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CM योगी का बड़ा आरोप: सोशल मीडिया पर जातीय संघर्ष भड़काने की साजिश

वाराणसी  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सोशल मीडिया पर फेक अकाउंट बनाकर कुछ लोग जातियों को लड़ाने की कोशिश कर रहे हैं। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में 'धरती आबा' भगवान बिरसा मुंडा पर आधारित राष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन कार्यक्रम में यह बात कही। उन्होंने कहा, "हमारी चुनौती ऐसी है कि कुछ लोग समाज के बीच लोगों को मुख्यधारा से अलग करने का काम करते हैं। कुछ लोग सोशल मीडिया पर फेक अकाउंट बनाकर जातीय संघर्ष की स्थिति पैदा करते हैं। इनसे भी सख्ती से निपटा जा रहा है।" सीएम योगी ने कहा, "दो-तीन साल पहले ऐसी ही एक घटना हुई थी। एक आगजनी की घटना में एक व्यक्ति भगवा गमछा ओढ़े था और बीच में उसके मुंह से 'या अल्लाह' निकला था। ऐसे ही लोगों को चिन्हित करने की आवश्यकता है।" उन्होंने कहा कि सावन का महीना चल रहा है। इससे पहले मुहर्रम था और हमने नियम बना दिए थे कि ताजिये की लंबाई सीमित रखें। इससे बिजली और पेड़ की टहनी को नुकसान पहुंचता था। जौनपुर में एक घटना हुई और ताजिये को इतना ऊंचा किया कि लोग हाई टेंशन लाइन की चपेट में आ गए। तीन लोग मारे गए और बाद में उपद्रव हुआ। तो मैंने कहा, 'लाठी मारो इनको, ये लातों के भूत हैं, बातों से नहीं मानेंगे।' इसका किसी ने विरोध नहीं किया।" मुख्यमंत्री योगी ने कहा, "हमने तो यूपी में व्यवस्था बना रखी है कि कोई भी अस्त्र-शस्त्र लेकर प्रदर्शन नहीं करेगा। नहीं तो हमेशा मोहर्रम का जुलूस आगजनी और उत्पात का कारण बनता था और बहन-बेटियां सड़क पर बाहर नहीं निकल पाती थीं। कोई उस समय नहीं बोलता था।" मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आज कांवड़ यात्री भक्ति भावना से चलते हैं और 200, 300, और 400 किलोमीटर कांवड़ को कंधे पर लेकर चले जाते हैं। 'हर हर बम' बोलते हुए, लेकिन उनका भी मीडिया ट्रायल होता है। उन्हें उपद्रवी आतंकवादी तक बोला जाता है। यह वो मानसिकता है, जो हर प्रकार से भारत की विरासत और आस्था को अपमानित करने का काम करती है। यही लोग सोशल मीडिया पर फेक अकाउंट बनाकर जातीय संघर्ष फैलाने का काम करते हैं।" इससे पहले, सीएम योगी आदित्यनाथ ने सर्किट हाउस में विकास कार्यों और कानून व्यवस्था की समीक्षा की। पुलिस अफसरों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फेक अकाउंट बनाकर माहौल खराब करने वालों पर पैनी नजर रखने का निर्देश दिया।

नियम तोड़ने पर पुलिस सख्त, मुजफ्फरनगर में कांवड़ियों की बाइकें जब्त

मुजफ्फरनगर यूपी के मुजफ्फरनगर में पुलिस ने बिना साइलेंसर वाली बाइकों का इस्तेमाल करने वाले कांवड़ियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है. शहर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) सत्यनारायण प्रजापत ने बताया कि बिना साइलेंसर वाली और तेज आवाज करने वाली बाइकों का इस्तेमाल न करने की हिदायत दी गई है. नियम तोड़ने वालों पर सख्त एक्शन लिया जाएगा.  मुजफ्फरनगर के एसपी ने न्यूज एजेंसी को बताया कि हनी नाम के एक दुकानदार को मॉडिफाइड साइलेंसर बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने उसके पास से 12 मॉडिफाइड साइलेंसर जब्त किए हैं. वहीं, दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर बिना साइलेंसर वाली 15 से ज़्यादा मोटरसाइकिलें भी जब्त की गई हैं.  इस बीच देर शाम मुजफ्फरनगर पहुंचे मेरठ जोन के एडीजी भानु भास्कर ने कांवड़ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया. उन्होंने पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और यात्रा के दौरान कांवड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया. इसके साथ ही कांवड़ रूट पर हादसे रोकने के लिए पुलिस ने एडवाइजरी भी जारी की है. डाक कांवड़ ले जाने वालों और अन्य श्रद्धालुओं को नियमों से अवगत कराया.  मीडिया से बात करते हुए एडीजी ने कहा- सभी श्रद्धालुओं और जनता से अनुरोध है कि वे ट्रैफिक रूल्स और पुलिस-प्रशासन के दिशा निर्देशों का पालन करें. पुलिस का सहयोग करें, ताकि कांवड़ यात्रा सुगम और शांतिपूर्ण संपन्न हो सके. फिलहाल, यात्रा के दौरान ट्रैफिक को सुचारू रखने के लिए स्पेशल ट्रैफिक प्रबंधन योजना लागू की गई है. सभी प्रमुख रूटों पर पुलिस की निगरानी है. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह-जगह व्यवस्थाएं की गई हैं. नियम तोड़ने वालों पर भी नजर रहेगी. 

18 टीमों की छानबीन, 14 ठिकानों पर छापे: छांगुर बाबा के ठिकानों से करोड़ों की बरामदगी

बलरामपुर लखनऊ और बलरामपुर समेत कई जिलों में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग और हवाला नेटवर्क से जुड़े मामलों में बड़ा एक्शन लिया है. छांगुर बाबा और उसके नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए ईडी की 18 टीमों ने एक साथ 14 ठिकानों पर छापेमारी की. यह कार्रवाई सुबह 6 बजे एक साथ शुरू की गई, ताकि किसी को भागने का मौका न मिले. बलरामपुर, उतरौला, लखनऊ, पुणे समेत अन्य स्थानों पर चली इस कार्रवाई में कई चौंकाने वाले सुराग हाथ लगे हैं. बलरामपुर में कार्रवाई लगभग 13 घंटे तक चली, 100 करोड़ की संपत्तियों की जांच हुई. यहां जमीनों की खरीद-फरोख्त से जुड़े लोगों के घरों पर भी दबिश, लेनदेन का ब्योरा जुटाया गया. वहीं लखनऊ के चिनहट में बलरामपुर CGM कार्यालय के बाबू राजेश उपाध्याय के घर भी छापा मारा गया. बलरामपुर के उतरौला में एटीएस ने जहां जांच की थी, उन जगहों को भी ईडी ने खंगाला. कार्रवाई में सोना, नकदी, लग्जरी गाड़ियां और संपत्तियों के दस्तावेज बरामद हुए.  इसके अलावा दुबई, यूएई और नेपाल से फंडिंग के सुराग भी मिले हैं. ईडी ने नीतू और नवीन की संपत्तियों की भी जांच की है. उतरौला में सुबह 6 बजे से छापेमारी की गई. यहां एक कॉम्प्लेक्स जो नीतू के नाम था, उसमें भी छानबीन की गई. दुकान में रखे सामान, रजिस्टर और अन्य अभिलेखों की गहराई से जांच हुई है. मधपुर स्थित छांगुर के मकान में पुलिस ने कमरों के ताले खुलवाए और अंदर की बारीकी से जांच की गई. प्रशासन द्वारा ढहाई गई कोठी की भी जानकारी ली गई है. पूर्व प्रधान जुम्मन सहित कई लोगों से पूछताछ हुई, जिन्होंने छांगुर से पैसे लिए या जमीन के सौदों में शामिल रहे. बेनामी और नामी संपत्तियों की भी गहन जांच की जा रही है. अधिकारियों ने जब पूछताछ की तो इस दौरान कई लोगों की जुबान लड़खड़ाई, माथे पर चिंता की लकीरें दिखीं. ईडी ने किसी को बाहर आने-जाने की अनुमति नहीं दी. रेहरामाफी गांव और रफीनगर जैसे स्थानों पर भी छापेमारी की गई और लोगों से पूछताछ हुई. छापामारी सुबह 6 बजे की गई, ताकि कोई भाग न सके. एसटीएफ की टीम ने उतरौला में सबरोज नाम के युवक से पूछताछ की, कोई संबंध नहीं मिलने पर छोड़ दिया गया. छांगुर के भतीजे सोहराब और उसके सहयोगी रशीद की तलाश में ATS जुटी है. इसके अलावा पुणे के लोनावला में 16 करोड़ की संपत्ति की जांच की जा रही है, जिसमें छांगुर बाबा, नवीन रोहरा और मोहम्मद अहमद के नाम शामिल हैं. संगीता देवी का नाम भी इस संपत्ति से जोड़ा जा रहा है. ईडी मनी लॉन्ड्रिंग के सबूत जुटाने में लगी है.

रोहित को नहीं हटाना था’, पूर्व चयनकर्ता का बड़ा खुलासा

नई दिल्ली इंग्लैंड दौरे से पहले ही रोहित शर्मा ने अचानक टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया था। उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट पिछले साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न में खेला था। तब वह टीम के कप्तान थे। बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी से दौरान वह खराब फॉर्म से जूझ रहे थे और इस वजह से उन्होंने सिडनी में हुए ट्रॉफी के आखिरी टेस्ट में खुद को ही ड्रॉप कर दिया था। पूर्व चयनकर्ता जतिन परांजपे ने अब कहा है कि वह रोहित के फैसले से थोड़ा निराश हुए थे। अगर वह सिडनी टेस्ट खेले होते तो भारत सीरीज बराबर कर सकता था। सायरस ब्रोचा के साथ 'अ सेंचुरी ऑफ स्टोरीज' पॉडकास्ट में परांजपे ने बताया कि रोहित शर्मा को टेस्ट क्रिकेट से खास लगाव है। उन्होंने कहा, 'मुझे याद है वह भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट नहीं खेल रहे थे। जब मैंने उनसे बात की तब उन्होंने कहा- जतिन, मैंने क्रिकेट खेलना ही रेड बॉल से शुरू किया है। आप कैसे कह सकते हैं कि मेरी टेस्ट क्रिकेट में रुचि नहीं हैं?' परांजपे ने आगे कहा, 'उन्होंने कहा कि वह टेस्ट क्रिकेट के लिए जीते हैं। मुझ लगता है कि रोहित शर्मा टेस्ट क्रिकेट में और भी ज्यादा कर सकते थे। मुझे तब थोड़ी बहुत निराशा हुई थी जब उन्होंने सिडनी टेस्ट में खुद को ड्रॉप कर दिया क्योंकि हम सीरीज की बराबरी कर सकते थे।' भारत सिडनी टेस्ट हार गया था और उसे बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में शिकस्त झेलनी पड़ी थी। परांजपे ने कहा कि सिडनी टेस्ट जब चल रहा था तब रोहित शर्मा ने कहा कि वह 'कहीं नहीं जा रहे' लेकिन कुछ ही महीने बाद आखिरकार उन्होंने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा ही कह दिया। परांजपे ने टेस्ट क्रिकेट में रोहित शर्मा के उभार का श्रेय रवि शास्त्री को दिया। उन्होंने खुलासा किया कि जब वह चयन समिति में थे तब शास्त्री ने रोहित को भारत के लिए ओपनिंग करने के बारे में पूछा था। शास्त्री तब हेड कोच थे। रोहित शर्मा ने भारत के लिए 67 टेस्ट खेले जिसमें उन्होंने 40.57 की औसत से 4301 रन बनाए। उन्होंने 2019 में टेस्ट में ओपनिंग शुरू की और तब से वह क्रिकेट के इस सबसे लंबे फॉर्मेट में भारत के अहम बल्लेबाज बन गए। 2020 से 2024 तक वह टेस्ट में भारत के सबसे कंसिस्टेंट परफॉर्मर थे। हालांकि, सितंबर 2024 में उनका मुश्किल वक्त आया और बल्ले से रन बनाने के लिए जूझने लगे। फिर उन्होंने संन्यास ही ले लिया।  

पहचान बदलकर 19 साल तक रही फरार, बैंक घोटाले की आरोपी महिला गिरफ्तार

इंदौर   कहते भी हैं कि आरोपी कितना भी शातिर क्यों न हो, एक न एक दिन वह पुलिस की गिरफ्त में आ ही जाता है. ये बात एक बार फिर साबित हो गई. बेंगलुरु के एक सरकारी बैंक को एक महिला ने अपने पति के साथ मिलकर गच्चा दिया. बैंक को 8 करोड़ की चपत लगाकर दंपती लगातार फरार चल रहे थे. इस दौरान महिला के पति की मौत हो गई. 19 साल से फरार महिला गिरफ्तार महिला ने इसके बाद अपनी फेस सर्जरी करवाई और कई शहरों में छिपी रही. आखिरकार 19 साल से फरार चल रही महिला को सीबीआई नई तकनीक के आधार पर इंदौर से दबोच लिया. उसे बेंगलुरु ले जाया गया है. महिला ने अपनी पहचान छुपाई लेकिन सीबीआई ने इमेज सर्च एनालिटिक्स सॉफ्टवेयर की मदद से सफलता पाई. कंपनी बनाकर लगाया बैंक को चूना मामले के अनुसार धोखाधड़ी का ये मामला 2002 से 2005 के बीच का है. महिला ने अपने पति के साथ मिलकर बेंगलुरु के एक सरकारी बैंक से 8 करोड रुपए की धोखाधड़ी की. 1 अगस्त 2006 को सीबीआई की बेंगलुरु शाखा ने दोनों के खिलाफ शिकायत दर्ज की. मामला दर्ज होते ही दंपती अपनी पहचान छुपाकर रहने लगे. इस दौरान दंपती ने इंदौर को मुख्य अड्डा बनाया. ये महिला उस समय खुद के द्वारा बनाई गई एक कंपनी की डायरेक्टर थी. इसी कंपनी के सीईओ उसके पति रामानुजन मुथुरामलिंगम शेखर थे. नाम बदलकर रहने लगे आरोपी पति-पत्नी इसी कंपनी के नाम पर दंपती ने बैंक को चूना लगाया. धोखाधड़ी के बाद ये दंपती कई शहरों में छुपते रहे. साथ ही इन लोगों ने इंदौर में डेरा डाल लिया. पति ने अपना नाम कृष्ण कुमार गुप्ता और पत्नी ने अपना नाम गीता कृष्ण कुमार गुप्ता रख लिया. वहीं, सीबीआई लगातार दोनों आरोपियों की तलाश कर रही थी. इसी दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी दंपती इंदौर में रह रहे हैं. इसके बाद जांच पड़ताल की तो जानकारी सही पाई गई. आरोपी महिला को बेंगलुरु की जेल भेजा सीबीआई को ये भी पता चला कि आरोपी महिला के पति रामानुजम की 2008 में मौत हो गई थी. इसके बाद आरोपी महिला ने अपने फेस सर्जरी करवाई और बेफिक्र होकर रहने लगी. लेकिन सीबीआई ने इमेज सर्च एनालिसिस सॉफ्टवेयर और अन्य तकनीक का प्रयोग करते हुए महिला की फोटो का मिलान किया और उसके बाद गिरफ्तार कर लिया. महिला को बेंगलुरु ले जाया गया, वहां पर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. 

पीड़ित ने बताई आपबीती: बहनोई ने बनाया पत्नी का अश्लील वीडियो, पुलिस कर रही जांच

 धौलाना  हापुड़ में थाना क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले एक युवक ने अपनी पत्नी का अश्लील वीडियो बनाने का आरोप लगाकर पुलिस में शिकायत की है।युवक ने बताया कि उसकी पत्नी बहनोई के घर पर गई थी। वहां पर अश्लील वीडियो बना लिया गया। उसने बहनाेई के मोबाइल में वीडियो देखकर विरोध जताया। इस पर बहनोई ने उसको पीट-पीटकर घायल कर दिया। युवक ने पुलिस को बताया कि विवाद होने पर पिछले दिनों उसकी पत्नी घर से जेवरात नगदी आदि लेकर बहनोई के यहां पर चली गई थी। कुछ दिन बाद वह अपनी पत्नी काे लेने के लिए बहनोई के यहां पर गया। वहां पर बहनोई के मोबाइल में उसने पत्नी का अश्लील वीडियो देखा है। इसके बाद उसने जब अश्लील वीडियो के बारे में आरोपी बहनोई से पूछा तो उसने गली-गलौच करते हुए मारपीट शुरू कर दी। पीड़ित ने आरोपितों के खिलाफ शिकायत देते हुए कार्रवाई की मांग की है। थाना प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि घटना की जांच कर उचित कार्रवाई की जा रही है।  

कोच गौतम गंभीर ने ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा को दिया MVP का तमगा?, जमकर की प्रशंसा

लंदन भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा की प्रशंसा करते हुए इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट में उनके प्रदर्शन को अविश्वसनीय जुझारूपन करार दिया जिसके लिए उन्हें टीम का सबसे मूल्यवान खिलाड़ी (एमवीपी) का तमगा भी दिया गया। जडेजा 181 गेंदों पर 61 रन बनाकर नाबाद रहे लेकिन उनकी इस शानदार पारी के बावजूद भारत तीसरे टेस्ट में 22 रन से हार गया। भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने शुक्रवार को अपनी वेबसाइट पर एक वीडियो जारी किया जिसमें गंभीर ने जडेजा की जमकर तारीफ की है।   गंभीर ने 'द एमवीपी फीट रवींद्र जडेजा' शीर्षक वाले वीडियो में कहा, ‘‘यह अविश्वसनीय जुझारूपन था। जड्डू की जुझारू पारी वास्तव में शानदार थी।’’ भारतीय टीम 193 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए लड़खड़ा गई और उसके शीर्ष आठ बल्लेबाज 40 ओवर से भी कम समय तक टिक सके। लेकिन सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करने आए जडेजा ने दृढ़ता से काम किया और पुछल्ले बल्लेबाजों जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज के साथ मिलकर साहस और धैर्य का शानदार परिचय दिया। बुमराह ने 54 गेंदों का सामना करते हुए पांच रन और सिराज ने 30 गेंदों पर चार रन बनाए। भारत 74.5 ओवर में 170 रन पर आउट हो गया और इस तरह से पांच मैचों की श्रृंखला में 1-2 से पीछे हो गया। वीडियो में सहायक कोच रेयान टेन डोएशे ने कहा, ‘‘जडेजा की बल्लेबाजी एक अलग ही स्तर पर पहुंच गई है। पिछले दो टेस्ट मैचों में उन्होंने जो धैर्य दिखाया वह वास्तव में काबिले तारीफ है। मैं उन्हें सालों से खेलते हुए देख रहा हूं। मैंने देखा है कि उन्होंने अपने खेल को कैसे निखारा है। उनका डिफेंस बहुत मजबूत है और वे एक बेहतरीन बल्लेबाज लगते हैं।‘‘ भारत के बल्लेबाजी कोच सीतांशु कोटक ने कहा, ‘‘मुझे हमेशा लगता था कि उनमें दबाव झेलने की क्षमता है। वह आमतौर पर कुछ ऐसा करते हैं जिसकी टीम को किसी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में ज़रूरत होती है। वह टीम के लिए वाकई बहुत मूल्यवान हैं।’’ तेज गेंदबाज सिराज ने कहा, ‘‘उनके जैसा खिलाड़ी मिलना बहुत मुश्किल है। हम भाग्यशाली हैं कि हमारी टीम में ऐसा खिलाड़ी है।’’  

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा-यह केवल दस्तावेज नहीं, संकल्प है, दिशा है, विकसित छत्तीसगढ़ की नींव है

रायपुर छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में आज का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने “छत्तीसगढ़ अंजोर विज़न@2047” दस्तावेज को प्रदेश की जनता को समर्पित किया। नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित भव्य कार्यक्रम में राज्य मंत्रिमंडल के सदस्यगण, नीति आयोग भारत सरकार, विषय विशेषज्ञ, जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दस्तावेज केवल शब्दों का संकलन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर, समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का एक ठोस संकल्प और स्पष्ट दिशा है। उन्होंने कहा कि यह विज़न प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत@2047 के संकल्प से प्रेरित है और छत्तीसगढ़ को भारत के अग्रणी एवं विकसित राज्य में शामिल करने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां सोच बड़ी हो, दिशा स्पष्ट हो और जन-जन की भागीदारी हो, वहाँ विकास तय होता है। आज हम अपने राज्य का विज़न डाक्यूमेंट – छत्तीसगढ़ अंजोर विज़न@2047 प्रदेशवासियों को समर्पित कर रहे हैं। यह हमारे लिए गर्व की बात है कि छत्तीसगढ़ उन चुनिंदा राज्यों में है जिन्होंने यह विज़न तैयार किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने स्वयं पिछले माह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की अध्यक्षता में हुई नीति आयोग की बैठक में इस विज़न की जानकारी दी, जिसे विशेष रूप से सराहा गया। उन्होंने कहा कि श्रद्धेय पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने हमारे राज्य की नींव रखी थी, और प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में यह आगे बढ़ा है। ऐसे ऐतिहासिक अवसर पर, जब हम राज्य की स्थापना के रजत जयंती और अटल निर्माण वर्ष मना रहे हैं, यह विज़न जनता को समर्पित किया जाना अत्यंत सार्थक है। उन्होंने कहा कि यह दस्तावेज जनभागीदारी का प्रतीक है, जिसमें प्रदेश के तीन करोड़ लोगों के सपने और संकल्प समाहित हैं। इसे तैयार करने में न केवल विशेषज्ञों और विभागों का सहयोग रहा, बल्कि वर्किंग ग्रुप्स, संभाग स्तरीय जनसंवाद और मोर सपना मोर विकसित छत्तीसगढ़ पोर्टल के माध्यम से जनता के सुझाव भी शामिल किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में जब भारत वैश्विक आशाओं का केंद्र बन चुका है, तब छत्तीसगढ़ भी विकसित भारत की दिशा में अग्रणी भूमिका निभाने को तैयार है। हम आतंकवाद और नक्सलवाद के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के साथ विकास के नए कीर्तिमान रच रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऊँचा लक्ष्य रखना और मेहनत करना हमने मोदी जी से सीखा है। पहले कहते थे मोदी हैं तो मुमकिन है, अब कहते हैं मोदी हैं तो निश्चित है – 2047 तक का लक्ष्य अब हमारी साझा दिशा है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष बल दिया कि विकसित भारत की भव्य इमारत को ऊर्जावान बनाने में छत्तीसगढ़ पावर हाउस की भूमिका निभाएगा। हमारा स्टील, इस लक्ष्य को फौलादी बनाएगा। उन्होंने बताया कि स्टील उत्पादन को वर्ष 2030 तक 28 मिलियन टन से बढ़ाकर 45 मिलियन टन किया जाएगा, और यह गर्व का विषय है कि जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी पर बने देश के सबसे ऊंचे ब्रिज में छत्तीसगढ़ के स्टील का उपयोग हुआ है। इसी तरह, कोयला उत्पादन को 207 मिलियन टन से बढ़ाकर 437 मिलियन टन, विद्युत उत्पादन को वर्तमान 30 हजार मेगावाट से देश में शीर्ष स्थान तक पहुँचाया जाएगा। आयरन ओर उत्पादन को 46 से बढ़ाकर 100 मिलियन टन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बना है, जहां लिथियम खनिज ब्लॉक की सफल नीलामी हुई है। मुख्यमंत्री ने मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी को संसाधनों के प्रबंधन का सबसे अहम आधार बताया। उन्होंने कहा कि राज्य में वर्ष 1853 से 2014 तक केवल 1100 रूट किलोमीटर रेलमार्ग बने थे, जिन्हें वर्ष 2030 तक दोगुना किया जाएगा। बोधघाट परियोजना जैसी योजनाओं से सिंचाई और बिजली उत्पादन को नया विस्तार मिलेगा। उन्होंने बताया कि यह विज़न स्पष्ट कार्ययोजना के साथ तैयार किया गया है, जिसमें 2030 तक अल्पकालिक, 2035 तक मध्यकालिक और वर्ष 2047 तक दीर्घकालिक लक्ष्य रखे गए हैं।  राज्य के 13 प्रमुख क्षेत्रों में 10 मिशनों के माध्यम से संतुलित विकास किया जाएगा मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अंजोर विज़न @2047 के माध्यम से राज्य के 13 प्रमुख क्षेत्रों में 10 मिशनों के माध्यम से आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास को संतुलित रूप से आगे बढ़ाया जाएगा, इनमें  कृषि, मैन्युफैक्चरिंग, पर्यटन, संस्कृति, लॉजिस्टिक्स और आईटी से लेकर जैविक खेती और शिक्षा तक का समावेश है। रायपुर की भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए लॉजिस्टिक्स नीति तैयार की गई है जो ई-कॉमर्स को गति देगी। राज्य की जीडीपी 5 लाख करोड़ रूपए से बढ़ाकर 75 लाख करोड़ करने का लक्ष्य उन्होंने बताया कि इस विजन के माध्यम से राज्य की जीडीपी को 5 लाख करोड़ रूपए से वर्ष 2030 तक 11 लाख करोड़ और वर्ष 2047 तक 75 लाख करोड़ रुपए तक करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य है। कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए कृषि उन्नति मिशन, जैविक खेती, निर्यात आधारित संभावनाएं और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाएं प्रभावी होंगी। वर्ष 2047 तक किसानों की आय में 10 गुना से अधिक वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है। स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन प्रत्याशा के क्षेत्र में भी ठोस योजनाएँ बनाई गई हैं। आयुष्मान भारत योजना के तहत 87 प्रतिशत लोग पहले ही कवर हो चुके हैं, लक्ष्य 100 प्रतिशत का है। नवा रायपुर में मेडीसिटी, बस्तर-सरगुजा में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल तथा राज्य में कई मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं। युक्तियुक्तकरण के बाद अब कोई भी विद्यालय शिक्षकविहीन नहीं है। 5 हजार नई शिक्षक भर्ती, 1 हजार पीएमस्कूल, 36 आदर्श कॉलेज और ग्लोबल स्किल यूनिवर्सिटी की स्थापना पर काम हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बेरोजगारी दर 2.7 प्रतिशत है, जिसे 2047 तक 1 प्रतिशत से कम लाने का लक्ष्य है। पैन-आईआईटी संस्थानों के सहयोग से स्किल डेवलपमेंट को नई दिशा दी जा रही है। आईटी सेक्टर में सेमीकंडक्टर प्लांट और एआई डाटा सेंटर पार्क विकसित किए जा रहे हैं। पिछले डेढ़ वर्षों में 350 से अधिक नीतिगत और प्रशासनिक सुधार किए गए हैं और 6.75 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 से उद्योगों को एक क्लिक पर मंजूरी उन्होंने बताया कि सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 के माध्यम से उद्योगों को एक क्लिक पर मंजूरी दी जा रही है। पर्यटन को … Read more

मुख्यमंत्री यादव का दावा: स्पेन दौरा साबित होगा ऐतिहासिक निवेश उपलब्धि

निवेश के क्षेत्र में मील का पत्थर सिद्ध होगा स्पेन दौरा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्पेन दौरा बनेगा निवेश का नया अध्याय: डॉ. यादव का बड़ा बयान मुख्यमंत्री यादव का दावा: स्पेन दौरा साबित होगा ऐतिहासिक निवेश उपलब्धि भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में विभिन्न सेक्टर्स में निवेश के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस क्रम में स्पेन का दौरा निवेश के क्षेत्र में मील का पत्थर सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पेन के दौरे के दूसरे दिन और दो देशों की यात्रा के पांचवें दिन मीडिया को जारी संदेश में कहा कि स्पेन के साथ भारत विशेष रूप से मध्यप्रदेश के व्यापारिक तथा औद्योगिक संबंधों को प्रगाढ़ बनाने की पहल हुई है। खाद्य प्रसंस्करण, टेक्सटाइल आदि क्षेत्रों में स्पेन के उद्यमी मध्यप्रदेश में निवेश करें, इन संभावनाओं पर चर्चा की जा रही है। विभिन्न इकाईयों का अवलोकन भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आशा व्यक्त की कि निश्चित ही इसके सुखद परिणाम आएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 18 औद्योगिक नीतियों की जानकारी निवेशकों को दी जा रही है। युवाओं को कार्य का अवसर मिले और राज्य की आर्थिक स्थिति बेहतर हो। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प के अनुसार विकसित भारत के लिए मध्यप्रदेश में अधिक से अधिक निवेश और रोजगार के प्रयास किये जा रहे हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- मध्यप्रदेश में विभिन्न सेक्टर्स में निवेश के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि रॉयल पैलेस ऑफ मैड्रिड महल न केवल यूरोप के सबसे विशाल और भव्य शाही महलों में से एक है, बल्कि भारत और स्पेन के बीच दशकों पुराने रणनीतिक संबंधों का भी सशक्त प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि यह महल केवल स्थापत्य सौंदर्य का नमूना नहीं, बल्कि भारत और स्पेन के बीच परस्पर सम्मान, संवाद और सहयोग की जीवंत मिसाल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रॉयल पैलेस ऑफ मैड्रिड के भ्रमण के बाद यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रॉयल पैलेस के भ्रमण के दौरान उसके ऐतिहासिक महत्व, स्थापत्य कला और संरक्षित यूरोप की दुर्लभ कलाकृतियों, शस्त्रों और राजसी वस्तुओं का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि रॉयल पैलेस जैसी धरोहरें हमें न केवल अतीत की गौरवशाली झलक दिखाती हैं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय संबंधों की गरिमा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान की अहमियत भी सिखाती हैं। उल्लेखनीय है कि इसी रॉयल पैलेस में वर्ष 2006 में भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ.ए.पी.जे.अब्दुल कलाम का राजकीय सम्मान के साथ स्वागत हुआ था।इन ऐतिहासिक अवसरों की स्मृतियों को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्थल भारत और स्पेन के मधुर संबंधों की नींव का जीवंत साक्षी है। निवेश के क्षेत्र में मील का पत्थर सिद्ध होगा स्पेन दौरा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में विभिन्न सेक्टर्स में निवेश के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस क्रम में स्पेन का दौरा निवेश के क्षेत्र में मील का पत्थर सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पेन के दौरे के दूसरे दिन और दो देशों की यात्रा के पांचवें दिन मीडिया को जारी संदेश में कहा कि स्पेन के साथ भारत विशेष रूप से मध्यप्रदेश के व्यापारिक तथा औद्योगिक संबंधों को प्रगाढ़ बनाने की पहल हुई है। खाद्य प्रसंस्करण, टेक्सटाइल आदि क्षेत्रों में स्पेन के उद्यमी मध्यप्रदेश में निवेश करें, इन संभावनाओं पर चर्चा की जा रही है। विभिन्न इकाईयों का अवलोकन भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आशा व्यक्त की कि निश्चित ही इसके सुखद परिणाम आएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 18 औद्योगिक नीतियों की जानकारी निवेशकों को दी जा रही है। युवाओं को कार्य का अवसर मिले और राज्य की आर्थिक स्थिति बेहतर हो। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प के अनुसार विकसित भारत के लिए मध्यप्रदेश में अधिक से अधिक निवेश और रोजगार के प्रयास किये जा रहे हैं।