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दिल्ली में मरीज के पेट से निकला 10.6 किलो वजनी ट्यूमर, डॉक्टरों की बड़ी सफलता

नई दिल्ली  दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों ने एक बेहद जटिल और दुर्लभ सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। डॉक्टरों की टीम ने मरीज के पेट से 10.6 किलो वजनी Gastrointestinal Stromal Tumor (GIST) को निकालने में सफलता प्राप्त की। ट्यूमर पिछले 8 महीनों से मरीज के शरीर में था और धीरे-धीरे पूरे पेट में फैल गया था। यह ट्यूमर इतना बड़ा हो गया था कि उसने पेट के सभी हिस्सों को घेर लिया था और दोनों तरफ की एक्सटर्नल इलिएक वेसल्स को अपनी चपेट में ले लिया था। इसकी वजह से मरीज को राइट हाइड्रोनेफ्रोसिस (Hydronephrosis) हो गया था। डॉक्टरों के लिए यह सर्जरी काफी चुनौतीपूर्ण थी क्योंकि ट्यूमर कई अहम अंगों, ओमेंटम और ब्लैडर डोम से जुड़ा हुआ था। इस जटिल सर्जरी का नेतृत्व डॉ. शिवानी बी. परुथी ने किया। सर्जरी में उनका साथ डायरेक्टर डॉ. संदीप बंसल, डॉ. चारु भांबा (MS), सर्जरी विभाग की HOD डॉ. कविता, और डॉ. आरके चेजारा ने दिया। टीम ने आपसी तालमेल और सटीक योजना से इस बड़े ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकालने में कामयाबी पाई। सर्जरी की सफलता पर डॉ. संदीप बंसल ने कहा, 'इतना बड़ा GIST ट्यूमर निकालना हमारे अस्पताल में मेडिकल एडवांसमेंट और टीमवर्क का बड़ा उदाहरण है। ऐसी जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक करना पूरे मेडिकल स्टाफ के समर्पण का नतीजा है। हम आगे भी इस तरह के केस को चुनौती मानकर मरीजों को बेहतर इलाज देने की कोशिश करेंगे।'   गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल स्ट्रोमल ट्यूमर (GIST) एक दुर्लभ प्रकार का ट्यूमर है, जो पाचन तंत्र की संयोजी ऊतकों में पैदा होता है और Interstitial Cells of Cajal (ICC) से विकसित होता है। सफल सर्जरी के बाद मरीज को छुट्टी दे दी गई है और अब Medical Oncology Team उसकी रिकवरी पर लगातार नजर रख रही है। इस ऑपरेशन ने एक बार फिर साबित किया कि सही तकनीक, अनुभवी टीम और समर्पण से किसी भी जटिल केस को सफल बनाया जा सकता है।

21 जुलाई को जनता के लिए दिल्ली के कुछ प्रमुख पोस्ट ऑफिस रहेंगे बंद

नई दिल्ली  अगर आप 21 जुलाई को दिल्ली में पोस्ट ऑफिस से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाने की सोच रहे हैं, तो आपको एक दिन रुकना पड़ सकता है। डाक विभाग (India Post) ने 19 जुलाई को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर यह जानकारी दी है कि दिल्ली के कुछ प्रमुख पोस्ट ऑफिस 21 जुलाई (रविवार) को जनता के लिए बंद रहेंगे। इस दिन इन शाखाओं में कोई भी सार्वजनिक लेन-देन नहीं होगा, क्योंकि यहां के कंप्यूटर सिस्टम को नए सॉफ्टवेयर वर्जन APT 2.0 में अपग्रेड किया जा रहा है। क्यों बंद रहेंगे पोस्ट ऑफिस? डाक विभाग के मुताबिक, यह तकनीकी अपग्रेड डिजिटल सेवाओं को और अधिक बेहतर, तेज और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। नए APT 2.0 प्लेटफॉर्म की मदद से ग्राहकों को सुविधाजनक और आधुनिक सेवाएं मिल सकेंगी। इस दौरान डेटा माइग्रेशन, सिस्टम टेस्टिंग और अन्य तकनीकी प्रक्रियाएं की जाएंगी, जिस कारण 21 जुलाई को एक दिन के लिए इन पोस्ट ऑफिस को ऑफलाइन रखा जाएगा। कहां-कहां रहेगा असर? यहां देखें बंद रहने वाले पोस्ट ऑफिस की सूची डाक विभाग ने बताया कि जिन पोस्ट ऑफिस में यह सिस्टम अपग्रेड होगा और जो 21 जुलाई को बंद रहेंगे, वे हैं:- अलीगंज, अमर कॉलोनी, एंड्रयूजगंज, सीजीओ कॉम्प्लेक्स, दरगाह शरीफ, डिफेंस कॉलोनी, साकेत जिला अदालत परिसर, ईस्ट ऑफ कैलाश, गौतम नगर, गोल्फ लिंक, गुलमोहर पार्क, हरी नगर आश्रम, हजरत निजामुद्दीन, जंगपुरा, कस्तूरबा नगर, कृष्णा मार्केट, लोधी रोड, लाजपत नगर, मालवीय नगर, नेहरू नगर, पंचशील एनक्लेव, सादीक नगर, साकेत, साउथ मालवीय नगर, श्रीनिवासपुरी और जीवन नगर।  

उद्धव ठाकरे का आरोप: सरकार ने हमले के बाद भी सुरक्षा से ज़्यादा राजनीति को तवज्जो दी

मुंबई शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सुरक्षा की विफलता पर सवाल उठाए और सरकार पर राष्ट्रीय सुरक्षा की बजाय राजनीति और कूटनीति को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया। 'सामना' को दिए एक साक्षात्कार में ठाकरे ने कहा, "पहलगाम हमला चौंकाने और आक्रोशित करने वाला था। हमें बताया गया था कि कश्मीर में सामान्य स्थिति लौट आई है। फिर यह हमला कैसे हुआ?" धारा 370 को निरस्त करने का समर्थन करने वाले ठाकरे ने इस बात पर निराशा व्यक्त की कि बड़े-बड़े दावों के बावजूद कश्मीर में जमीनी हालात अभी भी अस्थिर हैं। उन्होंने कहा, "पर्यटन फिर से शुरू हो गया है, लेकिन सुरक्षा की अनदेखी की गई है। आप किसी पूर्व अशांत क्षेत्र के साथ ऐसा व्यवहार नहीं कर सकते जैसे सब कुछ 'ठीक' हो और अपनी सुरक्षा कम कर दें।" हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की हत्या का जिक्र करते हुए उन्होंने पूछा, "छब्बीस महिलाओं ने अपना सिंदूर खो दिया। हमारी माताओं और बहनों की इज्जत को तार-तार करने के लिए कौन जिम्मेदार है?" उन्होंने इस बात पर भी चिंता जताई कि आतंकवादी भारतीय क्षेत्र में इतनी अंदर तक कैसे घुसपैठ करने में कामयाब रहे। उन्होंने "हमले के तीन महीने बाद भी, आतंकवादियों का पता नहीं चल पाया है। पहले उनकी तस्वीरें जारी की गईं, फिर उन्हें खारिज कर दिया गया। वे आए, हमला किया और गायब हो गए। वे कहां गए?" ठाकरे ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा बार-बार किए गए दावे को लेकर भी सरकार को घेरा। ट्रंप का दावा है कि उन्होंने संभावित भारत-पाकिस्तान युद्ध को रोकने के लिए हस्तक्षेप किया था। इस पर ठाकरे ने पूछा, "ट्रंप 27 बार कह चुके हैं कि उन्होंने युद्ध रोका। हमारे '56 इंच के सीने' वाले प्रधानमंत्री इस पर चुप क्यों हैं?" हमले के बाद शुरू किए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' अभियान पर निशाना साधते हुए ठाकरे ने कहा कि सेना के पराक्रम का राजनीतिकरण किया गया। हमारी सेना सीमा पार कर गई, लेकिन उन्हें वापस क्यों बुलाया गया? सरकार को पीछे हटने के लिए क्यों मजबूर होना पड़ा? यह अभी भी एक रहस्य है।" उन्होंने भाजपा की आंतरिक आयु नीति पर भी कटाक्ष किया और सवाल किया कि क्या प्रधानमंत्री मोदी 75 साल की उम्र में सेवानिवृत्त होंगे। उन्होंने कहा कि लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी जैसे नेताओं को 75 साल की उम्र में पद छोड़ने के लिए मजबूर किया था। क्या पीएम मोदी अपने ही बनाए नियमों का पालन करेंगे?" ठाकरे ने भाजपा पर शिवसेना को तोड़ने का आरोप लगाया और कहा कि सत्ता में बैठे लोग अब संविधान का सम्मान करने को भी तैयार नहीं हैं।

राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने बरखेड़ा स्थित पीएमश्री महारानी लक्ष्मीबाई स्कूल का औचक निरीक्षण किया

भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र के बरखेड़ा स्थित पीएमश्री महारानी लक्ष्मीबाई स्कूल का औचक निरीक्षण किया। हाल ही में स्कूल की छत का प्लास्टर गिरने से घायल हुई छात्रा संजना गिरी से वे उनके घर जाकर मिलीं और स्वास्थ्य की जानकारी ली। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने निरीक्षण के दौरान स्कूल प्रबंधन पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि अगर समय रहते हमें छत की जर्जर हालत की जानकारी दी जाती, तो यह हादसा टल सकता था। सरकार के पास बजट की कमी नहीं है, लेकिन समस्या से अवगत कराना आवश्यक है। यह दुर्घटना स्पष्ट रूप से प्रबंधन की लापरवाही का नतीजा है। घटना में घायल हुई 10वीं की छात्रा संजना गिरी ने बताया कि हादसे में सिर पर चोट लगने से टांके आए हैं। राज्यमंत्री ने तुरंत अधिकारियों को निर्देश दिए कि बच्ची का सिटी स्कैन कराया जाए और इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो। साथ ही डॉक्टर को निर्देशित किया जाए कि बारिश के मौसम में टांकों की नियमित जांच की जाए। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने यह भी कहा कि छात्राओं को साइकिल उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए जाएं। यदि बच्ची को चलने में परेशानी हो रही है, तो तीन पहिया वाहन की व्यवस्था के लिए कलेक्टर को आवेदन दिलवाया जाए और आवश्यक आर्थिक मदद भी उपलब्ध कराई जाए। इस मौके पर श्री सुरेंद्र घोटे, पार्षद श्री नीरज सिंह, श्री बी. शक्तिराव सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. ब्रम्हानंद यादव को पुष्पांजलि अर्पित कर दी श्रद्धांजलि

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विदेश यात्रा से लौटने के बाद नई दिल्ली से सीधे रीवा पहुंचकर अपने ससुर स्वर्गीय श्री ब्रम्हानंद यादव के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीवा में संजय नगर में स्व. ब्रम्हानंद यादव के आवास पर पहुंचकर परिजन से भेंटकर सांत्वना दी तथा ईश्वर से दिवंगत आत्मा को श्री चरणों में स्थान देने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. ब्रम्हानंद यादव के पुत्र श्री रामानंद यादव, श्री सदानंद यादव तथा श्री सच्चिदानंद यादव से भेंट कर उन्हें ढाढ़स बंधाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की धर्मपत्नी श्रीमती सीमा यादव भी साथ थी। इस अवसर पर विधायक श्री नागेन्द्र सिंह, श्री सिद्धार्थ तिवारी, श्री नरेन्द्र प्रजापति एवं जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

किश्तवाड़ में एनकाउंटर: जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी इलाके में छिपे होने की सूचना

किश्तवाड़ जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के दच्छन इलाके में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई है. शुरुआती जानकारी के अनुसार आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकियों के एक समूह के इलाके में छिपे होने की आशंका है. सुरक्षाबलों ने सूचना के आधार पर इलाके को घेर लिया है और सर्च ऑपरेशन जारी है. बताया जा रहा है कि कुछ आतंकी छिपे हुए हैं और सुरक्षा बलों ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया है. समाचार एजेंसी के मुताबिक अधिकारियों ने बताया कि यह मुठभेड़ उस समय शुरू हुई जब पुलिस और सेना ने खुफिया जानकारी के आधार पर दच्छन और नगसेनी के बीच स्थित खानकू जंगल में तलाशी अभियान शुरू किया. सर्च ऑपरेशन के दौरान जंगल में छिपे आतंकियों ने सुरक्षाबलों को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी. जवाब में सुरक्षाबलों ने भी मोर्चा संभालते हुए गोलियां चलाईं. ये मुठभेड़ कुछ समय तक चली, हालांकि किसी के घायल या हताहत होने की खबर नहीं है.अधिकारियों के अनुसार इलाके में अतिरिक्त सुरक्षाबलों को भेजा गया है और ऑपरेशन अब भी जारी है. सुरक्षाबल जंगल में छिपे आतंकियों की घेराबंदी कर उन्हें पकड़ने या निष्क्रिय करने का प्रयास कर रहे हैं. सुरक्षाबलों का कड़ा एक्शन किश्तवाड़ में एनकाउंटर की घटना से एक दिन पहले ही यानी शनिवार को जम्मू-कश्मीर पुलिस की काउंटर-इंटेलिजेंस विंग ने आतंकवादी फंडिंग और भर्ती मॉड्यूल से जुड़े एक अत्यंत संवेदनशील मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए श्रीनगर, पुलवामा, बडगाम और गंदरबल जिलों से 10 संदिग्धों को हिरासत में लिया था. इन सभी पर पाकिस्तान के निर्देश पर आतंकवादी गतिविधियों के समन्वय, वित्तपोषण और उन्हें अंजाम देने का आरोप है. जांच में बड़े खुलासे जांच में खुलासा हुआ कि ये सभी संदिग्ध एक विशेष एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग एप्लिकेशन के जरिए लगातार संपर्क में थे. इसी एप्लिकेशन का उपयोग आतंकी संगठनों द्वारा रिक्रूटमेंट, फंडिंग और हमलों के समन्वय के लिए किया जा रहा था. यह पूरा नेटवर्क पाकिस्तान स्थित आतंकी हैंडलर अब्दुल्ला गाजी संचालित कर रहा था, जो लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों से जुड़ा हुआ है.

किशोर की हत्या में भाजयुमो नेता शामिल, प्रेम प्रसंग से नाराज होकर साथियों संग दिया वारदात को अंजाम

मऊगंज/रीवा मऊगंज जिले की नईगढ़ी पुलिस ने 11 महीने पहले हुए एक किशोर सुमित शर्मा की हत्या का खुलासा कर दिया है। इस जघन्य हत्या को प्रेम संबंध से नाराज भाजयुमो नेता और उसके साथियों ने अंजाम दिया था। पुलिस ने इस मामले में भाजयुमो रामपुर मंडल के उपाध्यक्ष दुर्गेश त्रिपाठी (27), अर्पित त्रिपाठी (20) और अनीत त्रिपाठी (18) को गिरफ्तार किया है। एक अन्य आरोपी अभी फरार है। पुलिस ने शनिवार को तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। हैरानी की बात यह है कि दुर्गेश त्रिपाठी ने ही पुलिस को सुबह शव मिलने की सूचना दी थी। ऐसे हुआ खुलासा एसपी दिलीप कुमार सोनी के अनुसार, 15 अगस्त 2024 को नईगढ़ी थाना क्षेत्र के देवरी सेंगरान निवासी 17 वर्षीय सुमित शर्मा घर से निकला था। अगले दिन उसका शव घर से महज 300 मीटर दूर खेत में पड़ा मिला। उसके शरीर पर चाकू के गहरे घाव थे। पहचान छिपाने के लिए आरोपियों ने शव को बिजली करंट से जलाने की कोशिश भी की थी।   गर्म पानी डाला, चाकू मारा, करंट से जलाया पुलिस जांच में पता चला कि सुमित का गांव की एक लड़की से प्रेम संबंध था, जिससे आरोपी नाराज थे। 15 अगस्त की रात आरोपियों ने उसे बुलाया और जमकर पिटाई की। शोर मचाने पर उन्होंने सुमित के ऊपर गर्म पानी डाला। फिर गले पर चाकू से कई वार कर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद हाथ-पैर जलाने के लिए पानी गर्म करने वाले हीटर का इस्तेमाल किया गया। पहचान मिटाने के इरादे से शव को जलाने का प्रयास किया गया, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। आरोपियों ने लाश को बहुती जलप्रपात में फेंकने की योजना बनाई थी, लेकिन ग्रामीणों की आहट सुनकर घबरा गए और शव को खेत में छोड़कर भाग निकले। 

मुख्यमंत्री साय ने कहा- रजक समाज की भूमिका सनातन परंपराओं की निरंतरता में अत्यंत महत्वपूर्ण

रायपुर  शिक्षा ही वह साधन है, जिसके माध्यम से व्यक्ति अपने लक्ष्यों की प्राप्ति कर सकता है और अपने सपनों को साकार कर सकता है। शिक्षा से ही रोजगार के अवसर सृजित होते हैं। व्यक्तिगत और सामाजिक विकास के लिए शिक्षा अत्यंत आवश्यक है। "सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” हमारी सरकार का मूलमंत्र है। वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के राष्ट्रीय संकल्प में छत्तीसगढ़ की महत्त्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित है। हमने राष्ट्रीय विजन के अनुरूप छत्तीसगढ़ विजन डॉक्युमेंट भी जारी किया है, और उसके प्रत्येक बिंदु को धरातल पर उतारने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर के सिम्स ऑडिटोरियम में आयोजित रजक युवा गाडगे सम्मेलन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री श्री साय ने संत गाडगे महाराज की पूजा-अर्चना कर राज्य स्तरीय गाडगे सम्मेलन का शुभारंभ किया। उन्होंने सम्मेलन में रजक समाज के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं, प्रबुद्धजनों एवं समाजसेवियों को शाल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि रजक समाज का सामाजिक समरसता और सेवा भाव हमेशा से अनुकरणीय रहा है।छत्तीसगढ़ के प्रत्येक गांव में इस समाज की उपस्थिति है, और शादी-विवाह, छठ्ठी सहित अन्य सनातन परंपराएं इनके सहयोग के बिना पूर्ण नहीं होतीं। इनके पुश्तैनी व्यवसाय के सशक्तिकरण हेतु राज्य सरकार ने रजककार विकास बोर्ड का गठन किया है, जिसके माध्यम से उन्हें किफायती दर पर ऋण सुविधा प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि समाज के युवाओं को उन्नति के नए आयाम तक पहुँचाने के लिए राज्य सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भ्रष्टाचार पर नियंत्रण और सुशासन की स्थापना के लिए राज्य सरकार ने सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया है। आज अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन मोड में संचालित की जा रही हैं, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और भ्रष्टाचार की गुंजाइश समाप्त हुई है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की प्रत्येक गारंटी को वचनबद्धता के साथ पूर्ण कर रही है। हमने 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत 70 लाख महिलाओं को प्रति माह एक-एक हजार रुपये प्रदान किए जा रहे हैं। तेन्दूपत्ता की खरीदी 5500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से की जा रही है।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नई औद्योगिक नीति के माध्यम से महिलाओं, अनुसूचित जातियों, जनजातियों एवं दिव्यांगजनों को रोजगार एवं उद्योग स्थापित करने हेतु विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। नई उद्योग नीति से आकर्षित होकर बीते छह से आठ महीनों में लगभग साढ़े छह लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। राज्य सरकार ने युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों के अवसर सृजित किए हैं। डेढ़ वर्षों में लगभग 10 हजार सरकारी नौकरियाँ प्रदान की गई हैं। पाँच हजार शिक्षकों की भर्ती हेतु शीघ्र ही विज्ञापन जारी किया जाएगा। साथ ही, स्वरोजगार के लिए भी सकारात्मक वातावरण तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने उद्बोधन के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से हमें अलग छत्तीसगढ़ राज्य मिला। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के 15 वर्षों के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से राज्य को भुखमरी की समस्या से मुक्ति मिली और जनकल्याणकारी योजनाओं का विस्तार हुआ। सम्मेलन की अध्यक्षता रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री प्रहलाद रजक ने की। कार्यक्रम का संचालन सुप्रसिद्ध लोकगायिका श्रीमती रजनी रजक द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विधायक श्री अमर अग्रवाल, श्री धरमलाल कौशिक, श्री धर्मजीत सिंह, श्री सुशांत शुक्ला, क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेन्द्र सवन्नी सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

ट्रेन में बच्ची की भूख ने किया परेशान, रेलवे की मदद बनी राहत की मिसाल

भोपाल रेल यात्रा केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने का माध्यम नहीं, बल्कि यह मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा अनुभव भी होता है। ऐसा ही एक संवेदनशील और मार्मिक दृश्य शनिवार की सुबह भोपाल रेलवे स्टेशन पर देखने को मिला, जब रेलवे ने एक भूख से बिलखती सात माह की मासूम बच्ची को समय पर राहत पहुंचाकर इंसानियत की मिसाल पेश की। फिरोजपुर छावनी से हजूर साहिब नांदेड़ जा रही साप्ताहिक एक्सप्रेस (ट्रेन 14622) के एम-4 कोच में सफर कर रहे गुरप्रीत सिंह अपनी पत्नी और सात माह की बेटी सुखमणि के साथ यात्रा पर थे। जब ट्रेन बीना स्टेशन के आसपास थी, तभी बच्ची को भूख लगी, लेकिन उनके पास जो दूध था वह खराब हो चुका था। उन्होंने बीना और विदिशा स्टेशनों पर दूध की कोशिश की, लेकिन सुबह का समय होने के कारण कहीं भी दूध उपलब्ध नहीं हो सका।   ट्विटर के माध्यम से मांगी मदद बच्ची की भूख से व्याकुल हालत को देखकर गुरप्रीत सिंह ने रेलवे मंत्रालय को ट्विटर के माध्यम से मदद की गुहार लगाई। रेलवे मंत्रालय ने तुरंत ही भोपाल रेल मंडल को इसकी सूचना दी और मानवीय संवेदनाओं को देखते हुए तत्काल कार्रवाई की गई। भोपाल स्टेशन पर दोनों प्रकार का दूध उपलब्ध कराया भोपाल रेल मंडल के वाणिज्य विभाग की टीम अलर्ट मोड में आई और ट्रेन के भोपाल स्टेशन पहुंचते ही बच्ची के लिए गर्म और ठंडा दोनों प्रकार का दूध उपलब्ध करवाया गया। अधिकारियों ने बताया कि यात्री द्वारा गर्म या ठंडे दूध की स्पष्ट मांग नहीं की गई थी, इसीलिए दोनों विकल्प मुहैया कराए गए ताकि बच्ची को तुरंत राहत दी जा सके।  

इंग्लैंड को मिली बड़ी जिम्मेदारी, 2031 तक वहीं होंगे WTC फाइनल मुकाबले

नई दिल्ली वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप जब से शुरू हुई है तब से इसका फाइनल मैच इंग्लैंड में ही खेला गया। अभी तक खेले तीन फाइनलों में से एक में भी इंग्लैंड की टीम नहीं पहुंची है। आईसीसी ने ये पहले ही तय कर दिया था कि चैंपियनशिप के शुरुआती तीन फाइनल इंग्लैंड की मेजबानी में होंगे। फिर संभावना जताई जा रही थी कि अब आईसीसी इसका वेन्यू बदलेगा और किसी अन्य देश को मेजबानी सौंपेगे। इस बारे में क्रिकेट की सर्वोच्च संस्था ने फैसला कर लिया है। आईसीसी की सिंगापुर में हुई वार्षिक आम बैठक में फैसला किया गया है कि 2031 तक होने वाले वर्ल़्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल मैच इंग्लैंड में ही खेले जाएंगे। यानी अगले तीन एडिशंस के फाइनल भी इंग्लैंड के मैदानों पर होंगे। इस कारण लिया फैसला इसकी मेजबानी की रेस में ऑस्ट्रेलिया और भारत भी थे। बीसीसीआई के पूर्व सचिन जय शाह आईसीसी के चेयरमैन है और इसलिए उम्मीद जताई जा रही थी कि हो सकता है कि भारत को मेजबानी मिल जाए, लेकिन बीसीसीआई को निराशा हाथ लगी है। आईसीसी ने इंग्लैंड में ही फाइनल कराने के पीछे तर्क दिया है कि इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड का पिछले तीन फाइनल का ट्रैक रिकॉर्ड शानदार है। साल 2021 में पहला फाइनल साउथैम्पटन में भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेला गया था। दूसरा फाइनल द ओवल में साल 2023 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुआ था। तीसरा फाइनल इसी साल ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका के बीच लॉर्ड्स में खेला गया था। आईसीसी ने अपने बयान में कहा, "हाल ही में हुए फाइनल मैचों की मेजबानी के ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए बोर्ड 2027, 2029 और 2031 में होने वाले आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल की मेजबानी भी इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड को देने की पुष्टि करता है।" इंग्लैंड को जीतना होगा खिताब अभी तक तीनों फाइनलों में इंग्लैंड की टीम नहीं देखी गई है जबकि उसने बैजबॉल के नाम से काफी हाइप बनाया है। अब ये देखना होगा कि बेन स्टोक्स की कप्तानी वाली इंग्लैंड अगले तीन संस्करणों में से कितनी बार फाइनल में पहुंचने में सफल रहती है। इंग्लैंड की टीम भी खिताब जीतने की हकदार है।