samacharsecretary.com

सचिन पर लगा पितृत्व का दावा, DNA रिपोर्ट के बाद रघुवंशी परिवार में उठे सवाल

 इंदौर मेघालय हनीमून मर्डर केस से सुर्खियों में आया इंदौर का रघुवंशी परिवार अब एक नए विवाद के केंद्र में आ गया है। मृतक राजा रघुवंशी के बड़े भाई सचिन रघुवंशी की पत्नी होने का दावा करने वाली एक महिला ने सचिन को अपने बेटे का जैविक पिता बताया है। इतना ही नहीं, उस महिला ने अपने दावे के समर्थन में एक कथित डीएनए रिपोर्ट भी सार्वजनिक की है। महिला के इस सनसनीखेज खुलासे ने इंदौर के सबसे चर्चित मामलों में से एक को लेकर चल रही कानूनी और भावनात्मक लड़ाई में एक नया आयाम जोड़ दिया है।  महिला ने 1 अगस्त को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मीडिया से बात करते हुए भावुक स्वर में कहा कि डीएनए टेस्ट से पुष्टि होती है कि सचिन रघुवंशी ही उसके बेटे का पिता है। उसने दावा किया कि सचिन ने उससे एक मंदिर में पूरे रस्मों-रिवाज के साथ शादी की थी। उसके पास शादी के वीडियो और तस्वीरें भी हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान महिला ये तस्वीरें भी दिखाई । आंखों में आंसू भरकर महिला ने कहा, “मेरे बच्चे को जानबूझकर ठुकरा दिया गया। यह न केवल मेरा अपमान है, बल्कि मेरे बच्चे का भी अपमान है। आज मेरा बच्चा दर-दर भटक रहा है। सचिन को अब जवाब देना होगा।" इंसाफ के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया : महिला उसने कहा, "अगर सचिन ने सही ढंग से शादी की होती और हमारे रिश्ते को स्वीकार किया होता, तो हमें इस अपमान से नहीं गुजरना पड़ता।" उसने आगे कहा कि उसने इसके लिए कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया। मैंने जब भी न्याय की मांग की, तो परिवार ने हर बार मुझसे मुंह मोड़ लिया और मेरा अपमान किया। महिला ने आगे कहा कि अब उसने अपने बेटे को मान्यता और कानूनी अधिकार दिलाने की उम्मीद में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उसने कहा, “मुझे विश्वास है कि हाईकोर्ट से न्याय मिलेगा।” राजा रघुवंशी की हनीमून के दौरान हुई रहस्यमयी मौत के बाद से रघुवंशी परिवार पहले से ही सुर्खियों में बना हुआ था। सचिन पर लगे ताजा आरोपों ने इस मामले में लोगों की दिलचस्पी और बढ़ा दी है। साथ ही परिवार पर नए सवाल भी खड़े कर दिए हैं। 

प्रदूषण बोर्ड का दावा – जले कचरे से नहीं फैल रहा कैंसर, लोगों की चिंता फिर भी बरकरार

भोपाल / पीथमपुर  पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री का जहरीला कचरा जलाया गया। कचरे को रामकी एनवायरो कंपनी में नष्ट किया गया है। कचरा जलाने के बाद इसके गंभीर परिणाम भविष्य में सामने आने की बात सामने आई थी। जिसको लेकर खूब सियासत भी हुई थी। इस बीच प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) ने दावा किया है कि यूनियन कार्बाइड के कचरे में किसी भी प्रकार का कैंसर कारक पेस्टीसाइड एवं इनसेक्टीसाइड नहीं मिले हैं। मैटल्स की मात्रा भी बहुत सीमित बोर्ड के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार मंडरई ने बताया कि कैंसर के मुख्य कारण अवशिष्ट के भस्मक जलाने के बाद राख में नहीं थे। इसमें हेवी मैटल्स की मात्रा भी बहुत सीमित पाई गई। उन्होंने बताया कि पीथमपुर प्लांट में जलाए गए वेस्ट के बाद उत्पन्न हुई राख में किसी भी रसायन का रिसाव भूमिगत जल की गुणवत्ता प्रभावित नहीं कर सकेगा। साथ ही भूमिगत जल प्रभावित होने की संभावना भी नहीं होगी। उन्होंने स्पष्ट किया है कि भविष्य में इससे कोई खतरा नहीं है और इसकी 30 सालों तक मॉनीटरिंग भी की जाएगी। इस बात को लेकर लोगों के मन में भय भोपाल गैस त्रासदी के पीथमपुर में नष्ट किए गए जहरीले कचरे को लेकर लोगों के मन में इस बात की दुविधा है कि कहीं इससे स्वास्थ्य और पर्यावरण पर बुरा असर न पड़े। इसी कारण स्थानीय लोगों ने इसका विरोध भी किया था। हालांकि प्रशासन ने बार- बार आश्वत किया है कि कचरे को वैज्ञानिक तरीके से नष्ट किया गया है। इससे आम जनता के स्वास्थ्य पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

सागर में एक ही परिवार की आत्महत्या के पीछे गहरी पारिवारिक कलह, जांच में खुली परतें

 सागर  खुरई के ग्राम टीहर में पति, सास और दोनों बच्चों द्वारा जहर खाकर की गई सामूहिक आत्महत्या के मामले में पुलिस ने आरोपित मां व उसके प्रेमी पर आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने का मामला कायम कर लिया है। दरअसल घटना के एक माह पहले महिला की जवान बेटी ने मां को पड़ोसी के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था, जिसके बाद महिला ने घर में क्लेश मचाया और पूरे परिवार को झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी, जिसके बाद पति, सास व बेटा व बेटी ने एक साथ जहर खाकर खुदकशी कर ली थी। पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। खुरई थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह दांगी ने बताया कि 25 जुलाई की रात करीब पौने बाहर बजे टीहर गांव में मनोहर उसकी 70 वर्षीय मां फूलरानी, 18 वर्षीय बेटी शिवानी और 16 वर्षीय बेटा अनिकेत ने एक साथ जहरीला पदार्थ खाकर खुदकशी कर ली थी। घटना के समय मनोहर की पत्नी 41 वर्षीय पत्नी द्रौपदी घर पर नहीं थी। पत्नी को मायके भेज दिया मनोहर ने उसे मायके भेज दिया था। घटना स्थल से पुलिस को एक सुसाइट नोट भी मिला था, जिसमें उनकी मृत्यु बाद संपत्ति के बंटवारे का जिक्र किया गया था, साथ ही उस संपत्ति में मां को कोई हिस्सा न देने की बात का भी उल्लेख किया गया। इसके बाद से ही पुलिस को पत्नी पर संदेह हुआ। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। पुलिस ने घर वालों के साथ ही पत्नी के बयान भी लिए। जिसमें यह बात सामने आई कि घटना के एक माह पहले बेटी शिवानी ने अपनी मां को घर में भैंस बांधने वाले स्थान पर गांव के ही 39 वर्षीय सुरेंद्र पिता घनश्याम लोधी के साथ आपत्तिजनक हालत में देख लिया था, लेकिन बेटी ने कुछ नहीं कहा। इसके 15 दिन बाद बेटी ने जब फिर दोनों को संबंध बनाते देखा तो उसने अपनी मां को समझाया, लेकिन वह नहीं मानी, जिसके बाद बेटी ने यह बात अपने पिता को बताई। पति और सास ने समझाया था, पर नहीं मानी पति और सास ने द्रौपदी को बैठाकर समझाया, लेकिन वह नहीं मानी, उल्टे पति व सास को झूठे मामले में फंसाने की धमकी देने लगी। इसके बाद पति ने आरोपित घनश्याम लोधी को भी समझाया, लेकिन उसने मनोहर की समाज में बदनामी करने की धमकी दी। इसके बाद पति, सास और दोनों बच्चों ने सामूहिक आत्महत्या करने का निर्णय लिया। पुलिस ने खुरई शहर थाना में मर्ग जांच के बाद 107, 108, 3, 5, बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध किया। शनिवार को महिला और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर खुरई न्यायालय में पेश किया, जहां से घनश्याम को खुरई और महिला को सागर केंद्रीय जेल में भेज दिया है।

शरद पवार के विधायक का विवादित बयान: ‘देश की बरबादी का कारण सनातन धर्म’

मुंबई  मालेगांव ब्लास्ट मामले में प्रज्ञा ठाकुर और लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित सहित सात आरोपियों को बरी किए जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी का सिलसिला एक बार फिर शुरू हो गया है। एनसीपी (SC) विधायक जितेंद्र अव्हाड़ ने सनातन धर्म को लेकर ही विवादित बयान दे दिया। उन्होंने कहा कि सनातन की विचारधारा ही विकृत है और इसने पूरे देश को बर्बाद कर दिया है। पत्रकारों से बात करते हुए अव्हाड़ ने कहा, कभी किसी धर्म को सनातन धर्म नहीं कहा गया। हम सब हिंदू धर्म को मानते हैं। यह वही तथाकथित सनातन धर्म है जिसे छत्रपति शिवाजी महाराज ने भी खारिज कर दिया था। सनातन धर्म ने हमारे छत्रपति शिवाजी महाराज को भी बदनाम किया था। इसी सनातन धर्म वाले लोगों ने ज्योतिराव फुले को मारने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा, उन लोगों ने सावित्रीबाई फुले पर गोबर फेंक दिया। सनातन धर्म वालों ने ही साहू महाराज को मारने की साजिश रची। यहां तक कि इन लोगों ने डॉ. आंबेडकर को स्कूल में पानी नहीं पीने दिया। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा से ही मनुस्मृति का जन्म हुआ है। इसलिए किसी को सनातनी विचारधारा को विकृत कहने से परहेज नहीं करना चाहिए। वहीं बीजेपी ने सनातन आतंकवाद और भगवा आतंकवाद जैसे शब्दों पर कांग्रेस को घेरा है। उन्होंने कहा, कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा था कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता। तब वह तुष्टीकरण में लगे थे। अब वही भगवा आतंकवाद और हिंदू आतंकवाद पर बयान दे रहे हैं। बता दें कि गुरुवार को एक विशेष अदालत ने मालेगांव ब्लास्ट के सभी आरोपियों को बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि जांच एजेंसी पुख्ता सबूत उपलब्ध नहीं करवा पाई है। इसके अलावा एजेंसी की कार्यप्रणाली भी ही नहीं थी। कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को मालेगांव ब्लास्ट के पीड़ितों को मदद देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाए। इस मामले में कुल सात आरोपी थे जिनमें साध्वी प्रज्ञा, मेजर रिटायर्ड रमेश उपाध्याय, सुधाकर चतुर्वेदी, अजय राहिरकर, सुधाकर धर द्विवेदी और समीर कुलकर्णी का नाम था। इस मामले में कोर्ट ने अभियोजन पक्ष के 323 और आरोपी पक्ष के 8 गवाहो की भी सुनवाई की। 29 सितंबर 2008 को मालेगांव में एक वाहन में बम ब्लास्ट होने के बाद कम से कम 6 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं 95 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।

कुलगाम में गोलियों की गूंज! सुरक्षाबलों ने 3 आतंकियों को किया ढेर, ऑपरेशन जारी

कुलगाम जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच पिछले तीन दिनों से चल रही मुठभेड़ आज भी जारी है. अखल के जंगलों में कल पूरी रात विस्फोट और गोलीबारी जारी रही. भारतीय सेना के सूत्रों ने बताया कि यह इस वर्ष का सबसे बड़ा ऑपरेशन हो सकता है. इस मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने अब तक तीन आतंकियों को ढेर करने में सफलता पाई है. एक जवान भी घायल हुआ है. इस आतंक रोधी अभियान में हाईटेक सर्विलांस सिस्टम और स्पेशल पैरा फोर्स के जवान शामिल हैं. जम्मू-कश्मीर के डीजीपी और सेना की 15वीं कोर के कमांडर इस एंटी-टेरर ऑपरेशन पर कड़ी नजर रख रहे हैं. जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक बयान में कहा कि स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG), सेना और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की एक जॉइंट टीम अखल के जंगलों में चल रहे इस आतंकवाद विरोधी अभियान में लगी हुई है. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिलने के बाद 1 अगस्त को दक्षिण कश्मीर के अखल वन क्षेत्र में घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया. उन्होंने बताया कि छिपे हुए आतंकवादियों द्वारा सुरक्षा बलों पर गोलीबारी करने के बाद तलाशी अभियान मुठभेड़ में बदल गया, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई की. जम्मू-कश्मीर में एक हफ्ते में तीन एनकाउंटर जम्मू-कश्मीर में इस हफ्ते यह सुरक्षा बलों की आतंकियों के साथ तीसरी मुठभेड़ है. इससे पहले, सुरक्षा बलों ने ऑपरेशन महादेव चलाकर पहलगाम हमले में शामिल तीन आतंकवादियों- सुलेमान, अफगान और जिब्रान को ढेर कर दिया था. लश्कर-ए-तैयबा का एक शीर्ष कमांडर सुलेमान पहलगाम और गगनगीर आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड था. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 29 जुलाई को संसद को बताया था कि तीनों की पहचान पाकिस्तानी आतंकवादियों के रूप में हुई है, जिन्होंने 22 अप्रैल को पहलगाम की बैसरन घाटी में 26 निर्दोष पर्यटकों की गोली मारकर निर्मम हत्या की थी. पुंछ में नियंत्रण रेखा के पास 31 जुलाई को दो और आतंकवादी मारे गए थे. पुलिस ने बताया कि दोनों पाकिस्तान से घुसपैठ करके भारतीय सीमा में आए थे, जिन्हें एलओसी के पास ही सुरक्षा बलों ने ढेर कर दिया. वहीं, कुलगाम के जंगलों में 1 अगस्त को खुफिया सूचना के बाद सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान शुरू किया था, जो आतंकियों की ओर से फायरिंग करने के बाद मुठभेड़ में बदल गई. 

शिक्षकों की नियुक्ति से खिल उठे छात्र, रायपुर में दूर हुई पढ़ाई की परेशानी

रायपुर कोरबा जिले में पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के ग्राम पचरा के हाई स्कूल में विद्यार्थियों की कोई कमी नहीं है। आसपास के एक दर्जन से अधिक गाँव के विद्यार्थी इस विद्यालय बहुत ही उम्मीद के साथ यह सोचकर दाखिला लेते हैं कि यहाँ से पढ़कर, पास होकर आगे की पढ़ाई जारी रखेंगे। पिछले कुछ सालों से उनके गाँव के सबसे नजदीक इस विद्यालय में नियमित शिक्षको की कमी थी। स्कूल में शिक्षकों की कमी उन्हें ही नहीं उनके माता-पिता को भी अक्सर चिंता में डालती थी। जिले में संचालित ऐसे विद्यालय जहाँ युक्ति युक्तकरण के पश्चात भी शिक्षको की कमी रह गई थीं उन विद्यालयों की सूची तैयार कर डीएमएफ से मानदेय के आधार पर शिक्षकों को नियुक्ति प्रदान की गई है। कोरबा जिला प्रशासन की इस पहल के बाद शासकीय हाई स्कूल पचरा में अब किसी विषय का कालखण्ड खाली नहीं जाता। दूरस्थ क्षेत्र से स्कूल आने वाले हर विद्यार्थियों को इस विद्यालय में शिक्षको से अध्यापन और विषय का ज्ञान मिलता है।    डीएमएफ से मानदेय के आधार पर शिक्षकों की नियुक्ति की जा रही है। इसी क्रम में पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम पचरा में संचालित हाई स्कूल में भी शिक्षको की कमी बनी हुई थी। कई विषयों के नियमित शिक्षक नहीं होने से यहाँ के विद्यार्थी उन विषयों की पढ़ाई अन्य शिक्षको के माध्यम से करते तो थे लेकिन उन्हें अक्सर महसूस होती थी कि काश सभी विषयों के लिए शिक्षक उपलब्ध हो। जिला प्रशासन द्वारा डीएमएफ से की गई मानदेय शिक्षको की नियुक्ति से जहाँ विद्यार्थियों को शिक्षक मिल गए, वहीं गाँव के आसपास रहने वाले बेरोजगार युवाओं को रोजगार के साथ अध्यापन का अवसर भी मिल गया है। पचरा के हाई स्कूल में मानदेय शिक्षक के रुप में अध्यापन कराने वाली शिक्षिका अभिलाषा सिंह तंवर और लक्ष्मी कुमारी ने बताया कि मास्टर डिग्री लेने के बाद उन्होंने बीएड किया ताकि स्कूल में पढ़ाई करा सके। जिले में मानदेय शिक्षक की भर्ती होने पर उन्होंने अपना आवेदन किया था, अब नियुक्ति होने के बाद वह स्कूल में पढ़ाती है। उन्होंने बताया कि मानदेय शिक्षक के रूप में स्कूल में अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य का विषय है। मानदेय मिलने से घर का खर्च चलाने में सहूलियत होने लगी है। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को भी खुशी होती है कि उनका कोई भी विषय खाली नहीं जाता। इस विद्यालय में कक्षा नवमीं में 48 और कक्षा 10वीं में 25 विद्यार्थी है। विद्यालय में गणित,अंग्रेजी और विज्ञान के शिक्षक है। मानदेय शिक्षिकाओं द्वारा हिंदी,सामाजिक विज्ञान और अन्य विषयों की पढ़ाई कराई जाती है। विद्यालय में अध्ययन करने वाली छात्राओं विद्या, मानमती, सुहानी यादव ने बताया कि पहले विद्यालय में कम शिक्षक थे। अब नए शिक्षको के आने से सभी विषयों की पढ़ाई होती है। विद्यार्थियों ने बताया कि इस स्कूल में बहुत दूर-दूर के गाँव से लड़के-लड़कियां पढ़ाई करने आती है। सभी विषयों की पढ़ाई होने से हम लोग का मन भी स्कूल आने में होता है। गौरतलब है कि खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) से मानदेय के आधार पर 480 अतिथि शिक्षकों की भर्ती का निर्णय लिया गया है। इन अतिथि शिक्षकों में प्राथमिक शाला के 243, माध्यमिक ष्शाला के 109 और हाई तथा हायर सेकेण्डरी स्कूलों में व्याख्याताओं के 128 पदो पर भर्ती की जा रही है। खास बात यह है कि विगत शिक्षण सत्र में अतिथि शिक्षक के रूप में कार्य करने वाले शिक्षकों को इस सत्र की नियुक्ति में प्राथमिकता दी जा रही है। इसके साथ अतिथि शिक्षकों को गत वर्ष दिये जाने वाले मानदेय में भी वृद्धि कर दी गई है। इस सत्र में प्राइमरी स्कूल के अतिथि शिक्षकों को 11 हजार, मिडिल स्कूल के अतिथि शिक्षकों को 13 हजार और हाई-हायर सेकेण्डरी के अतिथि व्याख्याताओं को 15 हजार रूपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। विगत वर्ष भृत्य को 8000, प्राइमरी स्कूल के अतिथि शिक्षकों को 10 हजार, मिडिल स्कूल के अतिथि शिक्षकों को 12 हजार और हाई-हायर सेकेण्डरी के अतिथि व्याख्याताओं को 14 हजार रूपये प्रतिमाह मानदेय दिया गया था।

उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने उच्च शिक्षा विभाग और विश्वविद्यालय परिवार को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं

बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) द्वारा मिला A" ग्रेड बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय को NAAC द्वारा मिला 'A' ग्रेड, शैक्षणिक गुणवत्ता में मिला राष्ट्रीय सम्मान उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने उच्च शिक्षा विभाग और विश्वविद्यालय परिवार को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने भोपाल स्थित बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) द्वारा "A" ग्रेड प्रत्ययित होने की महत्वपूर्ण एवं गौरवपूर्ण उपलब्धि मिलने पर उच्च शिक्षा विभाग एवं विश्वविद्यालय परिवार को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं हैं। उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के यशस्वी नेतृत्व में राज्य सरकार, विद्यार्थियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के परिप्रेक्ष्य में गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारपरक उच्च शिक्षा प्रदान करने की दिशा में प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सतत् नवीन आयाम स्थापित हो रहे हैं। उच्च शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों के समग्र विकास एवं प्रगति के साथ, शैक्षणिक एवं अकादमिक स्तर पर उत्तरोत्तर गुणवत्ता वृद्धि हो रही है। विद्यार्थियों के गुणात्मक एवं संज्ञानात्मक विकास के लिए मजबूत आधार तैयार करने, शोध एवं नवाचारों को बढ़ावा देने, उद्योगजगत की आवश्यकता अनुरूप रोजगारपरक पाठ्यक्रमों की समावेशिता को बढ़ावा देने और देश की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित एवं संवर्धित करने के लिए सतत् कार्य किए जा रहे हैं। उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने कहा कि विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार जैन के नेतृत्व में विश्वविद्यालय परिवार अपने पुरुषार्थ से नए आयाम स्थापित कर रहा है। विश्वविद्यालय का, उच्च शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद द्वारा निर्धारित मानकों पर खरा उतरकर, सर्वोत्कृष्ट उपलब्धि अर्जित करना प्रशंसनीय एवं सराहनीय है। परमार ने कहा कि यह मान्यता मिलने से विश्वविद्यालय के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और अनुसंधान अनुदान के साथ राष्ट्रीय एवं वैश्विक मंचों पर संस्थागत दृश्यता की नई राहें प्रशस्त होंगी। विद्यार्थियों के लिए बेहतर प्लेसमेंट एवं रोजगार के लिए नए अवसरों का सृजन होगा। परमार ने कहा कि नैक द्वारा प्रत्ययन से वंचित प्रदेश के अन्य समस्त उच्च शिक्षण संस्थान, विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय भी राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद के मानकों पर खरा उतरने के लिए प्रयास करें। ज्ञातव्य है कि राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद की टीम ने भोपाल स्थित बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय का 23 से 25 जुलाई तक निरीक्षण कर विश्वविद्यालय में पाठ्यक्रम गुणवत्ता, शिक्षण-प्रशिक्षण एवं मूल्यांकन, शोध, नवाचार, आधारभूत ढांचा एवं संसाधन, विद्यार्थी सहयोग एवं प्रगति, गवर्नेंस एवं लीडरशिप मैनेजमेंट सहित विविध मानकों के आधार पर परखा था। राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) द्वारा बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय को निर्धारित मानकों पर "A" ग्रेड से प्रत्ययित किया गया है। उल्लेखनीय है कि बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय (जिसे पहले भोपाल विश्वविद्यालय के नाम से जाना जाता था) की स्थापना वर्ष 1970 में, प्रदेश की राजधानी भोपाल में हुई थी। वर्ष 1988 में इसका नाम बदलकर बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय कर दिया गया था। विश्वविद्यालय को NAAC द्वारा वर्ष 2015 में 'B' ग्रेड प्रदान किया गया था। बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय भोपाल को वर्ष 2025 में वैश्विक विश्वविद्यालय रैंकिंग (एमईआई विश्व रैंकिंग-2025) द्वारा भी योग्यता, उत्कृष्टता और प्रभाव के लिए विशिष्ट रैंकिंग भी प्रदान की गई है। यह प्रमाणपत्र उत्कृष्ट उपलब्धि के सम्मान में प्रदान किया गया है, जो जीयू की एमईआई विश्व रैंकिंग में संस्थान के असाधारण प्रदर्शन को दर्शाता है। यह विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता और समग्र शिक्षा के प्रति समर्पण को दर्शाता है। विगत दो वर्षों में विश्वविद्यालय को पीएम उषा के अंतर्गत 100 करोड़ रुपए की राशि भी प्राप्त हुई है, जिसका उपयोग विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता को बढ़ाने एवं अधो-संरचना के विकास के साथ-साथ शोध को बढ़ावा देने में उपयोगी सिद्ध हो रहा है।  

MPPSC कैलेंडर जारी: साल के अंत तक छह बड़ी भर्ती परीक्षाएं करेगा आयोग

इंदौर  मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) अगस्त से दिसंबर तक 6 बड़ी भर्ती परीक्षाएं आयोजित करेगा। इनमें राज्य अभियांत्रिकी सेवा, दत चिकित्सक, खनिज अधिकारी, सहायक संचालक, पंजीयक और खाद्य सुरक्षा अधिकारी जैसी अहम परीक्षाएं शामिल है। लाखों युवा इन परीक्षाओं की तैयारी में जुटे हैं, हालांकि इन परीक्षाओं में पदों के मुकाबले आवेदकों की संख्या अधिक होने से मुकाबला बेहद चुनौतीपूर्ण होगा। इंजीनियरिंग सर्विस परीक्षा 2024 को लेकर गुस्सा 24 अगस्त को होने जा रही स्टेट इंजीनियरिंग सर्विस परीक्षा 2024 में को लेकर अभ्यर्थियों में गुस्सा साफ नजर आ रहा है। इस परीक्षा के लिए 8 हजार से ज्यादा उम्मीदवारों ने आवेदन किया है, लेकिन सीटें बेहद सीमित है। कई छात्रों का कहना है कि आयोग को पहले सीटें बढ़ानी चाहिए थी, ताकि अधिक युवाओं को मौका मिल सके। सोशल मीडिया पर अभ्यर्थी एमपीपीएसी से सीटों की संख्या बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। इसके बाद 21 सितंबर को सहायक संचालक (संस्कृति), उप संचालक, दंत चिकित्सक और खनि अधिकारी परीक्षाएं होंगी। शेड्यूल इस तरह रहेगा     24 अगस्तः राज्य अभियांत्रिकी सेवा (सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल)     21 सितंबरः सहायक संचालक(संस्कृति), उप संचालक, दंत चिकित्सक, खनि अधिकारी     12 अक्टूबरः सहायक अनुसंधान अधिकारी, सहायक प्रबंधक, आंतरिक लेखा परीक्षण अधिकारी     23 नवंबरः सहायक पंजीयक परीक्षा     7 दिसंबरः खाद्य सुरक्षा अधिकारी परीक्षा     14-21 दिसंबरः मुख्य रसायन, जिला विस्तार और माध्यम अधिकारी, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी आदि।

मेसी की भारत यात्रा तय, 14 दिसंबर को मुंबई में क्रिकेट स्टार्स के साथ दिखेंगे

नई दिल्ली/ब्यूनस आयर्स  अर्जेंटीना के स्टार फुटबॉलर लियोनेल मेसी दिसंबर में भारत दौरे पर आएंगे। मेसी 14 साल के लंबे समय के बाद भारत आ रहे हैं। वो 13 से 15 दिसंबर तक भारत में रहेंगे और कुल तीन शहरों का दौरा करेंगे। रिपोर्ट के मुताबिक, मेसी 13 से 15 दिसंबर तक कोलकाता, दिल्ली और मुंबई का दौरा करेंगे। मुंबई में वानखेड़े स्टेडियम 14 दिसंबर को एक इवेंट में शामिल होंगे। मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (एमसीए) के एक सूत्र ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, कुछ क्रिकेटर्स भी इस इवेंट में शामिल होंगे। ईडन गार्डन्स स्टेडियम भी जाएंगे इसके अलावा मेसी कोलकाता भी जाएंगे और वहां उनको ईडन गार्डन में सम्मानित किया जाएगा। इस इवेंट में वेस्ट बंगाल की चीफ मिनिस्टर ममता बनर्जी भी शामिल हो सकती हैं। मेसी कोलकाता में बच्चों के लिए एक फुटबॉल वर्कशॉप भी आयोजित करवाएंगे और साथ ही वो फुटबॉल क्लिनिक भी लॉन्च करेंगे। कोलकाता जाएंगे मेसी इसके अलावा मेसी कोलकाता भी जाएंगे और वहां उनको ईडन गार्डन में सम्मानित भी किया जाएगा. इस इवेंट में वेस्ट बंगाल की चीफ मिनिस्टर ममता बनर्जी भी शामिल हो सकती हैं. कोलकाता में अपने दौरे के दौरान लियोनेल बच्चों के लिए एक फुटबॉल वर्कशॉप भी आयोजित करवाएंगे और साथ ही वो फुटबॉल क्लिनिक को भी लॉन्च करेंगे. उनके सम्मान में ‘Goat Cup’ टूर्नामेंट का भी आयोजन होगा. 6 जून को केरल के स्पोर्ट्स मिनिस्टर ने इस बात की पुष्टि की है कि अर्जेंटीना फुटबॉल टीम जिनकी कप्तानी लियोनेल मेसी करेंगे वो अक्टूबर या नवंबर में केरल एक फ्रेंडली मैच खेलने आएंगे. ये मुकाबला तिरुवंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में होगा. केरल सरकार से इसकी बात हो चुकी है. 2011 में आए थे आखिरी बार लियोनेल मेसी ने इससे पहले 2011 में भारत का दौरा किया था. उन्होंने कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में वेनेजुएला के खिलाफ फ्रेंडली मैच खेला था. अब 14 साल के बाद वो एक बार फिर से भारत का दौरा कर रहे हैं. ये सुनकर फुटबॉल के सभी फैंस काफी खुश है. फ्रेंडली मैच भी खेलेंगे इससे पहले, 6 जून को केरल के स्पोर्ट्स मिनिस्टर वी. अब्दुरहीमन नहीं इस बात की पुष्टि की थी कि अर्जेंटीना फुटबॉल टीम जिनकी कप्तानी लियोनेल मेसी करेंगे वो अक्टूबर या नवंबर में केरल एक फ्रेंडली मैच खेलने आएंगे। ये मुकाबला तिरुवंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में होगा। केरल सरकार से इसकी बात हो चुकी है। साल 2011 में भारत आए थे मेसी मेसी सहित अर्जेंटीना फुटबॉल टीम पिछली बार 2011 में वेनेजुएला के खिलाफ इंटरनेशनल फ्रेंडली मैच के लिए भारत आई थी। अर्जेंटीना और वेनेजुएला के बीच यह मैच 2 सितंबर को कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम में खेला गया था। इस मैच में मेसी के असिस्ट से निकोलस ओटामेंडी ने दूसरे हाफ में हेडर से गोल कर अर्जेंटीना को 1-0 से जीत दिलाई थी। अर्जेंटीना मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन अर्जेंटीना मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन है। टीम ने 2022 में खेले गए फीफा वर्ल्ड कप फाइनल में फ्रांस को पेनल्टी शूट आउट में 4-2 से हराकर खिताब जीता था। अर्जेंटीना को इससे पहले 1986 में खिताबी कामयाबी मिली थी। अर्जेंटीना का यह ओवरऑल तीसरा खिताब रहा। टीम 1978 में पहली बार वर्ल्ड चैंपियन बनी थी।

भोपाल में IAS अफसर के घर में घुसकर 40 गुंडों ने की तोड़फोड़, अफसर बोलीं – खुलेआम बैठकर दे रहे थे धमकी

भोपाल  भोपाल में शिक्षा विभाग में उप सचिव आईएएस मंजूषा राय के घर में शुक्रवार को कुछ लोग जेसीबी लेकर पहुंच गए। इस दौरान बाउंड्रीवॉल और सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए। महिला अफसर ने कहा कि 40 गुंडे बाहर खड़े कर दिए। प्रॉपर्टी का विवाद है तो सिविल कोर्ट में आओ। मामला दानिशकुंज कॉलोनी में शुक्रवार का है। विवाद 1800 स्क्वायर फीट जमीन पर बने मकान के एग्रीमेंट, नामांतरण और रजिस्ट्री से जुड़ा है। सूचना मिलने पर प्रशासनिक अफसर भी मौके पर पहुंचे। दोनों पक्षों को समझाइश दी गई। लेकिन उनके हटने के बाद में उन्होंने जेसीबी लगाकर मकान को तोड़ना शुरू कर दिया। पुलिस से नहीं मिल रहा सहयोग 41 लाख रुपए में किया था एग्रीमेंट महिला अफसर राय ने बताया कि 2010 में मकान का 41 लाख रुपए एग्रीमेंट किया था। पूरा पेमेंट बैंक अकाउंट से किया। इसके बाद भी जब-जब जरूरत पड़ी, लाखों रुपए लिए। संबंधित के नाम नामांतरण नहीं होने की वजह से रजिस्ट्री नहीं करा पा रहे थे। वहीं, साल 2011 से परिवार समेत मकान में रह रहे हैं। जरूरत पड़ने पर यहां दो कमरे भी बनवाए। दूसरे के नाम पर करा दी रजिस्ट्री महिला ने बताया कि इसी बीच हितेश बटेजा नामक व्यक्ति के जरिए 17 मार्च-2025 में नामांतरण करा दिया। 10 जून में रजिस्ट्री करा दी। इस बारे में हमें कोई जानकारी नहीं दी गई। शुक्रवार को 40 से ज्यादा गुंडे घर पहुंचे और घर में तोड़फोड़ की। गुंडे घर के बाहर ही बैठ गए। पति के नाम से कराया था एग्रीमेंट आईएएस राय ने इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों से भी शिकायत की है। इसमें कहा है कि मकान नंबर-595 दानिश कुंज में रंजना अहमद से पति विक्रांत प्रवीण राय ने 16 दिसंबर-10 में 41 लाख रु में विक्रय अनुबंध कर क्रय किया था। यह डुप्लेक्स मकान है। रंजना अहमद की मृत्यु के बाद उसके पुत्र सईद फरीद अहमद परिवर्तित नाम रिदित अरोड़ा को शेष बची हुई राशि मकान के एवज में अपने स्वयं के खाते से एवं मेरे पति के बचत खाते से भुगतान की गई। दो बार नामांतरण आवेदन खारिज 2021 में रिदित अरोड़ा द्वारा नायब तहसीलदार न्यायालय में नामांतरण के लिए दो बार आवेदन लगाए गए थे। जिन्हें दस्तावेज के अभाव में खारिज कर दिया था। रिदित अरोड़ा की सहमति से पारिवारिक आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए हमारे द्वारा उक्त संपत्ति में अतिरिक्त निर्माण कार्य भी कराया था। इसका भुगतान मैंने अपने स्वयं के खाते से किया था। कोर्ट में विचाराधीन है प्रकरण बाद में 17 मार्च 2025 में उक्त संपत्ति पर रंजना अहमद के पुत्र रिदित अरोड़ा का नामांतरण अतिरिक्त तहसीलदार कोलार ने किया और 10 जून में उक्त संपत्ति का विक्रय अरोड़ा ने मोना बटेजा पति हितेश बटेजा को कर दिया। हमारे संज्ञान में उक्त रजिस्ट्री और नामांतरण के आने के पश्चात कोलार एसडीएम कोर्ट में नामांतरण के विरुद्ध अपील की गई। तहसीलदार कोर्ट में मोना बटेजा के पक्ष में नामांतरण न हो, इस संबंध में आपत्ति भी लगाई गई। प्रकरण राजस्व न्यायालय में विचाराधीन है। एसडीएम-तहसीलदार के यहां आपत्ति लगाई उन्होंने कहा कि हमारे सभी रिकॉर्ड में इसी मकान का नाम दर्ज है। इस संबंध में एसडीएम और तहसीलदार के यहां आपत्ति लगाई गई है। इस मामले में प्रशासनिक अफसर कुछ भी कहने से बच रहे हैं। वहीं, बटेजा से चर्चा नहीं हो पाई।