samacharsecretary.com

सीएम मोहन ने कहा कि विभागों में भर्ती की प्रक्रिया पर लगातार नजर रखनी चाहिए।

भोपाल नवंबर 2023 में हुए विधानसभा चुनावों के बाद से राज्य सरकार ने कई विभागों में लगभग 29,000 पद भरे हैं। अभी भी 1.04 लाख से ज्यादा पद खाली हैं। एमपी सीएम मोहन यादव ने जुलाई को एक मीटिंग में सरकारी भर्तियों की रफ्तार की समीक्षा की। उन्होंने विभागों को भर्ती प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए। सरकार इस साल 27000 से ज्यादा लोगों को नौकरी देने की योजना बना रही है। सरकार रोजगार के लिए एक पोर्टल चला रही है, जिस पर 27 लाख से ज्यादा नौकरी चाहने वालों ने अपना नाम दर्ज कराया है। सीएम मोहन यादव ने जुलाई को एक मीटिंग की। इस मीटिंग में उन्होंने सरकारी भर्तियों की रफ्तार पर बात की। उन्होंने कहा कि भर्ती का काम ठीक से होना चाहिए और इसे सबसे ज्यादा जरूरी मानना चाहिए। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) भर्तियों पर नजर रखता है। GAD ने मीटिंग में बताया कि उन्होंने कितने लोगों को नौकरी दी है। उन्होंने यह भी बताया कि वे इस साल 27000 से ज्यादा लोगों को नौकरी देंगे। खाली पदों को भरने के लिए योजना 15 जुलाई तक 27 लाख से ज्यादा लोग एमपी एम्प्लॉयमेंट पोर्टल पर नौकरी के लिए रजिस्टर कर चुके थे। सरकार ने बताया कि इस पोर्टल पर सिर्फ वही लोग रजिस्टर करते हैं जो नौकरी ढूंढ रहे हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि राज्य में इतने ही लोग बेरोजगार हैं। एक बड़े सरकारी अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सरकारी नौकरियों की भर्ती पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि खाली सरकारी पदों को भरने के लिए एक योजना बनाई गई है। चल रही प्रमोशन प्रक्रिया बीजेपी ने 2023 के विधानसभा चुनावों के लिए अपने घोषणापत्र में वादा किया था कि वे पांच साल में 2.5 लाख सरकारी नौकरियां देंगे। सरकार का मानना है कि प्रमोशन की प्रक्रिया शुरू होने से भी कई पद भर जाएंगे। हालांकि, यह मामला अभी हाई कोर्ट में है। प्रमोशन कोर्ट से मंजूरी मिलने के बाद ही किए जाएंगे। विभागों को एक्शन में रहने के निर्देश जीएडी ने सभी विभागों को यह बताया है कि वे हर साल खाली पदों को कैसे भर सकते हैं। खाली पदों और भर्तियों की जानकारी रखने के लिए एक पोर्टल भी बनाया गया है। जुलाई की मीटिंग में सीएम मोहन ने कहा कि विभागों में भर्ती की प्रक्रिया पर लगातार नजर रखनी चाहिए। सीएम मोहन यादव ने कहा कि मुख्य सचिव और GAD के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने सभी विभागों को समय पर काम करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि विभागों को इन निर्देशों का पालन करने के बाद रिपोर्ट भी जमा करनी होगी।

आज शनिवार 19 जुलाई 2025 का पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष राशि- आज आपको अतीत की बातों को लेकर मानसिक तनाव हो सकता है। धन से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। जीवनसाथी का साथ मिलेगा। कार्यस्थल पर कुछ टास्कों को सुलझाने के लिए धैर्य व बुद्धि से काम लें। व्यापार की स्थिति अच्छी रहेगी। वृषभ राशि- आज आप लोगों का ध्यान आकर्षित करने में सफल रहेंगे। अटके हुए कार्य पूरे होंगे। आप अपनी नई स्किल का प्रयोग कर कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारी पा सकते हैं। आर्थिक रूप से दिन अच्छा रहने वाला है। जीवनसाथी की सेहत को लेकर मूड खराब हो सकता है। मिथुन राशि- आज आपको जरूरत से ज्यादा खर्च करने की जरूरत नहीं है। परिवार के लोगों के साथ समय बिताना अच्छा रहेगा। करियर की बेहतर संभावनाएं सामने आ सकती है। यात्रा का योग बनेगा। जीवनसाथी का साथ मिलने से परेशानियों को हल करने में सफल रहेंगे। कर्क राशि- आज आपकी एनर्जी व आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। आपका कोई सपना पूरा हो सकता है। दोस्तों का साथ मिलने से कारोबार में वृद्धि हो सकती है। आर्थिक मामलों में सतर्क रहें। जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताएंगे। सिंह राशि– आज आप ऑफिस में उच्चाधिकारियों को अपनी परफॉर्मेंस से प्रभावित कर सकते हैं। अप्रत्याशित खर्च आपके मन को परेशान कर सकते हैं। किसी शुभ समाचार की प्राप्ति हो सकती है। आज जीवनसाथी की सेहत को लेकर आप तनाव में रह सकते हैं। व्यापार में विस्तार के योग हैं। कन्या राशि- आज आपका आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। पठन-पाठन में रुचि बढ़ेगी। शैक्षिक कार्यों में सफल रहेंगे। लेखनादि बौद्धिक कार्यों में व्यस्तता बढ़ेगी। आय के साधन भी बनेंगे। किसी मित्र के सहयोग से कारोबार में वृद्धि हो सकती है। तुला राशि- आज सिंगल जातकों की जिंदगी में किसी खास शख्स की एंट्री हो सकती है। नौकरीपेशा करने वाले जातकों को नौकरी में तरक्की के साथ आय में वृद्धि मिल सकती है। भावुकता में आकर कोई फैसला न लें। आज आप अपने जीवनसाथी के साथ अच्छी बातचीत करेंगे और महसूस करेंगे कि आप एक-दूसरे से कितना प्यार करते हैं। वृश्चिक राशि- आज कारोबार में स्थान परिवर्तन भी हो सकता है। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। मन परेशान रहेगा। व्यर्थ के क्रोध से बचें। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। तरक्की के अवसर मिलेंगे। जीवनसाथी के साथ रोमांटिक समय बिताने का मौका मिलेगा। धनु राशि– व्यापार में मुनाफ़ा आज कई व्यापारियों के चेहरे पर खुशी ला सकता है। परिवार के साथ अच्छा समय बिताएंगे। कार्यस्थल पर आज आपको अपने कुछ अच्छे कार्यों के लिए सम्मानित किया जाएगा। आज आप शादीशुदा होने के कारण खुद को भाग्यशाली महसूस करने वाले हैं। मकर राशि- अपना धैर्य बनाए रखें। आज आपका निरंतर प्रयास आपको दिलाएगा। आज आपको अपने भाई या बहन की मदद से लाभ मिलने की संभावना है। मानसिक तनाव हो सकता है। खर्च व आय के बीच बैलेंस बनाकर चलें, वरना आर्थिक स्थिति बिगड़ सकती है। कुंभ राशि- आज आपको कार्यस्थल पर तरक्की मिलने के संकेत हैं। जीवनसाथी का खराब व्यवहार आपका मूड खराब कर सकता है। वाहन प्रयोग में सावधानी बरतें। आर्थिक रूप से दिन अच्छा रहने वाला है। व्यापार में मुनाफा हो सकता है। मीन राशि- आज आपको व्यापार में जबरदस्त मुनाफा देखने को मिल सकता है। आज आप अपने कारोबार को नई ऊंचाइयां दे सकते हैं। कार्यस्थल पर आपके किसी पुराने काम की सराहना हो सकती है। आपके प्रदर्शन को देखते हुए आपको प्रमोशन मिलने की संभावना है। आर्थिक रूप से दिन अच्छा रहने वाला है।

दुर्गापुर से ममता सरकार पर हमला: पीएम मोदी ने कोलकाता की घटना को बताया कानून व्यवस्था पर सवाल

दुर्गापुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और ममता बनर्जी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह सावन का पवित्र महीना है, और ऐसे पावन समय में मुझे पश्चिम बंगाल के विकास पर्व का हिस्सा बनने का सौभाग्य मिला है। पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा ने पश्चिम बंगाल के लिए बड़े सपने देखे हैं। भाजपा एक समृद्ध पश्चिम बंगाल बनाना चाहती है। भाजपा एक विकसित पश्चिम बंगाल का निर्माण करना चाहती है। हमें बंगाल को इस बुरे दौर से बाहर निकालना है, और आज यहां जिन परियोजनाओं की शुरुआत हुई है, वो इसी का प्रतीक हैं। बंगाल बदलाव चाहता है। उन्होंने कहा कि लोग यहां देशभर से रोजगार के लिए आते थे, लेकिन आज स्थिति पूरी तरह उलट गई। आज पश्चिम बंगाल का नौजवान पलायन के लिए मजबूर है। छोटे-छोटे काम के लिए भी उसे दूसरे राज्यों की तरफ जाना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं आज आपको ये यकीन दिलाने आया हूं कि बंगाल की बदहाल स्थिति को बदला जा सकता है। भाजपा की सरकार आने के बाद सिर्फ कुछ ही वर्षों में बंगाल देश के शीर्ष औद्योगिक राज्यों में से एक बन सकता है। यह मेरा दृढ़ विश्वास है। उन्होंने कहा कि टीएमसी सरकार बंगाल के विकास के आगे दीवार बनकर खड़ी है। जिस दिन टीएमसी सरकार की ये दीवार गिरेगी, उसी दिन से बंगाल विकास की नई तेजी पकड़ लेगा। टीएमसी की सरकार जाएगी, तभी असली परिवर्तन आएगा। पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा की ओर से मैं आपसे आग्रह करता हूं, एक बार भाजपा को अवसर दीजिए। एक ऐसी सरकार चुनिए जो कामदार हो, ईमानदार हो और दमदार हो। पीएम मोदी ने आगे कहा कि पिछले दशकों में इस क्षेत्र में निवेश और रोजगार के लिए स्थिति लगातार प्रतिकूल होती गई है। हिंसा की लगातार घटनाएं, पक्षपातपूर्ण पुलिस व्यवस्था और न्याय व्यवस्था में अविश्वास ने एक ऐसा माहौल बना दिया है, जहां कोई भी निवेश करने को लेकर आश्वस्त महसूस नहीं करता। राज्य सरकार की जीवन और व्यवसायों की सुरक्षा में असमर्थता संभावित निवेशकों की चिंताओं को और गहरा करती है। उन्होंने कहा कि प्राइमरी एजुकेशन हो या हायर एजुकेशन, हर स्तर पर शिक्षा को बर्बाद किया जा रहा है। टीएमसी की सरकार ने बंगाल की एजुकेशन व्यवस्था को अपराध और भ्रष्टाचार के हवाले कर दिया है। हजारों योग्य शिक्षक आज बेरोजगार हैं, इसकी सबसे बड़ी वजह है टीएमसी का भ्रष्टाचार। इससे हजारों परिवारों पर संकट आया है और लाखों बच्चों का भविष्य टीचर की कमी के कारण अंधेरे में है। टीएमसी ने बंगाल के वर्तमान और भविष्य दोनों को संकट में डाल दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि टीएमसी का 'गुंडा टैक्स' बंगाल में निवेश को रोक रहा है। राज्य के संसाधन माफिया के हाथों में चले गए हैं और सरकारी नीतियां जानबूझकर मंत्रियों को खुलेआम भ्रष्टाचार करने के लिए प्रेरित करने के लिए बनाई गई हैं। उन्होंने कहा कि 'मां, माटी, मानुष' की बात करने वाली पार्टी की सरकार में बेटियों के साथ जो अन्याय हो रहा है, वो पीड़ा भी देता है और आक्रोश से भी भर देता है। आज पश्चिम बंगाल में अस्पताल भी बेटियों के लिए सुरक्षित नहीं हैं। जब यहां एक डॉक्टर बेटी के साथ अत्याचार हुआ तो टीएमसी सरकार आरोपियों को बचाने में जुट गई। इस घटना से देश अभी उबरा भी नहीं था कि एक और कॉलेज में एक और बेटी के साथ भयंकर अत्याचार किया गया। इस घटना के आरोपियों का कनेक्शन भी टीएमसी से निकला है। हमें मिलकर बंगाल को इस निर्ममता से मुक्ति दिलानी है। बता दें कि हाल ही में कोलकाता के साउथ लॉ कॉलेज की एक छात्रा के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया था। पीएम मोदी ने इसी घटना का जिक्र कर ममता सरकार को घेरा। पीएम मोदी ने कहा कि टीएमसी और लेफ्ट ने सालों तक दिल्ली में कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार चलाई। इस दौरान इनको बांग्ला भाषा की याद तक नहीं आई। ये भाजपा सरकार है, जिसने बांग्ला को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिया। 

भाषा की आड़ में बंटवारे की साजिश? उद्धव ठाकरे बोले- नहीं सहेंगे मुंबई से छेड़छाड़

मुंबई  महाराष्ट्र में बढ़ते मराठी भाषा विवाद के बीच पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे ने केंद्र के ऊपर मुंबई के महत्व को कम करने का आरोप लगाया है। शिवसेना यूबीटी के प्रमुख नेता ने कहा कि हम तोड़ने की भाषा का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं लेकिन मुंबई धीरे-धीरे अपना महत्व खो रही है। यहां के उद्योग, धंधों को गुजरात ले जाया जा रहा है। यहां की फिल्म इंडस्ट्री को भी यहां से स्थानांतरित करने की बात चल रही है। ठाकरे ने धमकी भरे अंदाज में कहा कि मैं यह बात साफ तौर पर कहता हूं कि अगर किसी ने मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करने की बात की तो हम उसके टुकड़े करेंगे। मीडिया से बात करते हुए ठाकरे ने कहा, "मुंबई के महत्व को कम किया जा रहा है, लेकिन हम ऐसा कुछ भी नहीं होने देंगे। मुंबई देश की वित्तीय राजधानी रही है। इसे देश की वित्तीय राजधानी ही माना जाता है और ऐसा ही रहेगा भी.. इसका बढ़ता महत्व कई लोगों की आंखों में खटकता है।" ठाकरे ने फिल्म इंडस्ट्री को नोएडा में शिफ्ट करने के योगी सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना पर नाम लिए बिना हमला बोला। उन्होंने कहा, "वे मुंबई में स्थित फिल्म उद्योग को कहां स्थानांतरित कर रहे थे? इसे कौन यहां से हटा रहा था? क्या यह सच नहीं है कि इसे हटाने की कोशिश की जा रही है? मुंबई का डायमंड मार्केट किसने छीन लिया? क्या यह सच नहीं है? यहां एक वित्तीय केंद्र स्थापित किया जा रहा था लेकिन आखिर अहमदाबाद को बुलेट ट्रेन कौन दे रहा है? मुंबई के साथ जो भी किया जा रहा है उसे लोग खुले तौर पर देख सकतें हैं, इसमें मुझे कुछ भी अलग से जोड़ने की जरूरत नहीं है।" आपको बता दें उद्धव ठाकरे का यह बयान ऐसे समय में आया है जब कुछ समय पहले ही उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की थी। इस मुलाकात का महत्व इसलिए भी ज्यादा बढ़ गया था क्योंकि फडणवीस ने एक दिन पहले ही खुले तौर पर उद्धव को भाजपा के साथ आ जाने का ऑफर दे दिया था। हालांकि बंद दरवाजों के पीछे दोनों नेताओं की क्या बात हुई है इसकी जानकारी बाहर नहीं आई है। इन दोनों नेताओं की इस मीटिंग से पहले मुंबई में ठाकरे बंधुओं का एक ऐतिहासिक सम्मेलन भी हुआ था, जिसमें राज और उद्धव ठाकरे ने दशकों के बाद एक साथ मंच को साझा किया था। उस वक्त दोनों नेताओं ने कहा था कि वह मराठी अस्मिता के लिए एक साथ आए हैं और अब एक साथ ही रहेंगे।  

जस्टिस वर्मा पर कार्रवाई तय! सभी राजनीतिक दलों ने जताई एकराय: रिजिजू

नई दिल्ली  केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने शुक्रवार को कहा है कि जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग चलाने के मुद्दे पर सभी राजनीतिक दल एकमत हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा है कि इस मुद्दे पर सभी पार्टियां से बातचीत जारी है और इसकी पहल अलग-अलग राजनीतिक दलों के सांसदों ने की है जिनमें कांग्रेस के सांसद भी शामिल हैं। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा है कि न्यायपालिका में भ्रष्टाचार का मामला बेहद गंभीर और चिंताजनक है। गौरतलब है कि दिल्ली उच्च न्यायालय के तत्कालीन न्यायाधीश जस्टिस यशवंत वर्मा के सरकारी आवास पर एक स्टोर में 14 मार्च की रात लगी आग में 500 करोड रुपए के सैकड़ो और जले हुए नोटों की गाड़ियां मिली थीं। जस्टिस वर्मा ने इस मामले में निर्दोष होने का दावा किया है। हालांकि उच्चतम न्यायालय की आंतरिक जांच समिति ने उनके खिलाफ महाभियोग चलाए जाने की सिफारिश की है। सांसदों ने की है पहल- रिजिजू रिजिजू ने पीटीआई को दिये एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘मैंने विभिन्न राजनीतिक दलों के सभी वरिष्ठ नेताओं से बात की है। मैं एकमात्र सांसद वाले कुछ दलों से भी संपर्क करुंगा, क्योंकि मैं किसी भी सदस्य को नजरअंदाज नहीं करना चाहता। ताकि यह भारतीय संसद की एक संयुक्त राय के रूप में सामने आए।’’ केंद्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि जस्टिस वर्मा को हटाने का प्रस्ताव लाने की पहल सरकार की नहीं, बल्कि विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों ने की है, जिनमें कांग्रेस के सांसद भी शामिल हैं। न्यायपालिका में भ्रष्टाचार गंभीर मसला केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि न्यायपालिका में भ्रष्टाचार का मामला गंभीर है। उन्होंने कहा, ‘‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार एक अत्यंत संवेदनशील और गंभीर मामला है, क्योंकि न्यायपालिका ही वह जगह है जहां लोगों को न्याय मिलता है। अगर न्यायपालिका में भ्रष्टाचार है, तो यह सभी के लिए गंभीर चिंता का विषय है। इसी कारण न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा को हटाने का प्रस्ताव सभी राजनीतिक दलों द्वारा हस्ताक्षरित किया जाएगा।’’ रिजिजू ने कहा कि उन्हें खुशी है कि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने मामले की गंभीरता को समझा है और इस मुद्दे पर साथ देने पर सहमति जताई है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे खुशी है कि उसने चीजों को वैसे ही समझा जैसा उसे समझना चाहिए, क्योंकि कोई भी पार्टी भ्रष्ट न्यायाधीश के साथ खड़ी या भ्रष्ट न्यायाधीश को बचाती हुई नजर नहीं आ सकती।’’ रिजिजू ने कहा, ‘‘जब न्यायपालिका में भ्रष्टाचार की बात आती है, तो हमें एकजुट होना होगा। इसमें पार्टी के आधार पर रुख नहीं होना चाहिए और इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए।’’ बता दें कि कांग्रेस ने कहा है कि उसके सभी सांसद जस्टिस वर्मा के खिलाफ प्रस्ताव का समर्थन करेंगे। रिजिजू ने बताई आगे की प्रक्रिया रिजिजू ने आगे बताया कि किसी न्यायाधीश को हटाने के लिए प्रस्ताव लाने के नोटिस पर लोकसभा में कम से कम 100 सदस्यों और राज्यसभा में 50 सदस्यों के हस्ताक्षर होने चाहिए। उन्होंने कहा कि नोटिस लोकसभा में लोकसभा अध्यक्ष को और राज्यसभा में सभापति को प्रस्तुत किया जाएगा, जो सदन को सूचित करेंगे, न्यायाधीश जांच अधिनियम के अनुसार जांच समिति गठित करेंगे तथा तीन महीने में रिपोर्ट प्राप्त करेंगे। रिजिजू ने कहा, ‘‘तीन महीने की अवधि की आवश्यकता पूरी करनी होगी। उसके बाद जांच रिपोर्ट संसद में पेश की जाएगी और दोनों सदनों में इस पर चर्चा होगी।’’ पूर्व कानून मंत्री कपिल सिब्बल द्वारा जस्टिस वर्मा और इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस शेखर यादव के बीच तुलना करने संबंधी टिप्पणी पर रिजिजू ने कहा कि संसद को एक वकील-सांसद के निजी एजेंडे से निर्देशित नहीं किया जा सकता। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सिब्बल सिर्फ अपने निजी एजेंडे से प्रेरित हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘वह एक बहुत ही साधारण वकील हैं। वह भारत की संसद का मार्गदर्शन नहीं कर सकते। भारत की संसद का मार्गदर्शन सभी सांसदों द्वारा किया जाएगा।’’  

स्वच्छता में उत्तर प्रदेश की छलांग: सीएम योगी ने बताया नागरिक भागीदारी को असली ताकत

लखनऊ  स्वच्छ सर्वेक्षण के नौवें संस्करण में उत्तर प्रदेश के 3 शहरों को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ‘स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार 2024-25’ प्रदान किया. इसमें लखनऊ, नोएडा और गोरखपुर का नाम शामिल है. समारोह के बाद टीम ने शुक्रवार को सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की. सीएम योगी ने इस उपलब्धि के लिए दोनों शहरों की टीम को बधाई दी. सीएम ने लखनऊ और गोरखपुर की टीम को बधाई देते हुए एक पोस्ट साझा किया है. सीएम ने एक्स पर लिखा है कि ‘मा. राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी द्वारा ‘स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार समारोह 2024-25’ के अंतर्गत लखनऊ को 10 लाख से अधिक आबादी की श्रेणी में मिला तृतीय पुरस्कार, नगर निगम की सुव्यवस्था, स्वच्छाग्रहियों के सतत समर्पण, प्रशासन की प्रतिबद्धता और नागरिकों की सक्रिय सहभागिता का प्रतिफल है. आज लखनऊ में पुरस्कार के साथ नगर निगम लखनऊ की महापौर, नगर आयुक्त, पार्षद गण एवं पर्वतीय महापरिषद, उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष ने शिष्टाचार भेंट की. इस ऐतिहासिक उपलब्धि में सहयोगी समस्त जनों का हार्दिक अभिनंदन एवं शुभकामनाएं!   दूसरे पोस्ट में उन्होंने लिखा कि ‘स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार समारोह 2024-25’ के अंतर्गत गोरखपुर को ‘सफाई मित्र सुरक्षित शहर’ की श्रेणी में तृतीय स्थान एवं Garbage Free Cities की श्रेणी में प्राप्त 5-स्टार रेटिंग, जनपद वासियों की सहभागिता और नगर निगम की प्रतिबद्धता का परिणाम है, जो अत्यंत हर्ष का विषय है. आज लखनऊ में पुरस्कार के साथ नगर निगम गोरखपुर के महापौर एवं नगर आयुक्त ने शिष्टाचार भेंट की. स्वच्छ, स्वस्थ व हरित गोरखपुर के निर्माण में सतत समर्पित सभी सहयोगियों का हार्दिक अभिनंदन एवं शुभकामनाएं!

नेक्स्ट जनरेशन के एआई-रेडी डाटा सेंटर की क्षमता को 1 गीगावॉट तक किया जाएगा विकसित

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की स्पेन यात्रा के दौरान मध्यप्रदेश सरकार और वैश्विक टेक्नोलॉजी कंपनी सबमर टेक्नोलॉजीस एस.एल. के बीच डिजिटल और तकनीकी क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक समझौता हुआ। बार्सिलोना में मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम और सबमर के बीच एमओयू संपन्न हुआ। इस समझौते में निवेश, तकनीकी सहयोग और सतत डिजिटल अवसंरचना के विकास पर फोकस किया गया है। यह समझौता केवल एक सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि नेतृत्व, नीति और परिणाम की मिसाल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा 17 जुलाई की रात को बार्सिलोना स्थित सबमर मुख्यालय के भ्रमण के अगले कुछ ही घंटों बाद यह एमओयू साइन होना निवेश के प्रति मध्यप्रदेश सरकार प्रतिबद्धता का सुदृढ़ कदम है। मजबूत नेतृत्व और स्पष्ट विजन से वैश्विक निवेशकों का विश्वास तेज़ी से हासिल करने का भी उदाहरण है। इस समझौते के अंतर्गत मध्यप्रदेश में नेक्स्ट जनरेशन के एआई-रेडी डाटा सेंटर की क्षमता को संयुक्त रूप से 1 गीगावॉट तक विकसित करने के लिए एक रणनीतिक सहयोग स्थापित किया गया है। यह समझौता उन्नत लिक्विड-कूलिंग तकनीकों जैसे इमर्शन कूलिंग और डायरेक्ट-टू-चिप समाधानों पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य ऊर्जा खपत, जल उपयोग और पर्यावरणीय प्रभाव को काफी हद तक कम करना है। यह सहयोग डाटा सेंटर संचालन के लिए वैश्विक दक्षता मानकों के अनुरूप है। यह तकनीक पारंपरिक तरीकों की तुलना में 45 प्रतिशत तक ऊर्जा की बचत और 90 प्रतिशत तक जल संरक्षण करती है। सबमर कंपनी निर्माण, अनुसंधान एवं विकास (R&D) और तकनीकी क्षेत्र में प्रदेश में निवेश करेगी। वहीं मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम इस परियोजना के लिए उपयुक्त भूमि, आधारभूत संरचना, नीति सहयोग एवं शासकीय औपचारिकताओं का अंतिम रूप देगा। इस साझेदारी का उद्देश्य न केवल डिजिटल क्षेत्र में राज्य की तकनीकी क्षमता को बढ़ाना है, बल्कि कौशल विकास, नवाचार और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को भी प्रोत्साहित करना है। प्रदेश के युवाओं को अत्याधुनिक डिजिटल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। सबमर, मध्यप्रदेश में डाटा सेंटर्स के डिज़ाइन और स्थापना में नई पीढ़ी के मानकों को स्थापित करने में सहायता करेगा। सबमर तकनीकी सलाहकार के रूप में काम करते हुए लिक्विड कूलिंग, ऊर्जा अनुकूलन और एआई आधारित अवसंरचना विकास के लिए वैश्विक विशेषज्ञता प्रदान करेगा। यह सहयोग मध्यप्रदेश को टिकाऊ, एआई-रेडी डिजिटल केंद्र के रूप में स्थापित करेगा और राज्य को दीर्घकालिक आर्थिक लाभ देगा। इस समझौते के अवसर पर सांस्कृतिक सौहार्द्र का सुंदर दृश्य देखने को भी मिला, जब सबमर के फाउंडर श्री पोल वाल्स सोलर मध्यप्रदेश हैंडलूम से बनी विशेष टाई पहनकर एमओयू कार्यक्रम में शामिल हुए। यह समझौता प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘मेक इन इंडिया’ अभियानों की भावना के अनुरूप है और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार की तकनीकी उन्नयन तथा वैश्विक निवेश प्रोत्साहन की प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से दर्शाता है। सबमर टेक्नोलॉजीस की स्थापना वर्ष 2015 में बार्सिलोना में हुई थी। यह कंपनी डेटा सेंटर्स, एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और एज कंप्यूटिंग के लिए सिंगल फेज इमर्शन कूलिंग प्रणालियों में वैश्विक विशेषज्ञता रखती है। इसके उत्पादों में स्मार्टपॉड, स्मार्टपॉडएक्स, ईएक्सओ और माइक्रोपॉड शामिल हैं। कंपनी ने विश्वभर में वित्तीय संस्थानों, सरकारी क्लस्टर्स और एआई प्रयोगशालाओं में सफलतापूर्वक सिस्टम स्थापित किए हैं। मई 2022 में कंपनी ने भारत में इंग्राम माइक्रो इंडिया के साथ साझेदारी कर देश में स्मार्ट और सस्टेनेबल डाटा सेंटर की स्थापना की।  

बुरहानपुर में डायरिया का प्रकोप तेज, बड़गांव में मरीजों की संख्या बढ़ी, जांच-पड़ताल शुरू

बुरहानपुर जिला मुख्यालय से दस किलोमीटर दूर बड़गांव माफी में डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है। गांव में 15 जुलाई को उल्टी-दस्त के मरीज बढ़ने की सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची थी। जांच के दौरान पहले 15 मरीज सामने आए थे। इसके बाद दो दिन में नौ और मरीज सामने आए हैं। इनमें से कुछ मरीजों का निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। शेष मरीजों का घर पर ही डॉक्टरों की टीम इलाज कर रही है। चार सैंपलों की रिपोर्ट आई पॉजिटिव जिला महामारी नियंत्रक रवींद्र राजपूत ने बताया कि पंचायत और पीएचई विभाग ने ट्यूबवेल की पाइप लाइन में मौजूद लीकेज को ठीक करा दिया है। साथ ही ट्यूबवेल के आसपास मौजूद गोबर व गंदगी को भी साफ कराया गया है। पीएचई ने पानी के पांच सैंपल लिए थे। इनमें से चार सैंपलों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसलिए अभी लोगों को ट्यूबवेल की जगह हैंडपंप के पानी का उपयोग पेयजल के रूप में करने के लिए कहा गया है। साथ ही पानी को उबाल कर अथवा क्लोरीन की गोलियों से साफ कर पीने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम अब भी गांव में डेरा डाले हुए है। अधिकारियों के अनुसार स्थिति नियंत्रित है।    सीईओ जिला पंचायत ने भी किया दौरा गांव में डायरिया फैलने की सूचना मिलने के बाद गुरुवार को सीईओ जिला पंचायत लता शरणागत सहित अन्य अधिकारियों ने भी गांव का दौरा किया था। उन्होंने आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर क्लोरीन की दवाएं वितरित करने और निगरानी रखने के निर्देश दिए थे। शाहपुर के बीएमओ डॉ. अरुण कुमार सिंह स्वयं स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। जिन पांच मरीजों के स्टूल सैंपल लेकर इंदौर जांच के लिए भेजे गए थे, उनकी रिपोर्ट शुक्रवार रात तक मिलने की उम्मीद जताई गई है। जिला महामारी नियंत्रक रवींद्र राजपूत ने कहा कि बड़गांव माफी में अब तक डायरिया के 24 मरीज सामने आ चुके हैं। स्थिति अब नियंत्रण में है। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार निगरानी और इलाज कर रही है।

असम सीएम का आरोप – ममता बनर्जी को बाकी मुसलमानों से नहीं, सिर्फ बांग्ला भाषी मुसलमानों से लगाव

गुवाहाटी असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल की उनकी समकक्ष ममता बनर्जी को केवल बांग्ला भाषी मुसलमानों की चिंता है। उन्होंने आगाह किया कि अगर ममता मुस्लिम-बंगालियों के लिए असम आती हैं, तो असमिया और हिंदू-बंगाली उन्हें 'नहीं बख्शेंगे'। शर्मा ने भाजपा पर राजनीतिक लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए भाषाई पहचान को हथियार बनाने के तृणमल कांग्रेस अध्यक्ष के हालिया आरोप पर कहा, ‘सवाल यह है कि क्या ममता बनर्जी बंगालियों को पसंद करती हैं या केवल मुस्लिम-बंगालियों को। मेरा जवाब है केवल मुस्लिम-बंगालियों को।" उन्होंने कहा, ‘अगर वह मुस्लिम-बंगालियों के लिए असम आती हैं, तो असमिया लोग और हिंदू-बंगाली उन्हें नहीं बख्शेंगे।" शर्मा ने सवाल किया कि अगर बनर्जी बांग्ला भाषी लोगों की सुरक्षा में रुचि रखती हैं, तो उन्होंने ‘अपने राज्य में नागरिकता (संशोधन) अधिनियम क्यों नहीं लागू किया?’ नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से 31 दिसंबर, 2014 से पहले भारत आए गैर-मुस्लिम प्रवासियों – हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई – को भारतीय नागरिकता प्रदान की जाती है। बनर्जी केंद्र और भाजपा शासित राज्यों पर बांग्ला भाषी प्रवासियों को 'अवैध बांग्लादेशी' या ‘रोहिंग्या’ बताकर व्यवस्थित रूप से निशाना बनाने का आरोप लगाती रही हैं।  

57 मुस्लिम देशों के सामने पाकिस्तान ने उठाया सिंधु मुद्दा, पानी को बताया अस्तित्व का संकट

इस्लामाबाद भारत की तरफ से सिंधु जल समझौते को रोके जाने का दुख़ा पाकिस्तान ने मुस्लिम देशों के संगठन OIC में भी सुनाया है। पाकिस्तान 57 मुसलमान देशों की संस्था इस्लामिक सहयोग संगठन की मीटिंग में यह बात रखी और कहा कि भारत ने एकतरफा तौर पर यह फैसला लिया है। जेद्दा में आयोजित OIC के ह्यूमन राइट्स कमिशन के 25वें सत्र में पाकिस्तान ने कहा कि हमारे अधिकारों का भारत की ओर से हनन किया जा रहा है। पाकिस्तान ने 'राइट टू वार' नाम से आयोजित सेशन को संबोधित करते हुए कहा कि यह फैसला मनमाना है। टीवी के मुताबिक सत्र को संबोधित करते हुए पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि सैयद फवाद शेर ने कहा भारत ने एकतरफा तौर पर यह निर्णय लिया है और इससे वर्ल्ड बैंक की ओर से तय शर्तों का भी उल्लंघन किया गया है। उन्होंने कहा कि पानी तो हमारे लिए मूल अधिकार की तरह है, लेकिन भारत उसे भी हमसे छीनने की कोशिश कर रहा है। पाकिस्तान ने कहा कि हम तो पहले ही पानी के संकट का सामना कर रहे हैं। ऐसे में यदि भारत से आने वाली नदियों में पानी की कमी हुई तो हमारे आगे मुश्किल हालात होंगे। उन्होंने कहा कि इससे हमारे इलाके में जलवायु का संकट पैदा हो सकता है। पानी की किल्लत होगी और खेती से लेकर तमाम जरूरी चीजों पर खतरा पैदा होगा। सैयद फवाद शेर ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से इस मसले को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारे लिए यह बड़ी परेशानी है। हालांकि पाकिस्तान के इस रुख के बाद भी मुस्लिम देशों के संगठन ने अब तक कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है, जिसमें इस मसले का कोई जिक्र हो। बता दें कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल समझौते को रोक दिया है। इसके अलावा सिंधु समेत सभी नदियों पर बांध आदि परियोजनाओं पर तेजी लाई जा रही है। इनके माध्यम से पाकिस्तान की ओर से जाने वाले पानी का इस्तेमाल किया जाएगा।