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STF ने किया बड़ा खुलासा: गाजियाबाद में चल रहा था नकली दूतावास, एक आरोपी दबोचा

नोएडा  उत्तर प्रदेश की नोएडा एसटीएफ (STF) ने 22 जुलाई को गाजियाबाद में एक फर्जी दूतावास का पर्दाफाश किया। पुलिस ने हर्ष वर्धन जैन नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। हर्ष वर्धन पर आरोप है कि वह खुद को कई देशों का एम्बेसडर बताकर लोगों को ठग रहा था। वह हवाला के जरिए पैसे का लेन-देन भी करता था। पुलिस के अनुसार, हर्ष वर्धन कविनगर में किराए के मकान में "वेस्ट आर्कटिक दूतावास" चला रहा था। वह खुद को West Arctica, Saborga, Poulvia, Lodonia जैसे देशों का कॉन्सुल या एम्बेसडर बताता था। लोगों को झांसा देने के लिए वह प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और अन्य महत्वपूर्ण लोगों के साथ अपनी फोटोशॉप की हुई तस्वीरें दिखाता था। पुलिस का कहना है कि हर्ष वर्धन का मुख्य काम कंपनियों और लोगों को विदेश में काम दिलाने के नाम पर दलाली करना था। वह शेल कंपनियों के माध्यम से हवाला रैकेट भी चला रहा था। जांच में पता चला है कि हर्ष वर्धन पहले चंद्रास्वामी और अदनान खगोशी (अंतर्राष्ट्रीय हथियार डीलर) के संपर्क में भी था। 2011 में उसके पास से एक अवैध सैटेलाइट फोन भी बरामद हुआ था, जिसके लिए कविनगर थाने में मामला दर्ज किया गया था। इतने दस्तावेज बरामद पुलिस ने हर्ष वर्धन के पास से कई चीजें बरामद की हैं। इनमें डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट लगी चार गाड़ियां, माइक्रोनेशन देशों के 12 डिप्लोमैटिक पासपोर्ट, विदेश मंत्रालय की मोहर लगे फर्जी दस्तावेज, दो फर्जी पैनकार्ड, विभिन्न देशों और कंपनियों की 34 मोहरें, 2 फर्जी प्रेस कार्ड, 44,70000 रुपए नकद और कई देशों की विदेशी मुद्रा शामिल हैं। इसके अलावा, कई कंपनियों के दस्तावेज और 18 डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट भी बरामद हुई हैं। जांच जारी पुलिस ने कविनगर थाने में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, उक्त के संबंध में थाना कविनगर गाजियाबाद में अभियोग पंजीकृत कराकर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इसका मतलब है कि इस मामले में कविनगर थाने में FIR दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। एसटीएफ (STF) अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हर्ष वर्धन के इस गोरखधंधे में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि उसने अब तक कितने लोगों को ठगा है और हवाला के जरिए कितने पैसे का लेन-देन किया है।

26 जुलाई से गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली शुरू, जानें यात्रियों के लिए क्या बदलेगा

गोरखपुर  गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे पर 26 जुलाई की रात 12 बजे से टोल प्लाजा का संचालन शुरू हो जाएगा। उसके बाद एक्सप्रेस-वे पर फर्राटा भरने वाले वाहनों का फास्टैग या नगद टोल टैक्स की वसूली की जाएगी। फिलहाल टोल बूथों पर सिस्टम का ट्रायल किया जा रहा है। बस्ती में भदेश्वर नाथ महादेव की कांवड़ यात्रा के लिए तेनुआ टोल प्लाजा से वाहनों का डायवर्जन किया गया है। इस कारण गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर वाहनों की संख्या बढ़ गई है। इसी दौरान टोल बूथों का ट्रायल किया जा रहा है। एक्सप्रेसवे पर करीब 91 किमी दूरी पर 9 टोल बूथ बनाए गए हैं, जिसे सॉफ्टवेयर से आपस में कनेक्ट किया जा रहा है। नेशनल हाईवे पर 60 किमी या इससे अधिक दूरी पर टोल बूथ पर टोल टैक्स दिया जाता है, जबकि एक्सप्रेसवे पर कम दूरी पर टोल बूथ बनाए गए हैं। इंटरचेंज से एक्सप्रेसवे पर चढ़ने पर वाहनों को पर्ची दी जाएगी, जबकि नीचे उतरने पर टोल टैक्स जमा होगा। यह सुविधा मिलेगी कि फास्टैग नहीं होने पर भी उतना ही टोल टैक्स जमा होगा, जितना फास्टैग में जमा करने का नियम है। एक्सप्रेसवे पर बाइक, ऑटो एवं ट्रैक्टर का भी टोल टैक्स जमा करना होगा। फिलहाल एक्सप्रेसवे पर स्थानीय बाइक वालों की संख्या अधिक है, उन्हें तीन दिन बाद टोल टैक्स जमा करना होगा। क्या बोले अधिकारी यूपीडा के अधिशासी अभियंता पीपी वर्मा ने कहा कि गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर 26 जुलाई की रात 12 बजे से टोल टैक्स की वसूली शुरू होगी। ट्रायल में जहां कमियां मिल रही हैं, वहां सुधार किया जा रहा है। सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की टीम सिस्टम सही करने में जुटी है। अतिक्रमण का ब्योरा अब पोर्टल पर वहीं, गोरखपुर में नगर निगम ने ध्वस्तीकरण और अतिक्रमण को लेकर पोर्टल बनाया है। अब अतिक्रमणकारियों को नोटिस या ध्वस्तीकरण का आदेश नहीं मिलने की शिकायत नहीं होगी। निगम ने अतिक्रमण पर कार्रवाई को लेकर लगने वाले आरोपों को देखते हुए यह कवायद की है। अपर नगर आयुक्त निरंकार सिंह ने बताया कि निगम की वेबसाइट में जाकर डिमोलिशन का लिंक आएगा। इस पर क्लिक कर सीधे आदेश देखें जा सकते हैं। अपर नगर आयुक्त ने कहा कि निगम अब अतिक्रमणकारी को ऑनलाइन और ऑफलाइन नोटिस देगा।

गलवान के बाद रिश्तों में बदलाव? भारत ने चीनी पर्यटकों के लिए वीजा पर लगाई रोक हटाई

नई दिल्ली  भारत और चीन ने अपने तनावपूर्ण संबंधों को सुधारने की दिशा में तेजी से कदम उठाए हैं। भारत सरकार चीनी पर्यटकों के लिए वीजा फिर से शुरू करने की दिशा में काम कर रही है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक पांच सालों के बाद भारत चीनी पर्यटकों के लिए टूरिस्ट वीजा फिर से जारी करने जा रहा है। बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास के हवाले से समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने इसकी जानकारी दी है। रिपोर्ट के मुताबिक 24 जुलाई से चीनी पर्यटकों के लिए फिर से वीजा जारी होने लगेंगे। चीन की सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने चीन स्थित भारतीय दूतावास की तरफ से वीबो प्लेटफॉर्म पर शेयर की गई पोस्ट को शेयर किया है। भारतीय दूतावास की तरफ से जारी पोस्ट में कहा गया है कि "24 जुलाई 2025 से, चीनी नागरिक भारत आने के लिए पर्यटक वीजा के लिए आवेदन कर सकते हैं। उन्हें पहले वेब लिंक पर ऑनलाइन वीजा आवेदन पत्र भरना होगा और उसका प्रिंट आउट लेना होगा, और फिर वेब लिंक पर अपॉइंटमेंट लेना होगा। इसके बाद, उन्हें भारतीय वीजा आवेदन केंद्र में आवेदन जमा करने के लिए पासपोर्ट, वीजा आवेदन पत्र और अन्य संबंधित दस्तावेज साथ ले जाने होंगे।" भारत ने खोला चीन पर्यटकों के लिए दरवाजा भारत सरकार की तरफ से यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब दोनों देश आपसी रिश्ते को सामान्य करने के लिए लगातार बातचीत कर रहे हैं। साल 2020 में कोविड-19 महामारी के चलते भारत ने सभी पर्यटन वीजा पर रोक लगा दी थी। लेकिन अप्रैल 2022 में IATA (इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन) ने एक नोटिस जारी कर कहा था, कि चीन के नागरिकों के पर्यटक वीजा अभी मान्य नहीं रहेंगे। भारत ने वो कदम उस वक्त उठाया था, जब चीन ने 22,000 भारतीय छात्रों को वापस देश में आने के लिए वीजा देने से मना कर दिया था। भारत ने उसके बाद चीनी पर्यटकों को वीजा देना बंद कर दिया था। लेकिन पिछले कुछ महीनों से भारत और चीन के बीच रिश्तों में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिला है। पूर्वी लद्दाख के डेपसांग और डेमचोक इलाकों से दोनों देशों की सेनाएं पीछे हटी हैं। पिछले चार सालों से ये तनाव लगातार बना हुआ था और कभी भी जंग छिड़ने का खतरा था। सैनिकों की वापसी, दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली की दिशा में एक बड़ा कदम माना गया था। इसके अलावा, जनवरी 2025 में भारत और चीन के बीच विमानों की उड़ाने भी शुरू हो गईं। यह फैसला भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री की चीन यात्रा के बाद सामने आया, जहां दोनों पक्षों ने कूटनीतिक स्तर पर कई सकारात्मक बातचीत की थी। इसी यात्रा के दौरान यह भी तय हुआ था कि भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए कैलाश मानसरोवर यात्रा को भी इस साल से फिर से शुरू किया जाएगा। इसके अलावा हाल ही में भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने भी चीन का दौरा किया, जहां वे शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) की विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल हुए थे।  

गलवान के बाद रिश्तों में बदलाव? भारत ने चीनी पर्यटकों के लिए वीजा पर लगाई रोक हटाई

नई दिल्ली  भारत और चीन ने अपने तनावपूर्ण संबंधों को सुधारने की दिशा में तेजी से कदम उठाए हैं। भारत सरकार चीनी पर्यटकों के लिए वीजा फिर से शुरू करने की दिशा में काम कर रही है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक पांच सालों के बाद भारत चीनी पर्यटकों के लिए टूरिस्ट वीजा फिर से जारी करने जा रहा है। बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास के हवाले से समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने इसकी जानकारी दी है। रिपोर्ट के मुताबिक 24 जुलाई से चीनी पर्यटकों के लिए फिर से वीजा जारी होने लगेंगे। चीन की सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने चीन स्थित भारतीय दूतावास की तरफ से वीबो प्लेटफॉर्म पर शेयर की गई पोस्ट को शेयर किया है। भारतीय दूतावास की तरफ से जारी पोस्ट में कहा गया है कि "24 जुलाई 2025 से, चीनी नागरिक भारत आने के लिए पर्यटक वीजा के लिए आवेदन कर सकते हैं। उन्हें पहले वेब लिंक पर ऑनलाइन वीजा आवेदन पत्र भरना होगा और उसका प्रिंट आउट लेना होगा, और फिर वेब लिंक पर अपॉइंटमेंट लेना होगा। इसके बाद, उन्हें भारतीय वीजा आवेदन केंद्र में आवेदन जमा करने के लिए पासपोर्ट, वीजा आवेदन पत्र और अन्य संबंधित दस्तावेज साथ ले जाने होंगे।" भारत ने खोला चीन पर्यटकों के लिए दरवाजा भारत सरकार की तरफ से यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब दोनों देश आपसी रिश्ते को सामान्य करने के लिए लगातार बातचीत कर रहे हैं। साल 2020 में कोविड-19 महामारी के चलते भारत ने सभी पर्यटन वीजा पर रोक लगा दी थी। लेकिन अप्रैल 2022 में IATA (इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन) ने एक नोटिस जारी कर कहा था, कि चीन के नागरिकों के पर्यटक वीजा अभी मान्य नहीं रहेंगे। भारत ने वो कदम उस वक्त उठाया था, जब चीन ने 22,000 भारतीय छात्रों को वापस देश में आने के लिए वीजा देने से मना कर दिया था। भारत ने उसके बाद चीनी पर्यटकों को वीजा देना बंद कर दिया था। लेकिन पिछले कुछ महीनों से भारत और चीन के बीच रिश्तों में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिला है। पूर्वी लद्दाख के डेपसांग और डेमचोक इलाकों से दोनों देशों की सेनाएं पीछे हटी हैं। पिछले चार सालों से ये तनाव लगातार बना हुआ था और कभी भी जंग छिड़ने का खतरा था। सैनिकों की वापसी, दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली की दिशा में एक बड़ा कदम माना गया था। इसके अलावा, जनवरी 2025 में भारत और चीन के बीच विमानों की उड़ाने भी शुरू हो गईं। यह फैसला भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री की चीन यात्रा के बाद सामने आया, जहां दोनों पक्षों ने कूटनीतिक स्तर पर कई सकारात्मक बातचीत की थी। इसी यात्रा के दौरान यह भी तय हुआ था कि भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए कैलाश मानसरोवर यात्रा को भी इस साल से फिर से शुरू किया जाएगा। इसके अलावा हाल ही में भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने भी चीन का दौरा किया, जहां वे शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) की विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल हुए थे।  

पीडब्ल्यूडी सलाहकार समिति की बैठक में विकास कार्यों की समीक्षा, मंत्री ने दिए निर्देश

लोक निर्माण मंत्री की अध्यक्षता में विभागीय सलाहकार समिति की बैठक संपन्न लोक निर्माण विभाग की रणनीतियों पर मंथन, मंत्री की अध्यक्षता में बैठक आयोजित पीडब्ल्यूडी सलाहकार समिति की बैठक में विकास कार्यों की समीक्षा, मंत्री ने दिए निर्देश निर्माण गुणवत्ता, अभियंताओं के प्रशिक्षण और सड़क विकास रणनीति पर हुआ विस्तार से मंथन भोपाल लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को विभागीय सलाहकार समिति की बैठक में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को और अधिक बेहतर बनाने पर विशेष बल देते हुए अभियंताओं के कौशल विकास की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने निर्देश दिए कि विभागीय अभियंताओं को राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रशिक्षण दिलाया जाए, जिससे वे गुणवत्तापूर्ण निर्माण तकनीकों और नवीनतम इंजीनियरिंग विधाओं से परिचित हो सकें। बैठक में सलाहकार समिति सदस्य प्रशांत पोल, विक्रांत सिंह तोमर, प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग सुखवीर सिंह, प्रबंध संचालक एमपीआरडीसी भरत यादव, प्रबंध संचालक भवन निर्माण सी.बी. चक्रवर्ती सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री सिंह ने ‘लोकपथ’ मोबाइल ऐप पर प्राप्त जन-शिकायतों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि नागरिकों की समस्याओं का समय-सीमा में त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग की प्राथमिकता जनसेवा है और जन-विश्वास बनाए रखने के लिए जवाबदेही और तत्परता अनिवार्य है। बैठक में सड़क निर्माण एवं उन्नयन की दीर्घकालिक रणनीति पर भी गंभीरतापूर्वक चर्चा हुई। मंत्री सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोक निर्माण का मूल उद्देश्य जन-कल्याण होना चाहिए, इसलिए योजनाओं का निर्माण आमजन की आवश्यकताओं को केंद्र में रखकर किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक परियोजना ऐसी हो जो जनता को सुगमता, सुविधा और सुरक्षा प्रदान कर सके। उपस्थित अधिकारियों ने विभागीय योजनाओं और प्रस्तावों पर विस्तार से जानकारी दी और निर्माण की गुणवत्ता बढ़ाने तथा तकनीकी उन्नयन के लिए किए जा रहे प्रयासों की रूपरेखा प्रस्तुत की।  

छात्रों को मिलेगा कौशल विकास का अवसर, विश्वविद्यालयों में लगेंगे प्रशिक्षण शिविर

विश्वविद्यालय स्तर पर प्रशिक्षण शिविर होंगे प्रारंभ : उच्च शिक्षा मंत्री परमार विश्वविद्यालयों में शुरू होंगे प्रशिक्षण शिविर: उच्च शिक्षा मंत्री परमार का ऐलान छात्रों को मिलेगा कौशल विकास का अवसर, विश्वविद्यालयों में लगेंगे प्रशिक्षण शिविर राष्ट्रीय सेवा योजना राज्यस्तरीय सलाहकार समिति की बैठक हर छः माह में की जाए भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार की अध्यक्षता में मंत्रालय स्थित सभाकक्ष में, राष्ट्रीय सेवा योजना राज्यस्तरीय सलाहकार समिति की बैठक में मंत्री परमार ने विश्वविद्यालय स्तर प्रशिक्षण शिविर फिर से विश्वविद्यालय की सहयोग राशि से प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने गोदग्राम योजना के विभिन्न पहलुओं को धरातल पर सार्थकता प्रदान करने के निर्देश दिए। मंत्री परमार ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना की राज्य स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक वर्ष में प्रत्येक 6 माह में अनिवार्य रूप से आयोजित की जाए। मंत्री परमार ने कहा कि कार्यक्रम अधिकारियों का जिला/विश्वविद्यालय स्तर पर एक या दो दिवसीय प्रशिक्षण कराया जाये। उन्होंने कहा कि एनएसएस गतिविधियों के कार्य प्राथमिकता के आधार पर किये जायें और इसकी समीक्षा भी की जाये। मंत्री परमार ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों में स्वयंसेवी विद्यार्थियों की सहभागिता को उनके मूल्यांकन में अतिरिक्त वेटेज देने की विश्वविद्यालयों द्वारा कार्य-योजना बनायी जाये। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों से ग्रामों में रोजगार एवं स्व-रोजगार आदि विभिन्‍न महत्वपूर्ण विषयों पर सर्वेक्षण भी कराया जाये। उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने कहा कि कार्यक्रम अधिकारियों का प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से होना चाहिए। जब तक 7 दिवसीय प्रशिक्षण की पूर्ण व्‍यवस्‍था नही हो जाती, तब तक जिला/ विश्‍वविद्यालय स्‍तर पर एक या दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। परमार ने कहा कि एनएसएस गतिविधियों के कार्य प्राथमिकता के आधार पर किए जाएं और इसकी समीक्षा विभागीय बैठकों में की जाए। विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय सेवा योजना के माध्यम से ग्रामों में परिणामुन्मुखी क्रियान्वयन करें। अपर मुख्‍य सचिव उच्‍च शिक्षा अनुपम राजन ने कहा कि रासेयो द्वारा किए जाने वाले गोदग्राम गतिविधियों में विद्यार्थियों के मध्य ''मेरा गोदग्राम सबसे अच्‍छा'' नाम से विश्‍वविद्यालय स्‍तर पर इकाईयों के मध्य आपसी स्वस्थ प्रतिस्‍पर्धा कराकर उत्‍कृष्‍ट ग्राम की रासेयो इकाई को पुरस्‍कृत करें। राजन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर ''एक पेड मां के नाम'' अंतर्गत रासेयो के स्वयंसेवी विद्यार्थियों द्वारा अधिकाधिक पौधरोपण किया जाए। सचिव स्‍कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल ने स्‍कूल शिक्षा में रासेयो इकाइयों की स्‍थापना के लिए पूर्ण सहयोग देने की बात कही। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर सचिव दिनेश जैन ने रोसेयो प्रशिक्षण के लिए ग्रामीण विकास विभाग के ट्रेनिंग सेन्‍टर उपलब्‍ध कराने के लिए सहमति प्रदान की। बैठक में राष्‍ट्रीय सेवा योजना की सत्र 2024-25 की गतिविधियां एवं सत्र 2025-26 की कार्ययोजना का प्रस्‍तुतिकरण किया गया, जिसका सर्वसम्मिति से अनुमोदन किया गया। बैठक में आयुक्‍त उच्‍च शिक्षा प्रबल सिपाहा, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल के कुलगुरू प्रो. एस.के. जैन, अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा के कुलगुरू प्रो. राजेंद्र कुडरियां, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर के कुलगुरू प्रो. राजेश वर्मा, विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन के कुलगुरू अर्पण भारद्वाज, जनसंपर्क के उप सचिव कैलाश बुंदेला, ईटीआई भोपाल के सह प्रशिक्षक राहुल सिंह परिहार सहित विभिन्‍न स्‍वयंसेवी संस्‍थाओं के प्रतिनिधि, रासेयो युक्‍त विश्‍वविद्यालय के कार्यक्रम समन्‍वयक सहित समिति के अन्य सदस्यगण उपस्थित थे।  

श्रद्धा की राह पर मौत का कहर: ग्वालियर में कार ने कांवड़ियों को मारा, तीन एक ही परिवार के थे

ग्वालियर   आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे पर मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ, जिसमें कांवड़ियों का एक जत्था तेज रफ्तार कार की चपेट में आ गया. हादसे में 4 कांवड़ यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 6 अन्य घायल हो गए. हादसा नेशनल हाईवे के शिवपुरी लिंक रोड स्थित शीतला माता मंदिर गेट के पास मंगलवार देर रात करीब 1 बजे हुआ। हादसे के बाद कार समेत कांवड़िए सड़क किनारे खाई में जा गिरे थे। कंपू, जनकगंज, झांसी रोड, माधौगंज थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और सभी को खाई से निकालकर जेएएच के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। डॉक्टरों ने तीन कांवड़ियों को मृत घोषित कर दिया। सीएसपी हीना खान ने बताया, कार काफी स्पीड में थी। इसी दौरान टायर फट गया, जिस कारण अचानक बेकाबू होकर कांवड़ियों को कुचलते हुए हाईवे से नीचे झाड़ियों में पलट गई। पुलिस पहुंची तो कार में कोई नहीं मिला। कार सवारों की तलाश की जा रही है। हादसे में इनकी गई जान     पूरन बंजारा निवासी सीडना का चक सिमरिया घाटीगांव     रमेश बंजारा निवासी सिमरिया घाटीगांव     दिनेश बंजारा निवासी सिमरिया घाटीगांव     धर्मेंद्र उर्फ छोटू निवासी घाटीगांव सभी कांवड़िए एक ही गांव के रहने वाले थे जानकारी के अनुसार, दो दिन पहले सिमरिया पंचायत में बंजारों का पुरा से एक परिवार और समाज के 13 लोग कांवड़ भरने के लिए निकले थे। सभी भदावना के शिवमंदिर के झरने से जल लेकर घाटीगांव के सिमरिया लौट रहे थे। कांवड़ में भरे जल से बुधवार को महादेव का अभिषेक करना था। शीतला माता मंदिर तिराहा पर पहुंचे ही थे कि हादसा हो गया। घटनास्थल से उनका गांव 35 किमी ही दूर था। हाल ही में सिवनी में हुआ था भीषण हादसा कुछ दिन पहले मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में भी एक भीषण हादसा हुआ था। एक ट्रक ने 10 लोगों को कुचल दिया, जिसमें से 2 की मौत हो गई और 8 लोग घायल हो गए। बताया जा रहा है कि ट्रक ड्राइवर शराब पीकर गाड़ी चला रहा था। घटना का वीडियो सामने आया, जिसमें ट्रक झूमते हुए सड़क पर चला और फिर एक साथ 10 लोगों को कुचलते हुए निकल गया। यह हादसा नेशनल हाईवे 44 पर, कुरई थाना क्षेत्र के रुखड़ गांव के पास हुआ था। यह हादसा सड़क पर शराब पीकर गाड़ी चलाने की गंभीर समस्या को उजागर करता है, जो देश में रोज़ाना सैकड़ों मौतों का कारण बनती है।  

सीएम यादव का ऐलान: बहनों और युवाओं को मिलेगा स्थायी रोजगार का अवसर

युवाओं और बहनों के रोजगार के लिए राज्य सरकार संकल्पित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव युवाओं और बहनों के रोजगार को मिलेगी प्राथमिकता: सीएम डॉ. यादव का संकल्प राज्य सरकार रोजगार सृजन को लेकर प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री ने जताया भरोसा सीएम यादव का ऐलान: बहनों और युवाओं को मिलेगा स्थायी रोजगार का अवसर अचारपुरा में 24 जुलाई को होगा पांच इकाइयों का भूमि-पूजन 400 करोड़ के निवेश से 1500 युवाओं को मिलेगा रोजगार भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार युवाओं और बहनों के रोजगार के लिए संकल्पित है। इस दिशा में राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। गुरुवार 24 जुलाई को भोपाल जिले के औद्योगिक क्षेत्र अचारपुरा में पांच औद्योगिक इकाइयों का भूमि-पूजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्होंने हाल ही में स्पेन और दुबई की यात्रा में अनेक निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया है। मध्यप्रदेश में वर्ष 2025 उद्योग और रोजगार वर्ष है। गांव से लेकर शहरों तक समृद्धि लाना, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाना और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए निर्णायक भूमिका निभा कर मध्यप्रदेश ने नए औद्योगिक युग की शुरूआत की है। पांच इकाईयों का होगा भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव 24 जुलाई को अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र में 12.88 हेक्टेयर में 400 करोड़ से अधिक निवेश और लगभग 1500 व्यक्तियों को रोजगार देने वाली 5 इकाइयों का भूमि-पूजन करेंगे। इनमें गारमेंट सेक्टर में गोकुलदास एक्सपोर्टस, टेक्सटाइल सेक्टर में इंडो एकॉर्ड अप्पेरल्स, हाई टेक इलेक्ट्रानिक में एसेडस प्राइवेट लिमिटेड, फार्मा सेक्टर में सिनाई हेल्थ केयर और कृषि उपकरण में समर्थ एग्रीटेक इकाइयां शामिल हैं।  

30 जिलों में भारी बारिश की दस्तक! 24 जुलाई से वज्रपात का भी बढ़ेगा खतरा

लखनऊ उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय होता दिख रहा है। मौसम विभाग ने सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बागपत, मुरादाबाद, बिजनौर, रामपुर, बरेली समेत 30 से अधिक जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में अगले कुछ दिनों तक मौसम बिगड़ सकता है। बंगाल की खाड़ी में एक निम्न दबाव का क्षेत्र सक्रिय हो चुका है, जो धीरे-धीरे उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रहा है। पश्चिमी यूपी में अच्छी बारिश की संभावना मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह सिस्टम 24 जुलाई तक आगरा पहुंच सकता है, जिससे पश्चिमी यूपी में अच्छी बारिश की संभावना है। ताजनगरी आगरा में सोमवार को बादलों की आवाजाही तो रही, लेकिन उमस ने लोगों को बेहाल किया। तापमान की बात करें तो सोमवार को अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 27.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से थोड़ा भिन्न रहा।   किन जिलों में बारिश का अलर्ट है? सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, नोएडा, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर।

786 वोटों की जंग: उपराष्ट्रपति चुनाव में NDA की ताकत का आकलन

नई दिल्ली  जगदीप धनखड़ ने उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे को राष्ट्रपति ने स्वीकार कर लिया है और इस संबंध में होम मिनिस्ट्री की ओर से नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है। अब उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए इलेक्शन कमिशन अपनी प्रक्रिया कभी भी शुरू कर सकता है। संविधान के अनुसार उपराष्ट्रपति के इस्तीफे, निधन या फिर किसी अन्य कारण से पद पर न रहने की स्थिति में जल्दी से जल्दी चुनाव कराया जाना चाहिए। ऐसे में कभी भी चुनाव आयोग की ओर से इलेक्शन का नोटिफिकेशन जारी हो सकता है। अब बात करते हैं उपराष्ट्रपति पद का चुनाव होने की स्थिति में नंबर गेम की। यदि समीकरणों की बात करें तो एनडीए सीधे तौर पर भारी है। एनडीए को विपक्ष की मान-मनौव्वल के बिना ही आसानी से जीत मिल सकती है, लेकिन वह चाहेगा कि विपक्षी दलों को साथ लेकर सर्वसम्मति से राज्यसभा का नया चेयरमैन लाया जाए। फिर भी चुनाव हुआ तो एनडीए आसानी से अपने कैंडिडेट को जिताने की स्थिति में है। उपराष्ट्रपति के चुनाव में राज्यसभा और लोकसभा के सांसद वोट डालते हैं। इसके अलावा राज्यसभा के नामित सदस्य भी वोटिंग कर सकते हैं। कुल 543 सदस्यों वाली लोकसभा में बशीरहाट की एक सीट ही खाली है। इस तरह 542 मेंबर हैं। वहीं 245 सदस्यों की राज्यसभा में 5 सीटें खाली हैं और 240 मेंबर हैं। इस तरह दोनों सदनों की कुल क्षमता फिलहाल 786 सदस्यों की है। यदि सभी सदस्य वोट डालते हैं तो किसी कैंडिडेट को जीतने के लिए 394 सदस्यों का वोट चाहिए होगा। लोकसभा में एनडीए के पास 293 सदस्य हैं। इसके अलावा राज्यसभा में भी उसके पास 129 मेंबर हैं। इस तरह दोनों सदनों को मिलाकर कुल 422 नंबर एनडीए का बनता है। यह संख्या जीत के लिए पर्याप्त है। संविधान के आर्टिकल 68 के क्लॉज 2 के अनुसार उपराष्ट्रपति का चुनाव जल्द से जल्द होना चाहिए। उपराष्ट्रपति का कार्यकाल 5 साल का होता है। जगदीप धनखड़ से पहले किसी ने इस तरह से इस्तीफा नहीं दिया है। बिहार कनेक्शन वाले इस नेता को उम्मीदवार बनाने के कयास इस बीच चर्चा है कि राज्यसभा के वाइस चेयरमैन हरिवंश को एनडीए कैंडिडेट बनाय जा सकता है। उन्हें पीएम नरेंद्र मोदी का भरोसा हासिल है। इसके अलावा बिहार से कनेक्शन है और जेडीयू के वह नेता हैं। इसीलिए कयास जोरों पर हैं कि उन्हें ही उपराष्ट्रपति बनाया जा सकता है।