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UP Weather Alert: अगले दो दिन भारी बारिश का कहर, इन राज्यों में भी अलर्ट जारी

नई दिल्ली देश में मॉनसून पूरी तरह से सक्रिय है, जिसकी वजह से कई राज्यों में झमाझम बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने शनिवार को बताया है कि उत्तर पश्चिम और पूर्वोत्तर राजस्थान के आसपास के इलाकों में दबाव के असर की वजह से आज दक्षिण पश्चिम राजस्थान में भारी से बहुत भारी और कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश व उत्तरी गुजरात में बहुत भारी बरसात होने वाली है। वहीं, अगले छह से सात दिनों के दौरान केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु में भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहने वाली है, जबकि 19 और 20 जुलाई को केरल, तटीय कर्नाटक में कुछ जगहों पर अत्यधिक बरसात का अलर्ट है। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश के पश्चिमी इलाकों में कल और परसों बहुत भारी बरसात की चेतावनी जारी की गई है। उत्तर पश्चिम भारत के राज्यों की बात करें तो 19 जुलाई को दक्षिण पश्चिम राजस्थान में बहुत ही ज्यादा बरसात होगी। 20-24 जुलाई के दौरान जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड में और 20 व 21 जुलाई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश, 20-22 और 24 जुलाई को पंजाब, हरियाणा, 19 जुलाई को दक्षिण पूर्वी राजस्थान में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है। 20-22 जुलाई के दौरान उत्तराखंड में, 21 जुलाई को पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और 21 व 22 जुलाई को हिमाचल प्रदेश, 22 जुलाई को जम्मू कश्मीर में बहुत भारी बारिश होने वाली है। अगल सात दिनों के दौरान पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और मैदानी इलाकों में कुछ जगहों पर गरज के साथ अधिकांश जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट है। पश्चिम भारत की बात करें तो 19-25 जुलाई के दौरान कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र के घाट इलाकों, 19 जुलाई को उत्तरी गुजरात में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी। 20 जुलाई को सौराष्ट्र व कच्छ में भारी बरसात का अलर्ट है। अगले पांच दिनों के दौरान कई जगह हल्की से मध्यम बारिश होगी। दक्षिण भारत के राज्यों की बात करें तो 19 और 20 जुलाई को केरल, तटीय कर्नाटक में अलग अलग जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश होन की संभावना है। 19-25 जुलाई के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना में, 19 और 20 जुलाई को लक्षद्वीप और रायलसीमा में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की संभावना है।  

IIT खड़गपुर में सनसनी: हॉस्टल में लटका मिला छात्र, संस्थान में चौथी मौत से हड़कंप

कोलकाता पश्चिम बंगाल के खड़गपुर स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) में एक दुखद घटना सामने आई है। शुक्रवार को बीटेक के चौथे वर्ष के छात्र रीतम मंडल का शव हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटका हुआ पाया गया। यह इस साल जनवरी के बाद से परिसर में इस तरह का चौथा मामला है। संस्थान के एक अधिकारी ने बताया कि मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे 21 वर्षीय छात्र रीतम मंडल को परिसर के राजेंद्र प्रसाद (आरपी) हॉल छात्रावास भवन में उसके कमरे में फंदे से लटका पाया गया। छात्रावास में रीतम के साथ रहने वाले एक छात्र ने बताया कि कोलकाता निवासी यह छात्र बृहस्पतिवार रात भोजन करने के बाद अपने कमरे में चला गया था और उसके व्यवहार में किसी तरह की कोई असामान्यता नहीं थी। आईआईटी के अधिकारी ने बताया कि बार-बार दरवाजा खटखटाने पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, जिसके बाद सुबह परिसर स्थित चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने संस्थान के सुरक्षा गार्डों के साथ मिलकर दरवाजा तोड़ा और शव को फंदे से लटका पाया। अधिकारी ने बताया कि संस्थान ने प्राथमिकी दर्ज कराई औकृर जांचकर्ताओं को पूरा सहयोग दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि छात्र के परिवार को सूचित कर दिया गया है। आईआईटी ने एक बयान में कहा, “हमें गहरे दुख के साथ मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के स्नातक चतुर्थ वर्ष के छात्र रीतम मंडल के असामयिक निधन की सूचना देते हुए दुख हो रहा है।” बयान में घटनाक्रम का विवरण देते हुए बताया गया, “मंडल 18 जुलाई की सुबह राजेंद्र प्रसाद हॉल ऑफ रेजिडेंस स्थित अपने कमरे में मृत पाया गया। सूचना मिलने पर, संस्थान की सुरक्षा प्रतिक्रिया टीम ने त्वरित कार्रवाई की और छात्रावास परिसर पहुंची। इसके बाद, संस्थान की चिकित्सा टीम, निदेशक, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय पुलिस अधिकारी पहुंचे। मंडल के परिवार से भी तत्काल संपर्क किया गया।” बयान में दावा किया गया कि युवक के व्यवहार में कोई असामान्यता नहीं देखी गई। बयान के मुताबिक, मंडल गर्मी की लंबी छुट्टियों के बाद हाल ही में परिसर लौटा था। संस्थान ने बताया, “मंडल ने कक्षाएं लेना शुरू कर दिया था। संस्थान के सार्थ परामर्श केंद्र से प्राप्त रिकॉर्ड के अनुसार, मानसिक स्वास्थ्य संबंधी किसी भी प्रकार की समस्या के कोई पूर्व संकेत नहीं मिले हैं। विभाग के संकाय सलाहकार ने भी बताया कि कोई भी शैक्षणिक या गैर-शैक्षणिक समस्या उनके ध्यान में नहीं आई। प्रशासन ने प्राथमिकी दर्ज करने और कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।” बयान में बताया गया कि पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और संस्थान इस प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के लिए पूरा सहयोग दे रहा है। बयान के मुताबिक, “हमने (संस्थान ने)घटना की जांच करने और जल्द से जल्द रिपोर्ट देने के लिए एक तथ्यान्वेषी समिति का गठन किया है। पूरा आईआईटी समुदाय इस दुखद क्षति से गहरे सदमे में है।”  

राज ठाकरे पर शिकंजा कसने की तैयारी, हिंसा फैलाने के आरोप में कोर्ट में याचिका दाखिल

मुंबई  महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है, जिसमें उन पर हिंदी भाषी लोगों के खिलाफ हिंसा भड़काने और भाषा के आधार पर घृणा फैलाने का आरोप लगाया गया है। याचिका में ठाकरे और उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। यह याचिका वकील घनश्याम उपाध्याय की ओर से शनिवार को दायर की गई। राज ठाकरे ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को चेतावनी दी कि अगर राज्य में कक्षा 1-5 तक हिंदी भाषा अनिवार्य की गई तो हम स्कूल बंद कराने से नहीं हिचकिचाएंगे। एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र के लोगों से सतर्क रहने और हिंदी थोपने की सरकार की किसी भी योजना को विफल करने का आह्वान किया। इससे पहले मनसे के कार्यकर्ताओं ने एक स्थानीय दुकानदार के साथ मारपीट की थी, क्योंकि उसने मराठी में बात करने से इनकार कर दिया था। भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार ने हाल ही में कड़े विरोध के बाद प्राथमिक विद्यालयों में हिंदी अनिवार्य करने वाले दो आदेश वापस ले लिए थे। राज ठाकरे ने हिंदी थोपने का लगाया आरोप हालांकि, सीएम फडणवीस ने गुरुवार को जोर देकर कहा कि सरकार त्रिभाषा नीति जरूर लागू करेगी, लेकिन हिंदी कक्षा एक से पढ़ाई जाए या कक्षा पांच से… इसका फैसला इस मुद्दे का अध्ययन करने के लिए गठित समिति करेगी। राज ठाकरे ने अपने भाषण में फडणवीस को हिंदी थोपने की चुनौती दी। उन्होंने कहा, ‘जब उन्होंने एक बार कोशिश की थी, तब हमने दुकानें बंद कर दी थीं। अब अगर हिंदी थोपी गई तो हम स्कूल बंद कराने से नहीं हिचकिचाएंगे।’ मनसे प्रमुख ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री हिंदी को अनिवार्य बनाने की कोशिश कर रहे हैं। ठाकरे ने आरोप लगाया कि हिंदी थोपकर सरकार लोगों की प्रतिक्रिया का टेस्ट कर रही है क्योंकि वह अंततः मुंबई को गुजरात से जोड़ना चाहती है। डुबो-डबो के मारने वाला बयान राज ठाकरे ने कहा कि हिंदी केवल 200 साल पुरानी है, जबकि मराठी का इतिहास 2500-3000 साल पुराना है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब गुजरात में बिहार के प्रवासियों को पीटा गया और भगा दिया गया तो यह कोई मुद्दा नहीं बना, लेकिन महाराष्ट्र में एक छोटी सी घटना राष्ट्रीय मुद्दा बन जाती है। मनसे प्रमुख ने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की उनकी ‘पटक-पटक के मारेंगे’ वाली टिप्पणी के लिए कड़ी आलोचना की और उन्हें मुंबई आने की चुनौती दी। ठाकरे ने कहा, ‘डुबो-डुबो के मारेंगे।’ उन्होंने आजादी के बाद मोरारजी देसाई और वल्लभभाई पटेल के कथित मराठी विरोधी रुख का भी जिक्र किया। राज ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्रवासियों को राज्य में हर जगह मराठी में बोलने पर जोर देना चाहिए और दूसरों को भी यह भाषा बोलने के लिए प्रेरित करना चाहिए। हिंदुत्व की आड़ में हिंदी थोपने का प्रयास किया जा रहा है।

बंगाल से दोबारा शुरुआत? मोहम्मद शमी की वापसी पर अटकलें तेज

नई दिल्ली  तेज गेंदबाज मोहम्मद को आगामी घरेलू सीजन के लिए बंगाल के 50 संभावित खिलाड़ियों की विस्तारित सूची में शामिल किया गया है। 28 अगस्त से शुरु होने वाली दलीप ट्रॉफी वे पूर्व जोन की ओर से खेल सकते हैं। यह शमी की प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी का मंच बन सकता है। तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने भारत के लिए 64 टेस्ट, 108 वनडे और 25 टी-20 मैच खेले हैं। एक लंबे अंतराल के बाद टखने की सर्जरी से उबरकर उन्होंने भारत के लिए आखिरी बार 2025 की शुरुआत में चैंपियंस ट्रॉफी में खेला था। चैंपियंस ट्रॉफी में भारत ने फाइनल में न्यूजीलैंड को हराया था और शमी ने पांच मैचों में नौ विकेट लिए थे, जो भारत के लिए वरुण चक्रवर्ती के साथ संयुक्त रूप से सर्वाधिक थे (चक्रवर्ती ने ये नौ विकेट केवल तीन मैचों में लिए)। हालांकि, शमी टूर्नामेंट में भारत के सबसे महंगे गेंदबाजो में भी शामिल रहे, जिनकी इकोनॉमी 5.68 रन प्रति ओवर रही। इसके बाद इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में शमी की नई टीम सनराइजर्स हैदराबाद छठे स्थान पर रही, और उनका प्रदर्शन भी कुछ खास नहीं रहा। उन्होंने नौ मैचों में केवल छह विकेट लिए और उनकी इकॉनमी 11.23 रन प्रति ओवर रही। टखने की सर्जरी कराई और घुटनों की समस्याओं से भी जूझे। उन्होंने जनवरी 2024 में इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू टी-20 सीरीज़ में वापसी की थी। उससे पहले वह भारत के लिए आखिरी बार नवंबर 2023 में एकदिवसीय विश्व कप फाइनल में खेले थे। उनकी घरेलू क्रिकेट में वापसी 2024 के अंत में बंगाल के साथ हुई थी। बंगाल के संभावित खिलाड़ियों की सूची में अभिमन्यु ईश्वरन, आकाश दीप, मुकेश कुमार, शाहबाज अहमद और अभिषेक पोरेल के नाम भी शामिल है। शमी को इंग्लैंड के खिलाफ जारी पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में जगह नहीं मिली है। भारत इस सीरीज में तीन मैच के बाद 1-2 से पीछे है।  

कांवड़ यात्रा के दौरान आज से शिवरात्रि तक सभी स्कूल, कॉलेज रहेंगे बंद: जिलाधिकारी निधि गुप्ता

अमरोहा  उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में श्रावण मास की शुरुआत के साथ ही कांवड़ यात्रा जोरों पर है, और इसी को देखते हुए प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। जिले में बढ़ती भीड़, यातायात पर पड़ रहे दबाव और सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए 19 जुलाई से लेकर शिवरात्रि तक सभी स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। यह आदेश जिलाधिकारी निधि गुप्ता ने तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए हैं। कांवड़ यात्रा बना वजह हर साल सावन महीने में लाखों की संख्या में शिवभक्त विभिन्न राज्यों से गंगाजल लेने के लिए हरिद्वार और बृजघाट की ओर कूच करते हैं। अमरोहा का बृजघाट गंगा स्नान और जल भरने के लिए एक प्रमुख केंद्र बन चुका है। यहां से कांवड़िए जल लेकर बरेली, मुरादाबाद, रामपुर, संभल और अमरोहा के अन्य इलाकों की ओर लौटते हैं। इसके अतिरिक्त, हरिद्वार से लौटने वाले भक्त भी अमरोहा जिले की सीमा से होकर गुजरते हैं, जिससे जिले की यातायात व्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। स्कूल बंद रखने के पीछे प्रशासन का तर्क जिला प्रशासन का कहना है कि सावन के दौरान लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या और हाईवे व प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डाइवर्जन से विद्यार्थियों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। भीड़भाड़ में दुर्घटनाओं की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में सुरक्षा को देखते हुए शिक्षण संस्थानों को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया गया है। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, हाईवे पर रूट बदलाव प्रशासन ने सावन के दूसरे सोमवार और शिवरात्रि को लेकर विशेष सतर्कता बरती है। पुलिस प्रशासन ने जिले के हाईवे और कांवड़ मार्गों पर ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए रूट डायवर्जन लागू कर दिया है। भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुचारु रूप से संपन्न हो सके।

कांवड़ यात्रा के दौरान आज से शिवरात्रि तक सभी स्कूल, कॉलेज रहेंगे बंद: जिलाधिकारी निधि गुप्ता

अमरोहा  उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में श्रावण मास की शुरुआत के साथ ही कांवड़ यात्रा जोरों पर है, और इसी को देखते हुए प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। जिले में बढ़ती भीड़, यातायात पर पड़ रहे दबाव और सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए 19 जुलाई से लेकर शिवरात्रि तक सभी स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। यह आदेश जिलाधिकारी निधि गुप्ता ने तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए हैं। कांवड़ यात्रा बना वजह हर साल सावन महीने में लाखों की संख्या में शिवभक्त विभिन्न राज्यों से गंगाजल लेने के लिए हरिद्वार और बृजघाट की ओर कूच करते हैं। अमरोहा का बृजघाट गंगा स्नान और जल भरने के लिए एक प्रमुख केंद्र बन चुका है। यहां से कांवड़िए जल लेकर बरेली, मुरादाबाद, रामपुर, संभल और अमरोहा के अन्य इलाकों की ओर लौटते हैं। इसके अतिरिक्त, हरिद्वार से लौटने वाले भक्त भी अमरोहा जिले की सीमा से होकर गुजरते हैं, जिससे जिले की यातायात व्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। स्कूल बंद रखने के पीछे प्रशासन का तर्क जिला प्रशासन का कहना है कि सावन के दौरान लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या और हाईवे व प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डाइवर्जन से विद्यार्थियों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। भीड़भाड़ में दुर्घटनाओं की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में सुरक्षा को देखते हुए शिक्षण संस्थानों को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया गया है। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, हाईवे पर रूट बदलाव प्रशासन ने सावन के दूसरे सोमवार और शिवरात्रि को लेकर विशेष सतर्कता बरती है। पुलिस प्रशासन ने जिले के हाईवे और कांवड़ मार्गों पर ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए रूट डायवर्जन लागू कर दिया है। भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुचारु रूप से संपन्न हो सके।

धान बेचने के लिए एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन अनिवार्य: कलेक्टर

बिलासपुर, कलेक्टर एवं जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के प्राधिकृत अधिकारी संजय अग्रवाल ने प्रार्थना सभाकक्ष में  नोडल अधिकारीयो और छ जिलों के शाखा प्रबंधक और पर्यवेक्षकों की समीक्षा बैठक ली। जिसमें बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील सोढ़ी, संयुक्त पंजीयक उदयभान राठिया, उप पंजीयक शेखर जयसवाल उपस्थित थे। प्राधिकृत अधिकारी के द्वारा  किसानों के लिए संचालित विभिन्न विषयों की समीक्षा की गई। बैंक की मांग वसूली की संक्षेप में समीक्षा की गई, जिन शाखाओं के द्वारा वसूली का कार्य ठीक ढंग से नहीं किया गया है,उन शाखाओं को चेतावनी दी गई है कि अपनी कार्य प्रणाली सुधार ले और बैंक की शत प्रतिशत वसूली का कार्य पूर्ण करें। कलेक्टर ने यह भी कहा कि किसानों को ऋण वितरण में तेजी लाएं और खाद बीज वितरण में कोई समस्या ना हो, इसका भी ध्यान रखा जाए। कलेक्टर ने प्रधानमंत्री फसल बीमा अंतर्गत सभी ऋणी कृषकों का बीमा करने का निर्देश भी दिया। इस हेतु सभी समितियां में शिविर लगाकर किसानों को प्रेरित कर फसल बीमा का कार्य शत प्रतिशत पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिया कि फसल बीमा करने से कृषकों को प्राकृतिक आपदा से होने वाली हानि से बचाया जा सकता है। इसके लिए सभी मेहनत कर ऋणी कृषकों को प्रधानमंत्री फसल बीमा से जोड़ा जाए। कलेक्टर ने सभी को निर्देशित किया की आगामी धान खरीदी में धान बेचने वाले सभी कृषकों का एग्री स्टेक पोर्टल में पंजीयन होना अनिवार्य है। ऐसी स्थिति में सभी धान बेचने वाले कृषकों को सूचित कर एग्री स्टेक पोर्टल में पंजीयन करने का अभियान चलाया जाए। समीक्षा बैठक में नोडल अधिकारी आशीष दुबे, सुशील जोशी, अमित साहू, संतोष ठाकुर, विनय साहू, अश्वनी पांडे कर्मचारियों में सुशील चंद्राकर, शरद शर्मा, अनुराग निर्मलकर, आशीष सोनी, देवेंद्र शुक्ला, वीरेंद्र टंडन, अभिषेक शर्मा, हितेश सलूजा आदि उपस्थित थे।

भ्रामक समाचारों पर कार्रवाई: पायलट फेडरेशन ने विदेशी मीडिया से मांगी सार्वजनिक माफी

नई दिल्ली  अहमदाबाद विमान हादसे के बाद विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो ने प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की थी। इसके बाद विदेशी मीडिया ने हादसे को लेकर गलत रिपोर्ट प्रकाशित की थी। इन मीडिया रिपोर्ट्स पर पायलट संघ ने आपत्ति जताई है। साथ ही दो संस्थानों को कानूनी नोटिस भेजा है। अहमदाबाद में 12 जून को हुए विमान हादसे को लेकर विदेशी मीडिया की भ्रामक रिपोर्टिंग पर भारतीय पायलट संघ (एफआईपी) ने आपत्ति जताई है। एफआईपी ने द वॉल स्ट्रीट जर्नल और रॉयटर्स को कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में दोनों संस्थानों से गलत रिर्पोटिंग के लिए माफी मांगने की मांग की गई है।  भारतीय पायलट संघ (एफआईपी) के अध्यक्ष सीएस रंधावा ने बताया कि हमने कानूनी कार्रवाई शुरू की है। हमने द वॉल स्ट्रीट जर्नल और रॉयटर्स को उनकी रिपोर्टों पर एक नोटिस भेजा है। हमने उनसे माफी मांगने के लिए कहा है। रॉयटर्स और द वॉल स्ट्रीट जर्नल को भेजे एक ईमेल में, एफआईपी ने कहा कि हमें पता चला है कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया के कुछ वर्ग बार-बार चुनिंदा और असत्यापित रिपोर्टिंग के माध्यम से विमान हादसे का निष्कर्ष निकालने का प्रयास कर रहे हैं। इस हादसे ने जनता को बड़ा सदमा पहुंचाया है। यह भारतीय विमानन उद्योग की सुरक्षा को लेकर, खासकर निराधार तथ्यों के आधार पर जनता में चिंता या आक्रोश पैदा करने का समय नहीं है। एफआईपी ने कहा कि मीडिया संस्थान आधिकारिक पुष्टि और अंतिम रिपोर्ट के बिना ऐसी कोई भी सामग्री प्रकाशित या प्रसारित न करें जिसमें दुर्घटना के कारणों पर अटकलें  लगाई गईं हों और मृत पायलटों को दोषी ठहराती हों। इस तरह की अटकलें लगाने वाली सूचनाओ का प्रकाशन बेहद गैर-जिम्मेदाराना है। इससे मृत पायलटों की प्रतिष्ठा को गंभीर और अपूरणीय क्षति हुई है। रॉयटर्स ने शोक संतप्त परिवारों को अनावश्यक संकट में डाला है और पायलट वर्ग का मनोबल गिराया है, जो भारी दबाव और सार्वजनिक जिम्मेदारी के तहत काम करता है।  एफआईपी ने मीडिया संस्थानों से कहा कि आधिकारिक जांच के परिणाम जारी होने तक रॉयटर्स और सभी संबद्ध प्लेटफॉर्म्स को दुर्घटना और विमान को संचालित करने वाले पायलटों से संबंधित असत्यापित, अटकलों से जुड़ी अनौपचारिक रिपोर्ट को पेश करने के खिलाफ आगाह करने का निर्देश दिया जाता है। रॉयटर्स से यह कहा गया कानूनी नोटिस में रॉयटर्स से कहा गया है कि वह आधिकारिक पुष्टि और अंतिम रिपोर्ट के अभाव में दुर्घटना के कारण के बारे में अटकलें लगाने वाली या किसी व्यक्ति, विशेष रूप से मृत पायलटों को दोषी ठहराने वाली कोई भी सामग्री प्रकाशित या प्रसारित करने से रोकें। वह 17 जुलाई 2025 को प्रकाशित रिपोर्ट की तुरंत समीक्षा और संशोधन करें। इसमें एक उपयुक्त अस्वीकरण शामिल हो और ऐसी किसी भी सामग्री को हटा दें जिसे दोष देने के रूप में समझा जा सकता है।  एफआईपी ने रॉयटर्स को एक स्पष्टीकरण जारी करने के लिए कहा है। इसमें यह स्वीकार किया गया हो कि अधिकारियों ने कोई अंतिम निष्कर्ष जारी नहीं किया है। यह लेख कुछ रिपोर्टों पर आधारित था। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि कृपया ध्यान दें कि इस नोटिस के अनुसार कार्रवाई न करने पर मानहानि, मानसिक पीड़ा और प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने के लिए लागू कानून के तहत सभी कानूनी उपायों का सहारा लेना पड़ सकता है। एनटीएसबी के बयान पर जताई खुशी भारतीय पायलट संघ के अध्यक्ष कैप्टन सीएस रंधावा ने कहा कि हम एनटीएसबी बोर्ड के बयान से खुश हैं। इससे पश्चिमी मीडिया में चल रही रिपोर्टों पर रोक लगेगी। वे अपनी ही दुनिया में मस्त हैं और सोचते हैं कि वे कुछ भी प्रकाशित करके बच निकल सकते हैं। भारतीय रिपोर्ट बिल्कुल स्पष्ट है। हमें अंतिम रिपोर्ट आने का इंतज़ार करना होगा। देश में विमानन दुर्घटनाओं और महत्वपूर्ण परिवहन घटनाओं की जांच के लिए जिम्मेदार अमेरिकी संघीय एजेंसी राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड (NTSB) ने शुक्रवार (स्थानीय समयानुसार) को विमान हादसे पर मीडिया में आई हालिया कवरेज की कड़ी आलोचना की थी।  एनटीएसबी की अध्यक्ष जेनिफर होमेंडी ने कहा था कि एअर इंडिया 171 दुर्घटना पर हालिया मीडिया रिपोर्टें समय से पहले और अटकलें लगाने वाली हैं। भारत के विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो ने अभी अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की है। इतने बड़े पैमाने की जांच में समय लगता है। हम AAIB की सार्वजनिक अपील का पूरा समर्थन करते हैं। सभी जांच संबंधी प्रश्न एएआईबी को भेजे जाने चाहिए। 

भ्रामक समाचारों पर कार्रवाई: पायलट फेडरेशन ने विदेशी मीडिया से मांगी सार्वजनिक माफी

नई दिल्ली  अहमदाबाद विमान हादसे के बाद विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो ने प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की थी। इसके बाद विदेशी मीडिया ने हादसे को लेकर गलत रिपोर्ट प्रकाशित की थी। इन मीडिया रिपोर्ट्स पर पायलट संघ ने आपत्ति जताई है। साथ ही दो संस्थानों को कानूनी नोटिस भेजा है। अहमदाबाद में 12 जून को हुए विमान हादसे को लेकर विदेशी मीडिया की भ्रामक रिपोर्टिंग पर भारतीय पायलट संघ (एफआईपी) ने आपत्ति जताई है। एफआईपी ने द वॉल स्ट्रीट जर्नल और रॉयटर्स को कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में दोनों संस्थानों से गलत रिर्पोटिंग के लिए माफी मांगने की मांग की गई है।  भारतीय पायलट संघ (एफआईपी) के अध्यक्ष सीएस रंधावा ने बताया कि हमने कानूनी कार्रवाई शुरू की है। हमने द वॉल स्ट्रीट जर्नल और रॉयटर्स को उनकी रिपोर्टों पर एक नोटिस भेजा है। हमने उनसे माफी मांगने के लिए कहा है। रॉयटर्स और द वॉल स्ट्रीट जर्नल को भेजे एक ईमेल में, एफआईपी ने कहा कि हमें पता चला है कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया के कुछ वर्ग बार-बार चुनिंदा और असत्यापित रिपोर्टिंग के माध्यम से विमान हादसे का निष्कर्ष निकालने का प्रयास कर रहे हैं। इस हादसे ने जनता को बड़ा सदमा पहुंचाया है। यह भारतीय विमानन उद्योग की सुरक्षा को लेकर, खासकर निराधार तथ्यों के आधार पर जनता में चिंता या आक्रोश पैदा करने का समय नहीं है। एफआईपी ने कहा कि मीडिया संस्थान आधिकारिक पुष्टि और अंतिम रिपोर्ट के बिना ऐसी कोई भी सामग्री प्रकाशित या प्रसारित न करें जिसमें दुर्घटना के कारणों पर अटकलें  लगाई गईं हों और मृत पायलटों को दोषी ठहराती हों। इस तरह की अटकलें लगाने वाली सूचनाओ का प्रकाशन बेहद गैर-जिम्मेदाराना है। इससे मृत पायलटों की प्रतिष्ठा को गंभीर और अपूरणीय क्षति हुई है। रॉयटर्स ने शोक संतप्त परिवारों को अनावश्यक संकट में डाला है और पायलट वर्ग का मनोबल गिराया है, जो भारी दबाव और सार्वजनिक जिम्मेदारी के तहत काम करता है।  एफआईपी ने मीडिया संस्थानों से कहा कि आधिकारिक जांच के परिणाम जारी होने तक रॉयटर्स और सभी संबद्ध प्लेटफॉर्म्स को दुर्घटना और विमान को संचालित करने वाले पायलटों से संबंधित असत्यापित, अटकलों से जुड़ी अनौपचारिक रिपोर्ट को पेश करने के खिलाफ आगाह करने का निर्देश दिया जाता है। रॉयटर्स से यह कहा गया कानूनी नोटिस में रॉयटर्स से कहा गया है कि वह आधिकारिक पुष्टि और अंतिम रिपोर्ट के अभाव में दुर्घटना के कारण के बारे में अटकलें लगाने वाली या किसी व्यक्ति, विशेष रूप से मृत पायलटों को दोषी ठहराने वाली कोई भी सामग्री प्रकाशित या प्रसारित करने से रोकें। वह 17 जुलाई 2025 को प्रकाशित रिपोर्ट की तुरंत समीक्षा और संशोधन करें। इसमें एक उपयुक्त अस्वीकरण शामिल हो और ऐसी किसी भी सामग्री को हटा दें जिसे दोष देने के रूप में समझा जा सकता है।  एफआईपी ने रॉयटर्स को एक स्पष्टीकरण जारी करने के लिए कहा है। इसमें यह स्वीकार किया गया हो कि अधिकारियों ने कोई अंतिम निष्कर्ष जारी नहीं किया है। यह लेख कुछ रिपोर्टों पर आधारित था। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि कृपया ध्यान दें कि इस नोटिस के अनुसार कार्रवाई न करने पर मानहानि, मानसिक पीड़ा और प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने के लिए लागू कानून के तहत सभी कानूनी उपायों का सहारा लेना पड़ सकता है। एनटीएसबी के बयान पर जताई खुशी भारतीय पायलट संघ के अध्यक्ष कैप्टन सीएस रंधावा ने कहा कि हम एनटीएसबी बोर्ड के बयान से खुश हैं। इससे पश्चिमी मीडिया में चल रही रिपोर्टों पर रोक लगेगी। वे अपनी ही दुनिया में मस्त हैं और सोचते हैं कि वे कुछ भी प्रकाशित करके बच निकल सकते हैं। भारतीय रिपोर्ट बिल्कुल स्पष्ट है। हमें अंतिम रिपोर्ट आने का इंतज़ार करना होगा। देश में विमानन दुर्घटनाओं और महत्वपूर्ण परिवहन घटनाओं की जांच के लिए जिम्मेदार अमेरिकी संघीय एजेंसी राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड (NTSB) ने शुक्रवार (स्थानीय समयानुसार) को विमान हादसे पर मीडिया में आई हालिया कवरेज की कड़ी आलोचना की थी।  एनटीएसबी की अध्यक्ष जेनिफर होमेंडी ने कहा था कि एअर इंडिया 171 दुर्घटना पर हालिया मीडिया रिपोर्टें समय से पहले और अटकलें लगाने वाली हैं। भारत के विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो ने अभी अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की है। इतने बड़े पैमाने की जांच में समय लगता है। हम AAIB की सार्वजनिक अपील का पूरा समर्थन करते हैं। सभी जांच संबंधी प्रश्न एएआईबी को भेजे जाने चाहिए। 

शिवपुरी के अजय रघुवंशी की मेहनत रंग लाई, दिव्यांग होते हुए भी बने करोड़ों दिलों के हीरो

शिवपुरी   कहते भी हैं कि अगर कुछ पाने की दृढ़ इच्छाशक्ति है और पूरी लगन, मेहनत के साथ कोशिश की जाए तो परिणाम सकारात्मक मिलते हैं. यही कर दिखाया है शिवपुरी जिले के छोटे से गांव के एक युवा ने. दिव्यांग क्रिकेटर अजय रघुवंशी को बेंगलुरु वॉरियर्स ने 11 लाख 40 हजार में खरीदा है. अजय अब दुबई में होने वाली दिल्ली प्रीमियर लीग में अपना दमखम दिखाएंगे. शानदार प्रदर्शन करने पर मिला इनाम शिवपुरी जिले के कोलारस विकासखंड अंतर्गत ग्राम लुकवासा के दिव्यांग क्रिकेटर अजय रघुवंशी ने राष्ट्रीय पटल पर शिवपुरी का नाम रोशन कर दिया.  को मुंबई में दिव्यांग क्रिकेटरों की नीलामी हुई. दिल्ली प्रीमियर लीग के लिए अजय रघुवंशी को बेंगलुरु वॉरियर्स ने अपने पाले में कर लिया. अब अजय दुबई में 5 अक्टूबर से आयोजित होने वाली इस प्रतियोगिता में अपना हुनर दिखाएगा. खास बात यह है प्रतियोगिता के लिए मध्य प्रदेश सिर्फ दो खिलाड़ियों को खरीदा गया है, जिसमें एक अजय हैं. अजय रघुवंशी के अलावा एक खिलाड़ी सागर जिले का है, जो दिल्ली की टीम के लिए खेलेगा. ऐसे में मिली अजय के सपनों को उड़ान मां की कोख से ही एक हाथ के बिना जन्मे अजय रघुवंशी जब गांव में लड़कों को क्रिकेट खेलते हुए देखते थे तो वह भी इस खेल में हाथ आजमाने का सपना देखने लगे. लेकिन एक हाथ न होने के कारण नहीं खेल पाते थे. बेटे को दुखी देख पिता चंद्रभान रघुवंशी ने उनका हौसला बढ़ाया. धीरे-धीरे उसे गांव के लड़कों के साथ प्रैक्टिस करवाई. करीब 12 साल की उम्र में दिव्यांग अजय गांव की टीम का हिस्सा बन गया. आसपास के जिलों में होने वाली प्रतियोगिताओं में जब गांव की टीम खेलने जाती तो वह उस टीम में शामिल रहता. उदयपुर और कानपुर में दिखाया जलवा इसी क्रम में दिसंबर 2024 में भोपाल में दिव्यांग क्रिकेटरों की ट्रायल रखी गई. ट्रायल में अजय रघुवंशी शामिल हुए. टैलेंट के बूते उनका चयन हुआ. चयन के बाद पहले उदयपुर और फिर कानपुर में आयोजित दिव्यांग टूर्नामेंट में अजय ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 8 मैचों में 21 विकेट लिए और 132 रन बनाए. इसी प्रदर्शन के बूते अजय का नाम दिल्ली प्रीमियर लीग के लिए खिलाड़ियों में शामिल किया गया. अजय ने किया उम्मीदों पर खरा उतरने का दावा अजय रघुवंशी ने बताया "वह मानता है कि अब उसके लिए काम्पटीशन टफ हो गया है, क्योंकि अब उसे खुद को पूरे भारत के सामने साबित करना है. इसके अलावा अब वह भी इंडिया की टीम के लिए खेलने की इच्छा रखता है. ऐसे में खुद को और खुद के खेल को बेहतर बनाने के लिए वह दिन-रात प्रयास कर रहे हैं. उसे उम्मीद है कि वह डीपीएल में भी शानदार प्रदर्शन करेगा."