकसभा में, जहां भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए को 542 सदस्यीय सदन में 293 सदस्यों का समर्थन प्राप्त है, वहीं आइएनडीआइए के पास 234 सदस्य हैं। सत्तारूढ़ गठबंधन को राज्यसभा में लगभग 130 सदस्यों का समर्थन प्राप्त है, जिसकी प्रभावी संख्या 240 है।  आइएनडीआइए को 79 सदस्यों का समर्थन प्राप्त उच्च सदन में आइएनडीआइए को 79 सदस्यों का समर्थन प्राप्त है। प्रभावी रूप से, संसद में एनडीए के 423 सदस्य और इंडिया ब्लॉक के 313 सदस्य हैं, शेष गुटनिरपेक्ष हैं। चुनाव आयोग ने उपराष्ट्रपति चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और यह जल्द ही तारीखों की घोषणा करेगा। संविधान के अनुच्छेद 68 के खंड दो के अनुसार, उपराष्ट्रपति के निधन, त्यागपत्र या पद से हटाए जाने या अन्य किसी कारण से खाली हुए इस पद को भरने के लिए चुनाव ''यथाशीघ्र'' कराया जाएगा। निर्वाचित व्यक्ति ''अपने पदभार ग्रहण करने की तिथि से पूरे पांच वर्ष की अवधि'' तक इस पद पर बने रहने का हकदार होगा।  

शिव की कृपा से लक्ष्मी का वरदान, इन राशियों की किस्मत पलटेगा गजलक्ष्मी राजयोग

हिंदू धर्म में सावन माह को भगवान शिव की उपासना का सबसे पवित्र समय माना जाता है। इस पूरे महीने में शिवभक्त व्रत, पूजा और रुद्राभिषेक के माध्यम से शिव की कृपा प्राप्त करते हैं। साल 2025 में सावन का अंतिम सोमवार 4 अगस्त को पड़ रहा है, और यह दिन खास इसलिए है क्योंकि इस दिन एक नहीं बल्कि कई शुभ योगों का निर्माण हो रहा है, जो कुछ राशियों के लिए सौभाग्य के द्वार खोल सकते हैं। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, इस दिन मिथुन राशि में गुरु और शुक्र की युति से गजलक्ष्मी राजयोग बन रहा है, जो धन, वैभव और सौंदर्य का प्रतीक है। साथ ही सूर्य और गुरु की स्थिति से द्विद्वादश योग भी बन रहा है, जो भाग्यवृद्धि और आत्मबल को बढ़ाता है। इतना ही नहीं, सूर्य जब कर्क राशि में रहकर बुध के साथ युति करेगा, तब बुधादित्य योग का निर्माण होगा, जो बुद्धि और नेतृत्व क्षमता में वृद्धि लाता है। इन सभी शुभ योगों के कारण कई राशियों की किस्मत इस दिन चमक सकती है। आइए जानते हैं कौन सी हैं वे भाग्यशाली राशियां। वृषभ राशि वृषभ राशि के जातकों के लिए सावन का अंतिम सोमवार बेहद शुभ साबित हो सकता है, खासतौर पर द्विद्वादश योग के बनने से। यह योग आपके लंबे समय से अटके हुए कामों को गति देने वाला है। जो कार्य अब तक बार-बार अटक रहे थे, वे अब पूरे होने लगेंगे। साथ ही आमदनी के नए रास्ते खुल सकते हैं, जिससे आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है। भगवान शिव की कृपा से इस समय आपकी मेहनत का फल मिलना शुरू होगा। पारिवारिक जीवन में भी सुख-शांति बनी रहेगी। घर में जो आपसी मतभेद या परेशानियां चल रही थीं, वे अब दूर होने लगेंगी। भाई-बहनों के साथ रिश्तों में मधुरता आएगी और आपसी सहयोग बढ़ेगा। नौकरीपेशा लोगों को काम के क्षेत्र में मान-सम्मान और तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। वहीं व्यापारी वर्ग के लिए यह समय रणनीति बनाकर काम करने का है  क्योंकि इस दौरान बनाई गई योजनाएं सफल होंगी और लाभदायक साबित हो सकती हैं। कन्या राशि कन्या राशि के जातकों के लिए सावन का अंतिम सोमवार बहुत ही शुभ संकेत लेकर आ रहा है। इस दिन बनने वाला गुरु और सूर्य का द्विद्वादश योग आपके लिए लाभकारी सिद्ध हो सकता है। इस समय आपको हर क्षेत्र में सफलता मिलने की संभावना है , खासकर वे कार्य जो लंबे समय से अधूरे थे, अब पूरे हो सकते हैं। परिवार के साथ भी रिश्ते मजबूत होंगे और आपसी समय की गुणवत्ता बढ़ेगी। यदि आप विदेश से जुड़े किसी काम में हैं या विदेश यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो वहां से भी लाभ मिलने के संकेत हैं। नौकरीपेशा जातकों के लिए यह समय बहुत ही अनुकूल रहेगा। आपके काम की सराहना होगी और लीडरशिप क्वालिटी उभरकर सामने आएगी, जिससे आपको नई ज़िम्मेदारियां और ऊंचा पद मिल सकता है। वेतन वृद्धि और पदोन्नति के योग भी बन रहे हैं। इसके साथ ही इस समय आपको पिता या किसी गुरु तुल्य व्यक्ति का पूरा सहयोग मिल सकता है, जो आपके लक्ष्य को पाने में सहायक साबित होगा। तुला राशि तुला राशि वालों के लिए सावन का आखिरी सोमवार शिव जी की विशेष कृपा लेकर आ सकता है। इस समय आपके जीवन में खुशियों की नई शुरुआत हो सकती है। जो भी कार्य आप लंबे समय से कर रहे हैं, उनमें अब साफ तौर पर सफलता दिखने लगेगी। कानूनी मामलों में उलझे हुए लोग राहत की सांस ले सकते हैं, क्योंकि कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों में आपके पक्ष में फैसला आ सकता है। पद और प्रतिष्ठा में वृद्धि के संकेत हैं, जिससे समाज या कार्यक्षेत्र में आपकी पहचान और सम्मान बढ़ेगा। पारिवारिक रिश्तों की बात करें तो पिता के साथ यदि कोई मनमुटाव या दूरी थी, तो वह अब दूर हो सकती है। अविवाहित लोगों को विवाह का अच्छा प्रस्ताव मिल सकता है और विवाहित जातकों के वैवाहिक जीवन में चल रही परेशानियां खत्म हो सकती हैं। पार्टनर के साथ संबंधों में गहराई आएगी और साथ में समय बिताने के अवसर मिलेंगे। जो लोग नई नौकरी की तलाश में हैं, उनके प्रयास अब रंग ला सकते हैं। यह समय आपके लिए आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा से भरा हुआ रहेगा। 

कलेक्टर श्रीमती चौहान ने सभी एसडीएम को 24 घंटे टीमों को सतर्क रखने के दिए निर्देश

डबरा के नंदू का डेरा से 50 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थलों पर पहुँचाया अतिवृष्टि से हुए जल भराव वाली बसाहटों के लिये पर्याप्त राहत शिविर बनाए कलेक्टर श्रीमती चौहान ने सभी एसडीएम को 24 घंटे टीमों को सतर्क रखने के दिए निर्देश बड़ेरा गाँव के नजदीक स्टॉप डैम पर पैर फिसलने से पानी में बहे प्रीतम की तलाश में जुटी टीम ग्राम खेड़ीरायमल में भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी डबरा  ग्वालियर जिले में अतिवृष्टि से हुए जल भराव से प्रभावित गाँवों के लोगों के लिये एहतियात बतौर पर्याप्त राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। साथ ही जहाँ पर अत्यधिक जल भराव हुआ है वहाँ के लोगों को जिला प्रशासन की टीमों द्वारा एसडीआरएफ की मदद से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने जिले के सभी एसडीएम को जल प्रभावित क्षेत्रों में 24 घंटे नजर रखने और आवश्यकता पड़ने पर लोगों को तत्काल नजदीकी राहत शिविर में आश्रय दिलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने राहत शिविरों में भोजन, पेयजल व प्राथमिक चिकित्सा के पुख्ता इंतजाम रखने के भी निर्देश दिए। शनिवार को डबरा विकासखंड के ग्राम नंदू का डेरा में अत्यधिक जल भराव होने की सूचना मिलने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने की कार्रवाई की गई। ग्राम खेड़ीरायमल में भी रेस्क्यू ऑपरेशन कर लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है। एसडीएम दिव्यांशु चौधरी ने बताया कि नंदू का डेरा से एसडीआरएफ की मदद से 50 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। इनमें से 23 लोगों को डबरा के कम्युनिटी हॉल व रैन बसेरा में बनाए गए राहत शिविरों में पहुँचाया गया है। ग्राम खेड़ीरायमल के लोगों को एसडीआरएफ की मदद से रेस्क्यू कर ग्राम पंचायत खेड़ी रायमल के पंचायत भवन में बनाए गए राहत शिविर में पहुँचाया गया है। जिले के मुरार विकासखंड के अंतर्गत ग्राम टिहौली के पीछे स्थित बड़ेरा निवासी 55 वर्षीय प्रीतम सिंह कुशवाह के बैसली नदी पर बने रपटे को पार करते समय पैर फिसलने से बहने की सूचना मिलने पर एसडीएम ग्वालियर ग्रामीण सूर्यकांत त्रिपाठी बचाव टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुँचे। एसडीआरएफ की टीम प्रीतम कुशवाह को खोजने में लगी है। एसडीएम त्रिपाठी ने बताया कि मदद के लिये एनडीआरएफ की टीम को भी बुलाया है। उन्होंने बताया कि मुरार विकासखंड के अंतर्गत हस्तिनापुर व बेहट में विशेष राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। अन्य स्थलों पर भी एहतियात बतौर राहत शिविर स्थल चिन्हित कर लिए गए हैं। एसडीएम भितरवार संजीव जैन ने बताया कि भितरवार क्षेत्र में लगातार हो रही वर्षा को ध्यान में रखकर लगातार सतर्कता बरती जा रही है। निचले क्षेत्रों में स्थित जिन पुल-पुलियों पर पानी बढ़ा है उनको बैरीकेट्स लगाकर आवागमन के लिये बंद कर दिया गया है। छीमक–भितरवार मार्ग व देवरा – भानगढ़ पुल पर पानी बढ़ने से आवागमन के लिये बंद करा दिया गया है। इसी तरह क्षेत्र के अन्य पुल-पुलियों पर भी लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। निचले क्षेत्र के गाँवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क कर दिया गया है। जैन ने बताया कि एहतियात बतौर भितरवार नगर में पाँच राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। जिले की हर ग्राम पंचायत के अंतर्गत पंचायत भवन व स्कूलों को जरूरत पड़ने पर राहत शिविरों के लिये चिन्हित कर आवश्यक इंतजाम कराए गए हैं। 

कलेक्टर श्रीमती चौहान ने सभी एसडीएम को 24 घंटे टीमों को सतर्क रखने के दिए निर्देश

डबरा के नंदू का डेरा से 50 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थलों पर पहुँचाया अतिवृष्टि से हुए जल भराव वाली बसाहटों के लिये पर्याप्त राहत शिविर बनाए कलेक्टर श्रीमती चौहान ने सभी एसडीएम को 24 घंटे टीमों को सतर्क रखने के दिए निर्देश बड़ेरा गाँव के नजदीक स्टॉप डैम पर पैर फिसलने से पानी में बहे प्रीतम की तलाश में जुटी टीम ग्राम खेड़ीरायमल में भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी डबरा  ग्वालियर जिले में अतिवृष्टि से हुए जल भराव से प्रभावित गाँवों के लोगों के लिये एहतियात बतौर पर्याप्त राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। साथ ही जहाँ पर अत्यधिक जल भराव हुआ है वहाँ के लोगों को जिला प्रशासन की टीमों द्वारा एसडीआरएफ की मदद से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने जिले के सभी एसडीएम को जल प्रभावित क्षेत्रों में 24 घंटे नजर रखने और आवश्यकता पड़ने पर लोगों को तत्काल नजदीकी राहत शिविर में आश्रय दिलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने राहत शिविरों में भोजन, पेयजल व प्राथमिक चिकित्सा के पुख्ता इंतजाम रखने के भी निर्देश दिए। शनिवार को डबरा विकासखंड के ग्राम नंदू का डेरा में अत्यधिक जल भराव होने की सूचना मिलने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने की कार्रवाई की गई। ग्राम खेड़ीरायमल में भी रेस्क्यू ऑपरेशन कर लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है। एसडीएम दिव्यांशु चौधरी ने बताया कि नंदू का डेरा से एसडीआरएफ की मदद से 50 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। इनमें से 23 लोगों को डबरा के कम्युनिटी हॉल व रैन बसेरा में बनाए गए राहत शिविरों में पहुँचाया गया है। ग्राम खेड़ीरायमल के लोगों को एसडीआरएफ की मदद से रेस्क्यू कर ग्राम पंचायत खेड़ी रायमल के पंचायत भवन में बनाए गए राहत शिविर में पहुँचाया गया है। जिले के मुरार विकासखंड के अंतर्गत ग्राम टिहौली के पीछे स्थित बड़ेरा निवासी 55 वर्षीय प्रीतम सिंह कुशवाह के बैसली नदी पर बने रपटे को पार करते समय पैर फिसलने से बहने की सूचना मिलने पर एसडीएम ग्वालियर ग्रामीण सूर्यकांत त्रिपाठी बचाव टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुँचे। एसडीआरएफ की टीम प्रीतम कुशवाह को खोजने में लगी है। एसडीएम त्रिपाठी ने बताया कि मदद के लिये एनडीआरएफ की टीम को भी बुलाया है। उन्होंने बताया कि मुरार विकासखंड के अंतर्गत हस्तिनापुर व बेहट में विशेष राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। अन्य स्थलों पर भी एहतियात बतौर राहत शिविर स्थल चिन्हित कर लिए गए हैं। एसडीएम भितरवार संजीव जैन ने बताया कि भितरवार क्षेत्र में लगातार हो रही वर्षा को ध्यान में रखकर लगातार सतर्कता बरती जा रही है। निचले क्षेत्रों में स्थित जिन पुल-पुलियों पर पानी बढ़ा है उनको बैरीकेट्स लगाकर आवागमन के लिये बंद कर दिया गया है। छीमक–भितरवार मार्ग व देवरा – भानगढ़ पुल पर पानी बढ़ने से आवागमन के लिये बंद करा दिया गया है। इसी तरह क्षेत्र के अन्य पुल-पुलियों पर भी लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। निचले क्षेत्र के गाँवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क कर दिया गया है। जैन ने बताया कि एहतियात बतौर भितरवार नगर में पाँच राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। जिले की हर ग्राम पंचायत के अंतर्गत पंचायत भवन व स्कूलों को जरूरत पड़ने पर राहत शिविरों के लिये चिन्हित कर आवश्यक इंतजाम कराए गए हैं।