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रेलवे जनसंपर्क विभाग की मांगो एवं उनकी केडर की कठिनाइयां, चुनोतियाँ रेल मंत्री तक पहुँचाई जाएगी – ओम बिरला

कोटा  भारतीय रेलवे के इतिहास में पहली बार जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा अखिल भारतीय रेलवे जनसंपर्क सेमिनार का भव्य आयोजन शनिवार को कोटा के मेनाल रेलवे ऑफिसर्स क्लब में किया गया। इस ऐतिहासिक आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में माननीय लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला जी  ने गरिमामयी उपस्थिति दर्ज की और भारतीय रेलवे जनसंपर्क कैडर की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम का शुभारंभ श्री बिरला जी के आगमन पर पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत से हुआ। तत्पश्चात, मंडल रेल प्रबंधक, कोटा श्री अनिल कालरा सहित विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति में दीप प्रज्वलन किया गया।  मंडल रेल प्रबंधक श्री कालरा द्वारा मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए रेलवे के जनसंपर्क विभाग द्वारा किए जा रहे महत्वपूर्ण कार्यों की सराहना की गई। इसके बाद जनसंपर्क विभाग के परिचय पर एक संक्षिप्त वीडियो प्रदर्शित किया गया, जिससे जनसंपर्क कर्मियों की बहुआयामी भूमिका का परिचय उपस्थित जनसमूह को मिला। वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी श्री कमल जोशी द्वारा जनसंपर्क  कैडर का विस्तृत परिचय प्रस्तुत किया गया, जिसमें विभाग की वर्तमान कार्यप्रणाली, दायित्व, एवं संरचनात्मक चुनौतियों को रेखांकित किया गया। माननीय श्री ओम बिरला जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि “रेलवे का जनसंपर्क विभाग सरकार और जनता के बीच विश्वास का सेतु है। इसकी मजबूती से रेलवे की छवि और पारदर्शिता में वृद्धि होती है।” उन्होंने विभाग के हितों की रक्षा और समस्याओं के समाधान हेतु सकारात्मक आश्वासन भी प्रदान किया। इसके पश्चात मुख्य अतिथि को स्मृति चिह्न भेंट किया गया तथा कार्यक्रम का औपचारिक समापन धन्यवाद ज्ञापन से हुआ। इसके उपरांत सेमिनार सत्र आयोजित किया गया, जिसमें देशभर से आए वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी, जनसंपर्क अधिकारी एवं प्रचार निरीक्षकों ने अपने विचार, अनुभव एवं कैडर से संबंधित व्यावहारिक सुझाव प्रस्तुत किए। यह विचार-विमर्श सत्र जनसंपर्क विभाग की कार्यक्षमता, कैडर पुनर्गठन, और भविष्य की दिशा तय करने में मील का पत्थर सिद्ध हुआ। कार्यक्रम में मंडल रेल प्रबंधक, कोटा श्री अनिल कालरा, अपर मंडल रेल प्रबंधक श्री ललित कुमार धुरंधर, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ जैन, मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री किशोर पटेल,नेता प्रतिपक्ष श्री लव शर्मा सहित रेलवे के विभिन्न संवर्गों के वरिष्ठ अधिकारियों, कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों और प्रिंट,इलेक्ट्रॉनिक,सोशल मीडिया से जुड़े गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। इस आयोजन ने न केवल विभागीय एकजुटता को दर्शाया बल्कि जनसंपर्क कैडर की समस्याओं को नीति-निर्माताओं के समक्ष प्रभावी रूप से प्रस्तुत करने का अवसर भी प्रदान किया।  भारतीय रेलवे जनसंपर्क कर्मी कल्याण समिति

रात की पार्टियों को लेकर पुलिस का अलर्ट, लड़कियों और अभिभावकों को दी खास सलाह

अहमदाबाद  गुजरात के अहमदाबाद में महिलाओं को सुरक्षा से जुड़ी सलाह देने के नाम पर लगाए गए पोस्टरों पर जबरदस्त विवाद खड़ा कर हो गया है. इन पोस्टरों में लिखा था, ‘लेट-नाइट पार्टी में जाना रेप या गैंगरेप को न्योता दे सकता है.’ इस तरह की भाषा को लेकर पुलिस और सामाजिक संगठनों की तीखी आलोचना हो रही है. हालांकि, मामला सामने आने के बाद पुलिस ने तुंरत इन पोस्टरों को हटवा दिया है. साथ ही पुलिस ने स्वीकार किया है कि पोस्‍टर में इस्‍तेमाल भाषा को स्‍वीकार नहीं किया जा सकता है. पुलिस की ओर से महिला सुरक्षा को लेकर लगवाए गए एक अन्य पोस्टर पर लिखा था, ‘अंधेरे और सुनसान इलाकों में दोस्तों के साथ न जाएं, आपके साथ रेप या गैंगरेप हो सकता है.’ इस तरह के संदेशों को लेकर सोशल मीडिया पर भारी विरोध शुरू हो गया. पुलिस अधिकारियों ने सफाई देते हुए बताया कि ये पोस्टर ‘सतर्कता’ नामक एक संगठन द्वारा ट्रैफिक जागरूकता के लिए प्रस्तावित किए गए थे. डीसीपी (ट्रैफिक वेस्ट) नीता देसाई और एसीपी (ट्रैफिक एडमिन) शैलेश मोदी ने कहा कि पुलिस को पोस्टर की पूरी सामग्री की जानकारी नहीं थी और जैसे ही विवाद बढ़ा इन्हें तुरंत हटवा दिया गया. पुलिस ने झाड़ा पल्‍ला वहीं, पुलिस ने इस विवाद से अपना पल्‍ला झाड़ने की कोशिश की है. एसीपी (ट्रैफिक) एनएन चौधरी ने कहा, ‘हमने इस तरह की भाषा की अनुमति कभी नहीं दी थी.’ स्थानीय निवासी और सामाजिक कार्यकर्ता इस प्रकरण से आहत हैं. घाटलोडिया निवासी एक महिला भूमि पटेल ने कहा, ‘इस तरह के संदेश महिलाओं को दोषी ठहराते हैं, जबकि असल जिम्मेदारी सिस्टम की होती है.’ बोडकदेव की फिटनेस ट्रेनर ने इसे ‘मोरल पुलिसिंग’ करार देते हुए कहा कि यह पोस्टर महिला सुरक्षा का मजाक उड़ाते हैं. महिलाएं नाराज बता दें कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर समय-समय पर कैंपेन चलाए जाते हैं. पुलिस प्रशासन इसमें गैरसरकारी संस्‍थाओं का सहयोग भी लिया जाता है. अहमदाबाद के इस बार के पोस्‍टर कैंपेन में भी एनजीओ की मदद ली गई थी, पर जिस तरह से महिला सेफ्टी के लिए शब्‍दों का चयन किया गया, उससे बवाल मच गया. मह‍िलाओं ने खासकर नाराजगी जताई है. नेहरू नगर निवासी एक महिला ने कहा, ‘इन पोस्टरों से वह मानसिकता उजागर होती है जो पीड़िता को दोष देती है और सुरक्षा में चूक के लिए जिम्मेदार संस्थाओं को बचा लेती है.’ इस विवाद ने एक बार फिर महिला सुरक्षा के नाम पर दी जा रही ‘नसीहतों’ के तरीके और उनके पीछे की सोच को कठघरे में खड़ा कर दिया है.

ओवल टेस्ट में ड्रामा: यशस्वी के सामने स्पिन लाने से हिचके इंग्लिश कप्तान, अंपायर से की बहस

ओवल में मुकाबला रोचक मोड़ पर, यशस्वी की टिकाऊ पारी से बदल सकता है खेल का रुख ओवल टेस्ट : दूसरे दिन का खेल समाप्त, यशस्वी ने जड़ा अर्धशतक, भारत ने बनाई 52 रन की बढ़त ओवल टेस्ट में ड्रामा: यशस्वी के सामने स्पिन लाने से हिचके इंग्लिश कप्तान, अंपायर से की बहस ओवल रहा है. इस मुकाबले में दो दिन का खेल समाप्त हो चुका है. दूसरे दिन (1 अगस्त) स्टम्प तक भारतीय टीम का स्कोर दूसरी पारी में दो विकेट के नुकसान पर 75 रन था. भारत की लीड 52 रनों की है और उसके 8 विकेट बाकी हैं. बता दें कि इस मुकाबले में भारत ने अपनी पहली पारी में 224 रन बनाए थे. वहीं इंग्लैंड की पहली पारी 247 के स्कोर पर सिमटी थी. यानी पहली पारी के आधार पर मेजबान टीम को 23 रन की मामूली लीड मिली. दूसरे दिन के खेल में विकेटों का पतझड़ देखने को मिला. जहां पहले दिन केवल 6 विकेट गिरे. वहीं दूसरे दिन 15 विकेट गिर गए. विकेटों के पतझड़ के कारण मुकाबला तेज से गति से आगे बढ़ा है. दूसरे दिन भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी में 6 विकेट पर 204 रनों से आगे खेलना शुरू किया. हालांकि भारत अपने पहले दिन के स्कोर में केवल 20 रन जोड़ सका और उसके आखिरी के चार विकेट गिर गए. इंग्लैंड की ओर से तेज गेंदबाज गस एटकिंसन ने पांच विकेट चटकाए. कृष्णा-सिराज ने कराई टीम इंडिया की वापसी फिर इंग्लैंड की टीम ने अपनी पहली पारी में तेज शुरुआत की. सलामी बल्लेबाजों बेन डकेट और जैक क्राउली ने मिलकर 12.5 ओवर्स में 92 रन जोड़े. हालांकि इस साझेदारी के टूटने के बाद इंग्लैंड ने मोमेंटम गंवा दिया. दूसरे दिन के खेल के दूसरे सीजन में इंग्लैंड ने 6 विकेट गंवाए, जिसने भारतीय टीम की वापसी करा दी. भारतीय टीम ने इसके बाद आखिरी सेशन में इंग्लैंड के 2 विकेट निकाले. चूंकि क्रिस वोक्स बैटिंग के लिए उपलब्ध नहीं थे, ऐसे में इंग्लैंड की पहली पारी 247/9 के स्कोर पर ही सिमट गई. भारत की तरफ से मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4-4 विकेट झटके. आकाश दीप को भी एक सफलता हासिल हुई. इसके बाद भारतीय टीम की दूसरी पारी में दो विकेट गिर गए. केएल राहुल (7 रन) को जोश टंग ने जो रूट के हाथों कैच आउट कराया. वहीं  साई सुदर्शन 11 रनों के निजी स्कोर पर गस एटकिंसन का शिकार बने. एटकिंसन ने सुदर्शन को एलीबडब्ल्यू आउट किया. यशस्वी जायसवाल का भी विकेट इंग्लिश टीम ले सकती थी, लेकिन उन्हें 20 और 40 रन के निजी स्कोर पर जीवनदान मिले. खेल समाप्ति के समय यशस्वी जायसवाल 51 और नाइटवॉचमैन आकाश दीप 4 रन पर नॉटआउट थे. आज क्या रहेगी टीम इंडिया की रणनीति? अब तीसरे दिन (2 अगस्त) का खेल काफी निर्णायक रहने वाला है. तीसरे दिन भारतीय बल्लेबाजों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी. पिच अब भी तेज गेंदबाजों के लिए मददगार है, ऐसे में बल्लेबाजी करना आसान नहीं होगा. तीसरे दिन के खेल का पहला सेशन काफी अहम होगा, जिसमें भारतीय टीम कम से कम विकेट खोना चाहेगी. भारतीय टीम यदि मेजबान इंग्लैंड को कम से कम 250 का टारगेट देने में सफलता रही तो ये मेजबान टीम के लिए चुनौतीपूर्ण होगा. हालांकि उसके लिए कप्तान शुभमन गिल, यशस्वी जायसवाल, करुण नायर और रवींद्र जडेजा जैसे खिलाड़ियों को बल्ले से आज शानदार खेल दिखाना होगा. यशस्वी जायसवाल अगर तीसरे दिन एक सेशन भी ट‍िककर खेल गए तो मैच टीम इंड‍िया की ओर मुड़ सकता है.    ओवल टेस्ट : दूसरे दिन का खेल समाप्त, यशस्वी ने जड़ा अर्धशतक, भारत ने बनाई 52 रन की बढ़त भारत-इंग्लैंड के बीच एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी 2025 का पांचवां एवं आखिरी मुकाबला लंदन के ओवल क्रिकेट ग्राउंड पर खेला जा रहा है. इस मुकाबले में दूसरे दिन (1 अगस्त) का खेल समाप्त हो चुका है. दूसरे दिन स्टम्प तक भारतीय टीम ने अपनी दूसरी पारी में दो विकेट पर 75 रन बना लिए. यशस्वी जायसवाल 51 और आकाश दीप 4 रन पर नाबाद हैं. भारत की लीड 52 रनों की है और उसके 8 विकेट शेष हैं. इस मैच में पहली पारी में भारतीय टीम ने 224 रन बनाए. जवाब में इंग्लैंड की पहली पारी 247 रन पर सिमटी. इंग्लैंड को पहली पारी के आधार पर 23 रन की लीड मिली. यह मुकाबला भारतीय टीम के लिए 'करो या मरो' जैसा है. शुभमन गिल की अगुवाई वाली भारतीय टीम पांच मैचों की सीरीज तभी बराबर कर पाएगी, जब ये मुकाबला जीतेगी. अगर ये मुकाबला ड्रॉ रहा या मेजबान इंग्लैंड ने जीत हासिल की तो टीम इंडिया सीरीज गंवा देगी. दूसरी पारी में भारतीय टीम को यशस्वी जायसवाल ने शानदार शुरुआत दिलाई. यशस्वी ने 7 चौके और दो छक्के की मदद से 44 गेंदों पर ही अपनी फिफ्टी पूरी कर ली. यशस्वी को हालांकि इस दौरान दो जीवदान भी मिलाे. सलामी बल्लेबाज केएल राहुल (7 रन) और साई सुदर्शन (11 रन) दूसरी पारी में भी बल्ले से कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाए. ओवल टेस्ट में ड्रामा: यशस्वी के सामने स्पिन लाने से हिचके इंग्लिश कप्तान, अंपायर से की बहस भारत और इंग्लैंड के बीच लंदन के 'द ओवल' मैदान में चल रहा तेंदुलकर-एंडरसन ट्रॉफी का पांचवां टेस्ट द‍िलचस्प हो चला है. भारतीय टीम ने पहली पारी में 224 रन बनाए, फ‍िर इंग्लैंड की टीम 247 रनों पर मामूली बढ़त लेकर ऑलआउट हो गई. इसके बाद भारतीय टीम ने दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक 75 रन 2 विकेट के नुकसान पर बना ल‍िए हैं.  दरअसल, जिस तरह यशस्वी जायसवाल खुलकर और बेबाक अंदाज में खेल रहे थे. ऐसे में पोप यशस्वी जायसवाल के सामने पेस अटैक ही लाना चाह रहे थे. वो स्प‍िनर्स लाने से डर रहे थे. जबकि अंग्रेज टीम में जो रूट, हैरी ब्रूक और जैकब बेथेल स्प‍िन गेंदबाजी के व‍िकल्प थे. पोप को यह बात अच्छी तरह से पता थी कि अगर यशस्वी के सामने स्प‍िनर आए तो वो न‍िश्च‍ित ही उनके सामने चांस लेंगे, वही आकाश दीप के भी अगर स्लॉट में गेंद आती तो भी संभवत: खेलने से नहीं चूकते, ऐसे में पोप ने मैदान छोड़ने में ही … Read more

हरपालपुर जल योजना पर तेजी से काम, 28 करोड़ की परियोजना से बदलेंगे हालात

छतरपुर नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अधीन कार्यरत उपक्रम मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी द्वारा छतरपुर जिले के हरपालपुर नगर में जल प्रदाय परियोजना का कार्य तेज गति से चल रहा है। यह परियोजना एशियन डेवलपमेंट बैंक के सहयोग से क्रियान्वित की जा रही है। इस परियोजना की लागत 28 करोड़ 40 लाख रूपये है। इस लागत में आगामी दस वर्षों तक संचालन और संधारण की व्यवस्था भी शामिल है। योजना के अंतर्गत धसान नदी से जल लेकर उसे 3.36 एमएलडी क्षमता वाले जल शोधन संयंत्र में शुद्ध किया जाएगा। जल शोधन संयंत्र का निर्माण कार्य लगभग 83 प्रतिशत तक पूरा किया जा चुका है। जल संग्रहण के लिये परियोजना के अंतर्गत विभिन्न क्षमताओं वाले तीन ओवरहेड टैंक का निर्माण भी किया जा रहा है। संपूर्ण परियोजना की भौतिक प्रगति लगभग 80 प्रतिशत पूरी हो चुकी है। इस परियोजना का जल्द ही काम पूरा हो जायेगा। इस परियोजना से हरपालपुर नगर की 20 हजार से अधिक आबादी को नियमित, सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। यह योजना नगरीय क्षेत्रों में जल संकट की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। परियोजना के प्रति स्थानीय नागरिकों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। उन्हें उम्मीद है कि योजना के पूरा होते ही उन्हें निर्बाध और गुणवत्तायुक्त पेयजल उपलब्ध होगा, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार भी होगा।  

बारिश का सिलसिला जारी रहेगा! अगले दो महीने तक कई राज्यों में भारी वर्षा की चेतावनी

नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पश्चिम उत्तर प्रदेश जैसे इलाकों में इस साल मॉनसून में अब तक अच्छी बारिश हुई है। गुरुग्राम, गाजियाबाद, नोएडा और दिल्ली के तमाम इलाकों में इस साल अच्छी बारिश हुई है। कई मोहल्ले और सोसायटियों में तो लगातार पानी भरने की शिकायतें आती रहती हैं। इस बीच मौसम विभाग का कहना है कि अगस्त और सितंबर में भी सामान्य से अधिक बारिश होगी। इसका अर्थ है कि दिल्ली-एनसीआर, यूपी, हरियाणा समेत समूचे उत्तर भारत को अधिक बारिश के लिए पहले से तैयारी कर लेनी चाहिए। मौसम विभाग का कहना है कि अगस्त में सामान्य बारिश रहेगी। इसके अलावा सितंबर में सामान्य से अधिक वर्षा का अनुमान है। इस तरह लॉन्च पीरियड एवरेज को देखें तो दो महीने में 106 फीसदी बारिश होगी, जो सामान्य से 6 फीसदी अधिक है। हालांकि ऐसा देश के सभी हिस्सों में नहीं होगा। इस साल उत्तर पश्चिम भारत यानी यूपी, दिल्ली, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, पंजाब और उत्तराखंड में अच्छी बारिश होगी। इसके अलावा पूर्वी भारत, मध्य भारत और पश्चिमी भारत के ज्यादातर राज्यों में बारिश सामान्य से कम रहेगी। महत्वपूर्ण तथ्य है कि इस साल बिहार, बंगाल और ओडिशा में अब तक सामान्य से कम बारिश हुई है। आमतौर पर उत्तर बिहार में अच्छी बारिश होती रही है। इस बीच मौसम विभाग ने ब्लॉक स्तर पर भी बारिश का अनुमान जताने की व्यवस्था की है। पूरे देश के 7,200 ब्लॉकों का मौसम कैसा रहेगा, कब बारिश होगी और कब आसमान साफ रहेगा, यह पूरी जानकारी दी जाएगी। इसकी व्यवस्था ब्लॉक-वाइज रेनफॉल मॉनिटरिंग स्कीम (BRMS) के माध्यम से की गई है। मौसम विभाग का कहना है कि इसके जरिए रियलटाइम जानकारी मिलेगी। अब तक मौसम विभाग की ओर से जिलावार जानकारी ही दी जाती थी। माना जा रहा है कि अब मौसम विभाग का अनुमान अधिक सटीक हो सकेगा। अब ब्लॉक स्तर पर मौसम का आएगा अनुमान आमतौर पर जिला स्तर के अनुमान में किसी एक हिस्से में बारिश होती थी और कहीं नहीं होती थी। इसे लोग मौसम विभाग के अनुमान से जोड़ते थे कि वह गलत साबित हुआ। अब ब्लॉक लेवल पर अनुमान दिया जाएगा। मौसम विभाग ने जून और जुलाई की मॉनसून बारिश का भी आंकड़ा दिया है। मौसम विभाग का कहना है कि जून और जुलाई में ज्यादातर राज्यों में सरप्लस बारिश हुई है, लेकिन मध्य, पश्चिम और पूर्वी भारत के कई राज्यों में अनुमान से कम बारिश हुई है।

भारत की बड़ी रणनीतिक चाल: डोकलाम के नजदीक भूटान में सड़क निर्माण से चीन की बढ़ी चिंता

नई दिल्ली भारत लगातार अपनी सीमाओं और पड़ोसी देशों में बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रहा है, खासकर चीन के साथ सीमा पर. हाल ही में भारत ने भूटान के हा घाटी में एक खास सड़क बनाई है, जो डोकलाम के पास है. यह सड़क न सिर्फ भूटान के लिए फायदेमंद है, बल्कि भारत के लिए भी रणनीतिक ताकत बढ़ाएगी. यह सड़क क्यों खास है? यह सड़क भूटान के हा घाटी को जोड़ती है, जो डोकलाम से सिर्फ 21 किलोमीटर दूर है. डोकलाम 2017 में भारत और चीन के बीच एक बड़े टकराव का गवाह रहा था. इस सड़क को बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (BRO) ने लगभग 254 करोड़ रुपये की लागत से बनाया है. भूटान के प्रधानमंत्री तोबगे त्शेरिंग ने आज, 1 अगस्त 2025 को इस सड़क का उद्घाटन किया. यह सड़क हर मौसम में काम करने वाली (ऑल-वेदर) है, यानी बारिश, बर्फ या तूफान में भी आवाजाही संभव होगी. हा घाटी भूटान के लिए आर्थिक और सैन्य दृष्टि से महत्वपूर्ण है. यह सड़क न सिर्फ स्थानीय लोगों के लिए सुविधाजनक होगी, बल्कि भूटान सेना को चंबी घाटी (जो तिब्बत के पास है) तक तेजी से पहुंचने में मदद करेगी. चंबी घाटी में चीनी सैनिक मौजूद हैं, इसलिए यह इलाका रणनीतिक रूप से संवेदनशील है. अगर जरूरत पड़ी, तो भारत की सेना भी इस सड़क का फायदा उठा सकती है, खासकर चीन के खिलाफ किसी स्थिति में. डोकलाम संकट: 2017 का सबक 2017 में डोकलाम में एक बड़ा विवाद हुआ था. चीन ने जम्फेरी रिज तक सड़क बनाने की कोशिश की थी, जो भूटान और भारत के लिए खतरे की बात थी. भारतीय सेना ने इसका विरोध किया और 'ऑपरेशन जूनिपर' चलाया. भारतीय सैनिकों ने डोकलाम पहुंचकर चीनी सैनिकों को सड़क बनाने से रोका. 72 दिन तक चले इस टकराव के बाद चीन को पीछे हटना पड़ा. लेकिन इसके बाद भी चीन ने डोकलाम में हेलीपैड और दूसरी सुविधाएं बनाईं. हजारों सैनिक वहां तैनात कर दिए. डोकलाम भूटान के पास है, लेकिन यह सिक्किम-भूटान-तिब्बत के त्रिकोण पर है, जो भारत के लिए भी रणनीतिक रूप से अहम है. इस घटना ने भारत को अपनी सीमा और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की सीख दी. प्रोजेक्ट दंतक: भारत-भूटान की दोस्ती का प्रतीक यह सड़क BRO के 'प्रोजेक्ट दंतक' के तहत बनी है. प्रोजेक्ट दंतक 1960 के दशक से भूटान में काम कर रहा है और भूटान के विकास में बड़ा योगदान दे रहा है. इस सड़क में 5 नए पुल बनाए गए हैं, जो इसे हर मौसम में चलने लायक बनाते हैं. हाल ही में भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने भूटान का दौरा किया. हा घाटी की सड़क के बारे में जानकारी ली. BRO के डीजीबीआर (निदेशक जनरल बॉर्डर रोड्स) लेफ्टिनेंट जनरल रघु श्रीनिवासन भी भूटान में हैं, जहां उन्होंने राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक और प्रधानमंत्री तोबगे त्शेरिंग से मुलाकात की. प्रधानमंत्री ने दंतक की भूटान के विकास में भूमिका की तारीफ की. इस सड़क का उद्घाटन न सिर्फ कनेक्टिविटी, बल्कि पर्यटन और लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा देगा. 2017 के डोकलाम टकराव के बाद भूटान में सड़क निर्माण का काम तेज हो गया है. BRO कई और प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहा है ताकि सीमा क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बेहतर हो सके.  भारत-भूटान का रिश्ता और चीन का चैलेंज भारत और भूटान के बीच गहरी दोस्ती है. भूटान भारत का पड़ोसी देश है. चीन के बढ़ते प्रभाव का सामना कर रहा है. 2017 में डोकलाम के दौरान भूटान ने भारत का साथ दिया था, जो इस दोस्ती की मिसाल है. भारत भूटान में सड़कें और बिजली जैसे प्रोजेक्ट्स में निवेश कर रहा है, ताकि दोनों देशों की साझा सुरक्षा मजबूत हो सके. चीन ने डोकलाम और आसपास के इलाकों में सड़कें और गांव बनाए हैं, जो भारत के लिए चिंता का विषय है. हा घाटी की सड़क भारत को यह मौका देती है कि वह अपनी सेना और संसाधनों को तेजी से तैनात कर सके, अगर चीन ने कोई कदम उठाया तो. यह सड़क भूटान की सेना के लिए भी चंबी घाटी तक पहुंच को आसान बनाएगी. फायदे क्या हैं?     सैन्य फायदा: इस सड़क से भारतीय और भूटानी सेना को तेजी से गति मिलेगी, खासकर चीनी सीमा के पास.     लॉजिस्टिक्स: सैन्य सामान और आपूर्ति आसानी से पहुंचेगी.     पर्यटन और अर्थव्यवस्था: हा घाटी एक खूबसूरत इलाका है. यह सड़क पर्यटन को बढ़ावा देगी, जिससे भूटान की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी.     चीन के खिलाफ रणनीति: यह सड़क भारत को चीन के बढ़ते प्रभाव को रोकने में मदद करेगी. चुनौतियां और सावधानियां चीन की ओर से लगातार बुनियादी ढांचे का विस्तार हो रहा है, जो भविष्य में तनाव बढ़ा सकता है. इसलिए भारत और भूटान को इस सड़क की सुरक्षा और रखरखाव पर ध्यान देना होगा. साथ ही, स्थानीय लोगों को इस सड़क के फायदे और सावधानियों के बारे में जागरूक करना जरूरी है.

बेरोजगारों के लिए सुनहरा मौका: रेलवे में निकली 3000 से अधिक अपरेंटिस वैकेंसी, जानें डिटेल्स

मुंबई   भर्ती प्रकोष्ठ (RRC) ने भारतीय रेलवे के वर्कशॉप और डिवीजनों में 3000 से अधिक अपरेंटिस पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं. इच्छुक उम्मीदवार प्रकोष्ठ की आधिकारिक वेबसाइट rrcer.org के माध्यम से इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं. इच्छुक लोगों को 13 सितंबर, 2025 से पहले इस पद के लिए आवेदन करना होगा. शैक्षिक योग्यता ऑनलाइन आवेदन 14 अगस्त, 2025 से शुरू होंगे और उम्मीदवारों को इसके लिए एक आवेदन पत्र भरना होगा. उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 15 वर्ष और अधिकतम आयु 24 वर्ष होनी चाहिए. प्रकोष्ठ अनुसूचित जाति (SSC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) जैसी श्रेणियों के उम्मीदवारों को आयु में छूट प्रदान कर सकता है. भर्ती के लिए 10वीं पास होना जरूरी उम्मीदवार को किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ कक्षा 10 उत्तीर्ण होना चाहिए. उम्मीदवार को स्वास्थ्य जांच से गुजरना पड़ सकता है, जिसके आधार पर पद के लिए उनकी पात्रता पर विचार किया जाएगा. उम्मीदवारों को ध्यान देना चाहिए कि चयन किसी लिखित परीक्षा के आधार पर नहीं, बल्कि कक्षा 10वीं और आईटीआई परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर होगा.

कर्ज पर कर्ज, फिर भी लग्जरी! कैग रिपोर्ट ने खोली सरकार की फिजूलखर्ची की पोल

भोपाल   मध्य प्रदेश में किसानों के हित में किए जा रहे कामों की हकीकत विधानसभा में पेश सीएजी की रिपोर्ट में सामने आ गई है. सीएजी रिपोर्ट के मुताबिक 5.31 करोड़ की जिस राशि से प्रदेश के किसानों के सहकारी विकास किया जाना था. उस राशि को किसानों के हित में खर्च करने के स्थान पर अधिकारियों ने अपनी लग्जरी गाड़ियां खरीद डाली. अधिकारियों ने 5.31 करोड़ रुपए में से 4.79 करोड़ की राशि गाड़ियां खरीदने में खर्च कर दी. ऑडिट में सामने आया है कि सरकार ने साल 2023-24 में 65 हजार 180 करोड़ का भारी-भरकर कर्ज लिया, लेकिन इसमें से 21 हजार करोड़ की राशि पुरानी उधारी और ब्याज चुकाने में ही खर्च कर दिया. उधार लेकर उधार चुका रही सरकार मध्य प्रदेश विधानसभा में पेश की गई कैग रिपोर्ट में प्रदेश सरकार के बजट प्रबंधन पर सवाल उठाए गए हैं. बताया गया कि सरकार ने 3.72 लाख करोड़ का बजट पारित किया, लेकिन इसमें से सरकार 3.04 लाख करोड़ ही खर्च कर सकी. इस तरह 67 हजार 926 करोड़ रुपए की राशि खर्च न किए जाने की वजह से लैप्स हो गई. इसके बाद भी सरकार द्वारा 2 सप्लीमेंट बजट के जरिए 57 हजार 963 करोड़ रुपए और मांगे गए. जबकि इतनी राशि की जरूरत ही नहीं थी. उधर सरकार ने 2023-24 में 65 हजार 180 करोड़ लोन लिया, लेकिन इसमें से 33 फीसदी राशि उधारी चुकाने में उपयोग कर लिया. कैग ने कर्ज लेकर उधार चुकाने की प्रवृत्ति को नियमों के खिलाफ बताया है. पिछले 5 साल के उधार- भुगतान का लेखा-जोखा     साल 2019-20 में सरकार ने 34 हजार 364 करोड़ का लोन लिया, जबकि 10933 करोड़ का लोन का भुगतान किया गया.     साल 2020-21 में सरकार ने कुल 65 हजार 170 करोड़ का लोन लिया, जबकि 12757 करोड़ रुपए चुकाये गये.     साल 2021-22 में सरकार ने 46295 करोड़ की उधारियां ली गईं, इसमें से 15162 करोड़ रुपए चुकाये गये.     साल 2022-23 में सरकार 58 हजार 867 करोड़ का लोन लिया, लेकिन इसमें से 22 हजार 6 करोड़ रुपए चुकाया गया.     साल 2023-24 में सरकार ने 65 हजार 180 करोड़ का लोन लिया, जबकि 21 हजार 635 करोड़ का कर्ज चुकाया गया.

मालेगांव धमाके में आरएसएस प्रमुख को जोड़ने की थी कोशिश? पूर्व अधिकारी का बड़ा आरोप

मालेगांव  महाराष्ट्र के मालेगांव में 2008 में हुए विस्फोट मामले की जांच करने वाले महाराष्ट्र आतंकवाद रोधी दस्ते (ATS) के एक पूर्व पुलिस अधिकारी ने दावा किया है कि उन पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत को गिरफ्तार करने का दबाव था और ऐसा करने के लिए कहा गया था। इस मामले में भाजपा की पूर्व सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर समेत सभी सात आरोपियों को बरी करने के निचली अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए महाराष्ट्र ATS के रिटायर्ड इन्सपेक्टर महबूब मुजावर ने कहा कि भागवत को गिरफ्तार करने के आदेश का उद्देश्य ‘भगवा आतंकवाद’ को स्थापित करना था। उन्होंने सोलापुर में कहा कि अदालत के फैसले ने एटीएस के फर्जीवाड़े को नकार दिया है। शुरू में एटीएस ने मामले की जांच की थी, लेकिन बाद में इसे राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) ने अपने हाथ में ले लिया था। मुजावर ने एक वरिष्ठ अधिकारी का नाम लेते हुए कहा, ‘‘इस फैसले ने एक फर्जी अधिकारी द्वारा की गई फर्जी जांच को उजागर कर दिया है।’’ मोहन भागवत को ‘पकड़ने’ के लिए कहा गया था उन्होंने कहा कि वह 29 सितंबर 2008 को मालेगांव में हुए विस्फोट की जांच करने वाली एटीएस टीम का हिस्सा थे, जिसमें छह लोग मारे गए थे और 101 अन्य घायल हुए थे। उन्होंने दावा किया कि उन्हें मोहन भागवत को ‘पकड़ने’ के लिए कहा गया था। उन्होंने कहा, ‘‘मैं यह नहीं कह सकता कि एटीएस ने उस समय क्या जांच की और क्यों… लेकिन मुझे राम कलसांगरा, संदीप डांगे, दिलीप पाटीदार और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत जैसी हस्तियों के बारे में कुछ गोपनीय आदेश दिए गए थे। ये सभी आदेश ऐसे नहीं थे कि उनका पालन किया जा सके।’’ आदेश नहीं माना तो झूठे मामले में फंसाया मुजावर ने कहा कि दरअसल, उन्होंने उनका पालन नहीं किया क्योंकि उन्हें हकीकत पता थी। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘मोहन भागवत जैसी बड़ी हस्ती को पकड़ना मेरी क्षमता से परे था। चूंकि मैंने आदेशों का पालन नहीं किया, इसलिए मेरे खिलाफ झूठा मामला दर्ज किया गया और इसने मेरे 40 साल के करियर को बर्बाद कर दिया।’’ पूर्व पुलिस अधिकारी ने कहा कि उनके पास अपने दावों के समर्थन में दस्तावेजी सबूत हैं। उन्होंने कहा, ‘‘कोई भगवा आतंकवाद नहीं था। सब कुछ फर्जी था।’’

फर्जीवाड़े में फंसी विदेशी अभिनेत्री, दो आधार कार्ड बनवाने पर उठे सवाल

कोलकाता  कोलकाता के जादवपुर से एक 28 साल की बांग्लादेशी अभिनेत्री को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक अभिनेत्री का नाम शांता पॉल है और वह कई सालों से अपनी पहचान छिपाकर भारत में रह रही थी। उसके पास से फर्जी आधार कार्ड और वोटर आईडी भी बरामद की गई हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक पॉल बांग्लादेश में कई मॉडलिंग प्रतियोगिताएं जीत चुकी हैं। 2023 से वह जाधवपुर के विजयगढ़ में एक किराए के मकान में रह रही थीं। पार्क स्ट्रीक पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया है। शांता पॉल के मकान में तलाशी के दौरान उनके कई बांग्लादेशी दस्तावेज भी मिले हैं। इसमें बांग्लादेशी सेकंड्री एग्जामिनेशिन का ऐडमिट कार्ड, बांग्लादेश की एयरलाइन की आईडी शामिल हैँ। इसके अलावा शांता पॉल के पास दो आधार कार्ड पाए गए। एक में पता कोलकाता का है तो दूसरे में बर्धमान का। पुलिस का कहना है कि बर्धमान वाला आधार कार्ड 2020 में जारी हुआ था। हाल ही में पॉल ने थाकुरपुकुर पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दर्ज करवाई थी। इसमें उनका अलग ही पता दर्ज करवाया गया था। शांता पॉल अकसर अपना पता बदलती रहती थीं। वहीं शांता का ऐप बेस्ड कैब का भी बिजनेस था। इसी वजह से उनकी संदिग्ध गतिविधियां नजर में आ गईं।पुलिस ने बताया कि शांता पॉल ने भारतीय पहचान पत्रों को लेकर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया है। संदेह है कि इसके पीछे कोई बड़ा रैकेट हो सकता है। पुलिस पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर ये दस्तावेज कैसे बनवाए गए और इन्हें बनवाने के लिए कौन से कागजात लगाए गए थे। लालबाजार पुलिस ने आधार, वोटर आईडी और राशन कार्ड की जांच करने के लिए UIDAI, चुनाव आयोग और राज्य के खाद्य विभाग से भी संपर्क किया है। जानकारी के मुताबिक शांता पॉल बांग्लादेश के बारीसाल की रहने वाली हैं। वहीं पॉल के पति आंध्र प्रदेश के रहने वाले हैं। वह भी पॉल के साथ ही साउथ कोलकाता के फ्लैट में रहते थे। उनसे भी पुलिस पूछताछ कर रही है। साल 2019 में पॉल ने केरल में होने वाले मिस एशिया ग्लोबल कॉम्पटिशन में भी हिस्सा लिया था। वह बंगाली और तेलुगु फिल्मों में भी काम कर चुकी हैं।