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PAK की फीकी शुरुआत, बांग्लादेश से पहले मुकाबले में करारी शिकस्त

ढाका  बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला 20 जुलाई (रविवार) को ढाका के शेरे बांग्ला नेशनल स्टेडियम में खेला गया. इस मुकाबले में मेजबान बांग्लादेश ने पाकिस्तानी टी पर 7 विकेट से धमाकेदार जीत हासिल की. मुकाबले में बांग्लादेश ने 111 रनों का लक्ष्य 15.3 ओवर्स में ही हासिल कर लिया. टी20 सीरीज का अगला मुकाबला 22 जुलाई (मंगलवार) को इसी मैदान पर खेला जाएगा. पहले टी20 में बांग्लादेश की जीत के हीरो रहे सलामी बल्लेबाज परवेज हुसैन इमोन और तेज गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान रहे. परवेज हुसैन इमोन ने 39 गेंदों पर नाबाद 56 रन बनाए, जिसमें 5 छक्के और 3 चौके शामिल रहे. परवेज हुसैन इमोन और तौहीद हृदोय (36 रन) के साथ बीच तीसरे विकेट के लिए 73 रनों की साझेदारी हुई, जिसमें बांग्लादेश का काम आसान कर दिया. गेंदबाजी में बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान ने कमाल कर दिखाया. मुस्ताफिजुर ने 4 ओवर्स में सिर्फ 6 रन देकर 2 विकेट लिए. उन्होंने डेथ ओवर्स में पाकिस्तान की रन गति पर पूरी तरह नियंत्रण रखा. तेज गेंदबाज तस्कीन अहमद ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 22 रन देकर 3 विकेट लिए. पाकिस्तान के लिए किसने बनाए सबसे ज्यादा रन? टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तानी टीम 19.3 ओवर्स में सिर्फ 110 रनों पर सिमट गई. सलामी बल्लेबाज फखर जमां को छोड़कर कोई भी बल्लेबाज क्रीज पर टिक नहीं सका. जमां ने 34 बॉल पर 44 रन बनाए, जिसमें 6 चौके और एक सिक्स शामिल रहा. पाकिस्तानी टीम की हालत इतनी खराब थी कि टॉप-6 में से पांच बल्लेबाज दहाई के आंकड़े तक भी नहीं पहुंच सके. पाकिस्तानी खिलाड़ियों के बीच तालमेल का भी अभाव दिखा. फखर जमां और मोहम्मद नवाज रन आउट हुए. पाकिस्तानी टीम के लिए गेंदबाजी में डेब्यूटेंट सलमान मिर्जा ने लगातार ओवरों में तंजीद हसन और कप्तान लिटन दास को आउट करके उम्मीद जगाई. लेकिन उन्हें बाकी गेंदबाजों का साथ नहीं मिला. फील्डिंग में चूक भी पाकिस्तानी टीम को भारी पड़ा. तौहीद हृदोय को दो बार जीवनदान मिला, जिससे बांग्लादेश मैच में पूरी तरह हावी हो गया और उसने आसान जीत हासिल की. परवेज हुसैन इमोन 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुने गए.    

पत्रकारिता को समाज सेवा से जोड़ा प्रभाष जी ने: उप मुख्यमंत्री शुक्ल का सम्मानपूर्ण वक्तव्य

प्रभाष जी की पत्रकारिता जनहित के लिए समर्पित रही: उप मुख्यमंत्री शुक्ल पत्रकारिता को समाज सेवा से जोड़ा प्रभाष जी ने: उप मुख्यमंत्री शुक्ल का सम्मानपूर्ण वक्तव्य नई दिल्ली में "प्रभाष प्रसंग” कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि स्वर्गीय प्रभाष जोशी ने पत्रकारिता को केवल पेशा नहीं, बल्कि लोकमंगल का माध्यम बनाया। उन्होंने जनचेतना को जागृत करने, लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त बनाने और सामाजिक सरोकारों को मुखर स्वर देने में अपनी लेखनी के माध्यम से अद्वितीय योगदान दिया है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल नई दिल्ली स्थित सत्याग्रह मंडप, राजघाट परिसर में प्रख्यात पत्रकार स्व. प्रभाष जोशी की स्मृति में “प्रभाष प्रसंग” कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। उन्होंने प्रख्यात पत्रकार स्व. प्रभाष जोशी को उनकी विचारशील पत्रकारिता, सामाजिक प्रतिबद्धता एवं सांस्कृतिक चेतना के लिए विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि आज के समय में जब सूचना के माध्यमों की प्रामाणिकता और जिम्मेदारी पर प्रश्नचिह्न उठते हैं, ऐसे में प्रभाष जी जैसे उत्कृष्ट मानक स्थापित करने वाले पत्रकारों की स्मृति और मूल्य और अधिक प्रासंगिक हो जाते हैं। उनकी विरासत नई पीढ़ी के पत्रकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, पद्मभूषण रामबहादुर राय, पद्मजवाहरलाल कौल सहित अनेक गणमान्यजन एवं पत्रकारिता, साहित्य एवं संस्कृति से जुड़े प्रतिष्ठित व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी ने प्रभाष जोशी जी के जीवन, विचार और कार्यशैली पर प्रकाश डाला और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।  

सत्र का आगाज़ आज, विधेयकों की बारिश और विपक्ष के तीखे सवाल आमने-सामने

नई दिल्ली संसद का मॉनसून सत्र सोमवार से शुरू होने जा रहा है. विपक्ष ने सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की तैयारी कर ली है, जिनमें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से पाकिस्तान के साथ सीजफायर कराने के दावे और बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) सबसे प्रमुख हैं. सरकार ने कहा है कि वह ऑपरेशन सिंदूर सहित सभी अहम मुद्दों पर चर्चा को तैयार है, लेकिन विपक्ष का जोर 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले पर रहेगा, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी और जिसे लेकर सरकार पर 'चूक' के आरोप लगाए जा रहे हैं. 17 विधेयक पेश करेगी सरकार इस सत्र में, जो 21 अगस्त को समाप्त होगा, सरकार 17 विधेयकों को पेश करने की योजना बना रही है. वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा वापस दिलाने संबंधी विधेयक की मांग कर रही है, लेकिन सरकार के सहयोग की संभावना कम दिख रही है. कांग्रेस सांसदों ने दिए नोटिस कांग्रेस सांसद रणदीप सुरजेवाला ने शून्यकाल को स्थगित कर पहलगाम हमला और ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के लिए नोटिस दिया है. वहीं, सांसद मणिकम टैगोर ने पहलगाम हमले, ऑपरेशन सिंदूर और डोनाल्ड ट्रंप के विवादित बयान को लेकर अलग से नोटिस दिया है. प्रधानमंत्री का बयान और विपक्ष की मांगें सत्र की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मीडिया को संबोधित कर सरकार के एजेंडे और प्राथमिकताओं को बताते हुए करेंगे. यह संसद का पहला सत्र होगा जो पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद हो रहा है, लिहाजा ये मुद्दे कार्यवाही में हावी रहने की संभावना है. सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने पीएम मोदी से ट्रंप के दावों, पहलगाम हमले में कथित चूक और बिहार में SIR (Special Intensive Revision) को लेकर जवाब मांगा. एअर इंडिया हादसा और विमान सुरक्षा विपक्ष एक और बड़ा मुद्दा उठाने जा रहा है- अहमदाबाद में हुए एअर इंडिया हादसे का, जिसमें 260 लोगों की मौत हुई थी. अमेरिकी रिपोर्ट्स में हादसे के लिए पायलटों को दोषी ठहराया गया है, ऐसे में सरकार से विस्तृत जवाब की मांग की जाएगी. हालांकि सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री की ओर से इन विवादित मुद्दों पर सीधे तौर पर जवाब देने की संभावना नहीं है.  सरकार की रणनीति और एक संभावित सर्वसम्मति केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सरकार ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के लिए तैयार है और किसी मुद्दे से भागने वाली नहीं है. हालांकि, ट्रंप के दावों पर उन्होंने कोई सीधा जवाब नहीं दिया. सरकार का फोकस पाकिस्तान के साथ टकराव के दौरान हासिल उपलब्धियों और उसके बाद हुई सर्वदलीय विदेश यात्राओं को उजागर करने पर रहेगा. मॉनसून सत्र के दौरान कुल 21 बैठकें होंगी, जो 32 दिनों की अवधि में आयोजित की जाएंगी.

नीतिगत निर्णयों से सशक्त हुए छत्तीसगढ़ के किसान: सरकार की बड़ी पहल

रायपुर : विशेष लेख : सरकार के नीतिगत फैसलों ने बढ़ाया छत्तीसगढ़ के किसानों का मान सरकार के नीतिगत फैसलों ने बढ़ाया छत्तीसगढ़ के किसानों का मान साल दर साल बढ़ रहा है किसानों की संख्या, रकबा और उत्पादन     रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार के नीतिगत फैसलों एवं कृषि मंत्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ के किसान खुशहाल हैं। इन नीतियों से प्रदेश के किसान निरंतर समृद्धि की ओर अग्रसर हो रहे हैं। मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में राज्य में सरकार बनते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को पूरा करते हुए प्रदेश के पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर प्रति एकड़ 21 क्विंटल 31 सौ रूपए प्रति क्विंटल की मान से धान खरीदी कर न सिर्फ किसानों का मान बढ़ाया बल्कि किसानों को उन्नति की ओर ले जाने में भी उल्लेखनीय कार्य किया है। राज्य सरकार ने बीते 18 महीने में विभिन्न योजनाओं के तहत् लगभग सवा लाख करोड़ रूपए किसानों के खाते में अंतरित की है। इन कल्याणकारी फैसलों और प्रोत्साहन से साल दर साल किसानों की संख्या, खेती-किसानी का रकबा और उत्पादन में वृद्धि हो रही है। बता दें कि देश की जीडीपी में कृषि का बड़ा योगदान है। छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का मूल आधार भी कृषि ही है और छत्तीसगढ़ धान का कटोरा कहलाता है। मुख्यमंत्री साथ के नेतृत्त्व में प्रदेश सरकार की इन डेढ़ साल की अवधि में किसानों के हित में लिए गए नीति गत फैसलों से खेती-किसानी की नया सम्बल मिला है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने किसानों से बीते खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में सर्वाधिक 24.75 लाख किसानों से समर्थन मूल्य पर 144.92 लाख मेट्रिक टन धान की खरीदी कर एक नया रिकार्ड कायम किया है। किसानों को समर्थन मूल्य के रूप में 32 हजार करोड रूपए का भुगतान एवं किसान समृद्धि योजना के माध्यम से मूल्य की अंतर की राशि 13,320 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया था। इसी तरह खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में प्रदेश के किसानों से रिकार्ड 149.25 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी गई और धान खरीदी के एवज में किसानों को 34,500 करोड़ रूपए का तत्काल भुगतान किया गया तथा 12 हजार करोड़ रूपए की अंतर की राशि एकमुश्त सीधे किसानों के खातों में अंतरित किया गया। राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वायदे को पूरा कर यह बता दिया है कि छत्तीसगढ़ की खुशहाली और अर्थव्यवस्था को सुदृढ करने का रास्ता खेती-किसानी से ही निकलेगा। राज्य सरकार प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी के साथ ही दो साल के बकाया धान बोनस की राशि 3716 करोड रूपए का भुगतान करके अपना संकल्प पूरा किया, इससे प्रदेश के किसानों में खुशी की लहर है। किसानो का मानना है कि राज्य सरकार के फैसलों से यह स्पष्ट हो गया है कि सरकार किसानों की हितैषी है। खेती-किसानी ही छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार है। कृषि के क्षेत्र में सम्पन्नता से ही छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी और विकसित राज्य बनाने का सपना साकार होगा। छत्तीसगढ़ में किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर अल्पकालीन कृषि ऋण 01 अप्रैल 2014 से उपलब्ध कराया जा रहा है। ऋण की अधिकतम सीमा 5 लाख रूपए तक है। फसल ऋण में नगद एवं वस्तु का अनुपात 60 अनुपात 40 है। सहकारी एवं ग्रामीण बैंकों से व्याज मुक्त कृषि ऋण उपलब्ध कराने के लिए खरीफ वर्ष 2024 में 15.21 लाख किसानों को 6912 करोड़ रूपए का अल्पकालीन कृषि ऋण शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर वितरित किया गया था। वर्ष 2025 में किसानों को 7800 करोड़ रूपए कृषि ऋण वितरित करने का लक्ष्य है। किसानों को 11 जुलाई की स्थिति में 5124 करोड़ रूपए कृषि ऋण वितरित किए गए हैं। यह किसानों के हित में क्रांतिकारी कदम है। छत्तीसगढ़ में किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री सिंचाई योजना लागू की गई है। सौर सुजला योजना के माध्यम से सरकार ने दूरस्थ वनांचल में जहां बिजली की सुविधा नहीं है, वहां किसानों के खेतों में भी इस योजना के माध्यम से सौर सुजला सिंचाई पंप स्थापित कर सिंचाई की व्यवस्था की गई है। छत्तीसगढ़ में किसानों एवं भूमिहीन मजदूरों की स्थिति में सुधार, कृषि एवं सहायक गतिविधियां के लिए समन्वित प्रयास पर राज्य सरकार का फोकस है। कृषि विभाग के बजट में बीते वर्ष की तुलना में वर्ष 2024-25 में 33 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए 13 हजार 435 करोड रूपए का प्रावधान किया गया है। छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में कृषि का महत्वपूर्ण योगदान है, इसलिए राज्य के बजट में भी कृषि के साथ-साथ ग्रामीण विकास को फोकस किया गया है। यहां धान और किसान एक-दूसरे के पर्याय है। पिछले वर्ष 149.25 लाख मीट्रिक टन धान समर्थन मूल्य पर राज्य के 25 लाख 48 हजार 798 किसानों से खरीदी की गई है। राज्य सरकार ने बजट में कृषक उन्नति योजना के लिए 10,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया, जिसका उद्देश्य कृषि समृद्धि को बढ़ावा देना है। वहीं किसानों के 5 एचपी तक के कृषि पंपों को मुफ्त बिजली आपूर्ति के लिए 3,500 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। इसी तरह भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत राज्य के 5.65 लाख भूमिहीन मजदूरों को सालाना 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही दलहन एवं तिलहन फसलों समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए 80 करोड़ रुपये तथा फसल बीमा योजना के लिए 750 करोड़ रुपये और मोटे अनाजों के साथ-साथ दलहन, तिलहन, बीज उत्पादन एवं वितरण के लिए कृषक समग्र विकास योजना के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह सरकार की किसान हितैषी नियत को दर्शाता है। केन्द्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के 26 लाख से ज्यादा किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का भी लाभ मिल रहा है। इस योजना में किसानों को तीन किश्तों में साल में 6 हजार रूपए की राशि केन्द्र सरकार के द्वारा सीधे किसानों के बैंक खातों में दी जा रही है। केन्द्र सरकार ने छत्तीसगढ़ में धान के विपुल उत्पादन को देखते हुए केन्द्रीय पूल में 78 लाख मीट्रिक टन चावल जमा करने का लक्ष्य दिया है।     डॉ. ओम डहरिया, सहायक जनसंपर्क अधिकारी

भोपाल मेट्रो का रफ्तार परीक्षण सफल, जल्द शुरू होगा टेक्निकल ट्रायल

भोपाल सुभाष नगर से एम्स तक 90 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से मेट्रो रेल को दौड़ाया जा रहा है। यह परीक्षण पिछले तीन दिन से तीन से चार घंटे तक किया जा रहा है, जिसके तहत 10 से 15 फेरे लगाए जा रहे हैं। इसी बीच एम्स, अलकापुरी और डीआरएम ऑफिस स्टेशन पर आवागमन सहित अन्य काम किए जा रहे हैं। दरअसल, आरडीएसओ (रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड आर्गेनाइजेशन) की टीम भोपाल मेट्रो की तकनीकी जांच करने इसी महीने आ सकती है। इसके लिए सभी जरूरी दस्तावेज पहले ही जमा किए जा चुके हैं। यह टीम रेलवे से जुड़ी है और लखनऊ से आएगी। इसकी अनुमति के बाद सीएमआरएस (आयुक्त मेट्रो रेल सेफ्टी) की टीम अंतिम निरीक्षण करेगी। इस टीम द्वारा रिपोर्ट मिलने के बाद ही भोपाल मेट्रो में यात्रियों की आवाजाही शुरू हो सकेगी। सितंबर तक तय की डेटलाइन बता दें कि परीक्षण के दौरान एक्सपर्ट ट्रैक, उसकी फिटनेस, अधिकतम स्पीड, सिग्नल, ब्रेकिंग सिस्टम आदि पैमाने पर जांच कर रहे हैं। मेट्रो कारपोरेशन ने सभी काम को खत्म करने की डेटलाइन सितंबर तक तय की है। इसके बाद अक्टूबर या नवंबर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मेट्रो की शुरुआत कर सकते हैं। वर्ष 2018 में शुरू हुआ था काम भोपाल में मेट्रो का पहला मार्ग एम्स से करोंद तक 16.05 किलोमीटर लंबा है। इसमें से 6.22 किमी एम्स से सुभाष नगर के बीच का काम प्रायोरिटी कारिडोर के रूप में 2018 में शुरू हुआ था। सुभाष नगर से रानी कमलापति स्टेशन तक काम पूरा सुभाष नगर से रानी कमलापति स्टेशन तक काम पूरा हो गया है। इसके आगे अलकापुरी, एम्स और डीआरएम मेट्रो स्टेशन तक ट्रैक का काम हो चुका है और मेट्रो यहां तक पहुंच चुकी है। वहीं, दोनों स्टील ब्रिज की लोड टेस्टिंग भी की जा चुकी है। तीन अक्टूबर 2023 को भोपाल में पहली बार मेट्रो ट्रैक पर दौड़ी थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सुभाषनगर से रानी कमलापति स्टेशन तक मेट्रो में सफर किया था। इसके बाद से ही लगातार परीक्षण किया जा रहा है।

PM मोदी का बड़ा कूटनीतिक मिशन: ब्रिटेन और मालदीव में व्यापार-रक्षा पर फोकस

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार से ब्रिटेन और मालदीव की चार दिवसीय यात्रा पर जाएंगे। इस यात्रा का उद्देश्य व्यापार, निवेश और रक्षा के क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अपनी यात्रा के पहले चरण में, मोदी लंदन जाएंगे और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टॉर्मर के साथ व्यापक वार्ता करेंगे। रविवार को दोनों देशों की यात्रा की घोषणा करते हुए कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी, स्टॉर्मर के साथ भारत-ब्रिटेन द्विपक्षीय संबंधों के संपूर्ण पहलुओं पर व्यापक चर्चा करेंगे, साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान भी करेंगे। मोदी की 23-24 जुलाई की ब्रिटेन यात्रा, इस देश की उनकी चौथी यात्रा होगी। लंदन से मालदीव जाएंगे PM मोदी विदेश मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के महाराजा चार्ल्स तृतीय से भी मुलाकात करने की संभावना है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "यात्रा के दौरान दोनों पक्ष व्यापार और अर्थव्यवस्था, प्रौद्योगिकी और नवाचार, रक्षा और सुरक्षा, जलवायु, स्वास्थ्य, शिक्षा और लोगों के बीच संबंधों पर विशेष ध्यान देते हुए व्यापक रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा भी करेंगे।" लंदन से मोदी मालदीव जाएंगे। वह मुख्य रूप से 26 जुलाई को मालदीव की स्वतंत्रता की 60वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित होने वाले समारोह में शामिल होने मालदीव जाएंगे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के निमंत्रण पर 25 से 26 जुलाई तक मालदीव की राजकीय यात्रा पर रहेंगे। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मुइज्जू आपसी हितों के मुद्दों पर चर्चा करेंगे और 'व्यापक आर्थिक एवं समुद्री सुरक्षा साझेदारी' के लिए भारत-मालदीव संयुक्त दृष्टिकोण के कार्यान्वयन में प्रगति का जायजा लेंगे। यह संयुक्त दृष्टिकोण पिछले साल अक्टूबर में मुइज्जू की भारत यात्रा के दौरान अपनाया गया था। विदेश मंत्रालय ने कहा, "यह यात्रा भारत द्वारा अपने समुद्री पड़ोसी, मालदीव को दिए जाने वाले महत्व को दर्शाती है, जो भारत की 'पड़ोसी पहले' नीति और विजन महासागर (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति) में एक विशेष स्थान रखता है।" मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा दोनों पक्षों को घनिष्ठ द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा और मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज करेंगे नवीन विधायक विश्राम-गृह का भूमि-पूजन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य एवं विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में आज प्रातः 10:30 बजे विधायक विश्राम गृह खण्ड-क्र.-1 के सामने, विधायक विश्राम गृह परिसर भोपाल में नवीन विधायक विश्राम गृह निर्माण कार्य का भूमि-पूजन होगा। कार्यक्रम में संसदीय कार्य मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय और लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह भी शामिल होंगे। लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने रविवार को भूमि-पूजन स्थल का निरीक्षण किया और भूमि-पूजन कार्यक्रम की उत्कृष्ट तैयारियों के अधिकारियों को निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि यह नवीन विधायक विश्राम गृह लगभग 160 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा और इसमें सभी आवश्यक व्यवस्थाओं के साथ 102 फ्लैट्स का निर्माण प्रस्तावित है।  

20वीं किस्त कब आएगी? कृषि मंत्रालय ने पीएम किसान योजना पर खोले अहम राज

नई दिल्ली  9.8 करोड़ से अधिक किसान पीएम किसान योजना की अगली किस्त का इंतजार कर रहे हैं। खबर है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही पीएम किसान योजना की 20वीं किस्त जारी कर सकते हैं। हालांकि, अभी तक इसकी कोई आधिकारिक तारीख या स्थान की घोषणा नहीं की गई है। तारीख की घोषणा पीएम किसान योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर की जाएगी। इस बीच, कृषि मंत्रालय ने शुक्रवार को उन्हें सोशल मीडिया पर फैली गलत सूचनाओं के प्रति आगाह किया। मंत्रालय ने कहा कि किसानों को पीएम किसान योजना से जुड़ी जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करने की सलाह दी जाती है। कृषि विभाग ने क्या कहा? कृषि विभाग के अंतर्गत आने वाले पीएम किसान सम्मान निधि के आधिकारिक अकाउंट "एक्स" ने शुक्रवार, 18 जुलाई को एक पोस्ट में कहा, "प्रिय किसान भाइयों और बहनों, पीएम-किसान के नाम पर सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही झूठी सूचनाओं से सावधान रहें। केवल आधिकारिक वेबसाइट: http://pmkisan.gov.in और @pmkisanofficial पर ही भरोसा करें। फर्जी लिंक, कॉल और संदेशों से दूर रहें।" योजना के बारे में बता दें कि पीएम-किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना के तहत पात्र किसानों को सरकार की ओर से आर्थिक मदद के रूप में प्रति वर्ष 6,000 रुपये मिलते हैं। यह राशि 2,000 रुपये की तीन किस्तों में दी जाती है। इससे पहले फरवरी 2025 में पीएम मोदी ने बिहार के भागलपुर से 19वीं किस्त जारी की थी, जिसमें 9.8 करोड़ किसानों को 22,000 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए थे। अब देशभर के किसान 20वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। बता दें कि यह किस्त आमतौर पर हर चार महीने में जारी की जाती है, इसलिए किसान जून में इसके जारी होने की उम्मीद कर रहे थे। हालांकि, 18 जुलाई तक किस्त जारी नहीं की गई है और देरी का कोई आधिकारिक कारण भी नहीं बताया गया है। पिछले साल, जून की किस्त महीना खत्म होने से पहले ही जारी कर दी गई थी।  

21 सोमवार 2025, सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष: आज का दिन मेष राशि के जातकों के लिए उत्साह और नए अवसर लेकर आया है। उन्हें खुले दिल और दिमाग से अपनाएं। रोमांच और व्यक्तिगत विकास आपका इंतजार कर रहे हैं। अगर आप सिंगल हैं, आप किसी दिलचस्प व्यक्ति से मिल सकते हैं। तनाव कम लें। करियर पर फोकस करें। वृषभ: आज का दिन वृषभ राशि वालों के लिए पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में ग्रोथ का दिन है। आज लव के मामले में इमोशंस पर ध्यान दें। धन के मामले में प्लानिंग को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। अपनी सेहत में सुधार करें। मिथुन: मिथुन राशि के जातकों को अपनी फैमिली के साथ कुछ वक्त बिताना चाहिए। बहुत ज्यादा तनाव लेने से आपकी फिजिकल हेल्थ भी प्रभावित हो सकती है। डाइट में हरी सब्जियों को शामिल करें। मेडिटेशन करने से आपको अच्छा महसूस होगा। कर्क: आज का दिन थोड़ा बिजी रहने वाला है। किसी इवेंट की वजह से आपको अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है। बिजनेस कर रहे हैं लोगों को आज पार्टनरशिप को लेकर अलर्ट रहना चाहिए। जंक फूड्स का सेवन ज्यादा न करें। सिंह: आज के दिन सिंह राशि के जातकों को अपनी सेहत पर खास ध्यान देना चाहिए। कुछ लोग तनाव का शिकार हो सकते हैं। आज आपको अपनी पसंदीदा एक्टिविटी करने की सलाह दी जाती है। काम के दौरान समय-समय पर ब्रेक लेते रहें। कन्या: कन्या राशि के जातकों का आज का दिन पॉजिटिव एनर्जी से भरपूर रहने वाला है। अपने काम पर फोकस बनाए रखें। पैसों के मामले में आपको सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। आपके खर्च बढ़ सकते हैं। लव लाइफ नॉर्मल रहने वाली है। हाइड्रेटेड रहें। तुला: तुला राशि का आज का दिन शानदार रहने वाला है। धीरे-धीरे ऑफिस का माहौल आपके लिए पॉजिटिव होता जाएगा। पार्टनर के साथ चल रही प्रॉब्लम्स पर कम करें। सेहत से जुड़ी किसी भी समस्या को नजरअंदाज न करें। वृश्चिक: आज आपको कोई खुशखबरी मिल सकती है। किसी पुराने दोस्त से मुलाकात होना संभव है। धन के मामले में दिन आपका अच्छा रहेगा। अपनी मेंटल हेल्थ पर ध्यान दें। हेल्दी फूड्स का सेवन करें। पॉजिटिव सोच बनाए रखें। धनु: आज का दिन धनु राशि वालों को कई ऐसे मौके दे सकता है, जो पर्सनल ग्रोथ में मदद करेंगे। पॉजिटिव सोच लव लाइफ, करियर, धन और सेहत में बदलावों को अपनाने में मदद करेगी। आपकी लव लाइफ में पॉजिटिव चेंज हो सकते हैं। मकर: आज का दिन आपके लिए शुभ माना जा रहा है। आज कई स्रोतों से धन लाभ होने की संभावना है। कुछ जातक करियर की पॉलिटिक्स का शिकार भी बन सकते हैं। जल्दबाजी में आकर कोई भी फैसला न लें। अपने लक्ष्यों पर फोकस रखें। कुंभ: आज का कुंभ राशि के जातकों का दिन काफी प्रोडक्टिव रहने वाला है। आपकी मेहनत रंग लाएगी। कुछ जातकों का प्रमोशन भी हो सकता है। लव के मामले में आज अपने गुस्से पर काबू रखें। बेवजह के वाद विवाद में फंसने से बचें। मीन: मीन राशि वाले जातकों का दिन नॉर्मल रहने वाला है। अपनी सेहत को बेहतर बनाने के लिए डाइट में हरी सब्जियां शामिल करें। काम का प्रेशर बहुत ज्यादा न लें। बिजनेस करने वाले जातकों को अच्छी खबर मिल सकती है। खुश रहें।

मैनचेस्टर में रिकॉर्ड ब्रेकर बनेंगे पंत? रोहित-सहवाग का रेकॉर्ड है निशाने पर

नई दिल्ली  भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज़ ऋषभ पंत इंग्लैंड के खिलाफ आगामी चौथे टेस्ट में वीरेंद्र सहवाग का रिकॉर्ड तोड़ने के बेहद करीब हैं. पंत इस समय ज़बरदस्त फॉर्म में हैं और मौजूदा सीरीज़ में अब तक 425 रनों के साथ दूसरे सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ हैं. बाएं हाथ के इस बल्लेबाज़ ने तीन मैचों में 70.83 की औसत से रन बनाए हैं, जिसमें दो शतक और दो अर्धशतक शामिल हैं. जैसे-जैसे चौथा टेस्ट नज़दीक आ रहा है, पंत एक बड़े रिकॉर्ड को तोड़ने की दहलीज़ पर खड़े हैं. वह टेस्ट क्रिकेट में भारत की ओर से सबसे ज़्यादा छक्के लगाने वाले खिलाड़ी बनने से केवल तीन छक्के दूर हैं. पंत बना सकते हैं ये खास रिकॉर्ड विकेटकीपर-बल्लेबाज़ पंत ने अब तक 46 टेस्ट मैचों में 88 छक्के लगाए हैं, और वह इस मामले में पूर्व कप्तान रोहित शर्मा की बराबरी पर हैं. वह अब केवल तीन छक्के लगाकर वीरेंद्र सहवाग को पछाड़ सकते हैं, जिन्होंने अपने टेस्ट करियर में 103 मैचों में 90 छक्के लगाए थे. ऐसे में 23 जुलाई से मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में शुरू होने वाले चौथे टेस्ट में पंत के पास यह ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम करने का मौका रहेगा. हालांकि, तीसरे टेस्ट के दौरान लॉर्ड्स में विकेटकीपिंग करते समय उनकी उंगली में चोट लग गई थी, जिससे इस मैच में उनकी भागीदारी संदिग्ध हो गई है. चोटिल हुए हैं ऋषभ पंत पंत को टेस्ट के पहले दिन विकेटकीपिंग करते वक्त चोट लगी, जिसके बाद उन्होंने बाकी मैच में दस्ताने नहीं पहने और उनकी जगह ध्रुव जुरेल ने सब्स्टिट्यूट विकेटकीपर की भूमिका निभाई. भारत के असिस्टेंट कोच रयान टेन डोएशेट ने संकेत दिए हैं कि पंत को बतौर विशुद्ध बल्लेबाज़ खिलाया जा सकता है, क्योंकि वह शानदार फॉर्म में हैं और चौथा टेस्ट भारत के लिए बेहद अहम है. हालांकि, ऐसा करने के लिए टीम को अपनी प्लेइंग इलेवन में बदलाव करने होंगे और जुरेल को विकेटकीपर के रूप में खिलाना होगा. वहीं, भारत के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री का मानना है कि पंत को सिर्फ बल्लेबाज़ के रूप में नहीं खिलाना चाहिए और उन्हें पूरी तरह फिट होकर आखिरी टेस्ट के लिए तैयार होना चाहिए. हालांकि, पांच मैचों की सीरीज़ में भारत 1-2 से पीछे चल रहा है, ऐसे में टीम पंत को किसी भी कीमत पर खिलाने के लिए मजबूर हो सकती है. अब देखना होगा कि क्या टीम प्रबंधन इस अहम मुकाबले में उन्हें प्लेइंग इलेवन में शामिल करता है या नहीं.