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श्रावण अष्टमी पर 10 दिवसीय मेला: माता चिंतपूर्णी में भक्ति और परंपरा का संगम

ऊना उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध शक्तिपीठ माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में 25 जुलाई से 3 अगस्त तक श्रावण अष्टमी मेले का आयोजन किया जाएगा। एसडीएम अंब सचिन शर्मा ने इसे लेकर शुक्रवार को माईदास सदन चिंतपूर्णी में संबंधित अधिकारियों की बैठक ली और मेले के सफल आयोजन को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने जानकारी दी कि श्रावण अष्टमी मेले के दौरान एडीसी ऊना मेला अधिकारी, एसडीएम अंब सहायक मेला अधिकारी जबकि एएसपी ऊना को पुलिस मेला अधिकारी तथा डीएसपी अंब को सहायक पुलिस मेला अधिकारी नियुक्त किया गया है।  सचिन शर्मा ने कहा कि मेले के दौरान माता श्री चिंतपूर्णी का मंदिर श्रद्धालुओं के लिए चौबीसों घंटे खुला रहेगा। साफ-सफाई के लिए रात्रि के दौरान मंदिर को केवल एक घंटे के लिए बंद किया जाएगा। दोपहर को मां के श्रृंगार व भोग इत्यादि के लिए भी मंदिर कुछ समय के लिए बंद रहेगा।   लंगर लगाने की लेनी होगी अनुमति एसडीएम ने बताया कि श्रावण अष्टमी मेले के दौरान लंगर लगाने की अनुमति लेना अनिवार्य रहेगा। आयोजक को लंगर की समाप्ति के बाद साफ-सफाई भी सुनिश्चित करनी होगी। इसके अलावा मेले के दौरान डीएफएससी ऊना खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर नियमित रूप से निरीक्षण करेंगे। नियमों की अवहेलना करने पर होगी कार्रवाई एसडीएम ने कहा कि मेले के दौरान ढोल नगाड़े, चिमटा, लाउडस्पीकर इत्यादि बजाने और प्लास्टिक व थर्मोकोल के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा मालवाहक वाहनों के माध्यम से माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर आने पर पूर्णतया प्रतिबंध रहेगा। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।   दस सेक्टरों में बांटा जाएगा क्षेत्र मेले के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मेला क्षेत्र को दस सेक्टरों में बांटा जाएगा। सुरक्षा के दृष्टिगत पर्याप्त मात्रा में पुलिस व होमगार्ड के जवानों सहित त्वरित कार्य बल की टीमें तैनात रहेंगी। सभी सेक्टरों की निगरानी कंट्रोल रूम से की जाएगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए तमाम इंतजाम एसडीएम सचिन शर्मा ने बताया कि मेले के दौरान सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए जगह-जगह अस्थाई शौचालय बनाए जाएंगे तथा ट्रैफिक की समस्या से निपटने के लिए रिकवरी वैन तैनात की जाएगी। भिक्षावृत्ति पर भी पूर्णतया प्रतिबंध रहेगा तथा इसे लेकर जिला बाल संरक्षण अधिकारी की टीमों द्वारा नियमित निरीक्षण किया जाएगा। मेले में श्रद्धालुओं को चिकित्सा सुविधा मुहैया करवाने के लिए विभिन्न स्थानों पर एलोपैथिक तथा आयुर्वेदिक कैंप स्थापित किए जाएंगे। किसी भी आपदा अथवा आग इत्यादि की घटना से निपटने के लिए अग्निशमन वाहन तैनात रहेंगे। साथ ही मेलावधि के दौरान श्रद्धालुओं के लिए पेयजल की उचित सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को मेला शुरू होने से पूर्व सड़कों की व्यवस्था को भी दुरूस्त करने के भी निर्देश दिए। एसडीएम ने निजी सराय प्रबंधकों को सरायों में अग्निशमन उपकरण लगाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन इनकी जांच भी करवाएगा। उन्होंने विद्युत विभाग को मेलावधि के दौरान विद्युत आपूर्ति सुचारू रखने के लिए विद्युत लाइनों का आवश्यक रखरखाव करना सुनिश्चित करने को कहा ताकि मेले के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके अलावा मेले के दौरान अस्थाई रूप से अतिरिक्त स्ट्रीट लाईटें भी लगाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि मेले के दौरान पीने के पानी के लिए प्याऊ भी लगाए जाएंगे। उन्होंने जल शक्ति विभाग को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए जल भंडारण टैंकों का क्लोरिनेशन करना भी सुनिश्चित करें। बैठक में एएसपी ऊना संजीव भाटिया, सीएमओ डॉ संजीव वर्मा, प्रधान ग्राम पंचायत छपरोह शशि कालिया, प्रधान नारी पंचायत अल्का, गंगोट की प्रधान एश्वर्या, डूहल भंगवाल की प्रधान प्रतिभा और अप्पर लोहारा की प्रधान संगीता वाला सहित अन्य मौजूद रहे। 

फ्लाइट से राखी पहुंचाना हुआ महंगा, ग्वालियर से बड़े शहरों की टिकट में तीन गुना उछाल

 ग्वालियर  रक्षा बंधन पर विमान कंपनियां भी मौके का फायदा उठाकर लोगों की जेब हल्की करने की तैयार में हैं। रक्षा बंधन (Raksha Bandhan 2025) के आसपास हवाई सफर महंगा हो गया है । ग्वालियर से दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु के लिए महंगे किराये (Flight Fare Expensive)के बावजूद फ्लाइट को अच्छी बुकिंग मिल रही है, जो फेयर रक्षा बंधन से पहले कम है, वह त्योहार के सीजन में दो से तीन गुना तक हो गए हैं। महंगा किराया रक्षा बंधन के दो दिन बाद भी रहेगा। 15-16 और 17 अगस्त तीन दिन भी फ्लाइट किराया बढ़ने की उम्मीद इस त्योहार के छह दिन बाद ही 15 अगस्त की छुट्टी भी लोगों को मिलने वाली है। इस बार 15 अगस्त शुक्रवार की है 16 को जन्माष्टमी और 17 को रविवार है। ऐसे में ये तीन दिन भी छुट्टी के रहेंगे, इन दिनों में भी फ्लाइट का किराया बढ़ा रहने की उम्मीद है। अहमदाबाद की हवाई सेवा भी बंद सप्ताह में एक दिन चलने वाली अहमदाबाद की फ्लाइट पिछले महीने से बंद है। ऐसे में अब लोगों को अहमदाबाद के लिए ट्रेन का ही सहारा है। इससे कुछ दिन पहले भी हैदराबाद के साथ कोलकाता की फ्लाइट बंद हो गई थी। ट्रेनों में मिल रहा नो रूम रक्षा बंधन पर ट्रेनों में भी बुरा हाल है। मुंबई, बेंगलुरू, सहित लंबी दूरी की ट्रेनों में भी यात्रियों को टिकट नहीं मिल रहे है। इससे परेशान होकर यात्री दूसरे शहरों से ट्रेनें छोड़कर अब फ्लाइट से जाने का प्लान भी बनाने लगे हैं। यहां जानें कितना किराया देना होगा शहर           – पहले        – अब नई दिल्ली – 3071 रुपए – 10303 रुपए मुंबई – 4354 रुपए – 9179 रुपए बेंगलुरू- 5271 रुपए – 9226 रुपए 24 हजार से ज्यादा मिलते हैं यात्री ग्वालियर से हर महीने दूसरे शहरों के आने जाने वाले यात्रियों की संख्या 24 हजार के पार है। इसमें मुंबई और दिल्ली के यात्री सबसे ज्यादा होते है। लेकिन पिछले महीने जून में मुंबई के बाद दूसरे नंबर पर बेंगलुरु के यात्री थे।

‘लूट लो शेयर’! ब्रोकरेज की राय से उछला भरोसा, रिलायंस के शेयरहोल्डर्स के लिए सुनहरा मौका

मुंबई   भारत और एशिया के सबसे बड़े रईस मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) ने हाल ही में अपने तिमाही नतीजों से निवेशकों को थोड़ा निराश किया। नतीजे उम्मीद से कम रहे जिसके कारण सोमवार को कंपनी के शेयरों में गिरावट आई। मार्च के निचले स्तर से कंपनी के शेयर 25% तक बढ़ गए थे लेकिन उसके बाद बिकवाली का दबाव देखने को मिला। हालांकि, कई बड़े ब्रोकरेज हाउस अभी भी रिलायंस को लेकर आशावादी हैं। उनका मानना है कि कंपनी में विकास की अपार संभावनाएं हैं जो आने वाले महीनों में कंपनी के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकती हैं। शेयर बाजार में RIL के नतीजों पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। कोटक इक्विटीज ने RIL के शेयर को 'buy' से घटाकर 'add' कर दिया। वहीं, जेपी मॉर्गन और जेफरीज जैसे ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस ने कंपनी के टारगेट प्राइस को क्रमशः 8% और 5% तक बढ़ा दिया है। इससे पता चलता है कि इन ब्रोकरेज हाउस को RIL की तरक्की पर पूरा भरोसा है। यह कंपनी के 48 लाख शेयरधारकों के लिए अच्छी खबर है। यहां हम उन 3 मुख्य कारणों के बारे में बता रहे हैं, जो RIL के शेयरों में तेजी ला सकते हैं: 1) जियो की ARPU में बढ़ोतरी: जियो ने पहली तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है और उसका ARPU (एवरेज रेवेन्यू पर यूजर) बढ़कर ₹208.8 प्रति महीना हो गया है। यह पिछले तिमाही के मुकाबले 1.3% ज्यादा है। बर्नस्टीन के अनुसार, जियो ने मार्जिन के मामले में भी अच्छा प्रदर्शन किया है। लेकिन अभी और भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। जेफरीज के विश्लेषकों का अनुमान है कि जियो का ARPU FY25-28 के दौरान 11% की CAGR (कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट) से बढ़कर ₹273 तक पहुंच सकता है। उनका मानना है कि जियो टैरिफ में तीन बार 10% की बढ़ोतरी करेगा, जिससे ARPU में वृद्धि होगी। इसके अलावा होम ब्रॉडबैंड यूजर्स की संख्या में वृद्धि भी ARPU को बढ़ाने में मदद करेगी। जियो ने 498.1 मिलियन नए सब्सक्राइबर्स जोड़े हैं, जो तिमाही-दर-तिमाही 1.7% की वृद्धि है। कंपनी का EBITDA मार्जिन 51.8% तक पहुंच गया है, जो तिमाही-दर-तिमाही 170bps की वृद्धि है। जियो का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹410.5 बिलियन रहा, जो साल-दर-साल 18.8% की वृद्धि है। रिलायंस को नतीजे में मिला दमदार मुनाफा, लेकिन BSE में 3% क्यों गिर गए शेयर? 2) नया ऊर्जा कारोबार: RIL नए ऊर्जा कारोबार में तेजी से आगे बढ़ रही है। कंपनी का लक्ष्य है कि अगले चार से छह तिमाहियों में गीगा फैक्ट्रियां और नई ऊर्जा परियोजनाएं (पॉलीसिलिकॉन, वेफर, सेल, मॉड्यूल, बैटरी) पूरी हो जाएं। बर्नस्टीन के अनुसार रिलायंस का गीगा कॉम्प्लेक्स टेस्ला की गीगा फैक्ट्री से 4 गुना बड़ा होगा। कंपनी की योजना है कि अगले साल मार्च तक सोलर सेल की क्षमता को चालू कर दिया जाए। कंपनी का कच्छ स्थित 7,000 एकड़ का साइट 125GW बिजली पैदा करने की क्षमता रखता है। नुवामा के विश्लेषण से पता चलता है कि RIL के नए ऊर्जा कारोबार में बहुत अधिक वैल्यू है। अगर RIL के मॉड्यूल बिजनेस (20GW क्षमता) को 15x EV/EBITDA दिया जाए, तो इसका EV $20 बिलियन होगा। इससे RIL के स्टॉक प्राइस में तेजी आ सकती है, जैसा कि 2017 में जियो के लॉन्च के बाद देखने को मिला था। नुवामा का मानना है कि नया ऊर्जा कारोबार RIL के PAT में 50% से अधिक का योगदान कर सकता है। इसके अलावा यह O2C बिजनेस के वैल्यूएशन को भी बढ़ा सकता है, क्योंकि कंपनी का लक्ष्य 2035 तक नेट जीरो-कार्बन उत्सर्जन हासिल करना है। जेपी मॉर्गन का कहना है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज का बिजनस मॉडल बदल रहा है। पहले कंपनी की कमाई या तो नए रिफाइनिंग/केमिकल कैपेसिटी से होती थी या मार्जिन साइकिल से। लेकिन अब रिलायंस रिटेल और टेलीकॉम का कंपनी के कंसोलिडेटेड EBITDA में लगभग 54% का योगदान है। मुकेश अंबानी की इस कंपनी पर ब्रोकरेज फर्मों ने भर कर लुटाया प्यार, बोल रहे हैं लूट लो 3) जियो IPO: जियो का IPO लंबे समय से प्रतीक्षित है। हालांकि, इसे 2025 के बाद के लिए टाल दिया गया है, लेकिन यह रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए शेयरहोल्डर वैल्यू को अनलॉक करने का एक बड़ा अवसर है। जेपी मॉर्गन का अनुमान है कि रिलायंस रिटेल का वैल्यूएशन $121 बिलियन है, जो FY27E EBITDA के ~32x पर ट्रेड कर रहा है। यह DMART के 42x मल्टीपल से काफी कम है। जेपी मॉर्गन के विश्लेषकों का कहना है कि रिलायंस रिटेल के वैल्यूएशन में किसी भी तरह की वृद्धि, चाहे वह IPO के माध्यम से हो या स्टेक सेल्स के माध्यम से रिलायंस के स्टॉक में और तेजी ला सकती है। सीएलएसए को पूरा भरोसा है कि जियो और रिटेल के बढ़ते शेयर के कारण रिलायंस का कंसोलिडेटेड Ebitda आने वाले समय में काफी बेहतर होगा। सीएलएसए का मानना है कि RIL का वैल्यूएशन अभी भी कम है, इसलिए यह भारतीय बाजार में निवेश के लिए एक अच्छा विकल्प है। जेपी मॉर्गन का कहना है कि RIL का वैल्यूएशन अभी भी उचित है, जबकि बाजार में ज्यादातर स्टॉक ऐतिहासिक वैल्यूएशन से ऊपर ट्रेड कर रहे हैं। उम्मीद है कि RIL पॉजिटिव फ्री कैश फ्लो देगा और उसका EBITDA लगभग $20 बिलियन प्रति वर्ष होगा। आने वाले हैं अच्छे दिन नोमुरा का भी मानना है कि RIL के शेयर में तेजी आएगी। नोमुरा का कहना है कि RIL का स्टॉक वर्तमान में 12.1x और 23.3x FY27F EV/EBITDA और P/E पर ट्रेड कर रहा है। नोमुरा ने RIL के लिए 'खरीदें' रेटिंग को दोहराया है। निवेशकों की नजर अब आने वाले कंपनी की AGM पर होगी। वे FMCG (फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स) में विकास योजनाओं, नई ऊर्जा सुविधाओं के विस्तार, मीडिया बिजनेस के विस्तार, रिटेल में तेजी, जियो के सब्सक्राइबर एडिशन और मोनेटाइजेशन और जियो के IPO पर घोषणाओं की उम्मीद कर रहे हैं। RIL का लक्ष्य है कि वह अपने जियो और रिटेल बिजनेस को दोगुना करे और नए ऊर्जा कारोबार को अपने O2C बिजनस के आकार तक पहुंचाए। कंपनी का लक्ष्य है कि वह FY30 के अंत तक रिलायंस के आकार को दोगुना कर दे। ब्रोकरेज हाउस का मानना है कि यह लक्ष्य अब हासिल किया जा सकता है। RIL के 48 लाख शेयरधारकों के लिए अभी … Read more

‘लूट लो शेयर’! ब्रोकरेज की राय से उछला भरोसा, रिलायंस के शेयरहोल्डर्स के लिए सुनहरा मौका

मुंबई   भारत और एशिया के सबसे बड़े रईस मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) ने हाल ही में अपने तिमाही नतीजों से निवेशकों को थोड़ा निराश किया। नतीजे उम्मीद से कम रहे जिसके कारण सोमवार को कंपनी के शेयरों में गिरावट आई। मार्च के निचले स्तर से कंपनी के शेयर 25% तक बढ़ गए थे लेकिन उसके बाद बिकवाली का दबाव देखने को मिला। हालांकि, कई बड़े ब्रोकरेज हाउस अभी भी रिलायंस को लेकर आशावादी हैं। उनका मानना है कि कंपनी में विकास की अपार संभावनाएं हैं जो आने वाले महीनों में कंपनी के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकती हैं। शेयर बाजार में RIL के नतीजों पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। कोटक इक्विटीज ने RIL के शेयर को 'buy' से घटाकर 'add' कर दिया। वहीं, जेपी मॉर्गन और जेफरीज जैसे ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस ने कंपनी के टारगेट प्राइस को क्रमशः 8% और 5% तक बढ़ा दिया है। इससे पता चलता है कि इन ब्रोकरेज हाउस को RIL की तरक्की पर पूरा भरोसा है। यह कंपनी के 48 लाख शेयरधारकों के लिए अच्छी खबर है। यहां हम उन 3 मुख्य कारणों के बारे में बता रहे हैं, जो RIL के शेयरों में तेजी ला सकते हैं: 1) जियो की ARPU में बढ़ोतरी: जियो ने पहली तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है और उसका ARPU (एवरेज रेवेन्यू पर यूजर) बढ़कर ₹208.8 प्रति महीना हो गया है। यह पिछले तिमाही के मुकाबले 1.3% ज्यादा है। बर्नस्टीन के अनुसार, जियो ने मार्जिन के मामले में भी अच्छा प्रदर्शन किया है। लेकिन अभी और भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। जेफरीज के विश्लेषकों का अनुमान है कि जियो का ARPU FY25-28 के दौरान 11% की CAGR (कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट) से बढ़कर ₹273 तक पहुंच सकता है। उनका मानना है कि जियो टैरिफ में तीन बार 10% की बढ़ोतरी करेगा, जिससे ARPU में वृद्धि होगी। इसके अलावा होम ब्रॉडबैंड यूजर्स की संख्या में वृद्धि भी ARPU को बढ़ाने में मदद करेगी। जियो ने 498.1 मिलियन नए सब्सक्राइबर्स जोड़े हैं, जो तिमाही-दर-तिमाही 1.7% की वृद्धि है। कंपनी का EBITDA मार्जिन 51.8% तक पहुंच गया है, जो तिमाही-दर-तिमाही 170bps की वृद्धि है। जियो का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹410.5 बिलियन रहा, जो साल-दर-साल 18.8% की वृद्धि है। रिलायंस को नतीजे में मिला दमदार मुनाफा, लेकिन BSE में 3% क्यों गिर गए शेयर? 2) नया ऊर्जा कारोबार: RIL नए ऊर्जा कारोबार में तेजी से आगे बढ़ रही है। कंपनी का लक्ष्य है कि अगले चार से छह तिमाहियों में गीगा फैक्ट्रियां और नई ऊर्जा परियोजनाएं (पॉलीसिलिकॉन, वेफर, सेल, मॉड्यूल, बैटरी) पूरी हो जाएं। बर्नस्टीन के अनुसार रिलायंस का गीगा कॉम्प्लेक्स टेस्ला की गीगा फैक्ट्री से 4 गुना बड़ा होगा। कंपनी की योजना है कि अगले साल मार्च तक सोलर सेल की क्षमता को चालू कर दिया जाए। कंपनी का कच्छ स्थित 7,000 एकड़ का साइट 125GW बिजली पैदा करने की क्षमता रखता है। नुवामा के विश्लेषण से पता चलता है कि RIL के नए ऊर्जा कारोबार में बहुत अधिक वैल्यू है। अगर RIL के मॉड्यूल बिजनेस (20GW क्षमता) को 15x EV/EBITDA दिया जाए, तो इसका EV $20 बिलियन होगा। इससे RIL के स्टॉक प्राइस में तेजी आ सकती है, जैसा कि 2017 में जियो के लॉन्च के बाद देखने को मिला था। नुवामा का मानना है कि नया ऊर्जा कारोबार RIL के PAT में 50% से अधिक का योगदान कर सकता है। इसके अलावा यह O2C बिजनेस के वैल्यूएशन को भी बढ़ा सकता है, क्योंकि कंपनी का लक्ष्य 2035 तक नेट जीरो-कार्बन उत्सर्जन हासिल करना है। जेपी मॉर्गन का कहना है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज का बिजनस मॉडल बदल रहा है। पहले कंपनी की कमाई या तो नए रिफाइनिंग/केमिकल कैपेसिटी से होती थी या मार्जिन साइकिल से। लेकिन अब रिलायंस रिटेल और टेलीकॉम का कंपनी के कंसोलिडेटेड EBITDA में लगभग 54% का योगदान है। मुकेश अंबानी की इस कंपनी पर ब्रोकरेज फर्मों ने भर कर लुटाया प्यार, बोल रहे हैं लूट लो 3) जियो IPO: जियो का IPO लंबे समय से प्रतीक्षित है। हालांकि, इसे 2025 के बाद के लिए टाल दिया गया है, लेकिन यह रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए शेयरहोल्डर वैल्यू को अनलॉक करने का एक बड़ा अवसर है। जेपी मॉर्गन का अनुमान है कि रिलायंस रिटेल का वैल्यूएशन $121 बिलियन है, जो FY27E EBITDA के ~32x पर ट्रेड कर रहा है। यह DMART के 42x मल्टीपल से काफी कम है। जेपी मॉर्गन के विश्लेषकों का कहना है कि रिलायंस रिटेल के वैल्यूएशन में किसी भी तरह की वृद्धि, चाहे वह IPO के माध्यम से हो या स्टेक सेल्स के माध्यम से रिलायंस के स्टॉक में और तेजी ला सकती है। सीएलएसए को पूरा भरोसा है कि जियो और रिटेल के बढ़ते शेयर के कारण रिलायंस का कंसोलिडेटेड Ebitda आने वाले समय में काफी बेहतर होगा। सीएलएसए का मानना है कि RIL का वैल्यूएशन अभी भी कम है, इसलिए यह भारतीय बाजार में निवेश के लिए एक अच्छा विकल्प है। जेपी मॉर्गन का कहना है कि RIL का वैल्यूएशन अभी भी उचित है, जबकि बाजार में ज्यादातर स्टॉक ऐतिहासिक वैल्यूएशन से ऊपर ट्रेड कर रहे हैं। उम्मीद है कि RIL पॉजिटिव फ्री कैश फ्लो देगा और उसका EBITDA लगभग $20 बिलियन प्रति वर्ष होगा। आने वाले हैं अच्छे दिन नोमुरा का भी मानना है कि RIL के शेयर में तेजी आएगी। नोमुरा का कहना है कि RIL का स्टॉक वर्तमान में 12.1x और 23.3x FY27F EV/EBITDA और P/E पर ट्रेड कर रहा है। नोमुरा ने RIL के लिए 'खरीदें' रेटिंग को दोहराया है। निवेशकों की नजर अब आने वाले कंपनी की AGM पर होगी। वे FMCG (फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स) में विकास योजनाओं, नई ऊर्जा सुविधाओं के विस्तार, मीडिया बिजनेस के विस्तार, रिटेल में तेजी, जियो के सब्सक्राइबर एडिशन और मोनेटाइजेशन और जियो के IPO पर घोषणाओं की उम्मीद कर रहे हैं। RIL का लक्ष्य है कि वह अपने जियो और रिटेल बिजनेस को दोगुना करे और नए ऊर्जा कारोबार को अपने O2C बिजनस के आकार तक पहुंचाए। कंपनी का लक्ष्य है कि वह FY30 के अंत तक रिलायंस के आकार को दोगुना कर दे। ब्रोकरेज हाउस का मानना है कि यह लक्ष्य अब हासिल किया जा सकता है। RIL के 48 लाख शेयरधारकों के लिए अभी … Read more

कुलपति या कारोबारी? ED ने 20.28 करोड़ की संपत्ति कुर्क कर किया चौंकाने वाला खुलासा

शिलॉन्ग केंद्रीय एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पैसे लेकर फर्जी प्रमाणपत्र जारी करने के मामले में शिलांग में एक यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति यानी चांसलर और उनके परिवार के सदस्यों की करीब 20.28 करोड़ रुपये की संपत्ति अस्थायी तौर पर कुर्क की है। ईडी की ओर से जारी विज्ञप्ति में एक अधिकारी ने बताया कि इन संपत्तियों में नई दिल्ली में 19.28 करोड़ रुपये मूल्य की चार अचल संपत्तियां और बैंक बैलेंस के रूप में एक करोड़ रुपये की चल संपत्ति शामिल है, जिन्हें धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत कुर्क किया गया है। इससे पहले शिलांग में ईडी उप-क्षेत्रीय कार्यालय ने तीन जुलाई को एक अनंतिम कुर्की आदेश जारी किया था, जिसमें पीएमएलए, 2002 के प्रावधानों के तहत सीएमजे विश्वविद्यालय के कुलाधिपति चंद्रमोहन झा और उनके परिवार के सदस्यों की 20.28 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क करने की बात कही गयी थी। ईडी ने बयान में कहा है कि ये अचल संपत्तियां 2013 और 2022 के बीच खरीदी गईं, जबकि बैंक बैलेंस को छिपाने के प्रयास में 16 दिसंबर, 2024 को धोखाधड़ी से उनके परिवार के एक सदस्य को हस्तांतरित कर दिया गया। IAS अधिकारी ने दर्ज कराई थी शिकायत ईडी ने मेघालय के पूर्वी खासी हिल्स शिलांग जिले के अपराध जांच विभाग (सीआईडी) पुलिस थाने में सीएमजे विश्वविद्यालय के खिलाफ दर्ज एक प्राथमिकी के आधार पर जाँच शुरू की थी। यह शिकायत भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी एमएस राव ने राज्य के तत्कालीन राज्यपाल आरएस मूशाहरी के निर्देश पर दर्ज की थी, जो सीएमजे विश्वविद्यालय के अतिथि (विजिटर) थे। ईडी ने कहा, “सीआईडी द्वारा मामले की जांच में विश्वविद्यालय से संबंधित कई अनियमितताओं का पता चला, जिनमें डिग्रियां बेचना भी शामिल था। लेकिन मामला सिर्फ इतना ही नहीं था जिसके माध्यम से विश्वविद्यालय के हितधारकों ने अनुमानित 83 करोड़ रुपये की आपराधिक आय अर्जित की थी।” दिसंबर 2024 में तीन दिनों तक चली थी तलाशी इससे पहले 31 मार्च 2017, 30 नवंबर 2021 और 11 जुलाई 2024 को अनंतिम कुर्की आदेश पारित किए गए और कुलाधिपति झा और उनके परिवार के सदस्यों के कब्जे में क्रमशः 27.66 करोड़ रुपये, 13.54 करोड़ रुपये और 7.56 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गयी थी। कुलाधिपति झा के विभिन्न परिसरों में अवैध आय के स्रोत का पता लगाने के लिए दिसंबर 2024 में तीन दिनों तक की गई तलाशी के बाद 1.15 करोड़ रुपये का बैंक बैलेंस भी ज़ब्त किया गया था। SC ने यूनिवर्सिटी कर दी थी भंग इस वर्ष फरवरी में सुप्रीम कोर्ट ने सीएमजे विश्वविद्यालय को उसके ‘कुप्रबंधन, कुप्रशासन, अनुशासनहीनता और धोखाधड़ी के इरादे’ के कारण भंग करने का आदेश दिया था। शीर्ष अदालत के आदेश के बाद मेघालय सरकार ने शिक्षा संयुक्त सचिव डी. लिंगदोह को सीएमजे विश्वविद्यालय का प्रशासक नियुक्त किया ताकि राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित तरीके से विश्वविद्यालय को बंद किया जा सके। सीएमजे विश्वविद्यालय ने 2010 से 2013 के बीच करीब 20570 फर्जी डिग्रियां प्रदान की थी।  

उपायों की अनदेखी बड़ी समस्या है: ‘विश्व और भारतीयता’ पर मोहन भागवत के विचार

नई दिल्ली नई दिल्ली में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) और अखिल भारतीय अणुव्रत न्यास की ओर से आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में 10वें अणुव्रत न्यास निधि व्याख्यान का आयोजन हुआ। इस मौके पर RSS सरसंघचालक Mohan Bhagwat ने 'विश्व की समस्याएं और भारतीयता' पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि समस्याओं पर तो चर्चा होती है, लेकिन उपायों पर कम चर्चा होती है। विश्व समस्याओं से घिरा है। हम आधुनिक युग में बैठे हैं। हमें जितना इतिहास पढ़ाया गया है, वह पश्चिम की ओर से पढ़ाया जाता है। विश्व में भारत को लेकर विचार नहीं मिलते भागवत ने कहा कि भारत के बारे में सामान्यतः विचार नहीं मिलते हैं, भले ही नक्शे पर भारत हो, पर विचारधारा में नहीं। जिन समस्याओं पर हजारों वर्षों से विचार होता रहा, उन पर प्रयास भी हुए, लेकिन समस्या जस की तस बनी रहीं। समस्याओं की वैश्विक सूची 2000 वर्ष पुरानी है। घर, परिवार, राष्ट्र, व्यक्ति आदि इनमें कोई भी समस्या हो, पहली समस्या 'दुख' है। कहा कि दुख दूर करने के प्रयास होते रहे, कुछ दुख दूर भी हुए। सुख-सुविधा बढ़ी, लेकिन दुख वहीं हैं सौ साल पहले भाषण देते तो लाउडस्पीकर नहीं था। अब भाषण देना आसान है, इसलिए भाषण भी लंबा हो गया है। पहले जोर-जोर से बोलना होता था तो 10 मिनट में ही बात खत्म करनी पड़ती थी। पहले इधर-उधर जाने में पदयात्रा करनी पड़ती थी, अब अमेरिका जाना भी आसान है। विज्ञान से सुख-सुविधा बढ़ी, लेकिन दुख वहीं हैं। कौन दुखी नहीं है? रास्ते से भीख मांगने वाला हो या करोड़पति, सब अपने-अपने दुख गिनाएंगे। जितना सुख बढ़ाया, दुख वही का वही है। हर साल कहीं न कहीं युद्ध चलता रहता है भागवत ने कहा कि आज भी कलह है। 1950 में मेरा जन्म हुआ, तब से देखता आ रहा हूं कि हर साल कहीं न कहीं युद्ध चलता रहता है। कलह से हानि, रक्तपात और जीव की हानि होती है, लेकिन फिर भी बार-बार वही अनुभव दोहराया जाता है। पहले महायुद्ध के बाद शांति की किताबें लिखीं, लीग ऑफ नेशन बना, लेकिन दूसरा महायुद्ध भी हुआ और फिर यूएनओ बना। अब सोच रहे हैं कि क्या तीसरा महायुद्ध होगा? शांति आई क्या? ज्ञान तो बढ़ा है, लेकिन अज्ञानी भी बढ़े हैं उन्होंने कहा कि अज्ञानता भी एक समस्या है। क्या वह दूर हुआ? अज्ञान ने तो अपना रूप बदल लिया है। आज चंद्रमा, मंगल, क्रोमोसोम की बातें होती हैं, मनुष्य क्या नहीं कर सकता। बस एक जीव का निर्माण बाकी है, ज्ञान बढ़ा है, साथ ही अज्ञानी लोगों की संख्या भी बढ़ी है। सुशिक्षित कितने हैं, पता नहीं।

सियासी सरगर्मी तेज: हरिवंश ने राष्ट्रपति से की भेंट, धनखड़ के इस्तीफे पर अटकलें तेज

नई दिल्ली  उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है। बीते दिन ही धनखड़ ने राष्ट्रपति मुर्मू को पत्र भेजकर पद से इस्तीफे की बात कही थी। उन्होंने इस्तीफे के पीछे स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया था। उनके इस्तीफे के बाद मंगलवार को राज्यसभा की कार्यवाही का संचालन उपसभापति हरिवंश ने किया।  राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश ने मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की है। यह मुलाकात ऐस समय हो रही है, जब सोमवार शाम को जगदीप धनखड़ ने उपराष्ट्रपति के पद से इस्तीफा दे दिया था। राष्ट्रपति भवन ने एक्स पर बैठक की एक तस्वीर भी साझा की। जिसमें लिखा गया है, राज्यसभा के उपसभापति  हरिवंश ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की।   बता दें कि सोमवार को जगदीप धनखड़ ने संसद के मानसून सत्र के पहले दिन अचानक इस्तीफा दे दिया था। जिसके बाद हरिवंश ने मंगलवार को राज्यसभा में सुबह के सत्र की कार्यवाही की अध्यक्षता की। हालांकि की राज्यसभा की कार्यवाही को कुछ समय बाद कल तक के लिए स्थगित कर दिया गया।  सभापति का पद स्वत: रिक्त हुआ उपराष्ट्रपति के पद छोड़ने के साथ ही राज्यसभा के सभापति पद भी स्वत: रिक्त हो गया। उपराष्ट्रपति उच्च सदन के पदेन सभापति होते हैं। ऐसे में अब जब इस्तीफा मंजूर हो गया है तो मानसून सत्र में राज्यसभा की पूरी कार्यवाही उपसभापति हरिवंश चलाएंगे। इसके अलावा राष्ट्रपति की ओर से अधिकृत सदस्य को भी यह जिम्मेदारी दी सकती है।  सोमवार को पूरे दिन राज्यसभा में सक्रिय थे धनखड़ इससे पहले सोमवार को धनखड़ पूरे दिन राज्यसभा में सक्रिय थे। सुबह उन्होंने विपक्ष को संसद को संवाद एवं चर्चा का सकारात्मक मंच बनाने की नसीहत दी और दोपहर बाद जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव के नोटिस को स्वीकार करते हुए पूरी प्रक्रिया को स्पष्ट किया। जस्टिस शेखर यादव के खिलाफ पेश महाभियोग के नोटिस में एक सांसद के दोहरे दस्तखत पर जांच बैठाने की भी घोषणा की थी। पिछले सप्ताह भी बिगड़ी थी धनखड़ की तबियत उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए तत्काल प्रभाव से अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेजे अपने त्यागपत्र में कहा था कि वह स्वास्थ्य देखभाल को प्राथमिकता देने और  चिकित्सकीय सलाह का पालन करने के लिए यह निर्णय ले रहे हैं। हालांकि वे हाल के महीनों में राज्यसभा में काफी सक्रिय और ऊर्जावान नजर आए, लेकिन उनकी तबीयत लगातार ठीक नहीं चल रही थी। मार्च में उन्हें कुछ दिनों के लिए एम्स में भर्ती कराया गया था, जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें राष्ट्रीय राजधानी से बाहर की यात्राओं से परहेज की सलाह दी थी। इके बाद जून में उत्तराखंड के नैनीताल में कुमाऊं विश्वविद्यालय के एक कार्यक्रम के दौरान वे मंच पर बेहोश हो गए थे। अधिकारियों ने बताया था कि उस दिन बहुत गर्मी थी और कार्यक्रम स्थल बेहद घुटन भरा था। इस महीने की शुरुआत में केरल यात्रा के दौरान भी उनकी तबीयत गड़बड़ा गई थी और उन्हें उनकी पत्नी सुदेश और एक सहयोगी ने सहारा दिया था।  वहीं, 17 जुलाई को दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना द्वारा विकसित वटिका के दौरे के समय भी धनखड़ अस्वस्थ महसूस करने लगे और कुछ देर के लिए उन्हें बैठकर आराम करना पड़ा था। उनकी पत्नी ने उन्हें पानी पिलाया था। जिसके बाद उनकी स्थिति में सुधार हुआ था। 

नगरीय निकायों में ई-गवर्नेंस सेवाओं का होगा विस्तार

नागरिक सेवाएँ ई-नगर पालिका 2.0 एवं ऐप के माध्यम से देने का प्रयास भोपाल  प्रदेश में नगरीय निकायों को कम्प्यूटरीकृत करने के लिये केंद्रीयकृत वेब आधारित ई-नगर पालिका 2.0 संचालित हो रही है। यह परियोजना डिजिटल इंडिया के उद्देश्य को बढ़ावा देने तथा पारदर्शी एवं त्वरित नागरिक सेवा देने के उद्देश्य से नगरीय निकायों में चल रही है। मध्यप्रदेश ऐसा पहला राज्य है जहां प्रदेश के समस्त नगरीय निकायों को एक सिंगल पोर्टल पर लाया गया है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने वर्ष 2025-26 में ई-गवर्नेंस-आईटी के माध्यम से नागरिक सुविधाओं के विस्तार की कार्ययोजना तैयार की है। नगरीय निकायों की सभी सेवाओं को ऑनलाइन नवीन तकनीक से अपग्रेड किया जायेगा। समस्त नगरीय निकायों में नागरिक सेवाओं को ई-नगर पालिका 2.0 पोर्टल एवं मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से प्रदाय किया जाएगा। एनालिटिल डेशबोर्ड नगरीय क्षेत्रों के सतत् और योजनाबद्ध विकास तथा विभागीय कार्यों की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिये रियल टाइम डेशबोर्ड विकसित किया जा रहा है। विभाग की एआई गार्ड योजना में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के प्रयोग किये जाने की भी योजना तैयार की गई है। ई-गवर्नेंस में ज्योग्रोफिकल इन्फॉरमेशन सिस्टम (जीआईएस) के संयोजन के साथ शहरी विकास और सेवा विस्तार में आधुनिक पारदर्शी और डेटा संचालित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जायेगी। जीआईएस पोर्टल पर 90 से अधिक महत्वपूर्ण डाटा लेयर्स का प्रयोग कर इसका विकास किया जायेगा। नवीन 3.0 पोर्टल ऑटोमेटेड बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम 3.0 पोर्टल (एबीपीएएस) के माध्यम से ऑनलाइन भवन अनुज्ञा की सुविधा समस्त नगरीय निकायों में प्रदाय की जायेगी। इसके साथ ही कॉलोनी विकास अनुज्ञा को भी ऑनलाइन किये जाने को इस वर्ष की कार्ययोजना में शामिल किया गया है। नगरीय निकायों में ई-गवर्नेंस एवं आईटी के विस्तार में व्हाट्सएप चेटबोट के माध्यम से नगरीय निकायों के सभी प्रकार के कर एवं गैर करों के बिल भुगतान की सुविधा एवं सेवाओं की जानकारी देने का प्रयास किया जायेगा।  

संस्कारों की मिसाल बना बेटा: माता-पिता को खाट पर बैठाकर किया 20 किमी की पैदल यात्रा

बालाघाट/लांजी कहते हैं भक्ति और सेवा जब साथ चलें, तो वह दृश्य अद्वितीय बन जाता है। सावन माह में भगवान शिव की भक्ति के ऐसे ही एक अलौकिक दृश्य ने हर किसी को भावुक कर दिया। लांजी के प्रसिद्ध कोटेश्वर धाम में जब तीन बेटों ने अपने वृद्ध माता-पिता को खाट पर बैठाकर 20 किलोमीटर पैदल यात्रा पूरी की, तो हर किसी को श्रवण कुमार की याद आ गई। यह दृश्य सोमवार शाम को कोसमारा से लांजी के बीच दिखा। भीमराज नेताम, अनोत नेताम और दुर्गेश नेताम नामक 3 भाई अपने माता-पिता जयलाल नेताम और सुगन बाई नेताम को खाट पर बिठाकर कांवड़ यात्रा के रूप में कोटेश्वर धाम ले जा रहे थे। उनके साथ चाचा जलम नेताम और अन्य स्वजन भी थे। वर्षों पुरानी मनोकामना हुई पूरी भीमराज नेताम ने बताया कि दो वर्ष पहले उनके मन में यह संकल्प आया था कि वे अपने माता-पिता को कांवड़ में लेकर भगवान कोटेश्वर का जलाभिषेक करवाएंगे। गांव में शिव मंदिर का निर्माण हो चुका था, लेकिन कोटेश्वर धाम ले जाने की मनोकामना अधूरी रह गई थी। इस बार सावन में सभी भाइयों ने मिलकर प्रण किया कि इस बार वह यह सेवा पूर्ण करेंगे और अंततः सोमवार को उन्होंने अपने संकल्प को पूरा कर दिखाया। बोल बम के जयकारों के साथ जैसे-जैसे वे रास्ता तय कर रहे थे, हर कोई उन्हें श्रद्धा से निहार रहा था। रास्ते में पड़ने वाले गांवों के लोगों ने उन्हें पानी पिलाया, विश्राम करवाया और श्रवण कुमार की उपाधि दी। कोटेश्वर धाम पहुंचकर उन्होंने विधिपूर्वक भगवान शिव का जलाभिषेक किया। इसके बाद उसी मार्ग से वे अपने माता-पिता को वापस कोसमारा ले गए। हर-हर महादेव का जयकारा करते निकले कांवड़िये पवित्र श्रावण माह के दूसरे सोमवार को शहपुरा-भिटौनी में करीब 7 km की कांवड़ यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में हजारों की संख्या में महिलाएं, बच्चे और बड़े शामिल हुए, जिन्होंने नर्मदा तट के मालकछार घाट से जल भरकर प्रसिद्ध सफेद शिवलिंग सीतासरोवर मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक किया। आयोजक विश्वजीत सिंह और राजदीप राय ने बताया कि पिछले तीन वर्षों से यह यात्रा निकाली जा रही है, जिससे वे शिव भक्त भी जुड़ पाते हैं जो लंबी कांवड़ यात्रा नहीं कर सकते। इस यात्रा से वे अपनी आस्था और महत्वाकांक्षाओं को नर्मदा जल से अभिषेक कर पूरा कर पा रहे हैं। बेलखाड़ू में कांवड़ यात्रा का किया स्वागत श्रावण मास के दूसरे सोमवार को विश्व हिंदू परिषद महिला शक्ति द्वारा गौरीघाट से कटंगी तक की 56 km लंबी कांवड़ यात्रा निकाली। यात्रा की शुरुआत मां नर्मदा के पूजन-अर्चन से हुई, जिसके बाद लड़कियों और महिला कांवड़धारियों ने 'बम भोले' के जयकारे लगाते हुए पैदल चलकर अपने कंधे पर कांवड़ रखी। ग्राम बेलखाडू के माल बाबा मंदिर, सिमरिया तिराहा और अन्य स्थानों पर शिव भक्तों ने उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान जगह-जगह स्टॉल लगाकर फल, मिठाई और भोजन-पानी भी वितरित किया गया। स्वागत करने के लिए कटंगी नगर परिषद अध्यक्ष अमिताभ साहू, मंडल अध्यक्ष कटंगी भूपेंद्र सिंह ठाकुर, राजू शुक्ला, अरविंद साहू, जतिन उपाध्याय, रज्जी शुक्ला, तनु जानू शिवहरे, गनेश साहू, पीयूष साहू आदि उपस्थित रहे।

बिहार चुनाव डेटा लीक विवाद पर संसद में जोरदार हंगामा, दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित

नई दिल्ली  मंगलवार को संसद के दोनों सदनों राज्यसभा व लोकसभा में विपक्ष ने अपनी मांग को लेकर नारेबाजी की। विपक्षी सांसद, बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण मामले पर चर्चा चाहते थे। लेकिन इसकी अनुमति न मिलने बाद विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी की। इसके चलते राज्यसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। यही हाल लोकसभा का भी रहा। दोपहर दो बजे सदन की कार्यवाही फिर से शुरू होने पर भी यह हंगामा जारी रहा। इसके बाद लोकसभा व राज्यसभा दोनों सदनों को बुधवार सुबह तक के लिए स्थगित कर दिया गया। दरअसल मंगलवार सुबह राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने के कुछ देर बाद ही सदन में जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने पर विपक्षी सांसदों ने बिहार में मतदाता सूची में हो रहे गहन रिव्यू का मुद्दा उठाया। बिहार वोटर लिस्ट की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मामले पर विपक्षी सांसद सदन में विस्तृत चर्चा चाहते थे। वहीं विपक्ष की तरफ से उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे पर चर्चा की मांग भी सदन में रखी गई। लेकिन इन सभी मांगों को आसन द्वारा अस्वीकार कर दिया गया। जिसके बाद सदन में हंगामा बढ़ गया और कार्यवाही प्रारंभ होने के महज 4 मिनट बाद ही राज्यसभा की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। बिहार मतदाता सूची में हो रहे गहन रिव्यू के मामले पर कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल, आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी व तृणमूल कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के सांसदों ने चर्चा के लिए उप सभापति को नोटिस दिया था। यह नोटिस नियम 267 के अंतर्गत दिए गए थे। उप सभापति ने यह नोटिस अस्वीकार कर दिए। इसके बाद विपक्षी सांसद नारेबाजी करते हुए अपने स्थानों से खड़े होकर आगे गए। सदन में बढ़ते इस हंगामे को देखते हुए सदन की कार्रवाई स्थगित कर दी गई। इससे पहले उप सभापति ने सदन को बताया कि उन्हें नियम 267 के तहत चर्चा के लिए कुल 12 नोटिस मिले हैं। इन सभी नोटिसों को अस्वीकार कर दिया गया। बिहार मतदाता सूची रिव्यू मामले में विपक्षी सांसदों सैयद नासिर हुसैन, अखिलेश प्रसाद सिंह, रंजीत रंजन, नीरज डांगी, अशोक सिंह, मनोज कुमार झा और रामजीलाल सुमन आदि ने चर्चा के लिए नोटिस दिए थे। वही विपक्ष के सांसद संतोष कुमार पी. ने उप राष्ट्रपति व राज्यसभा के चेयरमैन जगदीप धनखड़ के अचानक हुए इस्तीफे पर चर्चा की मांग को लेकर नोटिस दिया था। आसन पर आसीन उप सभापति हरिवंश ने नियम 267 को लेकर पुराने निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि इन सभी नोटिसों को अस्वीकार कर दिया गया है। इसके बाद विपक्षी सांसद नाराज होकर नारेबाजी करने लगे। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके, आप आम आदमी पार्टी व राष्ट्रीय जनता दल समेत विभिन्न विपक्षी दलों के सांसद नारेबाजी करते हुए अपनी सीटों से उठकर आगे आ गए। ये सांसद राज्यसभा उप सभापति से बिहार मतदाता सूची मामले पर तुरंत चर्चा कराए जाने की मांग कर रहे थे। अपनी मांग को लेकर नाराज सांसद लगातार नारेबाजी करते रहे। हंगामा बढ़ता देख उप सभापति को सदन की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। 12 बजे सदन की कार्यवाही प्रारंभ होने भी हंगामा बना रहा और कुछ ही देर में सदन की कार्यवाही 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। 2 बजे भी यही स्थिति रही जिसके चलते सदन की कार्यवाही को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया गया। गौरतलब है कि सोमवार रात राज्यसभा के सभापति व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। जगदीप धनखड़ के इस्तीफा देने के उपरांत अब राज्यसभा की कार्यवाही उप सभापति संभाल रहे हैं।