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त्योहारी सीजन में मिलावट पर सख्ती: बलौदाबाजार में खाद्य विभाग का विशेष जांच अभियान

बलौदाबाजार आगामी दिनों में रक्षाबंधन सहित कई त्यौहार आने वाले हैं। त्यौहारी सीजन में मिठाईयों एवं अन्य खाद्य पदार्थों क़ी गुणवत्ता सुनिश्चित करने खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम द्वारा जांच अभियान चलाया जा रहा है। सोमवार क़ो सिमगा एवं भाटापारा के कई  दुकानों में खाद्य पदार्थों की जांच की गई।  खाद्य सुरक्षा  अधिकारी उमेश वर्मा एवं टीम  द्वारा  जिले के विभिन्न स्थानों के होटल का निरीक्षण किया गया। सिमगा स्थित बालाजी जोधपुर स्वीट्स से खोवा कतली एवं कृष्णा डेयरी से पनीर  का नमूना  लिया गया।जांच के दौरान भाटापारा के ट्रांसपोर्ट ऑफिस एवं गैराज का भी निरीक्षण कर रिकॉर्ड खंगाला गया कि कोई अमानक या नियम विरुद्ध खाद्य पदार्थों का परिवहन तो नहीं हो रहा। जांच टीम के द्वारा बिना पक्का बिल व रसीद के खाद्य पदार्थ एवं मिठाइयों का ट्रांसपोर्ट नहीं करने की हिदायत दी गई।

मैनचेस्टर में आज तक नहीं जीता भारत, क्या इस बार दिखेगा नया इरादा?

नई दिल्ली पिछले मैच में हार और कुछ प्रमुख खिलाड़ियों के चोटिल हो जाने के बावजूद भारतीय टीम इंग्लैंड के खिलाफ बुधवार से मैनचेस्टर में शुरू होने वाले चौथे टेस्ट में मजबूत इरादे से उतरेगी। भारतीय टीम श्रृंखला में वापसी करने और ओल्ड ट्रैफर्ड में पहली बार जीत हासिल करने के लिए अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ेगी। भारत को हालांकि अभी तक आजमाए गए अपने फॉर्मूले से हटने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। लीड्स में पहले टेस्ट के बाद भारत ने अंतिम एकादश में तीन ऑलराउंडरों को शामिल किया था। इनमें नीतीश रेड्डी भी शामिल थे, जो घुटने की चोट के कारण अब श्रृंखला से बाहर हो गए हैं। रवींद्र जडेजा और वॉशिंगटन सुंदर जैसे दो स्पिन गेंदबाजी ऑलराउंडर की मौजूदगी में भारत के पास आठवें नंबर तक बल्लेबाज़ी करने की गुंजाइश थी। मैनचेस्टर में ऐसा शायद न हो, जहां भारतीय टीम अभी तक जीत हासिल नहीं कर पाई है। भारत ने यहां अभी तक नौ मैच खेले हैं जिनमें से चार में उसे पराजय का सामना करना पड़ा जबकि बाकी पांच मैच ड्रॉ रहे। इंग्लैंड वर्तमान श्रृंखला में अभी 2-1 से आगे चल रहा है और अगर भारत को पांच मैच की इस श्रृंखला को जीवंत बनाए रखना है तो उसे यहां हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी। श्रृंखला का पहला टेस्ट मैच खेलने वाले शार्दुल ठाकुर को रेड्डी की जगह अंतिम एकादश में शामिल किया जा सकता है लेकिन उनका बल्लेबाजी में उतना अच्छा प्रदर्शन नहीं रहा है। अगर उन्हें टीम में लिया जाता है तो उन्हें गेंदबाज़ी में भी अपना प्रदर्शन बेहतर करना होगा क्योंकि रेड्डी ने लॉर्ड्स में तीसरे टेस्ट में महत्वपूर्ण अवसरों पर विकेट लिए थे। भारत लीड्स के संयोजन को फिर से आजमा सकता है, जहां उसके पास जडेजा के रूप में केवल एक स्पिनर था और छठे नंबर तक विशेषज्ञ बल्लेबाज थे, जिसमें करुण नायर और साई सुदर्शन दोनों अंतिम एकादश में थे। इसके अलावा नए तेज़ गेंदबाज़ अंशुल कंबोज और प्रसिद्ध कृष्णा भी अंतिम एकादश में जगह बनाने के दावेदार हैं। अगर आकाश दीप कमर की चोट से पूरी तरह उबर नहीं पाते हैं, तो इनमें से कोई भी उनकी जगह ले सकता है। आकाश दीप की तरह, कंबोज भी अच्छी सीम मूवमेंट पैदा कर सकते हैं। वह भारत ए के इंग्लैंड दौरे का भी हिस्सा थे और इस तरह से यहां की परिस्थितियों से कुछ हद तक वाकिफ हैं। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज का अंतिम एकादश में जगह बनाना तय है। लॉर्ड्स में श्रृंखला में पहली बार भारतीय बल्लेबाज नहीं चल पाए थे और और अगर भारत को श्रृंखला में वापसी करनी है तो कप्तान शुभमन गिल की अगुवाई वाली बल्लेबाजी लाइन-अप को फिर से अच्छा प्रदर्शन करना होगा। गिल तीसरे टेस्ट मैच में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए थे लेकिन इसके बावजूद श्रृंखला में उनके नाम पर 600 से अधिक रन दर्ज हैं। भारत के लिए उनका बड़ा स्कोर काफी मायने रखता है। जोफ्रा आर्चर ने टेस्ट क्रिकेट में अपनी सफल वापसी में यशस्वी जायसवाल को दो बार आउट किया और यह बाएं हाथ का बल्लेबाज इंग्लैंड के तेज गेंदबाज की अतिरिक्त गति से निपटने के लिए बेहतर तरीके से तैयार होगा। गिल ने भले ही श्रृंखला में भारत की तरफ से सर्वाधिक रन बनाए हैं लेकिन वह के एल राहुल हैं जो अधिक विश्वसनीय बल्लेबाज नजर आए। भारत को फिर से उनसे ठोस प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी। मैच से पहले भारत के अभ्यास सत्र को देखकर लगता है कि ऋषभ पंत अपनी उंगली की चोट से पूरी तरह उबर चुके हैं और हमेशा की तरह अपनी दोहरी जिम्मेदारी निभाएंगे। अगर नायर को एक और मौका मिलता है, तो वह अपनी अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने के लिए बेताब होंगे। लगातार चार अर्धशतक लगाने वाले जडेजा मध्यक्रम को मजबूती दे रहे हैं लेकिन उन्हें गेंदबाजी में भी बेहतर प्रदर्शन करना होगा। इंग्लैंड के अन्य स्थानों की तुलना में भारत को मैनचेस्टर में कम खेलने का मौका मिला है। उसने यहां अपना आखिरी टेस्ट मैच 2014 में खेला था। इस मैदान पर भारत की तरफ से आखिरी शतक सचिन तेंदुलकर ने 1990 में लगाया था। भारत की निगाह जहां श्रृंखला बराबर करने पर टिकी हैं वहीं इंग्लैंड अजेय बढ़त हासिल करने की कोशिश करेगा। जैसा कि आमतौर पर होता है, बेन स्टोक्स ने मैच से पहले अपनी अंतिम एकादश चुनी और उनकी टीम में एकमात्र बदलाव चोटिल शोएब बशीर की जगह लियाम डॉसन को शामिल करना है। बाएं हाथ के इस स्पिनर ने इंग्लैंड के लिए अपना आखिरी मैच जुलाई 2017 में खेला था। मैनचेस्टर में पिछले एक सप्ताह से लगातार बारिश हो रही है और मैच के पांचों दिन हल्की वर्षा होने का अनुमान है। इससे तेज गेंदबाजों को फायदा मिल सकता है। टीमें इस प्रकार हैं: भारत: शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (उपकप्तान और विकेटकीपर), यशस्वी जयसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, अभिमन्यु ईश्वरन, करुण नायर, रवींद्र जडेजा, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, शार्दुल ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, आकाश दीप, कुलदीप यादव, अंशुल कंबोज। इंग्लैंड की टीम: जैक क्रॉली, बेन डकेट, ओली पोप (उप-कप्तान), जो रूट, हैरी ब्रुक, बेन स्टोक्स (कप्तान), जेमी स्मिथ (विकेट कीपर), लियाम डॉसन, क्रिस वोक्स, ब्रायडन कार्स, जोफ्रा आर्चर।  

मैनचेस्टर में आज तक नहीं जीता भारत, क्या इस बार दिखेगा नया इरादा?

नई दिल्ली पिछले मैच में हार और कुछ प्रमुख खिलाड़ियों के चोटिल हो जाने के बावजूद भारतीय टीम इंग्लैंड के खिलाफ बुधवार से मैनचेस्टर में शुरू होने वाले चौथे टेस्ट में मजबूत इरादे से उतरेगी। भारतीय टीम श्रृंखला में वापसी करने और ओल्ड ट्रैफर्ड में पहली बार जीत हासिल करने के लिए अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ेगी। भारत को हालांकि अभी तक आजमाए गए अपने फॉर्मूले से हटने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। लीड्स में पहले टेस्ट के बाद भारत ने अंतिम एकादश में तीन ऑलराउंडरों को शामिल किया था। इनमें नीतीश रेड्डी भी शामिल थे, जो घुटने की चोट के कारण अब श्रृंखला से बाहर हो गए हैं। रवींद्र जडेजा और वॉशिंगटन सुंदर जैसे दो स्पिन गेंदबाजी ऑलराउंडर की मौजूदगी में भारत के पास आठवें नंबर तक बल्लेबाज़ी करने की गुंजाइश थी। मैनचेस्टर में ऐसा शायद न हो, जहां भारतीय टीम अभी तक जीत हासिल नहीं कर पाई है। भारत ने यहां अभी तक नौ मैच खेले हैं जिनमें से चार में उसे पराजय का सामना करना पड़ा जबकि बाकी पांच मैच ड्रॉ रहे। इंग्लैंड वर्तमान श्रृंखला में अभी 2-1 से आगे चल रहा है और अगर भारत को पांच मैच की इस श्रृंखला को जीवंत बनाए रखना है तो उसे यहां हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी। श्रृंखला का पहला टेस्ट मैच खेलने वाले शार्दुल ठाकुर को रेड्डी की जगह अंतिम एकादश में शामिल किया जा सकता है लेकिन उनका बल्लेबाजी में उतना अच्छा प्रदर्शन नहीं रहा है। अगर उन्हें टीम में लिया जाता है तो उन्हें गेंदबाज़ी में भी अपना प्रदर्शन बेहतर करना होगा क्योंकि रेड्डी ने लॉर्ड्स में तीसरे टेस्ट में महत्वपूर्ण अवसरों पर विकेट लिए थे। भारत लीड्स के संयोजन को फिर से आजमा सकता है, जहां उसके पास जडेजा के रूप में केवल एक स्पिनर था और छठे नंबर तक विशेषज्ञ बल्लेबाज थे, जिसमें करुण नायर और साई सुदर्शन दोनों अंतिम एकादश में थे। इसके अलावा नए तेज़ गेंदबाज़ अंशुल कंबोज और प्रसिद्ध कृष्णा भी अंतिम एकादश में जगह बनाने के दावेदार हैं। अगर आकाश दीप कमर की चोट से पूरी तरह उबर नहीं पाते हैं, तो इनमें से कोई भी उनकी जगह ले सकता है। आकाश दीप की तरह, कंबोज भी अच्छी सीम मूवमेंट पैदा कर सकते हैं। वह भारत ए के इंग्लैंड दौरे का भी हिस्सा थे और इस तरह से यहां की परिस्थितियों से कुछ हद तक वाकिफ हैं। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज का अंतिम एकादश में जगह बनाना तय है। लॉर्ड्स में श्रृंखला में पहली बार भारतीय बल्लेबाज नहीं चल पाए थे और और अगर भारत को श्रृंखला में वापसी करनी है तो कप्तान शुभमन गिल की अगुवाई वाली बल्लेबाजी लाइन-अप को फिर से अच्छा प्रदर्शन करना होगा। गिल तीसरे टेस्ट मैच में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए थे लेकिन इसके बावजूद श्रृंखला में उनके नाम पर 600 से अधिक रन दर्ज हैं। भारत के लिए उनका बड़ा स्कोर काफी मायने रखता है। जोफ्रा आर्चर ने टेस्ट क्रिकेट में अपनी सफल वापसी में यशस्वी जायसवाल को दो बार आउट किया और यह बाएं हाथ का बल्लेबाज इंग्लैंड के तेज गेंदबाज की अतिरिक्त गति से निपटने के लिए बेहतर तरीके से तैयार होगा। गिल ने भले ही श्रृंखला में भारत की तरफ से सर्वाधिक रन बनाए हैं लेकिन वह के एल राहुल हैं जो अधिक विश्वसनीय बल्लेबाज नजर आए। भारत को फिर से उनसे ठोस प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी। मैच से पहले भारत के अभ्यास सत्र को देखकर लगता है कि ऋषभ पंत अपनी उंगली की चोट से पूरी तरह उबर चुके हैं और हमेशा की तरह अपनी दोहरी जिम्मेदारी निभाएंगे। अगर नायर को एक और मौका मिलता है, तो वह अपनी अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने के लिए बेताब होंगे। लगातार चार अर्धशतक लगाने वाले जडेजा मध्यक्रम को मजबूती दे रहे हैं लेकिन उन्हें गेंदबाजी में भी बेहतर प्रदर्शन करना होगा। इंग्लैंड के अन्य स्थानों की तुलना में भारत को मैनचेस्टर में कम खेलने का मौका मिला है। उसने यहां अपना आखिरी टेस्ट मैच 2014 में खेला था। इस मैदान पर भारत की तरफ से आखिरी शतक सचिन तेंदुलकर ने 1990 में लगाया था। भारत की निगाह जहां श्रृंखला बराबर करने पर टिकी हैं वहीं इंग्लैंड अजेय बढ़त हासिल करने की कोशिश करेगा। जैसा कि आमतौर पर होता है, बेन स्टोक्स ने मैच से पहले अपनी अंतिम एकादश चुनी और उनकी टीम में एकमात्र बदलाव चोटिल शोएब बशीर की जगह लियाम डॉसन को शामिल करना है। बाएं हाथ के इस स्पिनर ने इंग्लैंड के लिए अपना आखिरी मैच जुलाई 2017 में खेला था। मैनचेस्टर में पिछले एक सप्ताह से लगातार बारिश हो रही है और मैच के पांचों दिन हल्की वर्षा होने का अनुमान है। इससे तेज गेंदबाजों को फायदा मिल सकता है। टीमें इस प्रकार हैं: भारत: शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (उपकप्तान और विकेटकीपर), यशस्वी जयसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, अभिमन्यु ईश्वरन, करुण नायर, रवींद्र जडेजा, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, शार्दुल ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, आकाश दीप, कुलदीप यादव, अंशुल कंबोज। इंग्लैंड की टीम: जैक क्रॉली, बेन डकेट, ओली पोप (उप-कप्तान), जो रूट, हैरी ब्रुक, बेन स्टोक्स (कप्तान), जेमी स्मिथ (विकेट कीपर), लियाम डॉसन, क्रिस वोक्स, ब्रायडन कार्स, जोफ्रा आर्चर।  

गर्व की बात: चतरू चौधरी ने वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर रचा इतिहास

बालोतरा  पश्चिम राजस्थान के सरहदी बालोतरा जिले के छोटे से गांव लापला की बेटी चतरू ने वो कर दिखाया है जो बड़े-बड़े शहरों के खिलाड़ी भी नहीं कर पाते है. चतरू का सपना बड़ा था, लेकिन हालात नहीं. पिता एक साधारण किसान हैं. बेटी की खेल प्रतिभा को देखकर उन्होंने कर्ज लिया और हरहाल में बेटी को आगे बढ़ाने की ठानी. अब चतरू ने भी समाज की सोच से लड़ते हुए अमेरिका में गोल्ड मेडल जीतकर न केवल अपने परिवार का नाम रोशन किया है बल्कि गांव और जिले का भी नाम रोशन किया है. चतरू के गांववालों ने खूब ताने दिए. कुछ ने तो कहा  “लड़की होकर क्या कर लेगी?” लेकिन पिता ने हार नहीं मानी और चतरू ने भी दिन-रात मेहनत जारी रखी. सीमित संसाधनों, आर्थिक परेशानियों और सामाजिक दवाब के बीच पली-बढ़ी चतरू ने अमेरिका में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतकर भारत का परचम लहराया है. गांव पहुंचने पर हुआ भव्य स्वागत रेत के दरिया के बीच कच्ची झोपड़ी से निकलकर सात समंदर पार अमेरिका में गोल्ड जीतने का कीर्तिमान रचने वाली पुलिस कांस्टेबल चतरू का वतन वापसी पर जोरदार स्वागत किया गया. विश्व मंच पर राजस्थान पुलिस के चमके सितारों में थार की बेटी के शामिल होने से हर थार का बाशिंदा उसे आशीर्वाद और बधाई देता नजर आया. उत्साही लोगों ने डीजे बजाया और चतरू चौधरी को फूल मालाओं से लाद दिया. अमेरिका के अलबामा में आयोजित वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स 2025 में भाग लेने के लिए बीते दिनों राजस्थान पुलिस का दल अमेरिका पहुंचा था. इस दल में बायतु के छोटे से गांव लापला के किसान की बेटी चतरू चौधरी के प्रदर्शन पर पूरे मरुधरा की निगाहें थी. चतरू ने अपने प्रदर्शन से किसी भी थार वासी को निराश नहीं किया है. चतरू ने 11 किलोमीटर और 21 किलोमीटर रिले रेस में गोल्ड मैडल जीता है. वहीं 400 मीटर और 800 मीटर में उसने कांस्य पदक जीता है. वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स 2025 में राजस्थान पुलिस के जाँबाजो की इस स्वर्णिम जीत के बाद पूरे राज्य में खुशी का माहौल है. राजस्थान पुलिस ने 29 पदक अर्जित किए है जिनमे 17 स्वर्ण पदक, 5 रजत पदक और 7 कांस्य पदक जीते है. कर्ज लेकर पिता ने करवाई तैयारी राजस्थान पुलिस की कचनार चौधरी, राजबाला और चतरू ने खाकी का नाम रोशन किया है.  वतन वापसी पर लोकल 18 से खास बातचीत करते हुए चतरू ने बताया कि पिता ने कर्ज लेकर खेल की तैयारी करवाई और उसने भी पिता का मान रखते हुए अमेरिका में गोल्ड जीता है. वह बताती है कि गांव में न तो कोई खेल मैदान है और न ही संसाधन. ऐसे में गांव की प्रतिभाओं को उचित मंच नहीं मिल पाता है, जिससे वह अपनी प्रतिभा को नही निखार पाती है.

UP में ट्रैफिक चालानों की भरमार, नहीं चुकाया जुर्माना तो 60 हजार लाइसेंस होंगे रद्द

लखनऊ उत्तर प्रदेश में ट्रैफिक नियमों को तोड़ने वालों पर अब सख्ती होगी। ट्रैफिक विभाग ने 5000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के जुर्माने वसूलने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया है। जो लोग बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ते हैं, उनकी गाड़ियों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा और ड्राइविंग लाइसेंस (DL) रद्द किए जाएंगे। जिन गाड़ियों पर पाँच या उससे ज़्यादा चालान बकाया हैं, उनके ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई होगी। इन गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) भी रद्द किए जा सकते हैं, ताकि वे सड़कों पर ना चल सकें। अधिकारियों के अनुसार, ट्रैफिक विभाग ने 3 लाख गाड़ियों और 58,893 ड्राइविंग लाइसेंस धारकों की लिस्ट ट्रांसपोर्ट विभाग को भेजी है। इन सभी के लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन रद्द करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब तक 1,006 ड्राइविंग लाइसेंस और 3,964 गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन रद्द या सस्पेंड किए जा चुके हैं। बरेली ज़ोन में सबसे ज़्यादा ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले पाए गए हैं। यहाँ 21,000 से ज़्यादा लोगों की पहचान हुई है, जिनमें से 5,833 DL रद्द करने के लिए भेजे गए हैं और 130 RC को चिह्नित किया गया है। मेरठ ज़ोन में 1323 लोगों ने नियम तोड़े, जिनमें से 260 DL सस्पेंड कर दिए गए हैं। आगरा ज़ोन में 1585 DL सस्पेंड करने की सिफ़ारिश की गई है और 30,000 से ज़्यादा गाड़ियों के RC रद्द करने के लिए चिह्नित किए गए हैं। लखनऊ ज़ोन में 4351 गाड़ियों और 1820 DL पर कार्रवाई करने की सिफ़ारिश की गई है। इन इलाक़ों में नियमों का पालन कराने और मौतों को कम करने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ट्रैफिक) के. सत्यनारायण ने कहा कि राज्य में हज़ारों करोड़ रुपये का चालान बकाया है। यह इसलिए है क्योंकि गाड़ी मालिक और ड्राइवर बार-बार नियम तोड़ते हैं और जुर्माना नहीं भरते। उन्होंने कहा, "जिन लोगों पर पाँच या उससे ज़्यादा चालान बकाया हैं, उनके RC ब्लैकलिस्ट कर दिए जाएँगे, जिससे उनकी गाड़ियाँ अवैध हो जाएँगी। ऐसे ड्राइवरों के लाइसेंस भी रद्द किए जा रहे हैं ताकि लापरवाही से गाड़ी चलाने पर रोक लगाई जा सके।" इस महीने ट्रांसपोर्ट विभाग को एक लिस्ट दी गई है, जिसमें 3,01,410 गाड़ियाँ और 58,893 लाइसेंस धारक शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि कई लोग चालान इसलिए नहीं भरते क्योंकि उन्हें लगता है कि अदालतें जुर्माने की रकम कम कर देंगी। 2021 में, कुल 67 लाख गाड़ियों का चालान किया गया था, जिससे 867 करोड़ रुपये का जुर्माना लगा था। 2024 तक, चालानों की संख्या बढ़कर 1.36 करोड़ हो गई, लेकिन वसूली सिर्फ़ 105 करोड़ रुपये ही हुई। इससे पता चलता है कि कितने ज़्यादा जुर्माने बकाया हैं। ट्रैफिक विभाग ने 20 ऐसे ज़िलों की भी पहचान की है, जहाँ ट्रैफिक नियमों का सबसे ज़्यादा उल्लंघन होता है और सड़क हादसे होते हैं। लखनऊ इस लिस्ट में सबसे ऊपर है। 2024 में यहाँ 1630 सड़क हादसे हुए, जिनमें 576 लोगों की मौत हो गई और 1165 लोग घायल हो गए। ज़्यादा हादसे वाले अन्य ज़िलों में कानपुर, गोरखपुर, प्रयागराज, आगरा, बरेली, नोएडा, हरदोई, बुलंदशहर, मथुरा, ग़ाज़ियाबाद, अलीगढ़, बाराबंकी, सीतापुर, उन्नाव, मेरठ, शाहजहाँपुर, आज़मगढ़, लखीमपुर खीरी और कुशीनगर शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि पूरे राज्य में एक अभियान चल रहा है, जिसमें न सिर्फ़ बार-बार नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की जा रही है, बल्कि सड़क सुरक्षा के मुद्दों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। यह अभियान उत्तर प्रदेश की सड़क सुरक्षा रणनीति का हिस्सा है। इसका मक़सद है कि लोग लापरवाही से गाड़ी न चलाएँ, ट्रैफिक नियमों का पालन करें और समय पर जुर्माने की वसूली हो।  

रायपुर में डेका का संदेश: रिपोर्ट से नहीं, जमीनी हकीकत से जांचें योजनाओं का क्रियान्वयन

रायपुर राज्यपाल रमेन डेका ने आज राजभवन में प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (प्रधानमंत्री जनमन योजना) के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे केवल फील्ड रिपोर्ट पर निर्भर न रहें बल्कि निचले स्तर पर जाकर योजनाओं का क्रियान्वयन देंखें।     राज्यपाल डेका ने प्रदेश के पीएम जनमन क्षेत्रों में विभिन्न विभागों के कार्याे की समीक्षा की और संचालित कार्याे की जमीनी हकीकत देखने के लिए इन ग्रामों का दौरा करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि योजना का मूल उद्देश्य विशेष पिछड़ी जनजातियों को केन्द्र द्वारा तय सुविधाओं का लाभ पहुंचाना है। इन वर्गाे तक मूलभूत सुविधाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क आदि देना पहली प्राथमिकता है। जो योजनाएं संचालित है वे तय समय पर पूर्ण हो जाएं। पिछड़ी जनजातीय क्षेत्रों में सुविधाएं पहुंचे इसके लिए सही एप्रोच जरूरी है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के सहयोग और समन्वय से योजनाओं का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। बैठक में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव एवं सचिव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। डेका ने निर्देश दिया कि सतत् विकास की प्रक्रिया मे पर्यावरण को अनदेखा न किया जाए। जो विकास के कार्य हो रहे है, उसमें पेड़ों को बचाकर रखा जाए। उन्होंने कहा कि पानी को लेकर गंभीर होना है। जमीनी जल स्तर और वर्षा का मापन करे और उसके अनुसार योजनाएं बनाएं। रेन वाटर हार्वेस्टिंग को प्राथमिकता दे। सौर विद्युतीकरण की प्रगति पर उन्होंने असंतोष जताया और कहा कि इस क्षेत्र में जो चुनौतियां है उसका सभी मिलकर निराकरण करेंगे। बैठक मे राज्यपाल डेका ने पीएम जनमन क्षेत्रों में आंगनबाड़ी निर्माण की प्रगति की जानकारी ली और कहा कि आंगनबाड़ीयों में लाइवलीहुड के लिए कार्य होना चाहिए। उन्होंने राज्य में स्व सहायता समूहों के गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि पिछड़ी जनजातीय क्षेत्रों में भी नवाचार को प्रोत्साहित करे। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में नवाचार करने वाले स्व सहायता समूहों को राजभवन द्वारा भी पुरूस्कृत किया जाएगा। डेका ने जनजातीय क्षेत्रों में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान देने एवं स्वयंसेवी संस्थाओं की सहभागिता से नवाचार करने पर बल दिया।

शेयर बाजार में आज तेजी का रुख , Sensex 327 अंक उछला, Nifty 25150 के ऊपर

मुंबई  शेयर बाजार (Stock Market) में सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को भी जोरदार तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत हुई. सेंसेक्स-निफ्टी अपने पिछले बंद के मुकाबले उछाल के साथ ओपन हुए. BSE का 30 शेयरों वाला Sesnex जहां 300 अंक से ज्यादा चढ़कर खुला, तो वहीं NSE के निफ्टी इंडेक्स ने भी ग्रीन जोन में शुरुआत की. इस बीच जहां Eternal और Paytm तक के शेयर तेज रफ्तार से भागते दिखे, तो वहीं देश के सबसे अमीर इंसान मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) की कंपनी रिलायंस का शेयर (Reliance Share) खुलते ही धड़ाम नजर आया.  82500 के पार निकला सेंसेक्स बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 82,200.34 की तुलना में तेज छलांग लगाते हुए करीब 327 अंक चढ़कर खुला. ये 82,527 पर ओपन होने के बाद और तेज पकड़ते हुए 82,538 के लेवल पर पहुंच गया. BSE Sensex की तरह से ही NSE Nifty ने भी बीते कारोबारी दिन की तेजी को बरकरार रखा और अपने पिछले बंद 25,090.70 के मुकाबले तेजी के साथ खुलने के बाद 25,182 के लेवल तक उछल गया.  Reliance के शेयर को हुआ क्या?  लगातार दूसरे दिन सेंसेक्स-निफ्टी में तेजी के बावजूद अरबपति मुकेश अंबानी (Billionaire Mukesh Ambani) की मार्केट वैल्यू के लिहाज से देश की सबसे बड़ी कंपनी Reliance Industries का शेयर मंगलवार को भी सुस्त नजर आया. बीते कारोबारी दिन 3.24 फीसदी की तगड़ी गिरावट के साथ बंद होने के बाद RIL Share शुरुआती कारोबार में ही टूटकर 1417.70 रुपये पर आ गया. शेयर में लगातार जारी गिरावट का असर Reliance Market Cap पर भी दिखा और ये कम होकर 19.32 लाख करोड़ रुपये रह गया.  Bajaj Finance का शेयर भी फिसला रिलायंस के साथ ही एक और दिग्गज कंपनी बजाज फाइनेंस का शेयर ग्रीन जोन में ओपन होने के बाद अचानक फिसलकर रेड जोन में आ गया. Bajaj Finance Share का शेयर 940 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. इस कंपनी में टॉप लेवल पर हुए बड़े फेरबदल का असर शेयर पर देखने को मिला है. बता दें कि कंपनी के एमडी अनूप कुमार साहा (Bajaj Finance MD Resigns) ने नियुक्ति के चार महीने के बाद ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया है और ये जिम्मेदारी अब कंपनी में वाइस चेयरमैन राजीव जैन को दी गई है, जो 31 मार्च 2028 तक एमडी रहेंगे.  14% उछल गया जोमैटो का शेयर मंगलवार को जिन शेयरों में तूफानी तेजी देखने को मिली उनमें सबसे ज्यादा तेजी फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो (Zomato) की पैरेंट कंपनी एटरनल लिमिटेड के शेयर (Eternal Share) में आई और ये देखते ही देखते मिनटों में 14.55 फीसदी तक उछल गया. इस स्टॉक ने 293 रुपये पर ओपनिंग की और फिर 311.25 रुपये पर ट्रेड करता दिखा.  ये 10 शेयर भी तेज रफ्तार के साथ भागे बाजार की तेजी में रफ्तार पकड़ने वाले अन्य शेयरों की बात करें, तो  BEL, Trent जैसे लार्जकैप शेयर जहां 1 फीसदी से ज्यादा चढ़कर कारोबार कर रहे थे. तो वहीं मिडकैप कैटेगरी में शामिल Paytm Share (3.09%), Dalmia Bharat Share (2.52%), SunTv Share (2.31%), Emcure Pharma Share (2%) की उछाल के साथ ट्रेड कर रहा था. इसके अलावा स्मॉलकैप कंपनियों में Primo Share (8.78%), AeroFlex Share (7.26%), Raclgear Share (7.07%) और Advait Share (6.78%) की तेजी लेकर कारोबार कर रहा था. 

स्मार्ट मीटरिंग की दिशा में बड़ी उपलब्धि! भोपाल में अब तक 3 लाख से अधिक स्मार्ट मीटरों की सफल स्थापना

भोपाल ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर , मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक श्री क्षितिज सिंघल सहित कंपनी के सभी वरिष्ठ अधिकारियों के परिसर में कंपनी द्वारा स्मार्ट मीटर स्थापित कर दिए गए हैं। जिन अधिकारियों के घरों पर स्‍मार्ट मीटर लगाए गए हैं, उनमें पीडीटीसी के निदेशक श्री अनिल खत्री, महाप्रबंधक प्रशासन एवं पीजीआर श्री संपूर्णानंद शुक्‍ला, उप मुख्‍य महाप्रबंधक सतर्कता श्री आरएनएस ठाकुर, महाप्रबंधक (स्‍मार्ट मीटरिंग सेल) श्री सी.के.पवार, वरिष्‍ठ सुरक्षा अधिकारी श्री राजेश यादव सहित अनेक अधिकारी शामिल हैं। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने सभी उपभोक्‍ताओं से आग्रह किया है कि वे स्‍मार्ट मीटर के फायदों को देखते हुए अपने घरों में स्‍मार्ट मीटर जरूर लगवाएं। गौरतलब है कि कंपनी के सभी 16 जिलों में उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। केन्द्र सरकार की रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) योजना के अंतर्गत मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्यक्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने का काम त्वरित गति से चल रहा है। अब तक कंपनी कार्यक्षेत्र के भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के 16 जिलों में अब तक 03 लाख, 03 हजार 305 स्मार्ट मीटर स्‍थापित किए जा चुके हैं। सर्वाधिक भोपाल शहर वृत्‍त में 1 लाख 62 हजार 320 स्‍मार्ट मीटर स्‍थापित किए जा चुके हैं। कंपनी ने कहा है कि स्‍मार्ट मीटर लगने से उपभोक्‍ताओं को बेहतर सेवाएं, सटीक बिलिंग और ऊर्जा दक्षता में सुधार हो रहा है। स्‍मार्ट मीटर लगाने का काम समय सीमा में पूर्ण करने के लिए कंपनी की टीमें लगातार कार्य में जुटी हुई हैं। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने स्‍मार्ट मीटर के फायदे बताते हुए कहा है कि स्‍मार्ट मीटर से रियल टाइम डेटा प्राप्‍त किया जा सकता है, जिससे उपभोक्‍ताओं को सटीक और समय पर बिलिंग सुनिश्चित की जा रही है। कंपनी ने बताया कि जहां-जहां भी स्‍मार्ट मीटर स्‍थापित किए जा चुके हैं वहां पर बिलिंग तथा रीडिंग निर्धारित समय पर हो रही है, इससे सभी उपभोक्‍ता संतुष्‍ट हैं। दिन के टैरिफ में 20 प्रतिशत की छूट नए टैरिफ आर्डर के अनुसार स्‍मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं को अब खपत के आधार पर दिन के टैरिफ में 20 प्रतिशत की छूट भी दी जा रही है। जून माह का बिल जो कि जुलाई माह में जारी हुआ है, उसमें दिन के टैरिफ में सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक उपयोग की गई विद्युत के दौरान बनी यूनिट पर छूट अलग कॉलम में अंकित की गई है। स्‍मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं के लिए जिसमें सार्वजनिक जल कार्य और स्ट्रीट लाइट और एलटी औद्योगिक उपभोक्‍ताओं के लिए ऑफ पीक/ सौर समय सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक की अवधि के दौरान उपभोग की गई ऊर्जा के लिए ऊर्जा प्रभार की सामान्य दर पर यह छूट 10 किलोवाट तक स्वीकृत लोड / अनुबंध मांग वाले उपभोक्‍ताओं को मिल रही है।  

कांग्रेस विधायकों की मांडू में शुरू हुई क्लास, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने किया उद्घाटन,पॉलिटिकल और टेक्निकल …

मांडू  मध्य प्रदेश कांग्रेस पार्टी आज से धार जिले के पर्यटन स्थल मांडू में अपने विधायकों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित कर रही है. 'चिंतन शिविर' के सत्रों में से एक सत्र 'झूठे मामले और जांच एजेंसियां: लोकतंत्र पर हमला' शीर्षक से होगा. कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि ने चूंकि संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है, इसलिए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी विधायकों को वर्चुअल माध्यम से संबोधित कर सकते हैं. उन्होंने बताया कि 64 विधायक अपरिहार्य निजी कार्यों के कारण वीडियो लिंक के माध्यम से जुड़ेंगे. कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील विवेक तन्खा ने कहा कि वह झूठे मामलों में अपना बचाव कैसे करें, इस बारे में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए विधायकों को संबोधित करेंगे. तन्खा ने कहा, "मैं भाजपा का राजनीतिक रूप से मुकाबला करने और एक ज़िम्मेदार विपक्ष के रूप में लड़ाई लड़ने के तरीकों पर भी बोलूंगा. मैं इस बात पर ध्यान केंद्रित करूंगा कि पार्टी को कैसे मज़बूत किया जाए ताकि 2028 के चुनावों में मध्य प्रदेश में भाजपा से सत्ता छीनी जा सके. मानसून सत्र और सुप्रीम कोर्ट में पूर्व व्यस्तताओं के कारण मैं व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो पा रहा हूं." एक पार्टी पदाधिकारी ने बताया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के मध्य प्रदेश के राजनीतिक मामलों के महासचिव हरीश चौधरी और मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी सोमवार को शिविर को संबोधित करेंगे. पदाधिकारी ने बताया, "मोटिवेशनल स्पीकर सोनू शर्मा नेतृत्व, अनुशासन और संगठनात्मक एकता जैसे विषयों पर विधायकों को संबोधित करेंगे. पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ 'मध्य प्रदेश का भविष्य और आर्थिक नीति' विषय पर एक सत्र में वर्चुअल रूप से शामिल होंगे, जिसमें आर्थिक चुनौतियों और विकास रणनीतियों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा." उन्होंने आगे कहा, "दोपहर के भोजन के बाद कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा पार्टी विचारधारा के प्रभावी संचार के माध्यम से मीडिया प्रबंधन और कथा निर्माण पर बात करेंगे.  अब जानिए विधायकों को कौन क्या सिखाएगा? पहला दिन: 21 जुलाई 2025 तन्खा बताएंगे, फर्जी मुकदमों से कैसे निपटें? सुबह 11 बजे: मोटिवेशनल स्पीकर सोनू शर्मा विधायकों को जनप्रतिनिधि की भूमिका, नेतृत्व, अनुशासन और संगठनात्मक एकता पर संबोधित करेंगे। दोपहर 12 बजे: राज्यसभा सांसद और सीनियर एडवोकेट विवेक तन्खा फर्जी मुकदमों और जांच एजेंसियों के दुरुपयोग पर संवैधानिक प्रतिरोध के उपाय बताएंगे। कमलनाथ बताएंगे आर्थिक नीति पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ वर्चुअली जुड़कर एक सत्र को संबोधित करेंगे। इस सत्र में वे 'मध्यप्रदेश का भविष्य और आर्थिक नीति' विषय पर प्रदेश की आर्थिक चुनौतियों, अवसरों और विकास की रूपरेखा पर अपना वक्तव्य देंगे।दोपहर एक बजे से 45 मिनट का लंच ब्रेक होगा। पवन खेड़ा बताएंगे नरेटिव बिल्डिंग के गुर 1:45 बजे लंच ब्रेक के बाद कांग्रेस के मीडिया और कम्युनिकेशन विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन खेड़ा मीडिया मैनेजमेंट के गुर सिखाएंगे। विधायकों को वे यह बताएंगे कि नरेटिव सेट करने के लिए कम्युनिकेशन के माध्यम से कांग्रेस की विचारधारा को मजबूती से कैसे प्रस्तुत किया जाए। विधानसभा के पूर्व पीएस बताएंगे सत्ता पक्ष पर कैसे प्रहार करें? 2:15 बजे से शुरू होने वाले सत्र में विधानसभा के पूर्व प्रमुख सचिव भगवानदेव इसराणी विधायकों को सत्ता पक्ष पर रणनीतिक प्रहार की रणनीति बताएंगे। सरकार की विफलताओं पर आरटीआई, ऑडिट रिपोर्ट और विधानसभा के नियमों के जरिए घेरने की बारीकियों को बताएंगे। 10-10 विधायकों के ग्रुप बनाकर होगी चर्चा दोपहर 3 से 4 बजे के बीच 10-10 विधायकों के ग्रुप बनाकर समूह चर्चाएं होगी। इनमें एसटी, एसटी, ओबीसी वर्ग के विधायक अलग-अलग विषयों पर मंथन कर रिपोर्ट बनाएंगे। पहले दिन के अंतिम सत्र में जुड़ सकते हैं राहुल गांधी 4 से शाम 5 बजे तक अंतिम सत्र में 2028 के विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीतिक चर्चा होगी। इस सत्र में हर समूह में हुई चर्चा में निकले निष्कर्ष को शेयर किया जाएगा। इसी सत्र में संगठन सृजन अभियान, जातिगत जनगणना के मुद्दे पर चर्चा होगी। इस सत्र में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी वर्चुअली संबोधन दे सकते हैं। दूसरा दिन: 22 जुलाई 2025 अजय माकन बताएंगे कांग्रेस की दिशा दूसरे दिन के पहले सत्र में राज्यसभा सांसद और पूर्व केन्द्रीय मंत्री अजय माकन कांग्रेस के मूल सिद्धांत, हमारी वैचारिक दिशा, संविधान वाद, धर्मनिरपेक्षता, समावेशी विकास और सामाजिक न्याय पर फिर से कैसे जुड़ाव हो इसपर संबोधन देंगे। दोपहर 12 बजे से कांग्रेस की स्थापना से लेकर वर्तमान के दौर तक कांग्रेस की संघर्ष गाथा पर केन्द्रित एक वीडियो दिखाया जाएगा। मध्य प्रदेश विधानसभा के पूर्व प्रमुख सचिव भगवानदास इसरानी सत्तारूढ़ दल की खामियों को उजागर करने के लिए आरटीआई, ऑडिट रिपोर्ट और सदन के नियमों के इस्तेमाल पर विधायकों को जानकारी देंगे." उन्होंने बताया कि एसटी, एससी और ओबीसी समुदायों से संबंधित मुद्दों पर केंद्रित 10 सदस्यीय विधायक टीमों के बीच समूह चर्चा भी होगी और विचार-विमर्श के आधार पर रिपोर्ट तैयार की जाएगी. कांग्रेस पदाधिकारी ने बताया, "मंगलवार को राज्यसभा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय माकन पहले सत्र में कांग्रेस के मूल सिद्धांतों, संविधानवाद, धर्मनिरपेक्षता, समावेशी विकास और सामाजिक न्याय पर बोलेंगे. कांग्रेस की सोशल मीडिया प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत डिजिटल मीडिया पर केंद्रित रणनीतियों पर सुझाव देंगी, जिसमें एक्स, फेसबुक, लघु वीडियो का उपयोग, ट्रोलिंग से निपटना और छवि निर्माण शामिल हैं." बता दें कि सत्तारूढ़ बीजेपी ने भी पिछले महीने नर्मदापुरम जिले के प्रसिद्ध हिल स्टेशन पंचमढ़ी में अपने निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के लिए तीन दिवसीय शिविर का आयोजन किया था.  

मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल ने 2025 में होने वाली परीक्षाओं का कैलेंडर जारी किया था, लेकिन इसका पालन नहीं किया जा रहा

 भोपाल  मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) ने 2025 में होने वाली परीक्षाओं का कैलेंडर जारी कर दिया था, लेकिन इस कैलेंडर का पालन नहीं किया जा रहा है। कृषि स्नातक में प्रवेश के लिए आयोजित किए जाने वाले प्री-एग्रीकल्चर टेस्ट (पीएटी)-2025 मई में प्रस्तावित था, लेकिन अब 26 जुलाई को आयोजित किया जाएगा है। इस साल 15 भर्ती और पांच प्रवेश परीक्षाएं आयोजित किए जाने का कैलेंडर जारी किया गया था। इनमें से अब तक छह भर्ती परीक्षाएं ही आयोजित की जा सकी हैं, जो करीब एक या दो माह की देरी से हुईं। वहीं जुलाई से दिसंबर तक आठ प्रवेश परीक्षाओं के लिए अभी तक आवेदन ही नहीं लिए गए हैं। अब अगले साल 2026 में जनवरी से मई तक सात परीक्षाएं होंगी। अभ्यर्थियों का कहना है कि कई भर्ती परीक्षाएं समय से आयोजित नहीं की जा रही हैं, जिससे उम्र की समय-सीमा भी निकल रही है। सिलेबस अपलोड हो जाएं तो तैयारी में आसानी हो जाएगी इस साल के कैलेंडर के हिसाब से आठ परीक्षाएं होने वाली हैं। इसके अलावा मंडल नियमावली और सिलेबस भी आवेदन के साथ जारी करता है, जिससे अभ्यर्थियों को तैयारी का समय नहीं मिल पाता है। अभ्यर्थियों का कहना है कि अगर पहले से सिलेबस अपलोड कर दिए जाएं तो परीक्षा की तैयारी करने में आसानी हो जाएगी। बता दें कि इस साल विभिन्न विभागों में करीब 25,472 पदों पर भर्ती प्रक्रिया की जा रही है। प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा का सिलेबस बदल दिया सरकारी स्कूलों के कुल 13089 पदों पर भर्ती के लिए प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है। एक अगस्त तक आवेदन होंगे। 31 अगस्त से परीक्षाएं होने वाली हैं। परीक्षा में करीब डेढ़ माह का समय शेष है, लेकिन सिलेबस बदलने से परेशानी बढ़ गई है। इसमें बाल मनोविज्ञान, पर्यावरण और संस्कृत को हटाया गया है। साथ ही अंग्रेजी को वैकल्पिक के बदले अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा विज्ञान व सामाजिक विज्ञान के विषय को जोड़ा गया है। ऐसे में अभ्यर्थियों का कहना है कि नए सिलेबस के साथ परीक्षा की तैयारी करना संभव नहीं है। इसके लिए कम से कम दो से तीन माह का समय चाहिए। विभाग की ओर से पद तय करने में देरी होती है     कैलेंडर का पालन किया जाता है। कई बार विभाग की ओर से पद तय करने में देरी होती है। हालांकि पूरा प्रयास किया जाता है कि समय से परीक्षाएं हों और परिणाम भी समय से जारी किया जाए। – साकेत मालवीय, संचालक, ईएसबी